सिल्ली मूरी । सिल्ली स्टेडियम में शनिवार को करम अखाड़ा समिति के तत्वावधान में विधानसभा स्तरीय आखड़ाय करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। मांदर और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पारंपरिक गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, लोक कलाकार बुटन देवी, जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष चित्तरंजन महतो, प्रमुख जितेंद्र नाथ बड़ाइक, अंतरराष्ट्रीय लॉन बॉल खिलाड़ी दिनेश महतो सहित कई अतिथि उपस्थित रहे।मांदर की थाप शुरू होते ही ग्रामीणों के साथ अतिथियों ने भी करम नृत्य में हिस्सा लिया। सुदेश कुमार महतो करमा नृत्य दल के साथ मंच पर नृत्य करते नजर आए। इसके बाद उन्होंने मैदान में सामूहिक करम नृत्य में भी भाग लिया। गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, जयपाल सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य गौतम कृष्ण साहु और ब्रजेश प्रसाद समेत अन्य अतिथियों ने भी ग्रामीणों के साथ नृत्य कर महोत्सव का उत्साह बढ़ाया।सुदेश कुमार महतो ने कहा कि करम पर्व प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। आखड़ाय करम महोत्सव झारखंड की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति, लोकगीत और परंपराओं से जुड़ती है। उन्होंने आयोजन समिति और क्षेत्र के लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।आयोजन समिति के जयपाल सिंह ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक करम संस्कृति, लोकगीत और नृत्य को संरक्षित करना तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।महोत्सव के सफल आयोजन में चारु बाला देवी, लता महतो, सविता रानी, बबीता देवी, दीपा बड़ाइक, कल्याणी कुमारी, लक्ष्मण महतो और विकास महतो सहित समिति के सदस्यों एवं क्षेत्रवासियों का योगदान रहा।
सिल्ली मूरी । खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा सिल्ली प्रखंड की ओर से प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन सिल्ली प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार को सौंपा गया।ज्ञापन के माध्यम से झामुमो ने झारखंड के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की। पार्टी ने खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में राज्यों के अधिकारों को महत्व देने तथा खनिज उत्पादक राज्यों के साथ सार्थक एवं संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने का आग्रह किया।इस अवसर पर सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो ने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और यहां के लोगों का जीवन प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है। इसलिए खनिज नीति से संबंधित प्रावधानों में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखना आवश्यक है।सिल्ली जिला परिषद पूर्वी सदस्य लक्ष्मी कुमारी ने आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधन स्थानीय समाज के जीवन, संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित अन्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक संसाधनों एवं स्थानीय अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। खान एवं खनिज अधिनियम में जोड़ी गई धारा 9-डी के संवैधानिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार करने का भी आग्रह किया गया।इसके अलावा झारखंड के करीब एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने की मांग रखी गई। साथ ही 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिज-युक्त भूमि से जुड़े कराधान अधिकारों पर विचार करने की मांग की गई।ज्ञापन झामुमो सिल्ली प्रखंड अध्यक्ष बलराम महतो उर्फ राधिका महतो की ओर से सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए झारखंड के हितों और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की।
सिल्ली मूरी। सिल्ली स्टेडियम में शनिवार, 19 सितंबर को आयोजित होने वाले विधानसभा स्तरीय आखड़ाय करम महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करम अखाड़ा समिति सिल्ली के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की तैयारी है।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जयपाल सिंह ने बताया कि महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। आयोजन को लेकर समिति के सदस्यों द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव और घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया गया है।
आयोजकों के अनुसार करम महोत्सव में लोग सामूहिक रूप से पारंपरिक गीत गाते हैं और लोकनृत्य प्रस्तुत करते हुए प्रकृति से अच्छी फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए इस बार महोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी की गई है।महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
मुरी/सिल्ली। भगवान विश्वकर्मा की पूजा के अवसर पर शुक्रवार को सिल्ली-मुरी एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा। विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, रेलवे विभागों, दुकानों, गैरेजों और कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।मुरी स्थित हिंदाल्को प्लांट, रेलवे क्षेत्र, बड़ा मुरी, झारखंड मोड़ सिल्ली सहित कई स्थानों पर पूजा को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। आकर्षक ढंग से सजाए गए पूजा पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन कर सुख-समृद्धि, कार्यक्षेत्र में सफलता और सुरक्षा की कामना की। मुरी रेलवे क्षेत्र के सिग्नल विभाग, आईडब्ल्यू (I.W.) विभाग, इंजीनियरिंग विभाग, बिजली विभाग और टीआरडी विभाग समेत विभिन्न स्थानों पर पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान मशीनरी, तकनीकी उपकरण, औजार और वाहनों की भी पूजा की गई। वहीं घरों, दुकानों और गैरेजों में भी लोगों ने अपने छोटे-बड़े वाहनों एवं कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की।पूजा स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार माना जाता है। निर्माण, शिल्प, उद्योग, तकनीक और मशीनरी से जुड़े कार्यों में उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा के दौरान पूरे सिल्ली-मुरी क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय और उत्सवी वातावरण बना रहा।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रांची। RKDF University, Ranchi में कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर के जन्मदिन के अवसर पर सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने जन्मदिन समारोह को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति सेवा एवं सहयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख कड़ी के रूप में RIMS, Ranchi के तत्वावधान में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा बताया गया तथा लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा में हिस्सा लिया और भगवान विश्वकर्मा से विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं सफलता की कामना की। पूजा के माध्यम से ज्ञान, कौशल, तकनीक, श्रम एवं सृजन के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
जन्मदिन समारोह को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए गौशाला एवं मूक-बधिर विद्यालय में भी विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने वहां पहुंचकर सेवा, सहयोग और संवेदना का परिचय दिया। इन पहलों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति सम्मान, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जन्मदिन का उत्सव उस समय अधिक सार्थक हो जाता है, जब अपनी खुशियों को समाज के साथ साझा किया जाए और किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाए। रक्तदान के माध्यम से जीवन रक्षा, गौसेवा के माध्यम से करुणा और मूक-बधिर बच्चों के साथ समय बिताने जैसी पहलें इसी मानवीय सोच को प्रतिबिंबित करती हैं।
RKDF University, Ranchi शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा भावना और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय में आयोजित ये कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आए।
कार्यक्रम के समापन पर RKDF University, Ranchi परिवार की ओर से कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
रांची। आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों एवं आयोजकों के लिए 28 सूत्री विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन में पंडाल निर्माण, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, श्रद्धालुओं की आवाजाही, CCTV निगरानी, स्वयंसेवकों की नियुक्ति, ध्वनि विस्तारक यंत्र, सोशल मीडिया, फूड स्टॉल और विसर्जन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
सुरक्षित स्थान पर ही बनेगा पंडाल
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पंडाल और गेट का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाने, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने तथा आपात स्थिति में निकासी के लिए अलग रास्ता रखने का निर्देश दिया गया है। पंडाल की मजबूती को लेकर संबंधित अभियंता से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
पंडाल में सुरक्षित वायरिंग और उचित अर्थिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सभी विद्युत उपकरणों एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चर की अर्थिंग सुनिश्चित करनी होगी। विद्युत नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाने को कहा गया है, जहां विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
पंडालों के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार ही कनेक्शन लेने और विद्युत सजावट करने का निर्देश है। अस्थायी विद्युत वायरिंग के लिए संबंधित विद्युत अभियंता से सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। पंडाल से सुरक्षित दूरी पर पर्याप्त क्षमता वाला जेनरेटर रखने को भी कहा गया है।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम
प्रशासन ने पंडाल के अंदर अथवा आसपास ज्वलनशील पदार्थ जमा नहीं करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स जैसी आवश्यक सामग्री रखने को कहा गया है। संबंधित अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही पंडाल में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उच्च न्यायालय के आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
CCTV और स्वयंसेवकों की रहेगी व्यवस्था
पंडाल के अंदर-बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल के बाहर पूजा समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें परिचय पत्र जारी करने तथा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फूड स्टॉल और दुकानों को लेकर भी निर्देश
फूड स्टॉल एवं मेले का आयोजन पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही करने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने और रांची नगर निगम के कर्मियों को सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। पूजा पंडाल तक पहुंचने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने देने की जिम्मेदारी समितियों को दी गई है।
प्रशासन ने पूजा समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। भीड़ में छिनतई या पॉकेटमारी करते किसी व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया पर संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करने तथा ऐसी अफवाहों को प्रोत्साहित नहीं करने का निर्देश दिया है। किसी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी तत्काल निकटतम प्रशासनिक या पुलिस पदाधिकारी अथवा थाना प्रभारी को देने को कहा गया है।
निर्धारित मार्ग और घाट से ही होगा विसर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा विसर्जन पूर्व निर्धारित तिथि, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल या घाट का ही इस्तेमाल करना होगा।
इसके अलावा त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षित विद्युत आपूर्ति को लेकर न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी SOP का पालन करने का निर्देश दिया गया है। बसों एवं बड़े वाहनों की छत पर किसी व्यक्ति के बैठने पर रोक रहेगी तथा वाहनों पर ऐसी ऊंची सामग्री या झंडा नहीं लगाया जा सकेगा जिससे वाहन की कुल ऊंचाई 4 मीटर (13 फीट) से अधिक हो।
जिला प्रशासन ने अंत में पूजा समितियों से अपील की है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करें और प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
रांची। राजधानी रांची के हटिया स्थित मौजा कल्याणपुर सरना स्थल, सोलंकी चौक में उलगुलान परिवर्तन यात्रा एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार, स्थानीय नीति और सम्मान से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार, प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के गठन के 78 वर्ष बाद भी आदिवासी-मूलवासी समाज के कई मूल सवाल पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। जिस एकजुटता और संघर्ष की भावना से झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को मजबूती मिली थी, उसी एकता और संघर्ष की भावना को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उलगुलान का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि संवैधानिक, लोकतांत्रिक और कानूनी अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं संगठित संघर्ष है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक बनी विभिन्न सरकारों से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि राज्य निर्माण के जिन मूल उद्देश्यों और अधिकारों के लिए संघर्ष किया गया था, वे आज भी अधूरे क्यों हैं।
चुनाव के समय ही जनता की याद क्यों?
उलगुलान परिवर्तन यात्रा के माध्यम से राजनीतिक दलों से सवाल करते हुए कहा गया कि क्या आदिवासी-मूलवासी समाज को केवल चुनाव के समय ही याद किया जाएगा? जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही क्यों सुनिश्चित नहीं होनी चाहिए।
वक्ताओं ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारें अस्थायी होती हैं, लेकिन सरकारी विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था स्थायी होती है। ऐसे में जनता के कार्यों और अधिकारों के प्रति अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना नहीं है, बल्कि जनता के संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हित में जवाबदेही की मांग करना है।
भूमि और राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही की मांग
सभा में झारखंड भूमि संरक्षण एवं राजस्व जवाबदेही आयोग के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। आयोजकों के अनुसार आयोग को भूमि संबंधी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रभावी शक्ति दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतों की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई तथा भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्ति की कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्ती की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय की मांग
भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय अथवा विशेष न्यायिक व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी की गई। इसमें अवैध कब्जा, फर्जी जमाबंदी, फर्जी म्यूटेशन, भूमि अभिलेखों में हेराफेरी, आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण तथा भूमि रिकॉर्ड में अनियमितताओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
विस्थापितों के लिए आयोग और पुनर्वास की मांग
कार्यक्रम में राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने कहा कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और मूलवासी परिवारों को न्याय, उचित पुनर्वास और उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए आयोग को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाना चाहिए।
प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को मिले स्थान
सभा में प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को उचित एवं प्रभावी स्थान देने की मांग की गई। कक्षा एक से पांच तक बच्चों को उनकी स्थानीय अथवा मातृ जनजातीय भाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार स्थानीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी गई।
इसके अलावा स्थानीय नीति, नियोजन नीति, विस्थापन एवं पुनर्वास नीति, रोजगार नीति, शिक्षा नीति, कृषि नीति तथा जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर व्यापक जनसंवाद और ठोस नीति बनाने की मांग की गई।
जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान
कार्यक्रम में नीरजंना हरेंज, अजय टोप्पो, पूर्ण चंद्र मुंडा, आशुतोष चेरो, मनोज केरकेटाह, तेजस, निर्मल खाखा, मदन मुंडा, उज्जवल टोप्पो, छोटू मुंडा सहित वार्ड पार्षद सुनीता तिग्गा समेत अन्य लोगों ने जनता को अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति, अधिकारी या राजनीतिक दल के खिलाफ व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है। यह भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रशासनिक लापरवाही और जनता के अधिकारों की अनदेखी के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष है।
PMNRF से विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग, प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और तिरपाल उपलब्ध कराने पर जोर
रांची/साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न गंभीर बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्व विधायक एवं झारखंड विधानसभा जामा विधानसभा से पूर्व विधायक सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल केंद्रीय सहायता की मांग की है।
12 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री के नाम भेजे गए पत्र में सीता मुर्मू सोरेन ने कहा है कि साहिबगंज जिला इस समय गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण भयावह बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ के कारण जिले के दर्जनों गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रहने तथा भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों और पशुधन को भी भारी नुकसान
पत्र में उन्होंने बताया कि बाढ़ की वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। स्थानीय प्रशासन अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन आपदा की भयावहता को देखते हुए उपलब्ध संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित लोगों की विकट स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से तत्काल विशेष राहत पैकेज एवं वित्तीय सहायता जारी की जाए।
भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग
उन्होंने कहा कि राहत राशि से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को काफी राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से इस आपदा का सामना कर सकेंगे।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से संवेदनशीलता के साथ मामले में त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की सहायता से साहिबगंज की जनता को इस गंभीर आपदा से उबरने में बड़ी मदद मिलेगी।
साहिबगंज। भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश की ओर से विभिन्न प्रकोष्ठों के नए प्रदेश संयोजकों की घोषणा की गई है। इसी क्रम में साहिबगंज जिले के नगर क्षेत्र के पुरानी साहेबगंज निवासी राजीव चौधरी को भाजपा मत्स्य पालक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा जारी कर दी गई है।
प्रदेश संयोजक बनाए जाने के बाद राजीव चौधरी ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें मत्स्य पालक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का दायित्व सौंपा है। इसके लिए वे प्रदेश नेतृत्व के आभारी हैं।
राजीव चौधरी ने कहा कि पार्टी ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य मत्स्य पालक प्रकोष्ठ को मजबूत करना, मत्स्य पालकों की समस्याओं को संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाना और भाजपा के संगठन को और मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रदेश नेतृत्व के सहयोग से वे अपने दायित्व का बेहतर तरीके से निर्वहन करेंगे। साथ ही राज्य में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को संगठन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
वहीं, राजीव चौधरी के प्रदेश संयोजक बनने के बाद साहिबगंज जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुईं। उन्होंने मोरहाबादी मैदान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा लेने के साथ-साथ इस्कॉन हेहल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी सहभागिता की।
मोरहाबादी मैदान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर एवं राजीव रंजन प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दही हांडी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी समारोह के दौरान आयोजित दही हांडी प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रतियोगिता में बालकों के साथ-साथ बालिकाओं की टीमों ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने साहस और शानदार प्रदर्शन करते हुए दही हांडी फोड़ने के लिए जोरदार प्रयास किया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बालक एवं बालिका टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उनका आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने प्रतियोगिता में सफल रही विजेता टीमों को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस्कॉन हेहल में भी पहुंचीं मंत्री
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह इसके बाद इस्कॉन हेहल, रांची द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी शामिल हुईं। यहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, करुणा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
गीता का संदेश जीवन को देता है सही दिशा
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को समझना जीवन को सही दिशा देने में सहायक है। गीता का ज्ञान व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है,आगे उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव, आस्था, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देने वाला अवसर भी है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
रांची/साहिबगंज। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक JMM बैठक में सरकारी अधिकारियों की कथित मौजूदगी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मामले को सामने लाते हुए मुख्य सचिव से इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मरांडी के अनुसार, बरहेट विधानसभा क्षेत्र में BDO-सह-CO और CDPO अंशु कुमार पांडेय की JMM की बैठक में मौजूदगी का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी का राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना गंभीर विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
'सरकारी सेवा में रहते राजनीतिक गतिविधियों से दूरी जरूरी'
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकारी अधिकारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक गतिविधियों में खुलकर शामिल होता है और राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करता है, तो यह सरकारी सेवा की मर्यादा के विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों में रुचि है तो उन्हें सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर औपचारिक रूप से राजनीति में शामिल होना चाहिए। मरांडी ने सत्ता के प्रभावशाली लोगों की कथित चापलूसी करने वाले अधिकारियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जनता के हित में प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकते।
मुख्य सचिव से की कार्रवाई की मांग
मरांडी ने मुख्य सचिव से मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, यहां तक कि सेवा से बर्खास्तगी पर भी विचार किया जाना चाहिए।
राजनीतिक कार्यक्रम में अधिकारियों की मौजूदगी बना मुद्दा
बरहेट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित JMM कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी की कथित मौजूदगी को लेकर बाबूलाल मरांडी के बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मालूम हो कि जेएमएम के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ,जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कु सहित सहित अन्य JMM ने नेता बरहेट में कार्यकर्ता के साथ बैठक कर रहे थे इसी बैठक में BDO अंशु कुमार पांडे मौजूद थे इसी को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है क्या जिला में पदाधिकारी जेएमएम के कार्यकर्ता बन गए है?
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) द्वारा आज 04 सितंबर,2026 को सतर्कता विभाग के तत्वावधान में ‘आईटी एवं साइबर सुरक्षा तथा साइबर हाइजीन’ विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सतर्कता जागरूकता अभियान (VAC) 2026-27 प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री पंकज कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल, श्री एम.एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी) एवं श्रीमती विभा उरांव, महाप्रबंधक (सिस्टम) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में श्री सुरेश बेहरा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम), सीसीएल एवं श्री मोहित जैन, वरिष्ठ प्रबंधक (सिस्टम), सतर्कता विभाग ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा की मूलभूत अवधारणाओं, आधुनिक साइबर खतरों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा सुरक्षा, साइबर हाइजीन, सीआईएल की IT एवं Cyber Security Policy, साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क, क्लाउड सिक्योरिटी गवर्नेंस तथा कानूनी एवं नियामकीय अनुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को प्रतिभागियों के लिए अत्यंत संवादात्मक एवं व्यावहारिक बनाया गया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक कार्यस्थलीय चुनौतियों पर चर्चा की तथा विशेष रूप से अनुबंधों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली साइबर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से कुल 43 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बढ़ते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना तथा कार्यस्थल पर प्रभावी साइबर सुरक्षा एवं साइबर हाइजीन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था।
सिल्ली-मुरी। श्री राधा रमण महामहोत्सव भव्य जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन को भव्य एवं भक्तिमय स्वरूप देने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके बाद आकर्षक दही-हांडी (मटकी फोड़) प्रतियोगिता आयोजित की गई। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रसाद वितरण किया जाएगा।संध्या में भगवान श्री राधा रमण जी का विशेष अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इसके उपरांत भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण कथा एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती एवं पूजा-अर्चना होगी।इस बीच, सिल्ली-मुरी एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। मटकी फोड़ प्रतियोगिता लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।संध्या आरती के बाद मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। देर रात तक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में भक्ति भाव से शामिल रहे और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।वहीं सिल्ली के नीचे टोला एवं मंडप टोला हिंडाल्को कॉलोनी मुरी सहित विभिन्न मोहल्लों में भी जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक वातावरण में मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण किया गया। लोगों ने अपने-अपने घरों में लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा की। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण एवं राधारानी के स्वरूप में सजाकर प्रस्तुत किया गया, जिनकी मनमोहक झांकियां सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं।पूरे क्षेत्र में जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए महोत्सव को हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ संपन्न किया।
मुरी:- कुड़मी विकास मोर्चा के केंद्रीय सचिव रघुनाथ पुनरियार के नेतृत्व में कुड़मी जनजाति के आंदोलनकारी बृहस्पतिवार को मुरी स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए।वे 5 एवं 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित काला दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।इस जत्थे में कुड़मी जनजाति आंदोलनकारी श्रीपद डुमरियार, चंद्रेश गुलियार, रतन महतो, अनूप महतो, मिहिर महतो, जलधर महतो, रघुनाथ महतो और कुड़मी नेगाचारि गुरु नंदलाल महतो, एवं झारखंड आंदोलनकारी कृष्णा महतो शामिल हैं।सभी कार्यकर्ता मुरी स्टेशन से ट्रेन द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हुए।
रांची। उत्तराखंड के हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को रांची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मौके पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बौखलाहट में इस स्तर की राजनीति पर उतर आई है। राहुल गांधी ने जब दलित और वंचित समाज से जुड़े मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।
इरफान अंसारी ने कहा, “भाजपा और कितना नीचे गिरेगी? राहुल गांधी से टकराना भाजपा को भारी पड़ेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जब कोई व्यक्ति आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और राहुल गांधी अपने संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी देश के दलित, आदिवासी और वंचित समाज के अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े सवालों का जवाब प्राथमिकी के जरिए देना लोकतंत्र और संविधान के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस कार्रवाई से डरने या पीछे हटने वाली नहीं है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा और कांग्रेस सड़क से सदन तक सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की लड़ाई जारी रखेगी।
रांची। झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू और प्रदेश कांग्रेस के को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई इरबा सड़क जाम के दौरान वायरल हुए एक वीडियो को लेकर की गई है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले को प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के समक्ष रखा गया था। समिति ने मामले की सुनवाई करने के बाद अपना निर्णय प्रदेश नेतृत्व को सौंपा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से दोनों नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
29 अगस्त को जारी हुआ निलंबन आदेश
प्रदेश कांग्रेस के संगठन एवं प्रशिक्षण के महासचिव सुनीत शर्मा की ओर से 29 अगस्त 2026 को जारी पत्र में दोनों नेताओं के निलंबन की जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार, अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।
पार्टी के इस फैसले के बाद कांग्रेस के अंदर राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास तौर पर प्रदेश स्तर के दो पदाधिकारियों पर एक साथ हुई कार्रवाई को पार्टी नेतृत्व के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार
बताया जा रहा है कि इरबा सड़क जाम के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता दिखाई। वीडियो के सामने आने के बाद दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू हुई। मामले की सुनवाई के बाद अनुशासन समिति के निर्णय के आधार पर निलंबन का आदेश जारी किया गया।
कांग्रेस के इस कदम से यह संदेश भी गया है कि पार्टी सार्वजनिक गतिविधियों में अनुशासन और संगठन की छवि को लेकर किसी तरह की लापरवाही को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
दोनों नेताओं की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण
अभिलाष साहू को हाल ही में झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं अमरेंद्र सिंह प्रदेश कांग्रेस में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे थे।
ऐसे में दोनों नेताओं के निलंबन को प्रदेश कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि पार्टी आगे इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या दोनों नेताओं को अपना पक्ष रखने या निलंबन समाप्त कराने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल कांग्रेस ने दोनों को अगले आदेश तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है। निलंबन के बाद पार्टी के अंदर इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
रांची। राजधानी रांची में सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, खुले में शराब पीने, नशाखोरी, लफंगई और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए रांची पुलिस ने शनिवार शाम बड़ा विशेष अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 50 से अधिक संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर एक साथ सघन जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों, खुले मैदानों, सुनसान इलाकों, निर्माणाधीन क्षेत्रों और शराब दुकानों के आसपास पुलिस की विशेष नजर रही। फिरायालाल चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, मेन रोड, ओटीसी ग्राउंड, डीआईजी ग्राउंड, मोराबादी मैदान परिसर और स्मार्ट सिटी परिसर सहित कई स्थानों पर पुलिस टीमों ने जांच की।
इसके अलावा रिंग रोड से जुड़े सुनसान रास्तों, खाली प्लॉट और अंधेरे वाले संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ देशी-विदेशी शराब दुकानों के आसपास स्थित ढाबों, गुमटियों और नुक्कड़ पर भी सघन चेकिंग की गई।
DSP से लेकर थाना प्रभारी तक रहे मैदान में
रांची पुलिस के इस समकालिक अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रियल टाइम में की। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्वयं विभिन्न इलाकों में फील्ड पर मौजूद रहे। थाना प्रभारी और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेने के साथ वाहनों की जांच की।
पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से जमावड़ा लगाने वालों को भी हटाया और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों से पूछताछ की।
100 से अधिक लोगों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान खुले में शराब पीने, संदिग्ध रूप से घूमने और हुड़दंग करने वाले 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने पकड़ा। पुलिस के अनुसार सभी को भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति नहीं करने की सख्त चेतावनी और आवश्यक हिदायत देकर छोड़ा गया। साथ ही संबंधित लोगों के नाम-पते पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राजधानी में असामाजिक तत्वों, मनचलों और आदतन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है, ताकि खुले में नशाखोरी, फब्तियां कसने, उपद्रव और सड़क पर होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।
महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा पर जोर
रांची पुलिस ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी शहरवासियों के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
पुलिस ने की आम लोगों से अपील
रांची पुलिस ने आम लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, उपद्रव या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना को दी जाए।
सिमरिया। सिमरिया प्रखंड के हुरनाली पंचायत अंतर्गत ग्राम पुंडरा स्थित प्रसिद्ध दासी पहाड़ी मंदिर के समीप शुक्रवार को DMFT योजना के तहत प्रस्तावित फुटब्रिज सह शेड निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह के साथ सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास भी उपस्थित रहे।
फुटब्रिज सह शेड का निर्माण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दासी पहाड़ी मंदिर के समीप इस सुविधा की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार यहां फुटब्रिज निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसे अब DMFT योजना के माध्यम से पूरा करने की पहल शुरू कर दी गई है।
फुटब्रिज के निर्माण से पुंडरा सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर बरसात के मौसम में रास्ते में होने वाली परेशानियों से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। वहीं, प्रसिद्ध दासी पहाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह निर्माण काफी उपयोगी साबित होगा।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सांसद कालीचरण सिंह और विधायक उज्जवल कुमार दास ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फुटब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। इसके निर्माण की स्वीकृति और शिलान्यास से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होने के बाद उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
बताया गया कि DMFT योजना के तहत क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पुंडरा में फुटब्रिज सह शेड का निर्माण ग्रामीणों की जरूरत और स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है।
मौके पर विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक योजनाओं को प्राथमिकता के साथ धरातल पर उतारा जाएगा। ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
फुटब्रिज सह शेड के शिलान्यास के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सांसद और विधायक के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह निर्माण कार्य केवल आवागमन की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि दासी पहाड़ी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।
जनता की सुविधा, क्षेत्र का विकास और बेहतर भविष्य—इसी उद्देश्य के साथ पुंडरा में शुरू हुआ फुटब्रिज सह शेड निर्माण स्थानीय विकास की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
रांची/गोड्डा। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर गोड्डा जिला कांग्रेस ने चंदा चोरी और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी प्रदर्शन में शामिल हुईं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड का खनिज केवल संपत्ति नहीं, हमारी पहचान है। जिस खनिज संपदा की आदिवासी और मूलवासी पीढ़ियों से रक्षा करते आए हैं, उसी पर राज्य के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ का खनिज रॉयल्टी बकाया है। यह राशि देने के बजाय केंद्र ऐसा कानून ला रही है जिससे राज्य को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ेगा। उनके अनुसार, सेस के माध्यम से राज्य को मिलने वाली करीब ₹14,000 करोड़ की राशि पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व राज्य की सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। मंईयां सम्मान योजना जैसी अन्य योजनाएं राज्य के संसाधनों से संचालित हो रही हैं। झारखंड के राजस्व अधिकारों को कमजोर करने का असर सीधे जनता पर पड़ेगा।
चंदा चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर जुटाए गए चंदे का हिसाब और पारदर्शिता जनता का अधिकार है। आस्था के नाम पर जुटाए गए धन में किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर सवाल उठाना जरूरी है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी नीतियों का लाभ आम जनता के बजाय चुनिंदा व्यावसायिक समूहों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस इस कोशिश का सड़क से लेकर गांव तक विरोध करेगी।
महिला अधिकारों और परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। महिलाओं को किसी राजनीतिक खेल का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। परिसीमन के नाम पर आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस संघर्ष को जिला मुख्यालय से प्रखंड, पंचायत और गांव तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई की शुरुआत है। झारखंड के अधिकार और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी।”
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा: राम के नाम पर जुटे चंदे का हिसाब दो, झारखंड की खनिज संपदा पर झारखंड का हक़ दो।”
धनबाद। धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच कथित गाली-गलौज और बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद को लेकर धनबाद पुलिस एसोसिएशन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक जयराम महतो से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की गई। पुलिस की इस मांग के बाद विधायक ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कर दिया कि वह किसी से माफी नहीं मांगेंगे।
विधायक जयराम महतो ने कहा कि “मैं किसी से माफी नहीं मांगूंगा, चाहे मुझे फांसी पर चढ़ा दिया जाए।” विधायक के इस बयान के बाद पुलिस और विधायक के बीच विवाद और गहराता दिखाई दे रहा है।
वायरल ऑडियो के बाद बढ़ा विवाद
मालूम हो कि कुछ दिन पहले डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज हुई थी। बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। ऑडियो को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और इसी बीच पुलिस ने पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष सामने रखा।
धनबाद पुलिस एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विधायक से माफी की मांग किए जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
विधायक ने कहा- माफी का सवाल ही नहीं
पुलिस की ओर से 24 घंटे की समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद जयराम महतो ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह किसी के दबाव में माफी नहीं मांगेंगे। विधायक का यह बयान सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
विधायक के रुख से स्पष्ट है कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त होने के बजाय और बढ़ सकता है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन और विधायक की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा
विधायक और थाना प्रभारी के बीच कथित गाली-गलौज का मामला अब केवल पुलिस और जनप्रतिनिधि के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और दोनों पक्षों के बयानों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की ओर से दी गई 24 घंटे की समय-सीमा के बाद पुलिस एसोसिएशन और विधायक जयराम महतो के खिलाफ अगला कदम उठाता है या नहीं यह देखने वाली बात है। वहीं, विधायक के “माफी नहीं मांगूंगा” वाले बयान ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
सिल्ली: रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सिल्ली प्रखंड में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में रांची लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी एवं कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगारी, रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी रियाज अंसारी तथा जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं और उनकी मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व हमेशा कार्यकर्ताओं के हितों और सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने, आम जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी सक्रियता के साथ जुटने की अपील की गई।बैठक में सिल्ली विधानसभा कांग्रेस प्रभारी मदन कुमार, जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नागेश्वर महतो, मनीराम दास, सैय्यद कमर आलम, मंजूर मोमिन, भगीरथ महतो, प्रकाश मुंडा, शमशेर आलम, मो. कलाम, श्रीप्रसाद बड़ाईक, देवाशीष दत्ता, गुहीराम महतो, विकास रजक, रुस्तम उरांव, कृष्णा यादव, श्यामेश्वर करमाली, भूतनाथ मंडल, शाकिरुद्दीन, मो. खलील, मोहताब अंसारी, दुर्गा यादव, शालिग्राम पांडेय, पिनाकी बनर्जी, बिंदेश्वर महतो, लालू कोइरी, सोमरा मांझी, घासीराम पातर, सदानंद सोनार, लखींद्र बड़ाईक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
साहिबगंज। जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश महासचिव सह साहिबगंज जिला प्रभारी डॉ. मन्नान संजय की अध्यक्षता में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कांफ्रेंस में जिला अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान, अनुकूल मिश्रा और बासुकी यादव समेत कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।
प्रेस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों और हालिया फैसलों के विरोध में पार्टी का पक्ष रखना था। कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। डॉ. मन्नान संजय ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे से जुड़े मामले में केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जवाब नहीं मिलने पर कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन करेगी।
उन्होंने खान एवं खनिज से संबंधित विधेयक का भी विरोध किया। डॉ. संजय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए प्रावधानों के जरिए झारखंड के खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जमीन और यहां के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य के लोगों का है।
कांग्रेस नेता ने कहा, “धूल खाएं हम, जमीन जाए हमारी और माल केंद्र सरकार ले जाए, यह हम होने नहीं देंगे।” उन्होंने कहा कि झारखंड की संपदा की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी।
डॉ. मन्नान संजय ने घोषणा की कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो 27 अगस्त को साहिबगंज स्टेशन चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि संबंधित विधेयक को वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस चरणबद्ध और सिलसिलेवार आंदोलन करेगी।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने की बात कही।
रांची। झारखंड के उन मासूम बच्चों के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उनके माता-पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर आज ऐसे 20 बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन एवं समुचित इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया।
बच्चों को रवाना करते समय कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, “मंत्री हो तो डॉ. इरफान अंसारी जैसा, जिन्हें गरीब की पीड़ा का एहसास है।”
“हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा” — भावुक हुए परिजन
इस अवसर पर बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे और हम सभी गरीब परिवार से हैं। 4 से 5 लाख रुपये का खर्च हमारे लिए जुटाना संभव नहीं था। आपके इस सराहनीय प्रयास से हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार, पूरा खानदान आपको और आपकी सरकार को दिल से बधाई और आशीर्वाद दे रहा है।”
परिजनों ने आगे कहा, “सरकार ने हमारे बच्चों को मुफ्त में कोच्चि ले जाने और वापस लाने, इलाज, ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने और खाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चों का इतना महंगा इलाज बिना किसी खर्च के हो पाएगा। आपने हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार आपके और झारखंड सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, मेरा प्रयास रहा है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को दूसरे राज्यों में जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब झारखंड सरकार ऐसे बच्चों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क कराएगी।”
उन्होंने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित हुआ है। इसके तहत लगभग 100 बच्चों को उपचार के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में आज 20 बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों के हृदय ऑपरेशन में लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था। अब झारखंड सरकार की पहल से पात्र बच्चों का ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने-खाने सहित उपचार की आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज जब बच्चों के माता-पिता ने मुझे दिल से दुआ दी, तो यह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।”
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व भी विभाग के प्रयास से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है। आज 20 और बच्चों को उपचार के लिए रवाना किया गया है।
उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन सुनिश्चित करेगी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है।”
निःशुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं
- हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण
- ऑपरेशन की पूरी सुविधा
- आवश्यक दवाएं
- अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा
- बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा
- कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था
- ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, ऑपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे विभाग ने भी की स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना
बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन देने के लिए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में अनोखा और सराहनीय है।
रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से साधुवाद दिया। बच्चों की यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में रेलवे विभाग की ओर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।
रांची। झारखंड में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी की केंद्रीय समिति की 20 अगस्त को रांची स्थित सोहराय भवन में हुई विस्तारित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के सभी 24 जिलों में 31 अगस्त 2026 तक बूथ स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से आम लोगों को विधेयक के प्रावधानों और इससे झारखंड एवं राज्यवासियों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा झारखंड की बकाया राशि को हड़पने की कथित साजिश से भी लोगों को अवगत कराने का निर्णय लिया गया है।
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
कार्यालय आदेश के अनुसार 7 सितंबर 2026, सोमवार को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला एवं महानगर स्तर के पदाधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर इसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य भी इन कार्यक्रमों की जानकारी अपने-अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता हो सके। आगे के कार्यक्रमों की सूचना अगले कार्यालय आदेश के माध्यम से देने की बात कही गई है।
रांची : झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अब छात्रों और युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। छात्रों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने वालों को झारखंड की जनता पहचान चुकी है।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े राजनीतिक हित रखने वाले लोग तथा कुछ कोचिंग माफिया छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें आंदोलन और टकराव की राजनीति में धकेलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि वे छात्रों के हित में समाधान चाहते हैं या उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई का मोहरा बनाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी पहले इस बात का जवाब दें कि छात्रों के बीच जाकर उन्हें भड़काने और राजनीतिक नारों में उलझाने से उनके भविष्य का क्या भला होगा? यदि वास्तव में छात्रों की चिंता है तो उनके मुद्दों पर सरकार से बातचीत करें, तथ्य सामने रखें और समाधान का रास्ता सुझाएं। छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना न तो छात्रहित है और न ही लोकतांत्रिक राजनीति।
झामुमो महासचिव ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के झामुमो कार्यकर्ताओं को बदनाम करना बाबूलाल मरांडी की हताश राजनीति का परिचायक है। यदि कहीं किसी के साथ मारपीट हुई है या कानून का उल्लंघन हुआ है तो पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच से पहले ही राजनीतिक फैसला सुनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रही है या आगामी राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं के बीच असंतोष को हवा दे रही है। झारखंड के छात्र किसी राजनीतिक दल के मोहरे नहीं हैं। उन्हें अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा की चिंता है; भाजपा को उनके भविष्य से खिलवाड़ करने के बजाय अपनी राजनीति सुधारनी चाहिए।
विनोद पांडेय ने कहा कि कोचिंग संस्थानों और शिक्षा के नाम पर कारोबार करने वाले किसी भी समूह को छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि किसी को छात्रों की वास्तविक चिंता है तो वह उनके बीच भ्रम और आक्रोश फैलाने के बजाय उन्हें सही तथ्य और उचित मार्गदर्शन दे।
उन्होंने कहा कि झामुमो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है और किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार के खिलाफ नहीं है। लेकिन आंदोलन के नाम पर हिंसा, उकसावे या राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जा सकता। कानून अपना काम करेगा और यदि किसी ने कानून हाथ में लिया है तो उसकी जांच होनी चाहिए।
विनोद पांडेय ने बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको छात्रों की चिंता कम और अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता ज्यादा है। छात्र आंदोलन को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश बंद कीजिए। झारखंड के युवा समझदार हैं और वे तय करेंगे कि उन्हें अपने भविष्य के लिए संघर्ष करना है या भाजपा की राजनीतिक पटकथा का हिस्सा बनना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के हित में लगातार काम कर रही है। भाजपा को यदि कोई ठोस सुझाव देना है तो सरकार के सामने रखे। लेकिन छात्रों को भड़काकर, माहौल खराब करके और फिर उसकी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश झारखंड में सफल नहीं होगी।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी तत्व यह समझ लें कि झारखंड के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं को उकसाने की राजनीति का जवाब तथ्य, संवाद और कानून के रास्ते से दिया जाएगा सड़क पर अराजकता पैदा करके नहीं।
सिल्ली (मूरी)। रूडसेट संस्थान, सिल्ली में शुक्रवार को 30 दिवसीय एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) ओनर ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल 29 प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।इसी अवसर पर संस्थान में 30 दिवसीय टू-व्हीलर मैकेनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें 23 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं। साथ ही 12 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई, जिसमें 28 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।समापन एवं उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि राँची जिला परिषद की उपाध्यक्ष वीणा चौधरी थीं। उन्होंने एलएमवी चालक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल प्रतिभागियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।संस्थान के निदेशक श्री सुदीप शिशिर एक्का ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास और स्वरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए नए प्रशिक्षुओं से लगन, अनुशासन और गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय रंजीत कर्ण, दशरथ महतो, सुनील मुंडा, ईडीपी असेसर विवेकानंद भगत, एलएमवी चालक प्रशिक्षण के प्रशिक्षक श्री बबलू कुमार तथा टू-व्हीलर मैकेनिक प्रशिक्षण के प्रशिक्षक श्री रामाशंकर सहित अन्य गणमान्य लोग एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी प्रतिभागियों ने कौशल विकास एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। गौरतलब है कि रूडसेट संस्थान, सिल्ली द्वारा ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
रांची। जिले के सोनाहातु प्रखंड के ग्राम नीमडीह के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को एक 5 सूत्री मांग-पत्र सौंपा है। यह मांग-पत्र 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन रांची में प्राप्त किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग, बुण्डू रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा (PESA) अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मांग-पत्र के अनुसार ग्रामीण दिनांक 19 अगस्त 2026 को रांची के नागा बाबा खटाल के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और उसी मंच से राज्यपाल को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
क्या है ग्रामीणों की मांगें ?
ग्रामीणों ने अपने पत्र में 5 मुख्य मांगें रखी हैं -
1. जांच हो:* बुण्डू वन रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा अधिनियम के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. कानून का पालन:* गांव में पेसा अधिनियम को पूरी तरह लागू कराया जाए।
3. रास्ता खोला जाए:* ग्रामीण किसानों को अपने खेतों तक जाने और पशुओं को चारागाह तक ले जाने वाला पारंपरिक रास्ता बंद कर दिया गया है, उसे तुरंत खुलवाया जाए।
4. पौधा घोटाले की जांच:* आरोप है कि नर्सरी से बाहर दूसरे गांव से चुनकर लाए गए पौधों को गांव में लगाया गया है, इसकी जांच हो।
5. वनाधिकार कानून लागू हो:* वन अधिकार अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन हमारा अधिकार है और वन विभाग मनमानी कर रहा है। महामहिम से निवेदन है कि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्याय दिलाया जाए।
रांची । झारखंड में विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंगलवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कांग्रेस के मंत्री एवं विधायक मुख्यमंत्री से मिले।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लिए गए फैसले युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
TDPL परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का स्वागत
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। नेताओं का कहना था कि इन परीक्षाओं को लेकर प्रभावित विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, सरकार के फैसले से उसे दूर करने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनहित, छात्र हित और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को सरकार की संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के प्रति जवाबदेही का उदाहरण बताया।
युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाना भी है।
विकास और छात्र कल्याण के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, जनहित से जुड़े विषयों और छात्र कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उठाए जा रहे कदमों पर अपनी बात रखी।
बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितकारी फैसलों को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू करना आवश्यक है, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों तक पहुंच सके।
ये नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, रामेश्वर उरांव, प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा और विधायक ममता देवी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सिल्ली:-सिल्ली मुरी में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।अनवरत बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है और कई इलाकों में जल जमाव की समस्या से आवागमन में परेशानियां हो रही है।बारिश के कारण व्यापार पर भी काफी असर पड़ा है।कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों को काफी कठिनाइयां हो रही है।कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई है,जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से कई बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि हो रही बारिश से जहां गर्मी और उमस से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जल जमाव होने की समस्या खड़ी हो गई है।
चतरा। जिले में वज्रपात की घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए विधानसभा में सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास द्वारा उठाई गई मांग पर सरकार ने सकारात्मक संज्ञान लिया है। चतरा जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों, प्रखंड मुख्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उच्च क्षमता वाले तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाने की मांग विधानसभा में उठाई गई थी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि चतरा जिले के कुल 1,569 विद्यालयों में से 675 विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, शेष विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से तड़ित चालक लगाने का कार्य जारी है।
विधानसभा में यह मांग उठाने वाले विधायक ने कहा कि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से आमजनों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उनका प्रयास है कि चतरा जिले के प्रत्येक संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान को सुरक्षित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना और उनके समाधान तक लगातार प्रयासरत रहना उनकी प्रतिबद्धता है। तड़ित चालक लगाए जाने से विद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वज्रपात से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा एवं रिजल्ट रद्द होने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी पीड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है।
लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए JPSC-14, बैकलॉग 2023-25, JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है।
सरकार का एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने बच्चों की आवाज सुनने, उनकी पीड़ा समझने और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की ताकत है। हमारी सरकार के लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे छात्र-युवाओं का भविष्य है।
इस पूरे मामले में जननायक एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने लगातार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा और उनके हक की आवाज को आगे बढ़ाया। वहीं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब ने भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं इस छात्र हितैषी और ऐतिहासिक फैसले के लिए लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी, जननायक राहुल गांधी जी और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब को विशेष रूप से बधाई एवं आभार व्यक्त करता हूं।
यह सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्र-युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और उनके भविष्य का सम्मान है।
अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी। गठित समिति छात्रों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो, निष्पक्षता हो और मेहनत करने वाले हर बच्चे को उसके अधिकार का भरोसा हो।
हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं। उनकी आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी है और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारा संकल्प है।
बरहरवा। बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित से जुड़े मामलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से यूजी सेमेस्टर-4 के अंकपत्र में त्रुटि सुधार, आंतरिक परीक्षाओं में प्रशासनिक अनियमितताओं को दूर करने, यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया शुरू करने तथा आगामी परीक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
NSUI ने बताया कि हाल ही में जारी यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023-27) के ऑनलाइन अंकपत्र में माइनर पेपर ‘Disaster Management (आपदा प्रबंधन)’ की आंतरिक परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है। संगठन ने मामले की तत्काल जांच कर दो दिनों के भीतर आवश्यक संशोधन कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने आंतरिक परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी। NSUI का कहना है कि कई बार परीक्षा नोटिस पर प्राचार्य या परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर एवं आधिकारिक मुहर नहीं होती। इसके अलावा मेजर और माइनर विषयों की परीक्षाएं एक ही समय निर्धारित कर दी जाती हैं तथा कई बार जारी नोटिस अचानक रद्द कर दिए जाते हैं। कुछ विभागों में केवल व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दिए जाने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। संगठन ने आंतरिक परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यूजी सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 19 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली यूजी सेमेस्टर-2 (सत्र 2025-29) एवं एक्स-रेगुलर (सत्र 2022-26, 2023-27 एवं 2024-28) NEP परीक्षाओं को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
दूर-दराज से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की सुविधा के लिए गर्ल्स कॉमन रूम एवं बॉयज कॉमन रूम को उपयोग योग्य बनाने, वहां बैठने, पंखा, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
प्राचार्य ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें जायज हैं और महाविद्यालय प्रशासन इन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास करेगा। आंतरिक परीक्षा में विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाए जाने के मामले में रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक परीक्षाओं के नोटिस से संबंधित व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षकों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालय प्रशासन कार्यरत है और अगले कुछ दिनों में नामांकन शुरू होने की उम्मीद है।
प्राचार्य ने बताया कि परीक्षा एवं कक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्ल्स कॉमन रूम की स्थिति ठीक है और साफ-सफाई के बाद उसका उपयोग किया जा सकता है, जबकि बॉयज कॉमन रूम के लिए विज्ञान भवन में एक कमरे की व्यवस्था की जाएगी।
NSUI कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा, “छात्रों की समस्याओं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। छात्रहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए NSUI लगातार आवाज उठाता रहेगा।”
मौके पर NSUI मीडिया प्रभारी अफजल शेख, NSUI सदस्य फैसल आलम, मुसलेउद्दीन, रबीउल इस्लाम, सरफराज नवाज, राशिद आलम सहित छात्र आमिर सोहेल, तन्नू कुमारी, सबिता कुमारी, सानिया रागिब एवं अन्य मौजूद रहे।
रांची । 15 अगस्त, 2026 को सीसीएल मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूम-धाम के साथ मनाया गया। सीसीएल के सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने सीसीएल गांधीनगर कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी क्रीड़ागन में ध्वजारोहण किया एवं सलामी दी। इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक(योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा, मुख्य सर्तकता अधिकारी श्री पंकज कुमार, सीआईएसएफ के वरीय पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यकगण, श्रमिक संघों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मी उपस्थित थे। सीएमडी श्री सिंह ने अवसर विशेष पर सुरक्षा बलों एवं विद्यार्थियों के परेडों का निरीक्षण भी किया।
सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और वीर शहीदों के अतुल्य पराक्रम को नमन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि यह दिन केवल आज़ादी का प्रतीक नहीं, बल्कि एक महान राष्ट्र के निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीसीएल न केवल भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि नए भारत के निर्माण और झारखंड के औद्योगिक विकास में भी अहम योगदान दे रहा है।
‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा है।उन्होंने कहा कि सीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक सशक्त स्तंभ है और कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता, आधारभूत संरचना एवं तकनीकी दक्षता को लगातार सुदृढ़ कर रही है। पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में अब तक कोयला उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा कंपनी अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर है। मगध परियोजना की क्षमता 20 MTY से बढ़ाकर 24 MTY किए जाने के साथ नई परियोजनाओं, फॉरेस्ट लैंड डायवर्जन एवं रेल साइडिंग के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि सीसीएल विकास के साथ पर्यावरणीय संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। कंपनी के पास वर्तमान में 32.3 मेगावाट की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता है। बरका-सयाल क्षेत्र में ओवरबर्डन डंप पर स्थापित 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र तथा गिरिडीह में 100 मेगावाट क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) युक्त सौर परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 279 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 322 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही, आधुनिक पर्यावरणीय निगरानी व्यवस्था, फॉग कैनन, वर्षा जल संचयन एवं मैकेनिकल रोड स्वीपर्स जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।
सामुदायिक विकास के क्षेत्र में सीसीएल के ‘Surplus Mine Water Utilization’ कार्यक्रम से लगभग 140 गाँवों के ढाई लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, पिपरवार क्षेत्र के बचरा में स्थापित ‘कोल नीर बॉटलिंग प्लांट’ महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तीकरण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा।
अंत में श्री सिंह ने सीसीएल परिवार के परिश्रम, समर्पण और ईमानदारी को सलाम करते हुए सभी से सुरक्षा, पारदर्शिता और सतत विकास के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सीसीएल के सुरक्षा जवानों, सीआईएसएफ, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न स्कूल के बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान डीएवी गांधीनगर, केन्द्रीय विद्यालय एवं ज्ञानोदय स्कूल के विद्यार्थियों ने देश-भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुती दी, जिसे उपस्थित सभी ने खूब सराहा।
इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सीसीएल के आधिकारिक यूट्यूब चॅनेल से किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कर्मी जुड़े रहे। "कार्यक्रम के दौरान सीएमडी, निदेशकगण, सीवीओ एवं अन्य अतिथियों ने तीन रंगों वाले गुब्बारे उड़ाकर एकता और अखंडता का संदेश दिया।"
अवसर विशेष पर सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सुरक्षा जवानों को उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, सीसीएल कमांड एरिया में संचालित डीएवी विद्यालयों एवं केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।”
इसके पूर्व निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने दरभंगा हाउस परिसर एवं गांधीनगर अस्पताल में ध्वजारोहण किया एवं सभी को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दी।
टंडवा। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में नाबालिग दलित युवती से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच कराने की मांग की है।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने प्राथमिकी में नामजद व्यक्तियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। विधायक ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई जाती है तो उसे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचाया जाए। वहीं, जांच के दौरान जो भी वास्तविक दोषी सामने आएं, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि न्याय का मूल उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष को झूठे आरोप या अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष एवं गहन जांच के निर्देश देने की मांग की है।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को न्याय मिले और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो—यही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निर्दोष लोगों को राहत दिलाने की मांग दोहराई।
सिल्ली: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गुरुवार को सिल्ली आगमन पर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन कर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी।स्वागत समारोह के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सिल्ली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। साथ ही आवश्यक सुधार एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नगेंद्र नाथ गोस्वामी, सिल्ली प्रखंड कांग्रेस महासचिव मंजूर मोमिन, सैय्यद कमर आलम, भर्गीरथ महतो, शमशेर आलम, मो. कलाम, सिल्ली पश्चिमी मंडल अध्यक्ष गुहीराम महतो, सिल्ली विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष विकास रजक, पंचायत अध्यक्ष बिंदेश्वर महतो, मो. खलील, सदानंद सोनार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।
साहिबगंज । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी साहिबगंज जिला के तत्वावधान में गुरुवार को जिला मुख्यालय में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिला अध्यक्ष गौतम यादव के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अनंत ओझा, पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव तथा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणेश प्रसाद, कृपानाथ मंडल और धर्मेंद्र कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा के संयोजक जिला महामंत्री साखलू सोरेन तथा सह-संयोजक जिला महामंत्री धनंजय कुमार मंडल रहे। कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मंडल समेत जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत शहीद चौक पर शहीदों को माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक पहुंची, जहां माल्यार्पण के साथ यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान मार्ग में स्थापित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तिरंगा यात्रा में एनसीसी की टीम के साथ जिले के सभी मंडलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ता, मातृशक्ति तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे यात्रा मार्ग पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से वातावरण देशभक्तिमय बना रहा।
तिरंगा लहराते हुए कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है।
भाजपा की इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रांची । झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि शिक्षा माफियाओं को बचाने के लिए बीजेपी जानबूझ कर CBI जांच का दांव खेलना चाहती है । जबकि इतिहास गवाह है कि CBI ने जांच के नाम पर अब सभी मामलों में लटकाने और भटकाने के सिवाय कुछ भी नहीं किया ।
मंत्री ने कहा कि 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यह देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब तक कम से कम 17 परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन 2015 के बाद CBI जांच में अब तक एक भी मामले में दोषसिद्ध नहीं हुआ , मतलब CBI जांच का नतीजा शून्य है । उन्होंने कहा कि CBI ने NEET UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 सहित कम से कम नौ अन्य परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच की है।
मंत्री ने कहा कि NEET-UG 2024 मामले में CBI 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा से चूक गई, जिसके चलते मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने का अवसर मिला। वहीं, UGC-NET 2024 में कथित पेपर लीक की जांच के बाद CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि संबंधित सबूत एक छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट था। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2026 में जिस फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर खूब प्रचार किया गया, उसके पहले ही दिन CBI का वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 2015 से अब तक इन सभी मामलों में केवल एक दोषसिद्धि हुई है, वह भी हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 का मामला है । इस मामले में फैसला अगस्त 2024 में दिल्ली की एक अदालत ने सुनाया था, जबकि इसकी जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद छात्रों का आंदोलन सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन को राजनीतिक हवा देने और CBI के नाम पर वास्तविक गड़बड़ियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
मंत्री ने बताया कि मामले में अब तक करीब 20 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। राहुल गांधी को लेकर भाजपा की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो कल तक “राहुल गांधी कौन कहते थे , उनके सपने में सुबह-शाम राहुल गांधी ही आ रहे है । उनके खिलाफ फैलाया जा रहा षड्यंत्र अब ताश के पत्तों की तरह भरभरा चुका है।”
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर और रांची के छात्र आंदोलन के बीच बहुत बड़ा अंतर है । रांची में दिल्ली के जंतर मंतर की तरह छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज नहीं किया गया , उन्हें सड़कों पर बेरहमी से नहीं पीटा गया और न ही छात्राओं के साथ किसी तरह का कोई अभद्र व्यवहार किया गया। छात्रों की भीड़ में शामिल उपद्रवियों को खदेड़ने का प्रयास स्थानीय पुलिस ने जरूर किया है । सरकार छात्रों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान भी सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनके आंदोलन को राजनीतिक रंग देना।
पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
रांची। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा के अध्यक्ष मेघा उरांव ने आदिवासी पहचान, पारंपरिक आस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान केवल जल, जंगल और जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी अपनी पारंपरिक आस्था, पूजा-पद्धति, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक संस्थाओं से भी जुड़ी हुई है।
मेघा उरांव ने आरोप लगाया कि पुरुलिया रोड स्थित बिशप हाउस, एसडीसी सभागार और नामकुम बगीचा में बैठकर आदिवासी एवं जनजातीय समाज की पहचान, संरक्षण, संवर्धन और विस्तार की बातें करना विरोधाभासी है। उन्होंने इसे ‘दूध की रखवाली बिल्ली से कराने’ वाली कहावत से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जिन लोगों की विचारधारा आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था और पहचान से अलग है, वे आदिवासी पहचान के संरक्षण की बात किस आधार पर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरना, मसना, चाला, जाहेरथान, मांझीथान, पाहन, पुजार, नायके, अखड़ा, धुमकुड़िया और पड़हा जैसी परंपराएं आदिवासी समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके अनुसार आदिवासी समुदाय की पहचान उसकी प्रथागत परंपराओं, सामाजिक संगठन, सामुदायिक जीवन और पारंपरिक संस्थाओं से भी निर्धारित होती है।
मेघा उरांव ने आरोप लगाया कि एक ओर आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था, विश्वास और पूजा-पद्धति को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज की पहचान और उसके संरक्षण-संवर्धन की बात की जा रही है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार देते हुए कहा कि आदिवासी समाज अपनी पहचान, परंपरा और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के सवाल पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व को लेकर स्पष्ट नीति और गंभीर पहल की आवश्यकता है। पारंपरिक आस्था, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किए बिना केवल आदिवासी हितों की बात करना अधूरा प्रयास है।
मेघा उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने संबंधित संगठनों और संस्थाओं से आदिवासी समाज की पारंपरिक पहचान, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने तथा उनके संरक्षण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।
रांची। छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की कोशिश अब पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने छात्रों के मुद्दे को लेकर बंद का आह्वान किया, लेकिन आंदोलनरत छात्रों ने खुद को इस बंद से अलग रखा। इससे स्पष्ट है कि छात्र अपनी मांगों और अधिकारों की लड़ाई को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाना चाहते।
मंत्री ने कहा कि छात्रों ने भाजपा के राजनीतिक आह्वान से दूरी बनाकर साफ संदेश दिया है कि उनका आंदोलन किसी पार्टी के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को लेकर है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की लड़ाई को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की कोशिश को स्वयं छात्रों ने नकार दिया है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस और झारखंड की महागठबंधन सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता आंदोलन को राजनीति का अखाड़ा बनाना नहीं, बल्कि छात्रों की जायज मांगों का समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बातचीत तथा संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट बात रखी है। वर्तमान में संसद का सत्र चल रहा है और उन्हें विश्वास है कि छात्रों के हित में आगे भी ठोस पहल की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाएगा, बल्कि उनकी बात सुनी जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि आंदोलन की स्थिति को टकराव में बदलने के बजाय संवाद के जरिए समाधान तक पहुंचाया जाए।
दीपिका पांडेय सिंह ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की आवाज सुनी जाएगी और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए हरसंभव पहल की जाएगी।
रांची: झारखंड की सियासत में भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। जहां गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और हटिया के चर्चित विधायक नवीन जायसवाल की अकूत संपत्ति और जमीन के खेल का कच्चा-चिट्ठा अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के टेबल पर पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता हिमांशु कुमार ने सीधे ACB के DG को हलफनामा और जमीन के दस्तावेज सौंपकर बम फोड़ा है - *घोषित दाम कुछ और, बाजार में कीमत कई गुना ज्यादा, पैसा आया कहां से?
बरियातू से बड़गाईं तक चौधरी जी की संपत्ति पर सवाल
शिकायत में आरोप है कि सांसद चौधरी ने रांची के पॉश इलाके बरियातू में जो मकान दिखाया है, उसका सरकारी कागज पर दाम कुछ लाख है, लेकिन बाजार में उसकी कीमत करोड़ों में है - लगभग 6 गुना का खेल!
इतना ही नहीं, बड़गाईं के खाता नंबर 112, प्लॉट 2592 और 1221 वाली जमीन किसके पैसे से खरीदी गई, कौन काबिज है? इसकी भी परतें खोलने की मांग की गई है।
नगड़ी की 25 एकड़ आदिवासी जमीन, जायसवाल के रिश्तेदारों के नाम?
दूसरी तरफ हटिया विधायक नवीन जायसवाल पर तो और भी सनसनीखेज आरोप है।
शिकायत के मुताबिक, नगड़ी के खाता नंबर 230 के प्लॉट 908A, B, C, D की कीमत कागज में कम और हकीकत में आसमान पर है।
सबसे बड़ा धमाका - *नगड़ी में 25 एकड़ से ज्यादा आदिवासी जमीन को CNT/SPT Act को ताक पर रखकर रिश्तेदारों के नाम कराने का आरोप!* क्या आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का नया फॉर्मूला निकला है? ACB से इसी की तह तक जाने की मांग हुई है।
सरकार भी हरकत में!
मामला सिर्फ शिकायत तक नहीं है। 22 जून 2026 को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने खुद इस मामले में दो अलग-अलग चिट्ठी अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह को भेजी है, जिसमें शपथ पत्र लगे होने का जिक्र है। मतलब साफ है - मामला अब सरकारी फाइलों में दौड़ रहा है।
अब सबकी निगाहें ACB पर टिकी हैं - क्या होगा अगला एक्शन? क्या होगी छापेमारी? क्या खुलेगा संपत्ति के काले-सफेद का हिसाब?
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी देर रात बिना किसी प्रोटोकॉल और सुरक्षा घेरे के सदर अस्पताल पहुंचे। वे बिना बॉडीगार्ड के अस्पताल पहुंचे, जिसके कारण वहां मौजूद कई लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाए। बाद में जब लोगों को जानकारी हुई कि स्वयं स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे हैं, तो अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया।
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो समेत अन्य युवाओं से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी जांच कर रही है। उनकी निगरानी और आवश्यक उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवा, जांच और इलाज की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने मंत्री को अपनी समस्याओं और इलाज से जुड़े अनुभवों से भी अवगत कराया।
मरीजों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बेहतर चिकित्सा सुविधा और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की। उन्होंने अस्पताल कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब रांची में छात्र आंदोलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती चर्चा में है। ऐसे माहौल के बीच डॉ. इरफान अंसारी का बिना सुरक्षा घेरे के सदर अस्पताल पहुंचना, आंदोलनकारी युवाओं से मिलकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति जानना और फिर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों की समस्याएं सुनना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि जब प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर सीधे मरीजों और आम लोगों के बीच पहुंचते हैं, तो इससे जनता के बीच भरोसा मजबूत होता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि स्वास्थ्य मंत्री ने इस दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से अधिक मरीजों की सेवा और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी।
रांची। माटी कला बोर्ड के पुनर्गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कुम्हार महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग झारखंड विधानसभा के समक्ष पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का जल्द से जल्द पुनर्गठन करने और कुम्हार समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से पहल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुम्हार समाज की पारंपरिक माटी कला और उससे जुड़े रोजगार को संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए माटी कला बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन बोर्ड के पुनर्गठन में हो रही देरी से समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
कुम्हार महासभा के नेताओं ने कहा कि मिट्टी के बर्तन, दीये, मूर्तियां और अन्य माटी कला उत्पाद बनाने वाले कारीगरों के सामने आर्थिक और रोजगार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। आधुनिक बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक कारीगरों को सरकारी सहयोग, प्रशिक्षण, बाजार उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन, कुम्हार समाज के पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने, कारीगरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और माटी कला उत्पादों के लिए बाजार की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की।
मौके पर साहेबगंज जिला कुम्हार महासंघ के जिलाध्यक्ष पिंटू पंडित, जिला महामंत्री ओमप्रकाश पंडित, रामा पंडित,प्रकाश कुमार पंडित ने कहा प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश की और कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् साहिबगंज विभाग संयोजक संजय दत्ता ने कहा कि जेपीएससी व जेएसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताएँ झारखंड के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। ऐसे संवेदनशील और जीवन-निर्णायक विषयों पर समस्या के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संवाद के जरिए समाधान की कोशिश करने के बजाय राज्य द्वारा बलप्रयोग करना न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि अस्वीकार्य भी है।
इस प्रकार की कार्रवाई स्पष्ट रूप से प्रदेश सरकार के विद्यार्थी-विरोधी रुख को उजागर करती है। वहीं, छात्र-हितों का संरक्षण करने वाली राजनीतिक पार्टियों द्वारा मौन रहना, जबकि वे राज्य सरकार का भागीदार हैं, उनके द्वैध चरित्र को भी दिखाता है। हम सरकार से दो बातों की तत्काल माँग करते हैं:
दमन की नीति को छोड़कर विद्यार्थियों से सार्थक संवाद शुरू किया जाए,
JPSC ओर JSSC के संदिग्ध परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर सी बी आई के द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करायी जाए, तथा परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत सुधार लागू किए जाएँ।
विद्यार्थी परिषद शान्तिपूर्ण आंदोलन के अधिकार की रक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य के संरक्षण के लिए लगातार आवाज़ उठाते रहेंगे। छात्रों के साथ हुई इस अमानवीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रांची, 10 अगस्त 2026। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड की पारंपरिक चौकीदारी व्यवस्था को बचाने तथा नौ सूत्री मांगों के समर्थन में झारखंड राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की ओर से सोमवार को झारखंड विधानसभा के सामने कूटे मैदान, रांची में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने की, जबकि संचालन रांची जिलाध्यक्ष राम किशुन गोप ने किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान पंचायत ने सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने, 1 जनवरी 1990 के पूर्व एवं बाद में सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार नियुक्ति करने तथा सेवा विमुक्त एवं एवजी चौकीदारों को न्याय दिलाने के लिए झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2015 में संशोधन करने की मांग की।
पंचायत की अन्य प्रमुख मांगों में चौकीदारी मैनुअल एवं राज्य सरकार के आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी लेने, प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, वेतनादि के लिए पुनः आवंटन करने, सभी बकाया सहित वर्दी भत्ता का भुगतान करने, 31 जनवरी 1989 को सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की नियुक्ति करने, सरकारी उपस्थिति पंजी में साप्ताहिक उपस्थिति स्वयं दर्ज करने का अधिकार देने, साहिबगंज जिले में अनुकंपा के आधार पर जिला चयन समिति द्वारा चयनित चौकीदारों को तत्काल नियुक्ति पत्र देने तथा दफादार-चौकीदारों को कालबद्ध प्रोन्नति देने की मांग शामिल है।
धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने तथा 1 जनवरी 1990 के पूर्व एवं बाद में सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार नियुक्ति के लिए चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2015 में आवश्यक संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की पारंपरिक चौकीदारी व्यवस्था को बचाने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्रांक 5020, दिनांक 11 सितंबर 2017 के माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को चौकीदार-दफादारों से चौकीदारी मैनुअल तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी लेने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कई जिलों में बैंक ड्यूटी, कैदी स्कॉट, रोड ड्यूटी एवं डाक ड्यूटी जैसे कार्य लिए जा रहे हैं।
कृष्ण दयाल सिंह ने विभागीय अपर मुख्य सचिव से मांग की कि वर्ष 2017 के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को पुनः स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी आदेश के बावजूद कई थानों में चौकीदार-दफादारों को उपस्थिति पंजी में स्वयं उपस्थिति दर्ज नहीं करने दी जाती है और ड्यूटी करने के बाद भी उनकी उपस्थिति काट दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों से चौकीदार-दफादारों के शोषण की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
धरना-प्रदर्शन का संचालन करते हुए रांची जिलाध्यक्ष राम किशुन गोप ने कहा कि झारखंड गठन के लगभग 36 वर्ष बाद भी चौकीदार-दफादारों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिलना प्रशासनिक उदासीनता एवं लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने सरकार से चौकीदार-दफादारों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से एतवा उरांव, राम किशुन गोप, शिबू पहाड़िया, सरयू यादव, मिथिलेश यादव, राजू कुमार, राम नारायण भोक्ता, भैया राम तुरी, कृष्ण महतो, सिकंदर यादव, परमेश्वर पासवान, धनराज प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में दफादार एवं चौकीदार शामिल हुए।
रांची। विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2026 के अवसर पर सेक्टर-3, एन टाइप, धुर्वा में जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से अपने पूर्वजों एवं विश्वभर के मूल निवासी जनजातीय समुदायों के साथ हुए अत्याचार और नरसंहार में मारे गए लोगों की स्मृति में दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर हक-अधिकार, अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा के लिए संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि 9 अगस्त के पीछे के इतिहास को जानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में 9 अगस्त को उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि शोक सभा के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के मूल निवासी जनजातीय समुदायों के साथ हुए ऐतिहासिक अत्याचारों और विस्थापन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने पहले ही अनुसूचित जनजाति एवं आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रावधान किए हैं। इसलिए अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक रहना चाहिए।
मेघा उरांव ने कहा कि 9 अगस्त को लेकर यह सवाल उठता है कि इसे आदिवासी दिवस कहा जाए या मूल निवासी दिवस। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को इस विषय पर भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को गौरव दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया था।
जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने कहा कि समाज को विदेशी प्रभाव और कथित षड्यंत्रों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित अन्य देशों में अत्याचार और नरसंहार के शिकार हुए पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए मरांग बुरू एवं जाहेर ऐरा से प्रार्थना की गई।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर अपनी धर्म-संस्कृति, रीति-रिवाज, पूजा-पाठ, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कृतसंकल्प होने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में डीलिस्टिंग की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम में बिरसा भगत, कुमुदिनी लकड़ा, जय मंत्री उरांव, लुथुरु उरांव, माईसा उरांव, बबलू उरांव, लक्ष्मण उरांव, डॉ. बुटन महली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे
रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा मानवीय फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आंदोलन के दौरान यदि कोई छात्र-छात्रा बीमार पड़ता है या अस्पताल में भर्ती होता है, तो उसका समुचित एवं बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं से इलाज के नाम पर एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा। उनके इलाज से संबंधित आवश्यक खर्च राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य मंत्री ने व्यक्तिगत स्तर पर भी हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं को किसी भी परिस्थिति में इलाज से वंचित न किया जाए और उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
“मेरे आंदोलनकारी बच्चे हैं, उनकी जान की कीमत सबसे ज्यादा है”
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हमारे युवा दिन-रात अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी भावनाओं और उनकी पीड़ा को सरकार गंभीरता से समझ रही है। आंदोलन स्थल पर किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी न हो, इसके लिए मेडिकल टीम को लगातार तैनात रखा गया है और स्वास्थ्य विभाग उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा—
“मेरे आंदोलनकारी युवा मेरे बच्चे हैं। आपकी पीड़ा मेरी पीड़ा है। मैं नहीं चाहता कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते-लड़ते मेरे किसी बच्चे की जान खतरे में पड़े।”
उन्होंने कहा—
“जान है तो जहान है। शरीर हमें एक बार मिला है और जिंदगी भी एक बार मिली है। कृपया अपनी जिंदगी के साथ मत खेलिए। आप अपनी मांगों को लेकर धरना दीजिए, अपनी आवाज उठाइए, लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कीजिए, लेकिन मैं आपसे हाथ जोड़कर गुजारिश करता हूं कि अनशन और भूख हड़ताल से बचें।”
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार आपकी मांगों को नजरअंदाज नहीं कर रही है। आपकी मांगें गंभीरता से विचाराधीन हैं और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी, कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी जी तथा झारखंड कांग्रेस प्रभारी श्री के. राजू जी भी इस विषय को गंभीरता से देख रहे हैं। सरकार की पूरी कोशिश है कि बातचीत और संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकाला जाए।
उन्होंने आंदोलनकारी युवाओं से कहा—
“सरकार आपने बनाई है, इसलिए सरकार पर विश्वास रखिए। आपकी सरकार आपके साथ है। स्वास्थ्य मंत्री आपके साथ खड़ा है। आपकी लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन आपकी जिंदगी उससे भी ज्यादा कीमती है।”
“मैं अपने बच्चों से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं—अपनी मांगों के लिए लड़िए, लेकिन अपनी जान को दांव पर मत लगाइए। आपकी जिंदगी सुरक्षित रहे, यही मेरी सबसे बड़ी चिंता है।
मुरी : सिल्ली प्रखंड आजसू पार्टी के तत्वावधान में शनिवार को झारखंड मोड़ स्थित शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा स्थल पर शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, केंद्रीय सचिव संजय सिद्धार्थ, गौतम कृष्ण साहू, सुशील महतो, प्रमुख जितेंद्र नाथ बड़ाइक, झारखंड आंदोलनकारी बुद्धेश्वर महतो, शत्रुघ्न महतो, सपन महतो, प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र करमाली, लक्ष्मण महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके संघर्ष, त्याग और झारखंड आंदोलन में दिए गए योगदान को याद किया।केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने झारखंड की पहचान, अधिकार और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष और विचार आज भी झारखंडवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।गौतम कृष्ण साहू ने कहा कि शहीद निर्मल दा का त्यागपूर्ण जीवन और झारखंड राज्य के लिए दिया गया उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शहीद निर्मल महतो के सपनों को साकार करने तथा झारखंड के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।इसके बाद लगाम निवासी झारखंड आंदोलनकारी दिवंगत कार्तिक महतो की पुण्यतिथि भी मनाई गई। कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। मौके पर डबलु महली, सोमरा मांझी, मोहम्मद सुभाष मुंडा, सूरज उपाध्याय सहित काफी संख्या में आजसू कार्यकर्ता उपस्थित रहे..
रांची। लंबे समय से प्रतीक्षित JSLPS की नई मानव संसाधन (HR) Policy लागू होने पर राज्यभर से रांची पहुंचे JSLPS कर्मियों ने ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कर्मियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ मंत्री का स्वागत किया। कर्मियों में लंबे इंतजार के बाद HR Policy लागू होने को लेकर खासा उत्साह और खुशी देखने को मिली।
नई HR Policy के लागू होने से JSLPS में करीब 1,300 अतिरिक्त पदों पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे संस्था में मानव संसाधन की कमी को दूर करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि JSLPS कर्मियों की भूमिका राज्य की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में बेहद महत्वपूर्ण है। आज झारखंड में 32 लाख से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में JSLPS कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि नई HR Policy कर्मियों के मनोबल, कार्यक्षमता और संस्थागत मजबूती को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त किया तथा JSLPS कर्मियों को उनके निरंतर प्रयासों और धैर्य के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने कहा कि HR Policy लागू होने के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। अब JSLPS कर्मियों को और अधिक समर्पण के साथ ग्रामीण महिलाओं को आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और महिला उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का काम करना होगा।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सशक्त JSLPS, सशक्त महिलाएँ और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था झारखंड के विकास की मजबूत नींव हैं।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेएसएलपीएस की पहचान उसके महिला समूह को लेकर होती है, जो निर्णय जेएसएलपीएस कर्मियों के लिए लिया गया है वो उनके सुरक्षित भविष्य के लिए, उनके रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है, ऐसा ना कभी पहले हुआ था और ना ही शायद कभी हो पाएगा। कार्यक्रम में पाकुड़ विधायक श्रीमती निशात आलम, कांग्रेस नेत्री रमा खलको, और जेएसएलपीएस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रांची। सदर अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने JPSC आंदोलन के बीच अनशन पर बैठे छात्र राहुल क्रांतिकारी का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से राहुल के इलाज और स्वास्थ्य की जानकारी ली।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आंदोलनकारी छात्र हमारे अपने बच्चे हैं और उनकी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहुल का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों की जायज़ चिंताएं सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है और हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी रहेगी।
डॉ. अंसारी ने छात्रों से अनशन और धरना समाप्त कर बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद और बातचीत से ही संभव है।
साहिबगंज । गंगा मां पर हमला करने वालों के खिलाफ आज एनजीटी कोलकाता में जारी जंग पर सुनवाई होगा. झारखंड की एकमात्र गंगा तटीय जिला साहिबगंज से उठी एक चिंगारी आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के ईस्टर्न जोन में आग बनकर दहकेगी.चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण योद्धा सैयद अरशद नसर ने गंगा नदी,दुर्लभ जलीय जीव डॉल्फिन और पूरे इको-सिस्टम को बचाने के लिए जो बिगुल फूंका था,उसकी सुनवाई आज गुरुवार सुबह 10:30 बजे एनजीटी कोलकाता में होगी.अरशद सुनवाई में शिरकत करने कोलकाता पहुंच चुके हैं.अरशद द्वारा दायर याचिका संख्या -162/23 में सीधा आरोप है कि साहिबगंज में गंगा नदी और उसके किनारों से स्टोन बोल्डर,चिप्स और मेटल का अवैध परिवहन और भंडारण धड़ल्ले से हो रहा है. इससे न सिर्फ गंगा प्रदूषित हो रही है,बल्कि संरक्षित गंगा,दुर्लभ डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में है.याचिका में मांग है कि गंगा नदी और उसके आसपास से खनिजों के उठाव,परिवहन और स्टॉकयार्ड पर तत्काल रोक लगाएं व पर्यावरणीय बहाली के लिए भारी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाएं.जस्टिस अरुण कुमार त्यागी एक्सपर्ट मेंबर डॉ.ए.संथिल वेल और ईश्वर सिंह की बेंच आज इस मामले को सुनेगी.एनजीटी ने पहले ही राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन,नई दिल्ली के निदेशक,झारखंड के खान सचिव व निदेशक,
झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव,
साहिबगंज के डीसी, डीएमओ और डीटीओ व स्टोन बोल्डर सप्लायर
जीके इंटरप्राइजेज,मालदा और मां तारा एंटरप्राइजेज कंस्ट्रक्शन कंपनी,मुजफ्फरपुर से काउंटर एफिडेविट और स्थलीय जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दे रखा है.इसके बाद अरशद की ओर से प्रतिउत्तर दिया जाएगा.साहिबगंज से लेकर कोलकाता तक इस सुनवाई को लेकर हड़कंप है.एक तरफ पर्यावरण प्रेमी इसे "गंगा बचाओ आंदोलन" की जीत मान रहे हैं तो दूसरी तरफ पत्थर माफिया से लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी तक की धड़कनें बढ़ी हुई हैं.स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एनजीटी ने अरशद के पक्ष में फैसला दिया तो साहिबगंज में चल रहा अवैध खनन और परिवहन का पूरा नेटवर्क ध्वस्त हो जाएगा.अरशद ने कहा यह लड़ाई सिर्फ साहिबगंज की नहीं है,यह गंगा मां और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है.एनजीटी से हमें न्याय की उम्मीद है.अब सबकी निगाहें कोलकाता की उस अदालत एनजीटी पर टिकी हैं जहां से गंगा को बचाने का आदेश निकल सकता है.
सिल्ली: सिल्ली प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को दिशम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार एवं अंचल अधिकारी अरुणिमा एक्का ने दिशम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके उपरांत प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों, बीएलओ तथा अन्य कर्मियों ने भी बारी-बारी से उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया तथा शांति प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने दिशम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन, जनसेवा और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिल्ली: सिल्ली किसान भवन में युवा आजसू पंचायत प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 7 एवं 8 अगस्त को जमशेदपुर में आयोजित होने वाले युवा आजसू सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा एवं संगठनात्मक रणनीति तय करना था।बैठक को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि युवा किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उन्होंने पंचायत प्रभारियों से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रत्येक पंचायत से अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर सम्मेलन का प्रचार-प्रसार करने तथा युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के विचार, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक शक्ति को मजबूत करने का मंच है। इसलिए सभी कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ इसकी तैयारियों में जुटें।
बैठक में पंचायत प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी और सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
साहिबगंज। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उपायुक्त के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किए जा रहे हैं। इन अकाउंटों के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने के साथ-साथ झूठी सूचनाएं फैलाने और प्रलोभन देकर ठगी करने की आशंका जताई गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट पर विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण, ओटीपी या धनराशि साझा न करें और किसी भी प्रकार के लालच या प्रलोभन में न आएं।
प्रशासन ने कहा कि उपायुक्त अथवा जिला प्रशासन की सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। इसलिए किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अधिकृत प्लेटफॉर्म से अवश्य जांच लें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें उपायुक्त के नाम से संचालित कोई संदिग्ध या फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद साहिबगंज जिला द्वारा परिषद के अस्थायी जिला कार्यालय में JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिला संयोजक कविंद्र पासवान, प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार एवं साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।
जिला संयोजक कविंद्र पासवान ने कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं ने झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। परिषद की मांग है कि दोनों विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की CBI जांच कराई जाए तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के परिणाम अथवा चयन प्रक्रिया में कथित रूप से हेरफेर हुई है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर किसी भी दोषी को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने का हर प्रयास युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा।
जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा करते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को पुनः बहाल किया जाए। साथ ही भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः पारदर्शी, डिजिटल ऑडिट युक्त एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो और भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार अभाविप की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करे, अन्यथा परिषद लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने सभी छात्र-युवाओं से इस न्याय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और न्याय की स्थापना के लिए है। परिषद ने चेतावनी दी कि जब तक सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
बरहरवा (साहिबगंज), 3 अगस्त। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा इकाई ने सोमवार को कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के परीक्षा नियंत्रक एवं डीएसडब्ल्यू (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर लंबित परीक्षा परिणामों के शीघ्र प्रकाशन तथा यूजी सत्र 2026–30 के लिए पुनः आवेदन (री-एप्लिकेशन) पोर्टल खोलने की मांग की।
एनएसयूआई ने परीक्षा नियंत्रक को दिए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय की विभिन्न यूजी (एनईपी) सेमेस्टर परीक्षाएं समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परिणाम प्रकाशित नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसर और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023–27) की परीक्षा 9 मई से 26 मई 2026 तक हुई थी, लेकिन 69 दिन बीतने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। वहीं यूजी सेमेस्टर-6 (सत्र 2022–26) की परीक्षा 24 जून से 8 जुलाई तक संपन्न हुई, जिसका परिणाम भी अब तक लंबित है। इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-3 (सत्र 2024–28) की प्रायोगिक परीक्षाएं शीघ्र आयोजित कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने और समयबद्ध तरीके से परिणाम प्रकाशित करने की मांग की गई।
डीएसडब्ल्यू को दिए गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने यूजी सत्र 2026–30 की नामांकन प्रक्रिया में छात्रहित से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कहा कि जिन विषयों में अब भी सीटें रिक्त हैं, उनके लिए री-एप्लिकेशन पोर्टल खोला जाए। साथ ही जिन अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें नामांकन शुल्क जमा करने का एक और अवसर दिया जाए।
एनएसयूआई का कहना है कि बी.एस.के. महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण कई छात्र-छात्राएं सूचना के अभाव, इंटरनेट एवं तकनीकी समस्याओं तथा इंटरमीडिएट के मूल प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। यदि उन्हें पुनः अवसर नहीं मिला तो उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा समाप्त होने के दो से तीन महीने बाद परिणाम जारी किए जाते हैं और तुरंत अगली परीक्षा आयोजित कर दी जाती है, जिससे छात्रों पर शैक्षणिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा लंबित परिणामों को जल्द जारी करने की मांग की।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सत्यम कुमार यादव, कॉलेज सचिव वसीम अकरम, फारिकुल इस्लाम, अक्षय भगत, राजा यादव, पंकज कुमार, सरफराज अहमद, रबीउल इस्लाम सहित अन्य छात्र मौजूद थे।
रांची:। अखिल भारतीय सर्व कुम्हार राजनीतिक भागीदारी संघर्ष मोर्चा (राष्ट्रीय समिति) की ओर से संगठन को मजबूत बनाने और समाज की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में संगठन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 2 अगस्त 2026 से नई कार्यकारिणी प्रभावी होगी। इसमें राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर के विभिन्न पदों पर कुल 21 पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संगठन की ओर से जारी सूची में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, संगठन सचिव, सह संगठन सचिव, कोषाध्यक्ष तथा अन्य प्रमुख पदों पर अलग-अलग जिलों के सक्रिय सदस्यों को मनोनीत किया गया है। नई समिति में रांची, गुमला, लोहरदगा, चतरा, गढ़वा, धनबाद, पलामू, गिरिडीह, बोकारो सहित कई जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे संगठन को राज्यभर में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नई कार्यकारिणी का मुख्य उद्देश्य सर्व कुम्हार समाज को संगठित करना, समाज के लोगों की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ना तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट कर संगठन का विस्तार पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने समाज के सभी लोगों से संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील भी की।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि नई टीम के गठन से सर्व कुम्हार समाज की आवाज को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर और अधिक मजबूती मिलेगी तथा समाज के अधिकारों और हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर इकाई के तत्वावधान में शनिवार को साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं की भेंट चढ़ जाएं तो यह लाखों युवाओं के साथ अन्याय है।
सभा को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा, “JPSC एवं JSSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास तोड़ा है। सरकार को तुरंत पूरे मामले की CBI जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। विद्यार्थी परिषद छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और अंतिम छात्र तक न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी।”
वहीं प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह ने कहा, “झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों को तोड़ देती हैं। ABVP की स्पष्ट मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए, दोषियों को कठोरतम सजा मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों की अनदेखी करती है, तो विद्यार्थी परिषद पूरे राज्य में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।”
कार्यक्रम में प्रदेश छात्रा प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश मंडल, नगर सह मंत्री राजा वर्मा, रितेश कुमार, छोटू कुमार, ऋतुराज, शिवनाथ, नीरज, समीर, अविनाश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं परिषद कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि JPSC-JSSC पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
रांची, 31 जुलाई: पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक मुद्दों पर हल्ला-गुल्ला करने के बजाय झारखंड के छात्रों और युवाओं के हितों की भी आवाज उठाएं।
बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों से केंद्र सरकार ने झारखंड के एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की बड़ी राशि जारी नहीं की है। इसके कारण राज्य सरकार लाखों छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद संसद परिसर में जेपीएससी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि छात्रवृत्ति जैसी गंभीर समस्या पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। तिर्की ने दावा किया कि जेपीएससी अनियमितता मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
बंधु तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित केंद्रीय मंत्री को कई बार पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, इसका असर झारखंड के करीब 32 लाख छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने छात्रवृत्ति से जुड़े आंकड़े भी जारी करते हुए कहा कि:
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): राज्य ने ₹45.91 करोड़ की मांग की, जबकि केंद्र से केवल ₹3.95 करोड़ मिले।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2024-25): ₹353.21 करोड़ की मांग के बदले ₹33.57 करोड़ जारी हुए।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): ₹370.87 करोड़ की मांग के मुकाबले केवल ₹58.22 करोड़ स्वीकृत हुए।
आगे बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा सांसदों को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर झारखंड के छात्रों के हित में केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता इन सभी तथ्यों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
रांची । सरना भवन, नगड़ाटोली, राँची में प्रस्तावित उलगुलान पदयात्रा को सफल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम सभा प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उलगुलान पदयात्रा दिनांक 05 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी) से प्रारंभ होगी तथा 08 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल, कोकर (राँची) में संपन्न होगी।
यह पदयात्रा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, संवैधानिक अधिकारों, पाँचवीं अनुसूची, PESA Act, CNT/SPT Act के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी भूमि, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
बैठक में राँची के नगड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 निर्माण से संबंधित मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य के संबंध में उनकी आपत्तियों का समुचित समाधान नहीं किया गया तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों, विशेषकर सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रभावित परिवारों की सुनवाई, उचित मुआवज़ा एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आदिवासी भूमि के हस्तांतरण पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि RIMS-2 परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए भूमि हस्तांतरण की राज्यव्यापी जांच कर दोषी व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जब तक सभी विवादों का न्यायसंगत एवं विधिसम्मत समाधान नहीं हो जाता तथा लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बैठक में यह भी मांग की गई कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि प्रभावित ग्रामीणों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी शिकायतों का न्यायपूर्ण एवं विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में झारखंड के सभी ग्राम सभाओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से उलगुलान पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने तथा जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के इस जनआंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों में निरंजना टोप्पो, अजय उराँव, पूरन चन्द्र मुंडा (तमाड़), आशुतोष सिंह चेरो (पलामू), प्रदीप टोप्पो (सिमडेगा), बुद्धिजीवी श्री पी. सी. मुर्मू, राजेश लिंडा, राकेश बड़ाईक, बहा लिंडा, सविता कच्छप, मनोज केरकेट्टा, मंगला कुल्लू, शीला टोप्पो तथा आनंद टोप्पो उपस्थित रहे एवं अपने विचार व्यक्त किए।
पदयात्रा कार्यक्रम
- प्रारंभ: 05 अगस्त 2026
- प्रारंभ स्थल: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी)
- समापन: 08 अगस्त 2026
- समापन स्थल: भगवान बिरसा मुंडा का समाधि स्थल, कोकर (राँची)
रांची । विद्यार्थियों को वैश्विक औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट द्वारा प्रतिष्ठित पार्ले-जी फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। "क्लासरूम से इंडस्ट्री तक, ज्ञान से अनुभव तक" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल कार्यसंस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिस्किट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का गहन अध्ययन किया। कच्चे माल की गुणवत्ता जांच, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक बेकिंग तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा वितरण व्यवस्था को नजदीक से देखा। फैक्ट्री के विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी प्रतिष्ठित ब्रांड की सफलता के पीछे गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार, तकनीकी दक्षता और ग्राहक विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
इस अवसर पर पार्ले-जी प्लांट के निदेशक जगन्नाथ झा ने कहा कि उद्योगों को ऐसे युवा प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है, जिनके पास मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ व्यावहारिक समझ, समस्या समाधान की क्षमता और सकारात्मक कार्य दृष्टिकोण हो। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश, स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट की प्रमुख पूजा गुप्ता, डॉ. रंजीत कुमार, स्मिता सिन्हा, अनिमा एवं स्मृति सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उद्योगों में उपलब्ध करियर अवसरों एवं व्यावसायिक अपेक्षाओं की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) ही भविष्य की आवश्यकता है। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से युक्त सक्षम प्रोफेशनल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और व्यावसायिक दृष्टिकोण का विकास करते हैं।
कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान और प्लेसमेंट गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उत्कृष्ट रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकें।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश ने कहा कि "Learning Beyond Classrooms, Experience Beyond Books" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का आधार है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ और भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों ने इस औद्योगिक भ्रमण को अपने शैक्षणिक जीवन का अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें पुस्तकों में पढ़े गए प्रबंधन सिद्धांतों और वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके भीतर उद्योग जगत में करियर बनाने के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसे व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय उद्योग–अकादमिक सहयोग को निरंतर मजबूत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
रांची /मेहरमा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया एवं सुरनी पंचायतों के बी.एल.ए., ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में सभी पंचायतों के बी.एल.ए. और महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बी.एल.ओ. के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की प्रगति, बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से न हटे। उन्होंने सभी बी.एल.ए. एवं बूथ स्तर पर कार्य कर रहे साथियों से पूरी सजगता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र झारखंड की उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहाँ एसआईआर अभियान का कार्य बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं, बी.एल.ए., एवं संगठन के साथियों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग आवश्यक है।
मंत्री ने बी.एल.ए. से अभियान के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली और कहा कि जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में लोगों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी पात्र मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर अपील की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बूथ का बी.एल.ए., सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी का नाम बिना उचित कारण के न हटे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
रांची : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इसे देश के युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र सरकार ने छात्रों और युवाओं की ताकत को कम आंकने की गंभीर भूल की।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जब देशभर के युवा निराशा और हताशा का सामना कर रहे थे, तब केंद्र सरकार सच्चाई स्वीकार करने के बजाय मामले को झुठलाने में लगी रही। लेकिन छात्रों और नौजवानों की एकजुटता ने आखिरकार सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि किसी भी जनआंदोलन को दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठी और गोली का सामना करने वाले युवाओं को उन्होंने सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल अपने भविष्य के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हित में भी संघर्ष किया है।
मंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने इस आंदोलन को दिशा और मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इसे तानाशाही के खिलाफ एक छोटी जीत बताते हुए कहा कि आगे लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी लड़ाई बाकी है। उन्होंने सभी लोगों से इस संघर्ष के लिए एकजुट होकर तैयार रहने की अपील की।
नई दिल्ली। छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई सांसद और नेता भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा था, लेकिन सरकार ने लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास क्षेत्र उच्च सुरक्षा वाला इलाका है, जहां बिना अनुमति प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से नेताओं को हिरासत में लिया गया।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है।
फिलहाल, हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में पुलिस द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़कों पर भी घमासान देखने को मिल सकता है।
रांची: राजधानी रांची से महज 8–9 किलोमीटर दूर स्थित रातू थाना क्षेत्र के सिमलिया-नयाटोली की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल पड़ी है। रिंग रोड दलादिली चौक से सिमलिया नयाटोली, नोभा नगर, जोजो नगर होते हुए मेजर कोठी तक जाने वाली करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से हजारों की आबादी रोजाना परेशानी झेल रही है। लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क है या तालाब। वहीं गर्मी के मौसम में उड़ती धूल से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लोगों का आरोप है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की समस्याओं को भुला दिया जाता है।
नयाटोली सिमलिया निवासी एवं राष्ट्र सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है और कई बार दुर्घटना की आशंका के कारण बच्चे बीच रास्ते से ही घर लौट जाते हैं। महिलाओं को दैनिक जरूरत का सामान लाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोधस्वरूप सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद 26 सितंबर 2024 को सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा विधायक नवीन जायसवाल ने सड़क निर्माण का शिलान्यास किया। विधानसभा चुनाव से पहले कुछ दूरी तक निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन उसके बाद काम ठप पड़ गया और आज तक सड़क अधूरी पड़ी है।
सुनील कुमार सिंह ने सांसद, विधायक, संबंधित विभाग और राज्य सरकार से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो क्षेत्रवासी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य बिंदु
- करीब 4 किमी लंबी सड़क वर्षों से जर्जर।
- हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित।
- बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, गर्मी में उड़ती है धूल।
- आए दिन दुर्घटनाओं का बना रहता है खतरा।
- 26 सितंबर 2024 को हुआ था शिलान्यास, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा।
- क्षेत्रवासियों ने जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की उठाई मांग।
रांची। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन-4 स्थित सभागार में रविवार को श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित "मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विभिन्न जिलों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर, विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल श्री प्रशांत पल्लव, मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. तनुजा मुंडा ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीहरि वनवासी विकास समिति के मंत्री श्री शिवेंद्र लाल माणिक द्वारा मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर सहित मंचासीन सभी गणमान्य अतिथियों के अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान के साथ हुआ। इसके उपरांत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सिमडेगा की छात्राओं ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।स्वागत संबोधन में श्री शिवेंद्र लाल माणिक ने समिति की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था वर्तमान में झारखंड के 11 जिलों के 46 प्रखंडों एवं लगभग 2,000 गांवों के लगभग 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा की अलख जगा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्था के 98 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं, जो संस्था की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। उन्होंने विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं टॉपर्स की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। विशिष्ट अतिथि श्री प्रशांत पल्लव ने अपने संबोधन में श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने के लिए समाज के अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्था को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सहयोग प्राप्त करने की दिशा में भी प्रयास करने का सुझाव दिया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा का लाभ पहुँच सके।
इस अवसर पर विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा संस्था द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन को दिया। उनके प्रेरणादायी अनुभवों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है तथा झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ऐसे शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजनों के लिए सदैव अपने द्वार खुले रखेगा।
मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन में संस्था के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संस्था से निकले अनेक विद्यार्थी इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वहीं कई छात्र पूर्वोत्तर भारत के विकास एवं सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा अनेक विद्यार्थी विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है।समारोह के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति कप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के वनवासी कल्याण केंद्रों से जुड़े 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। समिति के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में ओम कुमार ने 98.4% अंक लाकर राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया।कार्यक्रम के अंत में श्रीहरि वनवासी विकास समिति के महामंत्री श्री धनंजय सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
रांची। आगामी 16 जुलाई 2026 से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक रथ यात्रा मेला महोत्सव को सफल, व्यवस्थित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने को लेकर झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा रांची की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। समिति की तैयारी बैठक संपन्न हुई, जिसमें मेला व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी समिति के 300 से अधिक महिला एवं पुरुष स्वयंसेवक और कार्यकर्ता निर्धारित ड्रेस कोड, हरी पट्टी एवं पहचान पत्र (आई कार्ड) के साथ सेवा कार्य में तैनात रहेंगे।
उन्होंने स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रथ यात्रा मेला को ऐतिहासिक और सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए जिला प्रशासन एवं अन्य सामाजिक संगठनों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सुंदर, स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में मेला संपन्न कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी को पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से कार्य करना होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 जुलाई 2026 (नेत्रदान दिवस) की सुबह मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। वहीं 16 जुलाई 2026 को सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक स्वयंसेवक सेवा कार्य में तैनात रहेंगे।
मेला व्यवस्था की निगरानी के लिए समिति की ओर से संचालन समिति, टीम लीडर एवं निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो पूरे आयोजन के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
बैठक में मुख्य रूप से रिंकू महली, विनोद उरांव, रामा उरांव, रंजन कुमार, सूरज कुमार, बबलू उरांव, रोशन कुमार, संदीप कुमार, डॉ. बुटन महली, डोली कुमारी, पूजा, रितिका मिंज, नितेश, रवि, संतोष, कुमुदिनी लकड़ा, बिरसा भगत, मुन्नी देवी, मीना उरांव, पूजा देवी, रोपनी मिंज, रूपेश बाखला, राजू उरांव, अजीत उरांव, पंकज भगत, संजय कुमार, निखिल कुमार सोनी, विजय कुमार, लाल मुनी, सुशीला उरांव, सुमित कुमार, जय मंत्री उरांव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य की महिला किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देवघर और गुमला जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार बागानों में उत्पादित 2 टन आम्रपाली आम की पहली खेप जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के माध्यम से दुबई भेजी गई है। यह आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध है और अपनी बेहतरीन गुणवत्ता, स्वाद एवं मिठास के कारण ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस उपलब्धि के साथ झारखंड का आम्रपाली आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहा है। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों से आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे देशों तक पहुँच चुकी है। लगातार बढ़ रही इस सफलता से झारखंड के कृषि उत्पादों की वैश्विक मांग और गुणवत्ता पर भरोसा मजबूत हुआ है।
देवघर जिले के मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी तथा गुमला जिले के गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा इस आम का उत्पादन किया गया है। इन संस्थाओं ने बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत विकसित बागानों में आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण खेती के माध्यम से उत्कृष्ट आम्रपाली आम तैयार किया है।
जेएसएलपीएस लगातार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और आधुनिक विपणन प्रणाली से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और उनके उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक पहुँच रहे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड के आम्रपाली आम को वैश्विक पहचान दिलाने का वास्तविक श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित आम बागवानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा,हमारी दीदियों की मेहनत, गुणवत्ता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन का ही परिणाम है कि आज झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य की महिला किसानों के उत्पादों को विश्व के अधिक से अधिक देशों तक पहुँचाना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़कर उनकी आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित करना है।"
मंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना और जेएसएलपीएस के समन्वित प्रयासों ने झारखंड में बागवानी आधारित आजीविका का एक सफल मॉडल विकसित किया है। इससे महिला किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ निर्यात आधारित बाजारों तक सीधी पहुँच भी सुनिश्चित हो रही है।
झारखंड के आम्रपाली आम की यह सफलता न केवल राज्य के किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर विपणन और सरकारी सहयोग के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जीवन में वही क्षेत्र चुनें, जिसमें उनकी वास्तविक रुचि हो। विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, कला, वाणिज्य, खेल अथवा संस्कृति जिस भी क्षेत्र में विद्यार्थी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ेंगे, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।
मंत्री श्रीमती सिंह ने विद्यार्थियों से राजनीति, समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे समाज में बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं तो उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का साहस भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील, शिक्षित और दूरदर्शी नेतृत्व लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दे सकता है। देश और राज्य को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो समान अवसर, सामाजिक न्याय और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कई विद्यार्थियों को मूल्यांकन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्हें गर्व है कि झारखंड के एक मेधावी छात्र ने गहन अध्ययन के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया की विसंगतियों को उजागर किया, जिसकी सराहना स्वयं आदरणीय राहुल गांधी जी ने भी की।
उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद झारखंड की एक छात्रा का राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विश्वास दिलाया कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर आवाज़ उठाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आदरणीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज" अभियान इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे किसी भी परिस्थिति में निराश न हों, अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्रीमती सिंह ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए पुनः बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील नेता और विकसित झारखंड तथा विकसित भारत के निर्माता बनेंगे।
नई दिल्ली/रांची। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन के दूसरे दिन झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य की ओर से प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए। उन्होंने महात्मा गांधी के नाम से नई ग्रामीण विकास योजना शुरू करने, मनरेगा के बकाया भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने, फैब्रिकेटेड आवास निर्माण, न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि तथा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को रूरल इंडस्ट्री के माध्यम से सशक्त बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत सुझाव दिए।
सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड सरकार के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
महात्मा गांधी के नाम से शुरू हो नई योजना
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। ऐसे में उनके नाम को योजनाओं से हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि महात्मा गांधी के नाम पर नई जनहितकारी ग्रामीण विकास योजना प्रारंभ की जाए, ताकि उनके ग्राम स्वराज के सपने को नई दिशा मिल सके।
125 दिनों के रोजगार के लिए पर्याप्त बजट पर उठाए सवाल
सम्मेलन में मंत्री ने मनरेगा के तहत 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रोजगार के दिनों में वृद्धि की जा रही है, तो उसके अनुरूप पर्याप्त बजट भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में मनरेगा के बजट में लगातार कटौती हुई है, ऐसे में अतिरिक्त रोजगार देने का दावा व्यावहारिक नहीं दिखता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 की वित्तीय हिस्सेदारी से झारखंड जैसे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने और फैब्रिकेटेड आवास का सुझाव
दीपिका पांडेय सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान लागत को देखते हुए यह समय की आवश्यकता है।
उन्होंने आवास निर्माण में देरी को दूर करने के लिए फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर आधारित मजबूत आवास निर्माण का सुझाव दिया। इस मॉडल के तहत लाभुकों को एकमुश्त राशि उपलब्ध कराने से निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और तकनीकी व प्रशासनिक बाधाएं भी कम होंगी।
साथ ही उन्होंने अबुआ आवास योजना के निर्माण कार्य में मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव रखा। इस सुझाव पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया।
मनरेगा के 900 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की उठाई मांग
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड के मनरेगा मटेरियल मद में केंद्र सरकार के पास लंबित लगभग 900 करोड़ रुपये के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राशि लंबित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे बड़ा रोजगार का सहारा बना था। इसलिए नई योजनाएं शुरू करने से पहले लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये करने की मांग
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बढ़ती महंगाई और श्रमिकों की आवश्यकताओं को देखते हुए मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर 433 रुपये प्रतिदिन करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में झारखंड में मनरेगा मजदूरों को 282 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जिसमें 255 रुपये केंद्र सरकार तथा 27 रुपये राज्य सरकार का अंशदान है। वर्तमान परिस्थितियों में यह राशि पर्याप्त नहीं है।
रूरल इंडस्ट्री से सशक्त होंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
सम्मेलन में मंत्री ने झारखंड में ग्रामीण उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 32 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़कर आजीविका और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए तो झारखंड की महिलाएं देश और दुनिया के बाजारों में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्पादन की सफलता, पलाश एवं अदिवा ब्रांड की लोकप्रियता तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार 15 लाख नोटबुक का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मईयां सम्मान योजना ने भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीण उद्योगों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
बरहरवा (साहेबगंज): बरहरवा स्थित निशा मैरेज हॉल, बिन्दुधाम पथ में शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकतुल्लाह खान की अध्यक्षता में SIR प्रशिक्षण सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के SIR संथाल परगना प्रभारी एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू मुख्य अतिथि तथा प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष, पंचायत अध्यक्ष, नगर एवं वार्ड अध्यक्ष तथा सभी BLA-2 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान साहेबगंज जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही कार्यकर्ताओं से ग्रामीणों की हरसंभव सहायता करने और अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा, तो कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेगा। बैठक में BLA-2 एवं अन्य कार्यकर्ताओं को अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. बलमुचू ने SIR अभियान की आवश्यकता, संगठन की रणनीति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे तथा पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अवधेश कुमार प्रजापति ने भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होने से युवाओं और उनके अभिभावकों की मेहनत तथा उम्मीदों को गहरा आघात पहुंच रहा है। उन्होंने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम में अनीकुल मिश्रा, कमल कुमार आर्य, मो. नसीरुद्दीन, अशोक कुमार दास, मोहम्मद कलीमुद्दीन, बासुकीनाथ यादव, सरफराज आलम, नित्यानंद गुप्ता, मोरसलीन खान, हीरालाल शाह, रंजीत टुडू, विमल देव भगत, भोलानाथ महतो, नाबीद अंजुम, निहाल अख्तर, थॉमस रॉबर्ट, मिथुन मंडल, अनंत लाल भगत, निताई सरकार, सारिक रब्बानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पटना : आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अनुमंडलवार एवं विभागवार तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को आसूचना तंत्र मजबूत रखने, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को मुहर्रम समितियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जुलूस मार्गों का सत्यापन कर लें तथा यह सुनिश्चित करें कि बिना अनुमति कोई भी जुलूस नहीं निकले।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरों एवं सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से जुलूसों की निगरानी करने का फैसला किया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) से भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सभी जुलूसों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस बल की एस्कॉर्ट टीम तैनात रहेगी।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखने का निर्देश देते हुए कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाए। अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के अवसर पर डीजे के प्रयोग पर शत-प्रतिशत प्रतिबंध रहेगा। सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
क्यूआरटी और स्ट्राइकिंग फोर्स रहेगी तैनात
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष में पर्याप्त संख्या में स्ट्राइकिंग फोर्स तैनात रहेगी, ताकि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर डायल-112 सेवा का भी प्रभावी उपयोग किया जाएगा।
स्वास्थ्य, बिजली और अग्निशमन विभाग को भी निर्देश
प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों, पारा मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और जीवन रक्षक दवाओं के साथ अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल और सदर अस्पताल मुहर्रम के दौरान पूरी तरह तैयार रहेंगे।
वहीं बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि जुलूसों के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। नगर निकायों को साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा अग्निशमन विभाग को आवश्यक फायर दस्ते तैनात करने का निर्देश दिया गया है।
शांति और भाईचारे का पर्व है मुहर्रम
बैठक के अंत में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुहर्रम शांति, अनुशासन और भाईचारे का प्रतीक पर्व है। प्रशासन का उद्देश्य है कि पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो तथा उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुचारू यातायात और मजबूत विधि-व्यवस्था के साथ लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। अधिकारियों को सतर्क, सक्रिय और जिम्मेदार बने रहने का निर्देश दिया गया है।
महागामा: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने महागामा के मेहरमा प्रखंड में विभिन्न महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना एवं जनसुविधा से जुड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ और समयबद्ध सरकारी सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
इस दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लगभग 6 करोड़ की लागत से निर्मित प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, पर्यवेक्षीय एवं तृतीय/चतुर्थ वर्ग कर्मचारी आवास, प्रखंड परिसर के विकास एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। साथ ही 25.73 लाख की लागत से बनने वाले ब्लॉक परिसर स्थित पार्किंग स्थल और ₹65.62 लाख की लागत से बनने वाले ईटहरी पंचायत के विवाह भवन का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर प्रशासन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा वितरण का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय ग्रामीण जनता की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। लोग अपनी समस्याओं के समाधान की आशा लेकर इन कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में प्रशासनिक पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे हर जरूरतमंद व्यक्ति, महिला, पुरुष और बुजुर्ग को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए सम्मानजनक आवास, कार्यालय और बेहतर कार्य वातावरण की व्यवस्था की है। अब यह अपेक्षा की जाती है कि उसी संवेदनशीलता के साथ अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे।
मंत्री ने कहा मेहरमा के भुस्खा पहाड़ को भी पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही उसका शिलान्यास किया जाएगा। जिस प्रकार भगैया पार्क विकसित हुआ है, उसी प्रकार मेहरमा में भी एक नया पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशन, पेंशन, आवास, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के बेहतर भविष्य, हरित वातावरण और सामुदायिक सुविधाओं का भी विस्तार करना है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायतों को वर्षों से लंबित पंद्रहवें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने का काम किया गया है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद पेंशन, राशन, अबुआ आवास और मंईयां सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। साथ ही जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाओं को बैंक क्रेडिट लिंकिंग, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।झारखंड में जेएसएलपीएस की महिलाओं द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यन से उगाए गए आम आज विदेशों में निर्यात हो रहे हैं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा भगौया सिल्क को जीआई टैक मिलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब यह सुनिश्चित होगा कि हमारे बुनकरों को अच्छे दाम मिले।
पीने के पानी की समस्या का उल्लेख करते हुए उदीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कई जलापूर्ति योजनाएँ केंद्र सरकार से समय पर राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रभावित हुईं, लेकिन राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही इन योजनाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक सभी नल-जल योजनाएँ पूरी तरह चालू नहीं हो जातीं, तब तक पंचायतों को उपलब्ध कराई गई राशि से चापाकलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और कर्मियों को विशेष जिम्मेदारी निभानी होगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रखंड कार्यालयों में भीड़ कम हुई है और सरकार का प्रयास है कि छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ग्रामीणों को प्रखंड या जिला कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने बताया कि जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्रों के लिए पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे पहले पेंशन, मंईयां सम्मान और अबुआ आवास के लिए भी शिविर लगाए गए थे। आने वाले समय में ड्राइविंग लाइसेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएँगे।
उन्होंने कहा कि सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि महागामा, मेहरमा और ठाकुरगंगटी के लोगों को राज्य के अन्य विकसित क्षेत्रों जैसी सुविधाएँ अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकें।
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित अभियंत्रण सेवा (मुख्य) परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर रांची प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेश के अनुसार, यह निषेधाज्ञा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जुटाकर या अन्य गतिविधियों के माध्यम से विधि-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा केंद्र
परीक्षा का आयोजन में किया जाएगा।
200 मीटर की परिधि में ये गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित
- पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्र होना (सरकारी कार्य में लगे कर्मियों एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग।
- किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला, गड़ासा जैसे हथियार लेकर चलना।
- किसी प्रकार की सभा, बैठक या आमसभा का आयोजन।
प्रशासन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
रांची : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायतीराज मंत्री ने 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली गोड्डा की उभरती मुक्केबाज से अपने रांची स्थित आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने शिक्षा कुमारी को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि शिक्षा कुमारी ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह गोड्डा सहित पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां आज खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं। शिक्षा कुमारी की सफलता उन सभी युवतियों के लिए प्रेरणादायक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।
मुलाकात के दौरान शिक्षा कुमारी ने मंत्री को अपनी तैयारियों, प्रतियोगिता के अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि शिक्षा आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।
गौरतलब है कि झारखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन एवं सरायकेला-खरसावां जिला बॉक्सिंग संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वीं झारखंड स्टेट सब जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 40-43 किलोग्राम भार वर्ग में शिक्षा कुमारी ने पश्चिम सिंहभूम की खिलाड़ी सिली को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करें।
शिक्षा कुमारी की इस उपलब्धि से गोड्डा जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। उनकी सफलता को झारखंड में महिला खेल प्रतिभाओं के उभरते हुए भविष्य का प्रतीक माना जा रहा है।
हावड़ा : वस्त्र, परिधान, हथकरघा एवं पारंपरिक उद्योगों के विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग से जुड़े मंत्री ने JRGA Foundation की महत्वाकांक्षी “सिल्क कॉरिडोर” अवधारणा का समर्थन करते हुए इसे पूर्वी भारत के वस्त्र एवं रेशम उद्योग के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।
JRGA Foundation के प्रतिनिधिमंडल में संस्था के अध्यक्ष तथा महासचिव शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री उमेश राय को स्मृति चिन्ह भेंट कर तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच वस्त्र उद्योग, हथकरघा क्षेत्र, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कोलकाता की प्रतिष्ठित परिधान इकाई के प्रतिनिधि सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने भी इस संवाद में भाग लिया।
चर्चा के दौरान मंत्री उमेश राय ने JRGA Foundation द्वारा झारखंड एवं पूर्वी भारत में वस्त्र, परिधान और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन, हथकरघा और परिधान उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं। ऐसे में “सिल्क कॉरिडोर” जैसी पहल क्षेत्रीय विकास और कारीगरों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मंत्री ने विशेष रुचि दिखाते हुए कहा कि JRGA Foundation को इस अवधारणा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करनी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर संभावित सहयोग और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वस्त्र मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित कराने में सहयोग करेंगे।
JRGA Foundation द्वारा प्रस्तावित “सिल्क कॉरिडोर” का उद्देश्य झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के अन्य रेशम उत्पादक क्षेत्रों को एक साझा आर्थिक एवं औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत रेशम उत्पादकों, बुनकरों, कारीगरों, डिजाइनरों, उद्यमियों और बाजारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे उत्पादन, विपणन और निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सके।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि सिल्क कॉरिडोर केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण का भी एक व्यापक अभियान है। इससे हजारों कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच वस्त्र, परिधान, हथकरघा, कौशल विकास तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस संवाद को JRGA Foundation के सिल्क कॉरिडोर अभियान को गति देने और पूर्वी भारत के वस्त्र उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री से सरायकेला-खरसावाँ के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली को लेकर समाज में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी पहल करने की मांग की। साथ ही ग्राम प्रधानों के चयन से संबंधित अपनी मांगों और शंकाओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उनकी सभी न्यायसंगत मांगों, सुझावों और शंकाओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली का मुख्य उद्देश्य झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार प्रदान करना, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक संरचनाओं और ग्राम स्वशासन की परंपरा से है। राज्य सरकार इन परंपराओं को संरक्षित और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को केवल अधिकार संपन्न बनाना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों, परंपराओं और स्वशासन की भावना के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा ग्राम प्रधानों की भूमिका और अधिकारों को स्पष्ट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार सभी पक्षों की राय लेकर ऐसा वातावरण तैयार करेगी जिससे किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे और पेसा नियमावली का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
इस अवसर पर श्यामल पांडे, अरूप सिंह, वासुदेव महतो, लक्ष्मण गोप, महादेव सिंह, पद्मलोचन गोप, प्रेमचंद महतो, ज्ञानचंद महतो, कार्तिक चंद्र महतो, रामापति महतो, बी. गोराई, प्रभात रंजन महतो सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बरहरवा। महाविद्यालय बरहरवा में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष थॉमस रॉबर्ट की उपस्थिति एवं कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर की नेतृत्व में चार सूत्री मांगों को लेकर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य द्वारा सिद्धू कानू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को ज्ञापन सोपा गया। जिसमें यूजी के नए सत्र की नामांकन, परीक्षा प्रपत्र की तिथि विस्तृत एवं परीक्षा परिणाम में हो रही देरी की माँग शामिल है। ज्ञापन में बताया गया कि
1. यूजी सत्र 2026-30 की नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्दी शुरू किया जाए।
2. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि विलंब शुल्क रहित विस्तृत किया जाए। केवल 5 दिन में परीक्षा प्रपत्र भरना संभव नहीं है।
3. यूजी सेमेस्टर- 6 सत्र 2022-26 की परीक्षा Memo No.- SKMU/Exam/ 182/26 के अनुसार दिनांक 24 जून 2026 से प्रारंभ हो रही है परंतु इतने कम समय में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की पढ़ाई करना संभव नहीं है, जिससे छात्रों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कृपया पाठ्यक्रम में कटौती की जाए अर्थात कोई विकल्पिक सुविधा छात्रों को दिया जाए ।
4. यूजी सेमेस्टर- 1 सत्र 2025-29 एवं यूजी सेमेस्टर- 4 सत्र 2023-27 की परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी किया जाए सत्र अधिक विलंब से चल रही है।
कुलपति महोदय से एनएसयूआई ने अनुरोध किया कि उपरोक्त बिंदु पर अभिलंब ध्यान दें एवं त्वरित संज्ञान में लिया जाए।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने बताया कि परीक्षा परिणाम में राज्यपाल के आदेशों घोर उल्लंघन किया जा रहा एवं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम 30 दिन के अंदर जारी करने का आदेश है, परंतु महीने दो महीने कभी-कभी 3 महीने भी बीत जाते हैं तब परीक्षा परिणाम आता है। जब छात्रा द्वारा मांग क्या जाता है तभी विश्वविद्यालय प्रशासन की नींद खुलती है एवं वह अपनी कदम उठाती है। अन्यथा सोई हुई रहती है। परीक्षा प्रपत्र भरने में मात्र 5 दिन का समय दिया गया है जो संभव नहीं है क्योंकि यह ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्र है ज्ञात आर्थिक कमजोरी भी है एवं इतने कम समय में छात्रों द्वारा परीक्षा शुल्क एकत्रित करना संभव नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी का या खराब मानसिकता परीक्षा की तैयारी में मात्र 22 दिन का समय मिल रहा है। छात्रों पर मानसिक तनाव एवं प्रताड़ना है। जब छात्रा द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा निकलती है तो उन्हें झूठी आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है। इसके बावजूद भी छात्र पढ़ाई के साथ-साथ अपने हक और लापरवाह विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ लड़ रही है। सोयेब अख्तर ने अनुरोध किया कि हमारे संथाल परगना के जितने भी जनप्रतिनिधि है ऐसे शैक्षिक समस्याओं को त्वरित संज्ञान में ले एवं इसकी समाधान तथा आलोचना अपने स्तर से अवश्य करें।
मौके पर नगर अध्यक्ष सत्यम यादव, एनएसयूआई सदस्य जसीम अख्तर , शिवम भगत, रेबल इस्लाम, मो मुसलेद्दीन, आशु साह अक्षय भगत, सुरज ठाकुर, रौशन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
ब्यूरो। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बैनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा, जहां उनके सामने लोगों ने "चोर-चोर" के नारे लगाए। घटना के दौरान धक्का-मुक्की के साथ किसी चीज से हमला कर दिया गया जिसके बाद सांसद कल्याण बैनर्जी जमीन पर गिर गए और हंगामे की स्थिति बन गई, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन पर पत्थर, अंडे और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं तथा यह हमला पूर्व नियोजित था।
सूत्रों के अनुसार, हुगली में कल्याण बनर्जी के कार्यक्रम के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने जोरदार नारेबाजी की। "चोर-चोर" के नारों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
लगातार दो दिनों में TMC के शीर्ष नेताओं के साथ हुई इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण और चुनाव बाद तनाव को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। TMC इन घटनाओं को विपक्षी दलों की साजिश बता रही है, जबकि विपक्ष आरोपों को खारिज कर रहा है।
रांची । झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू को मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 मे क्षेत्रीय भाषाओं में मगही अंगिका भोजपुरी को शामिल किए जाने संबंधी विस्तृत लिखित सुझाव सौंपा गया। इस दौरान मांग की गई कि राज्य की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को परीक्षा में उचित स्थान दिया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2008, 2012 और 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन JTET 2026 की वर्तमान अधिसूचना में इन भाषाओं को स्थान नहीं दिया गया है। इसके अलावा मैथिली जैसी महत्वपूर्ण भाषा को भी परीक्षा से बाहर रखा गया है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों में निराशा है।
मांगकर्ताओं का कहना है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पहचान को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। आज की युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय-जनजातीय भाषाओं को पढ़ने, लिखने और बोलने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में इन भाषाओं के विकल्पों का विस्तार आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जनजातीय भाषाओं की सूची में असुर, बिरहोर और माल्तो जैसी महत्वपूर्ण जनजातीय भाषाओं को शामिल नहीं किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही संथाल परगना क्षेत्र के किसी भी जिले में कुरमाली भाषा को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किया गया है, जबकि इस भाषा को बोलने वालों की संख्या लाखों में है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए सभी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। किसी भी भाषा की उपेक्षा राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विरासत के साथ अन्याय है।
ज्ञापन के माध्यम से मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने आग्रह किया गया कि JTET 2026 की अधिसूचना पर पुनर्विचार करते हुए अंगिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली, कुरमाली, असुर, बिरहोर, माल्तो सहित अन्य जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को परीक्षा में शामिल किया जाए, ताकि राज्य के सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके और झारखंड की भाषाई विविधता को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो।
ब्यूरो। तेल कंपनी द्वारा हफ़्ते से भी कम समय में चौथी बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी करने के बाद रांची, लखनऊ और पटना के लोगों ने बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इससे महंगाई और बढ़ेगी।
सोमवार को जारी ताज़ा दरों के अनुसार, झारखंड में पेट्रोल की औसत कीमत 103.28 रु प्रति लीटर और डीज़ल 98.23 रु प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल 99.20 रु और डीज़ल 92.56 रु प्रति लीटर तथा बिहार में पेट्रोल 112.18 रु और डीज़ल 98.24 रु प्रति लीटर दर्ज किया गया।
लोगों ने कहा कि ईंधन की कीमतों में हालिया बदलाव से न सिर्फ़ आना-जाना महंगा होगा, बल्कि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने से सब्ज़ियों, अनाज और दूसरी ज़रूरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।
रांची में आने-जाने वाले लोगों ने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों का असर घर के हर खर्च पर पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “इसका असर बहुत ज़्यादा है। सब कुछ महंगा हो गया है। अगर डीज़ल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर आने-जाने और खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ता है। टमाटर की कीमतें पहले से ही ज़्यादा हैं। जब ईंधन की कीमतें बढ़ती हैं, तो आलू और प्याज़ जैसी सब्ज़ियों से लेकर आटा और चावल तक सब कुछ महंगा हो जाता है। आम लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है।”
कुछ लोगों ने सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए नाराज़गी भी जताई। उनका कहना था कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
रांची। झारखंड में लंबे समय से सड़क निर्माण का काम पूर्ण नहीं करने वाली एजेंसी या संवेदकों को अब नया काम मिलना आसान नहीं होगा । ग्रामीण कार्य विभाग राज्य भर में ऐसे सभी सड़कों की सूची तैयार कर डिबार की प्रक्रिया तेज करेगी । इतना ही नहीं काम में देरी कर रेट रिवीजन की चालाकी को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है । हाल के महीनों में रेट रिवीजन होनी वाली योजनाओं को विभाग खंगालने का काम करेगी । ये निर्देश राज्य की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रांची स्थित झारखंड सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीच्यूट के सभागार में ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिया है ।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी सड़क और पुल निर्माण योजना की जिलावार जानकारी ली । मैराथन समीक्षा के दौरान ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आई कि लंबे समय से कई जिलों में सड़क की निर्माण की योजना लंबित है । समय अवधि के अंदर काम पूरा नहीं करने के बावजूद ऐसी एजेंसी या संवेदकों के द्वारा सड़क निर्माण से जुड़ी दूसरी योजनाएं ली जा रही है । ऐसे में एक ही एजेंसी या संवेदकों के नाम कई काम लंबित है । विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य भर में ऐसी एजेंसी और संवेदकों की सूची तैयार कर उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया बढ़ाई जाए । दरअसल कई बार रेट रिवीजन का लाभ लेने के उद्देश्य से ही काम को लंबित रखने की बात सामने आ चुकी है । समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि ऐसी एजेंसी और संवेदकों को नया काम नहीं दिया जाएगा ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता से कही कोई समझौता नहीं होगा । सड़क निर्माण और पुल निर्माण से संबंधित किसी भी तरह की कोई अनियमितता की शिकायत नहीं आनी चाहिए । उन्होंने झारखंड के माननीय विधायकों के द्वारा विभाग को भेजे गए लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए , उस पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है । उन्होंने कहा कि चाहे सड़क निर्माण में अनियमितता से संबंधित आवेदन हो या नई सड़क के निर्माण की मांग हो , माननीय विधायकों के आवेदन पर समय सीमा के अंदर पहल की जाए । शिकायतों पर पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय आवश्यक जांच करने की जरूरत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बारिश से पहले राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर , उसे दुरुस्त करने का काम तेज किया जाए । उन्होंने इसके लिए विभागीय अधिकारियों को ऐसे पुल का निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया ।
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य के 6 जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है । इसके लिए जिलों में जमीन चिन्हितिकरण का काम जिला प्रशासन की मदद से पूर्ण किया जाएगा । हाल के दिनों में पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ बाजार में मांग भी बढ़ी है । समीक्षा के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य की दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ उन्हें किराना की दुकान तक सीमित रखना नहीं है , बल्कि महिलाएं कैसे उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़े इस रणनीति के साथ कार्य योजना तैयार करने की जरूरत है । इसके लिए भी जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त पहल कर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया है । राज्य में अबुआ आवास के लाभुकों को उनका अंतिम किस्त दे कर उनके आशियाना का सपना साकार करने पर जोर दिया गया । अबुआ आवास के लिए इस बजट में 41 सौ करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है । समीक्षा बैठक के दौरान ये बात सामने आई की राज्य में अब बहुत कम घर ही ऐसे बचे है जहां SHG से जुड़ी कोई महिला सदस्य ना हो । राज्य भर में SHG ग्रुप की संख्या 3 लाख 19 हजार के करीब तक पहुंच चुकी है । जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के स्वावलंबन के नजरिए से बेहतर संकेत है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समीक्षा बैठक के क्रम में JSLPS के काम से संतुष्ट नजर नहीं आई । उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के साथ - साथ JSLPS के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्देश दिया है । मनरेगा की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में ये बात सामने आई की वी बी ग्राम जी योजना के लागू होने से झारखंड पर 1700 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा ।
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने कहा कि एक से डेढ़ साल तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करने वालों की सूची जिला स्तर से मुख्यालय को भेजी जाए । इसके साथ ही रेट रिवीजन को लेकर भी एक SOP तैयार किया जाएगा , ताकि काम में देरी कर लाभ लेने वालों को रोका जा सके । सचिव ने विभागीय अधिकारियों को काम का स्थल निरीक्षण करने को भी कहा है । समीक्षा बैठक में मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय बरनवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहें ।
शेखपुरा।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पशु व पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को जिले के जिला पदाधिकारी शेखर आनन्द, पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी,अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डाँ.राकेश कुमार,शेखपुरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार व अन्य को आवेदन देकर असमाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे गौ तस्करी,गौ वध व आगामी बकरीद पर्व पर संभावित गौ वध पर सख्ती के साथ रोक लगाने व ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ़ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की मांग की है.अरशद ने कहा कि बिहार सरकार ने पशु संरक्षण व सुधार अधिनियम -1955 के तहत पुरे राज्य मे गौ वध पर पुर्ण रूप से प्रतिबन्ध लागू करते हुए इसे संज्ञेय अपराध के श्रेणी में रखा है.अरशद ने बहुसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए व कानून रोक के चलते तथा देश के सभी मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं व इरादे की अपील व फतवे के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय से आगामी बकरीद पर्व पर गाय की कुर्बानी से अलग रहने का आह्वान करते हुए आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाएं रखनें की अपील की है तथा आगे भी गौ वध से बचने की सलाह दी है. अरशद के इस पहल से गौ तस्करों में हड़कंप व खलबली मच गया है तो दूसरी तरफ़ गौ भक्तों व पशु प्रेमियों ने अरशद के इस कदम की सरहाना की है.अब देखने की बात होगी की जिला पुलिस-प्रशासन अरशद के आवेदन पर गौ वध के रोक थाम के लिए किया कदम उठाती है.विदित हो कि अरशद ने इससे पुर्व भी गौ वध व तस्करी पर रोक को लेकर अभियान चलाया था।
रांची । 14 महीने पर जेल से बाहर आने के बाद चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर सोमवार को राज्य की राजधानी रांची पहुंच कर भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ अभियान छेड़ दिया.अरशद ने सोमवार को हाईकोर्ट, लोकायुक्त,सीबीआई,ईडी, एसीबी,जेल आईजी,प्रदुषण बोर्ड,सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग का दौरा कर भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ जेल जाने से पुर्व व जेल से निकलने के बाद स्पीड पोस्ट से भेजे व दिए आवेदन पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी लेने के साथ ही साथ नये तथ्यों से भी अवगत कराया,जहां अरशद को ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिला.विदित हो कि साहिबगंज जिला के खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू के द्वारा अरशद के खिलाफ़ सरकारी काम में बाधा,रंगदारी, भयादोहन,ब्लैकमेल व एससी-एसटी एक्ट के तहत जिरवाबड़ी थाना मे कांड संख्या -104/24 तथा 204/24 दर्ज कराया था,जिसके पश्चात पुलिस ने अरशद को आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था,जहां से अरशद हाल ही में नियमित जमानत पर बाहर आएं हैंं.जेल अवधि के दौरान साहिबगंज व मधुपुर जेल में भ्रष्ट जेल-प्रशासन के खिलाफ़ अरशद द्वारा किए गए आंदोलन भी चर्चा का विषय बना रहा,जिस को लेकर अरशद ने करीब 94 बिंदु पर जेल आईजी से सुचना की मांग की है साथ ही झुठा केस दर्ज कराने वाले डीएमओ कृष्ण कुमार किस्कू,झुठा केस को अनुसंधान व पर्यवेक्षण में सत्य करार देने वाले केस के अनुसंधानकर्ता दीपक दीपक क्रिएशन,लव कुमार व पर्यवेक्षण पदाधिकारी सह साहिबगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किशोर तिर्की व अन्य के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही जिले में व्याप्त अवैध खनन,परिवहन व स्टोन क्रशर के खिलाफ़ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की है.अरशद द्वारा सोमवार को उपरोक्त केंद्रीय व राज्य जांच एजेंसी के साथ ही हाईकोर्ट,लोकायुक्त व अन्य राज्य स्तरीय विभाग का दौरा करने से भ्रष्ट पुलिस प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है तो दूसरी तरफ़ सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखी जा रही है.अरशद ने दहाड़ते हुए कहा है कि जेल जाने से उनका मनोबल गिरने के बजाय और ऊपर उठा है व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर कारोबारियों,माफियाओं व असामाजिक तत्वों के खिलाफ़ उनका आंदोलन व संघर्ष अब और तेज़ होगा व न रोकें हैं न रोकेंग न झुकें हैं न झुकेंगे न डरें हैं न डरेंगे बल्कि उनका संघर्ष अनवरत बिना किसी डर-भय के आगे भी ज़ारी रहेगा.
नई दिल्ली/रांची: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पीएमएलए एक्ट के तहत दर्ज मामले में उन्हें जमानत दे दी है। उनके साथ उनके निजी सचिव संजीव लाल को भी बेल मिली है।
करीब दो साल से जेल में बंद आलमगीर आलम के लिए यह फैसला बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। सुप्रीम Court के आदेश के बाद अब उनके जल्द जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
छापेमारी में मिले थे 32.2 करोड़ रुपये कैश
गौरतलब है कि 6 मई 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। इस दौरान आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से करीब 32.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इस बरामदगी ने पूरे राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था।
15 मई 2024 को हुई थी गिरफ्तारी
छापेमारी और शुरुआती जांच के बाद 15 मई 2024 को ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी टेंडर आवंटन के बदले कमीशन वसूलने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। इसी कथित नेटवर्क के जरिए अवैध धन लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया।
ईडी के अनुसार, यह पूरा मामला सरकारी योजनाओं और टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी।
राजनीतिक हलचल तेज
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे कानूनी राहत और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, जबकि विपक्ष इसे गंभीर आरोपों से जुड़ा मामला बताते हुए सवाल उठा रहा है।
ब्यूरो। आसनसोल से अजीब मामला सामने आया है जहां आस्था जब राजनीति से जुड़ जाती है, तो नजारे कुछ अलग ही देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक अनोखा दृश्य पश्चिम बंगाल के आसनसोल दक्षिण में देखने को मिला, जहां स्थानीय निवासी सोमू भंडारी इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
9 मई को सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोमू भंडारी ने अपनी वर्षों पुरानी मन्नत पूरी करने के लिए करीब 2 किलोमीटर तक दंडवत प्रणाम करते हुए घाघर बूढ़ी काली मंदिर तक यात्रा की और मां काली के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
क्या थी सोमू भंडारी की मन्नत?
सोमू भंडारी ने बताया कि राज्य में बढ़ती हिंसा, भ्रष्टाचार और दबंगई से वे बेहद परेशान थे। उन्होंने कहा,
"कुछ समय पहले मैं बाराबनी में अपने रिश्तेदार के घर गया था। वहां का माहौल देखकर मन काफी आहत हुआ। तभी मैंने ठान लिया कि बंगाल में बदलाव जरूरी है।"
इसके बाद उन्होंने घाघर बूढ़ी काली मंदिर पहुंचकर मां से चार शर्तों वाली मन्नत मांगी थी—
- बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो
- बीजेपी की सरकार बने
- सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनें
- बाराबनी से अर्जित राय बीजेपी विधायक बनें
4 मई को पूरी हुई मन्नत
4 मई को आए चुनाव परिणामों में बीजेपी को 207 सीटें मिलीं। सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने और बाराबनी सीट से अर्जित राय ने जीत दर्ज की।
चारों शर्तें पूरी होते ही सोमू भंडारी ने अपना प्रण निभाने की तैयारी शुरू कर दी।
2 किलोमीटर की दंडवत यात्रा
रविवार सुबह सोमू भंडारी अपने घर से दंडवत यात्रा पर निकले। करीब 2 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए वे घाघर बूढ़ी काली मंदिर पहुंचे। इस दौरान रास्ते में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उनके साथ जुड़ते गए।
मंदिर पहुंचकर उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की और मां काली का आशीर्वाद लिया।
"यह आस्था और विश्वास की जीत है"
सोमू भंडारी ने कहा,
"यह सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास की जीत है। मां काली ने मेरी पुकार सुन ली। अब बंगाल बदलेगा।"
मंदिर के पुजारी ने भी कहा कि इतनी लंबी दंडवत यात्रा उन्होंने वर्षों बाद देखी है।
चर्चा का विषय बना संकल्प
सोमू भंडारी की श्रद्धा और संकल्प अब आसनसोल से लेकर बाराबनी तक चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे आस्था, राजनीति और व्यक्तिगत विश्वास का अनोखा संगम बता रहे हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल आर एन रवि द्वारा पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल को भंग किए जाने के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यकाल समाप्त हो गया है और अब राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बंगाल की राजनीति का बड़ा मोड़ माना जा रहा है। राज्यपाल के इस कदम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार के गठन को लेकर जल्द ही भाजपा राजनीतिक दल की बैठकों का दौर शुरू होने वाला है जहां 8 मई को विधायक दल का नेता चुना जाना है। भाजपा इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा रउरांव ने मुख्यमंत्री झारखंड सरकार, एवं उपायुक्त रांची को शहीद बिरसा मुंडा को न्याय दिलाने हेतु पत्र लिखा है ।हाल ही में 24 अप्रैल 2026 को जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी बिरसा मुंडा की दुखद हत्या की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय घटना से उनके परिवार पर गहरा दुख एवं आर्थिक संकट आ पड़ा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं प्रतिनिधिमंडलों द्वारा भी इस मामले में न्याय एवं सहयोग की मांग की गई है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि—
1. शहीद बिरसा मुंडा के परिवार के कम से कम दो सदस्यों को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
2. परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 50 लाख (पचास लाख रुपये) का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।
3. दोषियों को शीघ्र एवं कठोरतम सजा दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. मंदिर परिसर के आसपास झोपड़ी में रह रहे सभी गरीब परिवारों को साहू ग्रुप के माध्यम से पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें।महोदय, यह सहायता न केवल पीड़ित परिवार को संबल देगी, बल्कि समाज में न्याय और विश्वास को भी मजबूत करेगी तथा क्षेत्र के गरीब परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी।अतः आपसे पुनः निवेदन है कि इस विषय में सहानुभूतिपूर्वक एवं शीघ्र निर्णय लेने की कृपा करें।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने प्रेस बयान जारी कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से पूछा कि क्या सरना धर्म कोड मिलने से आदिवासियों को संविधान में लिखा 26 अनुच्छेदों में जो हक अधिकार प्राप्त है वह बरकरार रहेगा इस बाबत आप कैबिनेट से एक चिट्ठी निर्गत करें कि सरना धर्मकोड मिलने से 26 अनुच्छेदों से मिलने वाले हक अधिकार मिलते रहेंगे चूंकि सरना धर्म कोड की मांग चर्च की मांग है जिस दिन यह कोड मिल जाता है सभी जनजाति अल्पसंख्यक हो जाएंगे और 26 अनुच्छेदों का हक अधिकार छिन जाएगा। सन 1945 में चाईबासा की जगन्नाथपुर धर्म सम्मेलन में सर्वप्रथम सरना की बात आई वहीं से धीरे-धीरे सरना का प्रचलन हुआ, लोगों की मांग को देखते हुए सन 2013 में माननीय पूर्व सांसद सुदर्शन भगत जी ने सरना धर्म कोड की मांग की l केंद्र से जवाब आया यह संभव नहीं है। 2015 में पूर्व विधायक एवं मंत्री माननीय देव कुमार धान जी ने भी सरना धर्म कोड की मांग की, केंद्र से जवाब आया यह संभव नहीं है क्योंकि 105 छोटे-छोटे पथ अलग-अलग कोड की मांग कर रहे हैं यदि सभी को अलग-अलग कोड दिया जाए तो भारत टुकड़े-टुकड़े में बट जाएगा और इसी प्रकार समय बिता गया और वर्ष 2020 में चर्च की मांग पर विशेष सत्र बुलाकर आनन फानन में विधानसभा से सरना धर्मकोड आदिवासी/ धर्मकोड को पारित कर बिना महामहिम के हस्ताक्षर कराए सीधे दिल्ली भेज देना संविधान को हनन करते हुए लोगों के साथ छल करना और यह कहना कि आप सरना कोड मांग किया हमने पारित कर केंद्र भेजा ,अब केंद्र नहीं माना तो मैं क्या करूं पुनः लोगों को 2025 में यह कहना कि सरना धर्मकोड को पास कर राज्यपाल से हस्ताक्षर कराकर केंद्र भेजेंगे फिर वही छल की हम सरना धर्म कोड के लिए महामहिम एवं राज्यपाल को चिट्ठी लिखे हैं कि जनगणना में अलग सरना धर्म तालिका होना चाहिए जबकि भारत की सभी जनजातियों के लिए हिंदू धर्म के अभिन्न अंग या श्रेणी में होने का कारण हिंदू धर्म के अंतर्गत रखा है और सभी जनजाति हिंदू है जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 13, 17 ,25 ,340, 341 342, में हिंदू कहा गया है जिसके अंतर्गत निम्नलिखित कानून बनाए गए हैं 1. सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम1955
2 हिंदू विवाह अधिनियम 1955
3 हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956
4. हिंदू आप प्राप्त व्याप्त एवं संरक्षता अधिनियम 1956
5. हिंदू दत्तक पुत्र एवं भरण पोषण अधिनियम 1956
6. अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989
7. पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार अधिनियम 1996
8. राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित बीपी मंडल आयोग प्रतिवेदन अधिनियम 1990
9. झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001
जो सभी जनजाति हिंदू होते हुए भी अपनी अपनी रीति रिवाज कस्टम रूढ़ि प्रथा से फॉलो होते हैं ।क्योंकि संविधान में सरना, आदिवासी ,आदि, एवं सनातन धर्म अंकित नहीं है इसलिए जनगणना हो रहा है कॉलम में धर्म के स्थान पर ईसाई मुस्लिम को छोड़कर सभी लोगों से हिंदू लिखने का आग्रह किया विशेष कर जनजाति समाज से आग्रह करते हुए कहा कि अपना अपना हक अधिकार एवं बच्चों के भविष्य नौकरी को देखते हुए हिंदू ही लिखे अन्य दूसरा कोई नहीं लिखे ।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 में आदिवासी/सरना धर्म को अलग पहचान देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने जनगणना में सरना धर्म कोड को पृथक श्रेणी के रूप में शामिल करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड समेत देशभर के आदिवासी समुदाय लंबे समय से सरना धर्म को अलग पहचान दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनगणना में अलग कोड मिलने से आदिवासी समाज की वास्तविक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दर्ज हो सकेगी।
पत्र में सीएम ने यह भी उल्लेख किया कि 2027 की जनगणना देश के विकास और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में आदिवासी समाज की पहचान को सही तरीके से दर्ज करना आवश्यक है, ताकि भविष्य की योजनाएं तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर बनाई जा सकें।
झारखंड सरकार पहले भी विधानसभा से इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है। अब मुख्यमंत्री के इस पत्र के बाद एक बार फिर सरना धर्म कोड का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
आदिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे समाज की सांस्कृतिक अस्मिता और अधिकारों की दिशा में अहम पहल बताया है।
रांची। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, रांची स्थित मुख्यालय के गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दरभंगा हाउस परिसर स्थित शहीद स्मारक पर वीर शहीद कोल कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुई।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में निदेशकगण- पवन कुमार मिश्रा (वित्त), हर्ष नाथ मिश्र (मानव संसाधन), श्री चंद्र शेखर तिवारी (तकनीकी/ऑपरेशन), अनुप हंजुरा (परियोजना एवं योजना), पंकज कुमार (मुख्य सतर्कता अधिकारी), क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
निलेंदु कुमार सिंह, सीएमडी, सीसीएल ने नवनिर्मित वर्किंग वॉशरी मॉडल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वॉशरी मॉडल से सम्बंधित कई प्रश्न किए और जानकारियां भी साझा की।
इसके पश्चात सभी ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस थीम पर बने एक सेल्फी पॉइंट पर समूह चित्र भी खिंचवाया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेते हुए यादगार तस्वीरें खिंचवाईं।
इसके पश्चात सीसीएल सभागार में सीआईएल कॉरपोरेट गीत के साथ दीप प्रज्वलन कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें सभी श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
अपने संबोधन में सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने सभी कर्मियों को श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जब हम वातानुकूलित सभागार में कार्यक्रम कर रहे हैं, उसी समय हमारे कोल योद्धा खदानों में कार्यरत हैं और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कठिन परिस्थितियों में भी अपना योगदान दे रहे हैं, उन्हें मेरा सादर प्रणाम।
उन्होंने जानकारी दी कि बी एंड के, बरका-सयाल एवं अरगडा क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक सर्वाधिक उत्पादन दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने भूमि के बदले 216 रोजगार प्रदान किए हैं तथा राजहरा ओपन कास्ट परियोजना का पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने पर्यावरण, सीएसआर एवं अन्य क्षेत्रों में कंपनी की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
इसके अलावा सभी निदेशकगण, सीवीओ सर, जेसीएससी के केंद्रीय सचिव ने सभा को संबोधित किया। सभी ने श्रमिकों के समर्पण, साहस और उनके बलिदान को याद किया तथा कंपनी और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कर्मियों को पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने की बात कही।
इस अवसर पर ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि, सीएमओएआई, जेसीएससी, सेफ्टी बोर्ड, कल्याण विभाग, एसटी/एससी/ओबीसी काउंसिल, प्रेस प्रतिनिधि, महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम:
कार्यक्रम के दौरान डी ए वी स्कूल के बच्चों द्वारा गणेश वंदना, गायन तथा आशा भोसले को समर्पित नृत्य प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया और सांस्कृतिक विविधता को मंच पर सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
सीसीएल का ताऊ” – एआई अवतार हुआ लॉन्च
श्रमिक दिवस के अवसर पर एआई अवतार “सीसीएल का ताऊ” लॉन्च किया गया। सीसी एंड पीआर विभाग के विभागाध्यक्ष श्री आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि यह सीसीएल का AI अवतार कंपनी की नीतियों, परियोजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी रोचक तरीकों से साझा करने का माध्यम बनेगा।
‘उत्कर्ष’ पत्रिका का लोकार्पण:
कार्यक्रम में सीसीएल की वार्षिक पत्रिका ‘उत्कर्ष’ का लोकार्पण किया गया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों एवं कर्मचारियों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों को स्थान दिया गया है।
पुरस्कार वितरण समारोह:
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों एवं एरिया इकाइयों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी निष्ठा, परिश्रम एवं संगठन के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
महाप्रबंधक (पी एंड आईआर) प्रतुल कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रम शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
राँची/ बजरंग दल झारखण्ड प्रान्त के प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि विगत दिनों राँची के धुर्वा स्थित प्रदेश के प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ स्वामी मन्दिर गर्भ गृह के प्रहरी बिरसा मुंडा के तीन हत्यारों को राँची जिला प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया है तथा एक हत्यारे की सघन तलाश की जा रही है। प्रशासन शीघ्र हत्या की पुरी गुथी सुलझाय। साथ ही मृतक के एक आश्रित को सरकारी नौकरी एवं परिवार को उचित मुआवजा देकर ढाढ़स बंधाए। आगे प्रान्त संयोजक रंगनाथ महतो ने कहा कि कुछ लोग मृतक बिरसा मुंडा की लाश पर राजनीति कर अपना चेहरा चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। हिन्दू संगठनों के खिलाफ अनर्गल बयान दे रहे हैं रहे हैं जो उचित नहीं है। हमारा काम सभी प्राचीन भारतीय समाज को, सभी प्रकृति पूजक समाज को जोड़ने का है, तोड़ने का नहीं। चुंकि घटना प्रदेश के प्रसिद्ध हिन्दू मन्दिर और मृतक मुंडा जनजाति समाज की बात है इसलिए इसे चर्च प्रेरित नेताओं व नेत्रियों द्वारा हवा देने की कोशिश की जा रही है। ताकि इनकी सरना और सनातन के बीच विद्वेष फैलाने की मंसा पूर्ण हो सके। परन्तु दुःख के इस कठिन समय में पूरा हिन्दू समाज मृतक के परिवार जनों के साथ खड़ा है। और इनके किसी भी षडयंत्र का शिकार सरना सनातन धर्मवालम्बी कभी नहीं होंगे।
रांची: बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रशासनिक और पुलिस सेवा में नव पदस्थापित अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई, जहां अधिकारियों ने अपने नए दायित्वों को लेकर मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुलाकात करने वाले अधिकारियों में उपायुक्त चतरा रवि आनंद, उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज, उपायुक्त गढ़वा अनन्य मित्तल, उपायुक्त पाकुड़ मेघा भारद्वाज, उपायुक्त गोड्डा लोकेश मिश्रा, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत तथा पुलिस अधीक्षक गढ़वा आशुतोष शेखर शामिल थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य में बेहतर प्रशासन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का निर्देश दिया।
साहिबगंज । जिला के 37वें उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (2019 बैच) के अधिकारी दीपक कुमार दुबे ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया।
समाहरणालय परिसर में आयोजित एक सादे किंतु गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पदभार संभालते हुए जिले के सर्वांगीण विकास एवं सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत उपायुक्त श्री दुबे ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं त्वरित निष्पादन पर विशेष बल देते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आधारभूत संरचना एवं कानून-व्यवस्था के क्षेत्रों में निरंतर सुधार हेतु ठोस पहल की जाएगी। साथ ही, आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
इस अवसर जिले के तमाम पदाधिकार सहित मीडिया कर्मी उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा जिला प्रशासन, चतरा (झारखंड) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल सीसीएल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत की गई है, जिसका उद्देश्य आदिम जनजातीय समूह (PVTGs) के जीवन स्तर में समग्र सुधार लाना है।
इस समझौते के अंतर्गत चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड स्थित धुना पंचायत में निवासरत बिरहोर समुदाय के 28 परिवारों के आवासों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस परियोजना के लिए सीसीएल द्वारा ₹28,49,700/- (अट्ठाईस लाख उनचास हजार सात सौ रुपये) की राशि जिला प्रशासन, चतरा को उपलब्ध कराई जाएगी।
एमओयू पर सीसीएल की ओर से श्री संजीव कुमार, महाप्रबंधक, आम्रपाली चंद्रगुप्त क्षेत्र तथा जिला प्रशासन, चतरा की ओर से जिला खनन पदाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी (CSR), श्री मनोज टोप्पो द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर जिला प्रशासन, चतरा की ओर से उपायुक्त सुश्री कीर्तिश्री, उप-विकास आयुक्त श्री अमरेंद्र कुमार सिन्हा एवं योजना पदाधिकारी श्री शिशिर पंडित सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
यह पहल बिरहोर समुदाय को सुरक्षित एवं टिकाऊ आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीसीएल, सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में कंपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में निरंतर सार्थक पहल कर रही है। उनके मार्गदर्शन में बिरहोर जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन स्तर में सुधार हेतु आवास सुदृढ़ीकरण जैसी योजनाएं न केवल उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सशक्त जीवन की ओर अग्रसर करने का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। यह पहल दर्शाती है कि सीसीएल विकास के साथ-साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक पहुंचने के अपने संकल्प के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पटना: बिहार के नए मुख्यमंत्री बनेंगे सम्राट चौधरी इसकी पुष्टि हो चुकी है, 14 अप्रैल को पटना में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक आयोजित हुई जहां केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा नाम पेश किया गया इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में विधायकों ने सर्वसम्मति से फैसले पर मोहर लगा दी। मालूम के नीतीश कुमार लगभग 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बाद उन्होंने 14 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया । वही सम्राट चौधरी के विधायक दल के नेता बनने के बाद 15 अप्रैल को शपथ लेने की बात सामने आ रही है।
चाईबासा। झारखंड में मुखिया सम्मेलन की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज चाईबासा में आयोजित कोल्हान प्रमंडल मुखिया सम्मेलन 2026 में बाल हितैषी, स्वस्थ, महिला हितैषी, स्वच्छ एवं हरित तथा सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायतों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार की मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन जमीनी प्रयासों की पहचान है, जो गांवों को आत्मनिर्भर, संगठित और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 25 वर्षों से लंबित पेसा नियमावली को लागू कर झारखंड सरकार ने पारंपरिक ग्राम सभाओं को वैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करता है। इससे न केवल प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को मजबूती मिली है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना को जनभागीदारी के माध्यम से पुनर्स्थापित किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पेसा नियमावली के तहत महिलाओं को ग्राम सभा के सचिव पद पर नियुक्ति का प्रावधान राज्य में लैंगिक समानता को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनेगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर दिख रहे सकारात्मक परिवर्तन इस बात का प्रमाण हैं कि विकास अब केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय नेतृत्व, पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता पर आधारित एक सतत प्रक्रिया बन चुका है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पंचायतों को प्रशासनिक इकाई से आगे बढ़ाकर विकास, सेवा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित है।
रांची । झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची की बैठक सेक्टर 3 ए टाइप धुमकुड़िया प्रांगण में समिति की मासिक बैठक के साथ सामूहिक विवाह एवं आगामी 24 मई 2026 को सांस्कृतिक समागम नई दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाले अर्थात डीलिस्टिंग महारैली में शामिल होने के लिए विचार मंथन किया गया है।
मेघा उरांव ने बताया कि संगठन की ओर से झारखंड से रांची, टाटानगर और दुमका से रिजर्व ट्रेन बुक हो रही है जिसमें झारखंड से हजारों लोग प्रस्थान करेंगे इसी तरह प्रत्येक राज्य से ट्रेन बुक हो रही है हजारों जनजाति समाज का समागम होगा और केंद्र सरकार का आंख खोलने का काम किया जाएगा अब बहुत हो गया जितना जल्दी हो सके धर्म परिवर्तित लोगों का आरक्षण और सूची से बाहर करने के लिए जिस तरह 341 में प्रावधान है उसी प्रकार 342 में भी प्रावधान हो ।
जनजातीय सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा है कि अभी तक रिपोर्ट है कि पूरे देश भर में लगभग दो लाख पंजीयन दिल्ली जाने के लिए हो चुका है। इसके लिए अब प्रचार प्रसार दीवार लेखन पोस्टर बैनर बाइक रैली इत्यादि के साथ-साथ एक साथ अपने देवी देवताओं की पूजा अर्चना के साथ-साथ अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे !
इस बैठक में मेघा उरांव लुथुरू उरांव, चंदा कच्छप, बिरसा भगत, जय मंत्री उरांव, राजु उरांव, कंचन होरो, महेश उरांव, वृंदावन उरांव , कुमुदिनी लकड़ा, सोनवा देवी,अंजली खलखो, रोपनी मिंज, मोनी तिर्की, लालमुनी देवी, सुशीला उरांव, तारक रजक, कावेरी देवी, एवं अन्य लोग उपस्थित थे।