चांडिल। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंगलवार को परिजनों के साथ चांडिल डैम के भ्रमण के दौरान उन्होंने डैम की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और इसके विकास को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले के धातकीडीह जाने के क्रम में प्रसिद्ध चांडिल डैम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डैम के विहंगम प्राकृतिक सौंदर्य और शांत परिवेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड की इस अनुपम प्राकृतिक धरोहर को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया जाना चाहिए।
डैम परिसर में मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन, चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने तथा बिजली उत्पादन और संवर्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पर्यावरण अनुकूल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक एवं पर्यावरण अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्य इस तरह किए जाएं कि प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना क्षेत्र का कायाकल्प हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मालदा । दिवाली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रांची और पूर्णिया कोर्ट के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
पूर्व रेलवे, मालदा मंडल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 08625 रांची–पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 6, 13 और 20 नवंबर 2026 (प्रत्येक शुक्रवार) को रांची से शाम 6 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी।
वहीं, ट्रेन संख्या 08626 पूर्णिया कोर्ट–रांची स्पेशल 7, 14 और 21 नवंबर 2026 (प्रत्येक शनिवार) को पूर्णिया कोर्ट से दोपहर 3 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:45 बजे रांची पहुंचेगी।
दोनों दिशाओं में यह ट्रेन पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में बांका, बाराहाट, भागलपुर, सुल्तानगंज, बरियारपुर और मुंगेर स्टेशनों पर रुकेगी।
इस विशेष ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। ट्रेन की बुकिंग रेलवे के यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) और इंटरनेट के माध्यम से की जा सकती है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 01 नवंबर, 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड एवं अपना 52वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में आयोजित समारोह में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं हितधारकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक, सीवीओ एवं अन्य उपस्थित कोलकर्मियों के द्वारा शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर में सीसीएल ध्वज एवं क्षेत्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगीत एवं सीआईएल कॉर्पोरेट गीत का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर उत्साह एवं उमंग के प्रतीक स्वरूप गुब्बारे भी छोड़े गए।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में सीआईएल एवं सीसीएल के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी की सफलता के पीछे इसके प्रत्येक कर्मी का समर्पण, कठिन परिश्रम और टीम भावना है। उन्होंने कहा कि सीसीएल केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक एवं सतत आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने सभी कर्मियों से सुरक्षा, गुणवत्ता, नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार ने अपने संबोधन में सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत उसकी कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि कोल कर्मियों की मेहनत, समर्पण और सामूहिक योगदान से ही कोयला उत्पादन के साथ-साथ देश के विकास और ऊर्जा आवश्यकताओं को गति मिलती है। सभी कर्मियों की निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं सकारात्मक सोच ही संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सीआईएल तथा सीसीएल की यह 52 वर्षों की यात्रा निरंतर मेहनत, समर्पण, नवाचार और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक है। कंपनी ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में भी निरंतर महत्वपूर्ण पहल कर रही है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए मिलेगा पदक, मां भी बेटे की उपलब्धि पर गौरवान्वित
साहिबगंज -केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इस वर्ष दक्षता पदक के लिए चयनित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों में साहिबगंज जिले के अमित कुमार पासवान का नाम शामिल होने से जिले में खुशी की लहर है। मूल रूप से साहिबगंज जिला मुख्यालय के जयप्रकाश चौक स्थित गैस गोदाम क्षेत्र के रहने वाले अमित कुमार पासवान वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र में पुलिस सेवा दे रहे हैं वह जराइकेला थाना के थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी चयन सूची के अनुसार अमित कुमार पासवान का चयन सारंडा क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए किया गया है। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें अहम योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
अमित कुमार पासवान की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद साहिबगंज के लोगों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि जिले की धरती से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर सम्मान हासिल किया है, जो पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। वहीं, अमित की माता भी अपने पुत्र की इस उपलब्धि से काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। बेटे की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को मिले इस सम्मान से परिवार में खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के पुलिस निरीक्षक अमित रोशन कुल्लू, पूर्व डीएसपी जयदीप लकड़ा समेत कई अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का भी चयन हुआ है। मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय ने चयनित अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है एवं पुलिस परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया/
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज की निविदा की जांच की मांग की
रांची/ धनबाद। ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद के अंतर्गत घारपार ब्राम्होला घारबर शिवमंदिर तक 2.200 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य की निविदा को लेकर विवाद सामने आया है। सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन के ओपी शर्मा ने विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर निविदा संख्या 16/RWD/DHANBAD/2025-26 में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कंपनी के ओपी शर्मा की ओर से दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज द्वारा निविदा प्रक्रिया में कई त्रुटियां की गई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, निविदा के साथ प्रस्तुत आईटीआर, जीएसटी और शपथ पत्र में अलग-अलग स्थानों पर जानकारी दी गई है। इसके अलावा, कार्य कार्यक्रम में भी कथित तौर पर गलत विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
पत्र में बैंक प्रमाणपत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बैंक प्रमाणपत्र की सत्यता और उसमें दर्शाई गई राशि की जांच कराने का अनुरोध किया है। पत्र के अनुसार, संबंधित प्रमाणपत्र की जांच कार्यपालक अभियंता से कराने की मांग की गई है।
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने विभाग से आग्रह किया है कि निविदा में शामिल दस्तावेजों की पुनः जांच कर सही निविदाकार को कार्य आवंटित किया जाए। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 20 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगी।
शिकायत की प्रतिलिपि कार्रवाई के लिए कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद को भी भेजी गई है।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और नई योजनाओं के प्रस्ताव भेजने को कहा
रांची । ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन परिसर स्थित एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा-DISHA) की राज्य स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जनभागीदारी की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में राजमहल के सांसद विजय हांसदा, देवघर के विधायक सुरेश पासवान, धनबाद के विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर के विधायक जगत माझी, जमुआ की विधायक मंजु कुमारी, लोहरदगा के सांसद प्रतिनिधि सीताराम भगत सहित समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सदस्यों और अतिथियों का स्वागत किया।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों ने ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने पर जोर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सकेगा।
सोनाहातु (रांची) | एक तरफ झारखंड सरकार नशा मुक्त झारखंड का नारा दे रही है, जगह-जगह नशा मुक्ति के लिए कैंप और प्रचार प्रसार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रांची जिले के सोनाहातु, राहे, बुंडू और तमाड़ प्रखंडों में अवैध देसी शराब की भट्ठियां जोरों पर चल रही हैं।
सैकड़ों भट्ठियां, बेखौफ माफिया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन चारों प्रखंडों में सैकड़ों की संख्या में अवैध शराब की भट्ठियां संचालित हो रही हैं। दिन-दहाड़े जंगलों, नदी किनारे और गांवों के बाहर महुआ से जहरीली शराब बनाई जा रही है।
शराब माफिया बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रैक्टर, बाइक और साइकिल से खुलेआम देसी दारू की सप्लाई हो रही है। शाम होते ही हर गांव के चौक-चौराहे पर शराबियों की भीड़ लग जाती है।
उत्पाद विभाग क्यों है चुप?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उत्पाद विभाग (Excise Department) क्यों चुप बैठा है?
क्या उत्पाद विभाग को इन भट्ठियों की जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें बंद की हुई हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चलना संभव नहीं है। किसके संरक्षण में चल रहा है यह काला कारोबार? क्या हर महीने मोटी रकम पहुंच रही है? या फिर विभाग सिर्फ कागजों में छापेमारी दिखाकर अपना काम चला रहा है?
सरकार के दावों की पोल
जब गांव-गांव में अवैध शराब बिकेगी तो नशा मुक्त झारखंड कैसे बनेगा? सरकार की तरफ से नशा मुक्ति के लिए करोड़ों रुपये के विज्ञापन और कैंप लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युवा पीढ़ी इसी देसी दारू के नशे में बर्बाद हो रही है।
जनता का सवाल
1. सोनाहातु, राहे, बुंडू, तमाड़ में चल रही सैकड़ों अवैध भट्ठियों पर उत्पाद विभाग कब कार्रवाई करेगा?
2. इन शराब माफियाओं के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा कब होगा?
3. क्या DC रांची और उत्पाद विभाग के वरीय अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे?
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद और DC रांची से मांग की है कि इन चारों प्रखंडों में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब के अड्डों को ध्वस्त किया जाए।
15वें वित्त आयोग की योजना में बकाया भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत, एसीबी की टीम ने की कार्रवाई
हजारीबाग । हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को कराली पंचायत के पंचायत सचिव तालेश्वर राम को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर पंचायत में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के बकाया भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, कराली पंचायत के ग्राम केमो निवासी दिवेश्वर पांडेय ने एसीबी से शिकायत की थी कि 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत केरेडारी प्रखंड के केमो गांव में कालिकरण पीसीसी सड़क से देवी मंडप तक पीसीसी पथ निर्माण की स्वीकृति मिली थी। योजना की कुल प्राक्कलित राशि 3 लाख 38 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस कार्य में करीब 2 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि शेष राशि का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि बकाया भुगतान कराने के लिए पंचायत सचिव तालेश्वर राम ने शिकायतकर्ता से 9 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से इसकी शिकायत की।
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने पर हजारीबाग एसीबी थाने में कांड संख्या 11/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया।
इसके बाद 28 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव तालेश्वर राम को शिकायतकर्ता दिवेश्वर पांडेय से 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सिल्ली। रांची जिले के सिल्ली क्षेत्र में PDS डीलरों द्वारा राशन में कटौती का एक नया और शातिर तरीका सामने आया है। जहां इलेक्ट्रॉनिक तराजू में छेड़छाड़ कर उपभोक्ता को कम राशन दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है खेल?
जांच में सामने आया है कि डीलर अब दिखावे के लिए इलेक्ट्रॉनिक तराजू रखते तो हैं, लेकिन उसका वजन भी पहले *पत्थर से सही कर के दिखा दिया जाता है*। लाभुक के सामने एक बार पत्थर रखकर सही वजन दिखा दिया जाता है ताकि उसे लगे कि कांटा सही है।
उसके तुरंत बाद जब लाभुक को राशन दिया जाता है, तब उसी इलेक्ट्रॉनिक तराजू में तकनीक से छेड़छाड़ कर या हाथ की सफाई से वजन काटकर* 2 से 3 किलो कम राशन दिया जाता है।
एक पीड़ित लाभुक ने बताया - "पहले हमको दिखाने के लिए पत्थर से कांटा सही दिखाते हैं, बोलते हैं देखो 1 किलो का बटखरा 1 किलो ही बता रहा है। फिर जब हमारा अनाज तौलते हैं तो उसी में काट देते हैं। रजिस्टर में 10 किलो लिख देते हैं, देते 7 किलो हैं।"
*रजिस्टर में सब पाक-साफ*
डीलरों ने कागजी कार्रवाई इतनी मजबूत कर रखी है कि रजिस्टर देखने पर सब कुछ पानी की तरह साफ लगता है। हर लाभुक का अंगूठा, पूरा वजन, पूरा हिसाब दर्ज। ताकि कभी BSO, DSO या कोई अधिकारी जांच करने आए तो वह पकड़ा न जाए।
लेकिन हकीकत जाननी है तो किसी भी गांव के किसी भी लाभुक से पूछ लीजिए, वो खुद बता देगा कि कैसे पत्थर से सही तौल दिखाकर बाद में राशन में कटौती की जाती है।
*सवाल प्रशासन पर*
स्थानीय लोगों ने BSO सिल्ली/सोनाहातू, DSO रांची, DC रांची से सवाल किया है कि क्या इलेक्ट्रॉनिक कांटों की भी औचक कैलिब्रेशन जांच होती है? क्या कभी लाभुकों से पूछकर तौल की जांच हुई है?
लोगों ने वर्तमान विधायक अमित कुमार महतो, सांसद संजय सेठ, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि दोषी डीलरों पर FIR कर इस पत्थर वाली सेटिंग के खेल को बंद कराया जाए।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर
रांची। सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग को लेकर झारखंड सरकार के भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल से सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने शिष्टाचार भेंट की गई। इस दौरान सिमरिया में औद्योगिक पार्क की स्थापना की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
भेंट के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। औद्योगिक पार्क की स्थापना से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई।
ज्ञापन के माध्यम से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देना, नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना और स्थानीय संसाधनों एवं मानव शक्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस पहल को सिमरिया क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औद्योगिक पार्क की स्थापना से निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की संभावना है।
नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महिला कर्मियों का सम्मान, 30 से अधिक कलाकारों ने लिया भाग
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के दरभंगा हाउस स्थित मुख्यालय में सोमवार को सतर्कता जागरूकता महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के माध्यम से सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सतर्कता शपथ, जागरूकता मार्च, सतर्कता रथ रवाना करने के साथ लाइव पेंटिंग, रंगोली, स्ट्रीट पेंटिंग और पॉट पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वहीं, शाम को आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में सीसीएल की महिला कर्मियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी और मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, वंदे मातरम् और कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा की शपथ लेकर अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही अपनाने का संकल्प लिया।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया। मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने सतर्कता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को संगठन की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
महोत्सव के दौरान जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए सतर्कता गुब्बारे छोड़े गए। दरभंगा हाउस परिसर में पिपरवार ओसीपी एवं माइन क्लोजर मॉडल का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही ई-प्लेज बूथ का शुभारंभ किया गया, जहां सत्यनिष्ठा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने की पहल की गई। सतर्कता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा सतर्कता मार्च भी निकाला गया।
कलाकारों ने चित्रों के माध्यम से दिया ईमानदारी का संदेश
महोत्सव के तहत लाइव पेंटिंग कार्यशाला का उद्घाटन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए 30 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को अभिव्यक्त कर रहे हैं। महोत्सव के पहले दिन लाइव पेंटिंग के साथ रंगोली, स्ट्रीट पेंटिंग और पॉट पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से रचनात्मकता के जरिए सतर्कता और पारदर्शिता का संदेश दिया गया।
नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महिला कर्मियों का सम्मान
सीसीएल मुख्यालय में सोमवार शाम नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी मुख्य अतिथि अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह रहीं। महिला मंडल की अन्य सदस्याएं भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम से पहले प्रीति सिंह और अन्य सदस्याओं ने परिसर में आयोजित रंगोली, स्ट्रीट पेंटिंग, पॉट पेंटिंग और लाइव पेंटिंग का अवलोकन किया तथा कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना की।
दीप प्रज्ज्वलन और गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान भगवान श्रीगणेश की वंदना और शिव वंदना प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला कर्मियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रीति सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति समाज और राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। महिलाओं की प्रतिभा, समर्पण और नेतृत्व क्षमता को सम्मान देना तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीसीएल की महिलाएं अपने कार्यों और योगदान से संगठन को निरंतर सशक्त बना रही हैं। ऐसे आयोजन उनकी उपलब्धियों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करते हैं।
सीसीएल प्रबंधन के अनुसार, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में विभिन्न नई पहलों के माध्यम से कर्मचारियों और हितधारकों के समावेशी विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सतर्कता जागरूकता महोत्सव भी संगठन में नैतिकता, पारदर्शिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ से नवाजा गया, हिंदी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में शुक्रवार को राजभाषा माह-2026 के समापन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वहीं, हिंदी साहित्य, व्यंग्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड के वरिष्ठ साहित्यकार, व्यंग्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ प्रदान किया गया।
दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल मुख्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. अशोक प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् और कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में गणेश वंदना और एकल अभिनय प्रतियोगिता ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुत संगीतमय नाट्य प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही।
हिंदी के प्रति उत्साह और समर्पण की सराहना
समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों की रचनात्मकता और हिंदी के प्रति उनके उत्साह की सराहना की गई।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि सीसीएल के सभागार में प्रस्तुत कार्यक्रमों को देखकर वह निशब्द हैं। उन्होंने आयोजन में शामिल होने पर गर्व की अनुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह एवं समर्पण को दर्शाती हैं।
‘हिंदी में काम करने पर गर्व’
सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि राजभाषा से जुड़ा यह कार्यक्रम उनके मन के बेहद करीब है। उन्होंने हिंदी में कार्य करने पर गर्व व्यक्त करते हुए राजभाषा के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि भाषा हमारी पहचान और विरासत है। इसे सहेजकर रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाषा के संरक्षण और संवर्धन के महत्व को रेखांकित किया।
वहीं, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि राजभाषा हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों में शामिल है और इसे बढ़ावा देना सभी का कर्तव्य है।
हिंदी में कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
समारोह के दौरान कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने, राजभाषा के प्रचार-प्रसार और कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक कार्यों में इसके सहज एवं प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दीविक दिवेश ने प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी पारंपरिक रस्में पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कीं। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों के रीति-रिवाजों, सामाजिक मान्यताओं एवं परंपराओं के अनुरूप दशकर्म से जुड़े धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पूजनीय माता का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया। दशकर्म संस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री के रिश्तेदार, परिजन एवं बड़ी संख्या में नेमरा के ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों का आगमन जारी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन के उपरांत उनके नेमरा स्थित पैतृक आवास पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं अन्य आगंतुकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे लोग मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही, स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना कर रहे हैं।
संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी, मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं व्यवस्थाओं की निगरानी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संस्कार भोज में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, ग्रामीणों एवं अन्य आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि संस्कार भोज में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
विधि-व्यवस्था एवं सुगम आवागमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां
संस्कार भोज के अवसर पर नेमरा एवं आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन, वाहन पार्किंग एवं आयोजन स्थल के आसपास सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।
21 अगस्त को जारी बेदखली नोटिस तीन दिन बाद लिया गया था वापस; CO हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश, DC रांची से भी जवाब तलब
बुंडू (रांची): बुंडू मेन रोड स्थित बाबा मेंस वियर (Baba Mens Wear) दुकान के बेदखली मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बुंडू के अंचल अधिकारी (CO) हंस हेम्ब्रम की भूमिका पर प्रथम दृष्टया सवाल उठाए हैं। मीना देवी की ओर से दायर W.P.(C) No. 7845 of 2026 की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने अंचल अधिकारी और किरायेदार मुकेश कुमार के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए CO से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में रांची के उपायुक्त (DC) से भी जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
बेदखली आदेश के बाद नोटिस वापस लेने पर सवाल
मामले के अनुसार, मकान किराया नियंत्रक-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, बुंडू ने 11 मई 2026 को J.B.C. Case No. 02/2026 में मीना देवी के पक्ष में आदेश पारित करते हुए किरायेदार मुकेश कुमार को 15 दिनों के भीतर दुकान खाली कर शांतिपूर्ण दखल सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित अवधि में दुकान खाली नहीं होने पर अंचल अधिकारी, बुंडू पुलिस के सहयोग से बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उक्त आदेश के अनुपालन में अंचल अधिकारी ने 21 अगस्त 2026 को Memo No. 567(ii) के माध्यम से दुकान खाली कराने का नोटिस जारी किया। हालांकि, महज तीन दिन बाद 24 अगस्त 2026 को Memo No. 571(ii) जारी कर पहले के नोटिस को वापस ले लिया गया। इसी कार्रवाई को मीना देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
8 अक्टूबर को भी कोर्ट ने उठाए थे सवाल
याचिका पर 8 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि 21 अगस्त के बेदखली नोटिस को 24 अगस्त के दूसरे नोटिस से वापस लेना प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत होता है, विशेषकर तब, जब अपील में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं हुआ था।
इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने अदालत को बताया कि रांची के उपायुक्त ने 25 अगस्त 2026 को J.B.C. Appeal No. 23R 15/2026-27 में अंतरिम आदेश पारित किया था। साथ ही, सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि विधि शाखा ने 27 अगस्त 2026 को पत्रांक 3640(ii) के जरिए अंचल अधिकारी को इसकी सूचना दी थी।
वहीं, याचिकाकर्ता मीना देवी के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत के समक्ष दलील दी कि अंचल अधिकारी ने 24 अगस्त को ही बेदखली नोटिस वापस ले लिया था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश अगले दिन, यानी 25 अगस्त को पारित हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से इसी समय-क्रम के आधार पर अंचल अधिकारी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मिलीभगत की आशंका जताई
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बेदखली नोटिस वापस लेने का आदेश 24 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश 25 अगस्त को आया। अदालत ने प्रथम दृष्टया अंचल अधिकारी और किरायेदार के बीच मिलीभगत की आशंका व्यक्त की।
अदालत ने इस मामले में अंचल अधिकारी हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। किरायेदार मुकेश कुमार को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, उपायुक्त, रांची को अगली सुनवाई से पहले काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
किरायेदारी को लेकर भी हुआ था विवाद
मूल बेदखली मामले में मीना देवी ने दावा किया था कि मुकेश कुमार के साथ दुकान को लेकर किरायेदारी का समझौता था और किराया बकाया होने के साथ दुकान की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर बेदखली की मांग की गई थी।
दूसरी ओर, मुकेश कुमार ने संपत्ति को पैतृक बताते हुए मकान-मालिक और किरायेदार के संबंध से इनकार किया था। उन्होंने किरायानामा समाप्त होने, दुकान खाली करने और दो लाख रुपये अग्रिम राशि वापस नहीं मिलने की बात भी कही थी।
मूल मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने मकान-मालिक और किरायेदार के बीच संबंध स्थापित मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था।
5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को For Orders के तहत होगी।
राँची। पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओड़िशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आदेश जारी कर दिया है। वही उड़ीसा के राज्यपाल बनाए जाने पर भाजपा की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं।
बधाई संदेश में कहा गया कि महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि ओड़िशा के राज्यपाल के रूप में श्री ब्रज मोहन राम को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभव का लाभ मिलेगा। उनके अनुभव और सार्वजनिक जीवन से प्राप्त समझ से राज्य को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
साथ ही, उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए आशा व्यक्त की गई कि वे अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करेंगे।
एसएसपी की अध्यक्षता में हुई बैठक, पूजा पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और 24 घंटे निगरानी अनिवार्य करने का निर्देश
राँची। दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, अपराध पर अंकुश और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों, सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और विसर्जन जुलूस के सुचारु संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सुरक्षा तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
पूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य
पुलिस प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को अपने पंडालों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त स्टोरेज क्षमता रखने और कैमरों का डिस्प्ले परिसर में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीसीटीवी की निगरानी के लिए कम से कम एक व्यक्ति की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अग्नि सुरक्षा को लेकर पंडालों में पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर, बालू, पानी और जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर की व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्युत सुरक्षा, भवन निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र, पर्याप्त रोशनी, अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, जनरेटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। पुरुष एवं महिला स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती के साथ निर्धारित सुरक्षा मानकों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक पंडालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
भीड़ नियंत्रण के लिए क्यूआरटी और शक्ति कमांडो की तैनाती
भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर जरूरत के अनुसार निगरानी टावर लगाए जाएंगे। प्रमुख पूजा पंडालों और मुख्य सड़कों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही स्थिर एवं चलायमान क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की व्यवस्था की जाएगी। विभिन्न थाना क्षेत्रों में बाइक दस्तों के माध्यम से लगातार गश्त और निगरानी की जाएगी।
बड़े पूजा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा और उनसे संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए शक्ति कमांडो तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
मोबाइल और चेन छिनतई करने वालों पर रहेगी नजर
दुर्गा पूजा के दौरान मोबाइल, बैग और चेन छिनतई, बाइक चोरी सहित अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए सघन एंटी-क्राइम चेकिंग और गश्त चलाने का निर्देश दिया गया है। पूर्व में सांप्रदायिक घटनाओं में संलिप्त रहे व्यक्तियों और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चेन छिनतई, मोबाइल चोरी और बाइक चोरी में संलिप्त पुराने अपराधियों तथा गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
विसर्जन मार्गों का होगा भौतिक निरीक्षण
विसर्जन जुलूस को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी निर्धारित मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सड़कों की स्थिति, संकरे रास्तों, दुर्घटना संभावित स्थलों और अन्य बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर भीड़ की स्थिति के अनुरूप यातायात प्रबंधन और डायवर्जन की व्यवस्था होगी। विसर्जन जुलूस के संचालन के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से काम करेगी। यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम लोगों को दी जाएगी।
अग्निशमन वाहन और आपातकालीन बचाव की तैयारी
प्रमुख पूजा पंडालों और आवश्यकतानुसार अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके अलावा, सभी थानों को स्थानीय गोताखोरों की सूची और संपर्क विवरण तैयार रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल उनकी मदद लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शांति भंग करने वालों पर होगी निरोधात्मक कार्रवाई
विधि-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व सूचना देना अनिवार्य
पूजा समितियों को डांडिया, गरबा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पूर्व सूचना संबंधित थाना एवं यातायात पुलिस को देनी होगी। इससे कार्यक्रमों में संभावित भीड़ के अनुरूप सुरक्षा, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। विसर्जन जुलूस और रावण दहन कार्यक्रमों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। संबंधित पुलिस अधिकारी आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
राँची पुलिस की आम लोगों से अपील
बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व आकलन करने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। संबंधित पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने, यातायात नियमों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा पूजा समितियों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
नेमरा स्थित पैतृक आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री से की मुलाकात, दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि
नेमरा (रामगढ़), 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए सोमवार को कई जनप्रतिनिधि नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत रूपी सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शोक व्यक्त करने वालों में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, विधायक सी.पी. सिंह, विधायक चंद्र देव महतो, बिहार के बोधगया विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुमार सर्वजीत, पूर्व विधायक डॉ. जीतू चरण राम और पूर्व विधायक सौरभ नारायण सिंह शामिल थे।
सभी जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही, शोकाकुल सोरेन परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों ने इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की।
राँची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में सतर्कता जागरूकता अभियान–2026 के अंतर्गत आज गांधीनगर क्रिकेट ग्राउंड में टीम कावेरी और टीम स्वर्णरेखा के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य खेल भावना, आपसी सौहार्द, टीम भावना एवं सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना था।
मैच में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम कावेरी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित मुकाबले में 152 रन बनाए। इसके जवाब में निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र के नेतृत्व में टीम स्वर्णरेखा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19वें ओवर में 2 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की।
मैच में उत्कृष्ट गेंदबाजी का प्रदर्शन करने वाले अमरेश प्रधान को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्होंने अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से 4 विकेट हासिल किए।
इस अवसर पर CCL के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) पंकज कुमार ने सभी खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना की सराहना की तथा विजेता टीम स्वर्णरेखा को बधाई दी। अवसर विशेष पर निदेशक तकनीकी (संचालन) चंद्र शेखर तिवारी एवं निदेशक (परियोजना एवं योजना) अनुप हंजुरा भी उपस्थित थे उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया Iइसके अतिरिक्त खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री आदिल हुसैन को भी सम्मानित किया।
इस मैत्रीपूर्ण मुकाबले ने कार्यस्थल पर आपसी सहयोग, सौहार्द, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सतर्कता जागरूकता अभियान के मूल संदेश—ईमानदारी, पारदर्शिता एवं नैतिक आचरण—को भी रेखांकित किया।
सिल्ली मुरी। जवाहर नगर सीसीएल कॉलोनी में अर्पिता महिला मंडल सीसीएल एवं महाबली एंटरटेनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के फैशन शो मिस्टर एंड मिस ईस्ट जोन स्टनिंग फैशन सीजन-2 की विजेता रिया पाठक को सम्मानित किया गया।महाबली एंटरटेनमेंट की ओर से आयोजित इस फैशन शो का ग्रैंड फिनाले सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। इसी क्रम में विजेताओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में मिस कैटेगरी की विजेता रिया पाठक को सीसीएल के सीएमडी की पत्नी प्रीति सिंह एवं महाबली एंटरटेनमेंट के निदेशक ऋषभ सिन्हा ने सम्मानित किया।इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल सीसीएल की उपाध्यक्ष रीता मिश्रा, इंदु मिश्रा, रीता तिवारी, नीरू हंजूरा और रूपा कुमार सहित सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक एवं अर्पिता महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित थीं। सभी अतिथियों ने रिया पाठक को उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रांची विधानसभा क्लब हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर रांची विधानसभा क्लब हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह चतरा विधायक जनार्दन पासवान एवं पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और सामाजिक सरोकारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान स्व. रामविलास पासवान एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रामविलास पासवान का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता, गरीबों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया।
सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा जीवन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की आवाज को राजनीतिक एवं सामाजिक मंचों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नेताओं ने कहा कि पासवान के विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा सामाजिक न्याय की उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समान अवसर, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
इस अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) झारखंड प्रदेश के प्रधान महासचिव विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों के नेता एवं पदाधिकारी तथा विशेष आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
विचार और आदर्श सदैव रहेंगे प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर आज RKDF University, Ranchi परिसर में शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में RKDF University, Ranchi का पूरा परिवार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।
सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।
नेमरा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने दी मुखाग्नि; गमगीन माहौल में संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
रामगढ़/नेमरा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से अपनी मां को अंतिम विदाई दी और उन्हें मुखाग्नि दी। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मुखाग्नि दी, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरा नेमरा गांव शोक और भावुकता में डूब गया।
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से आए ग्रामीणों, समर्थकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पैतृक गांव से श्मशान घाट तक उनके साथ चलते रहे।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपनी प्रिय ‘मां’ को अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचा। अंतिम यात्रा के दौरान वातावरण बेहद गमगीन रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि रूपी सोरेन का अपने पैतृक क्षेत्र और समाज के लोगों से गहरा जुड़ाव था।
नेमरा गांव के लोगों के लिए यह भावुक क्षण था। अंतिम विदाई की बेला में गांव का माहौल पूरी तरह शोकाकुल रहा। लोग रूपी सोरेन के सादगीपूर्ण जीवन, संघर्ष और परिवार के प्रति उनके समर्पण को याद करते नजर आए।
मुखाग्नि देते समय भावुक हुए मुख्यमंत्री
मां के अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल शोक में डूबा रहा और लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सादगी, त्याग और संघर्ष के लिए याद की जाएंगी रूपी सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन को उनके परिजन और शुभचिंतक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति के रूप में याद कर रहे हैं। झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आगे तक उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने परिवार को मजबूती दी। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
रूपी सोरेन के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
नेमरा ने नम आंखों से कहा—अंतिम विदाई
रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच हर चेहरा गमगीन था। अंतिम विदाई के इस भावुक अवसर पर नेमरा ने अपनी बेटी और क्षेत्र की जानी-पहचानी शख्सियत को नम आंखों से विदा किया। अंतिम संस्कार के बाद भी श्मशान घाट और आसपास का वातावरण लंबे समय तक शोकाकुल बना रहा।
रांची । झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री आवास में शोक का माहौल है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोग पहुंच रहे हैं।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर रखा गया था।
रूपी सोरेन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें 18 सितंबर को रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने रद्द किए कार्यक्रम
मां की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के कई निर्धारित कार्यक्रम रद्द किए गए तथा राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक भी स्थगित कर दी गई।
शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी और सोरेन परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेता और झामुमो के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा वह सोरेन परिवार के अन्य सदस्यों की भी मां थीं। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी रूपी सोरेन का नाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के रूप में दर्ज है।
शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए रूपी सोरेन एक महत्वपूर्ण पारिवारिक स्तंभ के रूप में बनी रहीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। विभिन्न दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए सोरेन परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
हेमंत सोरेन ने जताया गहरा भावनात्मक दुख
मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिता के निधन के बाद मां उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई।
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार एवं अन्य कार्यक्रमों को लेकर परिवार की ओर से आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
धनबाद। रांची से टोरी होते हुए शिवपुर तक पैसेंजर ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू कराने की मांग को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अखिलेश मिश्रा से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
मुलाकात के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने बताया गया कि रांची-टोरी-शिवपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होने से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, व्यापारियों एवं आम यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। लंबे समय से टोरी से शिवपुर तक कोयला मालवाहक ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, लेकिन यात्री ट्रेन की सुविधा अब तक क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पाई है।
DRM अखिलेश मिश्रा ने इस जनहित से जुड़े विषय को गंभीरता से लेते हुए पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू कराने की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करने तथा मामले को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यात्री ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होने से सिमरिया समेत आसपास के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के लिए रांची एवं अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।
जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर आगे भी निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।
मुरी। ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत आरपीएफ ने मुरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 से 40 किलो गांजा बरामद कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।आरपीएफ के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7:15 बजे प्लेटफॉर्म संख्या-2 के रांची छोर पर पांच पिट्ठू बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान पांच पैकेटों में गांजा बरामद हुआ। प्रत्येक पैकेट का वजन आठ किलो था। डीडी किट से प्रारंभिक जांच में पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई।गिरफ्तार युवकों की पहचान सूरज कुमार (19), बीरेन कुमार (20) और साहेंद्र कुमार (19), सभी कैमूर, बिहार निवासी के रूप में हुई है। आरपीएफ के मुताबिक, पूछताछ में युवकों ने गांजा संबलपुर, ओडिशा से बिहार ले जाने की बात बताई है। उनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।आरपीएफ ने गांजा और अन्य सामान जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी मुरी को सौंपने की प्रक्रिया की गई। कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट मुरी के आईपीएफ संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के प्रांगण में विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन: प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने ई-वेस्ट संग्रहण केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक कचरा निस्तारित कर अभियान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी एवं निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा उपस्थित रहे। साथ ही मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। निदेशकों, महाप्रबंधकों एवं विभागाध्यक्षों ने स्वयं ई-कचरा संग्रहण केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक कचरा निस्तारित कर अभियान में सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह ने कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस एवं पब्लिक रिलेशंस (CC&PR) विभाग द्वारा निर्मित परिकल्पना ‘सीसीएल के ताऊ’ के AI अवतार का अनावरण किया। ‘सीसीएल के ताऊ’ कंपनी के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के वीडियोज़ में दिखाई देते हैं और सीसीएल की विभिन्न पहलों एवं गतिविधियों से संबंधित जानकारी को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से ई-कचरे के उचित संग्रहण, पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर विशेष रूप से तैयार किया गया सेल्फी स्टैंड भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक तस्वीरें खिंचवाईं।
विशेष अभियान 6.0 के तहत ई-कचरा प्रबंधन जैसी पर्यावरणीय पहल को बढ़ावा देना सीसीएल की स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत कार्यस्थल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल ई-कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करती है।
रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और विभिन्न शांति समितियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दुर्गा पूजा की तैयारियों में जिला प्रशासन से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उन्हें सपरिवार पूजा पंडालों के भ्रमण एवं माता के दर्शन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए पूजा उत्सव में शामिल होने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आस्था और परंपरा को कायम रखते हुए विसर्जन के बाद तालाबों और जलाशयों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना जरूरी है। इसके लिए सरकार और पूजा समितियों के समन्वय से वैकल्पिक एवं इको-फ्रेंडली विसर्जन व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया।
पंडालों में लगाएं नशा मुक्ति के होर्डिंग
मुख्यमंत्री ने पूजा पंडालों में नशा मुक्ति जागरूकता से संबंधित होर्डिंग और बैनर लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त झारखंड के निर्माण में सामाजिक और धार्मिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूजा समितियों ने पंडालों में बैनर लगाने के साथ अनाउंसमेंट के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा को शक्ति की उपासना और सत्य की असत्य पर विजय का पर्व बताते हुए पूजा समितियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अधिकारियों को पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था, बिजली, पानी, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी न हो।
इस दौरान रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने मुख्यमंत्री को जिले में दुर्गा पूजा को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी।
झामुमो ने कहा - हिन्दू-मुस्लिम को लड़ाकर भारत समृद्ध नहीं बनेगा, SIR में गैर-भाजपा मतदाताओं को लेकर उठे सवालों का जवाब दे भाजपा
रांची। झारखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी झारखंड को समझने के बजाय दो दिन के प्रवास में ही सरकार और राज्य की जनता को प्रमाणपत्र बांटने लगे हैं। भाजपा को जनता को उपदेश देने से पहले केंद्र सरकार की नीतियों और अपने शासन का आईना देखना चाहिए। झारखंड की जनता आरोपों और हकीकत के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।
महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को यदि वास्तव में समृद्ध भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो उसे बड़ा दिल लेकर राजनीति करनी होगी। हिन्दू-मुस्लिम को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करके और समाज में विभाजन पैदा करके भारत समृद्ध नहीं बन सकता। देश को जोड़ने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति ही विकास का आधार बन सकती है।
SIR पर भाजपा से पूछा- बिहार और पश्चिम बंगाल में कितने बांग्लादेशी पकड़े ?
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता SIR को लेकर लगातार बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। उन्हें देश को बताना चाहिए कि SIR के माध्यम से बिहार और पश्चिम बंगाल में आखिर कितने बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। यदि घुसपैठ रोकना ही इसका उद्देश्य था तो कार्रवाई का वास्तविक आंकड़ा देश के सामने आना चाहिए।
विनोद पांडेय ने कहा कि SIR को लेकर आम लोगों को महीनों दस्तावेज जुटाने, कार्यालयों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर होना पड़ा। गैर-भाजपा मतदाताओं के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार और उनके मताधिकार पर आशंका पैदा होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
झारखंड के विकास का हिसाब भाजपा अपने शासन से दे
झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड की जनता भाजपा से यह जानना चाहती है कि जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें रहीं, तब आदिवासी, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के लिए क्या किया गया। केवल भाषण देने से राजनीति नहीं चलती। जनता काम का हिसाब मांगती है।
उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी और तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जनकल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाया। मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में परिवारों को मिला है। राज्य सरकार ने पात्र उपभोक्ताओं तक 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
खनिज संपदा पर भाजपा अपना रुख स्पष्ट करे
खनिज संपदा और डीएमएफटी को लेकर भाजपा के आरोपों पर विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को आरोप लगाने से पहले यह बताना चाहिए कि केंद्र सरकार की खनन संबंधी नीतियों से झारखंड के हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। राज्य के अधिकार और खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व के सवाल पर भाजपा के प्रदेश नेता केंद्र सरकार के सामने झारखंड का पक्ष क्यों नहीं रखते?
उन्होंने कहा कि झारखंड अपने खनिज संसाधनों के उचित हिस्से और राज्य के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ रहा है। भाजपा को इस मामले में राजनीति करने के बजाय झारखंड के हित में राज्य सरकार का साथ देना चाहिए।
युवाओं के भविष्य पर राजनीति बंद करे भाजपा
छात्रों और रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। विभिन्न परीक्षाओं को लेकर सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई गई है। भाजपा को युवाओं के भविष्य पर राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार के स्तर पर रोजगार के अपने वादों का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता झारखंड के युवाओं की चिंता कर रहे हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि केंद्र में हर साल करोड़ों रोजगार देने के वादे का वास्तविक परिणाम क्या रहा।
घुसपैठ पर केंद्र सरकार से जवाब मांगे भाजपा
विनोद पांडेय ने घुसपैठ के आरोपों पर कहा कि यह गंभीर विषय है और इसमें केंद्र सरकार तथा उसकी सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों की भी स्पष्ट भूमिका है। यदि भाजपा नेताओं के पास घुसपैठ से संबंधित ठोस जानकारी है तो उसे संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराएं। केवल चुनावी और राजनीतिक मंचों से आरोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि जिन सीमावर्ती इलाकों और क्षेत्रों में घुसपैठ की बात कही जा रही है, वहां केंद्र की एजेंसियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है। राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले केंद्र सरकार की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
मालदा। साहिबगंज-बड़हरवा रेलखंड में सकरीगली एवं महाराजपुर स्टेशनों के बीच प्रभावित डाउन लाइन पर पुनर्बहाली कार्य पूरा कर रेल परिचालन बुधवार से बहाल कर दिया गया। आवश्यक मरम्मत एवं व्यापक सुरक्षा जांच के बाद 6 अक्टूबर को इस लाइन पर पहली ट्रेन संख्या 03428 साहिबगंज-हावड़ा पैसेंजर स्पेशल का परिचालन किया गया। ट्रेन का ठहराव सभी स्टेशनों पर है। रेलवे के अनुसार, निर्धारित समय-सारणी के तहत सामान्य रेल सेवाएं 7 अक्टूबर से बहाल हो जाएंगी।
पुनर्बहाली कार्य चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर किया गया। मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग, विद्युत, यांत्रिक, परिचालन समेत विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से कार्य पूरा हुआ। करीब 800 रेलवे कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, पर्यवेक्षकों और अधिकारियों ने दिन-रात काम कर प्रभावित रेल अवसंरचना को दुरुस्त किया।
रेलवे के अनुसार, तेज जलधारा और कटाव से रेल अवसंरचना की सुरक्षा के लिए तटबंध संरक्षण एवं नदी तट स्थिरीकरण के व्यापक उपाय किए गए। रेलवे स्लीपर और स्टोन डस्ट का उपयोग करने के साथ नदी प्रशिक्षण के लिए पोरक्यूपाइन संरचनाएं लगाई गईं। संवेदनशील नदी तटों को मजबूत करने और मृदा कटाव रोकने के लिए गेबियन बॉक्स एवं बोल्डर क्रेट्स भी स्थापित किए गए।
रेल परिचालन बाधित रहने के दौरान यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन, नियंत्रित गति से परिचालन तथा अन्य परिचालन व्यवस्थाएं की गईं।
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने पुनर्बहाली कार्य में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा, रेल सेवाओं की जल्द बहाली और यात्रियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंडल ने इस दौरान यात्रियों के धैर्य और सहयोग के लिए आभार जताया।
स्टेडियम से लेकर पार्किंग और यातायात व्यवस्था तक की हुई समीक्षा
रांची । जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रांची में 9 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले दूसरे टी20 क्रिकेट मैच को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक, दक्षिणी छोटानागपुर प्रक्षेत्र, मनोज कौशिक ने स्टेडियम एवं आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह सहित जेएससीए के अध्यक्ष, सचिव, अन्य पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्टेडियम एवं उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था, दर्शकों के प्रवेश और निकास, पार्किंग, यातायात प्रबंधन तथा खिलाड़ियों और टीमों की सुरक्षा का जायजा लिया। इसके अलावा महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
पर्याप्त पुलिस बल की होगी तैनाती
एडीजी सह आईजी ने संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मैच के दौरान सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने तथा आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा।
रांची पुलिस के अनुसार मैच के दौरान आम नागरिकों, दर्शकों, खिलाड़ियों और अन्य संबंधित लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
पुलिस ने आम नागरिकों और क्रिकेट दर्शकों से अपील की है कि वे मैच के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर कार्रवाई, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से योजनाएं पूर्ण करने का निर्देश
लातेहार। पेयजल एवं स्वच्छता, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को बेतला नेशनल पार्क सभागार में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत संचालित जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में लातेहार, गढ़वा, पलामू, गुमला, सिमडेगा एवं लोहरदगा जिलों में संचालित विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की जिलावार एवं योजनावार विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में संबंधित जिलों के अधिकारियों ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति, पूर्ण एवं अपूर्ण योजनाओं, निर्माण कार्य की प्रगति, पेयजलापूर्ति की स्थिति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी अन्य जानकारी मंत्री के समक्ष रखी।
समीक्षा के दौरान मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने योजनाओं के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराते हुए ग्रामीणों को शीघ्र पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कई योजनाओं में संबंधित संवेदकों द्वारा कार्य में लापरवाही, अपेक्षित प्रगति नहीं होने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को नियमानुसार ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। वहीं, जिन मामलों में अनियमितता या लापरवाही की जांच आवश्यक है, वहां जांच कर जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी एवं स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने तथा अनावश्यक विलंब की स्थिति में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं से ग्रामीणों को वास्तविक रूप से पेयजल का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसका नियमित अनुश्रवण करने को भी कहा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूर्ण कराते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने भी अधिकारियों को ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए सभी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव, जलस्रोतों की उपलब्धता, पाइपलाइन एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजलापूर्ति सहित जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर विभागीय सचिव अबु इमरान, जल जीवन मिशन निदेशक शशि रंजन, उपायुक्त लातेहार संदीप कुमार, उप विकास आयुक्त लातेहार सैय्यद रियाज अहमद सहित सिमडेगा, लोहरदगा, गढ़वा एवं पलामू के उप विकास आयुक्त, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, संबंधित जिलों के कार्यपालक अभियंता, तकनीकी पदाधिकारी, संवेदक एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को स्मार्ट सिटी, रांची स्थित आवास पर आयोजित मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की स्वर्गीय पुत्री तृषा सिंह के द्वादशा कार्यक्रम एवं ब्रह्मभोज में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वर्गीय तृषा सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। विधायक कल्पना सोरेन ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। दोनों ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से स्वर्गीय तृषा सिंह की आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के अन्य मंत्री, विधायक एवं गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय तृषा सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कोलकाता। साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड में सकरीगली और महाराजपुर स्टेशन के बीच गंगा नदी के तटबंध में कटाव के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर डाउन लाइन पर यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, अप लाइन से ट्रेनों का परिचालन सीमित गति के साथ जारी है।
रेल प्रशासन ने प्रभावित स्थल पर बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया है। युद्धस्तर पर मरम्मत एवं पुनर्बहाली का काम चल रहा है। रेल प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द सामान्य रेल परिचालन बहाल किया जा सके।
6 अक्टूबर से कई ट्रेनें रद्द
तटबंध कटाव के कारण 6 अक्टूबर से कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें मालदा टाउन-साहिबगंज MEMU (63402), आजीमगंज-साहिबगंज MEMU (63421), साहिबगंज-भागलपुर MEMU (63411), हावड़ा-साहिबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस (13427), रामपुरहाट-साहिबगंज MEMU (63405), रामपुरहाट-साहिबगंज MEMU (63073) शामिल हैं।
इसके अलावा टिनपहाड़-राजमहल पैसेंजर (53487, 53485, 53481, 53483), बरहरवा-साहिबगंज पैसेंजर (53411), साहिबगंज-मालदा टाउन MEMU (63401), साहिबगंज-आजीमगंज MEMU (63422), भागलपुर-साहिबगंज MEMU (63412), साहिबगंज-बरहरवा पैसेंजर (53412), साहिबगंज-रामपुरहाट MEMU (63074), साहिबगंज-हावड़ा एक्सप्रेस (13428), जमालपुर-रामपुरहाट पैसेंजर (53408), राजमहल-टिनपहाड़ पैसेंजर (53490, 53488, 53484, 53486) तथा साहिबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर (53406) को भी रद्द किया गया है।
कई ट्रेनों के मार्ग बदले
दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल (15657), बठिंडा-बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस (15734) और गया-कामाख्या एक्सप्रेस (15619) को जमालपुर-मुंगेर-कटिहार होकर डायवर्ट किया जाएगा।
पटना-मालदा टाउन एक्सप्रेस (13416) जमालपुर-मुंगेर-कटिहार-मालदा टाउन होकर चलेगी।
वहीं भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस (13404) और जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (13072) को भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट होकर चलाया जाएगा।
गया-हावड़ा एक्सप्रेस (13024) तथा नटेसर-हावड़ा स्पेशल (03030) का मार्ग किऊल-झाझा-आसनसोल होकर परिवर्तित किया गया है।
कुछ ट्रेनें बीच रास्ते समाप्त या शुरू होंगी
आजिमगंज-भागलपुर पैसेंजर (53029) को बरहरवा में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा। किऊल-मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस (13410) साहिबगंज तक ही चलेगी।
बर्द्धमान-साहिबगंज MEMU (63063) टिनपहाड़ तक चलेगी। इसके विपरीत मालदा टाउन-किऊल इंटरसिटी एक्सप्रेस (13409) साहिबगंज से रवाना होगी।
रामपुरहाट-गया पैसेंजर (53403) 7 अक्टूबर को जमालपुर से चलेगी। भागलपुर-आजिमगंज पैसेंजर (53030) भी 7 अक्टूबर को बरहरवा से रवाना होगी। साहिबगंज-बर्द्धमान MEMU (63064) टिनपहाड़ से शुरू होगी।
यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कुछ पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। साहिबगंज-भागलपुर पैसेंजर स्पेशल साहिबगंज से सुबह 9:30 बजे और शाम 5 बजे रवाना होगी तथा 6 अक्टूबर को भागलपुर से साहिबगंज लौटेगी।
इसके अलावा भागलपुर-साहिबगंज पैसेंजर स्पेशल रात 10 बजे भागलपुर से रवाना होगी। एक अन्य साहिबगंज-भागलपुर पैसेंजर स्पेशल दोपहर 12:30 बजे साहिबगंज से चलेगी और उसी दिन वापस साहिबगंज लौटेगी।
रांची। एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की झारखंडी खिलाड़ियों ने रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान टीम की कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता की तैयारियों, उनके अनुभव और प्रदर्शन के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
हेमंत सोरेन ने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने में झारखंड की बेटियों का योगदान राज्य और देश के लिए गौरव की बात है। खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और अदम्य जज्बे से देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से झारखंड के खेल इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता से राज्य की युवा पीढ़ी और विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे भी इसी उत्साह, लगन और समर्पण के साथ देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
विधायक कल्पना सोरेन ने भी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर हॉकी झारखंड के डीजी विजय शंकर सिंह, इंटरनेशनल रेसलिंग कोच सह सीईओ झारखंड रजनीश कुमार और जनरल सेक्रेटरी मनोज कुमार प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
परिजनों को मिलेगी 5 लाख की आर्थिक सहायता, जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराई नि:शुल्क एंबुलेंस
रांची, 3 अक्टूबर। वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत लाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश और श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के प्रयासों से पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता लाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रांची स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास और वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी कराई।
राज्य सरकार की ओर से मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राजा कुमार वर्मा रांची के कैलाश नगर के निवासी थे और वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वहां सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। घटना के बाद परिजनों ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की सहायता मांगी थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नियंत्रण कक्ष ने तत्काल संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराईं। इसके बाद पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता हवाई अड्डा लाया गया।
कोलकाता हवाई अड्डे पर परिजनों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद रांची जिला प्रशासन ने पार्थिव शरीर को पैतृक आवास तक पहुंचाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस उपलब्ध कराई।
साहिबगंज-महाराजपुर के बीच डाउन लाइन पर यात्री व मालगाड़ियों का परिचालन बंद, युद्धस्तर पर चल रहा बहाली कार्य
कोलकाता । मालदा मंडल के साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड में सकरीगली और महाराजपुर स्टेशनों के बीच गंगा नदी का तटबंध कट जाने के कारण डाउन लाइन पर यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, इस रेलखंड में अप लाइन से ट्रेनों का परिचालन प्रतिबंधित गति के साथ जारी है।
रेलवे की ओर से प्रभावित स्थल पर बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। सभी कर्मचारी चौबीसों घंटे युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं, ताकि बहाली कार्य जल्द पूरा कर रेल सेवाओं को सामान्य किया जा सके। स्थिति को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, परिवर्तित मार्ग से चलाने तथा कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से प्रारंभ अथवा समाप्त करने का निर्णय लिया है।
3 अक्टूबर से रद्द ट्रेन
- 63073 रामपुरहाट-साहिबगंज मेमू
4 अक्टूबर से रद्द ट्रेनें
- 63402 मालदा टाउन-साहिबगंज मेमू
- 63421 आजिमगंज-साहिबगंज मेमू
- 63411 साहिबगंज-भागलपुर मेमू
- 53411 बरहरवा-साहिबगंज पैसेंजर
- 13427 हावड़ा-साहिबगंज इंटरसिटी एक्सप्रेस
- 63405 रामपुरहाट-साहिबगंज मेमू
- 53487 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 53485 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 53481 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 53483 तीनपहाड़-राजमहल पैसेंजर
- 63401 साहिबगंज-मालदा टाउन मेमू
- 63422 साहिबगंज-आजिमगंज मेमू
- 63412 भागलपुर-साहिबगंज मेमू
- 53412 साहिबगंज-बरहरवा पैसेंजर
- 63074 साहिबगंज-रामपुरहाट मेमू
- 13428 साहिबगंज-हावड़ा एक्सप्रेस
- 53408 जमालपुर-रामपुरहाट पैसेंजर
- 53490 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
- 53488 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
- 53406 साहिबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर
- 53484 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
- 53486 राजमहल-तीनपहाड़ पैसेंजर
कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव
- 13020 काठगोदाम-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस (3 अक्टूबर से) और 13022 रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस (4 अक्टूबर से) को मुंगेर-भागलपुर-बांका-जसीडीह के रास्ते चलाया जाएगा।
- 15657 दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल (3 अक्टूबर से) और 15744 भटिंडा-बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस (2 अक्टूबर से) को जमालपुर-मुंगेर-कटिहार के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा।
- 13024 गया-हावड़ा एक्सप्रेस तथा 03030 नटेसर-हावड़ा स्पेशल (दोनों 4 अक्टूबर से) को किऊल-झाझा-आसनसोल के रास्ते चलाया जाएगा।
- 13404 भागलपुर-रांची वनांचल एक्सप्रेस और 13072 जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (दोनों 4 अक्टूबर से) को भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट के रास्ते चलाया जाएगा।
कई ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट व शॉर्ट ओरिजिनेट होंगी
- 53029 आजिमगंज-भागलपुर पैसेंजर (4 अक्टूबर) को बरहरवा में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।
- 13410 किऊल-मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस (4 अक्टूबर) को साहिबगंज में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।
- 63063 बर्द्धमान-साहिबगंज मेमू (4 अक्टूबर) को तीनपहाड़ में शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।
- 13409 मालदा टाउन-किऊल इंटरसिटी एक्सप्रेस (4 अक्टूबर) साहिबगंज से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
- 53403 रामपुरहाट-गया पैसेंजर (5 अक्टूबर) जमालपुर से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
- 53030 भागलपुर-आजिमगंज पैसेंजर (5 अक्टूबर) बरहरवा से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
- 63064 साहिबगंज-बर्द्धमान मेमू (4 अक्टूबर) तीनपहाड़ से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष पैसेंजर ट्रेनें
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने कुछ पैसेंजर स्पेशल ट्रेनें चलाने का भी निर्णय लिया है।
- साहिबगंज-भागलपुर की दो पैसेंजर ट्रेनें 4 अक्टूबर को साहिबगंज से क्रमशः सुबह 9:30 बजे और शाम 5 बजे रवाना होंगी और वापस आएंगी।
- भागलपुर-साहिबगंज पैसेंजर स्पेशल रात 10 बजे भागलपुर से रवाना होगी और 4 अक्टूबर को वापस आएगी।
- रामपुरहाट-तीनपहाड़ पैसेंजर स्पेशल रात 8:30 बजे रामपुरहाट से रवाना होगी और बहाली कार्य पूरा होने तक 3 अक्टूबर से परिचालन में रहेगी।
सिल्ली-मुरी। जमीन मापी के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने गुरुवार को सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है।बताया गया कि बड़ा मुरी निवासी विद्याभूषण कोइरी की जमीन मुरी तुंगरी धार पहाड़ के सामने स्थित है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त जमीन वर्ष 1959 में बंदोबस्त हुई थी। वर्ष 2007 तक जमीन की मैनुअल रसीद कटती रही, जबकि वर्ष 2024 तक पंजी-2 में भी शिकायतकर्ता का नाम दर्ज बताया गया है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि अंचल कार्यालय की ओर से बिना सूचना दिए बंदोबस्ती को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद जमीन की मापी को लेकर अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया। आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद करीब दो माह तक मामले में टालमटोल की जाती रही।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जमीन की मापी के एवज में अमीन द्वारा रिश्वत की मांग की गई।शिकायत में दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की कथित मांग का भी उल्लेख किया गया है। इससे परेशान होकर विद्याभूषण कोइरी ने रांची एसीबी से शिकायत की।शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। निर्धारित रकम के साथ शिकायतकर्ता को अमीन के पास भेजा गया। टीम पहले से आसपास निगरानी कर रही थी। जैसे ही अमीन ने कथित रूप से 50 हजार रुपये रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात कही गई है।अमीन की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय परिसर में काफी देर तक एसीबी की कार्रवाई की चर्चा होती रही। वहीं जमीन संबंधी कार्यों से अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों के बीच भी मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं।गिरफ्तारी के बाद एसीबी आरोपी अमीन को रांची ले गई। मामले में पूछताछ और आगे की जांच जारी है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब जमीन मापी से जुड़े पूरे मामले और कथित रिश्वत मांग के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
रांची/सिल्ली। जमीन मापी के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रांची की टीम ने सिल्ली अंचल कार्यालय में पदस्थापित अमीन विनोद लोहरा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद सिल्ली अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला जमीन की मापी से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता अपनी जमीन की मापी कराने के लिए सिल्ली अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि जमीन की मापी करने के एवज में अमीन विनोद लोहरा ने उससे रिश्वत की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अमीन ने कथित तौर पर दो लाख रुपये नकद के अलावा चार डिसमिल जमीन देने की भी मांग की थी।
शिकायत के बाद एसीबी ने शुरू की जांच
बताया गया कि कथित रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ आरोपी अमीन के पास भेजने की योजना बनाई। इसके बाद टीम ने पूरी कार्रवाई के लिए जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की तैयारी की।
50 हजार रुपये की पहली किस्त लेते ही कार्रवाई
योजना के अनुसार शिकायतकर्ता 50 हजार रुपये लेकर आरोपी अमीन के पास पहुंचा। जैसे ही कथित तौर पर विनोद लोहरा ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से निगरानी कर रही एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की और आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
अचानक हुई एसीबी की कार्रवाई की खबर फैलते ही सिल्ली अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई को लेकर कार्यालय परिसर में काफी देर तक चर्चा होती रही।
पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अमीन को अपने साथ रांची ले गई। वहां उससे पूछताछ की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जमीन संबंधी काम के लिए अंचल कार्यालय पहुंचने वाले लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बुधवार को कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों की शुरुआत की। रांची के बीएनआर चाणक्य होटल में आयोजित झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव-2026 में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना, 10-बेडेड टेली-आईसीयू, एचआरआईएस पोर्टल और झारखंड ई-हेल्थ पोर्टल का शुभारंभ किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिजिटल हेल्थ को केवल तकनीकी पहल के रूप में नहीं, बल्कि गरीब, ग्रामीण और वंचित लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक अब मोबाइल की स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के इलाज में इसका उपयोग दिखाई देगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि टेलीमेडिसिन, टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी के विस्तार से दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी राज्य में काम आगे बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि राज्य में ऐसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो।
चार प्रमुख घटकों पर आधारित डिजिटल हेल्थ योजना
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2025 में शुरू की गई यह योजना मुख्य रूप से कनेक्टिविटी, हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस), सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग और डिजिटल डैशबोर्ड पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तथा जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। एचएमआईएस के माध्यम से मरीज घर बैठे पंजीकरण, भुगतान और चिकित्सक का अपॉइंटमेंट लेने जैसी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे। जांच रिपोर्ट को भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
80 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का डिजिटल रिकॉर्ड
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एचआरआईएस के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें उपस्थिति, अवकाश, सेवा संबंधी विवरण और भुगतान जैसी सूचनाओं की निगरानी में सुविधा होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 80 हजार सहिया, मेडिकल स्टाफ, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के बेहतर प्रबंधन के लिए भविष्य में एआई आधारित प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य एवं समय प्रबंधन में सहायता देने के लिए एआई असिस्टेंट की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
टेली-आईसीयू और टेली-रेडियोलॉजी से घटेगी दूरी
कॉन्क्लेव में बताया गया कि 10-बेडेड टेली-आईसीयू के माध्यम से दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़ने में सहायता मिलेगी। वहीं टेली-रेडियोलॉजी के जरिए दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों से जांच एवं रिपोर्ट विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाकर समय पर राय और निदान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचिव एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. आर.एस. शर्मा ने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की सराहना की। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने रोबोटिक कार्डियक सर्जरी पर तकनीकी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सहिया पुस्तिका और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डिजिटल हेल्थ से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा की। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी, विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन, चिकित्सक, तकनीकी विशेषज्ञ और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय, रांची में सितंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सम्मान में गरिमापूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया। मुख्यालय के 8 कर्मियों समेत सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 84 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
मुख्यालय में आयोजित समारोह में सेवानिवृत्त कर्मियों के सेवाकाल की उपलब्धियों और योगदान को याद किया गया। इस दौरान एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं और स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वालों में महाप्रबंधक (ई एंड एम) सुचंद्रा सिन्हा, महाप्रबंधक (ई एंड टी) संतोष कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (वित्त) रंधीर कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) गौतम चौधरी, प्रबंधक (खेल) आदिल हुसैन, ओएस ग्रेड-ए1 अनिल कुमार सहनी, मुख्य फार्मासिस्ट कमलेश पंडित और चपरासी मोहन तांती शामिल हैं।
समारोह में सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र और मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार मौजूद रहे।
सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके वर्षों के अनुभव, मेहनत और समर्पण ने सीसीएल की कार्यसंस्कृति एवं प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके सेवाकाल को सम्मानपूर्वक स्मरण करने के साथ उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वस्थ, सुखद एवं संतोषपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन उपस्थित रहे। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
सिल्ली। क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सिल्ली पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर पहल तेज कर दी है। दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर वाहन चालकों को सावधान करने के लिए सड़कों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार की पहल पर सिल्ली-टीकर-रंगामाटी मार्ग के दुर्घटना संभावित स्थल पर चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, ऐसे अन्य स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इन स्थानों पर भी चरणबद्ध तरीके से चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
थाना प्रभारी नवीन कुमार ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पुलिस स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वाहन चालकों से तेज गति से वाहन नहीं चलाने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।पुलिस द्वारा ग्रामीणों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं, दुर्घटना संभावित चिन्हित स्थानों पर जल्द ही ब्रेकर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस की इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सिल्ली: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को झारखंड बंद का असर सिल्ली-मुरी क्षेत्र में पूरी तरह सफल रहा।सुबह से ही आंदोलनकारी सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों को जाम कर दिया,जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद का नेतृत्व कर रहे झारखंड आंदोलनकारी , किसान और मजदूर एकजुट होकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों की कर्जमाफी,उचित मुआवजा, स्थायी रोजगार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था शामिल है।इसके साथ ही उन्होंने विस्थापन आयोग के गठन की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।आंदोलनकारियों ने कहा कि जिन्होंने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया,उन्हें सरकार की ओर से सम्मान पेंशन दी जानी चाहिए। ज्ञापन में झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति देने,26 प्रतिशत खनिज संपदा पर रॉयल्टी का अधिकार देने, सम्मान पेंशन राशि पचास हजार एवं जल जंगल,जमीन की रक्षा की मांग भी शामिल है।साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन का नाम गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से अधिसूचित कर झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सर्वोच्च सम्मान देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। आंदोलनकारियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर वे लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है,जिसके कारण उन्हें बंद का आह्वान करना पड़ा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो 15 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।प्रशासन द्वारा मांगों पर विचार के आश्वासन के बाद बंद को समाप्त किया गया।इस मौके पर लक्ष्मी नारायण महतो,दीनू चौधरी,नरेश चंद्र महतो, जयपाल महतो,विशेश्वर महतो, हरिहर महतो,दुर्योधन भोक्ता, शत्रुघ्न महतो,राज किशोर महतो,काबिल अंसारी,प्रकाश महतो,दिनेश कुमार महतो एवं धनीराम महतो समेत सैकड़ो आंदोलनकारी मौजूद रहे।
रांची। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के कल्याण विभाग द्वारा सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में दिनांक 28 एवं 29 सितंबर, 2026 को दो दिवसीय आधार एवं चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य सीसीएल के कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों को आधार से संबंधित आवश्यक सेवाएं तथा स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना था।
आधार शिविर के दौरान कुल 78 लोगों ने उपलब्ध सेवाओं का लाभ उठाया। वहीं, चिकित्सा शिविर में 218 प्रतिभागियों की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
चिकित्सा शिविर के दौरान व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के संबंध में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। कार्यस्थल पर ही आधार एवं चिकित्सा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होने से कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों को आवश्यक सेवाओं का लाभ सहज एवं सुविधाजनक रूप से प्राप्त हुआ।
इस पहल के माध्यम से स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं कर्मचारी कल्याण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
रांची। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार 30 सितंबर से दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित करेगी। रांची में होने वाले इस कॉन्क्लेव में रोबोटिक सर्जरी, टेली-आईसीयू, टेलीमेडिसिन, टेली-एसएनसीयू, टेली-रेडियोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और पेपरलेस अस्पताल जैसी तकनीकों पर चर्चा और प्रदर्शन किया जाएगा।
कॉन्क्लेव की पूर्व संध्या पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इस स्तर का डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीकों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप उनका इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में झारखंड को मॉडल राज्य बनाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के डिजिटल झारखंड के विजन को स्वास्थ्य क्षेत्र में लागू करने के लिए काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर गांव और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों तक भी पहुंचना चाहिए।
10 बेड के आईसीयू का होगा शुभारंभ
मंत्री के अनुसार कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों 10-बेड वाले आईसीयू का शुभारंभ भी किया जाएगा। सरकार डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि एआई और रोबोटिक्स चिकित्सा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। रोबोटिक तकनीक सर्जरी में सहायता कर सकती है, जबकि एआई रिपोर्ट के विश्लेषण और मरीजों की निगरानी में मददगार हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक डॉक्टर का विकल्प नहीं है और मरीज के इलाज का अंतिम निर्णय प्रशिक्षित चिकित्सक ही करेंगे।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड पर जोर
मंत्री ने बताया कि आभा (ABHA) के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। अस्पतालों को पेपरलेस बनाने और मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का लक्ष्य है।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम के तहत राज्य के अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ा गया है। अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन, भुगतान और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाएं व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की शुरुआत हो चुकी है। इसे आगे सभी जिला अस्पतालों तक विस्तारित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। भविष्य में इन रिकॉर्ड का इस्तेमाल एआई आधारित स्वास्थ्य सहायता के लिए किया जा सकता है। हालांकि, एआई केवल संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में सहायता और सुझाव देगा तथा प्रिस्क्रिप्शन डॉक्टर ही लिखेंगे।
रिम्स-2 और मेडिकल शिक्षा पर भी जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिम्स-2 की परिकल्पना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने और एमबीबीएस व पीजी सीटों में वृद्धि का भी उल्लेख किया। मेडिकल यूनिवर्सिटी की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी काम किए जाने की बात कही।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक डिजिटल हेल्थ सिस्टम, बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित मानव संसाधन के समन्वय से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
दवा खरीद में लापरवाही पर कार्रवाई
दवा खरीद से जुड़े सवाल पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अस्पतालों को दवाओं की खरीद के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है। यदि दवा खरीद में किसी स्तर पर लापरवाही या आनाकानी की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मालदा। साहिबगंज–बड़हरवा रेलखंड में सकरीगली एवं महाराजपुर स्टेशनों के बीच गंगा नदी के तटबंध के कटाव के कारण डाउन लाइन पर यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन स्थगित रहेगा। इसके मद्देनजर निम्नलिखित ट्रेनों का विनियमन किया गया है:
दिनांक 30.09.2026 से प्रारंभ होने वाली यात्रा वाली ट्रेनों का रद्दीकरण:
• 63401 साहिबगंज–मालदा टाउन मेमू
• 63421 आजीमगंज–साहिबगंज मेमू
• 63411 साहिबगंज–भागलपुर मेमू
• 63063 बर्द्धमान–साहिबगंज मेमू
• 53411 बरहरवा–साहिबगंज पैसेंजर
• 13427 हावड़ा–साहिबगंज एक्सप्रेस
• 63405 रामपुरहाट–साहिबगंज मेमू
• 63402 मालदा टाउन–साहिबगंज मेमू
• 63422 साहिबगंज–आजीमगंज मेमू
• 63412 भागलपुर–साहिबगंज मेमू
• 63064 साहिबगंज–बर्द्धमान मेमू
• 53412 साहिबगंज–बरहरवा पैसेंजर
ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन:
• 13106 बलिया – सियालदह एक्सप्रेस (दिनांक 29.09.2026 को प्रारंभ होने वाली यात्रा) एवं 13020 काठगोदाम – हावड़ा बाघ एक्सप्रेस (दिनांक 28.09.2026 को प्रारंभ होने वाली यात्रा) का मार्ग परिवर्तन मुंगेर – भागलपुर – बांका – देवघर – जसीडीह बाईपास के रास्ते किया जाएगा। इन ट्रेनों का ठहराव भागलपुर एवं देवघर में रहेगा।
• 13024 गया–हावड़ा एक्सप्रेस (दिनांक 30.09.2026 को प्रारंभ होने वाली यात्रा) का मार्ग परिवर्तन किऊल – झाझा – आसनसोल के रास्ते किया जाएगा।
*ट्रेनों का आंशिक समापन/आंशिक प्रारंभ:*
53029 आजीमगंज–भागलपुर पैसेंजर (दिनांक 29.09.2026 को प्रारंभ होने वाली यात्रा) का आंशिक समापन बड़हरवा में किया जाएगा।
53403 रामपुरहाट – गया पैसेंजर ((दिनांक 30.09.2026 को प्रारंभ होने वाली यात्रा) एवं 13409 मालदा टाउन – किऊल इंटरसिटी एक्सप्रेस (दिनांक 30.09.2026 को प्रारंभ होने वाली यात्रा) का आंशिक प्रारंभ साहिबगंज से किया जाएगा।
रांची। आगामी दुर्गापूजा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर विभिन्न पूजा समितियों के सदस्यों ने जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री से मुलाकात की। इस दौरान पूजा समितियों द्वारा पर्व के दौरान आवश्यक प्रशासनिक एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन से सहयोग का आग्रह किया गया।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने पूजा समितियों को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने पूजा समितियों से प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील की।
उन्होंने मूर्ति विसर्जन के दौरान संबंधित थाना के साथ समन्वय बनाए रखने, निर्धारित ध्वनि मानकों एवं नियमों का पालन करने तथा यातायात एवं आमजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर पूजा समितियों के सदस्यों द्वारा जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
सिल्ली। संपूर्ण झारखंड बंद के आह्वान को लेकर मंगलवार की शाम सिल्ली-मुरी में झारखंड आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकाला। बंद की पूर्व संध्या पर निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी शामिल हुए।मशाल जुलूस ग्राम विकास स्कूल से शुरू होकर सिल्ली मेन रोड, काली मंदिर, सामुदायिक अस्पताल और स्टेडियम होते हुए सिल्ली प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचा। इस दौरान आंदोलनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में नारेबाजी की तथा सरकार से आंदोलनकारियों को उचित मान-सम्मान देने और पेंशन की राशि उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों ने आम लोगों से बुधवार को आहूत झारखंड बंद में सहयोग करने की अपील की। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
मशाल जुलूस में चिन्हित आंदोलनकारी लक्ष्मी नारायण महतो, धनीराम महतो, शत्रुघ्न महतो, सुधीर महतो, राजकिशोर महतो, रामपद महतो, दीनू चौधरी, विजय गुप्ता, संजय मांझी, दुर्योधन भोक्ता, रणजीत साहू, दिनेश कुमार महतो, विष्णु गिरि, विश्वनाथ साय, महावीर महतो, प्रकाश महतो, काबिल अंसारी, मुबारक अंसारी, नरेश चंद्र महतो, हरिहर महतो, विशेश्वर महतो, चंद्रशेखर, उपेंद्र महतो, मनोज महतो, जयपाल महतो और सुमंत महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी मौजूद रहे।
मुरी। अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सतर्क के तहत आरपीएफ मुरी ने सोमवार को मुरी जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को शराब के साथ पकड़ा। उसके पास से दो पिट्ठू बैग में रखी 20 बोतल शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 17,500 रुपये बताई गई है।आरपीएफ पोस्ट कमांडर संजीव कुमार के नेतृत्व में स्टेशन परिसर एवं ट्रेनों में जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या दो पर दो बैग लेकर जा रहे युवक को संदेह के आधार पर रोककर पूछताछ की गई। युवक ने अपनी पहचान कृष्ण कुमार (20), निवासी टोटी हेसला, थाना बालूमाथ, जिला लातेहार के रूप में बताई।बैग की तलाशी लेने पर शराब की बोतलें बरामद हुईं। आरपीएफ ने शराब के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन युवक कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसके द्वारा शराब को अधिक कीमत पर बेचने के उद्देश्य से बिहार ले जाने की बात बताई गई।आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरपीएफ ने पकड़े गए युवक और जब्त शराब को अग्रिम कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग, रांची को सौंप दिया अभियान में आरपीएफ के अवर निरीक्षक रवि शेखर, अश्विनी कुमार, मुख्य आरक्षी डीके जितेरवाल तथा आरक्षी प्रदीप और हेमंत की भूमिका रही।
सिल्ली-मुरी। मुरी-गोला मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क निर्माण में कथित अनियमितता के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए जाम के कारण मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने के कारण सड़क जल्द ही जर्जर हो गई। उनका कहना है कि गड्ढों के कारण कई बार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त भी हुए हैं।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान कई लोगों की जमीन और घर प्रभावित हुए, लेकिन संबंधित लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।जाम में फंसी स्कूल बसें और एंबुलेंससड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। इस दौरान स्कूल बसों के साथ एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने की मांग की।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “सीसीएल विद्या सारथी-2026” का शुभारंभ सीसीएल के लाल हॉस्टल, गांधीनगर, रांची में किया गया। इसी के साथ सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित सभी 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों पर भी इस पहल की शुरुआत हुई।
“सीसीएल विद्या सारथी-2026” के अंतर्गत 400 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक निःशुल्क JEE/NEET प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयगत प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, डिजिटल लर्निंग सपोर्ट, नियमित टेस्ट एवं मूल्यांकन तथा निरंतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना और उनके सपनों को सही दिशा प्रदान करना है।
इस पहल के लिए सीसीएल के कमांड क्षेत्रों में स्थित 10 डीएवी प्रशिक्षण केंद्रों का चयन किया गया है। ये प्रशिक्षण केंद्र कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, राँची, अरगड़ा, हजारीबाग एवं पिपरवार में स्थित हैं।
राँची केंद्र में 60 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता एवं अभिभावकों के साथ उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में अपने भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल श्री पंकज कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। श्री मिश्र ने विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वही श्री पंकज कुमार ने कहा कि सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सीएसआर), श्री एस एस लाल,महाप्रबंधक (कल्याण)श्री संजय कुमार ठाकुर , National Computer Saksharta Mission (NCSM) के प्रतिनिधिगण तथा सीसीएल के लाल एवं सीसीएल की लाडली के Faculty Members सहित सीसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
National Computer Saksharta Mission (NCSM) के सहयोग से संचालित यह पहल सीसीएल के कमांड क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को JEE/NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीएसआर प्रयास है। इसके माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का सार्थक प्रयास है।
सीसीएल अपने विभिन्न सीएसआर एवं शैक्षणिक पहलों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी द्वारा विद्यार्थियों के करियर और प्रशिक्षण को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही विभिन्न योजनाएं न केवल विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए अवसरों का विस्तार कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी सकारात्मक एवं गुणात्मक बदलाव की आधारशिला रख रही हैं।
रांची। मुकेश कुमार , पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटक मित्र राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों को स्थानीय जानकारी, सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र पर्यटकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सहयोगी है। पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले अन्य स्टेकहोल्डर्स भी अपनी डिजिटल पहुंच और रचनात्मक सामग्री के माध्यम से झारखंड के पर्यटन स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध अनुभवों को देश-दुनिया के नए दर्शकों तक पहुंचाने में योगदान दिया है। वे रविवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राँची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे । कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत मंत्री श्री सुदिव्य कुमार को पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
*झारखंड पर्यटन के सहयोगियों का हुआ सम्मान*
समारोह के दौरान राज्य में पर्यटन को बेहतर अनुभव और व्यापक पहचान देने में योगदान कर रहे पर्यटक मित्रों, और अन्य स्टेकहोल्डर्स को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्री मुकेश कुमार ने कहा यह सम्मान उन सभी साझेदारों के योगदान को पहचान देने का प्रयास रहा, जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड को एक आकर्षक और यादगार पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
झारखंड पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में साझा प्रयास
पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस का यह आयोजन झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साझा संकल्प का प्रतीक बना है। पर्यटन विभाग द्वारा स्थानीय समुदायों, पर्यटक मित्रों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र और अन्य स्टेकहोल्डर्स की सहभागिता के माध्यम से राज्य में पर्यटन अनुभव को और बेहतर बनाने तथा झारखंड के पर्यटन स्थलों की पहुंच व्यापक करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रेम रंजन, प्रबंध निदेशक सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रांची। सेलिब्रेशन बैंक्विट हॉल में Kanke Talks द्वारा आयोजित “संवाद” कार्यक्रम में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों को विशेष सम्मान मिला। इस अवसर पर RKDF University, Ranchi के Pro Vice Chancellor डॉ. अमित कुमार पांडेय को प्रतिष्ठित KankeTalks Samwad Samman 2026 से सम्मानित किया गया।
डॉ. अमित कुमार पांडेय को यह सम्मान उच्च शिक्षा के माध्यम से झारखंड के युवाओं को सशक्त बनाने, मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने तथा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सकारात्मक पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया गया।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंच पर डॉ. अमित कुमार पांडेय को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री महेश पोद्दार, पद्म श्री से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री बलबीर दत्त तथा पद्म श्री से सम्मानित प्रसिद्ध नागपुरी लोक कलाकार एवं गायक श्री मुकुंद नायक सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
“प्रतिभा को पहचान, सम्मान और अवसर देना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी”
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा,
“राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर दिलाना केवल हमारा दायित्व ही नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। प्रतिभा को सही दिशा और उचित मंच मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। RKDF University, Ranchi विद्यार्थियों के हितों और उज्ज्वल भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, कौशल विकास, उचित मार्गदर्शन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
“आज की प्रतिभा ही कल का सशक्त झारखंड और मजबूत भारत बनाएगी”
डॉ. पांडेय ने कहा,
“RKDF University, Ranchi का संकल्प है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके कौशल, व्यक्तित्व और आत्मविश्वास का भी समग्र विकास हो। हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर अपने सपनों को साकार करें और झारखंड के विकास तथा देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”
उन्होंने आगे कहा,
“हमारा विश्वास है कि आज का प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल का सशक्त झारखंड और मजबूत भारत बनाएगा। हमारा संकल्प है—झारखंड की प्रतिभा को अवसर देना, युवाओं को सक्षम बनाना और उनके सपनों को उड़ान देना। विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके परिवार, समाज, झारखंड और देश की प्रगति की शक्ति बनेगी। विद्यार्थियों की सफलता ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि और हमारी प्रतिबद्धता की सबसे सशक्त पहचान होगी।”
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा “संवाद”
Kanke Talks का “संवाद” कार्यक्रम शिक्षा, सामाजिक सरोकार, युवा सशक्तिकरण और झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, युवाओं के लिए बेहतर अवसरों के निर्माण तथा झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
रांची/साहिबगंज । रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से अगवा किए गए चार वर्षीय बच्चे को रांची पुलिस ने करीब दो दिनों के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्चे की बरामदगी साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र से हुई है। पुलिस अब पूरे अपहरण नेटवर्क और इसके पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, 24 सितंबर की सुबह रांची रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर से चार वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। घटना के समय बच्चे की मां आसपास मौजूद नहीं थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोग बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की।
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले के उद्भेदन के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान के साथ-साथ मानवीय गुप्तचर तंत्र के माध्यम से लगातार सूचनाएं जुटाईं। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की।
धनबाद स्टेशन के पास से पहली गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर की रात मिले मुख्य सुराग के आधार पर धनबाद पुलिस के सहयोग से धनबाद रेलवे स्टेशन के आसपास छापेमारी की गई। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच में मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस को बच्चे के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद रांची पुलिस की टीम ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से तीनपहाड़ में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अपहृत चार वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्चे को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी
पुलिस ने बताया कि बरामद बच्चा सुरक्षित है। उसे उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चे के अपहरण की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सघन अनुसंधान कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई जिलों की पुलिस ने मिलकर चलाया अभियान
बच्चे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में धनबाद पुलिस, जामताड़ा पुलिस और साहिबगंज पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पुलिस महानिरीक्षक, संथाल परगना के स्तर से भी अभियान में विशेष सहयोग उपलब्ध कराया गया।
रांची पुलिस के अनुसार, देर रात और विषम परिस्थितियों में भी विभिन्न जिलों की पुलिस इकाइयों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आवश्यक सहयोग दिया। अलग-अलग जिलों के बीच बेहतर समन्वय के कारण पुलिस को मामले में तेजी से सुराग मिले और अपहृत बच्चे तक पहुंचने में सफलता मिली।
रांची पुलिस ने अभियान में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।
रांची : JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित अंकित सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने कार्रवाई करते हुए तीन प्राथमिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार (पिता—सीताराम प्रसाद), निवासी नंदुडीह, थाना सतगावां, जिला कोडरमा, संजय कुमार (पिता—मनोज साव), निवासी पिहरा, थाना गांवा, जिला गिरिडीह तथा रामाकृष्णा कुमार सिंह (पिता—अजय कुमार सिंह), निवासी कटारियाटांड़, थाना धनवार, जिला गिरिडीह शामिल हैं।
सीआईडी के अनुसार, तीनों आरोपियों ने JSSC-CGL परीक्षा में अनुचित लाभ प्राप्त किया था। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की सीएसआर पहल “नन्हा सा दिल” के अंतर्गत 300 सफल जन्मजात ह्रदय रोग (Congenital Heart Disease) सर्जरी पूरी होने के अवसर पर सीसीएल मुख्यालय स्थित स्पंदन सभागार में सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने लाभान्वित बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की एवं उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
सीसीएल, इस पहल के जरिए फरवरी 2027 तक कुल 500 बच्चों के जन्मजात ह्रदय रोग की सर्जरी करा उन्हें, नया जीवन देने का लक्ष्य है। ज्ञात हो कि सर्जरी के पूर्व झारखंड के विभिन्न जिलों में उपरोक्त रोग से पीड़ित बच्चों की स्क्रीनिंग, प्राथमिक उपचार, इसके उपरांत प्रभावित बच्चों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उनके परिजनों के साथ भेजकर, उनका पूर्णत: निशुल्क इलाज कराना एवं सर्जरी के बाद होने वाले देखभाल का पूरा जिम्मा सीसीएल के द्वारा ही किया जाता है।
इस दौरान पीड़ित बच्चों के परिजनों ने सीसीएल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब उन्होंने अपने बच्चों के जीवित रहने की उम्मीद तक छोड़ दी थी, लेकिन सीसीएल की “नन्हा सा दिल” पहल ने न केवल उनके बच्चों को नया जीवन दिया, बल्कि पूरे परिवार को भी उम्मीद और खुशी के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से उनके बच्चों को स्वस्थ जीवन की नई राह मिली है, जिसके लिए वे सीसीएल के सदैव आभारी रहेंगे।
इस अवसर पर सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह के साथ निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी तथा निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा भी उपस्थित रहे। सभी ने लाभार्थी बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान 1 वर्ष से 11 वर्ष की आयु के पांच लाभार्थी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सफल उपचार और स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत के लिए “Gift of Life Certificates” प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि आज हमारे लिए यह सिर्फ 300 सर्जरी पूरी होने का दिवस नहीं है, बल्कि यह 300 नन्हे दिलों की धड़कनों में नई उम्मीद जुड़ने का दिन है। इन बच्चों की मुस्कान और उनके माता-पिता की आंखों में दिख रही खुशी हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। जब किसी बच्चे को स्वस्थ जीवन का अवसर मिलता है, तो उसके साथ पूरे परिवार के सपनों को भी एक नई जिंदगी मिलती है। पीड़ित बच्चों के माता-पिता की तारीफ करते हुए कहा कि सीसीएल अपने आप को भी इस पहल के संचालन के लिए सौभाग्यशाली मानता है।
सीसीएल अपने सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूत कर रहा है। कंपनी द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न CSR पहलों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। ‘नन्हा सा दिल’ इसी मानवीय सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
सिल्ली / मुरी। ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत आरपीएफ पोस्ट मुरी और फ्लाइंग टीम रांची ने संयुक्त जांच अभियान चलाकर मुरी रेलवे स्टेशन से बड़ी मात्रा में शराब बरामद की। कार्रवाई 25 सितंबर को ट्रेन संख्या 18626 हटिया–पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस के मुरी स्टेशन पहुंचने के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक पर की गई।आरपीएफ के अनुसार, करीब 7:20 बजे जांच के दौरान तीन युवकों को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। पूछताछ एवं सामान की तलाशी में उनके पास से 750 मिलीलीटर की कुल 39 बोतल शराब बरामद हुई। इसमें सिग्नेचर प्रीमियर ग्रेन व्हिस्की की 31 बोतल तथा ब्लैक डॉग ब्लेंडेड स्कॉच व्हिस्की की आठ बोतल शामिल हैं।बरामद शराब की कुल मात्रा 29.25 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 49,220 रुपये है। पकड़े गए युवकों की पहचान फैजान आलम (22 वर्ष), गोलू कुमार (19 वर्ष) और नीतीश (19 वर्ष) के रूप में हुई।आरपीएफ के मुताबिक, तीनों के पास शराब ले जाने से संबंधित कोई वैध अनुमति या प्राधिकार नहीं था। पूछताछ में शराब को अधिक कीमत पर बिक्री के उद्देश्य से बिहार ले जाने की जानकारी सामने आई।कार्रवाई के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों व्यक्तियों और जब्त शराब को अग्रेतर कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग, रांची को सौंप दिया गया। कार्रवाई पोस्ट कमांडर संजीव कुमार के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में की गई।
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की 40वीं जोनल खान बचाव प्रतियोगिता-2026 का चार दिवसीय आयोजन शुक्रवार को सीसीएल मुख्यालय, रांची स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह, खान सुरक्षा निदेशालय के उप-महानिदेशक (दक्षिण-पूर्व) डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद, उप-महानिदेशक (मध्य) मनीष चंद्र जायसवाल सहित कंपनी के निदेशकगण एवं अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय, सीसीएल, राजेंद्र नगर, रांची के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत के साथ नृत्य और नाटक की प्रस्तुति दी। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में निर्णायक की भूमिका निभाने वाले निर्णायकगण तथा अधिकारियों का स्वागत महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) विनोद कुमार ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद ने सीसीएल की खान बचाव टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बचाव सेवाओं को और प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने आगामी अखिल भारतीय खान बचाव प्रतियोगिता-2026 के आयोजन को लेकर भी आवश्यक सुझाव दिए।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने प्रतिभागियों के समर्पण, मेहनत और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि खान बचाव कर्मियों का साहस, समर्पण और तत्परता खनन उद्योग की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
बरका-सयाल टीम बनी ओवरऑल चैंपियन
प्रतियोगिता में बरका-सयाल क्षेत्र की टीम ने Overall Champion का खिताब हासिल किया। टीम ने Rescue & Recovery तथा Relay Race में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
वहीं आम्रपाली एवं चंद्रगुप्त क्षेत्र की टीम Overall में दूसरे स्थान पर रही। टीम ने Rescue & Recovery में तीसरा, जबकि First Aid Practical और Statutory में दूसरा स्थान हासिल किया।
अरगड़ा क्षेत्र की टीम Overall में तीसरे स्थान पर रही और उसने Online Theory Examination में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
व्यक्तिगत श्रेणी में भी प्रतिभागियों का शानदार प्रदर्शन
व्यक्तिगत श्रेणी में आम्रपाली एवं चंद्रगुप्त टीम के नदीम रहमान आलम को Overall Best Captain तथा अरगड़ा टीम के सच्चिदानंद कुमार को Second Best Captain का पुरस्कार मिला।
इसी तरह कुजू टीम के हितेश झा को Best Member और बरका-सयाल टीम के मनीष कुमार सिंह को Second Best Member के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
चार दिवसीय प्रतियोगिता में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों की खान बचाव टीमों ने तकनीकी एवं व्यावहारिक स्पर्धाओं में अपने कौशल, साहस, त्वरित निर्णय क्षमता, टीम भावना और बचाव कार्यों में दक्षता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने खान बचावकर्मियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समन्वित बचाव कार्यों की तैयारियों को भी मजबूत किया।
समापन समारोह में अधीक्षक, खान बचाव केंद्र, रामगढ़ अमरेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अतिथियों, निर्णायकगण, प्रतिभागियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी के साथ सीसीएल की 40वीं जोनल खान बचाव प्रतियोगिता-2026 का सफल समापन हुआ।
रांची। झारखंड पुलिस द्वारा गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी तथा उन्हें उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। CEIR पोर्टल के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
प्राप्त निर्देश के आलोक में आज दिनांक 25.09.2026 को राज्य के सभी जिलों में कुल 1,114 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराए गए।
मोबाइल फोन वापस मिलने से आम नागरिकों के चेहरे पर खुशी एवं संतोष की मुस्कान देखने को मिली। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान की भरपाई में सहायता मिली है तथा झारखंड पुलिस के प्रति उनका विश्वास और भरोसा भी और मजबूत हुआ है।
जिला-वार विवरण
क्रमांकजिलामोबाइल फोन
1राँची47
2गुमला31
3लोहरदगा09
4खूँटी28
5सिमडेगा63
6जमशेदपुर22
7चाईबासा26
8सरायकेला103
9पलामू97
10गढ़वा38
11लातेहार20
12बोकारो60
13धनबाद22
14हजारीबाग39
15कोडरमा177
16गिरिडीह105
17चतरा14
18रामगढ़61
19दुमका15
20देवघर09
21जामताड़ा17
22गोड्डा21
23पाकुड़36
24साहेबगंज54
कुल1,114
CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन की बरामदगी एवं उन्हें वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने की पहल से आम नागरिकों को अपने गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन पुनः प्राप्त करने में काफी सहायता मिल रही है।
झारखंड पुलिस द्वारा इस अभियान को आगे भी प्रभावी रूप से जारी रखते हुए अधिक से अधिक गुम अथवा खोए हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
मालदा। ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ के तहत के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा स्टेशनों एवं रेलवे परिसरों में स्वच्छता तथा यात्री जागरूकता संबंधी गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं।
अभियान के तहत स्पोर्ट्स फॉर स्वच्छता से (ports for Swachhata’) के अंतर्गत कालिंद्री भवन, मालदा में बॉक्स क्रिकेट का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से स्वच्छता, फिटनेस और सतत् जीवनशैली का संदेश दिया गया। खेल आयोजन के उपरांत प्रतिभागियों तथा पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन (ENHM) विभाग द्वारा कार्यक्रम उपरांत स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान कचरे का उचित संग्रहण एवं निपटान सुनिश्चित करते हुए जीरो-वेस्ट स्पोर्टिंग इवेंट (Zero-Waste Sporting Event) की अवधारणा को सुदृढ़ किया गया।
मालदा टाउन, मंदार हिल, भागलपुर, जमालपुर, साहिबगंज तथा अन्य स्टेशनों पर यात्री जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को स्वच्छता बनाए रखने, कचरे के उचित निपटान, चार-बिन कचरा पृथक्करण तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक से परहेज करने के महत्व के बारे में जागरूक किया। जिम्मेदार कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छ रेलवे परिसरों को बढ़ावा देने के लिए यात्रियों के बीच पर्चे भी वितरित किए गए।
अभियान के तहत मालदा टाउन, भागलपुर, जमालपुर और पीरपैंती स्टेशनों पर मशीनीकृत सफाई भी की गई, जिससे स्टेशन परिसरों में स्वच्छता एवं साफ-सफाई सुनिश्चित की जा सके। मशीनीकृत सफाई गतिविधियों का उद्देश्य स्वच्छता मानकों को बनाए रखना तथा यात्रियों के लिए अधिक स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण उपलब्ध कराना रहा।
इन निरंतर जागरूकता एवं स्वच्छता संबंधी पहलों के माध्यम से मालदा मंडल जिम्मेदार कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने, एकल-उपयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने तथा यात्रियों एवं रेलवे कर्मचारियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं अधिक स्वास्थ्यकर रेलवे वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में देर रात एक भीषण सड़क हादसे की दर्दनाक खबर सामने आई जहां राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसा सोनारी थाना क्षेत्र के दोमुहानी मरीन ड्राइव के पास हुआ।
खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीन ड्राइव के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में एक तेज रफ्तार कार पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई।
हालांकि, दुर्घटना के कारणों को लेकर पुलिस की जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी में कार की तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया जा रहा है।
गैस कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें फंसे शवों को निकालने में काफी मुश्किल हुई।
इसके बाद गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीएम हेमंत सोरेन ने जताया शोक
हादसे की खबर सामने आने के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हादसे में मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी और अन्य लोगों की मौत पर दुख जताया।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि जमशेदपुर में हुए सड़क हादसे में राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी समेत अन्य लोगों के निधन की खबर बेहद दुखद और हृदयविदारक है।
उन्होंने दिवंगतों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से उन्हें इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के सतर्कता विभाग के तत्वावधान में “GeM – नई सुविधाएँ एवं कार्यप्रणाली” विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को Government e-Marketplace (GeM) की नवीनतम सुविधाओं, प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए खरीद संबंधी कार्यों में दक्षता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना), श्री अनूप हंजूरा, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार, महाप्रबंधक (MM) श्री राज किशोर एवं महाप्रबंधक (HRD) श्री एम.एफ. हक की गरिमामयी उपस्थिति रही।
GeM के निदेशक एवं नोडल अधिकारी, दिल्ली, श्री सूरज शर्मा तथा झारखंड स्थित उनकी टीम द्वारा प्रतिभागियों को GeM पोर्टल की नवीनतम सुविधाओं एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। सत्र के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करते हुए सर्वोत्तम उपलब्ध मूल्य (L1) पर खरीद प्रक्रिया को प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से संपादित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में कुल 74 प्रतिभागियों ने भाग लिया। संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों ने GeM से जुड़े नवीनतम प्रावधानों एवं विकासों को समझा तथा खरीद संबंधी कार्यों में अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम सीसीएल में पारदर्शी, दक्ष एवं प्रभावी खरीद प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
रामगढ़ स्थित सीसीएल के खान बचाव केंद्र, नईसराय में आयोजित चार दिवसीय 40वीं क्षेत्रीय खान बचाव प्रतियोगिता-2026 के तीसरे दिन विभिन्न बचाव एवं तकनीकी स्पर्धाओं का आयोजन उत्साह, अनुशासन और पेशेवर दक्षता के साथ किया गया। लगातार बारिश के बावजूद प्रतिभागी टीमों के उत्साह एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना में कोई कमी नहीं आई। प्रतिकूल मौसम के बीच भी रेस्क्यू टीमों ने पूरे जोश, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।
तीसरे दिन आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी टीमों ने रेस्क्यू एवं रिकवरी, फर्स्ट एड तथा स्टैच्यूटरी टेस्ट सहित विभिन्न व्यावहारिक एवं तकनीकी स्पर्धाओं में भाग लिया। इन स्पर्धाओं के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, टीमवर्क, तकनीकी दक्षता तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप बचाव कार्य करने की क्षमता का परीक्षण किया गया।
विभिन्न स्पर्धाओं के दौरान प्रतिभागियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित प्रक्रियाओं एवं सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपनी पेशेवर क्षमता का परिचय दिया। विशेष रूप से रेस्क्यू एवं रिकवरी से जुड़ी गतिविधियों में टीमों के बीच बेहतर समन्वय, तत्परता और तकनीकी कौशल देखने को मिला।
प्रतियोगिता को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए निदेशालय खान सुरक्षा (DGMS) तथा सीसीएल के विशेषज्ञ अधिकारियों को शामिल करते हुए गठित निर्णायक मंडल द्वारा विभिन्न स्पर्धाओं का निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया जा रहा है। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के प्रदर्शन का निर्धारित मानकों एवं प्रक्रियाओं के आधार पर आकलन किया जा रहा है।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का उद्देश्य भूमिगत खदानों में संभावित दुर्घटनाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान रेस्क्यू टीमों की तत्परता, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क, निर्णय क्षमता एवं व्यावसायिक कौशल को परखना तथा उन्हें निरंतर सुदृढ़ करना है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं रेस्क्यू कर्मियों को वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ सुरक्षा के प्रति जागरूकता और पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रतियोगिता में सीसीएल के 11 क्षेत्रों—बरका-सयाल, बीएंडके, अरगड्डा, कुजू, हजारीबाग, ढोरी, कथारा, मगध-संघमित्रा, एन.के., आम्रपाली-चंद्रगुप्त एवं पिपरवार—के साथ-साथ एनसीएल एवं जेएमएस (चूरी) की टीमें भी पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ भाग ले रही हैं।
लगातार बारिश के बीच प्रतिभागी टीमों ने जिस ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, वह उनके पेशेवर समर्पण को दर्शाता है। प्रतिकूल मौसम भी रेस्क्यू टीमों के हौसले को प्रभावित नहीं कर सका और उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी दक्षता एवं टीम भावना का प्रभावी प्रदर्शन जारी रखा।
प्रतियोगिता के अंतिम दिन 24 सितंबर 2026 को विभिन्न गतिविधियों के उपरांत चार दिवसीय प्रतियोगिता का समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल में 16 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक राजभाषा पखवाड़ा–2026 मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज, दिनांक 21.09.2026 को मंडल रेल प्रबंधक, मालदा के हिंदी दिवस संदेश का विमोचन मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित मंदार सभाकक्ष में मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। मंडल रेल प्रबंधक ने राजभाषा विभाग की ई-पत्रिका ‘बढ़ते कदम’ के हिंदी दिवस विशेषांक का नेट एक्टिवेशन भी किया।
मालदा मंडल राजभाषा विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया जाता है। हिंदी भाषा के महत्व, राजभाषा के रूप में इसके प्रयोग तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
इस अवसर पर हिंदी साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार एवं सुप्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। *कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक, मालदा मनीष कुमार गुप्ता द्वारा रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित शाखा अधिकारियों ने भी दिनकर जी के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उनके साहित्यिक योगदान तथा हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के दौरान बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र, मालदा के अनुदेशक श्री पवन कुमार पोद्दार द्वारा रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की प्रसिद्ध रचना ‘उर्वशी’ पर विश्लेषणात्मक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
इसी अवसर पर मालदा मंडल की राजभाषा ई-पत्रिका ‘बढ़ते कदम’ के हिंदी दिवस विशेषांक का औपचारिक विमोचन मंडल रेल प्रबंधक, मालदा श्री मनीष कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। ई-पत्रिका में हिंदी भाषा, साहित्य एवं राजभाषा से संबंधित रचनाओं एवं सामग्री को स्थान दिया गया है। इस अवसर पर हिंदी में रचनात्मक एवं कार्यालयीन कार्यों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया।*
कार्यक्रम के दौरान “सोशल मीडिया और हिंदी : जनसंवाद का नया माध्यम” विषय पर हिंदी संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदी के बढ़ते प्रयोग तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए जनसंवाद को अधिक प्रभावी बनाने में हिंदी की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। विषय पर वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक श्री प्रवीण कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री कार्तिक सिंह तथा वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री निलेश कुमार गौरव ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मालदा मंडल के विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार, साहित्यिक अभिरुचि तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
मालदा मंडल द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण तथा कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए राजभाषा पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मालदा । पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ERWWO), मालदा द्वारा शिशु बिहार इंग्लिश अकादमी, मालदा में स्कूली विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन ERWWO/मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को उनकी आयु के आधार पर समूह-I, समूह-II एवं समूह-III में विभाजित किया गया, ताकि विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उपयुक्त मंच मिल सके।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को कागज पर रंगों के माध्यम से उकेरा। बच्चों ने विभिन्न विषयों एवं कल्पनाओं को आकर्षक रंगों और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता स्थल पर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। बच्चे पूरे मनोयोग से चित्र बनाने में जुटे रहे और अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर ERWWO/मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता के साथ ERWWO की अन्य सदस्याएं भी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनकी रचनात्मक गतिविधियों में रुचि दिखाई। ERWWO की सदस्याओं ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कला एवं रचनात्मक गतिविधियों के महत्व पर भी जोर दिया।
आगे मनीषा गुप्ता ने विद्यार्थियों के उत्साहपूर्ण सहभागिता और रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रतियोगिता के समापन के बाद मनीषा गुप्ता एवं ERWWO की अन्य सदस्याओं द्वारा प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को खाद्य पैकेट एवं उपहार प्रदान किए गए। उपहार प्राप्त कर बच्चों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए ERWWO के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के वातावरण में बच्चों की रचनात्मक ऊर्जा और उत्साह साफ दिखाई दिया। विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपनी कला के माध्यम से अपनी भावनाओं एवं कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया।
ERWWO, मालदा द्वारा आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें कला एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण एवं खुशनुमा वातावरण में हुआ। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया और कार्यक्रम का आनंद उठाया। ERWWO/मालदा की इस पहल की उपस्थिति लोगों ने सराहना की तथा विद्यार्थियों के बीच कला एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने के प्रयास को महत्वपूर्ण बताया।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के अरगड़ा क्षेत्र द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत स्थानीय समुदाय के लिए विभिन्न विकासात्मक एवं जनोपयोगी परियोजनाओं की शुरुआत की गई। इस क्रम में हेसलोंग में सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास तथा विभिन्न स्थानों पर ओपन जिम सुविधाओं का उद्घाटन किया गया।
मुख्य बिंदु :
-हेसलोंग में सामुदायिक भवन का शिलान्यास- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री मनीष जायसवाल एवं मांडू विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने संयुक्त रूप से सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।
-ओपन जिम सुविधाओं का लोकार्पण, स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गिद्दी ‘सी’, गिद्दी ‘ए’ तथा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप स्थित सामुदायिक पार्क में ओपन जिम सुविधाओं का उद्घाटन किया गया।
सीसीएल अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सीसीएल अरगड़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री सत्यजीत कुमार, स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन) श्री राजीव कुमार, स्टाफ अधिकारी (असैनिक) श्री नासिर तौहीद सहित सीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, ओपन जिम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को नियमित व्यायाम एवं स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
सीसीएल अरगड़ा क्षेत्र की ये पहल स्थानीय समुदाय के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार और स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सीसीएल अपने परिचालन क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ समुदाय के समग्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कोलकाता। गुरुवार को गीतिका पाण्डेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे ने हावड़ा स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम में ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता तथा जनभागीदारी के प्रति पूर्व रेलवे की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के दौरान सुश्री पाण्डेय ने सफाई मित्रों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट वितरित किए। इस पहल के माध्यम से रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वच्छता कर्मियों की व्यावसायिक सुरक्षा, गरिमा एवं कल्याण के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में शीलेन्द्र प्रताप सिंह, अपर महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे; परमानंद शर्मा, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर; अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष; हावड़ा मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक तथा विभिन्न विभागों और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय रेल द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है, जो स्वच्छ एवं विकसित भारत के निर्माण में सामूहिक भागीदारी और साझा जिम्मेदारी पर बल देती है।
अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों का रूपांतरण तथा अधिक आवागमन वाले सार्वजनिक स्थलों की सफाई; ‘स्वच्छ पाठशाला – युवा फॉर स्वच्छता’ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं की भागीदारी; ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविरों’ के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी पहल; व्यापक जनभागीदारी; चार-तरफा स्रोत पृथक्करण एवं जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना; तथा ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ और अन्य सर्कुलर इकोनॉमी पहलों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
सफाई मित्रों एवं स्वच्छता कर्मियों के लिए निवारक स्वास्थ्य जांच, पात्र कर्मियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, पीपीई एवं सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, उनके योगदान को सम्मानित करने तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
हावड़ा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ई-कचरा प्रबंधन विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों तथा अन्य हितधारकों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अनुचित निपटान से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति जागरूक करना था। नाटक के माध्यम से ई-कचरे के पृथक्करण, जिम्मेदार संग्रहण तथा पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इसके वैज्ञानिक निपटान के महत्व को रेखांकित किया गया।
पूर्व रेलवे में विभिन्न समन्वित अभियानों के माध्यम से स्वच्छता संबंधी गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का आयोजन 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक, जबकि विशेष अभियान 6.0 का आयोजन 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक किया जाएगा। इन अभियानों के दौरान निरंतर स्वच्छता एवं सैनिटेशन, अपशिष्ट प्रबंधन, रेलवे परिसरों में सुधार, ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निपटान तथा स्वच्छता संबंधी कार्यप्रणालियों को संस्थागत रूप देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री गीतिका पाण्डेय, महाप्रबंधक, पूर्व रेलवे ने रेलवे कर्मचारियों, यात्रियों एवं सभी हितधारकों से स्वेच्छा से स्वच्छता अभियान में भाग लेने और ‘स्वच्छता’ को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे निरंतर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों एवं यात्रियों से स्टेशनों, ट्रेनों तथा अन्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को सक्रिय रूप से अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र एक हरित, स्वस्थ और सतत भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।
यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी स्वच्छता आंदोलन का आह्वान 15 अगस्त, 2014 को लाल किले की प्राचीर से किया गया था, जिसके पश्चात 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ हुआ। तब से स्वच्छता संबंधी पहलों में जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर लगातार अधिक जोर दिया गया है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा, “स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि साझा और निरंतर जिम्मेदारी है। पूर्व रेलवे रेलवे कर्मचारियों, सफाई मित्रों, यात्रियों और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रेलवे परिसरों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी से अपील करते हैं कि स्वच्छता बनाए रखने, उचित अपशिष्ट पृथक्करण का पालन करने और पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाकर इस सामूहिक प्रयास में सहयोग करें। प्रत्येक जिम्मेदार कदम एक स्वच्छ रेलवे और अधिक सतत भविष्य की दिशा में योगदान देता है।”
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने गुरुवार से राष्ट्रव्यापी अभियान स्वच्छता ही सेवा–2026 के अंतर्गत स्वच्छता एवं यात्री जागरूकता संबंधी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। यह अभियान 17 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में “स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है।
मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम की शुरुआत मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक/मालदा द्वारा स्वच्छता शपथ दिलाने के साथ हुई। इस अवसर पर श्री अमरेंद्र कुमार मौर्य, अपर मंडल रेल प्रबंधक/मालदा, शाखा अधिकारी, रेलवे कर्मचारी, हाउसकीपिंग कर्मचारी, स्काउट्स एवं गाइड्स तथा स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय श्री प्रदीप दास, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन), मालदा द्वारा किया गया।
अभियान के तहत भागलपुर, जमालपुर, नाथनगर, पीरपैंती, सुल्तानगंज, अकबरनगर, साहिबगंज, हंसडीहा, बांका और गोड्डा सहित प्रमुख स्टेशनों तथा जमालपुर लोको शेड और मालदा मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी स्वच्छता शपथ दिलाई गई। इसमें रेलवे कर्मचारियों एवं विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
जनभागीदारी एवं जागरूकता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा नुक्कड़ नाटक आयोजित किया गया। इन संवादात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। स्काउट्स एवं गाइड्स टीम ने स्टेशन परिसर के साथ-साथ ट्रेनों में यात्रियों से संवाद कर स्वच्छता, कचरे के उचित निस्तारण तथा स्वच्छ रेलवे परिवेश बनाए रखने के संबंध में जागरूक किया।
अभियान के तहत यात्रियों के बीच 4-बिन कचरा पृथक्करण प्रणाली* के संबंध में जागरूकता पैदा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मालदा टाउन सहित मंडल के अन्य स्टेशनों पर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से यात्रियों को कचरे को स्रोत पर ही उचित रूप से अलग-अलग करने एवं निर्धारित डिब्बों में डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने 4-बिन कचरा पृथक्करण प्रणाली के उचित उपयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान केंद्रित स्वच्छता गतिविधियों के लिए मालदा मंडल में कुल 1,000 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की पहचान की गई है।*
मालदा मंडल स्वच्छता संबंधी पहलों में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा यात्रियों एवं आम जनता के बीच स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत रेलवे परिसरों को बनाए रखने के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
धनबाद/गिरिडीह: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), धनबाद ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए मधुबन थाना प्रभारी के सहयोगी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 16 सितंबर 2026 को गिरिडीह जिले के मधुबन थाना में की गई।
एसीबी के अनुसार, परिवादी की स्कॉर्पियो वाहन संख्या JH15K4933 19 जुलाई 2026 को चैनपुर, मधुबन थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में किसी की जानमाल की क्षति नहीं हुई थी। वाहन के बीमा क्लेम के लिए परिवादी ने थाना में लिखित सनहा दर्ज कराने का अनुरोध किया था।
आरोप है कि इस काम के लिए थाना प्रभारी दिपेश कुमार द्वारा परिवादी से 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। परिवादी ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने पर एसीबी ने कांड संख्या 03/2026, दिनांक 15.09.2026 दर्ज किया और धावादल गठित कर कार्रवाई की। एसीबी की टीम ने थाना प्रभारी के निर्देश पर कथित तौर पर रिश्वत की राशि लेते अप्राथमिकी अभियुक्त विक्रम कुमार चौधरी को पकड़ लिया।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामलों में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। CID की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, JPSC प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़े कांड संख्या 16/2026 में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक रोशन (29 वर्ष), पिता संजय कुमार सिंह, निवासी सुंदर नगर गार्डन मानगो, थाना उलीडीह, जिला जमशेदपुर तथा पंकज प्रसून (32 वर्ष), पिता अनिल कुमार सिंह, निवासी शिव भवन, कमलाकांत रोड, थाना सुखदेवनगर, जिला रांची के रूप में बताई गई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
CID के मुताबिक, इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी “शिवांगन की पाठशाला, लालपुर” के कोचिंग संचालक संजित कुमार पर परीक्षाओं में अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। जांच के क्रम में अब दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
वहीं, JSSC-CGL प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित CID थाना कांड संख्या 01/2025 में भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें राजेश प्रसाद यादव, पिता जगदीश यादव, निवासी गोलवाढ़ाब, थाना डोमचांच, जिला कोडरमा और संदीप कुमार, पिता रामदेव सिंह, निवासी पूर्णा नगर, थाना कोडरमा, जिला कोडरमा शामिल हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन दोनों आरोपियों पर JSSC-CGL के कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में स्वच्छता को लेकर व्यापक अभियान की शुरुआत की गई है। स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत मंगलवार को सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची समेत कंपनी के सभी कोयला क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कंपनी के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यस्थल के साथ-साथ स्वच्छ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
सीसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (CCMC) श्री वी.के. शुक्ला ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान सभी ने स्वच्छता को केवल कार्यालय अथवा कार्यस्थल तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे अपने घर, गांव, मोहल्ले और पूरे समाज तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक और प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने का संकल्प लिया।
100 लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प
स्वच्छता शपथ के दौरान सीसीएल कर्मियों ने अपने आसपास, गांव, मोहल्ले और कार्यस्थल को साफ-सुथरा रखने के साथ ही कम से कम 100 अन्य लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही लोगों को प्रत्येक वर्ष 100 घंटे स्वच्छता के लिए समर्पित करने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई।
कंपनी की ओर से माना जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों से स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और इसका सकारात्मक प्रभाव कार्यस्थल से निकलकर समाज के व्यापक स्तर तक पहुंचेगा।
तीन चरणों में चलेगा स्पेशल कैंपेन 6.0
स्पेशल कैंपेन 6.0 को इस वर्ष निर्धारित चरणों में संचालित किया जाएगा। अभियान का प्रिपरेटरी फेज 16 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस चरण में अभियान से जुड़ी तैयारियों, गतिविधियों और आवश्यक कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान का मुख्य इंप्लीमेंटेशन फेज 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस दौरान सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों में स्वच्छता से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें कार्यस्थलों की साफ-सफाई, स्वच्छ वातावरण का निर्माण, लंबित मामलों का निस्तारण तथा कार्यालयों में स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वच्छता को कार्यसंस्कृति से जोड़ने पर जोर
स्पेशल कैंपेन 6.0 के माध्यम से सीसीएल का उद्देश्य स्वच्छता को महज एक निर्धारित अवधि तक चलने वाला अभियान नहीं, बल्कि नियमित कार्यप्रणाली और व्यवहार का हिस्सा बनाना है। कार्यक्रम में कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को लगातार बनाए रखा जाएगा।
सीसीएल परिवार ने स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर कार्य वातावरण को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे कंपनी की कार्यसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी से मुख्यालय से लेकर कोयला क्षेत्रों तक अभियान को व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
हजारीबाग/चतरा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम ने मंगलवार को चतरा जिले में कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को 15,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तुलसी यादव (46 वर्ष), पिता झमन यादव, ग्राम न्याखाप, प्रखंड एवं थाना गिद्धौर, जिला चतरा ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी अंगी देवी के नाम से ग्राम असडीया में स्थित 20 डिसमिल जमीन (खाता संख्या-20, प्लॉट संख्या-459) के म्यूटेशन के लिए राजस्व कर्मचारी सतीश सिन्हा द्वारा 35,000 रु रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत के आधार पर ACB द्वारा तकनीकी माध्यम से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पहली किस्त के रूप में 15,000 रु रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद हजारीबाग ACB थाना कांड संख्या 09/2026, दिनांक 14 सितंबर 2026, दर्ज किया गया।
मंगलवार 15 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी एवं दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की। इस दौरान प्राथमिक अभियुक्त सतीश प्रसाद (57 वर्ष), पिता स्वर्गीय सुरेश प्रसाद, ग्राम गुली, पोस्ट पितीज, थाना इटखोरी, जिला चतरा को शिकायतकर्ता तुलसी यादव से 15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया.गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रांची। झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ (JESA) की ओर से रांची में 59वें इंजीनियर्स डे एवं भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुईं।
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उनके कार्य, दूरदृष्टि और तकनीकी दक्षता के कारण आज भी उन्हें पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर किसी भी राज्य के विकास की आधारशिला होते हैं। झारखंड में ऐसी संरचनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए, जो जनता के लिए उपयोगी, मजबूत और टिकाऊ हों। निर्माण कार्य इस सोच और मजबूती के साथ किए जाने चाहिए कि उनकी चर्चा 100 वर्ष बाद भी हो।
मंत्री ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अपेक्षाकृत सुरक्षित राज्य है। ऐसे में यहां निर्मित होने वाली संरचनाओं में गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अभियंताओं से अनुशासन, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, डीपीआर (DPR) में बार-बार संशोधन की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए योजना निर्माण के स्तर पर ही तकनीकी पहलुओं का गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ द्वारा रखी गई मांगें जायज हैं। चाहे वह वाहनों की आवश्यकता का विषय हो अथवा तकनीकी प्रशिक्षण से संबंधित मांग, सरकार के स्तर पर इनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अभियंताओं में क्षमता और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी तकनीकी दक्षता और अनुभव का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में ऐसी विशिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण किया जाए, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो और जिन्हें देखने के लिए देशभर से लोग झारखंड आएं।
मंत्री ने कहा कि मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की कार्य संस्कृति, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और राष्ट्र निर्माण की भावना से प्रेरणा लेकर झारखंड के विकास को नई दिशा दी जा सकती है। समारोह के दौरान इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री हफ़िज़ुल हसन, विभागीय सचिव, झारखंड अभियंत्रण सेवा संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अभियंता एवं तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे।
साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित स्कूल दो दिन रहेंगे बंद
साहिबगंज। जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। गंगा नदी के किनारे स्थित और बाढ़ से प्रभावित सरकारी एवं निजी विद्यालयों को 9 और 10 सितंबर 2026 को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, साहिबगंज की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय जल आयोग, निचली गंगा मंडल-2, पटना की रिपोर्ट के अनुसार साहिबगंज जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.25 मीटर ऊपर बह रहा है। वहीं 9 सितंबर की सुबह 6 बजे तक जलस्तर में करीब 13 सेंटीमीटर और वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा नदी के किनारे स्थित उन विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है, जो बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
प्रधानाध्यापकों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश
जारी आदेश में सभी बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
साथ ही आदेश की प्रतिलिपि संबंधित शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं उप विकास आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद करने का यह फैसला प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
साहिबगंज। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और जिले में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
इसी क्रम में साहिबगंज के अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आईन्द एवं अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने बाढ़ प्रभावित बड़ा रामपुर दियारा, टोपरा दियारा, रामनगर दियारा एवं बलुआटोली दियारा का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा जरूरतमंद परिवारों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया।
इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ की चुनौतीपूर्ण स्थिति में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप राहत सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्थिति का आकलन करने और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
वहीं, प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू ने भी संबंधित कर्मियों को प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से भ्रमण कर स्थिति की जानकारी लेने तथा जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में साहिबगंज जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
???? 9006963963, 9631155933, 9065370630
☎️ 06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे थे कुछ लोग, मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप; सूचना मिलते ही रांची पुलिस ने शहर में चलाया सघन एंटी क्राइम चेकिंग अभियान
रांची। राजधानी रांची में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने से चतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से मारपीट कर जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण करने का प्रयास करने की सूचना पुलिस को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस तत्काल हरकत में आ गई और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय कर दिया गया।
पुलिस को 7 सितंबर 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति काले रंग की स्कॉर्पियो से एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के सामने पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने विधायक के बेटे सौरभ के साथ मारपीट की और इसके बाद उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गए।
सूचना मिलते ही शहर में शुरू हुई नाकेबंदी
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने बिना समय गंवाए शहर के विभिन्न हिस्सों में एंटी क्राइम चेकिंग शुरू कर दी। प्रमुख मार्गों और संभावित रास्तों पर पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गईं। विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ स्थानीय विधानसभा थाना की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सकुशल बरामद हुए सौरभ
रांची पुलिस के अनुसार, मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अत्यल्प समय में विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया।
सौरभ के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि, उन्हें किन लोगों ने जबरन गाड़ी में बैठाया, घटना के पीछे क्या कारण था और मारपीट क्यों की गई—इन सवालों का जवाब पुलिस की आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आरोपियों की तलाश और पूछताछ पर नजर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले संभावित सुरागों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
काले रंग की स्कॉर्पियो से पहुंचे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि सौरभ को कहां ले जाया गया था और इस पूरी घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
त्वरित पुलिस कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
राजधानी में विधायक के बेटे को कथित रूप से जबरन ले जाने की सूचना ने पुलिस महकमे में भी तत्काल सक्रियता बढ़ा दी। सूचना मिलते ही शहर में चेकिंग अभियान शुरू करना और बेहद कम समय में सौरभ को सकुशल बरामद कर लेना रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह घटना वास्तव में अपहरण थी या इसके पीछे कोई अन्य विवाद अथवा कारण था। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और विधि-सम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
पटवर टोला में 56 वर्षीय जीछु राम की डूबने से मौत, कृष्ण प्रसाद दियारा में कंचन कुमारी की तलाश जारी; आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी पर ग्रामीणों में आक्रोश
साहिबगंज। जिले में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार विकराल होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अब शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे में बाढ़ के पानी में डूबने की दो घटनाओं ने इलाके में दहशत पैदा कर दी है। एक घटना में 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में छह वर्षीय बच्ची लापता है।
पटवर टोला में 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत
सदर प्रखंड के बड़ी कोदरजन्ना स्थित पटवर टोला में सोमवार सुबह 56 वर्षीय जीछु राम, पिता धन्नी राम, की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण घर के चारों ओर पानी भर गया था। परिवार के सदस्य घर का सामान सुरक्षित स्थान पर निकालने में जुटे थे। इसके बाद जीछु राम देर शाम घर में सोने चले गए।
सुबह तक जब वह बाहर नहीं निकले तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उनका शव पानी में मिला। घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना प्रभारी अनीश कुमार पाण्डेय, एएसआई उमाकांत ओझा और एएसआई केशव मालाकार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।
नहाने के दौरान छह वर्षीय बच्ची बाढ़ के पानी में डूबी
वहीं, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कृष्ण प्रसाद दियारा में रविवार को नहाने के दौरान छह वर्षीय कंचन कुमारी बाढ़ के पानी में डूब गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
सोमवार पूर्वाह्न करीब 10 बजे तक गोताखोरों और मुफस्सिल थाना पुलिस की टीम बाढ़ के पानी में बच्ची की तलाश में जुटी रही। बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बाढ़ के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से जूझ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक केंद्र में सीएचओ नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हैं और एएनएम की भी पर्याप्त मौजूदगी नहीं है। ग्रामीणों का दावा है कि यहां पदस्थापित सीएचओ को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि बड़ी कोदरजन्ना में पदस्थापित छह एएनएम को जिला मुख्यालय में कार्य लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस समय पूरा गांव बाढ़ की चपेट में है और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अधिक जरूरत है, उस समय स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकती है।
ग्रामीणों, वार्ड सदस्य और मुखिया की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर उपायुक्त और सिविल सर्जन को लिखित आवेदन दिए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने तत्काल मेडिकल टीम भेजने की मांग की
ग्रामीणों ने बड़ी कोदरजन्ना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तत्काल सीएचओ और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीम भेजने, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण जब लोगों के सामने जीवन बचाने की चुनौती है और बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है, तब स्वास्थ्य केंद्र में कर्मियों की कमी दूर करना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौत और बच्ची के लापता होने की घटना ने राहत एवं बचाव व्यवस्था के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई पर है।
नई दिल्ली/रांची। खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर देशभर में चर्चा के बीच राजनीतिक रूप से बहस छिड़ी हुई है साथ ही राज्यों के अधिकार, खनिज राजस्व और जमीन के नियंत्रण को लेकर कई सवाल और भ्रांतियां सामने आ रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह संशोधन खनिज क्षेत्र में कराधान और नियमन से जुड़े प्रावधानों को अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और एकरूप बनाने पर केंद्रित है। दस्तावेज के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को संसद ने MMDR संशोधन विधेयक, 2026 को पारित किया।
क्या राज्यों के अधिकार खत्म हो जाएंगे?
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या इस संशोधन के बाद खनिज संपदा से जुड़े राज्यों के अधिकार कम हो जाएंगे। दस्तावेज के अनुसार ऐसा नहीं है। राज्यों की जमीन पर उनका अधिकार बना रहेगा और खनन से प्राप्त राजस्व में राज्यों का हिस्सा भी जारी रहेगा। इसके अलावा गौण खनिजों के नियमन और नियंत्रण की जिम्मेदारी भी राज्यों के पास ही रहेगी।
विधेयक के सेक्शन 9(घ) के तहत खनिज अधिकारों या खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर अथवा अन्य शुल्क लगाने का अधिकार राज्यों के पास रहेगा। हालांकि, ऐसे कराधान को केंद्र सरकार द्वारा विनियमित किया जा सकता है।
राज्यों के राजस्व में कटौती नहीं
खनिज क्षेत्र से राज्यों को मिलने वाले राजस्व को लेकर भी महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया गया है। दस्तावेज में कहा गया है कि संशोधन का उद्देश्य राज्यों की आय कम करना नहीं है। इसमें राज्यों का हिस्सा लगभग 90 प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखने की बात कही गई है।
इसका अर्थ यह है कि खनिज क्षेत्र में कराधान और नियमन की व्यवस्था को स्पष्ट करने के साथ राज्यों के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया है।
राज्यों की जमीन पर नहीं होगा कोई असर?
खनिज-युक्त जमीन को लेकर भी कई तरह की आशंकाएं सामने आती रही हैं। दस्तावेज के मुताबिक MMDR संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य जमीन के मालिकाना हक को बदलना नहीं है।
जिस जमीन पर राज्य का अधिकार है, वह अधिकार इस संशोधन के कारण समाप्त नहीं होता। विधेयक का संबंध मुख्य रूप से खनिज-युक्त भूमि पर कराधान से जुड़े विषयों को स्पष्ट और व्यवस्थित करने से है।
यानी जमीन का मालिकाना हक और खनिज से संबंधित कराधान दो अलग-अलग विषय हैं। इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
रेत, बजरी, बोल्डर और मोरम पर राज्यों का नियंत्रण बरकरार
गौण खनिजों यानी Minor Minerals को लेकर भी विधेयक में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। दस्तावेज के अनुसार करीब 50 गौण खनिज राज्यों के नियंत्रण में ही रहेंगे।
रेत, बजरी, बोल्डर और मोरम जैसे खनिजों के नियमन एवं प्रशासन में राज्यों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। इन खनिजों का सीधा संबंध स्थानीय निर्माण कार्यों, सड़क, मकान और बुनियादी ढांचे से है। इसलिए इनके प्रशासन में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
रॉयल्टी से लेकर DMF और GST तक राज्यों का हिस्सा सुरक्षित
खनन से राज्यों को कई माध्यमों से राजस्व प्राप्त होता है। इनमें रॉयल्टी, ऑक्शन प्रीमियम, जिला खनिज फाउंडेशन यानी DMF और GST में राज्यों का हिस्सा प्रमुख हैं।
दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि इन राजस्व स्रोतों में राज्यों के हिस्से को सुरक्षित रखा गया है। रॉयल्टी से मिलने वाला राजस्व जारी रहेगा, ऑक्शन प्रीमियम से राज्यों को मिलने वाला हिस्सा बना रहेगा और DMF के माध्यम से मिलने वाले लाभ भी जारी रहेंगे। इसके अलावा GST में राज्यों का हिस्सा भी सुरक्षित बताया गया है।
आखिर संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?
अब सवाल यह है कि यदि राज्यों के अधिकार और राजस्व में कटौती नहीं की जा रही है तो फिर MMDR कानून में संशोधन की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?
दस्तावेज के अनुसार खनिज क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उद्योग, निर्माण, ऊर्जा, सड़क, रेलवे और बुनियादी ढांचे की अनेक परियोजनाएं खनिज संसाधनों पर निर्भर हैं। समय के साथ इस क्षेत्र में नई परिस्थितियां और चुनौतियां सामने आई हैं। ऐसे में कराधान और नियमन से जुड़े नियमों में स्पष्टता और एकरूपता की आवश्यकता महसूस हुई।
14 तरह की मौजूदा लेवी से व्यवस्था हुई जटिल
खनिज क्षेत्र में अलग-अलग स्तरों पर कई प्रकार के कर और शुल्क पहले से लागू रहे हैं। दस्तावेज के अनुसार राज्यों की ओर से 14 मौजूदा लेवी लगाए जाने की स्थिति में कराधान की व्यवस्था कई बार जटिल हो सकती है।
इसी वजह से स्पष्ट और समान कर व्यवस्था की जरूरत बताई गई है, ताकि सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति कम हो और सभी पक्ष अपने अधिकारों एवं दायित्वों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
MMDR संशोधन विधेयक के पीछे एक महत्वपूर्ण तर्क यह है कि खनिज क्षेत्र में विकास, निवेश और बेहतर व्यवस्था के साथ राज्यों के अधिकार एवं राजस्व भी सुरक्षित रहें।
दस्तावेज में कहा गया है कि राज्यों के अधिकार बने रहें, उनका राजस्व बना रहे और साथ ही खनिज क्षेत्र में सुधार हो—इसी संतुलन को इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों के लिए मुद्दा अहम
खनिज संसाधनों से जुड़े राज्यों के लिए यह विषय विशेष महत्व रखता है, क्योंकि खनन से प्राप्त राजस्व राज्य की आर्थिक गतिविधियों और स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि राज्यों की जमीन नहीं ली जा रही है, गौण खनिज राज्यों के नियंत्रण में रहेंगे और खनन क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व में राज्यों का हिस्सा सुरक्षित रहेगा।
लगभग 90 प्रतिशत खनन क्षेत्र के राजस्व हिस्से को राज्यों के पास बनाए रखने तथा रॉयल्टी, ऑक्शन प्रीमियम, DMF और GST जैसे स्रोतों में राज्यों के हिस्से को सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
विकास की रफ्तार बढ़ने से राज्यों को भी लाभ
देश में एक्सप्रेस-वे, रेलवे लाइन, उद्योग, आवास और ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार हो रहा है। इन सभी के लिए बड़ी मात्रा में खनिज संसाधनों की आवश्यकता होती है।
यदि खनिज क्षेत्र में नियम सरल और स्पष्ट होते हैं, निवेश का वातावरण बेहतर होता है और परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ती हैं, तो इसका लाभ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा। दस्तावेज के अनुसार इससे रोजगार, स्थानीय कारोबार और राज्यों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ सकते हैं।
MMRD का क्या है निष्कर्ष
MMDR संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि राज्यों की जमीन का मालिकाना हक समाप्त नहीं किया जा रहा है, गौण खनिजों पर राज्यों का नियंत्रण बरकरार है और खनन से जुड़े प्रमुख राजस्व स्रोतों में राज्यों के हिस्से को सुरक्षित रखने की बात कही गई है।
ऐसे में इस संशोधन को केवल केंद्र बनाम राज्य के नजरिए से देखने के बजाय खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, स्पष्ट कर व्यवस्था, निवेश, विकास और राज्यों के आर्थिक हितों के बीच संतुलन के रूप में समझने की जरूरत है।
दस्तावेज में केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहयोग और समन्वय बनाए रखते हुए ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया गया है।
साहिबगंज। झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन पर साहिबगंज जिला प्रशासन की ओर से समाहरणालय सभागार में शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं समाहरणालय कर्मियों ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
शोक सभा में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता विजय कुमार, मुख्यालय डीएसपी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
जनसेवा और विकास में योगदान को किया याद
शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार का असामयिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई तथा राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ी क्षति हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के कार्यों और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से उनके सहयोगियों, समर्थकों और आम लोगों में गहरा शोक है।
परिवार के प्रति जताई संवेदना
शोक सभा के दौरान जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दिवंगत मंत्री के शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले तथा परिजनों को इस कठिन और दुखद घड़ी में अपार दुःख सहन करने की शक्ति और संबल प्राप्त हो।
गिरिडीह। झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। हरसिंहरायडीह स्थित उनके आवास से निकली अंतिम यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर को कंधा दिया और श्मशान घाट तक पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दिवंगत मंत्री की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अंतिम यात्रा में पैदल शामिल हुए और पार्थिव शरीर को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचे। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा—झारखंड ने खोया कर्मठ जनप्रतिनिधि
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देर रात हृदयाघात के कारण सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। यह सरकार और पूरे झारखंड के लिए अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और गंभीरता एवं परिपक्वता के साथ उन्होंने विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार का इतनी कम उम्र में असमय चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व को खो दिया है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार के योगदान को झारखंड हमेशा याद रखेगा।
सरकार परिवार के साथ खड़ी—हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार दिवंगत मंत्री के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सरकार की ओर से परिवार को हर संभव सहयोग और संबल दिया जाएगा। उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी, गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंत्रिमंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों में अपने प्रिय नेता को खोने का गहरा दुख दिखाई दिया। हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से पूरे गिरिडीह सहित झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
दिवंगत मंत्री के निधन को मुख्यमंत्री ने झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनका योगदान और जनसेवा के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
गिरिडीह । झारखंड सरकार में नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री तथा गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। युवा और सक्रिय जनप्रतिनिधि के असामयिक निधन से राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है।
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को गिरिडीह पहुंचे। मुख्यमंत्री हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए और उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उनका निधन केवल उनके परिवार और समर्थकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
‘राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि और युवा नेतृत्व खो दिया’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार के निधन से झारखंड ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खो दिया है, जो लगातार जनता से जुड़े मुद्दों और राज्य के विकास के लिए सक्रिय रहते थे। सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके योगदान, सेवाओं और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोकाकुल परिवार को इस कठिन और दुख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।
कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन भी दिवंगत मंत्री के आवास पहुंचीं। उन्होंने सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
सुदिव्य कुमार के निधन की खबर सामने आने के बाद बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, समर्थक और आम लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गिरिडीह में उनके आवास पर लोगों की भीड़ जुट रही है और हर कोई अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहा है।
दो दिवसीय राजकीय शोक, 7 सितंबर को सरकारी कार्यालय बंद
दिवंगत मंत्री के सम्मान में झारखंड सरकार ने 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। वहीं 7 सितंबर 2026 को झारखंड सरकार के अधीन सभी सरकारी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन ने झारखंड की राजनीति में एक बड़ी रिक्तता पैदा कर दी है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
रांची । झारखंड सरकार ने नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर राज्य में दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से 6 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, दिवंगत मंत्री के सम्मान में 6 और 7 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय शोक मनाया जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 7 सितंबर 2026 (सोमवार) को झारखंड सरकार के अधीन सभी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा जारी सूचना के आलोक में लिया गया है। झारखंड के राज्यपाल के आदेश से सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है।
सरकार की ओर से संबंधित सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों सहित विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थानों को आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए आदेश की प्रति भेजी गई है।
एक दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
➡️ 6 सितंबर: राजकीय शोक
➡️ 7 सितंबर: राजकीय शोक और सभी सरकारी कार्यालय बंद
➡️ 8 सितंबर से: कार्यालयों के सामान्य रूप से खुलने की संभावना
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में मुख्यमंत्री ने सुदिव्य कुमार सोनू को केवल वरिष्ठ राजनीतिक साथी और सहकर्मी नहीं, बल्कि “बड़े भाई” के समान बताया।
हेमंत सोरेन ने लिखा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद खबर मिली। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया के जाने से उनके जीवन में ऐसी रिक्तता पैदा हुई है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
राजनीतिक साथी से बढ़कर था भाई जैसा रिश्ता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि सोनू भैया उनके लिए केवल एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले बड़े भाई की तरह थे।
उन्होंने कहा कि सोनू कुमार के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेगी।
झारखंड आंदोलन से जुड़ा रहा संघर्ष
हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सोनू स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरु के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि झारखंडियत के प्रति सोनू की प्रतिबद्धता और जुड़ाव की भावना हमेशा याद की जाएगी।
“जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है”—हेमंत सोरेन
सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने जीवन की क्षणभंगुरता पर भी भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, वह आज सिर्फ स्मृतियों में रह गई है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी उन्हें हमेशा महसूस होगी।
“आपका स्नेह और संघर्ष जीवनभर साथ लेकर चलूंगा”
मुख्यमंत्री ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को वे जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
अपने संदेश के अंत में हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा—“आप हमेशा याद आएंगे भैया…”
कोलकाता / मालदा। मालदा रेल मंडल के न्यू फरक्का क्षेत्र में जमीन धंसने (Land Subsidence) की घटना के कारण रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने के साथ-साथ लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है।वही पूर्व रेलवे जीएम गीतिका पांडे ने घटना स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण किया है।
पूर्व रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार, 5 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली कुछ ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है।
ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
5 सितंबर को यात्रा शुरू करने वाली निम्नलिखित ट्रेनें रद्द रहेंगी—
- 53028 मालदा टाउन–आजिमगंज पैसेंजर
- 63402 मालदा टाउन–साहिबगंज मेमू
- 63422 साहिबगंज–आजिमगंज मेमू
- 53030 भागलपुर–आजिमगंज पैसेंजर
- 63401 साहिबगंज–मालदा टाउन मेमू
- 63421 आजिमगंज–साहिबगंज मेमू
- 53433 आजिमगंज–बरहरवा पैसेंजर
- 53029 आजिमगंज–भागलपुर पैसेंजर
कटिहार-मांसी-मुंगेर-किऊल होकर चलेंगी ट्रेनें
न्यू फरक्का की स्थिति के कारण कुछ ट्रेनों को कटिहार–मांसी–मुंगेर–किऊल के रास्ते डायवर्ट किया गया है। इनमें—
- 14003 मालदा टाउन–नई दिल्ली एक्सप्रेस — 5 सितंबर से
- 15744 भटिंडा–बालुरघाट फरक्का एक्सप्रेस — 3 सितंबर से
- 09033 उधना–मालदा टाउन स्पेशल — 3 सितंबर से
शामिल हैं।
न्यू फरक्का–आजिमगंज–कटवा–बंडेल होकर चलेंगी ट्रेनें
इस मार्ग से डायवर्ट की गई ट्रेनों में—
- 12042 न्यू जलपाईगुड़ी–हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस
- 12346 गुवाहाटी–हावड़ा सरायघाट एक्सप्रेस
- 22301 हावड़ा–न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस
- 13053 हावड़ा–राधिकापुर कुलिक एक्सप्रेस
- 12363 कोलकाता–हल्दीबाड़ी सुपरफास्ट एक्सप्रेस
शामिल हैं। इनमें संबंधित ट्रेनों की यात्रा तिथि के अनुसार मार्ग परिवर्तन लागू किया गया है।
न्यू फरक्का–आजिमगंज–नलहाटी मार्ग से भी डायवर्जन
कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को न्यू फरक्का–आजिमगंज–नलहाटी के रास्ते चलाया जा रहा है। इनमें—
- 16524 बालुरघाट–एसएमवीबी बेंगलुरु एक्सप्रेस
- 17032 अगरतला–चारलापल्ली एक्सप्रेस
- 13175 सियालदह–सिलचर कंचनजंघा एक्सप्रेस
- 16223 एसएमवीबी बेंगलुरु–राधिकापुर एक्सप्रेस
- 15929 तांबरम–न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस
शामिल हैं।
यात्रियों से अपील
न्यू फरक्का में जमीन धंसने की स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के नवीनतम परिचालन, रद्दीकरण या मार्ग परिवर्तन की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि स्टेशन पहुंचने के बाद किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रांची: बिजली विभाग की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पिठौरिया प्रखंड की कोकोदरो पंचायत में राजमिस्त्री का काम करने वाले कैलाश के तीन कमरों के मकान का अगस्त महीने का बिजली बिल करीब 29 लाख 88 हजार रुपये पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि घर में सिर्फ तीन बल्ब और तीन पंखे हैं।
कैलाश के घर का बिजली कनेक्शन उनकी मां रूपन देवी के नाम पर है। इतना भारी-भरकम बिल देखकर परिवार के लोग भी सकते में आ गए और बिजली विभाग से शिकायत की।
बताया जा रहा है कि कोकोदरो पंचायत के कई अन्य उपभोक्ताओं को भी लाखों रुपये के गलत बिजली बिल भेजे गए हैं। मामले की जांच में विभाग ने माना कि मीटर रीडिंग के दौरान ऊर्जा मित्र से दशमलव दर्ज करने में गलती हुई, जिसके कारण बिजली की खपत वास्तविक खपत से कई गुना अधिक दर्ज हो गई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, कैलाश के बिजली बिल में सुधार कर दिया गया है। वहीं, पंचायत के अन्य प्रभावित उपभोक्ताओं के बिलों की भी जांच कर उन्हें दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है।
इस घटना ने बिजली बिल की मीटर रीडिंग और उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी गंभीर गलतियों से बचने के लिए बिल जारी करने से पहले रीडिंग की उचित जांच की जाए।
मालदा। मालदा मंडल में न्यू फरक्का के पास जमीन धंसने की घटना के बाद रेलवे ने ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 4 सितंबर 2026 को यात्रा शुरू करने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है।
रद्द की गई ट्रेनें:
4 सितंबर को यात्रा शुरू करने वाली 53433/53434 आजीमगंज–बरहरवा–आजीमगंज पैसेंजर, 63421/63422 आजीमगंज–साहिबगंज–आजीमगंज मेमू, 53027 आजीमगंज–मालदा टाउन पैसेंजर और 53029 आजीमगंज–भागलपुर पैसेंजर को रद्द कर दिया गया है।
इन ट्रेनों के मार्ग में बदलाव:
न्यू फरक्का–आजीमगंज–कटवा–बंडेल होकर 13054 राधिकापुर–हावड़ा एक्सप्रेस और 13162 बालुरघाट–कोलकाता एक्सप्रेस का परिचालन किया जाएगा। दोनों ट्रेनें 4 सितंबर को अपनी यात्रा शुरू करेंगी।
वहीं, 15743 बालुरघाट–भटिंडा फरक्का एक्सप्रेस और 15657 दिल्ली–कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल को कटिहार–मुंगेर–किऊल मार्ग से चलाया जाएगा। ब्रह्मपुत्र मेल 3 सितंबर को यात्रा शुरू कर चुकी है।
इसके अलावा 15227 एसएमवीबी बेंगलुरु–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, जिसकी यात्रा 3 सितंबर से शुरू हुई है, को पहले निर्धारित बरहरवा–साहिबगंज–मुंगेर मार्ग के बजाय नलहाटी–आजीमगंज–न्यू फरक्का होकर डायवर्ट किया गया है।
साहिबगंज से शुरू होगी पटना एक्सप्रेस
रेलवे ने 13415 मालदा टाउन–पटना एक्सप्रेस के परिचालन में भी बदलाव किया है। 4 सितंबर को यात्रा शुरू करने वाली यह ट्रेन मालदा टाउन के बजाय साहिबगंज से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी।
साहिबगंज। बाढ़ का पानी उतरने के बाद साहिबगंज के प्रभावित इलाकों में अब संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जगह-जगह जमा गंदगी, जलजमाव और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप के कारण ग्रामीणों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच कोर्दाजनना गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 हजार की आबादी वाले कोर्दाजनना गांव में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लंबे समय से सीएचओ और एएनएम की नियमित उपलब्धता नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थापित सीएचओ राजेश कुमार यादव आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बजाय सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। वहीं, केंद्र में पदस्थापित एएनएम से भी मुख्यालय अस्पताल में कार्य लिए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। इसके कारण गांव के स्वास्थ्य केंद्र में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है।
बाढ़ के बाद बढ़ी बीमारी की आशंका
बाढ़ का पानी घटने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर गंदगी और जलजमाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के साथ ही मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मलेरिया और डेंगू के अलावा दूषित पानी से डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ के पानी के संपर्क में रहने के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित मौजूदगी बेहद जरूरी है, ताकि बीमारियों के लक्षण सामने आने पर तत्काल जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उपायुक्त और सिविल सर्जन से की जा चुकी है मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व उपायुक्त एवं सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित सीएचओ को वापस केंद्र पर भेजने की मांग की थी। साथ ही एएनएम को भी नियमित रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सेवा देने की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि बाढ़ के बाद किसी संक्रामक बीमारी का प्रकोप बढ़ता है तो स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य शिविर, दवा छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ और एएनएम की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने, मलेरिया-डेंगू समेत अन्य संभावित बीमारियों की जांच कराने और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने गांव में साफ-सफाई, मच्छररोधी दवा का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को अभी से प्रभावित क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ानी चाहिए, ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
रांची। झारखंड में बंद हो रही कोयला खदानों को नई उपयोगिता देने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। गिरिडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) और रामगढ़ जिले की करमा OCP को पायलट परियोजना के लिए चयनित किया गया है। दोनों खदानों के लिए भारत सरकार को अनुशंसा भेजने पर सहमति बनी है।
यह पहल भारत सरकार के कोयला मंत्रालय और जर्मनी की संस्था GIZ के सहयोग से चल रही Technical Cooperation on To-be-Closed Coal Mines (TCCM) परियोजना के तहत की जा रही है। रांची में हुई उच्चस्तरीय बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल समेत राज्य सरकार, GIZ, कोल कंट्रोलर ऑर्गनाइजेशन, CCL और CMPDI के अधिकारी मौजूद रहे।
बंद खदानों को बनाया जाएगा उपयोगी
परियोजना के तहत दोनों खदानों के लिए Final Mine Closure and Repurposing Plan तैयार किया जाएगा। इसमें खदान बंद होने के बाद जमीन, जल संसाधन, पर्यावरण, आधारभूत संरचना और स्थानीय अर्थव्यवस्था के पुनर्पयोग की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य खदान बंदी को केवल खनन गतिविधि खत्म होने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित, सामाजिक रूप से समावेशी और आर्थिक रूप से उत्पादक बनाना है।
नवीकरणीय ऊर्जा से पर्यटन तक खुलेंगे नए रास्ते
बंद खदानों की भूमि का उपयोग भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, कौशल विकास केंद्र समेत अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इससे खनन प्रभावित इलाकों में पर्यावरण सुधार के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
करमा OCP के 8 गांवों पर विशेष फोकस
करमा OCP के पांच किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सुगिया, मरार, बोंगाबार, करमा, कैथा, कंडेर, लोढ़मा और पैंकी गांवों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों में सामाजिक-आर्थिक स्थिति, कमजोर वर्गों और आजीविका के अवसरों का आकलन किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर समन्वय के लिए Mine Closure Advisory Committee का भी गठन किया गया है।
मार्च 2030 तक चलेगी परियोजना
परियोजना के तहत विस्तृत DPR तैयार की जाएगी, जिसमें पर्यावरणीय पुनर्स्थापन, भूमि उपयोग, जल प्रबंधन, माइन वॉइड मैनेजमेंट और आधारभूत संरचना के पुनर्पयोग को शामिल किया जाएगा। उपयुक्त स्थानों पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और अन्य निवेश की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
TCCM परियोजना मार्च 2030 तक संचालित होगी। इसके अनुभवों के आधार पर तैयार मॉडल को देश की अन्य बंद हो रही कोयला खदानों में भी लागू करने की योजना है। राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल झारखंड में सस्टेनेबल पोस्ट-माइनिंग डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अगस्त, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 132 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएं एवं स्मृतियां साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- राजेश मोहन, महाप्रबंधक(सिविल), वेलफेयर एंड सर्विसेज/सिविल विभाग; डॉ राजीव कुमार जायसवाल, सीएमओ, दरभंगा हाउस डिस्पेंसरी; सुनीता रवि, मैट्रन ए-1, गांधी नगर अस्पताल; अबनिधर मुखर्जी, ड्राइवर, उत्खनन विभाग; गोवर्धन राम, डुप्लीकेट/जेरॉक्स ऑपरेटर, वित्त (वेतन प्रकोष्ठ) एवं तुलसी केरकेट्टा, वार्ड परिचारक, गांधी नगर अस्पताल।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक(मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को उनके दीर्घकालीन सेवाकाल और कंपनी के प्रति समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीसीएल की प्रगति में प्रत्येक कर्मी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध भविष्य की कामना की।
वहीं, सीवीओ पंकज कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों ने अपने अनुभव, मेहनत और प्रतिबद्धता से सीसीएल को निरंतर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके योगदान और अनुभव कंपनी की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों एवं उनके परिवारजनों को उज्ज्वल, स्वस्थ एवं खुशहाल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। राज्य में H1N1 (स्वाइन फ्लू) को लेकर झारखंड सरकार का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को राज्यभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षक/प्राचार्य एवं जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा सतत् निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने संभावित मामलों की समय पर पहचान, जांच, उपचार, निगरानी एवं आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं प्रतिबद्ध है।
*“स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी”*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा—
*“स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान से लेकर जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल तक हर स्तर पर व्यवस्था को मजबूत किया गया है। हमारा संकल्प है कि स्वाइन फ्लू से किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी जाएगी।”*
स्वास्थ्य मंत्री ने अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों एवं राज्य के विभिन्न जिलों के सिविल सर्जनों से संवाद कर तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
*सभी जिलों में सर्विलेंस मजबूत करने का निर्देश*
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी जिलों में Influenza Like Illness (ILI) एवं Severe Acute Respiratory Infection (SARI) के मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि संभावित एवं गंभीर मामलों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो, ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
*अस्पतालों में अतिरिक्त बेड एवं आवश्यक संसाधन सुरक्षित रखने के निर्देश*
स्वास्थ्य मंत्री ने RIMS, रांची सहित सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों एवं सदर अस्पतालों में अतिरिक्त 10 बेड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही अस्पतालों में—
- ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता,
- आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक,
- जांच की सुविधा,
- ICU/HDU की तैयारी,
- प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल टीम
की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सभी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि संभावित मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
*एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर विशेष निगरानी*
राज्य के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम अथवा सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों का आवश्यकतानुसार Clinical Assessment किया जाएगा। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार Influenza/H1N1 की जांच कराई जाएगी तथा गंभीर मरीजों को तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
*समय पर जांच और उपचार पर विशेष जोर*
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि H1N1 एक Respiratory Viral Infection है और समय पर पहचान एवं उचित चिकित्सकीय उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज स्वस्थ हो जाते हैं। इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सतर्क रहते हुए लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, गले में दर्द, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने से बचें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।
*“सतर्क रहें, घबराएं नहीं”*
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी मशीनरी को सक्रिय रखा गया है।
उन्होंने कहा—
झारखंड सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग की सभी इकाइयां अलर्ट मोड में हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील है कि सतर्क रहें, सावधानी बरतें और लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
कोलकाता भागलपुर। श्रावणी मेला एवं आगामी पूजा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के परिचालन को 30 नवंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
रेलवे के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विशेष ट्रेन का परिचालन वर्तमान समय-सारणी और निर्धारित ठहराव के साथ जारी रहेगा। इससे भागलपुर, मुंगेर और कटिहार समेत मार्ग के विभिन्न स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
ट्रेन संख्या 03407 भागलपुर–कटिहार अनारक्षित स्पेशल प्रतिदिन भागलपुर से सुबह 7:00 बजे रवाना होगी और उसी दिन दोपहर 1:00 बजे कटिहार जंक्शन पहुंचेगी।
वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 03408 कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल प्रतिदिन कटिहार जंक्शन से दोपहर 2:10 बजे रवाना होगी और उसी दिन रात 8:20 बजे भागलपुर पहुंचेगी।
रेलवे के अनुसार, दोनों दिशाओं में यह ट्रेन अकबरनगर, सुल्तानगंज, कल्याणपुर रोड, बरियारपुर, रतनपुर और मुंगेर सहित निर्धारित स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे के इस निर्णय से श्रावणी मेला एवं आगामी पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
रांची/धनबाद। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को रांची और धनबाद में पांच ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान हुई। अधिकारियों पर कुल 48,400 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि मामला CISF के Pay and Accounts Office से जुड़ा है। CBI ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए अधिकारियों को पकड़ा गया।
CBI की टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की भी जांच की। रांची और धनबाद स्थित कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना बड़ा है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले में CBI की जांच आगे जारी है।
रांची, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुलिस व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में 100 नए विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने, मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं पीजी सीटें बढ़ाने तथा राज्य के 606 पुलिस थानों में 9,006 CCTV कैमरे लगाने समेत कई अहम फैसले लिए गए।
100 और स्कूल बनेंगे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय
मंत्रिपरिषद ने आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 और विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी। इसके लिए 721 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
एमजीएम और एसएनएमएमसीएच में बढ़ेंगी मेडिकल सीटें
जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने तथा नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने और पीजी सीटों में वृद्धि के लिए करीब 393.91 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई।
वहीं, धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के विस्तार के लिए करीब 495.03 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की राशि से मेडिकल कॉलेज एवं शिक्षण अस्पताल के व्यापक उन्नयन के लिए करीब 275.18 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी मिली है।
606 थानों में लगेंगे 9,006 CCTV कैमरे
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 9,006 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना का उद्देश्य पुलिस थानों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
सरकारी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु 67 से घटकर 65 वर्ष
कैबिनेट ने झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर-शैक्षणिक चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने की स्वीकृति दी है।
इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई।
सरकारी स्कूलों की छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को हर माह अधिकतम 10 ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए 124.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिजली गिरने और हीट वेव को लेकर बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने वज्रपात और ग्रीष्म लहर को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किए जाने के बाद इन्हें झारखंड की विशिष्ट स्थानीय आपदा की सूची से हटाने की स्वीकृति दी। साथ ही प्राकृतिक एवं विशिष्ट स्थानीय आपदाओं से जुड़े पुराने प्रावधानों में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
शिक्षा क्षेत्र में कई अहम फैसले
मंत्रिपरिषद ने झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति-2026 के गठन को मंजूरी दी। वहीं, राज्य के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानोदय योजना के तहत Bilingual Parental Calendar और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए Student Diary उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
इसके अलावा राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित करने और भवन निर्माण के लिए करीब 49.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए अंशकालीन शिक्षकों से सेवा लेने की अवधि बढ़ाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
सड़क और पुल परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़क निर्माण, मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण की कई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी। इनमें चाईबासा क्षेत्र की करीब 38.65 किलोमीटर सड़क के लिए 29.87 करोड़ रुपये, चतरा क्षेत्र की 24.80 किलोमीटर सड़क के लिए 25.53 करोड़ रुपये, मनोहरपुर क्षेत्र की 19.149 किलोमीटर सड़क के लिए करीब 114.01 करोड़ रुपये और रामगढ़ में बरलंगा-गोला-मुरी पथ के लिए करीब 56.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है।
गिरिडीह में बरगंडा चौक से कॉलेज मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए भी करीब 30.46 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
तोपचांची झील के सौंदर्यीकरण को हरी झंडी
धनबाद की तोपचांची झील एवं आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए Public Private Partnership (PPP) के DBFOT मॉडल पर करीब 184.29 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।
जेलों में बनेंगे Open/Semi Open Barrack
सुप्रीम कोर्ट के न्यायादेश के आलोक में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, दुमका केंद्रीय कारा, घाघीडीह केंद्रीय कारा जमशेदपुर और हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में Open/Semi Open Barrack स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण पुलों के रखरखाव के लिए नई नीति
ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत निर्मित पुलों के रखरखाव एवं अनुरक्षण के लिए झारखंड ग्रामीण पुल अनुरक्षण नीति-2025 को मंजूरी दी गई है।
रोजगार और प्रशासन से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना को झारखंड में लागू करने की स्वीकृति दी। वित्त विभाग के Project Monitoring Unit को मजबूत करने के लिए पूर्व में सृजित 37 पदों को प्रत्यर्पित करते हुए संविदा/बाह्यस्रोत के आधार पर 76 नए पदों पर मानव बल की सेवा लेने की अनुमति दी गई।
12 संविदा कनिष्ठ अभियंताओं के नियमितीकरण को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में कृषि अभियंत्रण से जुड़े पूर्व संविदा आधारित 12 कनिष्ठ अभियंताओं के सेवा नियमितीकरण को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दी।
जल जीवन मिशन और जलवायु कार्ययोजना पर भी निर्णय
जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन के तहत झारखंड के लिए State Specific Action Plan (SSAP) तैयार करने हेतु NIH रुड़की के साथ संशोधित MoU करने की मंजूरी दी गई। वहीं, जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र सरकार के साथ किए गए MoU को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी देते हुए राज्य में Court Fees Act, 1870 को निरस्त करने की स्वीकृति दी। झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक-2026 को अधिनियमित करने की भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना में संशोधन, गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मार्गदर्शिका में संशोधन, झारखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2024 से पहले जमा आवेदन शुल्क एवं Endowment Fund की राशि लौटाने तथा चतरा में NDPS Act के तहत गठित विशेष न्यायालय के लिए जिला न्यायाधीश स्तर के एक पद के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में विभिन्न विभागों में सेवा नियमितीकरण, पदोन्नति, लंबित वेतन एवं वित्तीय लाभ के भुगतान, भूमि हस्तांतरण और पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
धनबाद। जेएलकेएम प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो का बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से कथित गाली-गलौज का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद धनबाद में पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद गहरा गया है। वायरल ऑडियो-वीडियो की onthespot24 पुष्टि नहीं करता है। बताया जा रहा है कि यह व्हाट्सऐप कॉल की रिकॉर्डिंग है, जिसे दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया।
मामले को लेकर बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने विधायक जयराम महतो समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है। यह मामला इसी थाने में पहले से दर्ज एक प्राथमिकी में जोड़ा गया है, जिसमें पहले से 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
थाना प्रभारी की शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त की रात करीब 8:09 बजे वह थाना परिसर में सरकारी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान विधायक जयराम महतो का व्हाट्सऐप कॉल आया। आरोप है कि विधायक ने अपने समर्थक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने और उसकी गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जतायी। थाना प्रभारी द्वारा मामले की जानकारी देने का प्रयास किये जाने के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज की गयी।
शिकायत में विधायक पर वर्दी उतरवाने और सरकार बदलने के बाद देख लेने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही ऑफ ड्यूटी मिलने पर कार्रवाई करने की बात कहने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
एफआईआर में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो, महेंद्र साव और त्रिपुरी पांडेय को नामजद किया गया है। इनके साथ 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
फर्जी प्रमाण पत्र के आरोप से शुरू हुआ विवाद
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र तैयार करने के आरोप में जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिये जाने के बाद शुरू हुआ। इसके बाद शुक्रवार की रात बरवाअड्डा थाने में पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी और झड़प की भी बात सामने आयी।
पुलिस मेंस एसोसिएशन ने जताया आक्रोश
मामले को लेकर धनबाद पुलिस मेंस एसोसिएशन भी बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के समर्थन में सामने आया है। एसोसिएशन ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन की ओर से यह भी कहा गया कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो धनबाद में पुलिसकर्मी काम नहीं करेंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि पुलिसकर्मी माननीयों की सुरक्षा में बॉडीगार्ड के रूप में तैनात रहते हैं, लेकिन जब वे किसी गलत कार्य का समर्थन नहीं करते हैं तो उन्हें ही अपशब्द सुनने पड़ते हैं।
साहिबगंज। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए साहिबगंज जिला प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को बाढ़ की आशंका से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने की सलाह दी गई है। जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल, टॉर्च, पीने का पानी, सूखा भोजन और अन्य आवश्यक सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर रखने को कहा गया है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऊंचे स्थान पर रखें
प्रशासन ने सलाह दी है कि बाढ़ की आशंका होने पर फ्रिज, वाटर पंप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बिजली के पैनल को ऊंचे स्थान पर रखा जाए। घर की नालियों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए मोटी जाली या सीवर ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है।
लोगों से अपने अंचल और प्रखंड के अधिकारियों से संपर्क कर बांध, तटबंध और फ्लड वाल आदि की जानकारी पहले से रखने को कहा गया है। बेसमेंट में पानी के रिसाव को रोकने के लिए उसे वाटरप्रूफ कम्पाउंड से सुरक्षित करने की सलाह भी दी गई है।
अचानक आ सकती है बाढ़, सुरक्षित स्थान पर जाएं
प्रशासन ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति में रेडियो, टीवी और प्रशासनिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर लगातार ध्यान दें। अचानक बाढ़ आने की स्थिति में किसी निर्देश की प्रतीक्षा किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
नदी, नाले, घाट और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की गई है। करीब छह इंच या उससे अधिक बहते पानी में पैदल चलने से बचने की सलाह दी गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन नहीं चलाने और वाहन पानी में फंसने पर सुरक्षित अवसर मिलते ही उसे छोड़कर ऊंचे स्थान पर जाने को कहा गया है।
बिजली के उपकरणों से रहें दूर
बाढ़ के पानी में बिजली के उपकरणों को नहीं छूने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति गीला है या पानी में खड़ा है, तो उसे विद्युत उपकरणों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए।
मछुआरों और नाविकों से विशेष अपील
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मछुआरों और छोटी नावों के नाविकों से नदी से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नदी, घाट और तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “बाढ़ से डरें नहीं, तैयार रहें—सुरक्षित रहें।” साथ ही लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
बाढ़ की स्थिति में संपर्क करें
साहिबगंज जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर:
9006963963, 9631155933, 9065370630
06436-356485, 06436-222101, 06436-222202
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पहली बैठक हुई। बैठक में राज्य की आर्द्रभूमियों के संरक्षण, सीमांकन, दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड राज्य की जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इसरो से प्राप्त एटलस के आधार पर झारखंड में 2119 संभावित वेटलैंड की सूची मिली है। अब जिला स्तरीय आर्द्रभूमि समितियों के माध्यम से इन स्थलों का भौतिक एवं तथ्यात्मक सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद चिन्हित वेटलैंड का सीमांकन और नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य की सभी आर्द्रभूमियों की पहचान, गहन अध्ययन और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने वेटलैंड की सूची नियमित रूप से अपडेट करने तथा उनका व्यापक डेटाबेस तैयार कर संधारित करने को कहा।
अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियों पर रहेगी नजर
बैठक में तय किया गया कि संभावित वेटलैंड के सत्यापन के दौरान आर्द्रभूमि नियमों के अनुपालन, अतिक्रमण की स्थिति और वहां संचालित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। जिला स्तरीय समितियां अपनी रिपोर्ट राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण को देंगी। इसके आधार पर राज्य स्तरीय समिति वेटलैंड की पहचान और सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक महत्वपूर्ण वेटलैंड के लिए उसकी आवश्यकता के अनुसार मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। इसमें जल स्रोत, आसपास की गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और समय के साथ हुए बदलावों का व्यवस्थित रिकॉर्ड शामिल किया जाएगा।
जल संकट से निपटने में अहम भूमिका
बैठक में कहा गया कि प्राकृतिक जल निकायों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण राज्य के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जल संकट से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए वेटलैंड के संरक्षण के लिए उपलब्ध आंकड़ों और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर प्रभावी प्रबंधन योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्राधिकरण के संचालन को लेकर भी चर्चा
बैठक में झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के प्रभावी संचालन से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। टेंडर एवं प्रोक्योरमेंट दस्तावेजों की स्क्रीनिंग और टेंडर अनुमोदन के लिए समिति गठित करने, तकनीकी समिति बनाने तथा जनता से प्राप्त शिकायतों की सुनवाई कर अनुशंसा के साथ मामलों को प्राधिकरण के समक्ष भेजने के लिए समिति गठन पर चर्चा हुई।
इसके अलावा प्राधिकरण के कार्यालय संचालन के लिए आवश्यक राशि, पर्याप्त बजट और मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-वन बल प्रमुख संजीव कुमार, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी., राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का आक्रोश शुक्रवार को एक बार फिर सड़क पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने के दौरान रांची में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
आंदोलनकारी छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ पुतला दहन करने अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान एक युवक द्वारा पुतला दहन रोकने की कोशिश के बाद एक युवक द्वारा एक लड़की के साथ मारपीट कर दी जिसके बाद छात्रों का संगठन और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए।
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तथा सीबीआई जांच समेत अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का आह्वान किया गया था।
इससे पहले भी रांची में आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया था। छात्रों का आरोप है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
घटना के बाद रांची में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल आंदोलनकारी छात्रों की ओर से प्रदर्शन जारी रखने की बात कही गई है।
रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC), रांची के पुनरुद्धार को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से HEC के पुनरुद्धार के लिए गठित छह सदस्यीय केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान HEC की वर्तमान स्थिति और संस्थान को फिर से मजबूत करने को लेकर भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के साथ HEC की मौजूदा परिस्थितियों, संस्थान के सामने मौजूद चुनौतियों और इसके पुनरुद्धार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। बैठक में HEC को नई दिशा देने तथा उसके भविष्य को लेकर आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद विजय हांसदा, केंद्रीय संसदीय उप-समिति के अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद तिरुची शिवा, राज्यसभा सांसद सुलता देव, सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, सांसद हँसमुखभाई सोमाभाई पटेल तथा सांसद चंदन चौहान शामिल रहे।
HEC के भविष्य को लेकर अहम मानी जा रही मुलाकात
रांची स्थित HEC झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का प्रतिष्ठित संस्थान रहा है। ऐसे में इसके पुनरुद्धार को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर होने वाली पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय संसदीय उप-समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद HEC के पुनरुद्धार से जुड़ी आगे की रणनीति को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। बैठक में हुई चर्चा को संस्थान के पुनरुद्धार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
रांची। झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (झारखंड रेरा) की ओर से रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन और इसके व्यावहारिक पहलुओं को लेकर 23 अगस्त 2026 को रांची में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। सेमिनार का आयोजन रेडिसन ब्लू होटल, रांची में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
सेमिनार का उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को रेरा अधिनियम के प्रावधानों और नियामकीय प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा परियोजना पंजीकरण, प्रमोटर एवं आवंटियों के अधिकार और दायित्व, अनुपालन प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन तथा शिकायत निवारण व्यवस्था समेत अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
व्यावहारिक समस्याओं पर होगी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अपने व्यावहारिक सवाल और जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रख सकेंगे। विशेषज्ञ इन सवालों का समाधान करते हुए रेरा अधिनियम के प्रावधानों और उनके अनुपालन से जुड़ी आवश्यक जानकारी देंगे।
बिल्डर से लेकर होमबायर्स तक की भागीदारी की अपील
झारखंड रेरा ने बिल्डरों, प्रमोटरों, भूमि स्वामियों, होमबायर्स, बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों सहित रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों से सेमिनार में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
प्राधिकरण का मानना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से रियल एस्टेट क्षेत्र में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत करने में मदद मिलेगी।
झारखंड रेरा के अनुसार, रेरा अधिनियम के प्रावधानों की सही जानकारी और प्रभावी अनुपालन से रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा प्रमोटरों और आवंटियों के बीच उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान में भी मदद मिलेगी।
रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके तहत JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के परिणाम/नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले से इन परीक्षाओं के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
राज्य सरकार ने हाल ही में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच के आधार पर कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में JSSC-CGL परीक्षा और CDPO भर्ती भी रद्द करने का आदेश जारी किया गया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में भारी असंतोष था और वे अपनी नियुक्तियों को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में पहुंचे थे।
हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के रद्दीकरण संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल राहत दी। अदालत ने सरकार से इस मामले में जवाब भी मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार अगली सुनवाई 24 अगस्त को होने की बात सामने आई है।
अदालत की इस कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की थी, उनकी नियुक्ति को केवल व्यापक जांच के आधार पर समाप्त करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। हाईकोर्ट की कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांत को महत्वपूर्ण माना गया है।
करीब दो हजार चयनित अभ्यर्थियों को राहत
JSSC-CGL को लेकर सरकार के रद्दीकरण आदेश के बाद करीब 2,000 चयनित अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानकर उनकी नौकरी खत्म करना उचित नहीं है।
वहीं CDPO भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को भी हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार JSSC-CGL और CDPO भर्ती के जरिए चयनित कुल 1,932 अभ्यर्थियों को इस न्यायिक हस्तक्षेप से तत्काल राहत मिली है।
सरकार के फैसले के बाद बढ़ा था विवाद
झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर व्यापक कार्रवाई का फैसला लिया था। सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी परीक्षाओं की जांच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद एक तरफ परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे आंदोलनकारी छात्रों में संतोष दिखा, तो दूसरी तरफ पहले से चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी बचाने के लिए आंदोलन और कानूनी लड़ाई शुरू कर दी।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आ गया है। सरकार को अदालत के सामने अपना पक्ष और रद्दीकरण के आधार स्पष्ट करने होंगे। अंतिम फैसला आने तक JSSC-CGL और CDPO से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
छात्रों और चयनित अभ्यर्थियों के बीच फिर बढ़ सकता है टकराव
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भर्ती परीक्षा विवाद का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। एक ओर परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच और निष्पक्ष भर्ती की मांग करने वाले छात्र संगठन हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों की मेहनत के बाद चयनित होकर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियों को लेकर आगे की कानूनी स्थिति क्या बनती है। फिलहाल इतना साफ है कि सरकार के रद्दीकरण आदेश पर लगी हाईकोर्ट की रोक ने हजारों चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल बड़ी राहत दी है।