रांची। राजभवन में आज एक साहित्यिक कार्यक्रम के तहत श्री उपेंद्र पाठक द्वारा संकलित पुस्तक *“संचित विचार”* का विमोचन झारखंड के महामहिम माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार जी द्वारा किया गया।
इस पुस्तक में जीवन, समाज, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़े विविध विचारों को संकलित किया गया है, जो पाठकों को नई दिशा और प्रेरणा देगी।
विमोचन के अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय ने पुस्तक के लेखक उपेंद्र पाठक को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह की रचनाएं समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि विचारों का संचय ही व्यक्ति को बड़ा बनाता है और "संचित विचार" इसी का एक सुंदर उदाहरण है।
लेखक उपेंद्र पाठक ने इस अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यस्ततम समय में से समय निकालकर उन्होंने पुस्तक का विमोचन कर लेखक समुदाय का मनोबल बढ़ाया है। इसके लिए वे हृदय से कृतज्ञ हैं।
इस गरिमामय अवसर पर डॉ एच. पी. नारायण, अरविंद कुमार, रंजय ओझा, अशोक कुमार राय, सुधांशु पाठक, संध्या पाठक, नीलम पाठक, वेदांत कौस्तव और तेजस कुमार सहित शहर के कई बुद्धिजीवी, साहित्यकार और परिवारजन उपस्थित थे। सभी ने लेखक को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर की ओर से आगामी 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाले “अराजकता रोको, लोकतंत्र बचाओ – छात्र गर्जना” कार्यक्रम की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रजीत साह उपस्थित रहे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, विद्यार्थियों की सहभागिता एवं संगठनात्मक तैयारियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में देश की एकता एवं अखंडता के विरुद्ध उठने वाली आवाजों, भारत के विभाजन की बातें करने वाले विचारों तथा चिकन नेक जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र को लेकर दिए जा रहे विवादित बयानों सहित विभिन्न भारत विरोधी गतिविधियों के विरुद्ध परिषद द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी आंदोलन पर चर्चा हुई। आगामी 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाली छात्र गर्जना में पूरे झारखंड के विभिन्न जिलों से 5000 से अधिक विद्यार्थियों के जुटने की संभावना है। इस विशाल छात्र समागम में प्रदेशभर के विद्यार्थी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। साहिबगंज जिले से भी 300 से अधिक विद्यार्थियों के राँची पहुँचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इंद्रजीत साह ने कहा कि, “भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जब देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से जुड़े विषयों पर सवाल खड़े होते हैं, तब विद्यार्थियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित के साथ राष्ट्रहित के विषयों पर अपनी आवाज बुलंद करती रही है। 3 नवंबर को राँची में आयोजित होने वाली छात्र गर्जना प्रदेश के विद्यार्थियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक सहभागिता का एक बड़ा उदाहरण बनेगी।”
नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि, “साहिबगंज जिले के विद्यार्थियों में इस कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह है। हम जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों तक इस कार्यक्रम का संदेश पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि साहिबगंज से 300 से अधिक विद्यार्थी राँची पहुँचकर छात्र गर्जना में सहभागिता करें। 3 नवंबर को राँची की धरती पर झारखंड के हजारों विद्यार्थी एकजुट होकर छात्र शक्ति का परिचय देंगे।”
बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर प्रदेश छात्रा सह प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर सह मंत्री लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पूर्णव कुमार, अनुप्रासन कुमार, अमन भगत, नीरज यादव, समीर कुमार, अविनाश साह, बादल कुमार, रोशन कुमार, राजा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के लिए जमीन देने से किसानों का इनकार, 26 नवंबर को राजभवन मार्च का आह्वान
राहे (रांची): बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को शिवटंगरा मैदान में किसानों की बैठक हुई। माझीडीह, बेरगा, कुबाडीह, पुरनानगर, महेशपुर, खाटंगा और डोमनडीह के किसानों ने बैठक के बाद विरोध प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण के लिए अपनी कृषि भूमि नहीं देने का संकल्प लिया।
बैठक में 7 नवंबर को शिवटंगरा मैदान में कृषि भूमि रक्षा कन्वेंशन आयोजित करने तथा 26 नवंबर को राजभवन जाने का आह्वान किया गया।
झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा कि बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के नाम पर सात गांवों के किसानों की कृषि भूमि पर नए सड़क निर्माण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके विरोध में किसान पिछले एक वर्ष से आंदोलनरत हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, रांची के उपायुक्त, सिल्ली विधायक और अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसान अपनी कृषि भूमि नहीं देने की मांग कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि संबंधित मौजों की ग्राम सभाओं में भी कृषि भूमि सड़क निर्माण के लिए नहीं देने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा जा चुका है। किसानों की आजीविका का मुख्य आधार कृषि भूमि है। भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 का उल्लंघन कर जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश से किसानों में आक्रोश है।
सुफल महतो ने कहा कि झारखंड में कृषि भूमि का प्रतिशत मात्र 25 है। ऐसे में सरकार को अन्नदाता किसानों की कृषि भूमि की रक्षा करनी चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता अक्षय महतो ने की। मौके पर ग्राम प्रधान अक्षय महतो, गोबिंद महतो, विशेश्वर महतो, धनेश अहिर, अजय महतो, दिलीप अहिर, कुशल महतो, सर्वेश्वर महतो, राजकुमार महतो, प्रेमनाथ महतो, भागीरथ महतो, लक्ष्मण महतो, नारायण महतो, पशुपति महतो, हरिप्रसाद महतो, कलेश्वर महतो, जवाहर महतो, तुलसी प्रसाद, हिरालाल महतो, राजेंद्र गोझू, पशुपति गोझू, परमेश्वर महतो, त्रिलोचन महतो, जनार्दन महतो, दिनबंधु महतो, चमन महतो और नंदकिशोर महतो सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के प्रांगण में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर दिनांक 31 अक्टूबर, 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाप्रबंधकगण, अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् एवं कोल इंडिया गीत के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित कोलकर्मियों एवं हितधारकों ने सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
वहीं, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार और आदर्श आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी से आपसी सहयोग, समर्पण एवं सामूहिक प्रयासों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के उपरांत निदेशकगण के नेतृत्व में एकता मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में सीसीएल कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मार्च के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं आपसी सद्भाव का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को दी आर्थिक सहायता की सौगात, किसान कल्याण के प्रति संकल्प दोहराया
साहेबगंज/रांची । आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए पावन अवसर पर देश के किसानों को बड़ी आर्थिक सौगात मिली है। इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव ने हर्ष जताते हुए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इसके तहत देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
आगे श्री यादव ने कहा यह आर्थिक सहायता देश के अन्नदाताओं के सम्मान, स्वाभिमान और खेती-किसानी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहयोग देकर उनकी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद की जा रही है।
आने वाली दीपावली जैसे पावन त्योहार पर किसानों के खातों में सहायता राशि पहुंचने से उनके परिवारों में खुशियों का माहौल है। इस पहल को किसान कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और कृषि क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया। इस अवसर पर किसान हित को सर्वोपरि बताते हुए संकल्प दोहराया गया कि किसान का सम्मान, किसान का कल्याण और किसान की समृद्धि ही प्राथमिकता है।साथ ही भगवान से प्रार्थना की गई कि दीपावली के पावन पर्व पर देश के हर किसान के घर खुशहाली का दीप जले, हर खेत में हरियाली हो और प्रत्येक किसान का भविष्य उज्ज्वल एवं समृद्ध बने।
आगे श्री यादव ने कहा देश के सभी किसान भाई-बहनों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा किसान खुशहाल तो देश खुशहाल।
रांची/साहेबगंज । भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव ने कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार EVM पर सवाल उठाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से सवाल करते हुए कहा कि जब बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ता है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
श्री यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव प्रक्रिया और EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस द्वारा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की जा रही है। लेकिन कांग्रेस को पहले अपने चुनावी प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बैलेट पेपर से चुनाव हुए। इन चुनावों में कांग्रेस ने 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन उसे केवल महाराष्ट्र में एक सीट पर जीत मिली। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी चारों सीटों पर जीत हासिल नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गृह राज्य में भाजपा-जेडीएस गठबंधन की जीत कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय है।
बजरंजी प्रसाद यादव ने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुआ, तब कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए जनता और मतदाताओं का विश्वास जीतना जरूरी है। जनता के सुख-दुख में भागीदारी निभानी पड़ती है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर काम करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि केवल EVM और चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाने से राजनीतिक सफलता नहीं मिल सकती। कांग्रेस पार्टी को चुनाव प्रणाली पर आरोप लगाने के बजाय अपने चुनावी प्रदर्शन, राजनीतिक रणनीति और परिवारवाद जैसे मुद्दों पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए।
अंत में श्री यादव ने कहा कि चुनाव EVM से हो या बैलेट पेपर से, लोकतंत्र में जनता का निर्णय ही सर्वोपरि होता है। राजनीतिक दलों को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
सुदेश महतो बोले— झारखंड की जल, जंगल और जमीन पर जनता का अधिकार
गुमला । झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि राज्य की जल, जंगल और जमीन पर यहां की जनता का अधिकार है। झारखंड की खनिज संपदा का उपयोग राज्य के विकास और आम लोगों की समृद्धि के लिए होना चाहिए। इसके लिए जनता को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। वे सोमवार को गुमला नगर भवन में आयोजित आजसू पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन सह मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, युवाओं, महिलाओं और समाजसेवियों समेत सैकड़ों लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सुदेश महतो के गुमला पहुंचने पर भरनो में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान 100 से अधिक बाइकों के साथ जुलूस निकाला गया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पदयात्रा की। नगर भवन पहुंचने पर पारंपरिक तरीके से उनका अभिनंदन किया गया। सम्मेलन में जिले के सभी 12 प्रखंडों और 159 पंचायतों से कार्यकर्ता शामिल हुए।
सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य के विकास, गरीबी दूर करने और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का आधार बननी चाहिए थी, लेकिन सरकार की नीतियों ने राज्य के भविष्य को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए और विकास की योजनाओं में स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपती है, न कि किसी परिवार को राजसत्ता सौंपने के लिए जनादेश देती है। झारखंड आंदोलन में दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक परिवार से जुड़े होने मात्र से अगली पीढ़ी में समान नेतृत्व क्षमता होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर जवाबदेही और स्पष्ट विकास रोडमैप के अभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए और विकास कार्यों की स्पष्ट दिशा बतानी चाहिए। उनके अनुसार, जनता को जनादेश का वास्तविक लाभ मिलना जरूरी है।
अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना लक्ष्य
आजसू अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी जनता की समस्याओं के समाधान और राज्य के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं समझने, उनके समाधान के लिए प्रयास करने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास की मुख्यधारा से वंचित लोगों को जोड़ना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सैकड़ों नए सदस्य पार्टी में शामिल
सम्मेलन के दौरान युवराज राम मनोहर नाथ शाहदेव और गोवर्धन सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं, महिलाओं एवं समाजसेवियों ने आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने नए सदस्यों को माला पहनाकर और पार्टी का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। उन्होंने सभी से पार्टी की विचारधारा के अनुरूप जनता के बीच सक्रिय रहकर काम करने की अपील की।
कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव अंजू देवी एवं उमेश सिंह भोगता, केंद्रीय सचिव गोपीनाथ सिंह एवं मोहसिन खान, गुमला जिला अध्यक्ष दिलीप नाथ साहू, आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा और युवा आजसू प्रभारी प्रताप सिंह समेत कई केंद्रीय एवं जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आजसू पार्टी ने झारखंड के अधिकार, स्वाभिमान, पहचान और विकास की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा जनभागीदारी के माध्यम से संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
रांची। भाकपा माले ने SIR रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, प्रवासी मजदूरों के शोषण पर रोक तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा की मांग उठाई है। सोमवार को रांची स्थित महेंद्र सिंह भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने इन मुद्दों पर अपनी बात रखी। नेताओं ने झारखंड सरकार से JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं के मामले में अभ्यर्थियों के पक्ष को न्यायालय में मजबूती से रखने की भी मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि SIR के खिलाफ देशभर में आंदोलन चल रहा है। चुनाव आयोग के भीतर से वोट चोरी से जुड़े खुलासों के सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी तेज हुई है। उन्होंने कहा कि गंभीर आरोपों के बीच जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने की बाध्यता और उससे जुड़ी जटिल शर्तों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार सीमित होने का खतरा है। इस संदर्भ में उन्होंने आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष नेहा द्वारा पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार किए जाने का भी उल्लेख किया।
गुजरात में झारखंड के मजदूरों के शोषण का आरोप
भाकपा माले के बगोदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने गुजरात में झारखंड के प्रवासी मजदूरों के शोषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गिरिडीह समेत झारखंड के विभिन्न इलाकों से गुजरात गए मजदूरों से आठ घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है। उनकी साप्ताहिक छुट्टी भी समाप्त कर दी गई है और कपड़ा मिलों सहित कई कारखानों में रविवार को भी अवकाश नहीं मिलता। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी पालन की मांग की।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के पक्ष में मजबूत पैरवी करे सरकार
निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि झारखंड में शिक्षा और रोजगार से जुड़े आंदोलनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े हालिया आंदोलनों में भी संगठन ने मजबूती से आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह न्यायालय में अभ्यर्थियों के पक्ष को सही तथ्यों और ठोस तर्कों के साथ प्रस्तुत करे, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।
नवंबर में होंगे संगठन के राष्ट्रीय सम्मेलन
दीपांकर भट्टाचार्य ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 21 और 22 नवंबर को गिरिडीह जिले के सरिया में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। वहीं, 28 से 30 नवंबर तक महाराष्ट्र के नागपुर में आइसा का 11वां राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसके अलावा इंकलाबी नौजवान सभा के सम्मेलन और भाकपा माले के राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियां भी जारी हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकपा माले के झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त, पूर्व विधायक विनोद सिंह, निरसा विधायक अरूप चटर्जी और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो भी उपस्थित थे।
नेमरा में शोक संवेदनाओं का तांता, विभिन्न दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलकर बंधाया ढांढस
नेमरा (रामगढ़) । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए बुधवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों का जुटान हुआ। सभी ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नेमरा में दिनभर शोक और संवेदना का माहौल रहा। मुख्यमंत्री की माता के निधन पर शोक जताने के लिए कई वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
विभिन्न दलों के नेता पहुंचे नेमरा
दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने वालों में विधायक प्रदीप यादव, जनार्दन पासवान और मंगल कालिंदी शामिल थे। इनके अलावा पूर्व मंत्री बंधु तिर्की और बन्ना गुप्ता, पूर्व सांसद घूरन राम, शैलेंद्र महतो, भुवनेश्वर प्रसाद मेहता और रविंद्र कुमार पांडेय भी नेमरा पहुंचे।
पूर्व विधायक समरी लाल और अपर्णा सेनगुप्ता समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
IAS और IPS अधिकारियों ने भी अर्पित किए पुष्प
मुख्यमंत्री की माता को श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री और परिवार के प्रति जताई संवेदना
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनका परिवार शोक में है। इस दुखद अवसर पर राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने नेमरा पहुंचकर परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और मुख्यमंत्री को ढांढस बंधाया।
सिल्ली: मेन रोड सिल्ली में पूर्व डिप्टी सीएम सुदेश कुमार महतो एवं रेस्टोरेंट संचालक की माता देवन्ती देवी ने संयुक्त रूप से वैष्णवी रेस्टोरेंट का फीता काट कर उद्घाटन किए।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र का पहला ऐसा रेस्टोरेंट है जो बड़े शहरों की तर्ज पर बनाया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस रेस्टोरेंट की स्वादिष्ट भोजन की गुणवत्ता के लिए शहर में इसकी पहचान बने। रेस्टोरेंट के संचालक विनय व विजय साव ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्वादिष्ट भोजन व बेहतर सेवा के माध्यम से लोगों के दिलों में उतरना है।आज का दिन हमारे लिए एक बेहद खास और सपने जैसा दिन है। इस रेस्टोरेंट को शुरू करने के पीछे हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य रहा है—आपको और आपके परिवार को बेहतरीन, स्वादिष्ट और साफ़-सुथरा भोजन एक शानदार माहौल में परोसना।इस नए शाखा में इंडियन, चाइनीज, तंदूरी, कांटिनेंटल आदि भोजन प्रबंध रहेगा। इस मौके पर जयपाल सिंह, मुखिया सीमा गंझू,अजीत साहू, मनोज साव, नेपाल साव, बबलू साव, राजेश साहू,प्रकाश अग्रवाल, नितेश्वर महतो, सुरेन्द्र साव, ज्योति साव, संजय गुप्ता, समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
साहिबगंज में एक दिवसीय धरना, कांग्रेस सांसद की सदस्यता रद्द करने की उठी मांग
साहिबगंज। भारतीय जनता पार्टी, साहिबगंज जिला के तत्वावधान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े एक मामले में कांग्रेस सांसद के कथित कृत्य के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा की पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी ललिता पासवान ने किया। धरना-प्रदर्शन में भाजपा जिला अध्यक्ष गौतम यादव और जिला प्रभारी अमृत पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महिला मोर्चा की नेत्री ललिता पासवान ने विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। मंच का संचालन जिला मंत्री ऊषा भारती ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महिला मोर्चा की बरहरवा नगर अध्यक्ष पूनम भारती ने किया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष गौतम यादव और जिला प्रभारी अमृत पांडेय ने कांग्रेस सांसद के कथित कृत्य की आलोचना की। उन्होंने सांसद की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस के कई नेता भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक मंशा पर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया।
इस धरना-प्रदर्शन में बरहरवा नगर अध्यक्ष अर्पिता दास, पूर्व नगर अध्यक्ष श्यामल दास, जिला उपाध्यक्ष सोनेलाल ठाकुर, बप्पी निर्मल साह, संजीव गुप्ता सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नेमरा (रामगढ़)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माताजी रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम एवं बादल, बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और खूंटी के सांसद काली चरण मुंडा सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा विधायक अनूप सिंह, विधायक ममता देवी, पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत अन्य सांसदों, विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
सभी ने स्व. रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया।
इस अवसर पर झारखंड के सूचना आयुक्त शिवपुजन पाठक एवं तनूज खत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाएं सम्मानित, युवाओं से किया संवाद
सिल्ली। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ शनिवार को सिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सिल्ली कॉलेज की शासी निकाय की बैठक में भाग लिया। इसके बाद विद्यार्थियों एवं युवाओं के साथ संवाद कर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य और देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। मौके पर भाजपा रांची पूर्वी जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज भी उपस्थित रहे।सेवा संकल्प अभियान के तहत संजय सेठ ने सिल्ली काली मंदिर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में सेविका-सहायिकाओं को अंगवस्त्र और डायरी देकर सम्मानित किया। इसके बाद सिल्ली स्टेडियम में ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों के बीच फुटबॉल और नेट वितरित किए। वहीं, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों एवं छोटे व्यवसायियों को छाता देकर प्रोत्साहित किया।संजय सेठ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। खिलाड़ियों को उचित अवसर और संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को निखारना जरूरी है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सम्मानित करने और जरूरतमंदों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं की भागीदारी से विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की बात कही।कार्यक्रम के दौरान संजय सेठ एवं विनय महतो धीरज पत्रकार अनूप महतो के पिता के श्राद्ध कर्म में भी शामिल हुए। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।कॉलेज की बैठक में रांची विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार मुकुंद चंद मेहता, प्राचार्य अनंतराम महतो, सिल्ली मंडल अध्यक्ष अंबुज रजक, राहे मंडल अध्यक्ष मेघनाथ महतो, सोनाहातू मंडल अध्यक्ष खगेश महतो, जोन्हा मंडल अध्यक्ष बसंत सुंडी, रामपुर मंडल अध्यक्ष अमित मांझी, वीणा देवी, दिलेश्वर कोइरी, परीक्षित मंडल, लक्ष्मीकांत महतो, भेंगराज प्रसाद, सृष्टिधर प्रजापति, रविंद्र साहू, राहुल कुमार एवं फणीभूषण महतो सहित पार्टी कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रांची। झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्सिंग लैबोरेटरी कर्मियों ने सात माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को विभागीय कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मियों ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बकाया वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग की।
धरना दे रही कर्मी शिवानी ने बताया कि वे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वाटर टेस्टिंग लैबोरेटरी में कार्यरत हैं। पिछले सात माह से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद कर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। त्योहारों के मौसम में भी वेतन नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कर्मियों के अनुसार पूरे झारखंड में करीब 200 आउटसोर्सिंग लैबोरेटरी कर्मी कार्यरत हैं। वेतन भुगतान को लेकर कई बार विभाग से गुहार लगाई जा चुकी है। विभाग की ओर से टेंडर होने के बाद वेतन भुगतान किए जाने की बात कही जाती रही है, लेकिन तीन-चार बार टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसे स्थगित किया जा चुका है।
कर्मियों ने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान नहीं होने के बावजूद विभाग की ओर से लगातार काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वे पेन डाउन हड़ताल करने को मजबूर होंगे।
कर्मियों ने सरकार और विभाग से बकाया सात माह के वेतन का तत्काल भुगतान करने के साथ-साथ समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में विवेक पंडित,संजीव कुमार, तोफन कुमार महतो, सुरभि गोप, उर्मिला, मनीषा, प्रवीण प्रभाकर, रामप्रसाद, सुशीला, गणेश, महेश, नेहा और शिवा कुमारी सहित कई कर्मी मौजूद थे।
चतरा। लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास) युवा प्रकोष्ठ, चतरा के तत्वावधान में राँची रोड स्थित सनाया होटल, किशनपुर में कार्यकर्ता मिलन सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं के बीच आपसी समन्वय और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, पार्टी के संस्थापक पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष सह चतरा विधायक जनार्दन पासवान शामिल हुए । इस अवसर पर प्रदेश प्रधान महासचिव श्री विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेंद्र दूर्वेदी, चतरा जिला अध्यक्ष श्री गौरी प्रसाद यादव, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष श्री अनिल पासवान सहित सभी मंडल अध्यक्ष एवं बूथ अध्यक्ष उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक जनार्दन पासवान ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह, समर्पण और सक्रिय भागीदारी ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया गया।
कार्यकर्ता मिलन सह अभिनंदन समारोह ने संगठन के भीतर आपसी संवाद, सम्मान, समर्पण और नई ऊर्जा का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन, 24 घंटे में समाधान की मांग
बरहरवा । बीएसके महाविद्यालय, बरहरवा में यूजी सेमेस्टर-7 (सत्र 2022-26) के नामांकन पोर्टल में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर शनिवार को एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल और विद्यार्थियों ने कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के साथ नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की।
महाविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सेमेस्टर-7 में नामांकन की प्रक्रिया 28 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित है। विद्यार्थियों का कहना है कि 29 सितंबर से ही पोर्टल पर यूजरनेम और पासवर्ड बनाने तथा पासवर्ड भूलने पर उसे रीसेट करने में परेशानी हो रही है। इसके कारण कई विद्यार्थी नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
विद्यार्थियों ने भुगतान प्रक्रिया में भी तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की। उनका कहना है कि भुगतान की सुविधा शुरू होने से पहले ही पोर्टल पर क्यूआर कोड और भुगतान सफल होने का संदेश प्रदर्शित हो रहा था। बाद में भुगतान की सुविधा शुरू होने के बावजूद कई विद्यार्थियों को शुल्क जमा करने में परेशानी हो रही है और पोर्टल पर “You have already paid admission fee for the selected semester.” का संदेश दिखाई दे रहा है, जबकि संबंधित विद्यार्थियों ने शुल्क जमा नहीं किया है।
कुछ विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि शुल्क जमा होने के बाद भी दोबारा भुगतान का विकल्प दिखाई दे रहा है और SabPaisa Receipt उपलब्ध नहीं हो रही है। इससे विद्यार्थियों में नामांकन और भुगतान की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
एनएसयूआई ने कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परेशान हैं। संगठन ने मांग की कि समस्याओं का अधिकतम 24 घंटे के भीतर समाधान कराया जाए और विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर देने के लिए नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। साथ ही चेतावनी दी कि तकनीकी खामी के कारण यदि कोई विद्यार्थी नामांकन से वंचित होता है, तो संगठन छात्रहित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।
जल्द समाधान का आश्वासन
प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन तकनीकी समस्या को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तकनीकी टीम से दूरभाष पर बातचीत की गई है और जल्द समस्या का समाधान किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की जा रही है तथा विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक पहल की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कॉलेज सचिव वसीम अकरम, एनएसयूआई सदस्य रमजान शेख, अनिकेत कर्मकार, उज्ज्वल कुमार यादव, महजूरा खातून, रितु कुमारी सहित विद्यार्थी अनिमेष मंडल, आफताब आलम, सिंटू कुमार साह, बुलटी कुमारी, राधा कुमारी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
मंत्री बोले—पीडीएस डीलर व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी, केंद्र से लंबित राशि के लिए लगातार संपर्क
रांची। राज्य के जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलरों के बकाया कमीशन के भुगतान को लेकर खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सरकार की गंभीरता जताई है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 तथा 2025-26 के सात माह के लंबित कमीशन के भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। इस दिशा में विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि राज्य के 25 हजार से अधिक पीडीएस डीलर खाद्य वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके माध्यम से लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचता है। ऐसे में डीलरों के कमीशन का समय पर भुगतान सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जरूरी है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से डीलर कमीशन के रूप में एक वर्ष की राशि राज्य को उपलब्ध कराई गई है और उपलब्ध राशि के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शेष बकाया राशि के लिए राज्य सरकार केंद्र के लगातार संपर्क में है। इस संबंध में केंद्र को पत्र भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी केंद्र से लंबित राशि शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
मंत्री ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 14 जिलों में डीलरों का पूरा भुगतान हो चुका है, जबकि शेष जिलों का भुगतान भी जल्द होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कुछ भुगतान ट्रेजरी स्तर पर लंबित हैं, जिनके शीघ्र निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।
‘नेतागिरी नहीं, संवाद से निकलेगा समाधान’
डीलर एसोसिएशन की ओर से सामने आए कुछ बयानों पर मंत्री ने कहा कि डीलरों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग का दरवाजा हमेशा खुला है। उन्होंने संगठन के प्रतिनिधियों से आंदोलन या बयानबाजी के बजाय सीधे विभाग के साथ संवाद करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “डीलर एसोसिएशन से कहना चाहता हूं कि आप लोग नेतागिरी न करें। जो भी समस्या है, सीधे मुझसे आकर कहें। विभाग का मंत्री मैं हूं और आपकी समस्या का समाधान निकालने की जिम्मेदारी भी मेरी है। हम बैठकर बातचीत के जरिए रास्ता निकालेंगे।”
मंत्री ने बताया कि 6 अक्टूबर को विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें डीलरों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने संगठन के प्रतिनिधियों से अपनी समस्याएं और सुझाव तथ्यों के साथ बैठक में रखने की अपील की, ताकि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार पीडीएस डीलरों को केवल खाद्यान्न वितरण व्यवस्था का हिस्सा नहीं मानती, बल्कि उन्हें सरकार की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि डीलरों के हितों और समस्याओं की अनदेखी नहीं की जाएगी।
मंत्री ने डीलरों से धैर्य बनाए रखने और विभाग के साथ समन्वय कर काम करने की अपील करते हुए कहा कि बकाया कमीशन के भुगतान के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रांची। लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची के नेतृत्व में झारखंड थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लाटिक एनीमिया पीड़ित एसोसिएशन,झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी का आज संयुक्त 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव कमलेश महतो जी से 09 सूत्री मांगों भरे स्मार-पत्र देकर झारखंड कांग्रेस कार्यालय,मेन रोड़,रांची में मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष श्री केशव कमलेश महतो जी को 09 सूत्री स्मार-पत्र एवं दो विशेष मुद्दों पर प्रतिवेदन देकर अवगत किया।
झारखंड कांग्रेस के कोटे से बनें माननीय स्वास्थ्य मंत्री को हमलोगों के द्वारा कई बार प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्मार-पत्र देकर अवगत किया गया मगर नतीज़ा उपयुक्त नही,आज तक रक्त विकार रोगियों-परिजनों-रक्तदान आयोजकों संग बैठकर पीड़ा-समाधान पर हल नही करने सहित रक्त विकार रोग के पीड़ितों की नीति- व्यवहारिक-तार्किक क्रियान्वयन उपयुक्त नही होने की वजह से सौकड़ों पीड़ितों का देहांत हो रहा है, थैलेसीमिया-सिकल सेल-हीमोफीलिया- अप्लाटिक एनीमिया एवं रक्तदान के बहुआयामी मुद्दें पर झारखंड कांग्रेस के विधायक दल नेता श्री प्रदीप यादव जी द्वारा 09 दिसंबर 2025 के विधानसभा में उठाएं मुद्दें पर एक महीनें में लागू करने की घोषणा को लागू किया जाए,
इसीपर दो झारखंड कांग्रेस के विधायक दल नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री की बीच काफ़ी गहमागहमी होकर अनुशासन हीनता में माना गया पर जिसपर मुद्दें पर अनुशासन हीनता माना गया वह मुद्दा ही आज तक सवाल बना हुआ है,इसको निष्पादित किया जाए।
झारखंड सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था-संचालन- जांच एवं अन्य पर निजी कंपनी संग हुए एमओयू को रद्द कर सरकारी ब्लड बैंक एवं जैसेक्स को मजबूत किया जाए एवं पूर्व के कई आदेश समेत विशेष प्रतिवेदन सहित अन्य ज्वलंत मुद्दें पर अवगत किया गया।
विशेष प्रतिवेदन में रक्त विकार रोग से स्वर्गवास हो चुके झारखंड भर के बच्चों की सूची एवं निजी कंपनी एम.ए. साइंस कंपनी पर विशेष प्रतिवेदन भी दिया गया।
प्रदेशाध्यक्ष ने सभी मुद्दों को गंभीरतापूर्वक सुना-समझा उसके बाद माननीय स्वास्थ्य मंत्री से फोन से बातचीत की एवं कहा झारखंड थैलेसीमिया-सिकल सेल समेत रक्तदान के नीतिगत मुद्दें जनहित में सर्वप्रथम है जिसपर अवश्य जनहित में कार्रवाई होगी।
झारखंड कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में माननीय स्वास्थ्य मंत्री से आपके प्रतिनिधिमंडल संग चर्चा को निष्पादित किया जाएगा।
प्रदेशाध्यक्ष जी को पीड़ितों के परिजनों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर झारखंडी अंगवस्त्र पहनाया गया।
झारखंड कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री केशव कमलेश महतो संग प्रदेश प्रवक्ता डॉ राजेश गुप्ता,प्रदेश प्रवक्ता सतीश कुमार,वरिष्ठ कांग्रेस नेता/राजनैतिक सलाहकार शुक्ला जी उपस्थित थे।
प्रतिनिधिमंडल में रक्तवीर नदीम खान,पीड़ित परिजन संजय टोप्पो,संजय महतो,सीमा देवी,फ़रिहाया बिलकिस,नीलू,टोप्पो,मो तौहिद, पीड़ित सोनम कुमारी,रक्तवीर इंजीनियर शाहनवाज, साज़िद उमर,मो बब्बर,अकरम राशिद,मोजाहिद, मो जावेद एवं अन्य शामिल थे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर प्रांगण में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजूरा एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उपस्थित निदेशकगण, सीवीओ एवं अधिकारियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश देता है। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री का सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपने कार्य एवं व्यवहार में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजूरा ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने राष्ट्र निर्माण में अनुशासन, ईमानदारी, आत्मनिर्भरता और जनसेवा के महत्व को स्थापित किया। उनके विचार आज भी देश के विकास की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने सभी से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
सीवीओ पंकज कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य एवं नैतिकता का मार्ग और लाल बहादुर शास्त्री की ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा एवं नैतिक मूल्यों को अपनाकर ही एक सुदृढ़ और जिम्मेदार संगठन का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा वर्षभर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं सेवा-आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
रांची। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष एवं आजीवन संरक्षक, राष्ट्र एवं हिंदू समाज के लिए समर्पित कार्यकर्ता तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। 27 सितंबर 1926 को आगरा के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मे श्रद्धेय सिंहल जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं धर्म की सेवा में समर्पित कर दिया।
वर्ष 1950 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक बने। वर्ष 1982 में उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री का दायित्व संभाला। इसके पश्चात महामंत्री, अध्यक्ष तथा जीवनपर्यंत संरक्षक के रूप में उन्होंने संगठन को दिशा दी।
उन्होंने सामाजिक समरसता, गोरक्षा, धर्मांतरण रोकने तथा वैदिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए वेद विद्यालयों की स्थापना सहित विभिन्न कार्यों में योगदान दिया। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को इससे जोड़ने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उनका दृढ़ विश्वास था कि “श्रीराम मंदिर बनेगा तो देश का मस्तक ऊंचा होगा।”
झारखंड में शताब्दी समारोह एवं प्रांतीय कार्यक्रम
श्रद्धेय अशोक सिंहल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा पूरे देश में एक वर्ष तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सेवा कार्यों के विस्तार, वैदिक शिक्षा, गोरक्षा, धर्मांतरण पर रोक तथा मंदिर मुक्ति जैसे विषयों से जुड़े कार्यों को विशेष गति देने की बात कही गई है।
उद्घाटन समारोह
झारखंड में इस शताब्दी समारोह का उद्घाटन धुर्वा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में होगा।
मुख्य अतिथि: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक श्री सच्चिदानंद अग्रवाल जी।
मुख्य वक्ता: विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय विशेष संपर्क प्रमुख तथा पटना क्षेत्र के पालक अधिकारी माननीय अम्बरीष जी।
विशेष अतिथि: प्रसिद्ध लोक कवि एवं गायक पद्मश्री महावीर नायक जी।
समारोह में पूरे प्रांत से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समाज के प्रबुद्धजन एकत्र होकर श्रद्धेय अशोक सिंहल जी का स्मरण करेंगे तथा उनके द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।
प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत के अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत उपस्थित रहे। उनके साथ झारखंड प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश रंजन, अमरनाथ ठाकुर एवं अनिल तिवारी की उपस्थिति रही।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, मुख्यालय स्थित गंगोत्री कंवेन्शन सेंटर के प्रांगण में आज दिनांक 01 अक्टूबर, 2026 को सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का विधिवत उद्घाटन सीसीएल, सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पंकज कुमार की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, ट्रेड यूनियन के सम्मानित सदस्यगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, हितधारक एवं बड़ी संख्या में सत्यनिष्ठ रक्तवीरों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सीसीएल के सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह ने सभी कर्मियों को स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ दिलाई। उन्होंने कर्मियों को सक्रिय रूप से रक्तदान के लिए आगे आकर ऐसे पुनीत एवं मानवीय कार्य में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को इस नेक कार्य के लिए आगे आना चाहिए।
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस रक्तदान शिविर में निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा समेत कुल 191 सत्यनिष्ठ रक्तवीरों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। आयोजित इस विशेष रक्तदान शिविर में आईआईसीएम के अधिकारियों एवं जेएसएसपीएस के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सत्यनिष्ठा, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। इस वर्ष के अभियान की थीम “Let Integrity Flow, Let Life Grow, Let Prosperity Follow” रही, जो सत्यनिष्ठा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है।
हाईकोर्ट व निचली अदालत के अधिवक्ताओं ने साझा किए न्यायालयीन अनुभव, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चांसलर डॉ. साधना कपूर ने किया मार्गदर्शन
रांची, 30 सितंबर। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ लॉ में नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए विशेष स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, विधि शिक्षा के व्यावहारिक पक्ष और कैंपस जीवन से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट एवं निचली अदालत के अधिवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिवक्ताओं ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए न्यायालय की कार्यप्रणाली, वकालत के व्यावहारिक पक्ष और विधि के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कानून के क्षेत्र में सफल भविष्य के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, प्रभावी संवाद कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास और पेशेवर नैतिकता का विकास भी जरूरी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चांसलर ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. साधना कपूर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों को विधि की शिक्षा को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ ग्रहण करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शैक्षणिक जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
डॉ. कपूर ने कहा कि विधि की पढ़ाई विद्यार्थियों को केवल एक पेशे के लिए तैयार नहीं करती, बल्कि उन्हें समाज और न्याय व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का अवसर भी देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर अध्ययन और आत्मविकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय के पदाधिकारी व शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, प्रो वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, डीन एकेडमिक, डीन एवं एचओडी, स्कूल ऑफ लॉ सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास से संबंधित महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर ज्ञान अर्जित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही विधि शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को समसामयिक कानूनी विषयों से अपडेट रहने और अपने संचार एवं विश्लेषणात्मक कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
अनुशासन और प्रोफेशनल डेकोरम पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियम-कायदे, अनुशासन, प्रोटोकॉल, अकादमिक कंडक्ट और कैंपस डेकोरम की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि एक विधि विद्यार्थी के व्यक्तित्व में कानून की जानकारी के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता, शिष्टाचार, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी होनी चाहिए।
विद्यार्थियों को न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र की गरिमा के अनुरूप अपने व्यवहार और व्यक्तित्व को विकसित करने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि विधि के क्षेत्र में पेशेवर सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की समझ भी महत्वपूर्ण है।
सीनियर विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ लॉ के सीनियर एवं सुपर सीनियर विद्यार्थियों ने नवागंतुक विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन की प्रक्रिया और कैंपस लाइफ से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दीं।
इस दौरान सीनियर और जूनियर विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक एवं सहयोगात्मक संवाद देखने को मिला। सीनियर विद्यार्थियों ने नए छात्रों को विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक अनुभव के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने की सलाह दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों का खूब मनोरंजन किया और नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार की ओर से नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विधि शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत देने के साथ उन्हें अनुशासन, व्यावहारिक विधिक ज्ञान, पेशेवर आचरण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना रहा।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए विधि शिक्षा की नई यात्रा की शुरुआत के साथ-साथ उन्हें भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
सिल्ली - मुरी। मुरी जंक्शन के लाइन नंबर दो पर बुधवार सुबह करीब नौ बजे एक युवक मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसका एक पैर कट गया। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।घायल युवक की पहचान बिहार के दरभंगा जिले के नारायणपुर गांव निवासी राजकिशोर (32) के रूप में हुई है। बताया गया कि वह एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान लाइन नंबर दो से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में आ गया। घटना की सूचना मिलने के बाद राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे। जवानों ने घायल को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया।घटना के बाद रेलवे पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
साहिबगंज । सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर साहिबगंज-गोविंदपुर मार्ग पर विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत साहिबगंज से हरिणचरा मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों पर उगी झाड़ियों एवं अनावश्यक वनस्पतियों की कटाई-छंटाई की गई।
कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, साहिबगंज के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान सड़क के फ्लैंक पर जमा मिट्टी को भी हटाया गया। इससे सड़क किनारे का हिस्सा व्यवस्थित होने के साथ ही वाहन चालकों को बेहतर दृश्यता मिलने की उम्मीद है।
अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा कोषांग के सदस्य भी मौजूद रहे और सड़क की स्थिति का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया। जिला प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्य नियमित रूप से जारी रखने की बात कही गई है।
सिल्ली। नेपाल के बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता एवं पुनर्वास के उद्देश्य से 27 सितंबर को सिलीगुड़ी के सुकना ग्राउंड में विशेष चैरिटी फुटबॉल मैच ‘प्ले फॉर नेपाल’ का आयोजन किया गया। सुकना गेम्स एंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से कंचनजंघा पर्यटन महोत्सव के तहत आयोजित इस मैच में झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में भाजपा सांसद जयंतो रॉय, नेपाल के चीफ कमिश्नर, भारतीय फुटबॉल के दिग्गज एवं पद्मश्री बाइचुंग भूटिया तथा पूर्व भारतीय फुटबॉलर अजय सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुदेश कुमार महतो ने बाइचुंग भूटिया की टीम की ओर से मैदान पर उतरकर चैरिटी मैच में हिस्सा लिया। इस दौरान आयोजकों की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया।सुदेश महतो ने कहा कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना और उनके पुनर्वास में सहयोग करना सभी की साझा मानवीय जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने, संवेदना जगाने और जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होने का प्रभावी माध्यम भी है।
सिल्ली मुरी:- मुरी स्थित हिंडालको कंपनी के खिलाफ सिल्ली विधायक अमित महतो द्वारा 28 सितंबर से किया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन मंगलवार को देर रात वार्ता के बाद समाप्त हो गया। विधायक अमित महतो अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और विस्थापितों के साथ कंपनी गेट के समीप धरने पर बैठे थे।धरने को लेकर मंगलवार को देर रात सिल्ली डीएसपी और स्थानीय सिल्ली एवं मुरी पुलिस प्रशासन की पहल और मध्यस्थता में विधायक अमित महतो तथा हिंडालको कंपनी के एचआर एवं अन्य कर्मचारियों के साथ वार्ता हुई। इस दौरान विधायक ने विस्थापितों एवं स्थानीय लोगों से जुड़ी विभिन्न मांगों को कंपनी प्रबंधन के समक्ष रखा। वार्ता के बाद धरना समाप्त करने पर सहमति बनी। पूरे घटनाक्रम के दौरान सिल्ली डीएसपी सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार और मुरी ओपी प्रभारी विकास कुमार पासवान व पुलिस प्रशासन की भूमिका सराहनीय रही। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और लॉ एंड ऑर्डर को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण तरीके से संभालते हुए प्रदर्शनकारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच संवाद का माहौल बनाए रखा। पुलिस की सतर्कता और समझदारी से किसी भी अप्रिय स्थिति को टालते हुए मामले को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया गया।धरना समाप्त होने के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य रही। विधायक की ओर से रखी गई मांगों पर आगे कंपनी प्रबंधन के स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर स्थानीय लोगों और विस्थापितों की नजर बनी हुई है। वार्ता में प्रतिनिधि मंडल में जीवराज सिंह डोला महतो, मुकेश साहू, जगन्नाथ महतो,कन्हाई बेदिया, शैलेंद्र कुमार, वही हिंडालको एचआर डिपार्टमेंट से यूनिट हेड संदीप पाटिल एचआर हेड प्रमोद कुमार,संजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में RMZ Infrastructure के President दीपक छाबड़िया ने मुलाकात की। बैठक में झारखंड में अत्याधुनिक IT Park, Global Capability Centre (GCC) तथा तकनीकी और औद्योगिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में IT Park शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार सृजित करने तथा अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 75 हजार रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रस्तावित IT Park के लिए IIM Ranchi, नए विधानसभा परिसर और हाईकोर्ट परिसर के आसपास उपलब्ध करीब 100 एकड़ भूमि को संभावित स्थल के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। यहां आधुनिक कार्यालय, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है।
बैठक में IT, Artificial Intelligence (AI), Semiconductor, Manufacturing, Nuclear Energy और Digital Infrastructure जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही Global Capability Centre के माध्यम से वैश्विक कंपनियों के लिए IT एवं AI सेवाओं और अन्य उच्च-कौशल वाले कार्यों का संचालन झारखंड से करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार झारखंड को भविष्य की तकनीकों और नई औद्योगिक संभावनाओं से जोड़कर मजबूत IT एवं तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। स्थानीय युवाओं के लिए उच्च-कौशल आधारित रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में बेंगलुरु का दौरा कर वहां के IT Park, तकनीकी इकोसिस्टम और GCC मॉडल का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर झारखंड में IT Park और संबंधित तकनीकी इकोसिस्टम के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सचिव पूजा सिंघल और झारखंड स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (JSAC) की निदेशक माधवी मिश्रा भी मौजूद थीं।
रांची । राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत 28 सितंबर 2026 को सीसीएल मानव संसाधन विकास विभाग के प्रकाश सभागार में स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से विविध विषयों, भावनाओं और अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रांची के प्रख्यात कवि एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री कुमार बृजेन्द्र तथा निर्मला महाविद्यालय, रांची की विभागाध्यक्ष डॉ. रेणु सिन्हा शामिल थीं। श्री कुमार बृजेन्द्र देश के विभिन्न राष्ट्रीय कवि मंचों पर सक्रिय रूप से उपस्थित रहे हैं तथा आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी जुड़े रहे हैं। कविता एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव तथा डॉ. रेणु सिन्हा की साहित्यिक समझ का लाभ प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों के मूल्यांकन में मिला।
प्रतियोगिता में ढोरी क्षेत्र के सहायक प्रबंधक (खनन) श्री उज्ज्वल पाठक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महाप्रबंधक (पर्यावरण) सुश्री संगीता ने द्वितीय, बीएनके क्षेत्र के प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री आर. पी. यादव ने तृतीय, वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सुष्मिता सहाय ने चतुर्थ तथा सीएसआर विभाग की उप प्रबंधक सुश्री पूजा प्रसाद ने पंचम स्थान प्राप्त किया।
सीसीएल की ओर से श्री कुमार बृजेन्द्र का स्वागत महाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास) श्री फ़ैयाजुल हक़ ने तथा डॉ. रेणु सिन्हा का स्वागत महाप्रबंधक (पर्यावरण) सुश्री संगीता ने किया। कार्यक्रम का मंच संचालन राजभाषा विभाग की सुश्री पूजा सिंह एवं श्री रामाधार पांडेय ने किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिविक दिवेश ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत अब तक टिप्पण-आलेखन, प्रश्नोत्तरी, हिंदी निबंध, हिंदी टंकण एवं स्वरचित कविता पाठ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों में मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही है।
राजभाषा माह के अंतर्गत अब ‘राजभाषोत्थान’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है। राजभाषा संवर्ग के कार्मिकों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित ज्ञान, अनुभव और प्रतिभा को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
राजभाषा माह–2026 के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से सीसीएल में हिंदी के प्रति उत्साह और रचनात्मक सहभागिता को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के कार्मिकों की निरंतर भागीदारी ने राजभाषा माह को व्यापक और जीवंत स्वरूप प्रदान किया है।
मुरी। हिंडाल्को में श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। 28 सितंबर की रात 12 बजे से सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो अपने समर्थकों के साथ हिंडाल्को के चारों प्रमुख गेट पर पहुंच गए। गेट जाम किए जाने के बाद श्रमिकों का प्लांट के अंदर प्रवेश पूरी तरह बंद हो गया।आंदोलनकारियों का कहना है कि कई श्रमिकों के गेट पास रोके जाने, वेतन कटौती और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। इसी के विरोध में श्रमिक आंदोलन कर रहे हैं।आंदोलनकारियों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने समेत कई मांगें प्रबंधन के समक्ष रखी हैं।समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू नहीं हुई थी। विधायक अमित कुमार महतो आंदोलन स्थल पर मौजूद रहकर श्रमिकों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सिल्ली क्षेत्र के पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को अवसर देने के बाद ही दूसरे जिलों या राज्यों के लोगों को रोजगार दिया जाना चाहिए।गेट पास और वेतन कटौती बना प्रमुख मुद्दा श्रमिकों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के गेट पास रोकने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वेतन कटौती को लेकर भी कामगारों में नाराजगी है। श्रमिकों ने रोके गए गेट पास तत्काल बहाल करने और काटे गए वेतन का भुगतान करने की मांग की है।आंदोलनकारियों ने ठेका प्रथा, रोजगार में स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से काम कर रहे श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।पुलिस ने संभाला मोर्चा हिंडाल्को के चारों गेट पर आंदोलन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मुरी ओपी और सिल्ली थाना पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा आंदोलन स्थल पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।फिलहाल प्लांट के चारों गेट पर आंदोलन जारी है। प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता नहीं होने से गतिरोध बरकरार है। आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है, यह वार्ता और प्रबंधन की अगली पहल पर निर्भर करेगा।
रांची। झारखंड भर के 24 जिलों के सक्रिय एवं स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों एवं रक्तवीरों सहित रक्त विकार रोगियों/परिजनों एवं सामाजिक चिंतकों संग आज एकदिवसीय झारखंड राज्यस्तरीय आत्मचिंतन बैठक एवं प्रेस वार्ता रांची के मेन रोड़ स्थित होटल केन में
झारखंड भर के 24 जिलों के 150 स्वैच्छिक सक्रिय रक्तदान आयोजकों/संगठनों का समन्वय संगठन "झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी" के नेतृत्व में आयोजित है।
जिसकी अध्यक्षता राज्य संयोजक एवं संस्थापक लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची के रक्तवीर नदीम खान ने की वहीं संचालन कोल्हान प्रभारी एवं कुरमी संस्कृति विकास समिति पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष रक्तवीर सपन कुमार महतो,विषय प्रवेश बोकारो ब्लड डोनर एसोसिएशन के महासचिव रक्तवीर शब्बीर अंसारी,प्रस्ताव पारित रामगढ़ के मुस्कुराहटे संस्था के अध्यक्ष रक्तवीर विवेकानंद वर्मा,धन्यवाद ज्ञापन सिमड़ेगा अलफलाह सोसाईटी के अध्यक्ष खुबैद शाहिद ने किया।
कार्यक्रम में रक्तदान आयोजकों, रक्तवीर, संगठनों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में रक्त विकार रोगी एवं परिजनों समेत सामाजिक चिंतक उपस्थित थे जिसमें सर्वसम्मति से आत्मचिंतन हॉल से 09 सूत्री प्रस्ताव पारित हुए।
1.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था, बुनियादी मानवीय व्यवस्था को सुदृढ़-व्यवस्थित-सुसज्जित-वातानुकूलित कर मजबूती से राज्यहित में व्यवस्थित किया जाए।
जिसमें राज्य के 24 जिलों में 21 जिलों में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाया जाए।
(जहां केवल हॉल ब्लड मिलता है)
हमलोगों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में झारखंड स्वास्थ्य विभाग को स्मार-पत्र दिया गया है।
2.झारखंड में सरकारी ब्लड बैंक व्यवस्था, रक्तदान-महादान व्यवस्था,जांच,शिविर,वितरण व्यवस्था का निजीकरण नही किया जाए। इन्हीं सभी कार्यों हेतु अभी झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने एम.ए. साइंस कंपनी के साथ एमओयू किया है,जिससे अविलंब रद्द किया जाए और झारखंड सरकार की जैसेक्स(झारखंड राज्य ऐड्स कंट्रोल सोसाईटी) को व्यवहारिक रूप से पोषित किया जाए।
3.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित,प्रोत्साहित-उत्साहित-सम्मानित,जागरुक करें।
जिसपर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग का दो-दो आदेश है जो 2018 का है एवं एक घोषणा थी दिनांक 09 दिसंबर 2025 एवं 06 मार्च सहित 20 मार्च 2025 में जो झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में हुई थी इन्हीं आदेश/घोषणा को सख़्ती से लागू कर दिया जाए तो राज्यहित समेत रक्तदान में बहुआयामी सुधार हो जाएगा।
(झारखंड स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न दिनांक में प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्मार-पत्र दिया गया है)
4.झारखंड सरकार राज्य भर के निजी- सामुदायिक ब्लड बैंक एवं रेड क्रॉस सोसाईटी के प्रोसेसिंग चार्ज को हाफ सब्सिडी युक्त करें एवं ब्लड बैग से 18 प्रतिशत जीएसटी मुक्त करें।
5.झारखंड सरकार राज्य भर के प्रतिष्ठित संस्था-संगठनों एवं सामुदायिक संस्थाओं सहित सामुदायिक हॉस्पिटलों में प्रोत्साहित कर सब्सिडी युक्त ब्लड बैंक खुलवाएं।
6.झारखंड भर के रक्त विकार रोग/असाध्य रोग थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया- हीमोफीलिया-अप्लास्टिक एनीमिया के पीड़ितों की बहुआयामी पीड़ा-समस्या पर दिनांक 09 दिसंबर 2025 को झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में घोषणा/आश्वासन को सख़्ती से लागू किया जाए। जो अभी तक धरातल पर लागू ही नही हुआ है।
(झारखंड सरकार को प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभिन्न दिनांक में स्मार-पत्र दिया गया है)
7.झारखंड भर के रक्त विकार रोगियों एवं असाध्य रोगियों हेतु थैलेसीमिया-सिकल सेल एनीमिया-हीमोफीलिया-अप्लाटिक एनीमिया-कैंसर-दिव्यांगों को झारखंड सरकार पोषित आहार दें एवं सभी को राशनकार्ड लालकार्ड/पीला कार्ड देना सुनिश्चित करें।
(दिव्यांगता कोटे के 2.5प्रतिशत राशनकार्ड देना सुनिश्चित हो,जो धरातल पर अधिक्तर नदारत है)
8.झारखंड सरकार राज्य भर के 24 जिलों के सक्रिय स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों/रक्तदान संगठनों/रक्तवीर/रक्त विकार पीड़ित/परिजनों संग अविलंब बैठक उनकी समस्याओं/समाधान/राज्यहित में आयोजित की जाए।जो आज तक आयोजित नही हुई है।
9.झारखंड सरकार रक्तदान-महादान को प्रचारित-प्रसारित-प्रोत्साहित-उत्साहित-जागरूक करने हेतु झारखंड रक्तदान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाए।
कार्यक्रम में झारखंड में ब्लड बैंक नेटवर्क के संस्थापक/रक्तमित्र ए. के.झा,रक्तमित्र एवं सामाजिक चिंतक नांदिता भट्टाचार्य,रक्तवीर मो बब्बर,गुरुनानक सेवक जत्था रांची के रक्तवीर सूरज झंडाई, रक्तवीर करण अरोड़ा,रक्तमित्र एज़ाज़ अंसारी धनबाद,सरायकेला-खरसावां के दिलीप कुमार महतो,अनूप कुमार महतो,रामगढ़ के रक्तवीर पॉवेल कुमार,रक्तवीर इंजीनियर शाहनवाज अब्बास,रक्तमित्र असफ़र खान,क़ाबिल हुसैन एवं रक्त विकार पीड़ितों के परिजनों में संजय टोप्पो,संजय महतो,देवकी देवी,फ़रिहाया बिलकिस, सीमा देवी,सुजाता कुमारी,नीलू टोप्पो,माजिदन खातून,पुनिया उरांव,तेज़लाल महतो,मन्नू सिंह एवं पीड़ितों में साक्षी सिंह,निशा कुमारी गुप्ता,अनीश टोप्पो,एलेक्स टोप्पो,सानिया प्रवीण समेत कई शामिल थे।
कार्यक्रम में रांची,रामगढ़,धनबाद,पूर्वी सिंहभूम,चाईबासा ,सरायकेला-खरसावां,बोकारो,लातेहार एवं सभी जिलों ने अपनी फोन से सहमति दी।
सिल्ली-मुरी। सिल्ली नगर कमिटी की ओर से विभिन्न जनसमस्याओं एवं संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिल्ली के राजा साहब पुष्पेंद्र नाथ सिंह देव ने की। संचालन भरत देव साईं ने किया।बैठक में केंद्रीय कमेटी के सचिव संजय सिद्धार्थ एवं सुनील कुमार सिंह, नगर प्रभारी सह केंद्रीय सचिव गौतम कृष्णा साहू, पंचायत प्रभारी सुरेश मुंडा समेत संजीत सिंह देव, निर्मल मंडल, दीपक सेन गुप्ता, भानु प्रताप सिंह, रवि सिंह, असित नाग, विपुल राय, प्रसनजीत दुबे, सुभाष मुंडा, आनंद कालिंदी और मनोज साव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक के दौरान सिल्ली-मुरी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने तथा संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।वक्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आम लोगों से निरंतर संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का आह्वान किया गया।यदि चाहें तो मैं इसका और ज्यादा दमदार फ्रंट-पेज शैली का संस्करण भी तैयार कर सकता हूं।
रांची। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने को लेकर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), नामकुम स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, योजनाओं के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य, बजट खर्च, मानव संसाधन तथा आम लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विभागीय कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सहियाओं के भुगतान में देरी नहीं
समीक्षा बैठक में सहियाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सहियाओं को उनकी प्रोत्साहन राशि समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भविष्य में राज्य सरकार की ओर से सहियाओं को दी जाने वाली विशेष प्रोत्साहन राशि को राज्य मुख्यालय स्तर से सीधे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है, ताकि सहियाओं को उनके कार्य का पारिश्रमिक समय पर मिल सके। सहियाओं के कार्य को तकनीकी रूप से आसान बनाने के लिए उन्हें जल्द टैब उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
संविदाकर्मियों के मानदेय भुगतान में सुधार
बैठक में संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि संविदाकर्मियों के मानदेय का भुगतान HIRS के माध्यम से राज्य मुख्यालय स्तर से करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक विलंब को कम करना है।
मंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़े भुगतान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और समय पर मानदेय उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
NHM कर्मियों को जल्द EPF का लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने को लेकर भी मंत्री ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने NHM कर्मियों को जल्द EPF का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा।
मंत्री के अनुसार मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
डॉक्टरों के रिक्त पद जल्द भरने के निर्देश
स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता जरूरी है, ताकि आम लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिल सके।
उन्होंने डॉक्टरों के रिक्त पदों को जल्द भरने की दिशा में कार्रवाई तेज करने को कहा। स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की उपलब्धता को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से जोड़ते हुए मंत्री ने इस दिशा में गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया।
मलेरिया मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने का निर्देश
राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मलेरिया प्रभावित मरीजों की सुरक्षा और बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। उन्होंने मलेरिया से ग्रसित मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से मलेरिया नियंत्रण एवं रोकथाम से संबंधित गतिविधियों की जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी करने और क्षेत्र की स्थिति के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कम खर्च वाले कार्यक्रमों पर रहेगी विशेष नजर
समीक्षा के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी ली गई। जिन योजनाओं और कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में वित्तीय व्यय कम पाया गया, उन पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश मंत्री ने दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा उपलब्ध बजट का निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समुचित उपयोग हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभागीय योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।
क्षेत्रीय फीडबैक के आधार पर योजनाओं में सुधार
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने क्षेत्र भ्रमण और जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक को योजनाओं के क्रियान्वयन का आधार बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। इसके साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ समयबद्ध तरीके से आम जनता तक पहुंचे। इसके लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही तय करने और नियमित समीक्षा की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक वित्त सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल पदाधिकारी एवं परामर्शी मौजूद रहे।
रांची । ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली और SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पुतला दहन कर प्रतिवाद सभा किया गया। साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा केन्द्रीय अध्यक्ष नेहा, महासचिव प्रसेनजीत, योगेन्द्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के साथ अन्य सदस्यों के समर्थन नारे भी लगाए गये। साथ ही रिहाई की मांग की गई।
आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि जब भारत के चुनाव आयोग में खुद ही लोकतंत्र स्थापित नहीं है,तो देश में जो चुनाव हो रहे हैं, उनकी निष्पक्षता की क्या गारंटी है? तीन मुख्य चुनाव आयुक्तों में से दो की सहमति नहीं है, फिर भी असंवैधानिक तरीके से काम किया गया है। आखिर मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों की बातें क्यों नहीं मानीं? जब सहमति नहीं बनी और दोनों की आपत्तियां थीं, तो उन्हें क्यों नहीं माना गया? ये लोग किनके निजी हित साधने के लिए काम कर रहे हैं?
आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। गोवा की घटना में स्थायी अधिकारियों ने जांच कर लोगों को योग्य पाया, लेकिन उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़े नहीं गए। यह बिल्कुल लोकतंत्र विरोधी है। आज जहां ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करना चाहिए था उसके विपरीत जंतर-मंतर पर नागरिक प्रतिवाद आमलोगों के मतदान के अधिकार में पक्ष रखने वाले नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
आइसा एक्टिविस्ट सुहानी मेहता ने कहा कि कहा कि हजारों शहादत के बाद देश के आमलोगों को वोट देने का संवैधानिक अधिकार मिला है और अब उसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है। पेपर चोर, नोट चोर और भ्रष्टाचार करने वाले ही भारत के नागरिकों के वोट की चोरी कर रहे हैं और पेपर चोरी तथा पेपर लीक करा रहे हैं।
आइसा के पूर्व झारखंड राज्य अध्यक्ष सुहानी मेहता ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए यह बेहद जरूरी है कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और वे इस्तीफा दें। SIR के बाद हुए चुनाव को रद्द किया जाए और SIR रद्द किया जाए।
प्रदर्शन में सुफियान, सोनाली केवट, नौरीन अख्तर, कबीर, प्रतिभा चौधरी, निखिल राज, सुदामा खलखो, भीम साहू, आकाश रंजन, स्वेत कमल, शाहिद, राकेश बड़ाइक, सृष्टि, आशीष प्रजापति के साथ दर्जनों आइसा, भाकपा माले के कार्यकर्ताओं के साथ छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सिल्ली। झारखंड आंदोलन के पुरोधा एवं समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो की जयंती बुधवार को सिल्ली स्टेडियम परिसर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने स्व. बिनोद बिहारी महतो की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।इस अवसर पर सुदेश कुमार महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को परिवर्तन का माध्यम बनाया। उन्होंने झारखंड के हक, अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया। उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू जिस झारखंड की कल्पना करते थे, उसमें शिक्षा, स्वाभिमान, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार प्रमुख थे। उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है।सुदेश महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और प्रश्नपत्र लीक जैसी शिकायतों से युवाओं में चिंता पैदा होती है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिनोद बाबू के विचारों को वास्तविक रूप से आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर देना होगा।कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा देवी, संजय सिद्धार्थ, सुनील कुमार सिंह, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, लक्ष्मण महतो, लक्ष्मी महतो, मनोज साव, सुरेश मुंडा सहित कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने स्व. बिनोद बिहारी महतो के सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ‘‘बिनोद बाबू अमर रहें’’ के नारे भी लगाए गए।
साहिबगंज: साहिबगंज रेलवे कॉलोनी स्थित पीर दरगाह रोड पर महीनों से नाले का गंदा पानी सड़क पर जमा था। विश्वकर्मा पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई थी। इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों आम नागरिकों, रेलवे कॉलोनीवासियों, महिलाओं और बच्चों को गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा था।
रुका हुआ नाले का पानी न केवल दुर्गंध का कारण बना हुआ था, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंता का विषय भी बन गया था।
जनसमस्या को देखते हुए शहर के युवा एवं सामाजिक रूप से जागरूक शिवम शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से मालदा मंडल के डीआरएम एवं ईस्टर्न रेलवे मुख्यालय तक मामले की जानकारी पहुंचाई। उन्होंने जनहित में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए समस्या का समाधान कराने तथा आम नागरिकों को राहत देने की मांग की।
मामले पर मालदा डीआरएम की ओर से जवाब दिया गया कि उक्त रास्ता अनऑथराइज्ड है और सड़क पर जमा पानी नगरपालिका के नाले के जाम होने के कारण है।
डीआरएम के इस जवाब पर शिवम शर्मा ने असहमति जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, जीएम गीतिका पांडे, साहिबगंज उपायुक्त एवं पूर्व विधायक अनंत ओझा को टैग करते हुए कहा कि मुद्दा रास्ते के अधिकृत या अनधिकृत होने का नहीं, बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानी का है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के आवागमन में उपयोग होता है और लोगों को लंबे समय से गंदे एवं रुके हुए पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
श्री शर्मा ने यह भी कहा कि यदि रेलवे का ड्रेनेज आउटफॉल नगरपालिका के नाले से जुड़ा है और नगरपालिका का नाला जाम है, तो रेलवे, नगरपालिका, PWD और NHAI सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। साथ ही, स्थायी समाधान होने तक तत्काल अस्थायी व्यवस्था कर रास्ते को आवागमन योग्य बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्राधिकार चाहे किसी भी विभाग का हो, उसका खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतना चाहिए।
मामला सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए फिलहाल रास्ते पर डस्ट की मोटी परत बिछाकर उसे आवागमन योग्य बना दिया है। इससे स्थानीय लोगों को तत्काल राहत मिली है।
शिवम शर्मा ने बताया कि मालदा डीआरएम की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया है कि जल्द ही संबंधित विभागों के साथ इंटर-डिपार्टमेंटल बैठक आयोजित कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों के लिए यह पहल इस बात का उदाहरण है कि किसी जनसमस्या को उचित माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उसके समाधान के लिए लगातार पहल करने से तात्कालिक राहत का रास्ता खुल सकता है।
सोनाहातु :- रांची पूर्वी जिला सभा का बैठक संपन्न किया गया वही 1अक्टूबर को राज्यस्तरीय भूमी कन्वेंशन,8 अक्टूबर को महिला किसान कन्वेंशन तथा 26 नवंबर को बड़े किसान आन्दोलन का निर्णय झारखंड राज्य किसान सभा का रांची पूर्वी जिला किसान कोंसिल बैठक प्रेम चंद पातर की अध्यक्षता में सोनाहातु में सम्पन्न हुई दिशा-निर्देश के लिए उपस्थित झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा किसान विरोधी भारत - अमेरिका व्यापार समझौता,बीज और बिजली विधेयक, खनिज विधेयक,एम्,एस,पी, में कटौती, बढ़ती किसान आत्महत्याएं,जल, जंगल, खनिज संपदा पर कारपोरेट कब्जा मोदी सरकार का अन्नदाता किसानों पर सबसे बड़ा हमला है। बैठक में 27 सितंबर को शहीद भगतसिंह जयंती के अवसर पर किसान संकल्प दिवस,1 अक्टूबर को रांची में राज्यस्तरीय भूमी कन्वेंशन को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक ढावले, संयुक्त सचिव अवधेश कुमार संबोधित करेंगे की व्यापक तैयारी करने,8 अक्टूबर को रांची में महिला किसान कन्वेंशन करने, 3 से 6 अक्टूबर को हर गांवों में किसान पंचायत करने,15 नवंबर को शहीद बिरसा मुंडा जयंती मनाने,26 नवम्बर को बड़ा किसान आन्दोलन के लिए गांवों में पदयात्रा, साईकिल जुलूस, नुक्कड़ सभा, सभा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिला सचिव रतन महतो, उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह मुंडा, प्रेम चंद पातर, शिवेशवर अहिर, रीता स्वासी, लक्ष्मी मुंडा,बसंत मुंडा,घुरन पातर, उमेश महतो, जयपाल सिंह मुंडा,पांडराम मुंडा आदि उपस्थित थे।
सिल्ली मूरी । सिल्ली स्टेडियम में शनिवार को करम अखाड़ा समिति के तत्वावधान में विधानसभा स्तरीय आखड़ाय करम महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। मांदर और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पारंपरिक गीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, लोक कलाकार बुटन देवी, जिला परिषद उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष चित्तरंजन महतो, प्रमुख जितेंद्र नाथ बड़ाइक, अंतरराष्ट्रीय लॉन बॉल खिलाड़ी दिनेश महतो सहित कई अतिथि उपस्थित रहे।मांदर की थाप शुरू होते ही ग्रामीणों के साथ अतिथियों ने भी करम नृत्य में हिस्सा लिया। सुदेश कुमार महतो करमा नृत्य दल के साथ मंच पर नृत्य करते नजर आए। इसके बाद उन्होंने मैदान में सामूहिक करम नृत्य में भी भाग लिया। गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, जयपाल सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य गौतम कृष्ण साहु और ब्रजेश प्रसाद समेत अन्य अतिथियों ने भी ग्रामीणों के साथ नृत्य कर महोत्सव का उत्साह बढ़ाया।सुदेश कुमार महतो ने कहा कि करम पर्व प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। आखड़ाय करम महोत्सव झारखंड की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति, लोकगीत और परंपराओं से जुड़ती है। उन्होंने आयोजन समिति और क्षेत्र के लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।आयोजन समिति के जयपाल सिंह ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक करम संस्कृति, लोकगीत और नृत्य को संरक्षित करना तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।महोत्सव के सफल आयोजन में चारु बाला देवी, लता महतो, सविता रानी, बबीता देवी, दीपा बड़ाइक, कल्याणी कुमारी, लक्ष्मण महतो और विकास महतो सहित समिति के सदस्यों एवं क्षेत्रवासियों का योगदान रहा।
सिल्ली मूरी । खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा सिल्ली प्रखंड की ओर से प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन सिल्ली प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार को सौंपा गया।ज्ञापन के माध्यम से झामुमो ने झारखंड के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों, वित्तीय स्वायत्तता तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की। पार्टी ने खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में राज्यों के अधिकारों को महत्व देने तथा खनिज उत्पादक राज्यों के साथ सार्थक एवं संस्थागत परामर्श सुनिश्चित करने का आग्रह किया।इस अवसर पर सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो ने कहा कि झारखंड की अर्थव्यवस्था और यहां के लोगों का जीवन प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है। इसलिए खनिज नीति से संबंधित प्रावधानों में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को ध्यान में रखना आवश्यक है।सिल्ली जिला परिषद पूर्वी सदस्य लक्ष्मी कुमारी ने आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधन स्थानीय समाज के जीवन, संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।ज्ञापन में भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित अन्य आंदोलनकारियों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक संसाधनों एवं स्थानीय अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। खान एवं खनिज अधिनियम में जोड़ी गई धारा 9-डी के संवैधानिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार करने का भी आग्रह किया गया।इसके अलावा झारखंड के करीब एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये के लंबित खनन संबंधी आर्थिक दावों के शीघ्र निपटारे के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने की मांग रखी गई। साथ ही 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ द्वारा खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाम भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड मामले में दिए गए निर्णय के अनुरूप राज्यों के खनिज अधिकारों एवं खनिज-युक्त भूमि से जुड़े कराधान अधिकारों पर विचार करने की मांग की गई।ज्ञापन झामुमो सिल्ली प्रखंड अध्यक्ष बलराम महतो उर्फ राधिका महतो की ओर से सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए झारखंड के हितों और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की।
सिल्ली मूरी। सिल्ली स्टेडियम में शनिवार, 19 सितंबर को आयोजित होने वाले विधानसभा स्तरीय आखड़ाय करम महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करम अखाड़ा समिति सिल्ली के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की तैयारी है।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जयपाल सिंह ने बताया कि महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। आयोजन को लेकर समिति के सदस्यों द्वारा अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव और घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाया गया है।
आयोजकों के अनुसार करम महोत्सव में लोग सामूहिक रूप से पारंपरिक गीत गाते हैं और लोकनृत्य प्रस्तुत करते हुए प्रकृति से अच्छी फसल एवं सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखते हुए इस बार महोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी की गई है।महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पूरे विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
मुरी/सिल्ली। भगवान विश्वकर्मा की पूजा के अवसर पर शुक्रवार को सिल्ली-मुरी एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा। विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, रेलवे विभागों, दुकानों, गैरेजों और कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।मुरी स्थित हिंदाल्को प्लांट, रेलवे क्षेत्र, बड़ा मुरी, झारखंड मोड़ सिल्ली सहित कई स्थानों पर पूजा को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। आकर्षक ढंग से सजाए गए पूजा पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन कर सुख-समृद्धि, कार्यक्षेत्र में सफलता और सुरक्षा की कामना की। मुरी रेलवे क्षेत्र के सिग्नल विभाग, आईडब्ल्यू (I.W.) विभाग, इंजीनियरिंग विभाग, बिजली विभाग और टीआरडी विभाग समेत विभिन्न स्थानों पर पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान मशीनरी, तकनीकी उपकरण, औजार और वाहनों की भी पूजा की गई। वहीं घरों, दुकानों और गैरेजों में भी लोगों ने अपने छोटे-बड़े वाहनों एवं कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा की।पूजा स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार माना जाता है। निर्माण, शिल्प, उद्योग, तकनीक और मशीनरी से जुड़े कार्यों में उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा के दौरान पूरे सिल्ली-मुरी क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय और उत्सवी वातावरण बना रहा।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सिल्ली। सोशल मीडिया के माध्यम से पति को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सिल्ली थाना क्षेत्र के गोडाडीह निवासी पलिता देवी ने 17 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में पलिता देवी ने आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से हलमाड पंचायत की रहने वाली बेवी महतो, पति मुकेश कुमार महतो, द्वारा उनके पति के संबंध में कथित तौर पर गर्दन काटने जैसी हिंसक धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित वीडियो/मीडिया सामग्री उनके पास सुरक्षित है।
शिकायत के साथ कथित वीडियो की पेन ड्राइव, स्क्रीनशॉट और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के वीडियो लिंक भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करने का अनुरोध किया है।
पलिता देवी ने आवेदन में कहा है कि कथित धमकी के बाद वह अपने पति और परिवार की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया से संबंधित शिकायत की एक प्रति साइबर थाना में भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और संलग्न डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रांची। RKDF University, Ranchi में कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर के जन्मदिन के अवसर पर सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने जन्मदिन समारोह को सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति सेवा एवं सहयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख कड़ी के रूप में RIMS, Ranchi के तत्वावधान में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। इस अवसर पर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण सामाजिक सेवा बताया गया तथा लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक पूजा में हिस्सा लिया और भगवान विश्वकर्मा से विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं सफलता की कामना की। पूजा के माध्यम से ज्ञान, कौशल, तकनीक, श्रम एवं सृजन के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
जन्मदिन समारोह को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए गौशाला एवं मूक-बधिर विद्यालय में भी विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने वहां पहुंचकर सेवा, सहयोग और संवेदना का परिचय दिया। इन पहलों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रति सम्मान, करुणा और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जन्मदिन का उत्सव उस समय अधिक सार्थक हो जाता है, जब अपनी खुशियों को समाज के साथ साझा किया जाए और किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाए। रक्तदान के माध्यम से जीवन रक्षा, गौसेवा के माध्यम से करुणा और मूक-बधिर बच्चों के साथ समय बिताने जैसी पहलें इसी मानवीय सोच को प्रतिबिंबित करती हैं।
RKDF University, Ranchi शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा भावना और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय में आयोजित ये कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आए।
कार्यक्रम के समापन पर RKDF University, Ranchi परिवार की ओर से कुलाधिपति डॉ. साधना कपूर को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई।
रांची। आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों एवं आयोजकों के लिए 28 सूत्री विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से निर्देशों का अक्षरशः पालन करने तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन में पंडाल निर्माण, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, श्रद्धालुओं की आवाजाही, CCTV निगरानी, स्वयंसेवकों की नियुक्ति, ध्वनि विस्तारक यंत्र, सोशल मीडिया, फूड स्टॉल और विसर्जन सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
सुरक्षित स्थान पर ही बनेगा पंडाल
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पंडाल और गेट का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाने, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने तथा आपात स्थिति में निकासी के लिए अलग रास्ता रखने का निर्देश दिया गया है। पंडाल की मजबूती को लेकर संबंधित अभियंता से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर
पंडाल में सुरक्षित वायरिंग और उचित अर्थिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सभी विद्युत उपकरणों एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चर की अर्थिंग सुनिश्चित करनी होगी। विद्युत नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाने को कहा गया है, जहां विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
पंडालों के लिए स्वीकृत विद्युत भार के अनुसार ही कनेक्शन लेने और विद्युत सजावट करने का निर्देश है। अस्थायी विद्युत वायरिंग के लिए संबंधित विद्युत अभियंता से सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। पंडाल से सुरक्षित दूरी पर पर्याप्त क्षमता वाला जेनरेटर रखने को भी कहा गया है।
आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम
प्रशासन ने पंडाल के अंदर अथवा आसपास ज्वलनशील पदार्थ जमा नहीं करने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स जैसी आवश्यक सामग्री रखने को कहा गया है। संबंधित अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही पंडाल में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है। उच्च न्यायालय के आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
CCTV और स्वयंसेवकों की रहेगी व्यवस्था
पंडाल के अंदर-बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। पंडाल के बाहर पूजा समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें परिचय पत्र जारी करने तथा स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फूड स्टॉल और दुकानों को लेकर भी निर्देश
फूड स्टॉल एवं मेले का आयोजन पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही करने को कहा गया है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने और रांची नगर निगम के कर्मियों को सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। पूजा पंडाल तक पहुंचने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने देने की जिम्मेदारी समितियों को दी गई है।
प्रशासन ने पूजा समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी है। भीड़ में छिनतई या पॉकेटमारी करते किसी व्यक्ति के पकड़े जाने पर उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हवाले करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों को WhatsApp ग्रुप और सोशल मीडिया पर संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करने तथा ऐसी अफवाहों को प्रोत्साहित नहीं करने का निर्देश दिया है। किसी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी तत्काल निकटतम प्रशासनिक या पुलिस पदाधिकारी अथवा थाना प्रभारी को देने को कहा गया है।
निर्धारित मार्ग और घाट से ही होगा विसर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा विसर्जन पूर्व निर्धारित तिथि, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल या घाट का ही इस्तेमाल करना होगा।
इसके अलावा त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान सुरक्षित विद्युत आपूर्ति को लेकर न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी SOP का पालन करने का निर्देश दिया गया है। बसों एवं बड़े वाहनों की छत पर किसी व्यक्ति के बैठने पर रोक रहेगी तथा वाहनों पर ऐसी ऊंची सामग्री या झंडा नहीं लगाया जा सकेगा जिससे वाहन की कुल ऊंचाई 4 मीटर (13 फीट) से अधिक हो।
जिला प्रशासन ने अंत में पूजा समितियों से अपील की है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करें और प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
रांची। राजधानी रांची के हटिया स्थित मौजा कल्याणपुर सरना स्थल, सोलंकी चौक में उलगुलान परिवर्तन यात्रा एवं सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार, स्थानीय नीति और सम्मान से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार, प्रशासन और सभी राजनीतिक दलों से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के गठन के 78 वर्ष बाद भी आदिवासी-मूलवासी समाज के कई मूल सवाल पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। जिस एकजुटता और संघर्ष की भावना से झारखंड अलग राज्य के आंदोलन को मजबूती मिली थी, उसी एकता और संघर्ष की भावना को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उलगुलान का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि संवैधानिक, लोकतांत्रिक और कानूनी अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं संगठित संघर्ष है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब तक बनी विभिन्न सरकारों से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि राज्य निर्माण के जिन मूल उद्देश्यों और अधिकारों के लिए संघर्ष किया गया था, वे आज भी अधूरे क्यों हैं।
चुनाव के समय ही जनता की याद क्यों?
उलगुलान परिवर्तन यात्रा के माध्यम से राजनीतिक दलों से सवाल करते हुए कहा गया कि क्या आदिवासी-मूलवासी समाज को केवल चुनाव के समय ही याद किया जाएगा? जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही क्यों सुनिश्चित नहीं होनी चाहिए।
वक्ताओं ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारें अस्थायी होती हैं, लेकिन सरकारी विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था स्थायी होती है। ऐसे में जनता के कार्यों और अधिकारों के प्रति अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में खड़ा होना नहीं है, बल्कि जनता के संवैधानिक अधिकारों और झारखंड के हित में जवाबदेही की मांग करना है।
भूमि और राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही की मांग
सभा में झारखंड भूमि संरक्षण एवं राजस्व जवाबदेही आयोग के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। आयोजकों के अनुसार आयोग को भूमि संबंधी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रभावी शक्ति दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतों की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई तथा भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्ति की कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्ती की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय की मांग
भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष भूमि फास्ट-ट्रैक न्यायालय अथवा विशेष न्यायिक व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी की गई। इसमें अवैध कब्जा, फर्जी जमाबंदी, फर्जी म्यूटेशन, भूमि अभिलेखों में हेराफेरी, आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण तथा भूमि रिकॉर्ड में अनियमितताओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निपटारा सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
विस्थापितों के लिए आयोग और पुनर्वास की मांग
कार्यक्रम में राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने कहा कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी और मूलवासी परिवारों को न्याय, उचित पुनर्वास और उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए आयोग को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाना चाहिए।
प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को मिले स्थान
सभा में प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय जनजातीय भाषाओं को उचित एवं प्रभावी स्थान देने की मांग की गई। कक्षा एक से पांच तक बच्चों को उनकी स्थानीय अथवा मातृ जनजातीय भाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार स्थानीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग रखी गई।
इसके अलावा स्थानीय नीति, नियोजन नीति, विस्थापन एवं पुनर्वास नीति, रोजगार नीति, शिक्षा नीति, कृषि नीति तथा जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर व्यापक जनसंवाद और ठोस नीति बनाने की मांग की गई।
जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान
कार्यक्रम में नीरजंना हरेंज, अजय टोप्पो, पूर्ण चंद्र मुंडा, आशुतोष चेरो, मनोज केरकेटाह, तेजस, निर्मल खाखा, मदन मुंडा, उज्जवल टोप्पो, छोटू मुंडा सहित वार्ड पार्षद सुनीता तिग्गा समेत अन्य लोगों ने जनता को अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
आयोजकों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति, अधिकारी या राजनीतिक दल के खिलाफ व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है। यह भ्रष्टाचार, अन्याय, प्रशासनिक लापरवाही और जनता के अधिकारों की अनदेखी के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष है।
PMNRF से विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग, प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और तिरपाल उपलब्ध कराने पर जोर
रांची/साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न गंभीर बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्व विधायक एवं झारखंड विधानसभा जामा विधानसभा से पूर्व विधायक सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल केंद्रीय सहायता की मांग की है।
12 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री के नाम भेजे गए पत्र में सीता मुर्मू सोरेन ने कहा है कि साहिबगंज जिला इस समय गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण भयावह बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ के कारण जिले के दर्जनों गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रहने तथा भोजन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों और पशुधन को भी भारी नुकसान
पत्र में उन्होंने बताया कि बाढ़ की वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। स्थानीय प्रशासन अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन आपदा की भयावहता को देखते हुए उपलब्ध संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि साहिबगंज के बाढ़ प्रभावित लोगों की विकट स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से तत्काल विशेष राहत पैकेज एवं वित्तीय सहायता जारी की जाए।
भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग
उन्होंने कहा कि राहत राशि से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को काफी राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से इस आपदा का सामना कर सकेंगे।
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से संवेदनशीलता के साथ मामले में त्वरित निर्णय लेने का अनुरोध करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की सहायता से साहिबगंज की जनता को इस गंभीर आपदा से उबरने में बड़ी मदद मिलेगी।
साहिबगंज। भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश की ओर से विभिन्न प्रकोष्ठों के नए प्रदेश संयोजकों की घोषणा की गई है। इसी क्रम में साहिबगंज जिले के नगर क्षेत्र के पुरानी साहेबगंज निवासी राजीव चौधरी को भाजपा मत्स्य पालक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। पार्टी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा जारी कर दी गई है।
प्रदेश संयोजक बनाए जाने के बाद राजीव चौधरी ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें मत्स्य पालक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का दायित्व सौंपा है। इसके लिए वे प्रदेश नेतृत्व के आभारी हैं।
राजीव चौधरी ने कहा कि पार्टी ने जिस विश्वास के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य मत्स्य पालक प्रकोष्ठ को मजबूत करना, मत्स्य पालकों की समस्याओं को संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाना और भाजपा के संगठन को और मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रदेश नेतृत्व के सहयोग से वे अपने दायित्व का बेहतर तरीके से निर्वहन करेंगे। साथ ही राज्य में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को संगठन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
वहीं, राजीव चौधरी के प्रदेश संयोजक बनने के बाद साहिबगंज जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुईं। उन्होंने मोरहाबादी मैदान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में हिस्सा लेने के साथ-साथ इस्कॉन हेहल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी सहभागिता की।
मोरहाबादी मैदान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की और आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर एवं राजीव रंजन प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दही हांडी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
जन्माष्टमी समारोह के दौरान आयोजित दही हांडी प्रतियोगिता आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रतियोगिता में बालकों के साथ-साथ बालिकाओं की टीमों ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने साहस और शानदार प्रदर्शन करते हुए दही हांडी फोड़ने के लिए जोरदार प्रयास किया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बालक एवं बालिका टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उनका आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने प्रतियोगिता में सफल रही विजेता टीमों को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस्कॉन हेहल में भी पहुंचीं मंत्री
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह इसके बाद इस्कॉन हेहल, रांची द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में भी शामिल हुईं। यहां उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया।
इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, करुणा, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
गीता का संदेश जीवन को देता है सही दिशा
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को समझना जीवन को सही दिशा देने में सहायक है। गीता का ज्ञान व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है,आगे उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव, आस्था, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देने वाला अवसर भी है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
रांची/साहिबगंज। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक JMM बैठक में सरकारी अधिकारियों की कथित मौजूदगी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मामले को सामने लाते हुए मुख्य सचिव से इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मरांडी के अनुसार, बरहेट विधानसभा क्षेत्र में BDO-सह-CO और CDPO अंशु कुमार पांडेय की JMM की बैठक में मौजूदगी का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी का राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना गंभीर विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
'सरकारी सेवा में रहते राजनीतिक गतिविधियों से दूरी जरूरी'
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकारी अधिकारियों को सेवा आचरण नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई अधिकारी राजनीतिक गतिविधियों में खुलकर शामिल होता है और राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करता है, तो यह सरकारी सेवा की मर्यादा के विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को राजनीतिक गतिविधियों में रुचि है तो उन्हें सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर औपचारिक रूप से राजनीति में शामिल होना चाहिए। मरांडी ने सत्ता के प्रभावशाली लोगों की कथित चापलूसी करने वाले अधिकारियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी जनता के हित में प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकते।
मुख्य सचिव से की कार्रवाई की मांग
मरांडी ने मुख्य सचिव से मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच का आदेश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, यहां तक कि सेवा से बर्खास्तगी पर भी विचार किया जाना चाहिए।
राजनीतिक कार्यक्रम में अधिकारियों की मौजूदगी बना मुद्दा
बरहेट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित JMM कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी की कथित मौजूदगी को लेकर बाबूलाल मरांडी के बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मालूम हो कि जेएमएम के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा ,जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कु सहित सहित अन्य JMM ने नेता बरहेट में कार्यकर्ता के साथ बैठक कर रहे थे इसी बैठक में BDO अंशु कुमार पांडे मौजूद थे इसी को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है क्या जिला में पदाधिकारी जेएमएम के कार्यकर्ता बन गए है?
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) द्वारा आज 04 सितंबर,2026 को सतर्कता विभाग के तत्वावधान में ‘आईटी एवं साइबर सुरक्षा तथा साइबर हाइजीन’ विषय पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सतर्कता जागरूकता अभियान (VAC) 2026-27 प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री पंकज कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), सीसीएल, श्री एम.एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी) एवं श्रीमती विभा उरांव, महाप्रबंधक (सिस्टम) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में श्री सुरेश बेहरा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम), सीसीएल एवं श्री मोहित जैन, वरिष्ठ प्रबंधक (सिस्टम), सतर्कता विभाग ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा की मूलभूत अवधारणाओं, आधुनिक साइबर खतरों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा सुरक्षा, साइबर हाइजीन, सीआईएल की IT एवं Cyber Security Policy, साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क, क्लाउड सिक्योरिटी गवर्नेंस तथा कानूनी एवं नियामकीय अनुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को प्रतिभागियों के लिए अत्यंत संवादात्मक एवं व्यावहारिक बनाया गया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक कार्यस्थलीय चुनौतियों पर चर्चा की तथा विशेष रूप से अनुबंधों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली साइबर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।
इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से कुल 43 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बढ़ते साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना, डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना तथा कार्यस्थल पर प्रभावी साइबर सुरक्षा एवं साइबर हाइजीन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था।
सिल्ली-मुरी। श्री राधा रमण महामहोत्सव भव्य जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन को भव्य एवं भक्तिमय स्वरूप देने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल होंगे। इसके बाद आकर्षक दही-हांडी (मटकी फोड़) प्रतियोगिता आयोजित की गई। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रसाद वितरण किया जाएगा।संध्या में भगवान श्री राधा रमण जी का विशेष अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इसके उपरांत भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण कथा एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष आरती एवं पूजा-अर्चना होगी।इस बीच, सिल्ली-मुरी एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। मटकी फोड़ प्रतियोगिता लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।संध्या आरती के बाद मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। देर रात तक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में भक्ति भाव से शामिल रहे और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।वहीं सिल्ली के नीचे टोला एवं मंडप टोला हिंडाल्को कॉलोनी मुरी सहित विभिन्न मोहल्लों में भी जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक वातावरण में मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण किया गया। लोगों ने अपने-अपने घरों में लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा की। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण एवं राधारानी के स्वरूप में सजाकर प्रस्तुत किया गया, जिनकी मनमोहक झांकियां सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं।पूरे क्षेत्र में जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए महोत्सव को हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ संपन्न किया।
मुरी:- कुड़मी विकास मोर्चा के केंद्रीय सचिव रघुनाथ पुनरियार के नेतृत्व में कुड़मी जनजाति के आंदोलनकारी बृहस्पतिवार को मुरी स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए।वे 5 एवं 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित काला दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।इस जत्थे में कुड़मी जनजाति आंदोलनकारी श्रीपद डुमरियार, चंद्रेश गुलियार, रतन महतो, अनूप महतो, मिहिर महतो, जलधर महतो, रघुनाथ महतो और कुड़मी नेगाचारि गुरु नंदलाल महतो, एवं झारखंड आंदोलनकारी कृष्णा महतो शामिल हैं।सभी कार्यकर्ता मुरी स्टेशन से ट्रेन द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हुए।
रांची। उत्तराखंड के हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को रांची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध जताया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मौके पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा बौखलाहट में इस स्तर की राजनीति पर उतर आई है। राहुल गांधी ने जब दलित और वंचित समाज से जुड़े मुद्दे को उठाया तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।
इरफान अंसारी ने कहा, “भाजपा और कितना नीचे गिरेगी? राहुल गांधी से टकराना भाजपा को भारी पड़ेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जब कोई व्यक्ति आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और राहुल गांधी अपने संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी देश के दलित, आदिवासी और वंचित समाज के अधिकारों की आवाज उठा रहे हैं और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े सवालों का जवाब प्राथमिकी के जरिए देना लोकतंत्र और संविधान के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस कार्रवाई से डरने या पीछे हटने वाली नहीं है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा और कांग्रेस सड़क से सदन तक सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की लड़ाई जारी रखेगी।
रांची। झारखंड कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू और प्रदेश कांग्रेस के को-ऑर्डिनेटर अमरेंद्र सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। दोनों नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई इरबा सड़क जाम के दौरान वायरल हुए एक वीडियो को लेकर की गई है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले को प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के समक्ष रखा गया था। समिति ने मामले की सुनवाई करने के बाद अपना निर्णय प्रदेश नेतृत्व को सौंपा। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से दोनों नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
29 अगस्त को जारी हुआ निलंबन आदेश
प्रदेश कांग्रेस के संगठन एवं प्रशिक्षण के महासचिव सुनीत शर्मा की ओर से 29 अगस्त 2026 को जारी पत्र में दोनों नेताओं के निलंबन की जानकारी दी गई है। आदेश के अनुसार, अभिलाष साहू और अमरेंद्र सिंह को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।
पार्टी के इस फैसले के बाद कांग्रेस के अंदर राजनीतिक और संगठनात्मक चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास तौर पर प्रदेश स्तर के दो पदाधिकारियों पर एक साथ हुई कार्रवाई को पार्टी नेतृत्व के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार
बताया जा रहा है कि इरबा सड़क जाम के दौरान सामने आए वीडियो को लेकर पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता दिखाई। वीडियो के सामने आने के बाद दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू हुई। मामले की सुनवाई के बाद अनुशासन समिति के निर्णय के आधार पर निलंबन का आदेश जारी किया गया।
कांग्रेस के इस कदम से यह संदेश भी गया है कि पार्टी सार्वजनिक गतिविधियों में अनुशासन और संगठन की छवि को लेकर किसी तरह की लापरवाही को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
दोनों नेताओं की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण
अभिलाष साहू को हाल ही में झारखंड प्रदेश कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं अमरेंद्र सिंह प्रदेश कांग्रेस में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे थे।
ऐसे में दोनों नेताओं के निलंबन को प्रदेश कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि पार्टी आगे इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या दोनों नेताओं को अपना पक्ष रखने या निलंबन समाप्त कराने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल कांग्रेस ने दोनों को अगले आदेश तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है। निलंबन के बाद पार्टी के अंदर इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
रांची। राजधानी रांची में सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, खुले में शराब पीने, नशाखोरी, लफंगई और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए रांची पुलिस ने शनिवार शाम बड़ा विशेष अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 50 से अधिक संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों पर एक साथ सघन जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों, खुले मैदानों, सुनसान इलाकों, निर्माणाधीन क्षेत्रों और शराब दुकानों के आसपास पुलिस की विशेष नजर रही। फिरायालाल चौक, अल्बर्ट एक्का चौक, मेन रोड, ओटीसी ग्राउंड, डीआईजी ग्राउंड, मोराबादी मैदान परिसर और स्मार्ट सिटी परिसर सहित कई स्थानों पर पुलिस टीमों ने जांच की।
इसके अलावा रिंग रोड से जुड़े सुनसान रास्तों, खाली प्लॉट और अंधेरे वाले संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ देशी-विदेशी शराब दुकानों के आसपास स्थित ढाबों, गुमटियों और नुक्कड़ पर भी सघन चेकिंग की गई।
DSP से लेकर थाना प्रभारी तक रहे मैदान में
रांची पुलिस के इस समकालिक अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रियल टाइम में की। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्वयं विभिन्न इलाकों में फील्ड पर मौजूद रहे। थाना प्रभारी और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लेने के साथ वाहनों की जांच की।
पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से जमावड़ा लगाने वालों को भी हटाया और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों से पूछताछ की।
100 से अधिक लोगों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान खुले में शराब पीने, संदिग्ध रूप से घूमने और हुड़दंग करने वाले 100 से अधिक लोगों को पुलिस ने पकड़ा। पुलिस के अनुसार सभी को भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति नहीं करने की सख्त चेतावनी और आवश्यक हिदायत देकर छोड़ा गया। साथ ही संबंधित लोगों के नाम-पते पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राजधानी में असामाजिक तत्वों, मनचलों और आदतन अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है, ताकि खुले में नशाखोरी, फब्तियां कसने, उपद्रव और सड़क पर होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।
महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा पर जोर
रांची पुलिस ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी शहरवासियों के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
पुलिस ने की आम लोगों से अपील
रांची पुलिस ने आम लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, उपद्रव या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी थाना को दी जाए।
सिमरिया। सिमरिया प्रखंड के हुरनाली पंचायत अंतर्गत ग्राम पुंडरा स्थित प्रसिद्ध दासी पहाड़ी मंदिर के समीप शुक्रवार को DMFT योजना के तहत प्रस्तावित फुटब्रिज सह शेड निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह के साथ सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास भी उपस्थित रहे।
फुटब्रिज सह शेड का निर्माण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दासी पहाड़ी मंदिर के समीप इस सुविधा की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार यहां फुटब्रिज निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसे अब DMFT योजना के माध्यम से पूरा करने की पहल शुरू कर दी गई है।
फुटब्रिज के निर्माण से पुंडरा सहित आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर बरसात के मौसम में रास्ते में होने वाली परेशानियों से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। वहीं, प्रसिद्ध दासी पहाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह निर्माण काफी उपयोगी साबित होगा।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सांसद कालीचरण सिंह और विधायक उज्जवल कुमार दास ने क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फुटब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। इसके निर्माण की स्वीकृति और शिलान्यास से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होने के बाद उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की स्थायी सुविधा मिल सकेगी।
बताया गया कि DMFT योजना के तहत क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पुंडरा में फुटब्रिज सह शेड का निर्माण ग्रामीणों की जरूरत और स्थानीय मांग को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है।
मौके पर विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक योजनाओं को प्राथमिकता के साथ धरातल पर उतारा जाएगा। ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।
फुटब्रिज सह शेड के शिलान्यास के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सांसद और विधायक के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि यह निर्माण कार्य केवल आवागमन की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि दासी पहाड़ी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।
जनता की सुविधा, क्षेत्र का विकास और बेहतर भविष्य—इसी उद्देश्य के साथ पुंडरा में शुरू हुआ फुटब्रिज सह शेड निर्माण स्थानीय विकास की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
रांची/गोड्डा। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर गोड्डा जिला कांग्रेस ने चंदा चोरी और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी प्रदर्शन में शामिल हुईं।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड का खनिज केवल संपत्ति नहीं, हमारी पहचान है। जिस खनिज संपदा की आदिवासी और मूलवासी पीढ़ियों से रक्षा करते आए हैं, उसी पर राज्य के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर झारखंड का ₹1.36 लाख करोड़ का खनिज रॉयल्टी बकाया है। यह राशि देने के बजाय केंद्र ऐसा कानून ला रही है जिससे राज्य को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ेगा। उनके अनुसार, सेस के माध्यम से राज्य को मिलने वाली करीब ₹14,000 करोड़ की राशि पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि खनिज राजस्व राज्य की सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। मंईयां सम्मान योजना जैसी अन्य योजनाएं राज्य के संसाधनों से संचालित हो रही हैं। झारखंड के राजस्व अधिकारों को कमजोर करने का असर सीधे जनता पर पड़ेगा।
चंदा चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर जुटाए गए चंदे का हिसाब और पारदर्शिता जनता का अधिकार है। आस्था के नाम पर जुटाए गए धन में किसी भी प्रकार की अनियमितता को लेकर सवाल उठाना जरूरी है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी नीतियों का लाभ आम जनता के बजाय चुनिंदा व्यावसायिक समूहों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस इस कोशिश का सड़क से लेकर गांव तक विरोध करेगी।
महिला अधिकारों और परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। महिलाओं को किसी राजनीतिक खेल का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। परिसीमन के नाम पर आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस संघर्ष को जिला मुख्यालय से प्रखंड, पंचायत और गांव तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई की शुरुआत है। झारखंड के अधिकार और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी।”
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा: राम के नाम पर जुटे चंदे का हिसाब दो, झारखंड की खनिज संपदा पर झारखंड का हक़ दो।”
धनबाद। धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच कथित गाली-गलौज और बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद को लेकर धनबाद पुलिस एसोसिएशन की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक जयराम महतो से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की गई। पुलिस की इस मांग के बाद विधायक ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कर दिया कि वह किसी से माफी नहीं मांगेंगे।
विधायक जयराम महतो ने कहा कि “मैं किसी से माफी नहीं मांगूंगा, चाहे मुझे फांसी पर चढ़ा दिया जाए।” विधायक के इस बयान के बाद पुलिस और विधायक के बीच विवाद और गहराता दिखाई दे रहा है।
वायरल ऑडियो के बाद बढ़ा विवाद
मालूम हो कि कुछ दिन पहले डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बीच फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज हुई थी। बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। ऑडियो को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और इसी बीच पुलिस ने पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष सामने रखा।
धनबाद पुलिस एसोसिएशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विधायक से माफी की मांग किए जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
विधायक ने कहा- माफी का सवाल ही नहीं
पुलिस की ओर से 24 घंटे की समय-सीमा तय किए जाने के बावजूद जयराम महतो ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह किसी के दबाव में माफी नहीं मांगेंगे। विधायक का यह बयान सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
विधायक के रुख से स्पष्ट है कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त होने के बजाय और बढ़ सकता है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन और विधायक की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा
विधायक और थाना प्रभारी के बीच कथित गाली-गलौज का मामला अब केवल पुलिस और जनप्रतिनिधि के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और दोनों पक्षों के बयानों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की ओर से दी गई 24 घंटे की समय-सीमा के बाद पुलिस एसोसिएशन और विधायक जयराम महतो के खिलाफ अगला कदम उठाता है या नहीं यह देखने वाली बात है। वहीं, विधायक के “माफी नहीं मांगूंगा” वाले बयान ने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
सिल्ली: रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सिल्ली प्रखंड में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में रांची लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी एवं कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगारी, रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी रियाज अंसारी तथा जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।जिला अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं और उनकी मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व हमेशा कार्यकर्ताओं के हितों और सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने, आम जनता से लगातार संवाद बनाए रखने और कांग्रेस की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी सक्रियता के साथ जुटने की अपील की गई।बैठक में सिल्ली विधानसभा कांग्रेस प्रभारी मदन कुमार, जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नागेश्वर महतो, मनीराम दास, सैय्यद कमर आलम, मंजूर मोमिन, भगीरथ महतो, प्रकाश मुंडा, शमशेर आलम, मो. कलाम, श्रीप्रसाद बड़ाईक, देवाशीष दत्ता, गुहीराम महतो, विकास रजक, रुस्तम उरांव, कृष्णा यादव, श्यामेश्वर करमाली, भूतनाथ मंडल, शाकिरुद्दीन, मो. खलील, मोहताब अंसारी, दुर्गा यादव, शालिग्राम पांडेय, पिनाकी बनर्जी, बिंदेश्वर महतो, लालू कोइरी, सोमरा मांझी, घासीराम पातर, सदानंद सोनार, लखींद्र बड़ाईक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
साहिबगंज। जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश महासचिव सह साहिबगंज जिला प्रभारी डॉ. मन्नान संजय की अध्यक्षता में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कांफ्रेंस में जिला अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान, अनुकूल मिश्रा और बासुकी यादव समेत कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे।
प्रेस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों और हालिया फैसलों के विरोध में पार्टी का पक्ष रखना था। कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। डॉ. मन्नान संजय ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे से जुड़े मामले में केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जवाब नहीं मिलने पर कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन करेगी।
उन्होंने खान एवं खनिज से संबंधित विधेयक का भी विरोध किया। डॉ. संजय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए प्रावधानों के जरिए झारखंड के खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जमीन और यहां के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार राज्य के लोगों का है।
कांग्रेस नेता ने कहा, “धूल खाएं हम, जमीन जाए हमारी और माल केंद्र सरकार ले जाए, यह हम होने नहीं देंगे।” उन्होंने कहा कि झारखंड की संपदा की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी।
डॉ. मन्नान संजय ने घोषणा की कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो 27 अगस्त को साहिबगंज स्टेशन चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि संबंधित विधेयक को वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस चरणबद्ध और सिलसिलेवार आंदोलन करेगी।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने की बात कही।
रांची। झारखंड के उन मासूम बच्चों के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, जिनके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उनके माता-पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे। स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार की पहल पर आज ऐसे 20 बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन एवं समुचित इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया।
बच्चों को रवाना करते समय कई गरीब परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को दिल से आशीर्वाद देते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगाई है। परिजनों ने भावुक होकर कहा, “मंत्री हो तो डॉ. इरफान अंसारी जैसा, जिन्हें गरीब की पीड़ा का एहसास है।”
“हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा” — भावुक हुए परिजन
इस अवसर पर बच्चों के परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भावुक होकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे थे और हम सभी गरीब परिवार से हैं। 4 से 5 लाख रुपये का खर्च हमारे लिए जुटाना संभव नहीं था। आपके इस सराहनीय प्रयास से हमारे बच्चों को नया जीवन मिलेगा। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार, पूरा खानदान आपको और आपकी सरकार को दिल से बधाई और आशीर्वाद दे रहा है।”
परिजनों ने आगे कहा, “सरकार ने हमारे बच्चों को मुफ्त में कोच्चि ले जाने और वापस लाने, इलाज, ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने और खाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की है। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चों का इतना महंगा इलाज बिना किसी खर्च के हो पाएगा। आपने हमारी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी। इसके लिए हम और हमारा पूरा परिवार आपके और झारखंड सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है, मेरा प्रयास रहा है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े। दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के माता-पिता को दूसरे राज्यों में जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब झारखंड सरकार ऐसे बच्चों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क कराएगी।”
उन्होंने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित हुआ है। इसके तहत लगभग 100 बच्चों को उपचार के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में आज 20 बच्चों को इलाज के लिए कोच्चि भेजा गया है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पहले ऐसे बच्चों के हृदय ऑपरेशन में लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना बेहद मुश्किल था। अब झारखंड सरकार की पहल से पात्र बच्चों का ऑपरेशन, जांच, दवा, रहने-खाने सहित उपचार की आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रही है। आज जब बच्चों के माता-पिता ने मुझे दिल से दुआ दी, तो यह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।”
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व भी विभाग के प्रयास से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है। आज 20 और बच्चों को उपचार के लिए रवाना किया गया है।
उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक अभाव के कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं। सरकार उनका निःशुल्क इलाज एवं ऑपरेशन सुनिश्चित करेगी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मेरा उद्देश्य है कि झारखंड के किसी भी गरीब, आदिवासी और जरूरतमंद बच्चे को इलाज के अभाव में अपनी जिंदगी से समझौता न करना पड़े। हर बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य और नया जीवन देना हमारी प्राथमिकता है।”
निःशुल्क मिलेंगी ये सुविधाएं
- हृदय की जांच एवं आवश्यक परीक्षण
- ऑपरेशन की पूरी सुविधा
- आवश्यक दवाएं
- अस्पताल में रहने एवं भोजन की सुविधा
- बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए आवश्यक यात्रा सुविधा
- कोच्चि आने-जाने की यात्रा व्यवस्था
- ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप एवं घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से की जा रही है, ताकि बच्चों की पहचान से लेकर उपचार, ऑपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे विभाग ने भी की स्वास्थ्य विभाग की पहल की सराहना
बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। रेलवे कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन देने के लिए किया जा रहा यह कार्य वास्तव में अनोखा और सराहनीय है।
रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इस पहल के लिए दिल से साधुवाद दिया। बच्चों की यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में रेलवे विभाग की ओर से भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।
रांची। झारखंड में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी की केंद्रीय समिति की 20 अगस्त को रांची स्थित सोहराय भवन में हुई विस्तारित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के सभी 24 जिलों में 31 अगस्त 2026 तक बूथ स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से आम लोगों को विधेयक के प्रावधानों और इससे झारखंड एवं राज्यवासियों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा झारखंड की बकाया राशि को हड़पने की कथित साजिश से भी लोगों को अवगत कराने का निर्णय लिया गया है।
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
कार्यालय आदेश के अनुसार 7 सितंबर 2026, सोमवार को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला एवं महानगर स्तर के पदाधिकारियों को कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर इसे प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य भी इन कार्यक्रमों की जानकारी अपने-अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता हो सके। आगे के कार्यक्रमों की सूचना अगले कार्यालय आदेश के माध्यम से देने की बात कही गई है।
रांची : झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अब छात्रों और युवाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। छात्रों के मुद्दे की आड़ में राजनीति करने वालों को झारखंड की जनता पहचान चुकी है।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े राजनीतिक हित रखने वाले लोग तथा कुछ कोचिंग माफिया छात्रों को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें आंदोलन और टकराव की राजनीति में धकेलना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि वे छात्रों के हित में समाधान चाहते हैं या उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई का मोहरा बनाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी पहले इस बात का जवाब दें कि छात्रों के बीच जाकर उन्हें भड़काने और राजनीतिक नारों में उलझाने से उनके भविष्य का क्या भला होगा? यदि वास्तव में छात्रों की चिंता है तो उनके मुद्दों पर सरकार से बातचीत करें, तथ्य सामने रखें और समाधान का रास्ता सुझाएं। छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना न तो छात्रहित है और न ही लोकतांत्रिक राजनीति।
झामुमो महासचिव ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के झामुमो कार्यकर्ताओं को बदनाम करना बाबूलाल मरांडी की हताश राजनीति का परिचायक है। यदि कहीं किसी के साथ मारपीट हुई है या कानून का उल्लंघन हुआ है तो पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच से पहले ही राजनीतिक फैसला सुनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रही है या आगामी राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं के बीच असंतोष को हवा दे रही है। झारखंड के छात्र किसी राजनीतिक दल के मोहरे नहीं हैं। उन्हें अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा की चिंता है; भाजपा को उनके भविष्य से खिलवाड़ करने के बजाय अपनी राजनीति सुधारनी चाहिए।
विनोद पांडेय ने कहा कि कोचिंग संस्थानों और शिक्षा के नाम पर कारोबार करने वाले किसी भी समूह को छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि किसी को छात्रों की वास्तविक चिंता है तो वह उनके बीच भ्रम और आक्रोश फैलाने के बजाय उन्हें सही तथ्य और उचित मार्गदर्शन दे।
उन्होंने कहा कि झामुमो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है और किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार के खिलाफ नहीं है। लेकिन आंदोलन के नाम पर हिंसा, उकसावे या राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जा सकता। कानून अपना काम करेगा और यदि किसी ने कानून हाथ में लिया है तो उसकी जांच होनी चाहिए।
विनोद पांडेय ने बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको छात्रों की चिंता कम और अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता ज्यादा है। छात्र आंदोलन को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश बंद कीजिए। झारखंड के युवा समझदार हैं और वे तय करेंगे कि उन्हें अपने भविष्य के लिए संघर्ष करना है या भाजपा की राजनीतिक पटकथा का हिस्सा बनना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के हित में लगातार काम कर रही है। भाजपा को यदि कोई ठोस सुझाव देना है तो सरकार के सामने रखे। लेकिन छात्रों को भड़काकर, माहौल खराब करके और फिर उसकी राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश झारखंड में सफल नहीं होगी।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी तत्व यह समझ लें कि झारखंड के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं को उकसाने की राजनीति का जवाब तथ्य, संवाद और कानून के रास्ते से दिया जाएगा सड़क पर अराजकता पैदा करके नहीं।
सिल्ली (मूरी)। रूडसेट संस्थान, सिल्ली में शुक्रवार को 30 दिवसीय एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) ओनर ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल 29 प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।इसी अवसर पर संस्थान में 30 दिवसीय टू-व्हीलर मैकेनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें 23 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं। साथ ही 12 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी शुरुआत हुई, जिसमें 28 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।समापन एवं उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि राँची जिला परिषद की उपाध्यक्ष वीणा चौधरी थीं। उन्होंने एलएमवी चालक प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल प्रतिभागियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।संस्थान के निदेशक श्री सुदीप शिशिर एक्का ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास और स्वरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए नए प्रशिक्षुओं से लगन, अनुशासन और गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय रंजीत कर्ण, दशरथ महतो, सुनील मुंडा, ईडीपी असेसर विवेकानंद भगत, एलएमवी चालक प्रशिक्षण के प्रशिक्षक श्री बबलू कुमार तथा टू-व्हीलर मैकेनिक प्रशिक्षण के प्रशिक्षक श्री रामाशंकर सहित अन्य गणमान्य लोग एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी प्रतिभागियों ने कौशल विकास एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। गौरतलब है कि रूडसेट संस्थान, सिल्ली द्वारा ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, उद्यमिता और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
रांची। जिले के सोनाहातु प्रखंड के ग्राम नीमडीह के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने महामहिम राज्यपाल, झारखंड सरकार को एक 5 सूत्री मांग-पत्र सौंपा है। यह मांग-पत्र 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन रांची में प्राप्त किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग, बुण्डू रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा (PESA) अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मांग-पत्र के अनुसार ग्रामीण दिनांक 19 अगस्त 2026 को रांची के नागा बाबा खटाल के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और उसी मंच से राज्यपाल को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे।
क्या है ग्रामीणों की मांगें ?
ग्रामीणों ने अपने पत्र में 5 मुख्य मांगें रखी हैं -
1. जांच हो:* बुण्डू वन रेंज के अधिकारियों द्वारा पेसा अधिनियम के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. कानून का पालन:* गांव में पेसा अधिनियम को पूरी तरह लागू कराया जाए।
3. रास्ता खोला जाए:* ग्रामीण किसानों को अपने खेतों तक जाने और पशुओं को चारागाह तक ले जाने वाला पारंपरिक रास्ता बंद कर दिया गया है, उसे तुरंत खुलवाया जाए।
4. पौधा घोटाले की जांच:* आरोप है कि नर्सरी से बाहर दूसरे गांव से चुनकर लाए गए पौधों को गांव में लगाया गया है, इसकी जांच हो।
5. वनाधिकार कानून लागू हो:* वन अधिकार अधिनियम जैसे केंद्रीय कानूनों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन हमारा अधिकार है और वन विभाग मनमानी कर रहा है। महामहिम से निवेदन है कि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्याय दिलाया जाए।
रांची । झारखंड में विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंगलवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कांग्रेस के मंत्री एवं विधायक मुख्यमंत्री से मिले।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लिए गए फैसले युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
TDPL परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का स्वागत
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया। नेताओं का कहना था कि इन परीक्षाओं को लेकर प्रभावित विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के बीच भविष्य को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, सरकार के फैसले से उसे दूर करने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनहित, छात्र हित और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को सरकार की संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के प्रति जवाबदेही का उदाहरण बताया।
युवाओं के भविष्य की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी विद्यार्थियों एवं अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान करना ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाना भी है।
विकास और छात्र कल्याण के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, जनहित से जुड़े विषयों और छात्र कल्याण से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार की ओर से युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उठाए जा रहे कदमों पर अपनी बात रखी।
बैठक में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लिए जा रहे जनहितकारी फैसलों को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू करना आवश्यक है, ताकि इसका सीधा लाभ आम जनता, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों तक पहुंच सके।
ये नेता रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, रामेश्वर उरांव, प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा और विधायक ममता देवी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सिल्ली:-सिल्ली मुरी में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।अनवरत बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है और कई इलाकों में जल जमाव की समस्या से आवागमन में परेशानियां हो रही है।बारिश के कारण व्यापार पर भी काफी असर पड़ा है।कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।कई घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों को काफी कठिनाइयां हो रही है।कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई है,जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश से कई बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि हो रही बारिश से जहां गर्मी और उमस से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जल जमाव होने की समस्या खड़ी हो गई है।
चतरा। जिले में वज्रपात की घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए विधानसभा में सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास द्वारा उठाई गई मांग पर सरकार ने सकारात्मक संज्ञान लिया है। चतरा जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों, प्रखंड मुख्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर उच्च क्षमता वाले तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाने की मांग विधानसभा में उठाई गई थी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि चतरा जिले के कुल 1,569 विद्यालयों में से 675 विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, शेष विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से तड़ित चालक लगाने का कार्य जारी है।
विधानसभा में यह मांग उठाने वाले विधायक ने कहा कि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से आमजनों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उनका प्रयास है कि चतरा जिले के प्रत्येक संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान को सुरक्षित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाना और उनके समाधान तक लगातार प्रयासरत रहना उनकी प्रतिबद्धता है। तड़ित चालक लगाए जाने से विद्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वज्रपात से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा एवं रिजल्ट रद्द होने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारे बच्चे कई दिनों से अपने हक और भविष्य की चिंता को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनकी पीड़ा और उनकी भावनाओं को देखते हुए लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एक कदम पीछे हटने का निर्णय लिया है।
लगभग 6 घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करते हुए JPSC-14, बैकलॉग 2023-25, JSSC-CGL और TDPL से संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। साथ ही 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया गया है।
सरकार का एक कदम पीछे हटना कमजोरी नहीं, बल्कि अपने बच्चों की आवाज सुनने, उनकी पीड़ा समझने और उनके भविष्य को प्राथमिकता देने की ताकत है। हमारी सरकार के लिए सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे छात्र-युवाओं का भविष्य है।
इस पूरे मामले में जननायक एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने लगातार युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की पीड़ा को देखते हुए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा और उनके हक की आवाज को आगे बढ़ाया। वहीं झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब ने भी छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं इस छात्र हितैषी और ऐतिहासिक फैसले के लिए लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी, जननायक राहुल गांधी जी और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी श्री के. राजू साहब को विशेष रूप से बधाई एवं आभार व्यक्त करता हूं।
यह सिर्फ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों छात्र-युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और उनके भविष्य का सम्मान है।
अब सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी। गठित समिति छात्रों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित संस्थानों के सुझाव लेकर ऐसी व्यवस्था तैयार करेगी, जिसमें पारदर्शिता हो, निष्पक्षता हो और मेहनत करने वाले हर बच्चे को उसके अधिकार का भरोसा हो।
हमारे बच्चे हमारा भविष्य हैं। उनकी आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी है और उनके भविष्य की रक्षा करना हमारा संकल्प है।
बरहरवा। बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित से जुड़े मामलों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य रूप से यूजी सेमेस्टर-4 के अंकपत्र में त्रुटि सुधार, आंतरिक परीक्षाओं में प्रशासनिक अनियमितताओं को दूर करने, यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया शुरू करने तथा आगामी परीक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
NSUI ने बताया कि हाल ही में जारी यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023-27) के ऑनलाइन अंकपत्र में माइनर पेपर ‘Disaster Management (आपदा प्रबंधन)’ की आंतरिक परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है। संगठन ने मामले की तत्काल जांच कर दो दिनों के भीतर आवश्यक संशोधन कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।
प्रतिनिधिमंडल ने आंतरिक परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार की मांग भी रखी। NSUI का कहना है कि कई बार परीक्षा नोटिस पर प्राचार्य या परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर एवं आधिकारिक मुहर नहीं होती। इसके अलावा मेजर और माइनर विषयों की परीक्षाएं एक ही समय निर्धारित कर दी जाती हैं तथा कई बार जारी नोटिस अचानक रद्द कर दिए जाते हैं। कुछ विभागों में केवल व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दिए जाने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। संगठन ने आंतरिक परीक्षाओं के लिए पारदर्शी और व्यवस्थित व्यवस्था लागू करने की मांग की।
इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-4 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यूजी सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) की नामांकन प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 19 अगस्त 2026 से शुरू होने वाली यूजी सेमेस्टर-2 (सत्र 2025-29) एवं एक्स-रेगुलर (सत्र 2022-26, 2023-27 एवं 2024-28) NEP परीक्षाओं को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
दूर-दराज से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की सुविधा के लिए गर्ल्स कॉमन रूम एवं बॉयज कॉमन रूम को उपयोग योग्य बनाने, वहां बैठने, पंखा, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी।
प्राचार्य ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
प्रभारी प्राचार्य कविता मंडल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें जायज हैं और महाविद्यालय प्रशासन इन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास करेगा। आंतरिक परीक्षा में विद्यार्थियों को अनुपस्थित दिखाए जाने के मामले में रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक परीक्षाओं के नोटिस से संबंधित व्यवस्था को लेकर सभी शिक्षकों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं यूजी सेमेस्टर-5 की नामांकन प्रक्रिया को लेकर महाविद्यालय प्रशासन कार्यरत है और अगले कुछ दिनों में नामांकन शुरू होने की उम्मीद है।
प्राचार्य ने बताया कि परीक्षा एवं कक्षाओं के दौरान महाविद्यालय में पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है तो उसे जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्ल्स कॉमन रूम की स्थिति ठीक है और साफ-सफाई के बाद उसका उपयोग किया जा सकता है, जबकि बॉयज कॉमन रूम के लिए विज्ञान भवन में एक कमरे की व्यवस्था की जाएगी।
NSUI कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा, “छात्रों की समस्याओं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों को दी जाने वाली सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। छात्रहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे के समाधान के लिए NSUI लगातार आवाज उठाता रहेगा।”
मौके पर NSUI मीडिया प्रभारी अफजल शेख, NSUI सदस्य फैसल आलम, मुसलेउद्दीन, रबीउल इस्लाम, सरफराज नवाज, राशिद आलम सहित छात्र आमिर सोहेल, तन्नू कुमारी, सबिता कुमारी, सानिया रागिब एवं अन्य मौजूद रहे।
रांची । 15 अगस्त, 2026 को सीसीएल मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रों में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूम-धाम के साथ मनाया गया। सीसीएल के सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह ने सीसीएल गांधीनगर कॉलोनी स्थित महात्मा गांधी क्रीड़ागन में ध्वजारोहण किया एवं सलामी दी। इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक(योजना एवं परियोजना) श्री अनुप हंजुरा, मुख्य सर्तकता अधिकारी श्री पंकज कुमार, सीआईएसएफ के वरीय पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के महाप्रबंधकगण, विभागाध्यकगण, श्रमिक संघों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मी उपस्थित थे। सीएमडी श्री सिंह ने अवसर विशेष पर सुरक्षा बलों एवं विद्यार्थियों के परेडों का निरीक्षण भी किया।
सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और वीर शहीदों के अतुल्य पराक्रम को नमन किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि यह दिन केवल आज़ादी का प्रतीक नहीं, बल्कि एक महान राष्ट्र के निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीसीएल न केवल भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि नए भारत के निर्माण और झारखंड के औद्योगिक विकास में भी अहम योगदान दे रहा है।
‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक न्याय से भी जुड़ा है।उन्होंने कहा कि सीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का एक सशक्त स्तंभ है और कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता, आधारभूत संरचना एवं तकनीकी दक्षता को लगातार सुदृढ़ कर रही है। पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में अब तक कोयला उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा कंपनी अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर है। मगध परियोजना की क्षमता 20 MTY से बढ़ाकर 24 MTY किए जाने के साथ नई परियोजनाओं, फॉरेस्ट लैंड डायवर्जन एवं रेल साइडिंग के विकास में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि सीसीएल विकास के साथ पर्यावरणीय संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। कंपनी के पास वर्तमान में 32.3 मेगावाट की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता है। बरका-सयाल क्षेत्र में ओवरबर्डन डंप पर स्थापित 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र तथा गिरिडीह में 100 मेगावाट क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) युक्त सौर परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 279 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 322 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही, आधुनिक पर्यावरणीय निगरानी व्यवस्था, फॉग कैनन, वर्षा जल संचयन एवं मैकेनिकल रोड स्वीपर्स जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को और मजबूत किया जा रहा है।
सामुदायिक विकास के क्षेत्र में सीसीएल के ‘Surplus Mine Water Utilization’ कार्यक्रम से लगभग 140 गाँवों के ढाई लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, पिपरवार क्षेत्र के बचरा में स्थापित ‘कोल नीर बॉटलिंग प्लांट’ महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तीकरण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा।
अंत में श्री सिंह ने सीसीएल परिवार के परिश्रम, समर्पण और ईमानदारी को सलाम करते हुए सभी से सुरक्षा, पारदर्शिता और सतत विकास के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सीसीएल के सुरक्षा जवानों, सीआईएसएफ, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न स्कूल के बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान डीएवी गांधीनगर, केन्द्रीय विद्यालय एवं ज्ञानोदय स्कूल के विद्यार्थियों ने देश-भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुती दी, जिसे उपस्थित सभी ने खूब सराहा।
इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सीसीएल के आधिकारिक यूट्यूब चॅनेल से किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कर्मी जुड़े रहे। "कार्यक्रम के दौरान सीएमडी, निदेशकगण, सीवीओ एवं अन्य अतिथियों ने तीन रंगों वाले गुब्बारे उड़ाकर एकता और अखंडता का संदेश दिया।"
अवसर विशेष पर सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सुरक्षा जवानों को उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही, सीसीएल कमांड एरिया में संचालित डीएवी विद्यालयों एवं केंद्रीय विद्यालय के कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।”
इसके पूर्व निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने दरभंगा हाउस परिसर एवं गांधीनगर अस्पताल में ध्वजारोहण किया एवं सभी को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दी।
टंडवा। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में नाबालिग दलित युवती से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, नई दिल्ली को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच कराने की मांग की है।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने आयोग को भेजे पत्र में कहा है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने प्राथमिकी में नामजद व्यक्तियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। विधायक ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई जाती है तो उसे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचाया जाए। वहीं, जांच के दौरान जो भी वास्तविक दोषी सामने आएं, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि न्याय का मूल उद्देश्य पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करना भी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष को झूठे आरोप या अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष एवं गहन जांच के निर्देश देने की मांग की है।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को न्याय मिले और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो—यही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निर्दोष लोगों को राहत दिलाने की मांग दोहराई।
सिल्ली: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गुरुवार को सिल्ली आगमन पर प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कार्तिक चंद्र महतो के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन कर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी।स्वागत समारोह के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सिल्ली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। साथ ही आवश्यक सुधार एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस उपाध्यक्ष नगेंद्र नाथ गोस्वामी, सिल्ली प्रखंड कांग्रेस महासचिव मंजूर मोमिन, सैय्यद कमर आलम, भर्गीरथ महतो, शमशेर आलम, मो. कलाम, सिल्ली पश्चिमी मंडल अध्यक्ष गुहीराम महतो, सिल्ली विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष विकास रजक, पंचायत अध्यक्ष बिंदेश्वर महतो, मो. खलील, सदानंद सोनार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।
साहिबगंज । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी साहिबगंज जिला के तत्वावधान में गुरुवार को जिला मुख्यालय में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिला अध्यक्ष गौतम यादव के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक अनंत ओझा, पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम, प्रदेश मंत्री कृष्णा महतो, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव तथा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणेश प्रसाद, कृपानाथ मंडल और धर्मेंद्र कुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा के संयोजक जिला महामंत्री साखलू सोरेन तथा सह-संयोजक जिला महामंत्री धनंजय कुमार मंडल रहे। कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मंडल समेत जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला एवं युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत शहीद चौक पर शहीदों को माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद तिरंगा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तक पहुंची, जहां माल्यार्पण के साथ यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान मार्ग में स्थापित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तिरंगा यात्रा में एनसीसी की टीम के साथ जिले के सभी मंडलों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ कार्यकर्ता, मातृशक्ति तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे यात्रा मार्ग पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से वातावरण देशभक्तिमय बना रहा।
तिरंगा लहराते हुए कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है।
भाजपा की इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रांची । झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि शिक्षा माफियाओं को बचाने के लिए बीजेपी जानबूझ कर CBI जांच का दांव खेलना चाहती है । जबकि इतिहास गवाह है कि CBI ने जांच के नाम पर अब सभी मामलों में लटकाने और भटकाने के सिवाय कुछ भी नहीं किया ।
मंत्री ने कहा कि 2015 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यह देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब तक कम से कम 17 परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन 2015 के बाद CBI जांच में अब तक एक भी मामले में दोषसिद्ध नहीं हुआ , मतलब CBI जांच का नतीजा शून्य है । उन्होंने कहा कि CBI ने NEET UG 2024, UGC-NET 2024, SSC CGL 2017, JEE Main 2021, WB SSC 2016, HP Police Constable 2022, Army CEE 2017 और Karnataka PSI 2021 सहित कम से कम नौ अन्य परीक्षा गड़बड़ी के मामलों की जांच की है।
मंत्री ने कहा कि NEET-UG 2024 मामले में CBI 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा से चूक गई, जिसके चलते मुख्य आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने का अवसर मिला। वहीं, UGC-NET 2024 में कथित पेपर लीक की जांच के बाद CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि संबंधित सबूत एक छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट था। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2026 में जिस फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर खूब प्रचार किया गया, उसके पहले ही दिन CBI का वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 2015 से अब तक इन सभी मामलों में केवल एक दोषसिद्धि हुई है, वह भी हरियाणा न्यायिक सेवा 2017 का मामला है । इस मामले में फैसला अगस्त 2024 में दिल्ली की एक अदालत ने सुनाया था, जबकि इसकी जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद छात्रों का आंदोलन सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस आंदोलन को राजनीतिक हवा देने और CBI के नाम पर वास्तविक गड़बड़ियों को छिपाने का प्रयास कर रही है।
मंत्री ने बताया कि मामले में अब तक करीब 20 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। राहुल गांधी को लेकर भाजपा की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो कल तक “राहुल गांधी कौन कहते थे , उनके सपने में सुबह-शाम राहुल गांधी ही आ रहे है । उनके खिलाफ फैलाया जा रहा षड्यंत्र अब ताश के पत्तों की तरह भरभरा चुका है।”
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जंतर-मंतर और रांची के छात्र आंदोलन के बीच बहुत बड़ा अंतर है । रांची में दिल्ली के जंतर मंतर की तरह छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज नहीं किया गया , उन्हें सड़कों पर बेरहमी से नहीं पीटा गया और न ही छात्राओं के साथ किसी तरह का कोई अभद्र व्यवहार किया गया। छात्रों की भीड़ में शामिल उपद्रवियों को खदेड़ने का प्रयास स्थानीय पुलिस ने जरूर किया है । सरकार छात्रों के साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान भी सरकार आंदोलनरत छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है। सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनके आंदोलन को राजनीतिक रंग देना।
पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
रांची। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा के अध्यक्ष मेघा उरांव ने आदिवासी पहचान, पारंपरिक आस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान केवल जल, जंगल और जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी अपनी पारंपरिक आस्था, पूजा-पद्धति, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक संस्थाओं से भी जुड़ी हुई है।
मेघा उरांव ने आरोप लगाया कि पुरुलिया रोड स्थित बिशप हाउस, एसडीसी सभागार और नामकुम बगीचा में बैठकर आदिवासी एवं जनजातीय समाज की पहचान, संरक्षण, संवर्धन और विस्तार की बातें करना विरोधाभासी है। उन्होंने इसे ‘दूध की रखवाली बिल्ली से कराने’ वाली कहावत से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि जिन लोगों की विचारधारा आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था और पहचान से अलग है, वे आदिवासी पहचान के संरक्षण की बात किस आधार पर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरना, मसना, चाला, जाहेरथान, मांझीथान, पाहन, पुजार, नायके, अखड़ा, धुमकुड़िया और पड़हा जैसी परंपराएं आदिवासी समाज की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके अनुसार आदिवासी समुदाय की पहचान उसकी प्रथागत परंपराओं, सामाजिक संगठन, सामुदायिक जीवन और पारंपरिक संस्थाओं से भी निर्धारित होती है।
मेघा उरांव ने आरोप लगाया कि एक ओर आदिवासी समाज की पारंपरिक आस्था, विश्वास और पूजा-पद्धति को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज की पहचान और उसके संरक्षण-संवर्धन की बात की जा रही है। उन्होंने इसे दोहरी नीति करार देते हुए कहा कि आदिवासी समाज अपनी पहचान, परंपरा और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के सवाल पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व को लेकर स्पष्ट नीति और गंभीर पहल की आवश्यकता है। पारंपरिक आस्था, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किए बिना केवल आदिवासी हितों की बात करना अधूरा प्रयास है।
मेघा उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने संबंधित संगठनों और संस्थाओं से आदिवासी समाज की पारंपरिक पहचान, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने तथा उनके संरक्षण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।
रांची। छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की कोशिश अब पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने छात्रों के मुद्दे को लेकर बंद का आह्वान किया, लेकिन आंदोलनरत छात्रों ने खुद को इस बंद से अलग रखा। इससे स्पष्ट है कि छात्र अपनी मांगों और अधिकारों की लड़ाई को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे का हिस्सा नहीं बनाना चाहते।
मंत्री ने कहा कि छात्रों ने भाजपा के राजनीतिक आह्वान से दूरी बनाकर साफ संदेश दिया है कि उनका आंदोलन किसी पार्टी के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को लेकर है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की लड़ाई को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की कोशिश को स्वयं छात्रों ने नकार दिया है।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस और झारखंड की महागठबंधन सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता आंदोलन को राजनीति का अखाड़ा बनाना नहीं, बल्कि छात्रों की जायज मांगों का समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और बातचीत तथा संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट बात रखी है। वर्तमान में संसद का सत्र चल रहा है और उन्हें विश्वास है कि छात्रों के हित में आगे भी ठोस पहल की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाएगा, बल्कि उनकी बात सुनी जाएगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि आंदोलन की स्थिति को टकराव में बदलने के बजाय संवाद के जरिए समाधान तक पहुंचाया जाए।
दीपिका पांडेय सिंह ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की आवाज सुनी जाएगी और उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए हरसंभव पहल की जाएगी।
रांची: झारखंड की सियासत में भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। जहां गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और हटिया के चर्चित विधायक नवीन जायसवाल की अकूत संपत्ति और जमीन के खेल का कच्चा-चिट्ठा अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के टेबल पर पहुंच गया है।
शिकायतकर्ता हिमांशु कुमार ने सीधे ACB के DG को हलफनामा और जमीन के दस्तावेज सौंपकर बम फोड़ा है - *घोषित दाम कुछ और, बाजार में कीमत कई गुना ज्यादा, पैसा आया कहां से?
बरियातू से बड़गाईं तक चौधरी जी की संपत्ति पर सवाल
शिकायत में आरोप है कि सांसद चौधरी ने रांची के पॉश इलाके बरियातू में जो मकान दिखाया है, उसका सरकारी कागज पर दाम कुछ लाख है, लेकिन बाजार में उसकी कीमत करोड़ों में है - लगभग 6 गुना का खेल!
इतना ही नहीं, बड़गाईं के खाता नंबर 112, प्लॉट 2592 और 1221 वाली जमीन किसके पैसे से खरीदी गई, कौन काबिज है? इसकी भी परतें खोलने की मांग की गई है।
नगड़ी की 25 एकड़ आदिवासी जमीन, जायसवाल के रिश्तेदारों के नाम?
दूसरी तरफ हटिया विधायक नवीन जायसवाल पर तो और भी सनसनीखेज आरोप है।
शिकायत के मुताबिक, नगड़ी के खाता नंबर 230 के प्लॉट 908A, B, C, D की कीमत कागज में कम और हकीकत में आसमान पर है।
सबसे बड़ा धमाका - *नगड़ी में 25 एकड़ से ज्यादा आदिवासी जमीन को CNT/SPT Act को ताक पर रखकर रिश्तेदारों के नाम कराने का आरोप!* क्या आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का नया फॉर्मूला निकला है? ACB से इसी की तह तक जाने की मांग हुई है।
सरकार भी हरकत में!
मामला सिर्फ शिकायत तक नहीं है। 22 जून 2026 को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने खुद इस मामले में दो अलग-अलग चिट्ठी अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह को भेजी है, जिसमें शपथ पत्र लगे होने का जिक्र है। मतलब साफ है - मामला अब सरकारी फाइलों में दौड़ रहा है।
अब सबकी निगाहें ACB पर टिकी हैं - क्या होगा अगला एक्शन? क्या होगी छापेमारी? क्या खुलेगा संपत्ति के काले-सफेद का हिसाब?
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी देर रात बिना किसी प्रोटोकॉल और सुरक्षा घेरे के सदर अस्पताल पहुंचे। वे बिना बॉडीगार्ड के अस्पताल पहुंचे, जिसके कारण वहां मौजूद कई लोग उन्हें पहचान भी नहीं पाए। बाद में जब लोगों को जानकारी हुई कि स्वयं स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे हैं, तो अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हो गया।
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो समेत अन्य युवाओं से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी जांच कर रही है। उनकी निगरानी और आवश्यक उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवा, जांच और इलाज की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कई मरीजों ने मंत्री को अपनी समस्याओं और इलाज से जुड़े अनुभवों से भी अवगत कराया।
मरीजों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बेहतर चिकित्सा सुविधा और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की। उन्होंने अस्पताल कर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब रांची में छात्र आंदोलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती चर्चा में है। ऐसे माहौल के बीच डॉ. इरफान अंसारी का बिना सुरक्षा घेरे के सदर अस्पताल पहुंचना, आंदोलनकारी युवाओं से मिलकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति जानना और फिर अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों की समस्याएं सुनना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि जब प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर सीधे मरीजों और आम लोगों के बीच पहुंचते हैं, तो इससे जनता के बीच भरोसा मजबूत होता है। लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि स्वास्थ्य मंत्री ने इस दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से अधिक मरीजों की सेवा और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी।
रांची। माटी कला बोर्ड के पुनर्गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कुम्हार महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कुम्हार समाज के लोग झारखंड विधानसभा के समक्ष पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का जल्द से जल्द पुनर्गठन करने और कुम्हार समाज से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से पहल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुम्हार समाज की पारंपरिक माटी कला और उससे जुड़े रोजगार को संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए माटी कला बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन बोर्ड के पुनर्गठन में हो रही देरी से समाज में नाराजगी बढ़ रही है।
कुम्हार महासभा के नेताओं ने कहा कि मिट्टी के बर्तन, दीये, मूर्तियां और अन्य माटी कला उत्पाद बनाने वाले कारीगरों के सामने आर्थिक और रोजगार से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। आधुनिक बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक कारीगरों को सरकारी सहयोग, प्रशिक्षण, बाजार उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से माटी कला बोर्ड का तत्काल पुनर्गठन, कुम्हार समाज के पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीति बनाने, कारीगरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और माटी कला उत्पादों के लिए बाजार की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की।
मौके पर साहेबगंज जिला कुम्हार महासंघ के जिलाध्यक्ष पिंटू पंडित, जिला महामंत्री ओमप्रकाश पंडित, रामा पंडित,प्रकाश कुमार पंडित ने कहा प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश की और कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् साहिबगंज विभाग संयोजक संजय दत्ता ने कहा कि जेपीएससी व जेएसएससी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताएँ झारखंड के हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। ऐसे संवेदनशील और जीवन-निर्णायक विषयों पर समस्या के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संवाद के जरिए समाधान की कोशिश करने के बजाय राज्य द्वारा बलप्रयोग करना न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि अस्वीकार्य भी है।
इस प्रकार की कार्रवाई स्पष्ट रूप से प्रदेश सरकार के विद्यार्थी-विरोधी रुख को उजागर करती है। वहीं, छात्र-हितों का संरक्षण करने वाली राजनीतिक पार्टियों द्वारा मौन रहना, जबकि वे राज्य सरकार का भागीदार हैं, उनके द्वैध चरित्र को भी दिखाता है। हम सरकार से दो बातों की तत्काल माँग करते हैं:
दमन की नीति को छोड़कर विद्यार्थियों से सार्थक संवाद शुरू किया जाए,
JPSC ओर JSSC के संदिग्ध परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर सी बी आई के द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करायी जाए, तथा परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत सुधार लागू किए जाएँ।
विद्यार्थी परिषद शान्तिपूर्ण आंदोलन के अधिकार की रक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य के संरक्षण के लिए लगातार आवाज़ उठाते रहेंगे। छात्रों के साथ हुई इस अमानवीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रांची, 10 अगस्त 2026। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार झारखंड की पारंपरिक चौकीदारी व्यवस्था को बचाने तथा नौ सूत्री मांगों के समर्थन में झारखंड राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की ओर से सोमवार को झारखंड विधानसभा के सामने कूटे मैदान, रांची में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने की, जबकि संचालन रांची जिलाध्यक्ष राम किशुन गोप ने किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान पंचायत ने सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने, 1 जनवरी 1990 के पूर्व एवं बाद में सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार नियुक्ति करने तथा सेवा विमुक्त एवं एवजी चौकीदारों को न्याय दिलाने के लिए झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2015 में संशोधन करने की मांग की।
पंचायत की अन्य प्रमुख मांगों में चौकीदारी मैनुअल एवं राज्य सरकार के आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी लेने, प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, वेतनादि के लिए पुनः आवंटन करने, सभी बकाया सहित वर्दी भत्ता का भुगतान करने, 31 जनवरी 1989 को सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की नियुक्ति करने, सरकारी उपस्थिति पंजी में साप्ताहिक उपस्थिति स्वयं दर्ज करने का अधिकार देने, साहिबगंज जिले में अनुकंपा के आधार पर जिला चयन समिति द्वारा चयनित चौकीदारों को तत्काल नियुक्ति पत्र देने तथा दफादार-चौकीदारों को कालबद्ध प्रोन्नति देने की मांग शामिल है।
धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने तथा 1 जनवरी 1990 के पूर्व एवं बाद में सेवानिवृत्त दफादार-चौकीदारों के आश्रितों की पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार नियुक्ति के लिए चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2015 में आवश्यक संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड की पारंपरिक चौकीदारी व्यवस्था को बचाने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्रांक 5020, दिनांक 11 सितंबर 2017 के माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को चौकीदार-दफादारों से चौकीदारी मैनुअल तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के अनुरूप ही ड्यूटी लेने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कई जिलों में बैंक ड्यूटी, कैदी स्कॉट, रोड ड्यूटी एवं डाक ड्यूटी जैसे कार्य लिए जा रहे हैं।
कृष्ण दयाल सिंह ने विभागीय अपर मुख्य सचिव से मांग की कि वर्ष 2017 के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को पुनः स्पष्ट निर्देश जारी किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी आदेश के बावजूद कई थानों में चौकीदार-दफादारों को उपस्थिति पंजी में स्वयं उपस्थिति दर्ज नहीं करने दी जाती है और ड्यूटी करने के बाद भी उनकी उपस्थिति काट दी जाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों से चौकीदार-दफादारों के शोषण की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
धरना-प्रदर्शन का संचालन करते हुए रांची जिलाध्यक्ष राम किशुन गोप ने कहा कि झारखंड गठन के लगभग 36 वर्ष बाद भी चौकीदार-दफादारों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिलना प्रशासनिक उदासीनता एवं लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने सरकार से चौकीदार-दफादारों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से एतवा उरांव, राम किशुन गोप, शिबू पहाड़िया, सरयू यादव, मिथिलेश यादव, राजू कुमार, राम नारायण भोक्ता, भैया राम तुरी, कृष्ण महतो, सिकंदर यादव, परमेश्वर पासवान, धनराज प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में दफादार एवं चौकीदार शामिल हुए।
रांची। विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त 2026 के अवसर पर सेक्टर-3, एन टाइप, धुर्वा में जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से अपने पूर्वजों एवं विश्वभर के मूल निवासी जनजातीय समुदायों के साथ हुए अत्याचार और नरसंहार में मारे गए लोगों की स्मृति में दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर हक-अधिकार, अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा के लिए संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि 9 अगस्त के पीछे के इतिहास को जानने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में 9 अगस्त को उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि शोक सभा के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के मूल निवासी जनजातीय समुदायों के साथ हुए ऐतिहासिक अत्याचारों और विस्थापन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने पहले ही अनुसूचित जनजाति एवं आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रावधान किए हैं। इसलिए अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक रहना चाहिए।
मेघा उरांव ने कहा कि 9 अगस्त को लेकर यह सवाल उठता है कि इसे आदिवासी दिवस कहा जाए या मूल निवासी दिवस। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को इस विषय पर भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को गौरव दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया था।
जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने कहा कि समाज को विदेशी प्रभाव और कथित षड्यंत्रों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित अन्य देशों में अत्याचार और नरसंहार के शिकार हुए पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए मरांग बुरू एवं जाहेर ऐरा से प्रार्थना की गई।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर अपनी धर्म-संस्कृति, रीति-रिवाज, पूजा-पाठ, जल-जंगल-जमीन और अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कृतसंकल्प होने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में डीलिस्टिंग की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम में बिरसा भगत, कुमुदिनी लकड़ा, जय मंत्री उरांव, लुथुरु उरांव, माईसा उरांव, बबलू उरांव, लक्ष्मण उरांव, डॉ. बुटन महली सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे
रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आंदोलनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा मानवीय फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आंदोलन के दौरान यदि कोई छात्र-छात्रा बीमार पड़ता है या अस्पताल में भर्ती होता है, तो उसका समुचित एवं बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं से इलाज के नाम पर एक भी पैसा नहीं लिया जाएगा। उनके इलाज से संबंधित आवश्यक खर्च राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य मंत्री ने व्यक्तिगत स्तर पर भी हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं को किसी भी परिस्थिति में इलाज से वंचित न किया जाए और उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
“मेरे आंदोलनकारी बच्चे हैं, उनकी जान की कीमत सबसे ज्यादा है”
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हमारे युवा दिन-रात अपने अधिकारों और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी भावनाओं और उनकी पीड़ा को सरकार गंभीरता से समझ रही है। आंदोलन स्थल पर किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी न हो, इसके लिए मेडिकल टीम को लगातार तैनात रखा गया है और स्वास्थ्य विभाग उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा—
“मेरे आंदोलनकारी युवा मेरे बच्चे हैं। आपकी पीड़ा मेरी पीड़ा है। मैं नहीं चाहता कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते-लड़ते मेरे किसी बच्चे की जान खतरे में पड़े।”
उन्होंने कहा—
“जान है तो जहान है। शरीर हमें एक बार मिला है और जिंदगी भी एक बार मिली है। कृपया अपनी जिंदगी के साथ मत खेलिए। आप अपनी मांगों को लेकर धरना दीजिए, अपनी आवाज उठाइए, लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कीजिए, लेकिन मैं आपसे हाथ जोड़कर गुजारिश करता हूं कि अनशन और भूख हड़ताल से बचें।”
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार आपकी मांगों को नजरअंदाज नहीं कर रही है। आपकी मांगें गंभीरता से विचाराधीन हैं और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी, कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी जी तथा झारखंड कांग्रेस प्रभारी श्री के. राजू जी भी इस विषय को गंभीरता से देख रहे हैं। सरकार की पूरी कोशिश है कि बातचीत और संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकाला जाए।
उन्होंने आंदोलनकारी युवाओं से कहा—
“सरकार आपने बनाई है, इसलिए सरकार पर विश्वास रखिए। आपकी सरकार आपके साथ है। स्वास्थ्य मंत्री आपके साथ खड़ा है। आपकी लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन आपकी जिंदगी उससे भी ज्यादा कीमती है।”
“मैं अपने बच्चों से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं—अपनी मांगों के लिए लड़िए, लेकिन अपनी जान को दांव पर मत लगाइए। आपकी जिंदगी सुरक्षित रहे, यही मेरी सबसे बड़ी चिंता है।
मुरी : सिल्ली प्रखंड आजसू पार्टी के तत्वावधान में शनिवार को झारखंड मोड़ स्थित शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा स्थल पर शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह, केंद्रीय सचिव संजय सिद्धार्थ, गौतम कृष्ण साहू, सुशील महतो, प्रमुख जितेंद्र नाथ बड़ाइक, झारखंड आंदोलनकारी बुद्धेश्वर महतो, शत्रुघ्न महतो, सपन महतो, प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र करमाली, लक्ष्मण महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके संघर्ष, त्याग और झारखंड आंदोलन में दिए गए योगदान को याद किया।केंद्रीय संगठन सचिव जयपाल सिंह ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने झारखंड की पहचान, अधिकार और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष और विचार आज भी झारखंडवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।गौतम कृष्ण साहू ने कहा कि शहीद निर्मल दा का त्यागपूर्ण जीवन और झारखंड राज्य के लिए दिया गया उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शहीद निर्मल महतो के सपनों को साकार करने तथा झारखंड के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।इसके बाद लगाम निवासी झारखंड आंदोलनकारी दिवंगत कार्तिक महतो की पुण्यतिथि भी मनाई गई। कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। मौके पर डबलु महली, सोमरा मांझी, मोहम्मद सुभाष मुंडा, सूरज उपाध्याय सहित काफी संख्या में आजसू कार्यकर्ता उपस्थित रहे..
रांची। लंबे समय से प्रतीक्षित JSLPS की नई मानव संसाधन (HR) Policy लागू होने पर राज्यभर से रांची पहुंचे JSLPS कर्मियों ने ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कर्मियों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ मंत्री का स्वागत किया। कर्मियों में लंबे इंतजार के बाद HR Policy लागू होने को लेकर खासा उत्साह और खुशी देखने को मिली।
नई HR Policy के लागू होने से JSLPS में करीब 1,300 अतिरिक्त पदों पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे संस्था में मानव संसाधन की कमी को दूर करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि JSLPS कर्मियों की भूमिका राज्य की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में बेहद महत्वपूर्ण है। आज झारखंड में 32 लाख से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में JSLPS कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि नई HR Policy कर्मियों के मनोबल, कार्यक्षमता और संस्थागत मजबूती को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त किया तथा JSLPS कर्मियों को उनके निरंतर प्रयासों और धैर्य के लिए धन्यवाद दिया। मंत्री ने कहा कि HR Policy लागू होने के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। अब JSLPS कर्मियों को और अधिक समर्पण के साथ ग्रामीण महिलाओं को आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और महिला उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का काम करना होगा।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सशक्त JSLPS, सशक्त महिलाएँ और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था झारखंड के विकास की मजबूत नींव हैं।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेएसएलपीएस की पहचान उसके महिला समूह को लेकर होती है, जो निर्णय जेएसएलपीएस कर्मियों के लिए लिया गया है वो उनके सुरक्षित भविष्य के लिए, उनके रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है, ऐसा ना कभी पहले हुआ था और ना ही शायद कभी हो पाएगा। कार्यक्रम में पाकुड़ विधायक श्रीमती निशात आलम, कांग्रेस नेत्री रमा खलको, और जेएसएलपीएस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रांची। सदर अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने JPSC आंदोलन के बीच अनशन पर बैठे छात्र राहुल क्रांतिकारी का हाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से राहुल के इलाज और स्वास्थ्य की जानकारी ली।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आंदोलनकारी छात्र हमारे अपने बच्चे हैं और उनकी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहुल का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों की जायज़ चिंताएं सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है और हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ी रहेगी।
डॉ. अंसारी ने छात्रों से अनशन और धरना समाप्त कर बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद और बातचीत से ही संभव है।
साहिबगंज । गंगा मां पर हमला करने वालों के खिलाफ आज एनजीटी कोलकाता में जारी जंग पर सुनवाई होगा. झारखंड की एकमात्र गंगा तटीय जिला साहिबगंज से उठी एक चिंगारी आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के ईस्टर्न जोन में आग बनकर दहकेगी.चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण योद्धा सैयद अरशद नसर ने गंगा नदी,दुर्लभ जलीय जीव डॉल्फिन और पूरे इको-सिस्टम को बचाने के लिए जो बिगुल फूंका था,उसकी सुनवाई आज गुरुवार सुबह 10:30 बजे एनजीटी कोलकाता में होगी.अरशद सुनवाई में शिरकत करने कोलकाता पहुंच चुके हैं.अरशद द्वारा दायर याचिका संख्या -162/23 में सीधा आरोप है कि साहिबगंज में गंगा नदी और उसके किनारों से स्टोन बोल्डर,चिप्स और मेटल का अवैध परिवहन और भंडारण धड़ल्ले से हो रहा है. इससे न सिर्फ गंगा प्रदूषित हो रही है,बल्कि संरक्षित गंगा,दुर्लभ डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में है.याचिका में मांग है कि गंगा नदी और उसके आसपास से खनिजों के उठाव,परिवहन और स्टॉकयार्ड पर तत्काल रोक लगाएं व पर्यावरणीय बहाली के लिए भारी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाएं.जस्टिस अरुण कुमार त्यागी एक्सपर्ट मेंबर डॉ.ए.संथिल वेल और ईश्वर सिंह की बेंच आज इस मामले को सुनेगी.एनजीटी ने पहले ही राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन,नई दिल्ली के निदेशक,झारखंड के खान सचिव व निदेशक,
झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव,
साहिबगंज के डीसी, डीएमओ और डीटीओ व स्टोन बोल्डर सप्लायर
जीके इंटरप्राइजेज,मालदा और मां तारा एंटरप्राइजेज कंस्ट्रक्शन कंपनी,मुजफ्फरपुर से काउंटर एफिडेविट और स्थलीय जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दे रखा है.इसके बाद अरशद की ओर से प्रतिउत्तर दिया जाएगा.साहिबगंज से लेकर कोलकाता तक इस सुनवाई को लेकर हड़कंप है.एक तरफ पर्यावरण प्रेमी इसे "गंगा बचाओ आंदोलन" की जीत मान रहे हैं तो दूसरी तरफ पत्थर माफिया से लेकर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी तक की धड़कनें बढ़ी हुई हैं.स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एनजीटी ने अरशद के पक्ष में फैसला दिया तो साहिबगंज में चल रहा अवैध खनन और परिवहन का पूरा नेटवर्क ध्वस्त हो जाएगा.अरशद ने कहा यह लड़ाई सिर्फ साहिबगंज की नहीं है,यह गंगा मां और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है.एनजीटी से हमें न्याय की उम्मीद है.अब सबकी निगाहें कोलकाता की उस अदालत एनजीटी पर टिकी हैं जहां से गंगा को बचाने का आदेश निकल सकता है.
सिल्ली: सिल्ली प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को दिशम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार एवं अंचल अधिकारी अरुणिमा एक्का ने दिशम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके उपरांत प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों, बीएलओ तथा अन्य कर्मियों ने भी बारी-बारी से उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया तथा शांति प्रार्थना की। इस दौरान सभी ने दिशम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन, जनसेवा और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
सिल्ली: सिल्ली किसान भवन में युवा आजसू पंचायत प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 7 एवं 8 अगस्त को जमशेदपुर में आयोजित होने वाले युवा आजसू सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा एवं संगठनात्मक रणनीति तय करना था।बैठक को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि युवा किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उन्होंने पंचायत प्रभारियों से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रत्येक पंचायत से अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर सम्मेलन का प्रचार-प्रसार करने तथा युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के विचार, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक शक्ति को मजबूत करने का मंच है। इसलिए सभी कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ इसकी तैयारियों में जुटें।
बैठक में पंचायत प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी और सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
साहिबगंज। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उपायुक्त के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित किए जा रहे हैं। इन अकाउंटों के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने के साथ-साथ झूठी सूचनाएं फैलाने और प्रलोभन देकर ठगी करने की आशंका जताई गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट पर विश्वास न करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण, ओटीपी या धनराशि साझा न करें और किसी भी प्रकार के लालच या प्रलोभन में न आएं।
प्रशासन ने कहा कि उपायुक्त अथवा जिला प्रशासन की सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। इसलिए किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता अधिकृत प्लेटफॉर्म से अवश्य जांच लें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें उपायुक्त के नाम से संचालित कोई संदिग्ध या फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद साहिबगंज जिला द्वारा परिषद के अस्थायी जिला कार्यालय में JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिला संयोजक कविंद्र पासवान, प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार एवं साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।
जिला संयोजक कविंद्र पासवान ने कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं ने झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। परिषद की मांग है कि दोनों विवादित भर्ती परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की CBI जांच कराई जाए तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रांत सोशल मीडिया संयोजक इन्द्रजीत साह ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के परिणाम अथवा चयन प्रक्रिया में कथित रूप से हेरफेर हुई है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर किसी भी दोषी को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को बचाने का हर प्रयास युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा।
जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षा में स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा करते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को पुनः बहाल किया जाए। साथ ही भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्णतः पारदर्शी, डिजिटल ऑडिट युक्त एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो और भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
साहिबगंज नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार अभाविप की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करे, अन्यथा परिषद लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने सभी छात्र-युवाओं से इस न्याय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और न्याय की स्थापना के लिए है। परिषद ने चेतावनी दी कि जब तक सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
बरहरवा (साहिबगंज), 3 अगस्त। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बी.एस.के. महाविद्यालय, बरहरवा इकाई ने सोमवार को कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के परीक्षा नियंत्रक एवं डीएसडब्ल्यू (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर लंबित परीक्षा परिणामों के शीघ्र प्रकाशन तथा यूजी सत्र 2026–30 के लिए पुनः आवेदन (री-एप्लिकेशन) पोर्टल खोलने की मांग की।
एनएसयूआई ने परीक्षा नियंत्रक को दिए ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय की विभिन्न यूजी (एनईपी) सेमेस्टर परीक्षाएं समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परिणाम प्रकाशित नहीं किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसर और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि यूजी सेमेस्टर-4 (सत्र 2023–27) की परीक्षा 9 मई से 26 मई 2026 तक हुई थी, लेकिन 69 दिन बीतने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। वहीं यूजी सेमेस्टर-6 (सत्र 2022–26) की परीक्षा 24 जून से 8 जुलाई तक संपन्न हुई, जिसका परिणाम भी अब तक लंबित है। इसके अलावा यूजी सेमेस्टर-3 (सत्र 2024–28) की प्रायोगिक परीक्षाएं शीघ्र आयोजित कर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करने और समयबद्ध तरीके से परिणाम प्रकाशित करने की मांग की गई।
डीएसडब्ल्यू को दिए गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने यूजी सत्र 2026–30 की नामांकन प्रक्रिया में छात्रहित से जुड़े मुद्दे उठाते हुए कहा कि जिन विषयों में अब भी सीटें रिक्त हैं, उनके लिए री-एप्लिकेशन पोर्टल खोला जाए। साथ ही जिन अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें नामांकन शुल्क जमा करने का एक और अवसर दिया जाए।
एनएसयूआई का कहना है कि बी.एस.के. महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण कई छात्र-छात्राएं सूचना के अभाव, इंटरनेट एवं तकनीकी समस्याओं तथा इंटरमीडिएट के मूल प्रमाण-पत्र समय पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। यदि उन्हें पुनः अवसर नहीं मिला तो उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा समाप्त होने के दो से तीन महीने बाद परिणाम जारी किए जाते हैं और तुरंत अगली परीक्षा आयोजित कर दी जाती है, जिससे छात्रों पर शैक्षणिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा लंबित परिणामों को जल्द जारी करने की मांग की।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष सत्यम कुमार यादव, कॉलेज सचिव वसीम अकरम, फारिकुल इस्लाम, अक्षय भगत, राजा यादव, पंकज कुमार, सरफराज अहमद, रबीउल इस्लाम सहित अन्य छात्र मौजूद थे।
रांची:। अखिल भारतीय सर्व कुम्हार राजनीतिक भागीदारी संघर्ष मोर्चा (राष्ट्रीय समिति) की ओर से संगठन को मजबूत बनाने और समाज की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई राष्ट्रीय समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में संगठन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 2 अगस्त 2026 से नई कार्यकारिणी प्रभावी होगी। इसमें राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर के विभिन्न पदों पर कुल 21 पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
संगठन की ओर से जारी सूची में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, संगठन सचिव, सह संगठन सचिव, कोषाध्यक्ष तथा अन्य प्रमुख पदों पर अलग-अलग जिलों के सक्रिय सदस्यों को मनोनीत किया गया है। नई समिति में रांची, गुमला, लोहरदगा, चतरा, गढ़वा, धनबाद, पलामू, गिरिडीह, बोकारो सहित कई जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे संगठन को राज्यभर में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नई कार्यकारिणी का मुख्य उद्देश्य सर्व कुम्हार समाज को संगठित करना, समाज के लोगों की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ना तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक अधिकारों के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट कर संगठन का विस्तार पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने समाज के सभी लोगों से संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील भी की।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि नई टीम के गठन से सर्व कुम्हार समाज की आवाज को राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर और अधिक मजबूती मिलेगी तथा समाज के अधिकारों और हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर इकाई के तत्वावधान में शनिवार को साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं तथा युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों का आक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं की भेंट चढ़ जाएं तो यह लाखों युवाओं के साथ अन्याय है।
सभा को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा, “JPSC एवं JSSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने छात्रों का विश्वास तोड़ा है। सरकार को तुरंत पूरे मामले की CBI जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। विद्यार्थी परिषद छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और अंतिम छात्र तक न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी।”
वहीं प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रजीत साह ने कहा, “झारखंड के लाखों युवा दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उम्मीदों को तोड़ देती हैं। ABVP की स्पष्ट मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए, दोषियों को कठोरतम सजा मिले तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। यदि सरकार छात्रों की जायज़ मांगों की अनदेखी करती है, तो विद्यार्थी परिषद पूरे राज्य में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।”
कार्यक्रम में प्रदेश छात्रा प्रमुख सुश्री निधि सिंह, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश मंडल, नगर सह मंत्री राजा वर्मा, रितेश कुमार, छोटू कुमार, ऋतुराज, शिवनाथ, नीरज, समीर, अविनाश सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं परिषद कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि JPSC-JSSC पेपर लीक का मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, साहिबगंज नगर द्वारा JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के विरोध में आज साहिबगंज महाविद्यालय के मुख्य गेट पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी अभ्यर्थियों ने भाग लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध अपना शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर कर यह संदेश दिया कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेंगे तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग पर एकजुट हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने की, जबकि प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नगर मंत्री चंदन कुमार गुप्ता ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों की कठिन मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी तथा जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती, तब तक परिषद का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए गंभीर आरोप केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच करानी चाहिए तथा दोषियों को कठोर दंड दिलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद सदैव विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी न्याय मिलने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी सात प्रमुख मांगें दोहराईं। परिषद ने JPSC एवं JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द कर पूरी प्रक्रिया की सीबीआई जांच कराने, उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पद समाप्त नहीं करने, पूरे प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर दंड दिलाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, निजी एजेंसियों एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने, भविष्य में पूर्णतः पारदर्शी एवं डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली लागू करने तथा नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री श्री बादल कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, अविनाश कुमार, आदित्य कुमार, मनीष कुमार, समीर, नीरज यादव, शिवम गुप्ता, सुमन कुमार, निधि सिंह, लक्ष्मी कुमारी, दीपिका कुमारी, पायल कुमारी,मौसमी कुमारी,रिया, प्रिया, खुशी, अंकिता सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अंत में परिषद ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो पूरे राज्य में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
रांची, 31 जुलाई: पूर्व मंत्री एवं झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक मुद्दों पर हल्ला-गुल्ला करने के बजाय झारखंड के छात्रों और युवाओं के हितों की भी आवाज उठाएं।
बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों से केंद्र सरकार ने झारखंड के एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्रों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की बड़ी राशि जारी नहीं की है। इसके कारण राज्य सरकार लाखों छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद संसद परिसर में जेपीएससी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि छात्रवृत्ति जैसी गंभीर समस्या पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। तिर्की ने दावा किया कि जेपीएससी अनियमितता मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
बंधु तिर्की ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित केंद्रीय मंत्री को कई बार पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, इसका असर झारखंड के करीब 32 लाख छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने छात्रवृत्ति से जुड़े आंकड़े भी जारी करते हुए कहा कि:
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): राज्य ने ₹45.91 करोड़ की मांग की, जबकि केंद्र से केवल ₹3.95 करोड़ मिले।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2024-25): ₹353.21 करोड़ की मांग के बदले ₹33.57 करोड़ जारी हुए।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (2025-26): ₹370.87 करोड़ की मांग के मुकाबले केवल ₹58.22 करोड़ स्वीकृत हुए।
आगे बंधु तिर्की ने कहा कि भाजपा सांसदों को केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर झारखंड के छात्रों के हित में केंद्र सरकार से जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता इन सभी तथ्यों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
रांची । सरना भवन, नगड़ाटोली, राँची में प्रस्तावित उलगुलान पदयात्रा को सफल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम सभा प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उलगुलान पदयात्रा दिनांक 05 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी) से प्रारंभ होगी तथा 08 अगस्त 2026 को भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल, कोकर (राँची) में संपन्न होगी।
यह पदयात्रा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी अस्मिता, संवैधानिक अधिकारों, पाँचवीं अनुसूची, PESA Act, CNT/SPT Act के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी भूमि, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
बैठक में राँची के नगड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित RIMS-2 निर्माण से संबंधित मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य के संबंध में उनकी आपत्तियों का समुचित समाधान नहीं किया गया तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों, विशेषकर सामाजिक प्रभाव आकलन, प्रभावित परिवारों की सुनवाई, उचित मुआवज़ा एवं पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आदिवासी भूमि के हस्तांतरण पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि RIMS-2 परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही सादा पट्टा, अवैध बंदोबस्ती, अवैध जमाबंदी एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किए गए भूमि हस्तांतरण की राज्यव्यापी जांच कर दोषी व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जब तक सभी विवादों का न्यायसंगत एवं विधिसम्मत समाधान नहीं हो जाता तथा लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बैठक में यह भी मांग की गई कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही सरकार से आग्रह किया गया कि प्रभावित ग्रामीणों के साथ तत्काल वार्ता कर उनकी शिकायतों का न्यायपूर्ण एवं विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में झारखंड के सभी ग्राम सभाओं, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से उलगुलान पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाने तथा जल, जंगल, जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के इस जनआंदोलन को मजबूत करने की अपील की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों में निरंजना टोप्पो, अजय उराँव, पूरन चन्द्र मुंडा (तमाड़), आशुतोष सिंह चेरो (पलामू), प्रदीप टोप्पो (सिमडेगा), बुद्धिजीवी श्री पी. सी. मुर्मू, राजेश लिंडा, राकेश बड़ाईक, बहा लिंडा, सविता कच्छप, मनोज केरकेट्टा, मंगला कुल्लू, शीला टोप्पो तथा आनंद टोप्पो उपस्थित रहे एवं अपने विचार व्यक्त किए।
पदयात्रा कार्यक्रम
- प्रारंभ: 05 अगस्त 2026
- प्रारंभ स्थल: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली, उलिहातू (जिला–खूँटी)
- समापन: 08 अगस्त 2026
- समापन स्थल: भगवान बिरसा मुंडा का समाधि स्थल, कोकर (राँची)
रांची । विद्यार्थियों को वैश्विक औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट द्वारा प्रतिष्ठित पार्ले-जी फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। "क्लासरूम से इंडस्ट्री तक, ज्ञान से अनुभव तक" थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और प्रोफेशनल कार्यसंस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बिस्किट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का गहन अध्ययन किया। कच्चे माल की गुणवत्ता जांच, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक बेकिंग तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट तथा वितरण व्यवस्था को नजदीक से देखा। फैक्ट्री के विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी प्रतिष्ठित ब्रांड की सफलता के पीछे गुणवत्ता, अनुशासन, नवाचार, तकनीकी दक्षता और ग्राहक विश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
इस अवसर पर पार्ले-जी प्लांट के निदेशक जगन्नाथ झा ने कहा कि उद्योगों को ऐसे युवा प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है, जिनके पास मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ व्यावहारिक समझ, समस्या समाधान की क्षमता और सकारात्मक कार्य दृष्टिकोण हो। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश, स्कूल ऑफ कॉमर्स एवं मैनेजमेंट की प्रमुख पूजा गुप्ता, डॉ. रंजीत कुमार, स्मिता सिन्हा, अनिमा एवं स्मृति सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उद्योगों में उपलब्ध करियर अवसरों एवं व्यावसायिक अपेक्षाओं की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने इस अवसर पर कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) ही भविष्य की आवश्यकता है। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची विद्यार्थियों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से युक्त सक्षम प्रोफेशनल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, विश्लेषणात्मक सोच और व्यावसायिक दृष्टिकोण का विकास करते हैं।
कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से विभिन्न राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, लाइव प्रोजेक्ट, विशेषज्ञ व्याख्यान और प्लेसमेंट गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उत्कृष्ट रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकें।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट प्रमुख अंकित प्रकाश ने कहा कि "Learning Beyond Classrooms, Experience Beyond Books" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का आधार है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना तथा उन्हें भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के साथ और भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे।
विद्यार्थियों ने इस औद्योगिक भ्रमण को अपने शैक्षणिक जीवन का अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें पुस्तकों में पढ़े गए प्रबंधन सिद्धांतों और वास्तविक औद्योगिक प्रक्रियाओं के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके भीतर उद्योग जगत में करियर बनाने के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसे व्यवहारिक अनुभव से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय उद्योग–अकादमिक सहयोग को निरंतर मजबूत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
रांची /मेहरमा। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने सोमवार को महागामा विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। इस क्रम में उन्होंने मेहरमा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सचिवालय अमौर में सीमानपुर, अमौर, लकड़मारा, डोय, धनकुड़िया एवं सुरनी पंचायतों के बी.एल.ए., ठाकुरगंगटी प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में सभी पंचायतों के बी.एल.ए. और महागामा के ऊर्जा नगर में नगर पंचायत क्षेत्र के बी.एल.ओ. के साथ अलग-अलग बैठक कर अभियान की प्रगति, बूथ स्तर पर चल रहे कार्यों और सामने आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत प्रत्येक नागरिक का मताधिकार है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से न हटे। उन्होंने सभी बी.एल.ए. एवं बूथ स्तर पर कार्य कर रहे साथियों से पूरी सजगता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र झारखंड की उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहाँ एसआईआर अभियान का कार्य बेहतर ढंग से आगे बढ़ रहा है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं, बी.एल.ए., एवं संगठन के साथियों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग आवश्यक है।
मंत्री ने बी.एल.ए. से अभियान के दौरान आ रही समस्याओं एवं चुनौतियों की जानकारी ली और कहा कि जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में लोगों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी पात्र मतदाता को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर अपील की प्रक्रिया भी पूरी की जा सके।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) प्रकाशित होने के बाद प्रत्येक बूथ का बी.एल.ए., सूची का गंभीरता से परीक्षण करे। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया हो या किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम न छूटे और किसी का नाम बिना उचित कारण के न हटे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।