रांची। नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 अंतर्गत आज दिनांक 02.02.2026 को रांची समाहरणालय एवं बुण्डू अनुमंडल कार्यालय में बनाये गये निर्वाची पदाधिकारियों के कक्ष से अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन दाखिल किया।
महापौर के लिए आज शून्य और सभी 53 वार्ड के लिए कुल 94 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन दाखिल किया, इनमें 65महिलाएं हैं।
महापौर के लिए अब तक 21 अभ्यर्थी नाम निर्देशन पत्र खरीद चुके हैं तथा किसी भी अभ्यर्थी ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। आज महापौर पद के लिए अन्तु तिर्की, अजय मुण्डा, सुरेन्द्र लिण्डा, सुजित विजय आनंद कुजूर और सेनेन डेजी सुरिन ने नाम निर्देशन पत्र खरीदे।
सभी 53 वार्डों में नामांकन दाखिल करने की संख्या निम्न है:-
वार्ड 1 - 00
वार्ड 2 - 02
वार्ड 3 - 05
वार्ड 4 - 06
वार्ड 5 - 04
वार्ड 6 - 03
वार्ड 7 - 01
वार्ड 8 - 00
वार्ड 9 - 03
वार्ड 10 - 01
वार्ड 11 - 01
वार्ड 12 - 01
वार्ड 13 - 02
वार्ड 14 - 02
वार्ड 15 - 00
वार्ड 16 - 01
वार्ड 17 - 02
वार्ड 18 - 03
वार्ड 19 - 00
वार्ड 20 - 00
वार्ड 21 - 01
वार्ड 22 - 00
वार्ड 23 - 03
वार्ड 24 - 02
वार्ड 25 - 01
वार्ड 26 - 01
वार्ड 27 - 01
वार्ड 28 - 02
वार्ड 29 - 02
वार्ड 30 - 03
वार्ड 31 - 02
वार्ड 32 - 06
वार्ड 33 - 02
वार्ड 34 - 05
वार्ड 35 - 01
वार्ड 36 - 01
वार्ड 37 - 01
वार्ड 38 - 00
वार्ड 39 - 00
वार्ड 40 - 02
वार्ड 41 - 01
वार्ड 42 - 04
वार्ड 43 - 00
वार्ड 44 - 01
वार्ड 45 - 03
वार्ड 46 - 03
वार्ड 47 - 00
वार्ड 48 - 01
वार्ड 49 - 03
वार्ड 50 - 04
वार्ड 51 - 00
वार्ड 52 - 01
वार्ड 53 - 00
*बुण्डू नगर पंचायत में वार्ड पार्षद के लिए नामांकन दाखिल करने की संख्या निम्न है:-*
वार्ड 1 - 01
वार्ड 2 - 00
वार्ड 3 - 01
वार्ड 4 - 00
वार्ड 5 - 02
वार्ड 6 - 00
वार्ड 7 - 00
वार्ड 8 - 02
वार्ड 9 - 00
वार्ड 10 - 00
वार्ड 11 - 03
वार्ड 12 - 02
वार्ड 13 - 00
तिनसुकिया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को असम के तिनसुकिया जिला में ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम द्वारा आयोजित "21वीं आदिवासी महासभा-2026" को संबोधित करते हुए कहा कि यहां आप सभी आदिवासी समुदाय के लोग जो लगभग डेढ़ सौ वर्षों से यहां रह रहे हैं उनसे रू-ब-रू होने का आज मुझे मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के वैसे सभी आदिवासी-मूलवासी समुदाय के जनमानस जो असम में रह कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं उनकी तकलीफों, उनपर हो रहे अत्याचारों और व्यथा को सुनने के लिए हम आज यहां आए हैं। हम लोग झारखंड से आए हैं, कहीं न कहीं आप सभी का जुड़ाव भी झारखंड से बहुत पुराना रहा है। झारखंड एक ऐसा प्रदेश है जब देश के लोग आजादी का सपना भी नहीं देखे थे, उस समय आजादी की लड़ाई हमारे पूर्वज अंग्रेजों के साथ लड़ रहे थे। देश की आजादी में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, तिलका मांझी सहित झारखंड के अनगिनत वीर सपूतों का अहम योगदान रहा है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर सपूतों ने पीढ़ियों को बचाने, जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया है। आदिवासी समाज के लोगों ने ही अंग्रेजों से सबसे पहले लोहा लेने का काम किया था।आखिर किस कारण से आज देश के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी समाज के लोग अपने हक-अधिकार की लड़ाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़ा वैसे वर्ग है जो समाज के सबसे कमजोर एवं नीचे पायदान में रहने वाले लोग हैं। ऐसी क्या परिस्थिति आ गई जो यहां के आदिवासी-मूलवासी अलग-थलग होकर बिखरने को मजबूर हुए हैं। कई जगहों पर आदिवासी समुदाय के लोग हाशिए पर रहकर अपना जीवन जी रहे हैं। इन विषयों पर गंभीर चिंतन की जरूरत है।मौके पर मुख्यमंत्री ने असम के कद्दावर आदिवासी नेता स्व० प्रदीप नाग एवं प्रसिद्ध गायक स्व० जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।
*राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचने का हुआ कार्य*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। देश में कई नीतियां-कानून बने। देश के संविधान से हमें रक्षा कवच मिला उसके बावजूद आज हम कहां खड़े हैं। आज हमारा समाज कितना संघर्ष कर रहा है यह बहुत बेहतर तरीके से आप सभी लोग जानते हैं। आज सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से आदिवासी समुदाय कमजोर है और इसी कमजोरी का फायदा बड़े एवं सामंती विचारधारा वाले लोग बहुत चालाकी से उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी आज हमारे बीच नहीं हैं, जब उन्होंने अलग राज्य की परिकल्पना की तो कुछ लोग मजाक उड़ाते थे कि आदिवासी लोग अलग राज्य बनाएंगे। आज सच्चाई पूरे देश के सामने हैं। वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य झारखंड बना। यह बात सही है कि उस समय क्या नारा लगता था, कैसे लेंगे झारखंड, लड़के लेंगे झारखंड। उस समय न मोबाइल, न गाड़ी, न मोटर उसके बावजूद झारखंड के लोग जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए चीटियों की तरह एकजुट हो जाते थे। राज्य अलग हुआ लेकिन इसका फायदा आदिवासी समुदाय को नहीं मिला। हम लोगों को तो राज्य लेना था, हमारे अग्रणी नेताओं ने सोचा कि राज्य अलग होगा तो यहां के आदिवासियों-मूलवासियों का विकास होगा। झारखंड राज्य अलग होने के बाद बौद्धिक रूप से मजबूत लोगों ने 15 वर्ष से ज्यादा समय तक झारखंड को पीछे धकेलने का काम किया, नतीजा यह हुआ कि राशन कार्ड लेकर लोग भात-भात-कहते हुए भूख से मरने को विवश हुए, फिर हमने प्रखंड-प्रखंड, गांव-गांव, टोला-टोला पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का काम किया फिर लोगों ने हमें राज्य की बागडोर संभालने का मौका दिया। राज्य का बागडोर संभालते ही हमने 5 साल के भीतर स्थिति को बदलने की कोशिश की और हमें सफलता भी मिली। वैसे गरीब, पीड़ित, शोषित, आदिवासी-मूलवासी समुदाय के लोग जो कभी जिला ऑफिस, प्रखंड कार्यालय नहीं देखे थे, बीडीओ, सीओ, डीसी, एसपी को नहीं जानते थे उनतक हमने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का काम किया है।
आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए कर रहे संघर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रहते हुए हमारे यहां के आदिवासी अपना हक-अधिकार, अपनी मान्यता के लिए संघर्षशील हैं। आज आदिवासियों के हितैषी बनने वाले लोग आदिवासियों को ही हाशिए पर रखने के लिए उतारू हैं। वे जानते हैं कि आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया तो वे अपनी हक-अधिकार, जल-जंगल-जमीन की बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा की जरूरत पड़ने पर आसाम में रहने वाले आदिवासियों की मदद करने के लिए पूरा झारखंड का आदिवासी समाज आगे आकर खड़ा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय की एकजुटता ही हमारी पहचान है। पहले दुनिया हमारी एकजुटता का लोहा मानती थी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी वर्ग-समुदाय के लोगों की एकजुटता देश को मजबूती प्रदान करती है, लेकिन पिछले कुछ समय से बौद्धिक और आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों ने हमारी एकजुटता पर प्रहार करने का काम किया है।
*राज्य में महिलाएं हुई सशक्त*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है। हमारी सरकार ने यह तय किया है कि इस राज्य ने बहुत कुछ दिया है अब इस राज्य के लोगों को वापस देने की जरूरत है। हमारे राज्य के संसाधन का सही मूल्य मिले इस पर हम बेहतर कार्यपद्धति से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के वार्षिक सम्मेलन में एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने अपनी ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज किया है। आज झारखंड ने वैश्विक पटल पर अपनी बातें पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य की आधी आबादी को आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने का काम कर दिखाया है। प्रत्येक माह राज्य की लगभग 55 लाख महिलाओं को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत उनके बैंक खाते में 2500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारे विकास मॉडल की कॉपी दूसरे राज्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि पिछले दो वर्षों से निरंतर यहां की महिलाओं को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के नौजवानों के लिए गए महत्वाकांक्षी स्कीम्स लागू किए हैं। यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लख रुपए तक का एजुकेशन लोन बिना कोई गारंटी के उपलब्ध कराई जा रही है।
इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक मो० ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा, ASSAA सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष रेजन होरो, उपाध्यक्ष डेविड तिर्की , अमरजीत केरकेट्टा, अल्बर्ट ओरिया सहित अन्य सदस्यगण, असम के कोने-कोने से बड़ी संख्या में पहुंचे महिला, पुरुष, नौजवान, बच्चे, बच्चियां सहित आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित थे।
रांची। श्री श्याम परिवार रांची द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री श्याम निशान अमृत महोत्सव 2026 दिनांक 1.02.2026 प्रातः 4:00 बजे श्री गणेश महाराज एवं सारे देवी देवताओं सहित प्रभु श्री श्याम के अध्यक्ष श्रवण जालान (सपरिवार) के द्वारा पूजन आरंभ किया गया प्रभु श्री श्याम की अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई भारत के विभिन्न कोनो से अनेकों तरह के रंग-बिरंगे फूलों से प्रभु श्री श्याम की मनमोहक श्रृंगार किया गया श्री श्याम परिवार रांची द्वारा विधिवत भजनों के साथ महेश सैन, मंटू जालान, विष्णु शर्मा, विशाल शर्मा, जयदीप राज आदि सभी ने श्री श्याम परिवार की तरफ से प्रभु गुणगान किया महाभोग, 56 भोग, खीर - चूरमा, तथा विभिन्न विभिन्न प्रकार के फलों एवं मेवों का भोग प्रभु को अर्पण किया।
प्रातः 8:00 बजे स स्वर श्री सुंदरकांड पाठ का आरंभ श्री सुरेश बजाज जी के द्वारा किया गया करीब 300 भक्तों ने श्री सुंदरकांड पाठ में भाग लिया तथा 4:00 बजे से स्थानीय धार्मिक संस्थाओं ने प्रभु श्री श्याम को अपने भजनों की भेंट प्रस्तुत कि, प्रभु की सवामणि का प्रसाद तकरीबन 2000 भक्तों ने प्राप्त किया श्री रानी सती मंडल, रांची ने प्रसाद खिलाने की जिम्मेवारी को बड़े ही सहजता पूर्वक निभाया।
किसके साथ ही शाम 4:00 बजे से सर्वप्रथम वाराणसी से श्री कृष्णा दाधीच ने सभी भक्तों को खूब झुमाया एवं आनंद दिलाया जिसमें श्याम भगवान की श्रृंगार, अरदास एवं उनकी महिमा का बखान किया गया। जिसमें उनके द्वारा गया गया भजन - कीर्तन में पधारो म्हारा श्याम धनी......... जो पांडव कुल अवतार बढ़ो अलबेलो है...... और खाटू को श्याम रंगीला रे...... आदि भजनों की प्रस्तुति दी तत्पश्चात भारत के सुप्रसिद्ध भजन प्रवाहक श्री संजय सैन जो कि सूरजगढ़ धाम राजस्थान के है उन्होंने अपनी प्रस्तुति प्रभु श्री श्याम और भक्तों के समक्ष रखी हम मेरे शीश के दानी का ..... सिद्ध श्री शुभ उपमा थान्न ....... खाटू को श्याम रंगीला रे खाटू को एसो तो रंगीला ......जैसे भजनों से प्रभु की महिमा का गुणगान करके भक्तों को खूब झुमाया। ग्वालियर मध्य प्रदेश से पधारी ज्योति पाल ने प्रभु के महिमा का गुणगान के साथ प्रभु को प्रसन्न करने के लिए धमाल फागुन तथा होली के भजनों से सारे भक्तों को तथा प्रभु को खूब झुमाया और पूरे माहौल को श्री श्याम मय हो गया है और फागुन के रंग में ऐसा रंगा की लगा की श्री श्याम हवेली दुर्गाबाड़ी, रांची आज खाटू धाम जैसा लग रहा है जिसमें उनकी प्रस्तुति श्री श्याम के दरबार मची रे होली..... हाथों में लेकर निशान चला रे.....
नैना नीचा करले श्याम से मिलावली क्यां ......
होली आई रे कन्हाई रंग बरसे....... आदि भजनों की प्रस्तुति से सारे भक्त खूब झूमे नाचे और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस श्री श्याम निशान अमृत महोत्सव 2026 में विश्व प्रसिद्ध खाटू धाम से विशेष रूप से पधारे महाराज शक्ति सिंह जी चौहान (अध्यक्ष श्री खाटू धाम, मंदिर कमेटी, राजस्थान) ने विशेष पूजा अर्चना की तथा सभी भक्तों को खूब आशीर्वाद दिया तथा मोर छड़ी का झाड़ा दिया।
मुख्य आकर्षक स्वरूप भजनों के मध्य इत्र की वर्षा तथा पुष्पों की होली का एक अनूठा कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया जिसमें सारे भक्तों ने नाचते झूमते हुए खूब आनंद लिया तत्पश्चात 101 वैवाहिक जोड़ों ने महा आरती में भाग लेकर प्रभु श्री श्याम की आरती की कथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अध्यक्ष श्रवण जालान ने बाहर से आमंत्रित सारी मंडल को सम्मानित किया । महोत्सव को सफल बनाने में मुख्य रूप से महामंत्री मंटू जालान, महोत्सव संयोजक पवन लोहिया, अशोक धानुका, महेश सैन, आतिश सिंह, अजय जालान, पवन शर्मा, कमल जालान (बंकट), जयदीप राज, राजेश अग्रवाल, पवन जालान, पवन लोहिया, अरविंद मंगल, मनोज अग्रवाल, मदन सोनी, विनय राज भाटिया, रमेश अग्रवाल, बालचंद जैन, गोपाल चांगल, पवन जालान, आशीष शर्मा (मोनू ),वरुण जालान, रजत जालान, अमित सोनी, शंभू अग्रवाल, नमन चांगल, रोहित चांगल, आदि सभी श्री श्याम परिवार के सदस्य का योगदान सराहनीय रहा।यह जानकारी प्रचार संयोजक अमित चौधरी ने दी
साहिबगंज। जिले के अंतर्गत पढ़ने वाले नगर निकाय चुनाव की घोषणा होने के साथ ही गुरुवार से पत्र विपत्र बिक्री विभागीय स्तर पर शुरू हो गया है इस क्रम में साहिबगंज जिला के समाहरणालय में अपर समाहर्ता ऑफिस के पास साहिबगंज नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए रसीद के साथ-साथ फॉर्म की बिक्री शुरू हो गई इस क्रम में अभ्यर्थियों ने नामांकन के लिए फार्म लेने के साथ-साथ अन्य आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर आवेदन को लिया इस क्रम में अध्यक्ष पद के लिए अशोक कुमार तुरी और रामनाथ पासवान उर्फ छोटू पासवान ने फार्म लिया वहीं वार्ड के लिए फार्म की बिक्री अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में क्रम संख्या 1 से 5,6 से 10, 11 से 15 ,16 से 20, 21 से 25 और 26 से 30 अलग-अलग पदाधिकारी के निगरानी में बिक्री के लिए रखी गई थी वार्ड के लिए फार्म का दर 500 निर्धारित किया गया था वही अध्यक्ष पद के लिए 2500 जमा करना अनिवार्य किया गया था।
रांची। झारखण्ड राज्य में उग्रवादी संगठन / संगठित अपराधिक गिरोह / अन्य अपराध पर झारखण्ड पुलिरा के द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उक्त राराहनीय कार्य हेतु गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा झारखण्ड पुलिस के कुल-12 पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को पुलिस पदक सम्मानित किया गया है। सम्मानित पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों का विस्तृत विवरणी निम्न प्रकार है:-
विशिष्ट सेवा के लिए पदक :-
1 सुधीर कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, झारखण्ड जगुआर, राची।
उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक :-
1. अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, रांची।
2 पटेल मयूर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन), पुलिस मुख्यालय, झाररखण्ड, रांची।
3. संजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, (जैप-01, राची)
4. हव0/927 श्री कृष्णा कुमार क्षेत्री (जैप-01, रांबी)
5 हव0/215 श्री अरुण कुमार ओझा (झारखण्ड जगुआर)
6. हव0/233 श्री मारकुस सुनवार (झारखण्ड जगुआर)
7. आरक्षी / 1674 श्री जयदेव प्रधान (जैप-01, रांची)
8. मा०आरक्षी / 329 श्रीमती जेनेट मार्गरेट लकड़ा (जैप-10, होटवार, रांची)
9. मा० आरक्षी /429 श्रीमती कुमुदिनी कुजूर (जैप-10, होटवार, राची)
10 आरक्षी / 1622 श्री सुफल ओड़ेया (झारखण्ड जगुआर)
11. आरक्षी/2773 श्री गो० वसीम अख्तर (झारखण्ड जगुआर) शामिल हैं
यूके/रांची। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ आयोजित बैठक में शामिल हुआ। आयोजित सभी बैठकों का मूल विषय झारखंड की प्राचीन मेगालिथ, मोनोलिथ विरासत का संरक्षण, पुनर्स्थापन (Conservation & Restoration), वैज्ञानिक प्रबंधन तथा वैश्विक मान्यता पर रहा।
ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रयास
बैठक में मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण, संरचनात्मक संरक्षण, परिदृश्य प्रबंधन, समुदाय की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप दीर्घकालिक संरक्षण रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि आदिवासी समुदायों से जीवंत रूप से जुड़ी इन ऐतिहासिक संरचनाओं को संरक्षित करते हुए यूनेस्को विश्व धरोहर सूची के लिए एक ठोस और विश्वसनीय प्रस्तुति कैसे तैयार की जाए।
इन संवादों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व, विरासत संरक्षण, इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाने तथा संस्थागत क्षमता निर्माण की दिशा में संभावित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की गई। राज्य सरकार इन विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी, जिससे झारखंड की मेगालिथिक विरासत का संरक्षण संरचनात्मक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक तीनों स्तरों पर सुदृढ़ हो सके।
आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके
इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य की अमूल्य मेगालिथिक/मोनोलिथिक विरासत के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं सतत प्रबंधन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विरासत को केवल एक पुरातात्विक धरोहर नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों की जीवंत सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखती है और इसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, सामुदायिक सहभागिता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जाएंगे।
प्रमुख बैठकें
Museum of London Archaeology (MOLA)
एंड्रयू हेंडरसन-श्वार्ट्ज़; डॉ. सारा पेरी (University College London), Wardell Armstrong / SLR Consulting डॉ. रोड्री गार्डनर, डॉ. लिंडसे लॉयड स्मिथ, जॉन ट्रेही, Simpson & Brown, सू व्हिटल, जॉन सैंडर्स, टॉम ऐडमैन, AECOM, नील मैकनैब, Wessex Archaeology, डॉ. स्टू ईव, मैट लीवर्स, Arup, ऑटिली थॉर्नहिल, सीनियर कंसल्टेंट।
रांची।जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित उत्तर मध्य क्षेत्र की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला 17-18 जनवरी को शगुन मैरेज लॉन, चिरौंदी, रांची में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।
कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय सत्येंद्र सिंह जी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री भगवान सहाय जी, जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत , राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. राजकिशोर हंसदा , राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्य नारायण सूरी , क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत एवं क्षेत्रीय संयोजक संदीप उराँव जी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा, भारत माता एवं बाबा कार्तिक उराँव की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन कर किया गया।
कार्यशाला का केंद्र बिंदु जनजाति समाज की सांस्कृतिक सुरक्षा, उसके ऐतिहासिक योगदान तथा D-Listing की संवैधानिक माँग रहा, जिस पर सभी सत्रों में गंभीर एवं विचारोत्तेजक विमर्श हुआ।
भगवान सहाय जी ने अपने संबोधन में कहा कि जनजाति समाज भारतीय इतिहास की मूल धारा रहा है, जिसने रामायण-महाभारत काल से लेकर मुग़ल, अंग्रेज़ी शासन और स्वतंत्रता संग्राम तक संघर्ष और बलिदान की परंपरा को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद संविधान में जनजातीय संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की रक्षा के लिए किए गए प्रावधान इसी ऐतिहासिक योगदान की स्वीकृति हैं। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक दृष्टिकोण, 10 जुलाई 1967 की संसदीय माँग तथा 17 नवम्बर 1969 की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए D-Listing आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को स्पष्ट किया।
सूर्य नारायण सूरी जी ने कहा कि अब जनजाति समाज को अपनी माँगों के साथ संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि D-Listing को लेकर गाँव-गाँव तक स्पष्ट संवाद, ग्राम सभाओं में प्रस्ताव, जनप्रतिनिधियों से संपर्क, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सांस्कृतिक माध्यमों से जनजागरण ही आंदोलन की वास्तविक ताकत बनेगा।
द्वितीय सत्र में गणेश राम भगत जी ने कहा कि D-Listing की माँग कोई नई नहीं है, किंतु इस प्रकार की कार्यशालाएँ संगठन और समाज में नई ऊर्जा का संचार करती हैं। उन्होंने आत्मीय संवाद और निरंतर संपर्क के माध्यम से इस विषय को जन-जन तक पहुँचाने पर बल देते हुए कहा कि संगठित प्रयास ही आंदोलन को निर्णायक दिशा देंगे।
डॉ. सत्येन्द्र सिंह जी ने जनजातियों से संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज सनातन परंपरा का अभिन्न अंग रहा है और उसकी धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना भारतीय सभ्यता की मूल आत्मा से गहराई से जुड़ी हुई है।
समापन सत्र में प्रफुल्ल आकांत जी ने कहा कि लंबे समय से जनजाति समाज को दिग्भ्रमित करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। आक्रमणों और औपनिवेशिक नीतियों के माध्यम से उसकी सांस्कृतिक विरासत को कमजोर किया गया तथा जनजातीय वीरों के बलिदानों को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने युवाओं को आंदोलन से जोड़ने और ग्राम स्तर को इसकी मजबूत नींव बताते हुए संगठित तैयारी का आह्वान किया।
डॉ. राजकिशोर हंसदा ने कहा कि जनजाति समाज का उत्थान उसकी सांस्कृतिक शक्ति और सामूहिक एकता से ही संभव है। उन्होंने 1970 के दशक में कार्तिक उराँव द्वारा चलाए गए D-Listing आंदोलन को स्मरण करते हुए कहा कि आने वाला समय जनजाति समाज के लिए निर्णायक है और संगठित चेतना ही वर्षों से हो रहे अन्याय का उत्तर दे सकती है।
कार्यशाला में उत्तर मध्य क्षेत्र के तीनों प्रांत, बिहार, संथाल एवं झारखंड, से लगभग 100 कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। विचार-विमर्श और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से आंदोलन की भावी रणनीति पर सहमति बनी।
कार्यशाला के अंत में यह सर्वसम्मत निष्कर्ष निकला कि जनजाति समाज को अपने स्वाभिमान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। गाँव से उठने वाली संगठित चेतना ही राजधानी तक प्रभावी स्वर में पहुँचेगी और भविष्य की दिशा तय करेगी।
कार्यशाला में मुख्य रूप से संदीप उराँव, सोमा उराँव, मेघा उराँव, कामेश्वर साहू, हिंदुआ ओराँव, दीनबन्धु सिंह, प्रदीप महतो, अंजली लकड़ा, आरती कुजूर, मेघा ओराँव, जगन्नाथ भगत, सन्नी टोपो अंजलि लकड़ा, सुनील उरांव , प्रदीप टोप्पो अजय सिंह भोक्ता व अन्य उपस्थित थे।
रांची। रांची नगर निगम वार्ड संख्या-31 से भावी प्रत्याशी अमृतेश पाठक ने प्रेसवार्ता कर वार्ड नंबर 31 को एक आदर्श वार्ड के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जिसमें सुरक्षा, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के अंतर्गत कुल 15 बिंदुओं पर कार्य किए जाने का संकल्प लिया गया है।योजना के अनुसार, वार्ड में महिला सभा और सोशल ऑडिट टीम का गठन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता समितियों का गठन भी किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने हेतु वार्ड के संवेदनशील स्थलों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और मोहल्ला सुरक्षा मित्र बनाए जाएंगे। वहीं, नशा और अपराध के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
वार्ड के सभी परिवारों का आर्थिक और सामाजिक सर्वेक्षण कर जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं जैसे – राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, आवास योजना, छात्रवृत्ति आदि का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वच्छता के क्षेत्र में प्रत्येक 25 से 30 घरों के बीच कूड़ेदान लगाने, नियमित कचरा उठाव, जलजमाव वाले स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने की योजना है। इसके साथ ही सड़कों, गलियों और नालियों के निर्माण व मरम्मत पर भी जोर दिया गया है।
जनसुविधाओं का होगा विस्तार
वार्ड में सामुदायिक भवन, विवाह मंडप, मीटिंग हॉल और 24x7 जनसुविधा केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही शुद्ध पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक शौचालय, पार्क, व्यायाम स्थल और बच्चों के लिए खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।सरकारी स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का भी प्रावधान किया गया है।
रांची। विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में पहली बार झारखण्ड की उपस्थिति कई मायनों में अहम है। झारखण्ड औद्योगिक क्षमता और इनफ़िनाइट ऑपर्च्युनिटी स्टेट का संदेश तो देगा ही साथ ही, यह भी स्पष्ट करेगा कि जब आधी आबादी नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, लोग अप्रत्याशित बदलावों का सामना करने वाले बनते हैं और विकास स्थायी होता है। कुछ ऐसा ही संदेश झारखण्ड की बेटी और झारखण्ड विधानसभा के महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन दावोस में आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में और यूनाइटेड किंगडम की अपनी यात्रा के दौरान वैश्विक मंच से देंगी। कल्पना सोरेन महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास से संबंधित कई उच्च स्तरीय मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर झारखण्ड की आधी आबादी के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और नेतृत्व कौशल का प्रमाण प्रस्तुत करेंगी। वे आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं की वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर साझा कर बतायेंगी कि ये वे समूह हैं जो अब झारखण्ड के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की वाहक बन रहीं हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार राज्य की महिलाओं के उत्थान के लिए कई कार्य कर रही है। उसी कड़ी में दावोस में कल्पना सोरेन महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व, आर्थिक भागीदारी और सभी को समान अवसर देने पर केंद्रित नीतिगत संवादों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से संबोधित करेंगी। इनमें महिला सशक्तिकरण पर ब्रिक्स पैनल, ईटी महिला सशक्तिकरण संवाद और एलायंस फॉर ग्लोबल गुड का 'वी लीड' मंच और भारत पवेलियन में आधिकारिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का महिला विकास के प्रति दृष्टिकोण कल्पना सोरेन इन वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करेंगी। वे बतायेंगी कि महिला विकास प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व पर आधारित नहीं है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण और संस्थागत शक्ति पर आधारित है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहीं महिलाएं
दावोस में दुनिया को बताया जाएगा कि झारखण्ड राज्य आजीविका संवर्धन समिति (JSLPS ) के माध्यम से राज्य में 35 लाख से अधिक महिलाएं दो लाख 80 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं हैं। हाल के वर्षों में इन महिलाओं के सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से ₹5000 करोड़ से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया है। ये महिलाएं अब किसान, उद्यमी, बैंकर, कारीगर और विभिन्न आजीविका की सृजनकर्ता के साथ सम्मानजनक जीवन यापन करने वाली हैं। हाल के वर्षों में लखपति दीदी, पलाश, जोहार, झिमडी (JICA समर्थित सूक्ष्म ड्रिप सिंचाई), अदिवा और आजीविका कैफे जैसे प्रमुख कार्यक्रमों ने हजारों महिलाओं को 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार करने में सक्षम बनाया है, जिससे झारखण्ड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महिलाएं अपने नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रहीं हैं। पलाश ब्रांड के उत्पाद अब झारखण्ड को खुदरा बाजार के साथ साथ वैश्विक बाजारों में जा रहे हैं, उम्मीद है 2026 तक इस ब्रांड के तहत 45 करोड़ रुपये तक कारोबार पहुंचने का अनुमान है। साथ ही, झारखण्ड सरकार की मंईयाँ सम्मान योजना के तहत हर वर्ष लाखों महिलाओं को मिल रही 17 हजार करोड़ रुपये की सम्मान राशि से महिलाएं युवा झारखण्ड को सशक्त बनाने में महती भूमिका निभा रहीं हैं।
यूके में शिक्षा और कौशल विकास के मुद्दों पर होगी चर्चा
दावोस बैठक के बाद कल्पना सोरेन अपनी यात्रा के अगले चरण में यूनाइटेड किंगडम में प्रस्तावित विभिन्न बैठक में भाग लेंगी। इसके तहत शिक्षा, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत पर राउंड टेबल चर्चाओं के साथ-साथ यूके सरकार के अधिकारियों और प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ बैठक में शामिल होंगी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ कल्पना सोरेन मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे झारखण्ड के युवाओं से मुलाकात करेंगी। आने वाले दिनों में ये गतिविधियाँ समावेशी विकास, महिला नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रति भारत-यूके की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगी।
रांची। 12 जनवरी 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवास के सभागार में रांची जिला अंतर्गत सभी स्तर के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई | उक्त बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा तथा संगठन के कार्यों की समीक्षा की गई| बैठक की अध्यक्षता पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन जी ने तथा संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय ने की | केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन जी के साथ-साथ बैठक में मुख्य रूप से केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, केंद्रीय सचिव अभिषेक प्रसाद "पिंटू", केंद्रीय सदस्य पवन जेडीया, अश्विनी शर्मा, अंतु तिर्की, समनूर मंसूरी, हेमलाल मेहता, रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के साथ नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, सुषमा वरदेवा, अंकिता वर्मा, रांची जिला संयोजक मंडली के सदस्य गण, रांची महानगर संयोजक मंडली के सदस्य गण, रांची जिला अंतर्गत सभी प्रखंड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव तथा रांची महानगर अंतर्गत सभी वार्ड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल हुए |
साहेबगंज । रविवार 11 जनवरी 2026 को भारतीय वैश्य महासभा की ओर से साहिबगंज पहाड़ की चोटी पर अवस्थित पहाड़िया गांव करम पहाड़, बेतौना पहाड़ एवं देव पहाड़ में गरीब आदिवासी पहाड़िया समाज के लोगों के बीच गर्म वस्त्र जैसे स्वेटर, जैकेट, शाल, बच्चों के लिए ऊनी टोपी, बिस्कुट, चाकलेट एवं अन्य सामग्री का वितरण किया गया. इस अवसर पर भारतीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा कि भारतीय वैश्य महासभा प्रत्येक वर्ष गर्म कपड़े वितरण कार्यक्रम के लिए साहिबगंज से सुदूर ऐसे स्थानों पर गर्म वस्त्रों का वितरण करती हैं, जहां कोई नहीं पहुंच पाता. करम पहाड़, बतौना पहाड़ साहिबगंज पहाड़ियों की चोटी पर अवस्थित छोटे-छोटे गांव हैं. दुर्गम रास्तों के कारण यहां पहुंचने में काफी कठिनाई होती है. हम लोग आगे भी ऐसे ही स्थानों पर पहुंचेंगे जहां लोग नहीं पहुंच पाते हों. इस कार्यक्रम में भारतीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष नरेश कुमार उर्फ बंटी, जिला सचिव श्रवण कुमार मोदी, जिला महासचिव बासुकीनाथ साह, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनुराग राहुल, विजय कुमार गुप्ता, अमित कुमार, रोहित कुमार, चेतन राज, अभिषेक गुप्ता, प्रणव कुमार, अजीत कुमार, अभिषेक कुमार मोदी एवं अमित कुमार साह तथा करम पहाड़ के गांव प्रधान प्रेम कुमार माल्टो मुख्य रूप से उपस्थित थे।
रांची। देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी किसी परिचय का मोहताज नहीं थे बावजूद केंद्र सरकार ने 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम गजट नोटिफिकेशन करके उन्हें सम्मान देने का काम किया, संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की।मामले में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सचिव सह प्रवक्ता मो बारीक ने कहा कि राज्य के निर्माता झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राज्य सरकार से मांग की है कि जाति, पार्टी ,धर्म की भावनाओं से ऊपर उठकर
उनके जयंती 11 जनवरी को गजट नोटिफिकेशन कर झारखंड आंदोलनकारी का सर्वोच्च सम्मान देकर आंदोलनकारियों को गौरवान्वित करें.झारखंड राज्य के सरकार के लिए यह उत्कृष्ट व सर्वोच्च सम्मान देने का कार्य है, प्राथमिकता के साथ गुरु जी के राज्य सरकार गजट नोटिफिकेशन कर सम्मान देने का काम करें गुरुजी के सम्मान देने के पश्चात थी उनकी जन्म जयंती मनाई जाने से एक अच्छा मिसाल एवं देश और दुनिया के समक्ष एक बेहतर संदेश जाएगा. मो बारीक आज एक प्रेस बयान जारी करते हुए अबुआ सरकार से उक्त मांगे की है.
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन देश और दुनिया के अंदर आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है. झारखंड के एक-एक झारखंड आंदोलनकारी झारखंडी जनमानस के दिलों में राज करते हैं. वर्ष 1973 एवं उससे भी पूर्व उनके संघर्ष का इतिहास महाजनी प्रथा के खिलाफ से लेकर झारखंड अलग राज्य के आंदोलन तक एक दस्तावेजी प्रमाण हैं. देश और दुनिया के में सम्मान पाने के बावजूद अगर किसी को अपने ही घर में सम्मान नहीं मिलता है तो पीड़ा होती है. देश के महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी किसी परिचय का मोहताज नहीं थे बावजूद केंद्र सरकार ने 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम गजट नोटिफिकेशन करके उन्हें सम्मान देने का काम किया, संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भी झारखंड की अबुआ सरकार गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत गजट नोटिफिकेशन कर पूर्ण सम्मान दे, तदपश्चात ही 11 जनवरी 2026 को उनकी जयंती श्रद्धापूर्वक धूमधाम से मनाई जाए. झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान से ही संपूर्ण झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान है.
बरहेट। शुक्रवार को प्रखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर,बरहेट में किया गया जिसका उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू व विशिष्ट अतिथि प्रखण्ड प्रमुख बर्नाड मरांडी,झामुमो जिला प्रवक्ता राजाराम मरांडी,प्रखण्ड सचिव मुजीबुर्रहमान एवं बरहेट बाजार मुखिया बेनीफ्रेड मुर्मू ने संयुक्त रूप द्वीप प्रज्वलित कर किया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा गुलदस्ता भेंट कर व माला पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया गया. जिप अध्यक्ष मोनिका किस्कू ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड सरकार के निदेशानुसार 6 से 10 जनवरी के बीच झारखण्ड के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जा रहा है और आज इसी कड़ी में बरहेट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह मेला लगाया गया है। उन्होंने सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य मेला का आयोजन कराना झारखंड सरकार का एक महत्वपूर्ण पहल है। झारखण्ड के हर एक पंचायत में जिस तरह से जनता दरबार का आयोजन कर इस क्षेत्र के स्थानीय माननीय विधायक व सूबे के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपनी योजनाओं का लाभ आमजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। इसी तर्ज पर स्वास्थ्य मेले के माध्यम से सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आमजनों तक कैसे पहुंचे इसके लिए भी वो प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आमजनों से सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का भरपूर लाभ लेने हेतु अपील किया। मौके पर अस्पताल प्रभारी डॉ०पंकज कुमार,डॉ० संतोष टुडू,झामुमो प्रखण्ड उपाध्यक्ष लखीराम हेंब्रम,अस्पताल बीपीएम प्रियरंजन कुमार, अकाउंटेंट चंदन कुमार,समदा सोरेन,जीसू मरांडी व अन्य मौजूद थे।
साहेबगंज। भारतीय जनता पार्टी साहेबगंज जिला को नया नेतृत्व मिल गया है। पार्टी के सक्रिय एवं युवा कार्यकर्ता गौतम यादव को निर्विरोध रूप से भाजपा साहेबगंज जिला अध्यक्ष चुना गया। उनके चयन पर जिले के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष गौतम यादव ने कहा कि संगठन ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करूंगा। मेरे जैसे सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए मैं प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष श्री आदित्य साहू, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री कर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र तथा अपने अभिभावक एवं पूर्व विधायक श्री अनन्त ओझा जी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवाओं को राजनीति में आगे आने का जो आह्वान किया गया था, उसी का परिणाम है कि आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने एक युवा कार्यकर्ता को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
ज्ञात हो कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा साहेबगंज जिला अध्यक्ष चयन हेतु 9 जनवरी को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव जजवाड़े को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को जिला महामंत्री श्री गौतम यादव ने जिला भाजपा कार्यालय में चुनाव अधिकारी श्री संजीव जजवाड़े के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया।जिला अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र नामांकन होने के कारण 9 जनवरी को उन्हें निर्विरोध भाजपा साहेबगंज जिला अध्यक्ष घोषित किया गया।इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष विनोद चौधरी के नेतृत्व में जिला कार्यालय में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष गौतम यादव का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री बजरंगी यादव, जिला उपाध्यक्ष रामानंद साह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गणेश तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष उज्ज्वल मंडल, प्रदीप अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष श्री चन्द्रभान शर्मा, राजेश मंडल, गरिमा साह, धर्मेन्द्र मंडल, ललिता पासवान, चौकीदार हासदा, मनोज यादव, चांदनी देवी,जयप्रकाश सिन्हा, शिव शंकर यादव, शलखु सोरेन सहित जिले के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाजपा नेता श्री प्रेमनाथ मंडल उर्फ मनटा मंडल ने कहा कि युवा गौतम यादव के रूप में भाजपा साहेबगंज जिला को ऊर्जावान नेतृत्व मिला है और उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। नगर अध्यक्ष श्री विनोद चौधरी ने कहा कि सभी कार्यकर्ता मिलकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे तथा आने वाले नगर निकाय चुनाव सहित सभी आगामी चुनावों में भाजपा को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत से कार्य करेंगे। उल्लेखनीय है कि नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष गौतम यादव इससे पूर्व भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री, भाजपा जिला मंत्री एवं भाजपा जिला महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर संगठनात्मक दायित्व निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को जिला से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। राज्य सरकार की विफलताओं और जिले की आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सह झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष सोमा उराँव ने प्रेस बयान जारी कर प्रशासन से मांग की है कि सामाजिक कार्यकर्ता पड़हा राजा सोमा मुंडा की निर्मम हत्या कि आलोचना/ घोर निंदा करते हुए हत्या करने वाले दोषियों को अभिलंब गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए।
मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी से पूछना चाहता हूं कि जब से आपकी सरकार, गठबंधन की सरकार अभी बनी है और इससे पूर्व सब मिलकर जब से आपकी सरकार बनी है, तब से आदिवासी/ जनजाति महिला एवं बच्चे, का शोषण और बलात्कार हो रहा है अत्यधिक मात्रा में। साथ ही साथ समाज के अगुवागनों को, जो सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर के हिस्सा लेते हैं वैसे सामाजिक भाइयों को चुन चुन के मारा जा रहा है। आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए आदिवासी महिलाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का ही बलात्कार एवं हत्या हो रही है आखिर ऐसा क्यों ?।
झारखंड की आदिवासी/ जनजाति समाज माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जानना चाहती है कि आने वाले 4 वर्षों में और कितने आदिवासी महिलाओं का बलात्कार होगा साथ ही साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं का कितनों की हत्या होगी। प्रेस और प्रिंट मीडिया के माध्यम से सूची जारी करें। आपकी सरकार में विधि व्यवस्था बिल्कुल चौपट, माताएं बहने बिल्कुल ही असुरक्षित महसूस कर रही हैं, आखिरकार इन सबों में कब सुधार होगा जनता को बताएं ?।सोमा मुंडा की हत्या करने वाले दोषियों को 24 घंटा के अंदर गिरफ्तार कर चौक चौराहे पर फांसी लटका दी जाए ताकि इस प्रकार की पुनरावृत्ति ना हो और आप सही में आदिवासियों का हितैषी है इसका प्रमाण भी मिल जाएगा नहीं तो आप आदिवासियों का अहितेषी हैं।
रांची। अखिल भारतीय रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा संचालन समिति के द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया मामले में जानकारी देते हुए बताया गया ,रोहतासगढ़ किला रोहतास (बिहार) जिला में अवस्थित है। मान्यता है, इतिहास साक्षी है, रोहतासगढ़ जनजाति समाज के पूर्वजों का प्राचीन धरोहर है। यहाँ मुगल आक्रमणकारियों के पूर्व उराँव, खरवार और चेरो जनजाति राजाओं का एक समय में साम्राज्य हुआ करता था जिसमें उराँव राजा के शासन काल को स्वर्णकाल भी माना गया। उराँव समाज के पूर्वज यहीं के थे अर्थात् समाज के मान्यताओं के अनुसार उराँव” का उद्भव यही से हुआ है। “उरगन ठाकुर उराँव राजा, यहाँ के राजा थे। राजा हरिषचन्द्र एवं उनके सुपुत्र रोहिताष्व को भी उराँव’ समाज ने अपना पूर्वज मानता है। कालातंर में रोहतासगढ़ किला, मुगल पठान व अंग्रेज शासकों के अधीन में चला गया। उराँव’’ वीरांगना सिनगी दई-कैली दई के नेतृत्व में मुगल पठानों के बीच तीन-तीन बार युद्ध विजय के पश्चात् उराँव समाज अपने पूर्वजों के धरोहर रोहतासगढ़ से पलायन कर गये और इसीलिए उराँव समाज में महिलाओं के चेहरों मे तीन लकीर गोदना की परम्परा प्रारंभ यहीं से हुई। जनी षिकार’’ की कथा और गीत आज भी गायी जाती है। जनी षिकार’’ हर बारह साल में महिलाएं-पुरूष वेष धारण कर जनी षिकार’ उत्सव मनाती है।
जनजाति समाज महादेव को अपना बड़ा देवता और भगवान मानते हैं, पार्वती माँ को देवी के रूप में आराधना व उनकी पूजा की जाती है। विशेषकर उराँव समाज में पूजन-अर्चन व्यवहार में है। और उन्हें धार्मिक गुरू भी मानते हैं। रोहतासगढ़’’ में महादेव-पार्वती का मन्दिर आज भी विराजमान है। रोहतासगढ़’’ के भव्य परिसर में करम’’ वृक्ष देवता के रूप में विद्यमान है। जनजाति समाज करम पर्व परम्परागत रूप में आज भी अपने गाँव में मनाते हैं। रोहतासगढ़ में करम देवता की भी पूजा की जाती है। जनजाति समाज रोहतासगढ़’’ को पूर्वजों का प्राचीन धरोहर सिर्फ मानते ही नही बल्कि अपना श्रद्धा स्थान व देव स्थान मानते हैं। अपने समाज के लोक कल्याण के निमित वहाँ की पवित्र धरती रोहतासगढ़ का नाम स्मरण करते हैं, यही समाज की मूल मान्यता है।
‘‘रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा का उदेष्य’’ - सन् 2006 से श्रद्धेय जगदेवराम उराँव पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, कल्याण आश्रम जषपुर के प्रेरणा से रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा प्रारंभ हुआ है, जो आज तक चल रहा है और अब सामाजिक-धार्मिक अभियान यात्रा बन चुका है। जनजाति समाज अपने पूर्वजों के देव-धारा रोहतासगढ़ प्राचीन धरोहर का दर्षन-पूजन कर पूण्य के भागी बनें और अपने पूर्वजों की अस्मिता-अस्तित्व को स्मरण कर हर तीर्थ यात्री का स्वाभिमान का भाव जागरण हो तथा अपने समाज, अपनी संस्कृति-परम्परा-पहचान, तीज-त्यौहार की रक्षा, समाज संगठित होकर कर सके। युगों-युगों तक भावी पीढ़ी भी रोहतासगढ़ की महिमा का गुणगान करता रहे। रोहतासगढ़ किला एक राष्ट्रीय स्मारक मात्र न होकर विष्व विख्यात पर्यटक स्थल हो, इसका सम्पूर्ण संरक्षण-संवर्द्धन हो एवं पठारी क्षेत्र के समाज में रोटी-कपड़ा-मकान जैसी सुविधाओं का पूर्ण विकास की शासकीय योजना बने, यह आवाज जन-जन की बने। इसीलिए हर साल माघी पूर्णिमा के पवित्र दिन में रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा का आयोजन होता है। सड़क, बिजली, षिक्षा की सुविधा गांव-गांव में पहुँच रही है। यातायात सुगम होता जा रहा है। यह यात्रा की ही उपलब्धी हम मानते हैं।
20वाँ रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा- आगामी महीना माघी पूर्णिमा (रविवार) 1 फरवरी 2026 को 20वाॅ रोहतासगढ़ तीर्थ यात्रा महोत्सव का आयोजन रोहतासगढ़ के भव्य प्रांगन में होने जा रहा है। देष के 10 राज्यों से एवं देष के कोने-कोने से 5,000 तीर्थ यात्रीगणों का 31 जनवरी 2026 को सायं के पूर्व सरस्वती षिषु विद्या मंदिर तिलैथू प्रांगन में होने जा रहा है और दूसरे दिन 1 फरवरी 2026 (दिन-रविवार) को सभी तीर्थ यात्री रोहतासगढ़ तीर्थ धाम का दर्षन महादेव-पार्वती-करम वृक्ष देवता का पूजन-अर्चन हेतु प्रस्थान करेंगे और रोहतासगढ़ तीर्थ महोत्सव में भाग लेकर उसे सफल करेंगे। इस प्रेसवार्ता में संदीप उरांव, मेघा उरांव, सोमा उरांव, अंजली लकड़ा, सन्नी टोप्पो, हिन्दुवा उरांव, जगरनाथ भगत, आरती कुजूर, साजन मुंडा, कैलाश मंडा, बिसू उरांव, प्रदीप लकड़ा, नकुल तिर्की, दुर्गा उरांव, प्रदीप टोप्पो इत्यादि उपस्थित रहे।
रांची। केन्द्रीय सरना समिति के द्वारा आयोजित 3 जनवरी से मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर फुटबॉल प्रतियोगिता शुभारंभ हुआ। इस खेल का आयोजन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान में हुआ ।केन्द्रीय सरना समिति द्वारा आयोजित मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य सभा सांसद डॉ प्रदीप वर्मा के द्वारा शुभारंभ की गई। विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय सरना समिति अध्यक्ष अजय तिर्की, बैंक ऑफ इंडिया सोसाइटी के सचिव, समाजसेवी संजय कुमार राय, बैंक ऑफ़ इंडिया का ब्रांच मैनेजर मनीष कुमार, समाजसेवी शंकर दुबे, आदि उपस्थित हुए। आज का पहला मैच मरंग बुरू एवं बरियातू राजा स्पोर्ट्स क्लब साथ मुकाबला हुआ। जिसमें विजेता बरियातू राजा स्पोर्ट्स क्लब विजेता हुआ।दूसरा मैच बंध गाड़ी फुटबॉल क्लब के साथ एन एच 33 फुटबॉल क्लब के साथ हुआ। जिसमें विजेता एन एच 33 फुटबॉल क्लब विजेता हुआ। दोनों विजेता टीम के साथ मुकाबला हुआ जिसमें प्लेंटी में बरियातू राजा स्पोर्ट्स से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में पहुंच।कल दिनांक 5/1/2026 को पहला मैच अभिमन्यु मुंडा फुटबॉल क्लब नामकुम के साथ मुंडा राजा ब्रदर्स के बीच मुकाबला होगा। दूसरा मैच पहन ब्रदर्स और आदर्श ब्रदर्स टेंडर रातू के बीच मुकाबला होगा।आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा, मुख्य पहान श्री जगलाल पहान,प्रधान महासचिव अशोक मुंडा महासचिव महादेव टोप्पो अमर टोप्पो शशि टोप्पो शंभू टोप्पो सागर राणा संदीप मंडल मुन्ना हेंब्रम रवि सागर पवन लोहार राजीव रंजन सुनील केरकेट्टा रमेश उरांव,शोभा कच्छप किरण तिर्की मुकेश मुंडा संतोष मुंडा आशीष मुंडा महादेव मुंडा आदि उपस्थित थे।
रांची। केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय कार्यालय 13 आर आई टी बिल्डिंग कचहरी परिषद रांची में पेसा नियमावली को लेकर अहम बैठक रखी गई बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने किया बैठक में पेसा नियमावली को लेकर विचार-विमर्श किया गया केंद्रीय सरना समिति केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि पेसा कानून पेसा नियमावली में झारखंड सरकार आदिवासियों को छलने का काम किया है जी पीआर ए 2001 नियमावली जो राज्य सरकार का कानून है उसको पेसा के साथ जोड़ दिया गया है जो की बिल्कुल अनुचित है पेसा नियमावली हुबहु 1996 भूरिया कमेटी द्वारा जो नियमावली बनाए गए थे वे ही रूढ़िवादी परंपरा संस्कृति के अधीन थे पंचायत विस्तार अधिनियम 2001 के अनुसार मुखिया सरपंच जिला परिषद जैसे पदों पर निर्वाचन के द्वारा किया जाना है जबकि रूढ़िवादी प्रथा में सर्व सहमति की जरूरत पड़ती है ऐसे में सिर्फ राजनीतिक के लिए पेसा कानून लागू किया है मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा बिमल कच्छप प्रमोद एक्का सोहन कच्छप पंचम तिर्की एवं अन्य शामिल थे
खरसावां। झारखंड की मिट्टी शहादत की गाथाओं से भरी है। जितना समृद्ध इतिहास हमारे राज्य का है, उतना किसी अन्य प्रदेश का नहीं।” अनगिनत लोगों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी अस्मिता के लिए अपनी जानें न्योछावर कीं। “हम लड़े हैं, तभी बचे हैं। हमारे वीर सपूतों ने कभी हार नहीं मानी।” उक्त बातें खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर आज सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित शहीद पार्क में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहीं। मौके पर मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक (शहीद बेदी) तथा वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अमर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गगराई, विधायक सुखराम उरांव, विधायक सविता महतो, विधायक जगत मांझी तथा पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर खरसावां के अमर वीरों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
*_खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों को सम्मानित करने हेतु विशेष आयोग का होगा गठन_*
झारखंड की धरती शौर्य और बलिदान की प्रतीक रही है। इस मिट्टी की हर कण में आदिवासियों और मूलनिवासियों के संघर्ष की गाथा समाई हुई है। इसी गौरवशाली परंपरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है कि खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में निर्णायक कदम की घोषणा करते हुए कहा कि एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा, जिसमें रिटायर्ड जज, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। यह आयोग सभी दस्तावेजों, ऐतिहासिक अभिलेखों और स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन परिवारों को उचित सम्मान, मान्यता और आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करते हुए कहा, “हमारा यह नैतिक दायित्व है कि जिनकी कुर्बानी से झारखंड की अस्मिता और स्वतंत्र पहचान बची, उनके वंशजों को गर्व और सम्मान के साथ जीने का अवसर मिले।” उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष तक सभी शहीद परिवारों की शिनाख्त कर समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहल केवल श्रद्धांजलि मात्र नहीं, बल्कि एक इतिहास-संरक्षण अभियान है। इस अभियान से युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान की जानकारी मिलेगी तथा उनमें राज्य के प्रति आत्मसम्मान की भावना प्रबल होगी। राज्य सरकार ने पहले भी स्वतंत्रता सेनानियों, आंदोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। अब खरसावां के वीरों के प्रति यह संवेदनशील कदम झारखंड की पहचान को और सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “हमारा संघर्ष जीवित रहेगा, जब तक हर शहीद के परिवार को उसका सम्मान नहीं मिल जाता। यही हमारे राज्य की असली दिशा और पहचान है।”
*_आदिवासियों की अस्मिता के रक्षक, हमारे पथप्रदर्शक बाबा शिबू सोरेन को विनम्र नमन_*
मुख्यमंत्री ने कहा — “आज हमारे बीच झारखंड आंदोलन के दिशा-निर्देशक, हमारे बाबा, हमारे पथप्रदर्शक गुरुजी शिबू सोरेन नहीं हैं। हमने एक ऐसा वृक्ष खो दिया जिसकी छांव में राज्य के आदिवासियों और मूलवासी समाज ने अपना मार्ग पाया। गुरुजी हमारे लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेंगे।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि झारखंड के हर आंदोलनकारी, हर आदिवासी, हर ग्रामीण के दिल में गुरुजी का स्थान अमिट है। उन्होंने झारखंड की राजनीति में मानवीयता, सरलता और संघर्षशीलता की मिसाल कायम की। “गुरुजी केवल एक व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा हैं — जो न्याय, समानता और आत्मसम्मान की राह दिखाती है।” उन्होंने आगे कहा कि गुरुजी के सान्निध्य में झारखंड के आदिवासी समाज ने अपनी पहचान को पहचाना और उसे संविधान के दायरे में दर्ज कराया। हमने उनका मार्गदर्शन हमेशा अपने लिए ऊर्जा की तरह महसूस किया। उनका संघर्ष ही हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। गुरुजी अब हमारे बीच भले नहीं हैं, लेकिन उनकी छांव, उनका आशीर्वाद और उनका मार्गदर्शन हमेशा रहेगा।
*_पेसा कानून से सशक्त होगा ग्राम स्वराज_*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड में पेसा कानून को लागू कर दिया है, जिससे अब ग्रामसभा और ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि “यह कानून हमारे जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का आधार है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने संसाधनों पर स्वयं निर्णय ले सकेंगे और स्वशासन की भावना सशक्त होगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का प्रयास रहेगा कि पेसा अधिनियम से संबंधित जानकारी प्रत्येक गांव तक पहुंचे। इसके लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि हर ग्रामीण अपने अधिकारों को जान सके और उनका उपयोग कर सके। उन्होंने कहा कि पेसा कानून हमारे पूर्वजों के संघर्ष और अधिकार भावना का प्रतीक है, जो ग्राम स्वराज के वास्तविक स्वरूप को साकार करेगा।
*_झारखंड का 25वां वर्ष, नए विकास और सशक्तिकरण का प्रतीक_*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य को बने 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और अब यह युवा झारखंड विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाए। ”मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है, क्योंकि “एक शिक्षित पीढ़ी ही मजबूत राज्य की नींव होती है।” उन्होंने बताया कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र 15 लाख रुपये तक का ऋण 4% ब्याज दर पर लेकर पढ़ाई कर सकते हैं, जिसकी वापसी नौकरी लगने के बाद ही करनी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताते हुए कहा कि इससे राज्य की बेटियां शिक्षित, आत्मनिर्भर और समाज में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलकर झारखंड के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
*_इस अवसर पर मंत्री श्री दीपक बिरुवा, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक श्री दशरथ गगराई, विधायक श्री सुखराम उरांव, विधायक श्री समीर मोहंती, विधायक श्रीमती सविता महतो, विधायक श्री जगत मांझी एवं पूर्व विधायक श्री लक्ष्मण टुडू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सभी विभागों के पदाधिकारी तथा हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने उपस्थित होकर शहीदों को नमन किया।
रांची। आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पर झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी फोटो डाली है, जिसमें वह जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड के ग्राम धनजोरी में आयोजित एक कार्यक्रम में बिना हेलमेट स्कूटी चला रहे हैं। उनके पीछे जिप सदस्य दीपिका बेसरा बैठी नजर आ रही हैं।
प्रवीन प्रभाकर ने तंज कसा है कि कुछ दिनों पूर्व ट्रैफिक नियम भंग करने पर मंत्री पुत्र का चालान कटा था। तो फिर मंत्री पिता पीछे कैसे रहे।
प्रवीन प्रभाकर ने कहा है कि मंत्री इरफान अंसारी ने अपने पुत्र का चालान कटने के बाद भी सबक नहीं सीखा है। नियम कानून की धज्जियां उड़ाने में अपनी शान समझते हैं। श्री प्रभाकर ने कहा कि इरफान अंसारी कंबल बांटने में भी अपनी अकड़ दिखाते हैं और फेंक फेंक कर कंबल बांटते हैं।
प्रभाकर ने कहा कि जामताड़ा जिला प्रशासन को तत्काल इसपर संज्ञान लेना चाहिए और मंत्री जी का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त करना चाहिए, ताकि समाज में सही संदेश जाए।
रांची। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीमती तदाशा मिश्रा ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डीजीपी तादाशा मिश्रा को पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नियुक्ति एवं पदस्थापन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
रांची। एचईसी (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) में सप्लाई कर्मियों से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इसके पीछे प्रबंधन, खासकर एचईसी निदेशक की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। समय रहते जरूरी निर्णय नहीं लिए जाने के कारण सैकड़ों सप्लाई कर्मियों का भविष्य अधर में लटक गया है। एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमा शंकर का कहना है कि जानबूझकर टेंडर प्रक्रिया में देरी की गई ताकि जिम्मेदार अधिकारी अपनी कमियों को छिपा सके । चर्चा है कि इसी उद्देश्य से वर्करों को जानबूझकर आंदोलन की राह पर धकेला जा रहा है, ताकि सारा ठीकरा मजदूरों के सिर फोड़ा जा सके और असली जिम्मेदारी से बचा जा सके।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब टेंडर प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सकती थी, तो फिर इसे क्यों लटकाया गया? क्या यह महज प्रशासनिक चूक है या फिर किसी बड़े खेल की तैयारी? मजदूर संघ के महामंत्री का यह भी कहना है कि यदि निदेशक स्तर पर ईमानदारी से पहल होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। वर्करों का कहना है कि वे मजबूरी में आंदोलन की राह चुनने को विवश हैं। रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एचईसी प्रबंधन मजदूरों को ढाल बनाकर अपनी नाकामी छिपाना चाहता है?
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च स्तर से कब हस्तक्षेप होगा और क्या टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कर सप्लाई कर्मियों को राहत दी जाएगी, या फिर एचईसी में यह संकट और गहराता जाएगा।
रांची। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) झारखंड का 26वां प्रदेश अधिवेशन गढ़वा में अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रदेश अधिवेशन में झारखंड के सभी जिलों से लगभग 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की, जबकि साहिबगंज जिले से करीब 45 कार्यकर्ता एवं छात्र प्रतिनिधि अधिवेशन में शामिल हुए। अधिवेशन के दौरान छात्रहित, शिक्षा, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा संगठन को भविष्य की दिशा देने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रदेश अधिवेशन के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें साहिबगंज एवं राजमहल क्षेत्र के कई कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। इनमें साहिबगंज के श्री इन्द्रोजीत साह को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक, कुमारी निधि सिंह को प्रदेश छात्रा सह प्रमुख, राजमहल के श्री आदित्य गुप्ता को प्रदेश कला मंच सह संयोजक तथा तलझारी के श्री गौरव कुमार सुमन को प्रदेश SFS सह संयोजक बनाया गया। वहीं बरहेट के श्री कन्हाई ढोली, बोरियो के श्री अंकित कुमार, राजमहल के श्री अभी यादव, साहिबगंज के श्री अविनाश कुमार एवं राजमहल की कुमारी दिशा हलदार को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में दायित्व प्रदान किया गया।
नव नियुक्त प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री इन्द्रोजीत साह ने अपने वक्तव्य में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल छात्र संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की वैचारिक प्रयोगशाला है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सौंपे गए दायित्व का निर्वहन वे पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं तकनीकी दक्षता के साथ करेंगे तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए अभाविप की राष्ट्रवादी विचारधारा को प्रत्येक छात्र तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।
प्रदेश अधिवेशन में नवदायित्व प्राप्त सभी कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ एवं पूर्व कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएँ दीं। पूर्व केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं राजमहल विधानसभा के पूर्व विधायक श्री अनंत कुमार ओझा ने कहा कि नई प्रदेश कार्यकारिणी संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा साहिबगंज–राजमहल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को मिला दायित्व उनके निरंतर संगठनात्मक परिश्रम का परिणाम है। पूर्व प्रदेश मंत्री श्री धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि यह नई टीम छात्रहित और राष्ट्रहित में संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का कार्य करेगी। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री शरवन कुमार रमण ने सभी नवदायित्व प्राप्त कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि अभाविप की शक्ति उसकी अनुशासित कार्यशैली और समर्पित कार्यकर्ता हैं, और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नई टीम संगठन की गौरवशाली परंपरा को और आगे बढ़ाएगी। इसके साथ ही अन्य अनेक पूर्व कार्यकर्ताओं एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल संगठनात्मक भविष्य की कामना की।
अभाविप झारखंड का 26वां प्रदेश अधिवेशन संगठन की वैचारिक मजबूती, छात्र शक्ति की एकजुटता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
रांची। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, झारखंड के तत्वावधान में रविवार, 28 दिसंबर 2025 को रांची विश्वविद्यालय स्थित आर्यभट्ट सभागार, मोराबादी में प्रादेशिक अधिवेशन सह संगोष्ठी (विषय— सामाजिक समरसता) का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय रहे। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संवाद स्थापित करने तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है।इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से पधारे सभी साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों को परिषद की ओर से प्रमाण पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत आत्मीय और उत्साहपूर्ण बन गया।संगोष्ठी एवं काव्य पाठ सत्र में साहित्यकारों ने सामाजिक चेतना, मानवीय मूल्यों, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समरसता से जुड़े विषयों पर सारगर्भित विचार एवं रचनाएँ प्रस्तुत कीं, जिन्हें उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।कार्यक्रम का समापन आयोजक समिति द्वारा सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार ज्ञापन के साथ किया गया।
रांची। इंडियन यूथ कांग्रेस ने झारखंड प्रदेश यूथ कांग्रेस में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कुमार गौरव को झारखंड प्रदेश यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि कुलदीप कुमार रवि को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और आशुतोष कुमार को उपाध्यक्ष बनाया गया है ।
इस नियुक्ति के साथ ही, इंडियन यूथ कांग्रेस ने विश्वास जताया है कि ये पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस पार्टी को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगे। यह नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन में की गई है।
रांची। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) और क्षेत्रीय फेडरेशनों/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने प्रेस को निम्नलिखित बयान जारी किया है। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) और क्षेत्रीय फेडरेशनों/एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने कठोर श्रम संहिताओं और केन्द्र सरकार द्वारा जनता के अधिकारों और हकों पर किए जा रहे बहुआयामी हमलों के विरोध में 12 फरवरी 2026 को आम हड़ताल का आह्वान करने का संकल्प लिया है।
हड़ताल की तारीख का अनुमोदन औपचारिक रूप से 9 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के एचकेएस भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मजदूर कन्वेंशन में किया जाएगा।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों और क्षेत्रीय फेडरेशने / एसोसिएशने के सयुक्त मंच की बैठक 22 दिसंबर 2025 को हाइब्रिड मोड में हुई। बैठक में इस दौरान संसद के अंदर और बाहर मोदी सरकार द्वारा किए गए खुले हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
सस्टेनेबल हार्नसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) अधिनियम", जो निजी और विदेशी कम्पनियों को मुनाफे के उद्देश्य से अत्यधिक जोखिम भरे और खतरनाक परमाणु ऊर्जा उत्पादन में प्रवेश करने की अनुमति देगाः इसने दुर्घटनाओं/आपदाओं की स्थिति में उपकरणों के विदेशी और राष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं की जवाबदेही को समाप्त कर दिया है निश्चित रूप से, यह हमारे देश की परमाणु सुरक्षा और सम्प्रभुता पर हमला है।
महात्मा गांधी एनआरईजी अधिनियम को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया है। यह नया अधिनियम, केन्द्रीय प्राधिकरण के विवेकाधिकार से, अधिकार-आधारित ग्रामीण रोजगार गारंटी को उस समय प्रतिस्थापित करता है जब जनता अत्यधिक बेरोजगारी से जूझ रही है और वित्तीय बोझ राज्यों पर डालता है। यह अधिनियम फसल कटाई के मौसम के दौरान अधिनियम के संचालन पर प्रतिबंध लगाता है, जिससे जमींदारों को सस्ता श्रम सुनिश्चित होता है।
बीमा क्षेत्र में 100 फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दे दी गई है, जिससे व्यावहारिक रूप से विदेशी कम्पनियों को घरेलू बीमा कम्पनियों पर कब्जा करने का अधिकार मिल गया है।
केन्द्र सरकार ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को संसद के दोनों सदनों में पेश किया था, हालांकि यह इस सत्र में पारित नहीं हो सका।
सरकार ने बीज विधेयक का मसौदा और विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 का मसौदा पेश किया है। यदि ये विधेयक पेश किए जाते हैं और पारित हो जाते है, तो इनका कृषि, घरेलू और लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के बिजली उपभोक्ताओं और हमारे देश के सार्वजनिक विद्युत क्षेत्र पर विनाशकारी प्रभाव पडेगा।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत के उत्तरी भाग में मौजूदा पर्यावरणीय संकट, दिल्ली-एनसीआर में असहनीय प्रदूषण और अरावली पहाड़ियों के लगभग 90 फीसद हिस्से के विनाश की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के खतरनाक आदेश का गंभीरता से संज्ञान लिया, जो उत्तरी भारत को थार रेगिस्तान के विस्तार से बचाने का काम करती रहीं हैं।
सीटीयू उन सभी लोगों और आन्दोलनों के प्रति अपनी मजबूत एकजुटता व्यक्त करता है जो इन सभी क्रूर हमलों के खिलाफ लड़ रहे हैं।
सीटीयू (केन्द्रीय ट्रेड यूनियन), आम हड़ताल को बिना शर्त समर्थन देने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को सलाम करता है।
नेशनल कॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिीसिटी एम्पलाईज एण्ड इंजिनियर्स (एनसीसीओईईई) ने भी उसी दिन पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी क्षेत्रीय राष्ट्रीय हड़ताल आयोजित करने की घोषणा की है।
एनसीसीओईईई, केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच और एसकेएम की संयुक्त बैठक में शांति अधिनियम के खिलाफ 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। जनवरी और फरवरी 2026 के महीनों में बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के साथ संयुक्त बैठकें और कन्वेंशन आयोजित किए जाएंगे।
एसकेएम ने बीज विधेयक 2025, बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 और अन्य माँगों के समर्थन में 16 जनवरी 2026 को गांवों और ब्लॉक स्तर पर प्रतिरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया है। केन्द्रीय ट्रेड यूनियन इस आन्दोलन में पूरी ताकत से भाग लेंगे।
श्रम संहिताएँ अधिसूचित हो चुकी हैं और सरकार इन संहिताओं के समर्थन में सकारात्मक सहमति बनाने के लिए अपनी सभी संस्थागत व्यवस्थाओं, मीडिया और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन का उपयोग करने का प्रयास कर रही है। लेकिन मजदूर वर्ग सरकार द्वारा एकतरफा थोपी गई इन संहिताओं के खिलाफ लड़ने और इन्हें रद करवाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक में 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय हड़ताल आयोजित करके मोदी सरकार को कड़ा संदेश देने का निर्णय लिया है। हड़ताल की तारीख को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया जाएगा और 9 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे नई दिल्ली के एचकेएस सुरजीत भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय मजदूर कन्वेंशन में विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी।
यदि सरकार अभी भी संहिताओं के तहत नियमों की अधिसूचना जारी करने का प्रयास करती है और संहिताओं को निरस्त नहीं करती है, तो केन्द्रीय ट्रेड यूनियनें क्षेत्रीय प्रतिरोधी कार्रवाइयों के अलावा, कई दिनों की आम हड़ताल सहित और भी कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी।
सीटीयू पूरे मजदूर वर्ग और मेहनतकश जनता के अन्य सभी तबकों से आगामी आम हड़ताल के लिए कमर कसने, व्यापक रूप से अभियान शुरू करने और अपने संगठनों को एक तीखे संघर्ष के लिए तैयार करने का आह्वान करता है।
हम संसद में सभी विपक्षी दलों और जनता के विभिन्न तबकों, विशेष रूप से युवाओं और छात्रों से आह्वान करते हैं कि वे मेहनतकश जनता के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने और देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को सुरक्षित रखने के लिए इस हड़ताल के समर्थन और एकजुटता में आगे आएँ।
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्षों और कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को कांग्रेस भवन स्थित लंबोदर पाठक सभागार में संपन्न हुई। बैठक में अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश प्रभारी राहुल राज, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान प्रमुख रूप से शामिल थे।
बैठक का संचालन कमिटी के प्रदेश कार्यालय प्रभारी राजू राम ने की तथा धन्यवाद कामता प्रसाद पासवान ने किया।
बैठक के दौरान अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश प्रभारी राहुल राज ने कहा कि राज्य में कांग्रेस को मजबूत बनाने हेतु अनुसूचित जाति विभाग संगठन को सशक्त बनाने के बिंदुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श किया गया। साथ ही तय किया गया कि राज्य में अनुसूचित वर्ग को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए विभाग सुनियोजित तरीके से अपनी बातें और मांगे सरकार के समक्ष रखने का काम करेगी।
बैठक के दौरान अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान ने कहा गया कि राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विचारधाराओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मुस्तादी से काम करेगा। इस मुहिम में एआईसीसी एवं प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा जो भी निर्देश प्राप्त होगा उसे पूरी ईमानदारी निर्वह्न करने का काम करेंगे।
बैठक प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के सभी जिलों के अध्यक्ष और पदाधिकारी उपस्थित थे जिन्होंने अपना अपना मंतव्य प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष रखा। इस अवसर पर मुख्य रूप से राजू दास, पिंटू कुमार तुरी, भुनेश्वर राम, मुकेश कुमार पासवान, सुदेश राम, दशरथ पासवान, सोनू नायक, मनोज कुमार पासवान, प्रशांत किशोर अमल दास शंभू रविदास, संजय पासवान, सुनिता मुखी, उषा पासवान, अरविंद राम, सुरज मुखी, प्रेम कुमार दत्ता, आदि सैकड़ो कांग्रेसजन शामिल थे।
साहेबगंज। नगर स्थित रेलवे स्टेशन चौक पर झामुमो का एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय कमिटी के निर्देश पर शनिवार को रेलवे स्टेशन चौक पर झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मनरेगा योजना में महात्मा गांधी का नाम हटाकर बीजी राम जी किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना को अब केवल उन्हीं क्षेत्रों में लागू करना चाहती है, जहां उनकी सीधी देखरेख हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नए बीजी राम जी के लागू होने से मजदूर और गरीब तबके के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अरुण कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मजदूरों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता झामुमो पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो जिलाध्यक्ष के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आईए जानते हैं झामुमों जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने अपने बयान में मजदूर के हित में समझौता नहीं करने का बात कही।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता अमर वीर शहीद निर्मल महतो की जयंती दिवस पर जेल मोड़ रांची स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन्हें नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। राज्य के आदिवासी-मूलवासियों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले एवं झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता वीर शहीद निर्मल महतो जी की 75वीं जयंती है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे राज्य में वीर सपूत शहीद निर्मल महतो जी को लोग याद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य अलग हुए 25 वर्ष हो चुका है, ऐसे वीर सपूतों का हमारे बीच आना गौरव का विषय है। झारखंड राज्य आंदोलन में वीर शहीद निर्मल महतो जी का अमूल्य योगदान रहा है। उनके आदर्श एवं विचारों को आत्मसात करते हुए राज्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस समय शहीद निर्मल महतो जी की शहादत हुई उस समय वे युवा थे। आज हमारे राज्य के नौजवान उन्हें अपने मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत के रूप में देखते हैं। राज्य का एक-एक युवा उन पर गर्व करता है। आने वाले समय में भी उनके विचारों को जिंदा रखते हुए हम सभी राज्यवासी आगे बढ़ते रहेंगे।
रांची । गुरुवार को कांके प्रखण्ड के हुंदुर पंचायत के ग्राम हुंदुर मे रईसका डूबा जतरा ऐतिहासिक मेला का भव्य उद्घाटन किया गया जिसमे पाहन के दोवारा बिधि वध तरीके से पूजा पाठ किया गया l इसके बाद जतरा के कार्यकम को आगे बढ़ाया गया इस जतरा मे मुख्य अतिथि श्री मेधा उराव धुर्वा सरना समिति के अध्ययक्ष का आगमन हुआ उन्होंने जतरा मे रईसका पहान के बारे मे बिस्तार से जानकारी दिये और समाज के धर्म संस्कृति को कैसे बचना है इस के बारेे बताया इसके बाद मुखिया संघ के अध्ययक्ष श्री सोमा oraon ने व भी अपनी धर्म. सस्कृति की रक्षा कैसे करनी है उन्होंने अपने संबोधन में कहां थी इस प्रकार सिखों के गुरु गोविंद सिंह के दो पुत्र को वजीर खान के द्वारा धर्म नहीं बदलने पर दीवाल में जिंदा जोड़ दिए लेकिन गुरु गोविंद सिंह के पुत्र अपनी धर्म के प्रति कटता दिखाते हुए बलिदान हो गए। साथ ही साथ रईसका पहान के द्वारा रीति रिवाज पूजा पाठ रूढि प्रथा को बचाने और संरक्षण के लिए बलिदान हो गया इस प्रकार हम सबों को अपनी धर्म के प्रति कट्टरता दिखाते हुए किसी भी हाल में धर्मांतरण नहीं करना चाहिए बात अपनी पूर्वजों की पूजा पाठ रीति विवाद रूडी प्रथा को आगे बचा कर रखना ही आज संकल्प लिया गया। इस जतरा महोत्सव मे समाज के बुद्धिजीवी और गणमान्य लोग उपस्थित हुवे और जतरा को सफल बनाया । कार्यक्रम में संदीप उरांव मुनेश्वर मुंडा बालेसर पहन दिलीप उरांव तुलसी गुप्ता रंजनी देवी हुंदुर मुखिया मीनू देवी महावीर उरांव जगन्नाथ उरांव विश्वकर्मा पहन राम लखन मुंडा प्रधान पूर्व सरपंच गोविंद महतो सनोज महतो थ्रो बॉल चैंपियन मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ,रघु पहन, गुरु चरण मुंडा, चांदी पंचायत मुखिया शुक्र करमाली सहित अन्य लोग मौजूद थे।
साहेबगंज। नगर स्थित रेलवे जनरल इंस्टिट्यूट मैदान में सांसद खेल महोत्सव का समापन समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद आदित्य साहू और प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम सिन्हा शामिल हुए।यह सांसद खेल महोत्सव राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के द्वारा ही कराया गया. कार्यक्रम मैं उपस्थित खेल प्रेमी, खिलाड़ी और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सर्वप्रथम ऑनलाइन प्रधानमंत्री द्वारा सांसद खेल महोत्सव समापन समारोह का लाइव कार्यक्रम देखा और उनका संवाद सुनकर देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के एक सौ वी जयंती पर नमन किया।कार्यक्रम में राजमहल लोकसभा क्षेत्र से आए खिलाड़ियों को खेल प्रतियोगिता के साथ प्रतिस्पर्धा में जीते खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण भी किया गया।श्री साहू ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के साथ दौड़ लगाकर खिलाड़ियों की हौसला आफजाई की और उन्हें खेल से जुड़ने और खेलने के लिए ढेर सारी अपनी शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में पूर्व भाजपा विधायक अनंत ओझा,राष्ट्रीय किसान मोर्चा के मंत्री बजरंगी प्रसाद यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष उज्जवल मंडल सहित भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणा से पूरे देश भर में जहां बीजेपी के सांसद हैं और जहां बीजेपी के सांसद नहीं है वहां पूर्व सांसदों के द्वारा खेल प्रतियोगिता का कार्यक्रम किया गया। हमारे प्रधानमंत्री देश के ऐसे प्रधानमंत्री हैं कि वह सभी समाज सभी वर्गों की चिंता करते हैं संसदीय क्षेत्र में विभिन्न गांव मोहल्ले कस्बा में रहने वाले लोगों को खेल से जोड़ने का काम किया है देश के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने बड़ी उत्साह के साथ खेल में भाग लेने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है।
रांची। पेसा नियमावली को राज्य मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिलने का जश्न पूरा राज्य मना रहा है। इस कड़ी में राज्य के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र से आए पारंपरिक प्रधान/ प्रमुख/ मुखिया के साथ सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को पेसा नियमावली लागू करने की दिशा में लिए गए निर्णायक फैसले के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने भी नगाड़ा बजाकर अपनी खुशियों का इजहार किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज पेसा दिवस भी मना रहे हैं। इस विशेष अवसर पर राज्य सरकार ने पेसा नियमावली को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया था, वह साकार हो रहा है। पेसा कानून धरातल पर उतरने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जो नियम- कानून बनाती है, उसमें विसंगतियां नहीं होती है, लेकिन उसके क्रियान्वयन में गड़बड़ी होने से सुखद परिणाम नहीं मिल पाता है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पेसा नियमावली के तहत पंचायतों को जो अधिकार प्राप्त होंगे, उसका ईमानदारी से पालन और क्रियान्वयन हो, तभी यह सफल होगा।
पूर्वजों के सपने को कर रहे हैं साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने झारखंड राज्य के लिए जो सपना देखा था, उसे हमारी सरकार पूरा करने का लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जल - जंगल- जमीन की रक्षा, अपनी सभ्यता- संस्कृति और पहचान को बरकरार रखने एवं पारंपरिक स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना हमारे सरकार की शुरू से प्राथमिकता रही है। इसी सिलसिले में पेसा कानून को लागू करने का जो निर्णय लिया था, वह आकार लेने जा रहा है। अब हमारे पारंपरिक ग्राम प्रधानों और प्रमुखों को उनका हक- अधिकार मिलने जा रहा है। यह अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
पेसा सिर्फ कानून नहीं, यह हमारी भावनाओं का परिचायक है
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा सिर्फ एक कानून नहीं है। इसके साथ हमारी भावनाएं जुड़ी हुई हैं। लंबे समय से पेसा कानून की मांग हो रही थी। इसमें अड़चनें भी आती रही, लेकिन जन प्रतिनिधियों, आम जन तथा सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से प्राप्त विचारों एवं सुझावों के आधार पर इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया, जिसे कानूनी दर्जा देने के साथ इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुझे विश्वास है कि झारखंड का पेसा नियमावली पूरे देश के लिए नाजीर बनेगा। मुख्यमंत्री ने पेसा नियमावली का ड्राफ्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वालों को धन्यवाद दिया।
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य हो रहा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने का हमारा जो लक्ष्य था, वह पूरा होने जा रहा है। अब जनजातीय समुदायों को अपनी परंपराओं, संस्कृति, भूमि, जल और प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल का हक- अधिकार मिल सकेगा। इस नियमावली के लागू होने से अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभाएँ शक्तिशाली होंगी और निर्णय लेने का अधिकार भी प्राप्त होगा।
आने वाली पीढ़ी का भविष्य कर रहे सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो, इस दिशा में हमारी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके लिए सामाजिक- आर्थिक-शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत बना रहे हैं। मेरा मानना है कि जब हमारी आने वाली पीढ़ी सशक्त होगी तभी राज्य आगे बढ़ेगा।
गांव मजबूत होगा तभी राज्य का सर्वांगीण विकास संभव है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का गौरवशाली इतिहास रहा है । हमारे पूर्वजों, वीर शहीदों, आंदोलनकारियों एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने इस राज्य को लेकर जो परिकल्पना की थी, उसे साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मेरी स्पष्ट सोच है कि जब तक गांव मजबूत नहीं होगा, तब तक इस राज्य को सशक्त करने का सपना साकार नहीं होगा । यही वजह की हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।
बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड 25 वर्ष का हो चुका है। अब हमारा राज्य बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार नौजवानों को नौकरी दे रही है। वहीं, हमारी सरकार ने हाल ही में आदिवासी बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने के लिए निः शुल्क कोचिंग संस्थान की शुरुआत की है । यहां वैसे बच्चे तैयारी कर सकेंगे, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। मुझे पूरा विश्वास से कि यहां से पढ़कर बच्चे देश के अच्छे मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला लेने के लिए सफल होंगे।
गाढ़ी एवं लंबी लकीर खींचने को हैं तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने मुझे जो आशीर्वाद दिया है। मुझपर जो भरोसा जताया है, उसे कदापि भूल नहीं सकते हैं। मैं यकीन दिलाता हूं कि इस राज्य में हर किसी को उसका मान- सम्मान और हक अधिकार मिलेगा। हमारी सरकार विकास के क्षेत्र में ऐसी लंबी और गाढ़ी लकीर खींचने के लिए तैयार है जो झारखंड को देश का अग्रणी और विकसित राज्य बनाएगा।
सीमित संसाधनों में कैसे आगे बढ़े, इसकी योजना हो रही तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना से जुड़कर राज्य की 50 लाख महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा हो रही हैं। वे खुद के साथ अपने परिवार को सशक्त बना रही है ।ऐसे में अब सरकार ऐसी कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिसके तहत सीमित संसाधनों के बीच कैसे आगे बढ़े, यह ना सिर्फ बताया जाएगा, बल्कि उसे धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग हमारी आलोचना करते हैं । मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं आलोचनाओं से डरता नहीं हूं । लेकिन, इस बात से जरूर डर लगता है कि कहीं हमारी योजनाएं असफल ना हो। यही वजह है कि हमारी सरकार गंभीरता के साथ अपनी योजनाओं को अमलीजामा बनाने का कार्य करने में विश्वास करती है।
अनुसूचित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को दी बधाई
गुमला जिला अनुसूचित क्षेत्र मुखिया संघ के अध्यक्ष श्री राम प्रसाद बड़ाईक, सरायकेला- खरसावां जिले के मुखिया दिवाकर सोरेन, गुमला जिला के घाघरा प्रखंड के मुखिया योगेंद्र भगत, पूर्वी सिंहभूम जिले के केराडूंगरी पंचायत के प्रधान कान्हू मुर्मू समेत कई ग्राम प्रधान/ प्रमुख/ मुखिया ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि पेसा नियमावली से राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को एक नया मुकाम मिलेगा। इससे अनुसूचित ग्राम पंचायतों को उनका हक - अधिकार के साथ निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी। इस पहल से अनुसूचित क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को पूरा मान- सम्मान प्राप्त होगा। वर्षों से हमारी मांग पेसा कानून को लागू करने की थी जो अब साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री को इस निर्णायक पहल के लिए हार्दिक बधाई देते हैं और आभार जताते हैं।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार और पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी के अलावा राज्य के अलग-अलग क्षेत्र से ग्राम प्रधान प्रमुख मुखिया और पेसा मोबलाइजर्स मौजूद थे।
रांची। विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल रांची महानगर के तत्वावधान में आज बांग्लादेश में हिन्दू नवजवान दीपू चंद्र दास को चौराहे पर पीट-पीट कर हत्या किए जाने, उसके बाद उसे पेड़ से लटकाकर आग लगा दिए जाने की घटना के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग जिला स्कूल मैदान परिसर में एकत्र हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में मोहम्मद युनूस मुर्दाबाद, बांग्लादेश मुर्दाबाद, बांग्लादेशी हिंदुओं तुम संघर्ष करो-हम तुम्हारे साथ हैं, हत्यारों को मौत की सजा दो आदि के नारे लगाते हुए शहीद चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। वहां पर इस्लामिक जिहादी रूपी मोहम्मद युनूस का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व विहिप बजरंग दल रांची महानगर ने किया। मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश की इस घटना से पूरे विश्व का हिन्दू समाज आक्रोशित है इस प्रकार के इस्लामिक जिहादी आतंकवाद को हिन्दू समाज बर्दाश नहीं करेगा। धर्म के नाम पर वहां के अल्पसंख्यक हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचार को अब हिन्दू समाज बर्दाश नहीं करेगा। पूरे विश्व का हिंदू समाज भारत पर नजर रखे हुए है इसलिए हमारा दायित्व है कि हम पूरे विश्व में रह रहे हिन्दुओं की रक्षा करे। तथा संगठन सरकार से मांग करती है कि इस घटना का करारा जवाब दे हिन्दू समाज जवाबी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है। मौके पर विहिप पटना क्षेत्र मंत्री वीरेन्द्र साहू, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रान्त मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो, प्रचार-प्रसार प्रान्त प्रमुख प्रकाश रंजन, दुर्गावाहिनी प्रान्त सह संयोजिका कीर्ति गौरव, धर्माचार्य प्रान्त सम्पर्क प्रमुख युगल किशोर प्रसाद, रविशंकर राय, महानगर अध्यक्ष कैलाश केशरी, महानगर मंत्री विश्वरंजन कुमार, महानगर संयोजक विक्रम साहू, योगेश खेड़वाल, अनिल तिवारी, सुशील जी, पारस नाथ मिश्रा, शंकर दुबे, पलामू उप महापौर मंगल सिंह, रतन केशरी, राजेश अग्रवाल, विजयनाथ महतो, तड़ित राय एवं विहिप तथा बजरंग दल के कार्यकर्त्ता शामिल हुए.
गया जी । नगर निगम, गयाजी के वार्ड नं 20 के पार्षद सशक्त स्थायी समिति के पूर्व सदस्य धर्मेंद्र कुमार पिछले कई वर्षों से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को ठंड के प्रकोप से बचने के उन्हें गर्म वस्त्र प्रदान करते हुए आ रहे हैं। श्री कुमार ने मंगलवार को स्थानीय आजाद पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों को साड़ी, शॉल, कार्डिगन तथा पुरुष कर्मचारियों को फुलपैंट(जिंस), स्वेटर एवं जैकेट प्रदान किया।
इनका कहना है कि सफाई कर्मचारी हर मौसम की मार झेलकर गया जी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखते हैं। खासकर वार्ड नं 20 के सफाई कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए वार्ड पार्षद ने कहा कि इन कर्मियों की वजह से ही उनके वार्ड में साफ सफाई बेहतर रहता है। हालांकि वार्ड नं 20 व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां निरंतर हर दिन लाखों लोगों का आना जाना लगा रहता है। वैसे में गंदगी स्वाभाविक रूप से अन्य वार्डों की अपेक्षा अधिक होती है, बावजूद सफाई कर्मचारियों और सफाई से जुड़े पदाधिकारी के सम्यक प्रयास से सफाई व्यवस्था अच्छी रहती है।इस मौके पर उपस्थित प्रभारी नगर आयुक्त उपनगर आयुक्त शशिकांत को वार्ड पार्षद श्री कुमार ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। प्रभारी नगर आयुक्त ने वार्ड पार्षद के इस नेक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के कारण ही आज गयाजी में सफाई बेहतर है। इस मौके पर लोक स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक चंद्र मोहन उर्फ चिंटू, स्टोर प्रभारी जितेंद्र कुमार उर्फ पप्पू, सामाजिक कार्यकर्ता गोवर्धन कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।बता दें कि वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार 2009 से ये नेक कार्य करते आ रहे हैं। इनके इस नेक कार्य की प्रशंसा पूर्व नगर आयुक्त सावन कुमार तथा अभिलाषा शर्मा भी कर चुके हैं और व्यक्तिगत रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होते आए थे।
साहिबगंज। जिला के राष्ट्रीय किसान मोर्चा राष्ट्रीय सचिव बजरंगी प्रसाद यादव को ब्रिटेन की सांसद हाउस ऑफ लॉर्ड में मिले ग्लोबल इनोवेशन लीडरशिप समिट में अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है, जिसके लिए जिसके लिए साहिबगंज के उत्सव बैंक्विट हॉल में जनता द्वारा उनका सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी बजरंगी प्रसाद यादव ने कहा यह सम्मान साहिबगंज जिले के लिए एक गर्व का क्षण है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी समाजसेवी नेता को इस तरह का सम्मान मिला है।
आगे समाजसेवी बजरंगी प्रसाद यादव ने जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है और वे इसे साहिबगंज जिले के विकास के लिए उपयोग करेंगे। इस कार्यक्रम में साहिबगंज जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने उनका अभिवादन किया और पुष्प गुच्छे, माला, और अंग वस्त्र के साथ सम्मानित किया ।
रांची। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची एवं जनजातीय सुरक्षा मंच की बैठक सेक्टर 3 एन टाइप सरहुल पूजा स्थल प्रांगण धुर्वा मे हुई जिसमें कई विषयों पर चर्चा हुई ।
समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा है कि झारखंड सहित अन्य प्रदेशों में आदिवासी /जनजातियों को कहीं चंगाई के नाम से कहीं प्रलोभन तो कहीं जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है जिससे लोगों मे आक्रोश उत्पन्न हो रहा है जिसके कारण आए दिन मारपीट का नौबत आ रहा है चर्च के एजेंट गिरफ्तार भी हो रहे हैं लेकिन चर्च मिशनरी इसको मानने के लिए तैयार नहीं। ईसाई मिशनरी देश में सेवा शिक्षा स्वास्थ्य के नाम पर आए लेकिन सेवा के बदले आज उनका पहचान उनका जमीन और बेकीमती धर्म को ही छीन रहा है।
जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि चर्च जाने वाले ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त होना तैय है इन विषयों को लेकर मई 2026 को पूरे देश भर के लाखों जनजाति समाज दिल्ली के सड़कों पर उतरेंगे और धर्म परिवर्तन कर जनजातियों का फायदा लेने वाले ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने अर्थात डीलिस्टिंग की मांग करेंगे
तकती में कुछ स्लोगन
विदेशी ईसाई पादरी वापस जाओ अब बहुत हो गया सेवा अब हमें नहीं चाहिए आपका सेवा।
बीमारी ठीक करने के नाम पर धर्मांतरण करना बंद करो।
मेरे हाथ में बाइबल तुम्हारे हाथ में जमीन अब नहीं चलेगा।
ईसाई ना तो आदिवासी है ना ही जनजाति ईसाई केवल ईसाई है।
भगवान बिरसा मुंडा को गुंडा कहने वाले अंग्रेजों के दलाल होश में आओ
चंगाई सभा के माध्यम से जनजातियों /आदिवासियों को गुमराह/भ्रमित करना बंद करो। रुढ़ि प्रथा को समाप्त करने वाले ईसाई हमारा हितैषी नहीं बल्कि सबसे बड़ा आदिवासी/ जनजातियों का शत्रु है । अपने पूर्वजों का रुढ़ि प्रथा को छोड़ने वाले आरक्षण छोड़ो।
इस कार्यक्रम मे मेघा उरांव, संदीप उरांव, मनोज भगत, जय मंत्री उरांव, रोपनी मिंज, कुमुदिनी लकड़ा, बुधवा उरांव, सुशीला उरांव, रीना उरांव, लुथरू उरांव , अंजलि खलखो ,रातरानी कछप, बृजमनी उरांव, गणेश तिग्गा, पिंकी कछप एवं अन्य उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी स्थित दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग (JEE) एवं मेडिकल (NEET) कोचिंग संस्थान का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने संस्थान परिसर का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से संवाद कर उनके उत्साह और मनोबल को बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की नई पीढ़ी को अपने सपनों को साकार करने के लिए अब राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, “राज्य के बच्चे अब उच्चस्तरीय कोचिंग सुविधा यहीं रांची में प्राप्त करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा को साझा करने का आग्रह किया, जिससे झारखंड की विविधता और एकता को और बल मिले।
योग्य अभ्यर्थियों को मिलेगा पुनः अवसर, शिक्षा और खेल से होगा सर्वांगीण विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन अभ्यर्थियों को पुनः अवसर प्रदान किया जाए, जो एबिलिटी टेस्ट में मामूली अंतर से पीछे रह गए थे। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितिजन्य कारणों से विद्यार्थी अपनी वास्तविक क्षमता प्रदर्शित नहीं कर पाते, इसलिए उन्हें दोबारा अवसर देना एक न्यायोचित और प्रेरणादायक कदम होगा। इससे न केवल अधिक विद्यार्थियों को मंच मिलेगा, बल्कि राज्य की प्रतिभा का दायरा भी विस्तृत होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संस्था में खेल-कूद की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी छात्रों में अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धी सोच का विकास करता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों के बीच आत्मविश्वास और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना का संचार करें, ताकि ये युवा आगे चलकर न केवल राज्य, बल्कि देश का नाम भी रोशन करें।
झारखंड की शिक्षा योजनाएँ — हर छात्र के सपनों को दे रही हैं नई उड़ान
झारखंड सरकार शिक्षा को राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन का प्रमुख आधार मानते हुए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी साधन है। इसी सोच के अनुरूप राज्य में विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ लाखों विद्यार्थियों तक पहुँच रहा है। उन्होंने बताया कि “सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना” के माध्यम से किशोरियों को न केवल शिक्षा का अवसर प्राप्त हो रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरणा मिल रही है। इसी प्रकार प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं से पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक संबल मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 80 उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना की जा चुकी है, जहाँ गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चे निजी विद्यालयों के समकक्ष गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत आदिवासी एवं मूलवासी छात्र-छात्राओं को विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण सरकारी सहायता प्रदान की जा रही है।युवाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने की दिशा में गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना भी एक महत्वाकांक्षी कदम साबित हो रही है, जिसके तहत विद्यार्थी 15 लाख तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं तथा नौकरी लगने के बाद इसे सरल किश्तों में चुका सकते हैं। रांची स्थित रिम्स में भी मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 30 विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रयास आने वाले समय में झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प स्पष्ट है – “हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, हर युवा तक अवसर की पहुँच।
इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव कृपानंद झा, आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, जिले के उपायुक्त, उप-विकास आयुक्त सहित तमाम पदाधिकारीगण तथा सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
गयाजी। स्टेशन रोड गयाजी के प्रांगण में विश्व हिंदू परिषद गयाजी महानगर के द्वारा बैठक बांग्लादेश में हिंदुओं की हो रही हत्या के विरोध में विहिप के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हेतू गयाजी में विरोध प्रदर्शन की योजना हेतु की गई।बैठक की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष कृष्णकांत त्रिपाठी एवं संचालन विभाग संयोजक प्रकाश गुप्ता ने कियाउपस्थित कार्यकर्ताओं के द्वारा बांग्लादेश में हिन्दू समाज पर हो रहे आघत एवं हिंदू दीपू दास की निर्मम हत्या को लेकर देश भर में हिन्दू समाज आक्रोशित है उसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद देश के सभी जिला केंद्र पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है इसी योजना हेतु विहिप गयाजी के द्वारा 24 दिसंबर को 2 बजे से आजाद पार्क से टावर चौक तक विरोध प्रदर्शन करेगी और बांग्लादेश के प्रमुख यूनुस का पुतला दहन करके अपना आक्रोश व्यक्त करेगी और भारत सरकार से मांग करेगी जल्द से जल्द बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद भारत सरकार करें।इस दौरन बैठक में दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची । 21 दिसंबर दिन रविवार को रांची के रेडियम रोड़ स्थित आलोका सभागार में झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा द्वारा प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया. प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने कहा कि आने वाला वर्ष 2026 वैश्य मोर्चा के लिए संघर्ष का वर्ष होगा. केंद्रीय अध्यक्ष साहु ने कहा कि संविधान में वैश्य एवं पिछड़ों के समग्र विकास के लिए काफी प्रावधान किए गए हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार अनदेखी की जाती रही है. यह काफी दुखद है. लेकिन अब इसका जवाब आंदोलन से ही दिया जायेगा. हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी वंशज और अनुयाई हैं. आंदोलन से सरकार और प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर देंगे. 20 दिसंबर को वैश्य मोर्चा के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जुझारू आंदोलन शुरू करें. अब उपेक्षा और जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
श्री साहु ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में भी वैश्य ओबीसी के साथ छल किया जा रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग कह रही है कि ओबीसी को सबसे अंत में आरक्षण दिया जायेगा. जबकि झारखंड में ओबीसी की आबादी सबसे ज्यादा है और संवैधानिक तौर पर पहला हक ओबीसी का ही बनता है. वैश्य मोर्चा माँग करती है कि चाईबासा नगर परिषद में ओबीसी की आबादी 54% से अधिक है, इसलिए सरकार चाईबासा नगर परिषद को तत्काल ओबीसी के लिए आरक्षित करने की घोषणा करे. इसके लिए कल 22 दिसंबर को मुख्यमंत्री एवं राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र दिया जायेगा.
श्री साहु ने कहा कि शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं जिलाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि 1 जनवरी को अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों में वैश्य मोर्चा का झंडा लगा कर झंडा लगाओ अभियान की शुरुआत करेंगे. इसके पूर्व 25 दिसंबर से आम वैश्यजनों को संगठन से जोड़ने के लिए सदस्यता अभियान की शुरुआत की जायेगी. यह भी तय किया गया कि आंदोलन को धारदार बनाने के लिए सभी स्तर के पदाधिकारियों का आगामी 18 जनवरी को रांची में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जायेगा. जबकि 30 जनवरी को भुरकुंडा में वैश्य सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा. उसके बाद 23 मार्च को रांची में छात्र युवा महासम्मेलन का आयोजन किया जायेगा. इसके पूर्व केंद्रीय पदाधिकारी और जिलाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में बैठक करके समाज के बुनियादी मुद्दों को जानने का काम करेंगे.
इस अवसर पर रांची नव नियुक्त जिलाध्यक्ष कृष्णदेव साहु को केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु एवं कार्यकारी अध्यक्ष हीरानाथ साहु ने माला पहना कर और बुके दे कर सम्मानित किया.
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यकारी अध्यक्ष हीरानाथ साहु, वरीय उपाध्यक्ष अधिवक्ता सहदेव चौधरी, प्रधान महासचिव बीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय महासचिव चतुर साहु, मीडिया प्रभारी राहुल कुमार साहु, जिलाध्यक्ष कृष्णदेव साहु (रांची), युवा मोर्चा अध्यक्ष हलधर साहु, सचिव आदित्य पोद्दार, छात्र मोर्चा सचिव मनोज चौरसिया मुख्य रूप से शामिल थे।
रांची । नगर के लालपुर स्थित स्थानीय होटल में लायंस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अशोक गुलगुलिया एवं राखी गुलगुलिया ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। मामले में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया 24 मई 2026 दिन रविवार को रांची के स्वर्णभूमि बैंक्विट हॉल डांगरा टोली रांची में, मैं और मेरी पत्नी अपनी 25 वीं वैवाहिक वर्षगांठ के शुभ अवसर पर गरीब 25 जुड़े का सामूहिक विवाह का आयोजन कर रहा हूं, जहां लाइंस क्लब के तत्वाधान में गरीब वर एवं वधू का सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा इसमें प्रत्येक वर एवं वधू पक्ष के लिए संस्था की ओर से सभी व्यवस्था के साथ भव्य शादी समारोह का आयोजन किया जाएगा ।
वहीं लायंस क्लब की अध्यक्ष आस्था किरण ने जानकारी देते हैं बताया कि लायंस क्लब सामाजिक सेवा की क्षेत्र में निरंतर लगातार कार्य कर रही है और हमारी संस्था के पूर्व अध्यक्ष अशोक गुलगुलिया एवं राखी गुलगुलिया अपनी 25 वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक बड़ा कार्य करने वाले हैं हम सभी लायंस क्लब के सदस्य इस बड़े कार्यक्रम को लेकर काफी उत्सुक है और उनकी वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर पूरे क्लब के लोग पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे ।
वर एवं वधु को पहले करना होगा रजिस्ट्रेशन
लायंस क्लब के द्वारा यह बताया गया कि वैवाहिक कार्यक्रम के इच्छुक आवेदक दूल्हा एवं दुल्हन का पहले रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और 31 मार्च 2026 तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया निर्धारित है इसमें दूल्हा-दुल्हन का आधार कार्ड, माता-पिता का आधार कार्ड की छाया प्रति और एड्रेस प्रूफ के साथ पासवर्ड साइज का फोटोग्राफ जमा करना होगा इसके बाद अंतिम स्वीकृति दी जाएगी ।
संस्था की ओर से वर - वधु को क्या-क्या दिया जाएंगे
वैवाहिक आयोजन में सम्मिलित होने वाले प्रत्येक जोड़े को संस्था की ओर से विशेष विवाह परिधान वस्त्र जूते चप्पल सौंदर्य प्रसाधन तथा अन्य आवश्यक गृहस्थी सामग्री उपहार स्वरूप दी जाएगी । प्रत्येक वर एवं वधू पक्ष से 10-10 व्यक्तियों को सम्मिलित होने की अनुमति होगी और अतिथियों के लिए भोजन की व्यवस्था संस्था की ओर से की जाएगी
कैसे करें संस्था से संपर्क
इच्छुक आवेदक लायंस क्लब रांची ऑफ कैपिटल के पंजीकृत कार्यालय - कसेरा स्पोर्ट्स प्लाजा चौक रांची में आवेदन जमा कर सकते हैं और अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन हेतु मोबाइल नंबर 9801522 911 से संपर्क कर सकते हैं
प्रेस वार्ता के दौरान कौन-कौन से उपस्थित
लायन अशोक गुलगुलिया,राखी गुलगुलिया, लायंस क्लब के अध्यक्ष आस्था किरण, सचिव रेखा शर्मा,पूर्व अध्यक्ष दीपक लोहिया, राजेश केसर,पंकज मिड्ढा, सोनू पा, साक्षी गुलगुलिया, नमन गुलगुलिया, संदीप पारख अनन्या कसेरा समेत अन्य लोगों उपस्थित है।
रांची। आचार्यकुल के प्रदेश महामंत्री एवं गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कांके (रांची) के शिक्षक डॉ. ओम प्रकाश ने बोधगया (बिहार) में आयोजित आचार्यकुल के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (16 से 18 दिसंबर 2025) की विस्तृत जानकारी साझा की।इस अवसर पर संत विनोबा भावे द्वारा संस्थापित आचार्यकुल के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वासुदेव प्रसाद ने डोरंडा महाविद्यालय, रांची के प्राचार्य डॉ. राजकुमार शर्मा को अंगवस्त्र एवं प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही आगामी दिनों में आरटीसी बी.एड. महाविद्यालय, रांची में प्रस्तावित आचार्यकुल झारखंड प्रदेश के प्रादेशिक अधिवेशन की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि भारत संतों की भूमि रहा है और संत विनोबा भावे भूदान आंदोलन के जनक के रूप में विश्वविख्यात हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि विनोबा भावे के विचारों को पाठ्यक्रम में विधिवत शामिल कर विश्वविद्यालय स्तर पर “विनोबा भावे विचार विभाग” की स्थापना की जानी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को उनके विचारों का बोध हो और उस पर शोध कार्य भी संपन्न कराया जा सके।डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में ऋषि परंपरा, गुरु परंपरा और आचार्य परंपरा को लेकर वैज्ञानिक, सटीक एवं विस्तृत ज्ञान समाहित है, जिसे वर्तमान शिक्षा प्रणाली से जोड़ना समय की आवश्यकता है।इस अवसर पर राजीव सहाय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राँची । लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रादेशिक स्तरीय बैठक में नगर निकाय चुनावों को लेकर संगठनात्मक रणनीति एवं तैयारियों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों में पार्टी की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना एवं संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाना रहा।
बैठक में सदस्यता अभियान की प्रगति की समीक्षा, जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, तथा प्रदेश से जुड़े जनहित के प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष श्री बीरेन्द्र प्रधान ने कहा कि आने वाले दिनों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) संगठनात्मक मजबूती, अनुशासन और जनसरोकारों के माध्यम से प्रदेश में एक सशक्त राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगी। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव पार्टी के लिए जनआधार विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर हैं और इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा से जुटना होगा।
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन एवं प्रदर्शन के माध्यम से जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया जाएगा।
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बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारीगण -
उमेश तिवारी,कपिल पासवान,बिलाल ख़ान,शैलेंद्र द्विवेदी,ममता रंजन,अभिषेक राय,मनोज राय,प्रदीप पासवान,आदित्य विजय प्रधान,गिरिधारी झा,श्रीकांत पासवान,अनिल पासवान,हेमंत श्रीवास्तव,संजय पासवान,दिनेश सोनी,दिलीप पासवान,राजेंद्र पासवान,दिलीप कुमार,अशोक सिंह,सच्चिदानंद गांधी,मनीषा देवी,राकेश सिंह,शिव जी,रतन पासवान,गणेश उपाध्याय,हाफिजुल हसन,पारसनाथ राय,अवधेश तिवारी,बंटी उपाध्याय,संजीत द्विवेदी, ज्योति होरो,दीपिका होरो,राजेश रंजन वर्मा,आनंद पांडे,सुरेंद्र राय,विजय कुमार, एवं सैंकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) साहिबगंज नगर इकाई द्वारा घाटी के ऊपर स्थित जनजातीय गाँव चंपा में एक व्यापक वस्त्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य का उद्देश्य ठंड के मौसम में जरूरतमंद एवं वंचित परिवारों को राहत प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में अभाविप प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर मंत्री अविनाश साह ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर मंत्री अविनाश साह ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाने वाला राष्ट्रवादी संगठन है। उन्होंने कहा कि “सेवा कार्य ABVP की कार्यपद्धति का अभिन्न हिस्सा है और संगठन सदैव अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करता रहा है।”
इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चंदन गुप्ता ने कहा कि ABVP का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए निरंतर सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और युवाओं को सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह ने अपने संबोधन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सोच केवल आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, सहयोग और संवेदना के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुंचना संगठन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि “ABVP का कार्यकर्ता विपरीत परिस्थितियों में भी समाज के साथ खड़ा रहता है और जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। भविष्य में भी संगठन इसी भावना के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।”
कार्यक्रम के सफल संचालन में विभाग संगठन मंत्री बादल कौशिक , जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, नगर सह मंत्री निधि सिंह, राजू पहाड़िया, बमभोला, समीर, आरती, सूरज, गौरव, राजा, प्रिया, माही सहित अन्य सक्रिय कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक प्रयास से वस्त्र वितरण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाया। स्थानीय ग्रामीणों ने ABVP की इस पहल की सराहना करते हुए संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया।
रांची । झारखण्ड प्रदेश विश्वकर्मा समाज की प्रदेश कमेटी के द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक दिनाँक 21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को स्थानीय विधानसभा सभागार, राँची में आयोजित किया गया ! प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता झारखण्ड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने किया तथा मंच संचालन प्रदेश प्रधान महासचिव संतन शर्मा ने किया ! इस कार्यक्रम में झारखण्ड प्रदेश विश्वकर्मा समाज के सभी 24 जिला से प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य 24 जिला के जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, जिला कोषाध्यक्ष सहित विश्वकर्मा समाज के गणमान्य लोग शामिल हुए !
प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में मुख्य रूप से निर्णय लिया गया कि
▪️ राज्य स्तरीय विश्वकर्मा शिल्पकार मेला 08 फ़रवरी से 12 फ़रवरी 2026 ( पाँच दिवसीय ) को राँची के हरमू मैदान में आयोजित किया जायेगा
▪️झारखण्ड में होनेवाले नगर निकाय चुनाव में विश्वकर्मा समाज के उम्मीदवार को विजयी बनाने का संकल्प लिया गया
▪️झारखण्ड प्रदेश विश्वकर्मा समाज की त्रिमासिक पत्रिका के प्रकाशन पर निर्णय लिया गया !
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा राज्य स्तरीय विश्वकर्मा शिल्पकार मेला 08 फ़रवरी से 12 फ़रवरी 2026 ( पाँच दिवसीय ) को राँची के हरमू मैदान में आयोजित किया जायेगा जिसमें विश्वकर्मा समाज के पेशे एवं रोजगार से जुड़े सभी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाईं जाएगी इससे विश्वकर्मा समाज के लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे ! प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के लोगों को राजनीति में आगे आने की जरुरत है इसके लिए झारखण्ड में होनेवाले नगर निकाय चुनाव में विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधियों को चुनाव जिताकर लाना होगा ! प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा कि बहुत जल्द विश्वकर्मा समाज के द्वारा त्रेमासिक पत्रिका का प्रकाशन भी किया जायेगा !
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अर्जुन शर्मा, संजय शर्मा, डोमन राणा, पण्डित देवराज शर्मा, नुनूलाल विश्वकर्मा, दिलीप शर्मा, दिनेश राणा, गुप्तेश्वर शर्मा, राजेश शर्मा, देवकी राणा, यदु राणा, सुजीत कुमार शर्मा, रामलखन राणा, प्रो बसन्त नारायण, रामअकबाल शर्मा, सुभाष राणा, गंगाधर शर्मा, विनोद राणा, देवनाथ राणा, सिकंदर शर्मा, उमेश कुमार शर्मा, पशुपति शर्मा, दुर्गा राणा, दुर्गा राणा, जीतन राणा, वीरेन्द्र राणा, लखन लाल शर्मा, उमेश राणा, बाबूलाल राणा, नन्दलाल शर्मा, परमेश्वर शर्मा, प्रो कैलाश राणा, ओम प्रकाश शर्मा, गणेश राणा, अनिल कुमार शर्मा, विनीत शर्मा, लखन राणा, संतोष राणा, प्रो जगदीश शर्मा, कृष्णा शर्मा, अरविन्द कुमार शर्मा, दिलीप विश्वकर्मा, सन्दीप कुमार, गौतम कुमार, संजीत शर्मा, मधुसूदन शर्मा, शंकर कुमार शर्मा, संदीप कुमार विश्वकर्मा, विशाल शर्मा, रामसकल शर्मा, रामानन्द शर्मा, रामजतन शर्मा सहित सैकड़ो की संख्या में पुरे झारखण्ड से विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधि भाग लिए ! धन्यवाद ज्ञापन राँची जिला कमेटी के सन्दीप कुमार ने किया ।
सोनाहातू:प्रखंड के रांगाडीह टांड़ मैदान में आयोजित तीन दिवसीय गूंज महोत्सव का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार, गूंज संरक्षक सुदेश कुमार महतो, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इससे पूर्व रांगाडीह मोड़ पर झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। मंच पर संरक्षक सुदेश कुमार महतो ने राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों का शॉल, मोमेंटो और गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. विनोद बिहारी महतो का संघर्ष, सामाजिक चेतना और वैचारिक दृष्टि आज भी प्रेरणास्रोत है। “पढ़ो और लड़ो” का उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है। गूंज महोत्सव विविधता में एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने आयोजन के लिए गूंज परिवार और संरक्षक सुदेश कुमार महतो की सराहना की। राज्यपाल छऊ नृत्य कलाकारों और स्कूली छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखकर भावविभोर हो उठे।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि गूंज महोत्सव सांस्कृतिक एवं सामाजिक विषयों को मंच प्रदान करता है और समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहीं सुदेश कुमार महतो ने कहा कि गूंज महोत्सव का आयोजन उनके लिए एक दायित्व है। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पाइका नाच और 500 नगाड़ा वादकों द्वारा किया गया।
शहीदों व विशिष्ट लोगों का सम्मान
महोत्सव में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद मनीष मिश्रा के माता-पिता को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी बुली महतो के वंशज, नक्सली हमले में शहीद सदानंद महतो (भेलवाटिकर-सताकी), सुरेंद्र स्वांसी व घासीराम महतो (दरहा), नीलमोहन महतो व खंजन महतो (चैनपुर) के परिजनों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।
खेल, शिक्षा और समाज सेवा में योगदान को सराहना
जल संरक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त झारखंड बालिका विद्यालय, राहे को सम्मान मिला।
लॉन बॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी दिनेश महतो, आर्चरी, बुशु और फुटबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।मारदु गांव की सोनिया कुमारी, जिन्होंने साहस दिखाते हुए बाघ को घर में बंद किया था, उन्हें भी सम्मान मिला।विधानसभा क्षेत्र के सभी खेल कोचों को सम्मानित किया गया तथा बुशु खिलाड़ियों को खेल किट वितरित की गई। इस अवसर पर एक एम्बुलेंस जनता को समर्पित की गई।
कृषि, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े आयोजन
महोत्सव में कृषि प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, जिसमें उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया।स्वास्थ्य जांच शिविर में 98 लोगों की जांच कर दवाएं दी गईं। 75 लोगों की नेत्र जांच हुई, जिनमें 20 में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए—इनका महावीर आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, रांची में निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और उपस्थिति पद्मश्री मधु मंसूरी सहित कई स्थानीय कलाकारों ने नृत्य व गीत प्रस्तुत किए।महोत्सव में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, रामकुमार पाहन, डॉ. देवशरण भगत, डोमन सिंह मुंडा, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, उपाध्यक्ष बीणा चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, मुखिया और पंचायत समिति सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह, दिनेश महतो और प्रकाश राम ने किया। महोत्सव के दौरान 300 से अधिक कार्यकर्ता विधि-व्यवस्था में तैनात रहे।
सोनाहातू:प्रखंड के रांगाडीह टांड़ मैदान में आयोजित तीन दिवसीय गूंज महोत्सव का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन अवसर पर राज्यपाल संतोष गंगवार, गूंज संरक्षक सुदेश कुमार महतो, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इससे पूर्व रांगाडीह मोड़ पर झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। मंच पर संरक्षक सुदेश कुमार महतो ने राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों का शॉल, मोमेंटो और गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. विनोद बिहारी महतो का संघर्ष, सामाजिक चेतना और वैचारिक दृष्टि आज भी प्रेरणास्रोत है। “पढ़ो और लड़ो” का उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है। गूंज महोत्सव विविधता में एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने आयोजन के लिए गूंज परिवार और संरक्षक सुदेश कुमार महतो की सराहना की। राज्यपाल छऊ नृत्य कलाकारों और स्कूली छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखकर भावविभोर हो उठे।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि गूंज महोत्सव सांस्कृतिक एवं सामाजिक विषयों को मंच प्रदान करता है और समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहीं सुदेश कुमार महतो ने कहा कि गूंज महोत्सव का आयोजन उनके लिए एक दायित्व है। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक पाइका नाच और 500 नगाड़ा वादकों द्वारा किया गया।
शहीदों व विशिष्ट लोगों का सम्मान
महोत्सव में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद मनीष मिश्रा के माता-पिता को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी बुली महतो के वंशज, नक्सली हमले में शहीद सदानंद महतो (भेलवाटिकर-सताकी), सुरेंद्र स्वांसी व घासीराम महतो (दरहा), नीलमोहन महतो व खंजन महतो (चैनपुर) के परिजनों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।
खेल, शिक्षा और समाज सेवा में योगदान को सराहना
जल संरक्षण में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त झारखंड बालिका विद्यालय, राहे को सम्मान मिला।
लॉन बॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी दिनेश महतो, आर्चरी, बुशु और फुटबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।मारदु गांव की सोनिया कुमारी, जिन्होंने साहस दिखाते हुए बाघ को घर में बंद किया था, उन्हें भी सम्मान मिला।विधानसभा क्षेत्र के सभी खेल कोचों को सम्मानित किया गया तथा बुशु खिलाड़ियों को खेल किट वितरित की गई। इस अवसर पर एक एम्बुलेंस जनता को समर्पित की गई।
कृषि, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े आयोजन
महोत्सव में कृषि प्रदर्शनी का आयोजन हुआ, जिसमें उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया।स्वास्थ्य जांच शिविर में 98 लोगों की जांच कर दवाएं दी गईं। 75 लोगों की नेत्र जांच हुई, जिनमें 20 में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए—इनका महावीर आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, रांची में निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और उपस्थिति पद्मश्री मधु मंसूरी सहित कई स्थानीय कलाकारों ने नृत्य व गीत प्रस्तुत किए।महोत्सव में सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, रामकुमार पाहन, डॉ. देवशरण भगत, डोमन सिंह मुंडा, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, उपाध्यक्ष बीणा चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, मुखिया और पंचायत समिति सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह, दिनेश महतो और प्रकाश राम ने किया। महोत्सव के दौरान 300 से अधिक कार्यकर्ता विधि-व्यवस्था में तैनात रहे।
रांची। मोदी सरकार ने लोगों का रोजगार छिना, मनरेगा को खत्म करके ग्रामीण जनता के रोजगार की गारंटी छिनी गई।प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री के राजू ने कहा कि मनरेगा में ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी जो नए विधेयक में समाप्त कर दिया गया। किस गांव में काम होगा यह बारगेनिंग पावर मजदूरों के हाथों में था लेकिन अब इसे केंद्र सरकार तय करेगी।मनरेगा के तहत 90% फंड केंद्र सरकार देती थी लेकिन अब सिर्फ 60% प्रतिशत राशि केंद्र सिर्फ चुनिंदा क्षेत्रों में देगी,गरीब राज्यों में मनरेगा के तहत मिलने वाला रोजगार इससे स्वतः समाप्त हो जाएगा। महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर देश की जनता चलती है इस विधेयक का नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम को समाप्त करने की कोशिश की गई है। मनरेगा ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की आत्मा थी इसे कुचल दिया गया,इस योजना को विश्व के देशों ने सराहा था,कोविड के दौर में लाखों लोगों को रोजगार मिला था जो जीवन रक्षक साबित हुआ थामनरेगा को समाप्त कर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ को कमजोर कर दिया गया है,कांग्रेस 21 दिसंबर से जिला स्तर पर इसका विरोध करेगी।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी को न्यायालय से न्याय मिला,सत्य की विजय हुई असत्य पराजित हुआ। कांग्रेस नेतृत्व को झूठे आरोप में फंसाने पर कांग्रेस द्वारा भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया।उन्होंने कहा कि पंचायत बुथ एवं प्रखंड स्तर पर कांग्रेस स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यालयों में झंडा फहराया जाएगा। संगठन सृजन का अभियान झारखंड में अंतिम चरण में है,हर ग्राम पंचायत कमेटी 12 सदस्यीय होगी और हर माह प्रखंड एवं पंचायत की बैठक होगी।आगामी आने वाले दिनों में बीएलए की नियुक्ति के पश्चात उनके प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। प्रखंड स्तर पर होने वाली बैठकों में जनता की समस्याओं पर बात होगी।1100 म्युनिसिपल वार्ड का गठन भी अंतिम चरण में है।17 जनवरी के बाद सभी प्रखंड में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संवाददाता सम्मेलन में सह प्रभारी सीरीबेला प्रसाद, भूपेंद्र मारावी, सुबोध कांत सहाय बंधु तिर्की शहजादा अनवर,राकेश सिन्हा,सतीश पॉल मुजनी,सोनाल शांति,रमा खलको भी उपस्थित थे।
रांची । 17 दिसम्बर 2025 दिन वृहस्पतिवार को 6 यूनियनों की एक संयुक्त बैठक हुई। जिसमें एच.ई.सी के वर्तमान स्थिति पर चर्चा किया गया। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि एच.ई.सी को गंभीर स्थिति से बचाने के लिए एक संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया जिसका नाम एच.ई.सी संयुक्त मोर्चा रखा गया। सभी को ज्ञात होगा की भेल से आए हुए निदेशक गण कर्मियों के समक्ष बहुत सारे वादे किए कि आप सभी कर्मचारी एवं यूनियन सहयोग कीजिए प्रबंधन बहुत जल्द कुछ महीनों में एचईसी के कर्मचारियों के जरूरी मांगों को पुरा कर देंगे कई महीनों से लंबित वेतन को जल्द से जल्द भुगतान करेंगे एवं अन्य समस्याओं को भी धिरे धिरे हल करेंगे। उसके उपरांत यहां के कर्मचारियों की दयनीय स्थिति होने के बावजूद भी दो तीन महीने में मात्र 15 दिन का वेतन भुगतान किया जा रहा है। और बीच-बीच में किसी महिने बिना वेतन के भी कर्मचारियों को अपना दिन गुजरना पड़ रहा है। कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाएं को आज के समय में निदेशक गण मौखिक रूप से बन्द कर दिये। वादे तो बहुत किये लेकिन पटल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। यहां के कर्मचारी आज भी सभी जरूरी सुविधाएं के बिना पुरे तन मन से उत्पादन में अपना सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। लेकिन निदेशकों को प्रत्येक महीने समय पर भेल से वेतन मिल जाता है इसलिए यहां के कर्मचारियों का बिना वेतन का कैसे घर परिवार चल रहा है इसका तनिक भी एहसास निदेशकों को नहीं हो रहा है। ऐसे ही कर्मचारियों के द्वारा भीपीएफ में जो अंशदान किया गया था। उसमें से 6 महिने का जिसका भी अंशदान था उसको वापस करने का आर्डर भी निकाला लेकिन अपने खुद के आर्डर को लागू नहीं किया।LIc का पैसा जो हर महीना सैलरी से डिडक्ट होता था एक सर्कुलर के द्वारा अप्रैल 2025 से बंद कर दिया गया लेकिन अभी तक में फरवरी 2024 तक ही पैसा जमा किया गया है। इससे कई कर्मचारियों के मृत्यु होने पर उनके परिवारों को इंश्योरेंस का लाभ भी नहीं मिल पाया।2018 बैच के कर्मचारियों का प्रमोशन का अभी तक कुछ भी विचार प्रकट नहीं किया और पिछले जनवरी 2024 से कर्मचारियों का वेतन पर्ची अभी तक बिना कारण के लंबित है। इसी तरह तमाम जरूरी मांगों को भेल के पदास्थापित निदेशक कटौती करते जा रहे। और अपनी मनमानी चला रहे हैं। लेकिन अब यूनियन इससे ज्यादा अत्याचार नहीं होने देगी इसलिए 6 यूनियन का संयुक्त होकर बहुत जल्द तमाम मुद्दों पर निदेशक गण से मिलकर अपनी बातों को रखेंगे। आज मुख्य रूप से एचईसी मजदूर संघ (बी.एम.एस) के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद, हटिया कामगार यूनियन (एटक) के प्रभारी महासचिव आर.के.शाही, हटिया लोकमंच के सचिव बिमल महली, एचईसी श्रमिक कर्मचारी ली. के महामंत्री प्रकाश कुमार, एचईसी श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष शनि सिंह, जनता मजदूर यूनियन के महामंत्री एस.जे.मुखर्जी बैठक में शामिल होकर अपने अपने विचारों को रखा। और विशेष रूप से अगली बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाने की बात कही।
साहिबगंज । विधानसभा सभा प्रत्यायुक्त समिति के सभापति सरयू राय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा , जिले के जन सरोकार मुद्दों पर प्रमुखता से संज्ञान लेते हुए बताया कि साहिबगंज नगर पर्षद की कोई भी योजना ठीक से कार्य नहीं कर रही है साथ ही उन्होंने साहिबगंज के फॉसिल्स पार्क जोकि मंडरो के बाद एक तीन पहाड़ में और एक पाकुड़ जिले में चिन्हित किया गया है उसे पर कार्य करने की बात कही हुई पत्रकार ने बताया कि साहिबगंज की एक बहु प्रतीक्षित जल नल योजना 15 साल से चल रही है आज भी जिस गति से चल रही है उसे पर साहिबगंज के पब्लिक को पानी मिलाना कठिन होता जा रहा है सरयू राय ने कहा कि जलापूर्ति योजना की स्थिति बहुत देनी है यहां पर एजेंसी आती है थोड़ा बहुत काम करती है और पैसा लेकर रफू चक्कर हो जाती है अभी तक यहां पर तीन एजेंसियां कार्य कर चुकी है पर सभी घरों में पानी पहुंचाना कठिन हो गया है एनसीटी पर एक्ट पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो इस तरह की गतिविधियों में संलप्त है उन्हें शासन तंत्र द्वारा चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी और बहुत सारे मुद्दों पर उन्होंने सरकार की विफलता को बतायाऔर कहा जहां साहिबगंज में गंगा नदी है वहां आम आदमी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहा है बहुत सोचनीय विषय है साथी उन्होंने साहिबगंज के जंगल पहाड़ और प्राकृतिक झरना के स्रोतों पर भी उन्होंने बात कही उन्होंने कहा कि सारे मुद्दे को विधानसभा के माध्यम से सरकार तक पहुंचने का सफल प्रयास किया जाएगा और अगर हो सके तो बजट सत्र के दौरान इन मुद्दों को रखा भी जाएगा
रांची। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 (आगे वन अधिकार कानून) एक ऐतिहासिक कानून है, जो वन आश्रित समुदायों को वन और वन संसाधनों पर उनके उन परंपरागत अधिकारों को पुनर्स्थापित करता है, जिन्हें औपनिवेशिक काल और आजादी के बाद उनसे छीन लिया गया था। यह अधिनियम पुनर्स्थापन की प्रक्रिया भी निर्धारित करता है।इस कानून को लागू हुए 17 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसका लाभ आज तक झारखंड के वन आश्रित समुदायों को पूर्ण रूप से नहीं मिल पा रहा है।
यह कानून जिन अधिकारों को मान्यता देता है, उनमें सबसे महत्वपूर्ण अधिकार धारा 3(1)(झ) के अंतर्गत "जंगल का संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन करने का अधिकार" है। वन विभाग के विरोध के कारण आज तक झारखंड में 'सामुदायिक वन संसाधनों' पर एक भी अधिकार पत्र निर्गत नहीं किया गया है।जंगल का उपयोग करने के सामुदायिक अधिकार पत्रों में भी कई अधिकारों की कटौती की जाती है और अधिकार क्षेत्र को भी घटा दिया जाता है, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इसके अलावा, वन भूमि को अपनी आजीविका के लिए उपयोग करने के अधिकार पत्रों में भी बड़े पैमाने पर कटौती की जा रही है या उन्हें निरस्त किया जा रहा है।
इसलिए, हम इस कानून के क्रियान्वयन के संबंध में कुछ मूल्यांकन करना आवश्यक समझते हैं।
1. इस कानून के अंतर्गत वन अधिकारों को निहित करने की प्रक्रिया में तीन स्तर के अधिकारी/निकाय हैं: ग्राम सभा, अनुमंडल स्तरीय समिति और जिला स्तरीय समिति। इन तीनों में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ग्राम सभा की है। विडंबना यह है कि प्रशासनिक अधिकारी ग्राम सभा को एक सक्षम प्राधिकारी मानने के लिए तैयार नहीं हैं। ग्राम सभा को मात्र " भीख माँगने वालों की भीड़" समझा जाता है। ग्राम सभा की लगभग सभी भूमिकाओं को प्रशासनिक अधिकारी अपने पास रखते हैं। कानून में कहीं भी वन विभाग या वन प्रमंडल पदाधिकारी को दावों के भौतिक सत्यापन करने का अधिकार नहीं दिया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वन प्रमंडल पदाधिकारी बैठक में जो कहते हैं, उसी को जिला स्तरीय समिति मान लेती है और पूरे जिले में हजारों दावों को निरस्त कर दिया जाता है। फलस्वरूप, कानून की मंशा के अनुरूप प्रक्रिया नहीं चल रही है।
2. वन अधिकार दावों का भौतिक सत्यापन: दावा किए गए वन क्षेत्र का भौतिक सत्यापन वन अधिकारों को निहित करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। वन अधिकार नियम 2012 में सत्यापन की एक पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया दी गई है। उसके अनुसार, सत्यापन करने का अधिकार सिर्फ ग्राम सभा और उसकी वन अधिकार समिति (FRC) को है (अधिनियम 6(1), नियम 12(1), 11(2)(iv))।भौतिक सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए FRC उस वन क्षेत्र में हित रखने वाले सभी पक्षों—दावेदार, वन विभाग और राजस्व विभाग—को पूर्व सूचना देकर भौतिक सत्यापन करती है (नियम 12(1))। आमतौर पर, नियम 12 क (1) के अंतर्गत लिखित सूचना के बावजूद वन और राजस्व विभाग भौतिक सत्यापन में उपस्थित नहीं होते हैं। यदि वे उपस्थित होते भी हैं, तो वे अपने प्रतिवेदन पर पदनाम, तारीख और हस्ताक्षर नहीं करते हैं। यह नियम 12क(1) का स्पष्ट उल्लंघन है और वन अधिकारों को निहित करने की प्रक्रिया को जान-बूझकर अटकाना है।
3. दावा अभिलेख अनुमंडल में जमा होने के बाद, वन विभाग के अधिकारी अनुमंडल और जिले से उन अभिलेखों को ले जाते हैं और अपने स्तर पर सत्यापन करते हैं, जिसके लिए वे अधिकृत नहीं हैं। वे इन दावों के खिलाफ प्रतिकूल प्रतिवेदन लिखकर जमा कर देते हैं।
4. अनुमंडल और जिला स्तरीय समिति को ग्राम सभा के प्रस्ताव पर विचार करके निर्णय लेना चाहिए (नियम 3(1)(ग))। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अनुमंडल स्तरीय समिति वन और राजस्व विभाग के गैर-कानूनी प्रतिवेदनों के आधार पर और जिला स्तरीय समिति वन प्रमंडल पदाधिकारी की सिफारिश के आधार पर निर्णय लेती है, जो पूर्णतः गैर-कानूनी है।
5. वन अधिकारों को निहित करना एक अर्ध-न्यायिक (Quasi-judicial) प्रक्रिया है। इसीलिए दावेदार को अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य देना पड़ता है। उसी तरह, यदि वन विभाग किसी दावे के खिलाफ कोई प्रतिवेदन देता है, तो उसे भी उसका साक्ष्य देना अनिवार्य है। लेकिन अनुमंडल और जिला स्तरीय समितियाँ वन विभाग द्वारा लिखित या मौखिक रूप से कही गई किसी भी बात को स्वीकार कर लेती हैं और दावों को निरस्त कर देती हैं या दावित वन क्षेत्र में कटौती कर देती हैं।
6. उपरोक्त के अलावा, अनुमंडल और जिला स्तरीय समितियाँ कानून के स्पष्ट प्रावधानों (जैसे नियम 12क(3, 6, और 7)) का खुलेआम उल्लंघन करती हैं।
झारखंड सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि सत्ता में आने पर वन अधिकार कानून को ईमानदारी से लागू किया जाएगा और व्यक्तिगत तथा सामुदायिक वन अधिकार पत्र बांटे जाएंगे। सरकार के गठन हुए एक साल बीत गया है, परंतु स्थिति अत्यंत निराशाजनक है।
अतः हम झारखंड सरकार से निम्नलिखित मांग करते हैं:
1. झारखंड सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करे। तत्काल, समय-सीमा के अंदर सभी लंबित दावों पर विचार कर वन अधिकार पत्र निर्गत करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया जाए।
2. वन विभाग के गैर-कानूनी हस्तक्षेप पर तत्काल रोक लगाई जाए।
3. अधिनियम की धारा 3(1)(झ) के अंतर्गत सभी गांवों को सामुदायिक वन संसाधनों पर अधिकार पत्र निर्गत किए जाएं (नियम 12ख(3 और 4))।
4. इस कानून के तहत ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान किया जाए।
5. अनुमंडल और जिला स्तरीय समितियों को निर्देश दिया जाए कि वे कानून के प्रावधानों का अक्षरशः और उसकी मूल मंशा के अनुरूप पालन करें।
इस अवसर मुख्य रूप से
संजय बसु मल्लिक (रांची), नंदकिशोर गंझू (लातेहार), चन्दन दास (धनबाद), चुन्नीलाल सोरेन(हजारीबाग), अवध सिंह (पलामू), रिया तुलिका पिंगुआ (रांची), एलिना होरो(रांची), जॉर्ज मोनिप्पल्ली (लातेहार),मानिकचंद कोरवा(गढ़वा), जेम्स हेरेंज (पलामू), गुलाब चंद्रा(बोकारो), रामेश्वर उरांव(लातेहार)
रांची। स्वराज एकता पार्टी के द्वारा रांची नगर निगम क्षेत्र में जनाधिकार पदयात्रा को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन कटहल मोड़ के समीप एक स्थानीय होटल में किया गया। मामले की जानकारी देते हुए स्वराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य रवि ने बताया कि हमारी पार्टी नगर निगम चुनाव को देखते हुए लोगों में जागरूकता अभियान को लेकर जनाधिकार पदयात्रा का आयोजन कर रही है जहां 20 दिसंबर से 24 दिसंबर के बीच रांची के विभिन्न वार्डों में नगर निगम क्षेत्र में पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा जहां लोगों के बीच नगर निगम क्षेत्र के मुद्दे को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी ।
केंद्रीय महासचिव अभिषेक शर्मा ने कहा
स्वराज एकता पार्टी के केंद्रीय महासचिव अभिषेक शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा की वर्तमान में रांची क्षेत्र में एक ही नेता 35 सालों से राज कर रहे हैं लेकिन अब तक रांची नगर निगम क्षेत्र के जो मुद्दे थे वह अब खत्म नहीं हो पाया है आज भी तमाम मूलभूत समस्याओं से जनता जूझ रही है और हम लोग 25 सूत्री मांग को लेकर भगवान बिरसा मुंडा की स्मृति स्थल से कचहरी तक जनाधिकार पद यात्रा का आयोजन करेंगे और लोगों को जागरूकता फैलाएंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान दर्जनों लोगों ने स्वराज एकता पार्टी का दामन थामा । इस अवसर दर्जनों लोग मौजूद थे।
रांची। भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (CITU) के आह्वान पर आज श्रम भवन, रांची के समक्ष विशाल धरना–प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के खिलाफ चल रहे देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा था।
धरने को संबोधित करते हुए CITU नेताओं ने कहा कि 2019–20 में संसद में अलोकतांत्रिक तरीके से पारित चारों लेबर कोड, श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार, निरीक्षण व्यवस्था और ट्रेड यूनियन अधिकारों से वंचित करने के लिए लाए गए हैं, जिसके तहत तथाकथित इज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर , “श्रम बाजार” पूंजी के हाथ में एक सामाजिक एवं मानवीय उत्तरदायित्व विहीन संसाधन मात्र बनकर रह जाएगा ।
प्रदर्शन में बीएसएसआर यूनियन के बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे, साथ ही हटिया मजदूर यूनियन, एनसीओईए, इंदल कगार यूनियन, आईआईसीएमयू, निर्माण कामगार यूनियन आदि के सदस्य भी मौजूद थे।प्रदर्शन के दौरान, वक्ताओं ने कहा , भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, 'श्रम' एक समवर्ती विषय है, इसलिए श्रमिकों के हित में श्रमिक-समर्थक भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में झारखंड सरकार को कोडों के नियमों को लागू करने पर रोक लगाना चाहिए।सीटू राज्य कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भवन सिंह, महासचिव विश्वजीत देब, वरिष्ठ नेता अनिरवन बोस और बीएसएसआरयू के कॉ0 केडी प्रताप,मृदुल दास,अरिंदम विश्वास आदि के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के श्रम आयुक्त महोदय के माध्यम से केंद्रीय और राज्य सरकारों के माननीय श्रम मंत्रियों को संबोधित ज्ञापन सौंपा , "जिसमें प्रमुख मांगें कोड के नियमों को लागू करने पर रोक लगाना और चारों श्रम संहिताओं को पूरी तरह से रद्द करना एवं सेल्स प्रमोशन कर्मचारी अधिनियम के प्रावधानों की रक्षा करना तथा उसके तहत वैधानिक वर्किंग रूल नियम बनाना थीं।
इसके अलावा राज्य सरकार के समक्ष 13 सूत्रीय राज्य स्तरीय मांगें भी रखी गईं, जिनमें - स्थायी प्रकृति का रोजगार के ठेकाकरण पर रोक , ठेका, अस्थायी, आउटसोर्स एवं स्कीम वर्कर्स का नियमितीकरण , समान काम के लिए समान वेतन , न्यूनतम मजदूरी का सख्त अनुपालन और सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा , गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी अनुसूची में शामिल करना , निर्माण एवं बीड़ी श्रमिक कल्याण बोर्डों के कोष का पारदर्शी उपयोग, प्रवासी एवं असंगठित श्रमिकों को राशन कार्ड एवं अन्य सुविधाएं , ट्रेड यूनियनों के पंजीकरण/पुनः पंजीकरण की प्रक्रिया का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने जैसे मांगों को रखा गया।यह घोषणा की गई कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया जाता है, तो सीटू से संबंधित यूनियनें अन्य यूनियनों के साथ मिलकर फरवरी 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर आम हड़ताल पर जाएंगी।कॉमरेड प्रकाश विप्लव, वीरेंद्र कुमार, कीर्ति मुंडा हरेंद्र यादव, पीआर गुप्ता, सुमित गुप्ता, और कई अन्य राज्य स्तर के नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित किया।
रांची । सोमवार को कांके प्रखंड के हुंदुर पंचायत के मुखिया रजनी देवी की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक की गई, जिसमें हर्ष वर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 दिसंबर 2025 को रसईका डुबा जतरा सह धर्मांतरण का विरोध कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से करने का निर्णय लिया गया। इस जतरा में अगल-बगल के गांव के लोग तथा कई प्रकार की नृत्य मंडलीय उपस्थित होकर लोगों को अपनी धर्म संस्कृति रीति रिवाज रूढ़ि प्रथा पर विशेष चर्चा एवं संकल्प लिया जाता है। साथ ही साथ रईसका पहान जो की अपनी रीति रिवाज रूढि प्रथा को बचाने के लिए गांव-गांव भ्रमण कर लोगों को सांस्कृतिक गीत एवं नृत्य लोगों को सिखाते थे और हमेशा अपने साथ मांदर एवं रंगुवा मुर्गा लेकर चलते थे और एक दिन में कई गांव का भ्रमण करते थे और यह जो स्थल है वहीं पर यह डूब कर मर गए थे इसी की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर हर वर्ष रईसका डूबा जतरा सह धर्मांतरण का विरोध कार्यक्रम विगत कई वर्षों से लगातार होते आ रहा है। रईसका पहान का पूरा जीवन दर्शन का उल्लेख कर लोगों के बीच प्रसाद के रूप में बांटा जाता है ताकि आने वाले युवा नई जनरेशन अपनी रीति रिवाज धर्म संस्कृति रूढि प्रथा को बरकरार रख सके एवं रसईका पहान की आत्मा को शांति मिले। आज के दिन में इस महान पुरुष से हम सबों को प्रेरणा लेने की सख्त आवश्यकता है।
आज की बैठक में विशेष रूप से संदीप उरांव, सोमा उरांव, पूर्व मुखिया विनोद उरांव, बालेश्वर पहान, मुनेश्वर मुंडा, बसंत महतो, सुजीत उरांव, बलराम महतो, राजू महतो, सतीश तिग्गा, प्रदीप मुंडा, विनोद साहू, सुबोध साहू, योगेंद्र प्रसाद, सुखलाल महतो, भरत साहू, पूर्व सरपंच गोविंद महतो, राम लखन मुंडा, रितेश उरांव, महावीर उरांव, जगन्नाथ उरांव, चारों उरांव, मीना देवी, विक्रम उरांव, प्रेमचंद उरांव, अजय महतो व अन्य उपस्थित थे।
रांची। पुल के शिलान्यास सहित कई मुद्दे पर भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव ने पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही पर कसा तंज, कह दी बड़ी बात। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाते हुए नजर,तो वहीं भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनंत प्रताप देव ने भी अपने क्षेत्र के विकास कार्यों और जनहित के मुद्दे को उठाने का कार्य किया। सदन के पटल पर रखा। वहीं शीतकालीन सत्र की समाप्ति के बाद रांची स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही जमकर निशाना साधा ही अपने क्षेत्र के मुद्दों को लेकर भानु पर कई सवाल खडे किये। उन्होने बाल चौराहा पुल के शिलान्यास पर कहा कि इतना महत्वपूर्ण पुल का शिलान्यास पूर्व के जनप्रतिनिधि भानु प्रताप ने तो कर दिया, लेकिन इसे चालू नहीं करा पाए। जबकि यह कार्य छत्तीसगढ़ के सरकार ने किया। इस तरह के जनप्रतिनिधि को शर्म आनी चाहिए। जो दाढ़ी और बाल तक बढ़ा कर यह बात करते रहे। अब वह जनता के जनप्रतिनिधि नहीं रहे बल्कि सोशल मीडिया के प्रतिनिधि हो गए है और अनाप शनाप बोलना उनका काम हो गया गया है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से झारखंड विधान सभा में आदिवासी समन्वय समिति भारत (असम) ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय के विभिन्न समस्याओं एवं उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने कहा कि आदिवासी समुदायों के प्रति असम सरकार की उदासीनता से समाज की दुर्दशा हुई है। असम में निवास कर रहे आदिवासी समाज यहां हर क्षेत्र में निरंतर पिछड़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि झारखंड सरकार असम में रह रहे आदिवासी समुदायों को उनका हक-अधिकार एवं पहचान की संरक्षा के लिए सकारात्मक पहल करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में रह रहे आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए हम तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ कदम से कदम मिलाकर उनके साथ सदैव खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से कहा कि जल्द झारखंड सरकार का एक डेलिगेशन असम में रह रहे आदिवासियों की वर्तमान स्थिति से अवगत होने असम दौरे पर जाएगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने असम के चाय बागानों में काम कर रहे आदिवासियों को एसटी का दर्जा दिलाने की बात को दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय बागानों में काम कर रहे आदिवासी समुदायों के लोगों के दैनिक वेतन में वृद्धि हो सके इस निमित्त हमारी साकार सकारात्मक पहल करेगी तथा वहां रह रहे आदिवासियों के भूमि संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी कदम आगे बढ़ाएगी।
विदित हो कि अंग्रेजी शासन के दौरान झारखंड से आदिवासी समाज के परिवारों को ले जाकर असम में बसाया गया था एवं वर्तमान ने उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी से उनका नेतृत्व करने का आग्रह किया जिससे कि उनकी आवाज को केंद्र एवं राज्य सरकार तक पहुंचाया जा सके।
मौके पर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा, आदिवासी समन्वय समिति भारत (असम) के जीतेन केरकेट्टा, बिरसा मुंडा, तरुण मुंडा, गणेश, अजीत पूर्ति, राजेश भूरी, बाबूलाल मुंडा, मंगल हेंब्रम सहित अन्य उपस्थित रहे।
रांची। महानगर स्थित अल्बर्ट एक्का चौक, रांची में राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी के जन्मदिन के शुभ उपलक्ष्य पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन महुआ माजी फ़ैन्स क्लब, धार्मिक संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।
शाम 6:00 बजे कार्यक्रम की शुरुआत केक काटने के साथ हुई। इसके बाद बच्चों के बीच पेन-पेंसिल, लड्डू वितरित किया गया साथ ही आकर्षक आतिशबाज़ी ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव का हिस्सा बने और पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा।सभी ने एक साथ सांसद राज्यसभा डॉ० महुआ माजी की उन्नति की कामना की साथ ही इसी तरह रांची झारखंड का नाम पूरे विश्व में रौशन करें।
जन्मदिन के कार्यक्रम के आयोजक नंद किशोर सिंह चंदेल ने कहा—
यह जन्मदिन का कार्यक्रम रांचीवासियों के अपनी जनप्रतिनिधि के प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक है। जनता की इतनी बड़ी सहभागिता इस आयोजन को और विशेष बना देती है।कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों तथा विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों की उपस्थिति ने समारोह को और प्रभावशाली बनाया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से
जन्मदिन के कार्यक्रम में मुख्य रूप से- नन्द किशोर सिंह चंदेल,सोमवित माजी,मंटू पांडे, विक्रम सिंह सोनू, मनीष सिंह, विनय सिंह,राहुल सिंह, कविता सिन्हा,अमन ठाकुर, सोमू बनर्जी, अनीश वर्मा, बिट्टू सिंह,अर्चना मिर्धा , रंजीता पांडे, शिल्पी कुमारी वर्मा,रश्मि कुजूर,शीला उरांव कौशिक घोष,अमन ठाकुर, निलेश चौधरी, राधा हेमरोम ,आरती मुंडा, राहुल सिंह, सोमू बनर्जी, अजित सिंह टिंकू,विश्वजीत चौधरी,बिट्टू कुमार ,विशाल सिंह सुजीत कुमार,शुभम् वर्मा,अंकित सिंह, रिकी वर्मा, अर्जुन वर्मा,रोहन सिंह,आकाश रजक, आनंद कुमार, अर्जुन सिंह, आशीष रजक सहित अन्य लोग मौजूद थे।
रांची। आदिवासी संघर्ष मोर्चा व झारखंड जनाधिकार महासभा के संयुक्त तत्वावधान में 9 दिसंबर 2025 को रांची में एक व्यापक विचार विमर्श आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झारखंड-छत्तीसगढ़ क्षेत्र में माओवादी उन्मूलन के नाम पर जारी हिंसा, राज्य दमन और कॉरपोरेट लूट की गहन समीक्षा की गई। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों, बोकारो, लातेहार, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, रामगढ़, हजारीबाग, रांची आदि से आए सैकड़ों आदिवासी-मूलनिवासी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला कार्यकर्ता, युवा और जन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सभा में कार्यक्रम के विषय प्रस्तुति करते हुए झारखंड जनाधिकार महासभा के सिराज ने कहा कि माओवादी खात्मा अभियानों के नाम का मुख्य उद्देश्य है आदिवासियों के अस्तित्व को खतम करना और उनके जल, जंगल, जमीन और खनीज को कॉर्पोरेट लूट के सुरक्षित करना। भाकपा (माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा मार्च 2026 तक “माओवाद के सफाये” की घोषणा के बाद आदिवासी क्षेत्रों में मुठभेड़, गिरफ्तारियां और सैन्यीकरण तेज हो गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ और झारखंड में सैकड़ों आदिवासी—निहत्थे ग्रामीण और आम नागरिक भी—मारे गए हैं। हालिया माडवी हिडमा की हत्या ने इस अभियान का असली चेहरा उजागर कर दिया है, जहां एक ओर आत्मसमर्पण की अपील होती है और दूसरी ओर तथाकथित मुठभेड़ों में हत्याएं। आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राज्य सचिव देवकीनंदन बेदिया ने सवाल उठाया कि जब माओवादी संगठनों ने युद्धविराम और शांतिवार्ता की इच्छा जताई थी, तब संवाद की बजाय हिंसा क्यों चुनी गई।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह विमर्श माओवादी विचारधारा के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि माओवाद उन्मूलन के नाम पर आदिवासियों के खिलाफ चल रहे दमन पर है। किसी भी प्रकार की हिंसा चाहे राज्य की हो या किसी और की, जायज नहीं है, और ऑपरेशन ग्रीन हंट, सलवा जुड़ुम व ऑपरेशन कगार जैसे अभियानों ने यह साबित किया है कि उनका सबसे बड़ा शिकार आदिवासी समाज ही बनता है।
महासभा के दिनेश मुर्मू ने कहा कि UAPA, SIR जैसे कानून आज दमन के हथियार बन चुके हैं। इन कानूनों के जरिए हजारों आदिवासी, युवा और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाला गया है। संदेश साफ है “हमारे पुरखों की जमीन, जंगल और संघर्ष की विरासत को हमसे छीना जाएगा।”
वक्ताओं ने अदाणी जैसे कॉरपोरेट समूहों का नाम लेते हुए कहा कि खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आदिवासी इलाकों को खाली कराया जा रहा है और जो विरोध करेगा, उसे देशद्रोही करार दिया जा रहा है। राज्य का दमन केवल सशस्त्र आंदोलनों तक सीमित नहीं है। विस्थापन, जबरन खनन, जबरन सुरक्षा कैंप निर्माण और सैन्यीकरण के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों को भी कुचला जा रहा है। मूलवासी बचाओ मंच पर प्रतिबंध और उनके नेताओं पर UAPA के मामले इसका उदाहरण हैं। 2019–23 के बीच देशभर में UAPA के तहत 10,400 से अधिक गिरफ्तारियां (झारखंड में 501) हुई हैं।
गोमिया से हीरालाल टुडू ने बताया कि हेमंत सोरेन सरकार आँख बंद करके केंद्र के माओवादी-खात्मा अभियान के नाम पर आदिवासी-खात्मा के रणनीति के नक्शेकदम पर चल रही है। राज्य में 21 अप्रैल व 16 जुलाई को गोमिया में हुए मुठभेड़ों पर भी कई सवाल खड़े होते हैं।
संघर्ष मोर्चा की अल्मा खलखो ने कहा कि जमीन लूटने के लिए फर्जी ग्राम सभाओं के जरिए परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में 33% महिला भागीदारी जैसे संवैधानिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन होता है अकसर सिर्फ एक महिला, वह भी मुखिया के नाम पर, कागजों में मौजूद होती है। वक्ताओं ने स्व. रामदयाल मुंडा को याद करते हुए कहा कि “सत्ता द्वारा आदिवासियों पर दमन इसलिए होता है क्योंकि उनकी जमीन के नीचे खनिज है।” पेसा, पांचवीं अनुसूची और संविधान ने जो अधिकार आदिवासियों को दिए हैं, उनके बारे में जन-जन तक जानकारी पहुंचाना जरूरी है, नहीं तो दिकू साहब जो कहते हैं, वही अंतिम सच बना दिया जाता है। संविधान के तहत प्रतिरोध करना देशद्रोह नहीं है।
महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर लीना पादम् ने अनुभव साझा किए। उन्होंने सोनी सोरेन सहित अनेक महिलाओं के उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह आदिवासी इलाकों में महिलाओं और युवतियों को जबरन खाना पकाने, यौन हिंसा और उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं के प्रतिरोध, साहस और संघर्ष की कहानियों को सामने लाना, उन्हें सम्मान और मंच देना और उनके अधिकारों व गरिमा के प्रति समाज को शिक्षित करना जरूरी है।
झारखण्ड जनाधिकार महासभा के टॉम कावला ने “अबुआ सरकार” से भी गहरी निराशा व्यक्त की। भूमि बैंक, विस्थापन और दमनकारी नीतियों पर उसकी चुप्पी सवालों के घेरे में है। सीपीएम के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव द्वारा भारतमाला परियोजना को रांची और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर विस्थापन के ब्लूप्रिंट के रूप में बताया गया। पश्चिमी सिंहभूम से अजीत कांडेयांग ने बताया कि बिना ग्राम सभा की सहमति के लगातार सुरक्षा बल कैम्प लगाए जा रहे हैं।
गौतम मुंडा ने कहा कि आदिवासियों के मूल मुद्दों को भटका के समुदायों के भीतर जाति-धर्म के आधार पर विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है—सरना, ईसाई, हिंदू, मुसलमान जैसे खांचों में बांटकर एकता को तोड़ा जा रहा है।
चेरो समुदाय के प्रतिनिधियों ने सतबरवा में 130 एकड़ पहाड़ पर कब्जे, सैकड़ों लोगों पर मुकदमों और आंदोलन के बाद नीलांबर–पीतांबर की प्रतिमा तक पर नोटिस दिए जाने की जानकारी दी, जबकि पलामू टाइगर रिजर्व के नाम पर बड़े पैमाने पर विस्थापन जारी है। अशोक वर्मा ने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार वंदे मातरम पर सांप्रदायिकता फैला रही है। और दूसरी ओर ग्रामीण वंदे मातरम गाते हुए जन विरोधी गोंदुलपुर कोयला परियोजना के विरुद्ध लोकतान्त्रिक आंदोलन कर रहे हैं।
उक्त वक्ताओं के अलावा कार्यक्रम में जन संस्कृति मंच के मोती बेदिया, सुरेंद्र बेदिया, आदिवासी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आर.डी. माझी, नन्दकिशोर गंझु, नंदिता भट्टाचार्य, भाकपा (माले) लिबरेशन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट प्रतिरोध पर जोर दिया। अंत में 1–9 जनवरी को प्रतिरोध सप्ताह, विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रमों का प्रस्ताव रखते हुए कानूनी जागरूकता, जनशिक्षा, संगठित जनआंदोलन और व्यापक एकजुटता का आह्वान किया गया। चेतावनी दी गई कि यदि अब भी चुप रहे, तो हमारी संस्कृतियाँ, जंगल, जैवविविधता और कई आदिवासी समुदाय समाप्ति की कगार पर पहुँच जाएंगे।
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच एवं झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा रांची के एक प्रतिनिधि मंडल अंचल अधिकारी नामकुम रांची से मुलाकात यह पहनई जमीन की खरीद बिक्री एवं हस्तांतरण कैसे हुआ इसकी जानकारी लेना था किंतु अंचल अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाई उनके कार्यालय में रिसीविंग कर दिया गया है। अगला अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची और उपायुक्त रांची से मुलाकात कर इसकी जानकारी लेंगे।
जो चांद गांव थाना तुपुदाना ओपी पंचायत हरदाग जिला रांची का खाता नंबर 71 प्लॉट नंबर 224 रकबा 1,08 (एक एकड़ आठ डिसमिल पास्कल कुजूर पिता नाथा नियल कुजूर के नाम से हस्तांतरण किया गया है जो नियम के विरुद्ध है। यह प्रथागत सामाजिक पहनई जमीन ना तो खरीद बिक्री होता है ना ही किसी व्यक्ति द्वारा किसी प्रकार का निर्माण कार्य न खरीद बिक्री न हीं हस्तांतरण किया जा सकता है। यह जमीन समाज के द्वारा पूजा पाठ करने के एवज में केवल पाहन (पुजारी) को दिया जाता है, किंतु इस प्रथागत सामाजिक पहनई जमीनों को भी चर्च के लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा उस जमीन पर डेढ़ वर्षो से झारखंड महाभिषेक चर्च चंगाई सभा चल रहा है है। इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची उपयुक्त रांची, और एलआरडीसी रांची को आवेदन देकर जमीन मुक्त कराने का निवेदन करेंगे।
ये सीएनटी एक्ट एवं पेसा अधिनियम का उल्लंघन है।
मेघा उरांव ने कहा है कि आदिवासी/ जनजातियों का अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा सुरक्षा हक और अधिकार उनका पहचान सरना मसना अखड़ा धूमकुड़िया सामाजिक धार्मिक और पहनई जमीनों को चिन्हित कर कब्जा मुक्त कराएगे। नामकुम प्रखंड के चांद गांव में झारखंड महाअभिषेक चर्च के द्वारा चंगाई सभा हर हाल में हटकर ही रहेगा
संदीप उरांव ने कहा है कि चर्च के लोग घबराहट में अनाप-शनाप बयान बाजी कर हम आदिवासी/जनजातियों के बीच विभेद पैदा करना चाह रहे हैं चर्च के लोग अपने बयान बाजी से बाज आए । चर्च का करतूत को आदिवासियों/ जनजातीय के बीच जागरूकता अभियान चलाएंगे।
इस कार्यक्रम में जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांत महिला प्रमुख अंजलि लकड़ा , संदीप उरांव, मेघा उरांव ,दिलीप मुंडा, सोमा उरांव,अजय कुमार भोगता, आरती कुजूर, सनी उरांव, बलवंत तिर्की, गणेश तिग्गा , मोती सिंह बड़ाइक एवं अन्य।
रांची । रविवार को एचईसी मज़दूर संघ की बैठक बीएमएस कार्यालय, सीडी–241 सेक्टर–3 में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रविकांत ने की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपने विभागीय और व्यक्तिगत कार्य-संबंधी मुद्दों को खुलकर सामने रखा। दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया पीएसयू की तीन दिवसीय बैठक में संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने एचईसी की गंभीर परिस्थितियों से केंद्रीय नेताओं को अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर स्पष्ट किया कि एचईसी को बचाने के लिए केंद्र सरकार लगातार चर्चा और समीक्षा कर रही है । उन्होंने कर्मियों से अपील की कि कारखाने के अंदर उपलब्ध हर कार्य को जिम्मेदारी से पूरा करें, उत्पादन बढ़ाकर एचईसी को अधिक मुनाफे में लाने में योगदान दें। सप्लाई कर्मियों को ‘एचईसी की रीढ़’ बताया । बैठक में सप्लाई कर्मियों की समस्या पर विशेष चर्चा हुई। महामंत्री ने कहा कि सप्लाई कर्मी एचईसी की रीढ़ हैं और प्रबंधन को हर हाल में उनकी सुविधाओं व सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। संघ ने आश्वस्त किया कि सप्लाई कर्मियों के मुद्दों को सर्वोच्च स्तर पर उठाया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए रविकांत ने कहा कि संघ को केंद्र सरकार की गतिविधियों और एचईसी को लेकर होने वाली बैठकों पर लगातार नज़र रखनी होगी। उन्होंने कहा कि भारी उद्योग मंत्री एवं सचिव से निरंतर संपर्क बनाए रखना और एचईसी के पुनरुत्थान के लिए हर स्तर पर दबाव बनाना अत्यंत आवश्यक है । एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमा शंकर प्रसाद ने कहा कि कर्मचारियों के विभिन्न समस्याओं को विस्तार पूर्वक हम सभी ने सुना एवं इसे अमल करने के लिए इन सभी मुद्दों को समाहित कर जल्द ही सीएमडी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा । बैठक में जीतू लोहरा, विकास तिवारी, मनोज कुमार, सुनील कुमार पांडे, सरोज कुमार, संजय कुमार, बसंत पिल्लई, शायून बागे, मोहम्मद असलम, उदय शंकर, अजय शर्मा, कुंदन शर्मा, मनोज कुमार गुप्ता, घनश्याम ठाकुर, संदीप सेन, नरेश मालाकार, सतेंद्र कुमार, जौन तिग्गा, अलख निरंजन, अमर नाथ, जय नारायण सिंह, गुड्डू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
गया। बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला शाखा गया जी 21 वा सम्मेलन, जयप्रकाश नारापण अस्पताल में आयोजित किया गया । खुले सत्र का उद्घाटन राज्याध्यक्ष संजय कुमार , प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन महामंत्री दिनेश कुमार ने किया । मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशी कान्त राय सीटू के उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह ने किया वक्ताओ ने 90 के दशक के बदली हुई अंतराष्ट्रीय राष्ट्रीय परिस्थिति में निजीकरण, उदारीकरण वैश्वीकरण के सहारे देश का संचालन किया जाने लगा जिसके कारण स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो स्थाई प्रवृति का विभाग है, उसमे ठेका संविदा, आउटसोर्सिंग तथा स्कीम वर्कर के आधार पर कार्यों का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य के मानक के अनुरूप उप केंद्र से लेकर मेडिकल कालेज तक के अभाव, चिकत्सकों , नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल , फार्मासिस्ट की रिक्त पदो पर बहाली नहीं हो रही है। इस कारण कर्मियों पर कार्य का बोझ है। वम्ताओं ने सरकार से स्वास्थ्य को जनता का मौलिक अधिकार बनाने की माँग की । सम्मेलन को राकेश कुमार महिला उपसमिति का उद्घाटन भाषण रेखा कुमारी ने किया । सीटू के नेता जयवर्धन कुमार, पेंशनर यूनियन के कपिलदेव प्रसाद सिन्हा, शमीम , दूधेश्वर पंडित ने भी अपनी बातों को रखा।
नव निर्वाचित कमिटी निम्नलिखित है :
अध्यक्ष : रेखा कुमारी
जिला कमिटी : चितरंजन कुमार
कोषाध्यक्ष : रंजीत कुमार
का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया ।
साहेबगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद साहिबगंज नगर इकाई द्वारा सामाजिक समरसता दिवस के अवसर पर शहर में तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता नगर मंत्री श्री अविनाश साह ने की। कार्यक्रम की शुरुआत साहिबगंज नगर परिषद परिसर में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों को बाबा साहेब के विचारों तथा सामाजिक न्याय और समानता के उनके संदेश के बारे में अवगत कराया गया। इसके बाद उत्क्रमित नगरपालिका उच्च विद्यालय, साहिबगंज में आंबेडकर समरसता भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।पहले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया, वो प्रतियोगिता में भारती कुमारी प्रथम, श्रेया कुमारी द्वितीय तथा सोनम परवीन तृतीय स्थान पर रही। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एनआरपी सेंटर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री मनोज झा तथा एबीवीपी के प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के तीसरे चरण में साहिबगंज शहर के गुल्ली भट्टा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप आंबेडकर सेवा बस्ती में आंबेडकर समरसता चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल के दौरान बस्तीवासियों को बाबा साहेब के विचारों, संवैधानिक अधिकारों तथा सामाजिक समानता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। बच्चों के बीच चॉकलेट भी वितरित की गई। नगर मंत्री अविनाश साह ने कहा कि सामाजिक समरसता दिवस का उद्देश्य सिर्फ कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को बाबा साहेब के विचारों से जोड़ना है। एनआरपी सेंटर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री मनोज झा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ छात्रों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री चंदन कुमार ने कहा कि एबीवीपी समाज में समता, स्वतंत्रता और बंधुता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वहीं जिला कार्यालय मंत्री श्री अंकुश कुमार ने बताया कि सेवा बस्ती में आयोजित चौपाल ने उन लोगों तक जागरूकता पहुँचाई है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
इन कार्यक्रमों में नगर सह मंत्री निधि सिंह, प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक इंद्रोजीत साह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चंदन कुमार, जिला कार्यालय मंत्री अंकुश कुमार, राजा, प्रिया कुमारी, माहि कुमारी, आदर्श, समीर, नीरज, विवेक, बादल, आकाश सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रांची। शनिवार को आरोग्य भवन रांची में जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय कार्यालय में जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्य नारायण सुरी की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक की गई। इस बैठक में विशेष रूप से 23 नवंबर 2025 को जो चंगाई सभा के विरोध में दसमाइल चौक पर जतरा मैदान में आयोजित आदिवासी सरना बचाओ महारैली की समीक्षा की गई। आने वाले दिनों में कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने अपने स्तर से विभिन्न मौजों में भ्रमण कर चंगाई सभा, मुक्ति महोत्सव सभा, मुर्दे उठकर खड़े होने वाले सभा एवं प्रार्थना सभा का पता लगाकर पुरजोर विरोध किया जाएगा। बैठक में संकल्प लिया गया कि धर्मांतरित ईसाई कभी भी किसी कीमत पर आदिवासी जनजाति नहीं हो सकता है। बैठक में जनजाति सुरक्षा मंच के झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे भारत देश में संगठन की गतिविधियां को बढ़ाने के लिए क्रमबद्ध योजना बनाई जा रही है।
आप भी समय है धर्मांतरित ईसाई जनजाति का आरक्षण का लाभ जितना दिन खाया सो खाया अब जनजाति सुरक्षा मंच किसी भी कीमत पर जनजाति का आरक्षण का लाभ धर्मांतरित ईसाई को खाने नहीं देगा,। धर्मांतरित ईसाई यदि वापस आना चाहे तो अब भी समय है अपने पूर्वजों का पूजा पाठ रीति रिवाज रूढ़ि प्रथा में पुन वापस आए जाए नहीं तो बाद में फिर समय नहीं मिलेगा ताकि आने वाली नई पीढ़ी अपनी रीति रिवाज परंपरागत व्यवस्था रूढ़ि प्रथा से वंचित न हो।
धर्मांतरण एवं आरक्षण के विरोध में कई प्रदेशों में माननीय उच्च न्यायालयों के द्वारा दिए गए निर्णय पर कानूनी रूप से चिंतन एवं विचार किया गया।
इस बैठक में
संदीप उरांव, मेघा उराँव,सोमा उराँव, जगन्नाथ भगत, एडवोकेट पिंकी खोया, नकुल तिर्की, प्रदीप लकड़ा, बिना उरांव, विशु उराँव, प्रदीप उरांव, अजय कुमार भोक्ता, हिंदूवा उरांव, राजू उराव, दुर्गा उरांव एवं चारवा उरांव व अन्य उपस्थित थे।
रांची। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन के पूर्व निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस के घोषणा के अनुसार 6 दिसंबर, 2025 दिन शनिवार को प्रेस क्लब, रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख रूप से यूनियन के संस्थापक सह प्रदेश अध्यक्ष अमित ओझा, प्रदेश महासचिव नीरज सिन्हा जी, प्रदेश मीडिया प्रभारी सत्यजीत ठाकुर , यूनियन के मुख्य सलाहकार वैद्यनाथ मिश्र, रांची जिला के संयोजक आयुष तिवारी ने प्रेस को संयुक्त रूप से संबोधित किया । मामले में जानकारी देते हुए संघ के नेताओं ने बताया कि यूनियन के फेज 03 के अध्यक्ष राजन शर्मा यूनियन के फेस 2 के सचिव देव सिंह, रांची फेस 3 के सचिव रोहित गुप्ता , मोनू पांडे , सक्रिय सदस्य गौरव आनंद जी, रूपेश साहनी प्रेस क्लब में उपस्थित थे
आयोजन करने का प्रमुख मुद्दा :
1. रांची जिला अध्यक्ष एवं रांची जिला सचिव का चुनाव की तिथि का घोषणा करना है तथा प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करना है।
2. यूनियन में दोषी पाए गए पदाधिकारी एवं सदस्यों के निष्कासन की घोषणा करना है।
मुद्दा 1
प्रत्याशियों के नाम:
जिला अध्यक्ष प्रत्याशी
1. दीपक सिंह
3. उदय कुमार सिंह
जिला सचिव प्रत्याशी
1. अरुण कुशवाहा
2. रोहित गुप्ता
3. मनीष कुमार
4. सोनू श्रीवास्तव
मुद्दा 2
निष्कासित सदस्य / पदाधिकारी
निष्कासित अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध निम्न आरोप/अनियमितताएँ पाई गईं थी
1. बार बार नशे की हालत में यूनियन के सदस्यों के साथ बदसलूकी करना
2. ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर कंपनी में गाड़ी अटैचमेंट के नाम पर ड्राइवर से पैसा वसूली करना
3. ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर कंपनी के कर्मचारी के साथ मिलीभगत कर किसी ड्राइवर के गाड़ी को ऑफ रोड करवा देना फिर गाड़ी ऑन रोड के नाम पर ड्राइवर से पैसा वसूल करना
4. ड्राइवर को पद का रौब दिखाना
5. किसी भी कार्य के लिए यूनियन से राय विचार ना करना
6. आम सभा का अवहेलना करना
इस बाबत यूनियन के नियमवाली के प्रावधानों के अनुसार अध्यक्ष को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, परंतु प्राप्त कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ।
उसके उपरांत यूनियन के नियमवाली के प्रावधानों के अनुरूप आम सभा द्वारा श सुरिन्दर सिंह को यूनियन के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से हटाते हुए निष्कासित कर दिया गया जहां यूनियन के किसी भी प्रकार की गतिविधि में हिस्सा ले पाएंगे ना कभी चुनाव लड़ पाएंगे।
रांची । भारत के संविधान निर्माता " भारत रत्न " बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर 10 सूत्री मांगों को लेकर झारखण्ड राज्य दफादार चौकीदार पंचायत द्वारा नागा बाबा खटाल , जाकिर हुसैन पार्क के सामने राँची में विशाल रैली प्रदर्शन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने की और इसका संचालन गोड्डा जिला सचिव तौहीद आलम ने किया । भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीम राव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए चौकीदार दफादारों का रैली प्रदर्शन शुरू किया गया ।
जिन मांगों को लेकर रैली प्रदर्शन किया गया उनमें तत्काल में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय , रांची द्वारा झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली __ 2015 में उल्लेखित प्रावधानों और चौकीदारों की नियुक्ति के संबंध में पारित आदेश के कारण झारखंड में चौकीदारी व्यवस्था समाप्त होने से जनहित और राज्यहित में बचाना , झारखण्ड चौकीदार संवर्ग नियमावली 2015 में संशोधन करके सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने और 01 जनवरी , 1990 के पूर्व और बाद में सेवा निवृत चौकीदार और दफादारों के आश्रितों की नियुक्ति पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार करने का प्रावधान निर्धारित करना , सेवा विमुक्त और एवजी चौकीदारों को न्याय दिलाने हेतु तत्काल अध्यादेश जारी करना या झारखंड ग्राम चौकीदार ( संशोधन) विधेयक _ 2025 पारित कराना , हर माह के प्रथम सप्ताह में वेतन करने की व्यवस्था करना, सभी बकाया जोड़कर वर्दी भत्ता का भुगतान करना , योग्यता के आधार पर पदोन्नति करना , पुलिस की तरह ही चौकीदार दफादारों को भी 13 माह का वेतन देना, यात्रा और ठहराव भत्ता भुगतान करने और प्रोत्साहन राशि पुरस्कार देने हेतु आबंटन आबंटित करना प्रमुख है ।
रैली प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने
झारखंड के माननीय मुख्य मंत्री श्री हेमंत सोरेन से मांग करते हुए कहा कि जनहित और राज्यहित में भारत की सबसे पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था चौकीदारी व्यवस्था बचाने हेतु झारखण्ड में चौकीदारों की नियुक्ति प्रक्रियाऔर उनके तबादला करने के संबंध में झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा पारित आदेश को शिथिल करने हेतु तत्काल अध्यादेश जारी करें । बीट से बाहर के अभ्यर्थी को चौकीदार पद पर नियुक्ति करना और इनका तबादला बीट से बाहर करना चौकीदारी मैनुअल और झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली _ 2015 में उल्लेखित प्रावधानों के खिलाफ तो है ही यह जनहित और राज्यहित के भी खिलाफ है । सेवा विमुक्त चौकीदारों को पुनः सेवा में योगदान कराने और 01जनवरी , 1990 के पूर्व और बाद में सेवा निवृत चौकीदार दफादार दिग्वार घटवार और सरदारों के आश्रितों की नियुक्ति पूर्व नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार करने हेतु भी भारतीय संविधान के अनुच्छेद _ 16( 4) की भावना के आलोक में तत्काल अध्यादेश जारी किया जाए या झारखंड ग्राम चौकीदार ( संशोधन) विधेयक _ 2025 पारित किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने कहा कि झारखण्ड चौकीदार संवर्ग नियमावली 2015 की कंडिका 2( 9) में प्रावधान है कि " बीट" से अभिप्रेत है एक चौकीदार का कार्यक्षेत्र जिसमें 100 से120 आवासीय घरों का समूह होगा । कंडिका 4 में प्रावधान है कि नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु राज्य सरकार द्वारा समय समय पर निर्धारित जिला स्तरीय आरक्षण लागू होगा और कंडिका 5 ( 5) में प्रावधान है कि अभ्यर्थी को संबंधित बीट का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा ।
श्री सिंह ने बताया कि झारखंड चौकीदार संवर्ग नियमावली 2015 में उल्लेखित उक्त प्रावधानों का अनुपालन जिलों में चौकीदार पद पर नियुक्ति में नहीं हुआ है । चौकीदारों के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु निकाला गया विज्ञापन से पहले या बाद में100 से 120 आवासीय घरों पर किसी जिला में बीट सृजित नहीं किया गया है। सफल अभ्यर्थियों को जिस बीट में चौकीदार के पद पर नियुक्त किया गया है अपवाद को छोड़कर उस बीट के स्थायी निवासी नहीं हैं । एक बीट में एक ही चौकीदार नियुक्त होंगे , लेकिन एक बीट में 01 से ज्यादा 3_ 4 चौकीदारों को नियुक्त किया गया है। एक बीट ( पुराना) के अलावे नया बीट किसी जिला में नहीं बना है और ना ही एक बीट से ज्यादा पद और बल झारखंड कैबिनेट से स्वीकृत है तो एक बीट में एक से ज्यादा 3 _ 4 चौकीदारों को कैसे नियुक्त कर दिया गया है ? बीट के बाहर से चौकीदार के पद पर नियुक्ति करने से भारत की सबसे पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था चौकीदारी व्यवस्था झारखंड से समाप्त हो जाएगी और इसका सीधा बूरा असर जनहित और राज्यहित पर पड़ेगा । उक्त उल्लेखित तथ्यों से स्पष्ट है कि किसी जिला में चौकीदारों की नियुक्ति में झारखण्ड चौकीदार संवर्ग नियमावली 2015 में उल्लेखित प्रावधानों का अनुपालन नहीं हुआ है । किसी किसी जिला में चौकीदारों की नियुक्ति में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग का आरक्षण शून्य कर दिया गया है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16( 4 ) का खुलम खुला उल्लंघन है ।
रैली प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से सर्वश्री एतवा उरांव , मिथलेश यादव , बाबूलाल दास ,उदित पासवान, उमेश पासवान , सरयू यादव ,तौहीद आलम , शिबू पहाड़िया, राम किशुन गोप ,रामदेव प्रसाद , मुनिलाल पासवान , किशोर कुमार महली , सीता उरांव, भैयाराम तुरी, नारायण भोगता ,,जय प्रकाश यादव, रहमान अंसारी, नीजेन कुमार भोगता , मानिक राय परमेश्वर पासवान , धनराज प्रसाद यादव , जगदीश भगत बबलू।लोहारआदि शामिल थे ।
रांची। राजधानी रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड दरभंगा हाउस के समक्ष सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी क्लिनिंग कार्य से बैठाये गये आवार्डी मजदूरों द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया । जहां सैकड़ों की संख्या में सीसीएल मुख्यालय रांची दरभंगा हाउस पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। मौके पर प्रदर्शन कारी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा 4 दिसंबर को आवार्डी मजदूरों को वार्ता के लिए बुलाया गया था, जो विफल रहा। सीसीएल प्रबंधन लगातार आवार्डी मजदूरों को छलने का काम करती रही है, जबकि आवार्डी मजदूरों द्वारा बीते 17 सितंबर को कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप भूख हड़ताल किया गया था। जिसमें 20 सितंबर को उपायुक्त बोकारो के निर्देश पर बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार द्वारा प्रबंधन से वार्ता कर भूख हड़ताल समाप्त कराया गया था। जिसमें प्रबंधन द्वारा जल्द हीं विधिक सहायता लेकर आवार्डी मजदूरों के सत्यापन के बाद नियोजन देने का लिखित आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके प्रबंधन अपने वादों से अबतक पिछड़ती रही है। आलम ने बताया कि प्रबंधन के लगातार टालमटोल नीति को लेकर 17 अक्टूबर को राज्य के पेयजल स्वच्छता सह मद्द निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में तथा बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा की उपस्थिति में तेनुघाट स्थित सिचाई विभाग के अतिथि गृह में बैठक की गयी। बैठक के बाद उपायुक्त झा द्वारा आवार्डी मजदूरों को कहा गया कि वे प्रबंधन के रवैये से भलीभांति परिचित है। उन्होंने प्रबंधन को 15 नवंबर तक बुटकी बाई के नेतृत्व में प्राप्त आवेदन पर चिन्हितिकरण करते हुए प्राथमिकता के आधार पर प्रबंधन को नियोजन देने का निर्देश दिया। लेकिन अबतक प्रबंधन द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं किया गया। आलम के अनुसार बीते 28 नवंबर को जब सीसीएल मुख्यालय पत्र देकर 5 दिसंबर को भूख हड़ताल करने की घोषणा की गयी, इसके बाद मुख्यालय रांची के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रबंधक मानव संसाधन माधुरी मडके द्वारा 4 दिसंबर को आवार्डी मजदूरों को वार्ता के लिए बुलाया गया।
आगे आवार्डी मजदूर डिवीजन सिंह ने बताया कि प्रबंधन एकबार फिर वार्ता के नाम पर आवार्डी मजदूरों को बरगलाने का काम कर रही है, जो अब संभव नहीं है। जबतक सीसीएल प्रबंधन उन्हें नियोजन नहीं देती है तबतक वे सभी सीसीएल मुख्यालय रांची पर भूख हड़ताल बैठे रहेंगे।
प्रदर्शनकारी में कौन कौन थे उपस्थित
दुर्योधन भुइया,कार्तिक भुइयां, सुखबारा बाई,चंदन भुइयां,नीलकंठ धोबी,ठाकुर प्रजापति,कुंदन भुइयां सहित दर्जनों आवार्डी मजदूर उपस्थित थे।
रांची। राज्यपाल संतोष गंगवार ने आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्ग के छात्रों को पोस्ट–मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होने पर चिंता जताई है और राज्य सरकार को आवश्यक दिशा निर्देश देने का आश्वासन आजसू छात्र संघ को दिया है। छात्रों के लंबित भुगतान की मांग को लेकर आजसू छात्र संघ का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को महामहिम राज्यपाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए एसटी, एससी एवं ओबीसी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति जल्द जारी कराने की मांग रखते हुए हस्तक्षेप का आग्रह किया। आजसू नेताओं ने राज्यपाल को बताया कि छात्रवृत्ति भुगतान नहीं होने के कारण आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्र पार्ट टाइम जॉब करने को मजबूर हैं, क्योंकि वे गरीब परिवारों से आते हैं।
मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने छात्र प्रतिनिधियों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कहा कि छात्रों की समस्याओं पर शीघ्र पहल की जाएगी तथा छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर संबंधित विभाग से जानकारी लेकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो, वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, पीयूष चौधरी, राजकिशोर महतो और प्रताप सिंह शामिल थे।
विदित हो कि छात्रवृत्ति मुद्दे को लेकर आजसू छात्र संघ कई दिनों से आंदोलनरत है और इसके लिए विगत दिनों “शिक्षा के लिए भिक्षा : जनाक्रोश मार्च” के माध्यम से राजभवन के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया था, परंतु उस समय राज्यपाल के राज्य से बाहर होने के कारण ज्ञापन नहीं दिया जा सका था। आजसू के अनुरोध के बाद गुरुवार को मुलाकात का समय निर्धारित किया गया था।
रांची। विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में काला दिवस मनाया गया। प्रदेश अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश चौहन एवं उपाध्यक्ष श्री यशवंत वर्मा के नेतृत्व में राजधानी एवं विभिन्न जिलों में रैली, प्रदर्शन और धरना के माध्यम से सरकार की नीतियों के प्रति जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
नेताओं ने कहा कि “जिस प्रकार सामान्य नागरिकों के अधिकार मान्य हैं, उसी प्रकार दिव्यांग, वृद्ध एवं विधवा भी सम्मान और समान अधिकार के हकदार हैं। सरकार संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करे।” दिव्यांग जनों ने एक स्वर में कहा कि वे संघर्ष जारी रखेंगे जब तक कि राज्य सरकार उनके संवैधानिक अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा हेतु ठोस निर्णय न ले ले। राजधानी रांची में विरोध प्रदर्शन
रांची में राजभवन के समक्ष धरना दे रहे झारखंड के दिव्यांगजन ने राजभवन से फिरायलाल चौक तक प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व:
ओम प्रकाश चौहान — चेयरमैन, जिन्हा महतो — कोषाध्यक्ष, श्री सुशील परजापति — वरिष्ठ पदाधिकारी
द्वारा किया गया।
नेताओं ने कहा कि:
“दिव्यांग, वृद्ध एवं विधवा जनों को समान अधिकार, सम्मान और सुरक्षा देना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।”
जिलों की मुख्य गतिविधियाँ
गोड्डा जिला – दिव्यांग सहायता समिति के श्री अशोक भगत, राजेश साह, मोहम्मद कालू के नेतृत्व में विशाल रैली। उपायुक्त महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन।
गिरिडीह जिला – दिव्यांग जन कल्याण संघ के श्री मुंशी वर्मा, मोहम्मद नसीमुद्दीन, मोहम्मद अबिद, तय्यब रसूल, राजेश्वर तिवारी, हिमांशु गिरि, बसंती मंडल – समाजसेवी के नेतृत्व में मांग-पत्र सौंपा गया।
कोडरमा जिला – दिव्यांग एकता संघ के पंकज पंडित, मोहम्मद तनवीर, मोहम्मद मुख्तार, पम्मी के नेतृत्व में प्रदर्शन व ज्ञापन।
गुमला जिला – दिव्यांग एकता संघ के छोटेलाल महतो, आरिफ आलम, जितेंद्र उरांव के नेतृत्व में 5 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
5 सूत्री प्रमुख माँगें
1️⃣ दिव्यांगजनों हेतु रोजगार एवं आर्थिक सुरक्षा
सरकारी सेवाओं में 4–5% आरक्षण का वास्तविक पालन
कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप हेतु विशेष वित्तीय सहायता
2️⃣ सामाजिक सुरक्षा
दिव्यांगजन एवं विधवा पेंशन राशि को ₹1000 से बढ़ाकर ₹3000 प्रतिमाह किया जाए
3️⃣ पहचान एवं स्वास्थ्य सुरक्षा
दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं पूर्णतः ऑनलाइन किया जाए
मुफ़्त दवाई, थेरेपी एवं नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए
4️⃣ शिक्षा अधिकार
दिव्यांग छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि
सभी शिक्षा संस्थानों में रैम्प, विशेष सुलभ कक्षाएँ एवं सहायक उपकरण अनिवार्य
5️⃣ सुगम्यता एवं परिवहन सुविधा
सरकारी भवनों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों में सुगम्यता के मानक लागू किए जाएँ
सभी सार्वजनिक परिवहन में रियायत व प्राथमिकता सुविधा प्रदान की जाए
रांची। जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड प्रदेश के मीडिया प्रभारी सह अध्यक्ष झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के सोमा उराँव ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश का अनुपालन पूरे भारत देश के साथ-साथ, विशेष कर झारखंड में लागू होना अति आवश्यक है। सोमा उरांव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय को स्वागत करते हुए धन्यवाद एवं आभार प्रकट करते हुए कहा है कि अभी वर्तमान समय में झारखंड में इस प्रकार का खेल खेला जा रहा है।झारखंड में बड़ी संख्या में हिंदुओं को इसाई बना दिया जा रहा है और ईसाई बनने के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का आरक्षण का लाभ ले रहे हैं जो पहले हिंदू धर्म में थे इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।पूर्व में भी माननीय न्यायालय ने सी सिलवा रानी, न्यायालय आंध्र प्रदेश, केपी मनु, मद्रास हाई कोर्ट और अभी अभी वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश को सभी राज्य में अनुपालन करने की सख्त आवश्यकता है। इसी से जनजाति का आरक्षण और अनुसूचित जाति का आरक्षण का लाभ बच सकेगा नहीं तो अभी तक सभी लाभ धर्म परिवर्तन करके ईसाई बने लोग ही आरक्षण का लाभ ले रहे हैं यही कारण है कि देश आजाद होने के 75 वर्षों के बाद भी जनजातियों की स्थिति जैसी की तैसी ही है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आदेश को लागू करने हेतु कैबिनेट सचिव दिल्ली, को भी आदेश दे दिए हैं।
महामहिम राजपाल महोदय झारखंड से मेरी विनती है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का आदेश का पालन झारखंड में यथाशीघ्र लागू करवाने की कृपा करें ताकि जनजातियों एवं अनुसूचित जातियों कि आरक्षण की रक्षा की जा सके साथ ही साथ उनके सर्वांगीण विकास भी हो।
रांची। गत गुरुवार को धनबाद जिले के राजकीय आदर्श विद्यालय गोविंदपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा वहां के छात्रों को हाथ जोड़कर प्रार्थना करने पर आपत्ति जताते हुए हंगामा खड़ा करने की घटना को लेकर बजरंग दल झारखंड प्रदेश के संयोजक रंगनाथ महतो ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि झारखंड को हम तालिबान किसी कीमत पर नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है, यह दुखद है। संविधान दिवस पर ही एक सरकारी कर्मचारी द्वारा संविधान को अपने मजहब से नीचे बतलाने का कार्य किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि जब से झारखंड में यूपीए गठबंधन की सरकार बनी है तब से ही झारखंड को दारुल इस्लाम बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है, और सरकार अपनी वोट बैंक की राजनीति के कारण यह सब देखकर भी मौन साधे हुए है। तभी तो यहां सारे कायदे कानून केवल मुसलमानों व ईसाइयों के लिए कार्य कर रही है। याद कीजिए जामताड़ा पाकुड़ व पलामू के सरकारी विद्यालय में रविवार को नहीं बल्कि शुक्रवार को सरकारी छुट्टी की घोषणा की गई थी। यही नहीं सिमडेगा व गुमला में तो केवल एक मजहब के धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी बैठकों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सरकारी चिट्ठी तक निर्गत की जा रही है, और सारे तंत्र इनके लिए कार्य करने को बाध्य हैं। समय रहते यदि झारखंड की वर्तमान राज्य सरकार अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करती है तो झारखंड की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए बाध्य होंगे। सरकार इस गफलत में कदापि न रहे कि झारखंड की जनता जातिवाद, प्रांतवाद, भाषावाद, बाहरी-भीतरी आदि के आपसी मतभेद में उलझ कर राज्यहित व राष्ट्रहित की बलि चढ़ा देंगे तो ऐसा सोचना सरकार की मूर्खता ही होगी।
रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), झारखंड का स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार को प्रदेश कार्यालय, रांची में उत्साह, एकजुटता एवं अनुशासन के साथ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं स्व. राम विलास पासवान जी तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।इस अवसर पर पार्टी की मूल विचारधारा, संगठन विस्तार, जनसंपर्क की दिशा और आगामी योजनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान श्री बीरेन्द्र प्रधान ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान जी के नेतृत्व में मिले शानदार एवं ऐतिहासिक प्रदर्शन पर सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी को बिहार–झारखंड समेत पूरे देश में और अधिक मज़बूती कैसे मिले, इस पर सभी की एकजुटता और प्रतिबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधान ने संगठन को बूथ स्तर पर मज़बूत करने, सभी मोर्चों को सक्रिय करने, और बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य जनता तक सीधे पहुँच कर उनके मुद्दों का समाधान करना और आने वाले चुनावों में संगठन को एक सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित करना है।
समारोह में प्रदेश एवं जिला स्तर के कई प्रमुख पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन की एकता, सक्रियता और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
इस मौके पर प्रदेश एवं जिला के कई पदाधिकारी उपस्थित हुए —
उमेश तिवारी, उमेश पासवान, अभिषेक राय, आदित्य विजय प्रधान,ममता रंजन, श्रवण कुमार, दीपिका होरो, शिवजी कुमार, रतन पासवान, ज्योति होरो, विष्णु सोनी, आनंद वर्मा, भोला राय,हाफिजुल हसन, अमित बंधु, शिवजी तिवारी, आनंद पांडे, चुन्नू , विजय एवं सैंकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
रांची। श्रमिकों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड के खिलाफ 10 केंद्रीय श्रमिक संघों के आह्वान पर 26 नवंबर का देशव्यापी विरोध दिवस झारखंड में असरदार रहा. बुधवार सुबह से ही कोयला खनन के क्षेत्र समेत सभी कार्य स्थलों पर मजदूरों - कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर पीट मिटिंग, गेट मिटिंग कर जिला मुख्यालयों पर धरना - प्रदर्शन के माध्यम से चार श्रम संहिता को रद्द करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित संयुक्त ज्ञापन जिले के उपायुक्तों को सौंपा. HEC में भी प्रदर्शन किया गया।
राजधानी रांची में जाकिर हुसैन पार्क से मजदूरों - कर्मचारियों का एक जुलूस निकाला गया जो अल्बर्ट एक्का चौक पर जाकर सभा में तब्दील हो गया. इस जुलूस में सीसीएल मुख्यालय और सीएमपीडीआई के कोयला मजदूर, डाक, बीमा, बैंक, राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अलावा सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, निर्माण, परिवहन और स्कीम वर्कर्स के युनियनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे.
अल्बर्ट एक्का चौक पर चारों लेबर कोड की प्रति जलाई गई एवं सभा हुई जिसकी अध्यक्षता एटक के अशोक यादव ने की. इस सभा को एक्टू के शुभेंदु सेन, सीटू के प्रतीक मिश्र के अलावा बेफी के एम एल सिंह, एआइबीइए के शशिकांत भारती, ठेका कामगारों और परियोजना कर्मियों ने संबोधित किया. वक्ताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि आज की यह विरोध कार्रवाई केवल शुरूआत है. गुलामी के इस दस्तावेज को मजदूर नहीं मांनेगें और किसान आंदोलन की तरह इसे वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा.
रैली में सीटू के एस के राय, रोहित कुमार, सुमीत कुमार, रूपेश बर्नवाल, शंभू सेन, कपिल महतो, बिगल उरांव; एक्टू के जगन्नाथ उरांव, भीम साहू, अनीता देवी, मंजू देवी, शेख शहदुल, रमेश रवि, मोहम्मद शमीम, गोपाल शरण सिंह, इनामुल हक; इंटक के संजीव सिंह; बेफी के कनक चौधरी; किसान सभा के अजय सिंह, खेत मजदूर यूनियन के बीरेंद्र कुमार, आदि शामिल रहे।
रांची। रविवार को प्रखंड नामकुम डूंगरी पंचायत थाना खरसी दाग स्थान दस माइल चौक जतरा मैदान थाना खरसी दाग जिला रांची झारखंड मे विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों और परंपरागत रुढ़ि प्रथा का पालन करने वाले ग्राम प्रधानों के मौजूदगी में झारखंड महाभिषेक चर्च के द्वारा अंधविश्वास को बढ़ावा देने चंगाई और बीमारी ठीक करने के नाम पर भोले भाले आदिवासी/ जनजातियों को कराए जा रहे हैं मतांतरण /धर्मानांतरण के खिलाफ जना क्रोस सभा किया गया इस सभा मे झारखंड के अलावा सीमा वर्ती राज्यों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए।सभी अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए आदिवासी सरना बचाओ महा रैली के संयोजक मेघा उरांव ने कहा की अब बहुत हो गया है धर्मांतरण के खिलाफ और समाज की पहचान रूढ़ि प्रथा हक और अधिकार लिए खुलकर समाज को आना होगा नहीं तो ये विदेशी सात समुंदर पार क्रिसतान ईसाई मिशनरी हम आदिवासी/ जनजाति समाज को दीमक की तरह चाट कर समाप्त कर देगा । आज जिस तरह इस कार्यक्रम में देखने को मिला कि ईसाई मिशनरी किस तरह सरकार और हम लोगों पर हावी है उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है और हम लोगों के लिए नियम कानून है वो बिना परमिशन एक दो साल साल से कार्यक्रम चल रहा है उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है हम लोगों को एक दिन के लिए कार्यक्रम करने के लिए अनुमति और कानून को डांटा दिखाया जाता है।
कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रताप पारित किया गया।
1) अपने मूल धर्म की पूजा पद्धति रूढ़ि कस्टम के प्रति समाज को जागरूक करना।
2) रूढ़ि प्रथा को पालन करने वाले जनजातियों का संवैधानिक अधिकारों के बारे में जानकारी देना।
3) और छत्तीसगढ़ के तर्ज पर झारखंड में भी फिफ्थ शिड्यूल एरिया मे बाहरी ईसाई मिशनरी को बोर्ड लगाकर पास्टर पादरी को प्रवेश वर्जित किया जाना ।
4) पंचायती राज अधिनियम 2001 और पेसा कानून के तहत अवैध रूप परंपरागत ग्राम प्रधान के पद पर बैठे ईसाई या व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें पद से हटाया जाना।
5) पेसा कानून जल्द से जल्द लागू हो।
6) धर्मांतरण कानून 2017
7) डीलिस्टिंग कानून जल्द से जल्द बने इसके लिए केंद्र सरकार को दबाव बनाना
8) चांद गांव से चंगाई सभा को अभिलंब बंद किया जाए
साहित्य हांथ उठाकर और नगड़ा बजाकर ग्राम प्रधानों के मौजूदगी में प्रस्ताव पारित किया गया। इस कार्यक्रम को जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशा राम भगत, पूर्व जज मध्य प्रदेश प्रकाश सिंह उइके, कृपाशंकर भगत छत्तीसगढ़, जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड के संदीप उरांव, एवं अन्य ने संबोधित किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संदीप उरांव , रितेश उरांव ,अंजलि लकड़ा, मेघा उरांव, आरती कुजूर , सोमा उरांव, सनी उरांव, छोटे राय मुंडा, भीम मुंडा, पूरन चंद्र मुंडू, गणेश तिग्गा, राजू उरांव, रोपनी मिंज ,विकास उरांव, प्रदीप मुंडा, विजय मुंडा, करमु मुंडा, अजय कुमार भोगता, बुधराम बेदिया, बलबत तिर्की, चरवा खलखो , रूपेश बखला, डहरू पहान, शिबू, मुकेश भगत, मनोज भगत, खेत्रो मोहन टुडू, बुटन महली, जय मंत्री उरांव,तुलसी प्रसाद गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद थे।
रांची। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाये गये आरोपों को बेतुका, तथ्यहीन और राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया है।उन्होंने कहा कि भाजपा हर मामले में अपनी राजनीति चमकाने और झारखंड की व्यवस्था पर अविश्वास पैदा करने के लिए झूठ की खेती करती है, जबकि सरकार पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ नेता चाहते थे कि यह पूरा मामला झारखंड में किसी तरह राजनीतिक उथल-पुथल का कारण बने, लेकिन उनकी साजिश नहीं चली। अब वही लोग उत्तर प्रदेश भागकर अपने अकाओं की शरण में जाकर मनगढ़ंत कहानी गढ़ रहे हैं, ताकि झारखंड की पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया को बदनाम किया जा सके।
भाजपा मामले को हाईजैक कर राजनीतिक रोटी सेकना चाहती है।उन्होंने कहा कि परीक्षा की जांच राज्य की एजेंसियां बारीकी से कर रही हैं।मरांडी जी झूठ बोलने से पहले तथ्यों की जांच कर लें।
प्रवक्ता पांडेय ने चुनौती देते हुए कहा—
मरांडी जी यह बताएं कि उनके पास कौन-सा ‘पक्का सबूत’ है कि किसी पूर्व अधिकारी ने मोटी रकम ली या कोई साक्ष्य नष्ट कराया? सिर्फ ‘हमें सूत्रों से सूचना मिली’ जैसे जुमलों से वे युवाओं के गुस्से को भुनाना चाहते हैं।‘ नेता आखिर क्यूं पत्रकारों की तरह सूत्रों के हवाले से बयान देने लगा है? यह बड़ा सवाल है। जिस नेता की बात में दम नहीं उसका नेतृत्व प्रभावशाली नहीं हो सकता !!!
सीआईडी पर सवाल उठाना झारखंड की संस्थाओं का अपमान
विनोद पांडेय का कहना है कि जांच टीम में फेरबदल सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन, भाजपा हर सरकारी प्रक्रिया को तोड़-मरोड़कर यह दिखाना चाहती है कि झारखंड की एजेंसियां सक्षम नहीं हैं। असल में भाजपा को झारखंड की संस्थाओं पर भरोसा ही नहीं।यदि भाजपा को इतनी चिंता है तो पहले यूपी व अन्य भाजपा शासित राज्यों के पेपर लीक पर जवाब दें। महासचिव पांडेय ने कहा कि भाजपा के शासन वाले राज्यों—उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान में पेपर लीक की घटनाएं फैक्टरी की तरह चल रही हैं। मरांडी जी पहले अपने घरों में लगी आग बुझाएं, फिर झारखंड को सीख देने आएं।
रांची। विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से धर्मांतरण एवं चांद गांव में चल रहे चंगाई सभा के विरोध में 23 नवंबर को आहूत आदिवासी सरना बचाव महारैली को लेकर रैली आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं की धुर्वा सरना स्थल धूमकुड़िया परिसर में प्रेस वार्ता की गई। इस प्रेस वार्ता में मेघा उरांव,राम पहान ने संयुक्त रूप से कहा कि पूरे झारखंड में अंधविश्वास को बढ़ावा देते हुए अवैध रूप से चंगाई सभा चल रहा है उसी में यह चांद गांव में झारखंड महाअभिषेक चर्च द्वारा हो रहे चंगाई सभा भी है जिसके विरोध में 23 नवंबर को दसमाइल चौक नामकुम रांची में आदिवासी सरना बचाओ महारैली का आयोजन किया जा रहा है महारैली में धर्मांतरण तथा चंगाई सभा, के साथ साथ ईसाई बने लोगों द्वारा हड़पी गई परंपरागत जमीन जैसे पहनई डाली कटारी ,कोटवार जमीन बचाने
ईसाई ग्राम प्रधान को पद से हटाने तथा ईसाई मिशनरियों द्वारा हड़प कर सरना स्थलों को बचाने की मुहिम गांव गांव में चलाने का शंखनाद होगा महारैली में झारखंड के विभिन्न जिलों समेत देश के विभिन्न राज्यों से आदिवासी सामाज के लोग हिस्सा लेंगे यह महारैली आदिवासी समाज का मूल पहचान अस्तित्व बचाने के लिए किया जा रहा है अंजलि लकड़ा ने कहा कि कुछ लोग रैली को विफल को करने के लिए गलत तथ्यो को समाज के बीच लाकर षड़यंत्र रच साजिश कर रहे हैं उस साजिश को हम सभी कभी भी सफल नहीं होंगे . संदीप उराव ने कहा कि रैली शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होगी 23 नवम्बर को सभी आदिवासी सामज के लोग दस्माइल चौक नामकुम राची में सुबह 11 बजे से जुटेंगे और अपने पारंपरिक वेशभूषा गाजे बाजे के साथ दस्माईल चौक से चांद गांव में चंगाई सभा चल रहे टेंट तक जायेंगे ।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से
मेघा उरांव,सोमा उरांव , अजय भोक्ता, सन्नी टोप्पो उरांव , बुधराम बेदिया ,पंचम भोक्ता, विश्वकर्मा पहान,अंजली लकड़ा सहित अन्य मौजूद थे।
रांची। आदिवासी सरना बचाओ महारैली के आयोजक समिति की ओर से बैठक कर 23 नवंबर 2025 को विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा जो झारखंड महाभिषेक चर्च के द्वारा 2 साल से गैर कानूनी तरीके से मजमा लगाकर बीमारी ठीक करने के नाम पर धर्मांतरण कराए जा रहे के खिलाफ संवैधानिक तरीके से और शांतिपूर्ण तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।
इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
दूसरी तरफ ऑल इंडिया क्रिश्चियन माइनॉरिटी फ्रंट के लोगों के द्वारा रांची के उपायुक्त और सीनियर एसपी को ज्ञापन सौंप कर 23 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को रोक लगाने माग किया है जो गलत है । किसी को अपने धर्म और समाज का रक्षा सुरक्षा और विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है क्या। इससे यही प्रतीत होता है कि फ्रंट के लोग काफी घबराए हुए हैं डरे हुए हैं और उस दिन का कार्यक्रम को बिफल करना चाहते हैं । आयोजक समिति के लोगों ने कहा कि बार-बार सरना और ईसाई को लड़ाने की बात करता उनको मैं याद दिला दूं कि ईसाइयों का धर्म ग्रंथ नेमहा बाइबल मे आदिवासियों का सरना पूजा स्थल को मिटाने नष्ट करने टुकड़े-टुकड़े करने और आदिवासियों का सरना पूजा स्थल को अतिक्रमण कर जबरन चर्च और ग्रोटो बनाया है और हाल ही में डीबडीह के नया टोली में करम अखड़ा का बाउंड्री को तोड़फोड़ किया सरना आदिवासियों के साथ मारपीट किया ये लड़ाने का काम कौन कर रहा है समझने की बात है।
आज का इस बैठक मेघा उरांव, संदीप उरांव, सोमा उरांव, हिदुवा उरांव, विश्कर्मा पहान मौजूद थे।
रांची। आजसू पार्टी ने कहा है कि एनडीए सरकार में विकास की गति तेज हुई थी, लेकिन विगत 6 वर्षों में हेमंत सरकार में झारखंड 25 वर्ष पीछे चला गया है। विकास का रोडमैप गायब है। आदिवासी–मूलवासी जनता ने अलग राज्य के लिए एक साथ संघर्ष किया था, लेकिन झारखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती पर जनता में कोई उत्साह नहीं दिख रहा। शहीदों के सपने अधूरे रह गए।
आजसू के आंदोलनकारी नेताओं मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष द्वय प्रवीण प्रभाकर एवं हसन अंसारी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य की जनता को झारखंड स्थापना की रजत जयंती पर बधाई दी। आजसू के उग्र आंदोलन की बदौलत झारखंड राज्य का निर्माण हुआ। झारखंड आंदोलन में आजसू ने संघर्ष किया, जबकि झामुमो ने सौदेबाजी की। इस मौके पर मीडिया संयोजक परवाज खान भी उपस्थित थे।
*बुनियादी प्रश्न सुलझे नहीं : डॉ भगत*
केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देव शरण भगत ने कहा कि आज भी झारखंड में स्थानीय नीति, नियोजन नीति, आरक्षण नीति, विस्थापन नीति, बेरोजगारी उन्मूलन की नीति जैसे बुनियादी प्रश्न अनसुलझे हैं। राज्य जो देश को 40% तक खनिज राजस्व देता है, वहीं यहां की जनता बेरोजगारी, पलायन और गरीबी से जूझ रही है।
*राज्य का विकास ठप : प्रवीण प्रभाकर*
केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि एनडीए शासनकाल में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के क्षेत्र में विकास की पहल हुई थी, परंतु वर्तमान सरकार में विकास का रोडमैप पूरी तरह गायब हो गया है। यह सरकार आदिवासी अस्मिता, भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान के सवालों पर भी विफल रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर गरीबी दर 22% है, जबकि झारखंड में 39%। साक्षरता दर राष्ट्रीय स्तर पर 77.7%, जबकि झारखंड में मात्र 66.41% है। कक्षा 10 तक ड्रॉपआउट रेट 35% है। कुपोषण दर 19.6% है और 10000 की आबादी पर राष्ट्रीय औसत 9 चिकित्सक के मुकाबले केवल 3.5 चिकित्सक हैं। सरकार द्वारा घोषित 5 लाख रोजगार में से 1 लाख नौकरियां भी नहीं दी गईं। उन्होंने कहा कि
*आंदोलनकारियों के साथ धोखा : हसन*
केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के साथ न्याय नहीं हो पाया है। चिन्हितिकरण का कम अधूरा है।आंदोलनकारी आयोग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अफसरशाही हावी है। म्यूटेशन से लेकर प्रत्येक विभाग तक भ्रष्टाचार और वसूली चरम पर है। हर थाने, हर पोस्टिंग की कीमत तय है। अवैध कोयला व्यापार, एक्सटॉर्शन, और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार मौन है सरकार की नीतियां जनहित से अधिक नौकरशाहों और विधायकों के हित में झुकी हुई हैं। यह जनकल्याणकारी नहीं, अफसरशाही सरकार बन गई है। जनता अब इस सरकार से जवाब मांग रही है।
रांची । झारखंड प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण की मतदान प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जो माहौल, जनता का उत्साह उससे यह स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है कि बिहार की जनता ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय की नीति पर पुनः भरोसा जताते हुए एनडीए को बहुमत देने का मन बना लिया है।
श्री तिवारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार ने पिछले वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यही कारण है कि जनता ने एक बार फिर “विकास के साथ विश्वास” के आधार पर मतदान किया है।
उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की संभावित जीत न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे पूर्वी भारत, विशेष रूप से झारखंड के लिए भी राजनीतिक रूप से प्रेरणादायक सिद्ध होगी। नीतीश कुमार जी का कार्यशैली और विकास मॉडल झारखंड की जनता के बीच भी सकारात्मक संदेश दे रहा है।
श्री तिवारी ने कहा कि बिहार में एनडीए की संभावित जीत से यह भी साबित होता है कि जनता जाति या नारे की राजनीति से ऊपर उठकर विकास, स्थिरता और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। राज्यसभा सांसद श्री खीरू महतो जी, और स्टार प्रचारक माननीय विधायक अभिभावक श्री सरयू राय जी के कुशल नेतृत्व में झारखंड प्रदेश जनता दल यूनाइटेड ने बिहार चुनाव के प्रचार प्रसार में रामसेतु निर्माण में गिलहरी की तरह भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी जनता दल (यू) संगठन को और सशक्त किया जाएगा ताकि बिहार की तरह यहां भी विकास और समरसता की राजनीति को आगे बढ़ाया जा सके।
श्री तिवारी ने महासचिव उदय कुमार सिंह, मनोज कुमार सिन्हा, उपेंद्र नारायण सिंह, संजय कुमार सिंह, श्रवण कुमार, भगवान सिंह, निर्मल सिंह, पिंटू सिंह, पी एन सिंह, सोमेन दत्ता, प्रदेश सचिव दिलीप पांडे, सुयश पांडे उनकी पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने निरंतर संगठन को मजबूत करने और बिहार चुनाव में पार्टी की नीति और दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
रांची। सोमवार को पुराना विधानसभा सभागार में झारखंड प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संघ के द्वारा एक विशेष बैठक झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष सोमा उराँव की अध्यक्षता में की गई, जिसमें झारखंड प्रदेश के विभिन्न जिलों से माननीय मुखिया गण एवं अध्यक्ष उपस्थित हुए।बैठक में सरकार द्वारा पूर्व में दिए गए माँगों का लिखित अवशासन देने के बाद भी आज तक पूरा नहीं हुआ तथा कई अहम बिंदुओं एवं समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया एवं बैठक में सर्व समिति से निर्णय लिया गया कि आगामी 13 नवंबर 2025 रांची के मोराबादी ऐतिहासिक मैदान पर पूर्वाहन 11:00 बजे झारखंड प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संघ के जनप्रतिनिधि गण( वार्ड सदस्य, उप मुखिया, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, उप प्रमुख, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद अध्यक्ष) जुटेगें और उसके बाद जुलूस की शक्ल में मुख्यमंत्री आवास घेराव सह मांग पत्र सौंपा जाएगा। इस बैठक में मुख्य रूप से प्रमिला सिंह पलामू जिला अध्यक्ष, सुबोध कुमार यादव प्रदेश उपाध्यक्ष, मोहम्मद अहमद अली, संजय कुमार यादव, नाजमा खातून, तुलसी महतो, सरिता साव, लक्ष्मी नारायण, प्रदीप महतो, जितेंद्र सिंह, राजीव रंजन, कमल कुमार पासवान, सुदर्शन राम, अरविंद कुमार सिंह, श्याम देव यादव जिला अध्यक्ष कोडरमा, एतवा उरांव व कई गाने गन्य मान्य माननीय मुखिया गण उपस्थित थे।
रांची। शनिवार को आरोग्य भवन बरियातू के सभागार में जनजाति गौरव दिवस के आयोजन समिति के द्वारा आगामी 15 नवंबर 2025 भगवान बिरसा मुंडा की 150 वां जन्म जयंती के शुभ अवसर पर तैयारी को लेकर विशेष बैठक की गई। यह जनजाति गौरव दिवस रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में मनाई जाएगी तथा भिन्न-भिन्न जनजातियों की भिन्न-भिन्न झांकियां, अपनी अपनी पारंपरिक वेशभूषा ढोल नगाड़े मांदर के साथ विभिन्न नृत्य मंडलीय भी उपस्थित होगी । फुटबॉल मैदान के चारों ओर स्वतंत्रता सेनानियों की छोटे बड़े कट ऑफ भी लगाए जाएंगे। इस जनजाति गौरव दिवस के मुख्य अतिथि झारखंड प्रदेश के महा महिम राज्यपाल महोदय श्री संतोष गंगवार जी होंगे।जनजाति गौरव दिवस को बृहद रूप बनाने में जनजाति गौरव दिवस आयोजन समिति के तमाम कार्यकर्ता बंधु पुरजोर मेहनत कर रहे हैं। रांची के कोकर के पास भगवान बिरसा मुंडा का समाधि स्थल के पास भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की स्थिति काफी खराब है, कभी भी गिर सकता है। सरकार का ध्यान आकर्ष करते हुए केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा एवं झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के अध्यक्ष सोमा उराँव ने झारखंड सरकार से मांग की है कि भगवान बिरसा मुंडा की अष्टधातु की प्रतिमा अति शीघ्र लगाने की कृपा करें। अबुआ सरकार में भगवान बिरसा मुंडा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बैठक में जनजाति गौरव दिवस आयोजन समिति के संयोजक जगलाल पहान, बबलू मुंडा, अशोक मुंडा मुकेश मुंडा आशीष मुंडा नकुल तिर्की , प्रदीप लकड़ा, बिनाचंद उरांव, मुन्ना हेंब्रम, बुधराम बेदिया, एतवा बेदिया , मुकेश मुंडा, पंचम भोक्ता, सुनील टोप्पो, हिंदुवा उरांव, कामेश्वर साहू एवं जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव मौजूद थे।
गुमला। जिला सरना समिति के तत्वाधान में गुमला जिला के अध्यक्ष हंदू भगत के नेतृत्व में आक्रोश महारैली का आयोजन किया गया जो की गुमला टावर चौक से हड़ताली वृक्ष गुमला तक गया कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी वीर सपूतों के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए किया गया एवं बुंडू आक्रोश महारैली में शामिल होने जा रहे हैं आदिवासी जिसकी सड़क हदसा में मृत्यु हो गई उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन कार्यक्रम रखा गया कार्यक्रम में रांची रामगढ़ हजारीबाग चैनपुर लोहरदगा गुमला एवं अन्य जगहों से लोग शामिल थे मुख्य वक्त के रूप में केंद्रीय सरना समिति केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की एवं केंद्रीय सरना समिति के महिला केंद्रीय अध्यक्ष निशा भगत थे मौके पर केंद्रीय सरना समिति केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि आज सरना आदिवासियों की परंपरा संस्कृति पर चौतरफा हमला हो रहा है एक तरफ कुर्मी कुडमी आदिवासी में शामिल होने के लिए एड़ी चोटी एक कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर धर्मांतरित लोग पहले से ही एस टी का आरक्षण खा रहे हैं केंद्रीय सरना के केंद्रीय महिला अध्यक्ष निशा भगत ने कहा कि कुर्मी कुडमी कभी आदिवासी नहीं थे आदिवासी का आरक्षण खाने के लिए आदिवासी बनना चाह रहे हैं उन्होंने कहा कि आदिवासी बनने के लिए पैदा होना पड़ता आदिवासी बनाया नहीं जाते वहीं धर्मांतरित ईसाई लोग जो रुढ़िवादी परंपरा संस्कृति को छोड़ चुके हैं ऐसे लोग दोहरा लाभ ले रहे हैं एक तरफ अनुसूचित जनजाति का लाभ ले रहे हैं दूसरी ओर अल्पसंख्यक का भी लाभ ले रहे हैं एवं केंद्र सरकार से डिलिस्टीगं की मांग को लेकर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री से मांग रखी जाएगी ,अनुच्छेद 241 के तहत अनुसूचित जाति समाज के लोग जो धर्म परिवर्तन करते हैं ईसाई या मुसलमान बनते हैं उनका आरक्षण स्वयं समाप्त हो जाता है लेकिन आदिवासी समाज में अनुच्छेद 342 के तहत जो भी धर्म परिवर्तन करेगा उसको लाभ मिलता रहेगा इस मुद्दे को लेकर जल्द ही केंद्रीय सरना समिति राष्ट्रपति गृह मंत्री एवं प्रधानमंत्री से मिलकर डिंलिस्टींगको लेकर ज्ञापन सौंप जाएगा गुमला जिला सरना समिति के अध्यक्ष हंदू भगत ने कहा कि सरना ईसाई भाई-भाई करने वाले आदिवासी संस्कृति को मटियामेट कर दिए हैं ईसाई मिशनरियों द्वारा रांची की डिबडीह सरना अखड़ा को तोड़ दिया रांची के चांद गांव में चंगाई सभा के माध्यम से धर्मांतरण किया जा रहा है तीन टांगर चैनपुर स्थित सरना स्थल को ग्रोटो बनाकर सरना स्थल को कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है कार्यक्रम का संचालन संजय भगत ने किया मौके पर केंद्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की रांची जिला सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की प्रवक्ता एंजेल लकड़ा केंद्रीय सरना समिति उपाध्यक्ष विकास भगत सपना गाड़ी सचिव रामगढ़ जिला सरना समिति के अध्यक्ष शिव उरांव दिनेश बेदिया दीपक मुंडा अरविंद लोहारा सुशील उरांव नारायण लोहारा एवं अन्य शामिल थे।
रांची। रविवार लाल खंटगा पंचायत के नया भूसूर स्कूल फुटबॉल मैदान मे आदिवासी सरना बचाव जनाक्रोस सभा आयोजन किया गया । जिसका अध्यक्षता लाल खटगां के ग्राम प्रधान राजेश टोप्पो ने किया।इस सभा के माध्यम से निर्णय हुआ कि यदि ग्राम सभा के निर्णय के खिलाफ 3 से 5 तारीख से दुलमी टंगरा मे होने वाला मुक्ति महोत्सव कार्यक्रम होता है तो निश्चित रुप हम लोग न्यायालय के शरण में जाएंगे। वक्ताओं ने कहा दिनांक 3,.11,.2025 से होने वाला मुक्ति महोत्सव को नहीं होने दिया जाएगा यदि जबरन कार्यक्रम करता है तो दोनों समुदाय के लिए ठीक नहीं होगा साथ ही आगामी 23 नवंबर 2025 दिन रविवार को दस माईल चौक जतरा मैदान में हजारों हजार की संख्या मे जुटेंगे और ईसाई मिशनरियों को खबरदार करेंगे ।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्राम प्रधान राजेश टोप्पो, नवीन उरांव, अजय मुंडा, दीपक मुंडा, विनोद कछप, सनी चरवा तिर्की, निरल सोरों, सरिता कछप, सुमित्रा देवी, करमु मुंडा , सुखरा मुंडा, रामू कछप, मेघा उरांव, सोमा उरांव, संदीप उरांव, सनी उरांव, जय मंत्री उरांव, राजू उरांव, एवं अन्य सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन रामगढ़ विधायक ममता देवी के दुलमी प्रखंड, होहद गांव स्थित आवास पहुंचे। वहां उन्होंने विधायक श्रीमती ममता देवी के ससुर स्मृति शेष-स्व० सरयु महतो जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने विधायक ममता देवी एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की तथा उनका ढांढ़स बंधाया।
इस मौके पर विधान सभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो सहित अन्य विधायकगण एवं कई गणमान्य लोगों ने भी स्मृति शेष-स्व० सरयु महतो की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
विदित हो कि विगत 20 अक्टूबर 2025 को रामगढ़ विधायक ममता देवी के ससुर सरयु महतो का निधन हो गया था। स्व० सरयु महतो जी अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र, एक पुत्री, दो पुत्रवधु सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं।
रांची। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा रांची जिला अध्यक्ष शैलेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में लौह पुरुष भारत के उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल की १५० जयंती " राष्ट्रीय एकता दिवस"के रूप में रांची स्थित हरमू पटेल चौक में सरदार वल्लभभाई पटेल की चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की गई इस अवसर पर जिला अध्यक्ष शैलेश कुमार सिन्हा ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आजादी के समय राष्ट्र खंड-खंड में राजे राजवाड़े के अधीन थे
खंड-खंड राज्यों को लोकतांत्रिक व्यवस्था के अधीन एक राष्ट्र के निर्माण का स्वरूप प्रदान करते हुए उन्होंने अपनी इच्छा शक्ति कर्मठता और राष्ट्रीय अखंडता को लेकर एकजुट करने के लिए भारत एक अखंड लोकतांत्रिक देश हो इसके लिए उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए सभी खंडितराज्यों को एक देश "भारत" में परिवर्तित किया आज हम सभी राष्ट्रवासी उनके प्रति ऋणी है
श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए महासभा की रांची जिला महिला अध्यक्ष सुरभि सिन्हा ने कहा कि एकता चाहे परिवार में हो समाज में हो या राष्ट्र में हो हमेशा एक शक्ति प्रदान करता है कायस्थ समाज ऐसे महापुरुषों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए गौरवान्वित महसूस करती है जिन्होंने एकता के महत्व को राष्ट्रहित में उपयोग किया
इस अवसर पर महासभा के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिन्हा ने कहा एकता की परंपरा को बनाए रखना है चाहे जाति में हो समाज में हो या राष्ट्र में हो। राष्ट्र संगठित और बलशाली तभी बन सकते हैं जब हम एकता पूर्वक रहे श्राद्ध सुमन करने वालों में से राकेश कुमार सिन्हा मनोज कुमार सिन्हा आदि उपस्थित थे इस श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में जिला प्रशासन और सरकार से मांग किया है कि राष्ट्रीय एकता के प्रतीक जीवंत पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थापित की जाए ।
रांची। तुपुदाना थाना अंतर्गत चांद गांव में एक वर्ष से ऊपर चर्च मिशनरी/ संस्था द्वारा बीमारी ठीक करने के नाम पर बड़े पैमाने पर गुप्त तरीके से आदिवासी गैर आदिवासियों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। इस विषय को लेकर शासन प्रशासन को लिखित रूप में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई चांद गांव के अलावे रांची एवं झारखंड में कई स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है।
आज इन सारे विषय को लेकर राज्यपाल से एक प्रतिनिधिमंडल मिलकर सारी बातों को अवगत कराते हुए इस तरह अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला और बीमारी ठीक करने के नाम पर हो रहे धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
प्रतिनिधि मंडल में मेघा उरांव, संदीप उरांव, अंजलि लकड़ा, गणेश तिग्गा, राम बाड़ों, मोती सिंह बड़ाइक शामिल थे।
पलामू । जिले पाटन थाना अंतर्गत 22.09.2025 को प्रातः लगभग 10:30 बजे यह सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम उताकी स्थित घान के खेत में बने एक कुएँ के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। प्राप्त सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु सशस्त्र बल के साथ पुलिस दल ग्राम उताकी पहुँचा।घटनास्थल पर ग्राम उताकी निवासी जयशंकर ठाकुर (उम्र लगभग 55 वर्ष, पिता स्व० विश्वनाथ ठाकुर) का शव पड़ा हुआ पाया गया। मृतक के शरीर के एक हिस्से की त्वचा क्षतिग्रस्त पाई गई। पु०अ०नि० जितेन्द्र कुमार यादव द्वारा विधिवत मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर शव को सदर अस्पताल डालटनगंज भेजा गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम हेतु शव को रिम्स राँची रेफर किया गया। मृतक की पत्नी अन्नपूर्णा देवी (उम्र 45 वर्ष) के लिखित आवेदन पर पाटन थाना कांड सं0 – 169/2025 दिनांक – 25.09.2025 धारा 140(1)/103(1)/3(5) बी०एन०एस० के तहत छह नामजद एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कांड का अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
अनुसंधान के क्रम में प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा बिनोद सिंह पिता स्व० अखिलेश्वर सिंह, संतोष सिंह पिता बिनोद सिंह,बिधित सिंह पिता स्व० महेश्वर सिंह,सभी ग्राम उताकी, थाना पाटन, जिला पलामू — को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई।
पूछताछ के क्रम में उपरोक्त अभियुक्तों ने मृतक जयशंकर ठाकुर की हत्या कर शव को कुएँ के पास फेंकने की बात स्वीकार की। अभियुक्तों के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक बाँस का डंडा बिनोद सिंह के घर के समीप खेत से बरामद किया गया।
जप्त सामान:
1. एक बाँस का डंडा
गिरफ्तार अभियुक्तगण:
1. बिनोद सिंह पिता स्व० अखिलेश्वर सिंह
2. संतोष सिंह पिता बिनोद सिंह
3. बिधित सिंह पिता स्व० महेश्वर सिंह (सभी ग्राम उताकी, थाना पाटन, जिला पलामू)
छापामारी दल:
1. पु०अ०नि० शशि शेखर पाण्डेय (थाना प्रभारी)
2. पु०अ०नि० जितेन्द्र कुमार यादव
3. पु०अ०नि० निलेश कुमार
4. पु०अ०नि० अनिल कुमार सिंह
5. स०अ०नि० प्रभात किरण
6. स०अ०नि० धर्मेन्द्र कुमार सिंह
7. स०अ०नि० बिशुन कुजूर
8. पाटन थाना सशस्त्र बल एवं महिला आरक्षी
रांची। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में रविवार 12 अक्टूबर 2025 को कार्यालय कक्ष में झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) स्टेडियम, धुर्वा, राँची में आगामी 30 नवंबर 2025 को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच की वनडे के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्रिकेट मैच के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करना था।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक राँची, राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक राँची, पारस राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात राँची, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, उत्कर्ष कुमार, JSCA के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव, सचिव सौरभ तिवारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
क्रिकेट मैच के दौरान अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक में क्रिकेट मैच के दौरान अपेक्षित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर क्रमवार चर्चा की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाएं ताकि दर्शकों और खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उपायुक्त ने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन JSCA को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच राँची में भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल खेल प्रेमियों के लिए यादगार हो, बल्कि राँची की छवि एक उत्कृष्ट मेजबान के रूप में और मजबूत हो।
JSCA के अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव ने जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की समन्वित तैयारियां आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करेंगी। सचिव सौरभ तिवारी ने भी इस अवसर पर स्टेडियम की तैयारियों और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी साझा की।
रांची। राजधानी रांची के पुराने विधानसभा के सभागार में अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद के द्वारा शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। शिखर सम्मेलन में 6 राज्य के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से दुसाध जाति के उत्थान, सामाजिक विकास, शिक्षा को लेकर के चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष रामस्वरूप सिंह दुसाध एवं राष्ट्रीय सलाहकार इंजीनियर शंभू प्रसाद, वशिष्ठ अतिथि डॉ मनोज पासवान शामिल है। शिखर सम्मेलन में 6 राज्य के प्रतिनिधियों ने अपनी सामाजिक विकास एवं अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद को मजबूत करने का निर्णय लिया, साथ ही संगठित रूप से कार्य करने का निर्णय एवं अन्य सामाजिक स्थिति को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया गया । मौके पर झारखंड प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर शंभू प्रसाद ने कहा हमारा समाज काफी पिछड़ा हुआ है। समाज में जरूरी है कि शैक्षिक स्तर पर सभी को जोड़ा जाए,राजनीतिक तौर पर समाज की भागीदारी हो, वही भागलपुर अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद के अध्यक्ष बजरंगी पासवान ने कहा की सामाजिक चेतना को बढ़ाना है,समाज में शिक्षा को फैलाना है एवं सामाजिक स्तर पर जो भी रूढ़िवादी परंपरा है उसको समाप्त करते हुए समाज के बेहतर दिशा में आगे बढ़ना जिससे दुसाध जाति का सामाजिक विकास हो सके।
कौन-कौन थे शिखर सम्मेलन में उपस्थित
कार्यक्रम मुख्य रूप से झारखंड प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर शंभू प्रसाद, बिहार प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अरविंद कुमार, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष मदन पासवान,महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष विनोद परदेशी,उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष गौतम प्रसाद, पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष हीरालाल पासवान, प्रधान महासचिव राजकुमार पासवान,प्रदेश संगठन सलाहकार विजय कुमार, प्रदेश वित्तीय सलाहकार रामसागर, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिवानंद प्रसाद, प्रदेश महिला संयोजिका नीतू कुमारी, प्रदेश संयोजक विनय कुमार पासवान , प्रदेश सचिव नंदकुमार पासवान, प्रदेश महासचिव सुरेंद्र पासवान,सहित तमाम अखिल भारतीय दुसाध उत्थान समिति 6राज्यो के प्रतिनिधि मौजूद थे।
ब्यूरो। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे का फैसला लगभग हो गया है। खबरों के मुताबिक, जेडीयू 101-103 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बीजेपी 100-102 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाएगी। चिराग पासवान की एलजेपी को 20-26 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
एनडीए के सीट बंटवारे के फॉर्मूले के अनुसार¹ ² ³:
- जेडीयू: 101 सीटें
- बीजेपी: 100 सीटें
- एलजेपी: 26 सीटें
- हम/एचएएम: 6-7 सीटें
एनडीए की इस बैठक में यह भी तय किया गया कि गठबंधन के सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची जल्द ही जारी करेंगे। मालूम हो कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा, पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी और शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
रांची। शनिवार को जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उराँव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन , झारखंड सरकार आवेदन देकर चार प्रमुख मांगे की गई।
झारखंड प्रदेश/भारत देश में जनजाति सुरक्षा मंच निम्नलिखित मांग करती है:-
1. केंद्र सरकार डीलिस्टिंग बिल अति शीघ्र पास करें। डीलिस्टिंग यानि जो जनजाति अपनी रुढ़ि प्रथा, संस्कृति, परंपरा छोड़कर ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिए है, वैसे लोगों को अनुसूचित जनजाति का आरक्षण का लाभ मिलना बंद हो। नोट:- झारखंड सरकार विधानसभा से डीलिस्टिंग का बिल पास कर महामहिम राज्यपाल महोदय से हस्ताक्षर कराकर केंद्र भेजें।
2. झारखंड सरकार (मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में वर्तमान समय में जो जाति प्रमाण पत्र निर्गत हो रहा है, उस जाति प्रमाण पत्र में केवल पिता का नाम होता है, अर्थात यह 2013 से चला आ रहा है। उस समय कैबिनेट से एक चिट्ठी निर्गत हुई थी जिसमें कोई जनजाति आदिवासी महिला यदि अन्य दूसरे पुरुष से शादी/विवाह करती है तो वह मायके से जाति प्रमाण पत्र बना सकता है। इसका दूर परिणाम 2013 से यह हो रहा है की जनजाति महिला दूसरे पुरुष से शादी कर रहे हैं और मायके से जाति प्रमाण पत्र बनाकर सबसे पहले धर्मांतरण, नौकरी, जमीन, सरकार की योजनाएं तथा एकल पद मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद तथा विधानसभा एवं लोकसभा के जनजातियों के रिजर्व सीट पर धर्मात्रित ईसाई और मुस्लिम काबिज हो रहे हैं। इसी के कारण बंगाला देशीय घुसबैठिया का भी बोलबाला हो गया है। इसी कारण जाति प्रमाण पत्र में पिता के नाम के साथ-साथ पति का नाम अनिवार्य हो ताकि जनजातियों का आरक्षण बच सके। नोट:- इस बावत झारखंड मंत्रालय से एक पत्र निर्गत की जाए।
3. झारखंड राज्य में सी.एन.टी. एवं एस.पी.टी. एक्ट होते हुए भी सदा पट्टा पर जमीनों की खरीद बिक्री हो रही है। सदा पट्टा पर लेन-देन होने के बाद नोटरी पब्लिक का मोहर लग रहा है, इस पर तुरंत रोक लगाई जाए।
4. भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, और यह देश के संसाधनों और विकास पर भारी दबाव डाल रही है। जनसंख्या वृद्धि के कारण, देश में गरीबी, बेरोजगारी, और पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करना आवश्यक है। यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति, अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक के हों। इस कानून के तहत, प्रत्येक परिवार को दो बच्चों तक सीमित किया जाना चाहिए।
रांची। बहुजन समाज पार्टी झारखंड इकाई के द्वारा पुराने विधानसभा के सभागार में बीएसपी के संस्थापक रहे काशीराम की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष शिवपूजन कुशवाहार ने कहा झारखंड में बहुजन समाज पार्टी अपना संगठन को मजबूत कर रही है आज काशीराम की पुण्यतिथि है हम लोग आज संकल्प ले रहे हैं की झारखंड में दलित पिछड़ा तबका के ऊपर अत्याचार बढ़ रहा है । हम लोगों का आरक्षण को छीना जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर जमीन स्तर पर हम लोग अपनी लड़ाई लड़ेंगे आगे कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने अपनी अपनी बातों को रखा और झारखंड में पार्टी को मजबूत बनाने का संकल्प लिया मौके पर सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची। नगड़ी प्रखंड के स्वर्णरेखा होटल प्रांगण में विभिन्न सामाजिक संगठनों का एक विशेष बैठक हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया है आगामी दिनांक 23,11,2025 को जो अवैध तरीके से अंधविश्वास को बढ़ावा देने और बीमारी ठीक करने के नाम पर हो रहे मतातंरण के खिलाफ जनजातियों का एक विशाल जनाक्रोस विरोध मार्च दसमाहल चौक से चांद गांव उस सभा स्थल तक अपने पारंपरिक हरवे हथियार के साथ मार्च निकाला जाएगा। ज्ञात हो 24 ,9, 2025 को दस माइल चौक जतरा मैदान मे जनाक्रोश सभा के माध्यम से झारखंड महा अभिषेक चर्च को स्वेच्छा से 15 दिनों के अंदर अपना टेंट,तंबू, पंडाल को अखबार मीडिया के माध्यम से हटाने का समय दिया गया था किंतु झारखंड महा अभिषेक चर्च द्वारा अभी तक नहीं हटाया गया है, जिससे समाज लोग काफी आक्रोशित है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि समाज और अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा सुरक्षा के लिए चाहे कोई भी पार्टी के जन-प्रतिनिधि हो उन्हें आमंत्रित किया जाएगा जिसमें अपना मूल धर्म और समाज को बचाने लिए आगे आए ।
आज की इस बैठक में संदीप उरांव, अंजलि लकड़ा, मेघा उरांव, सोमा उरांव , गणेश तिग्गा, सनी उरांव ,जगन्नाथ भगत, मनोज भगत, राजू उरांव ,साजन मुंडा, विश्वकर्मा पहान, जय मंत्री उरांव, सुदन मुंडा, विशु उरांव, विकास उरांव, मोती सिंह बड़ाइक, शंकर बड़ाइक , मनोज भगत, प्रकाश टाना भगत एवं अन्य उपस्थित थे ।
रांची। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता से हमला एवं यूपी के रायबरेली में दलित हरिओम नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान के नेतृत्व में झारखंड की राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में दर्जनों की संख्या में कांग्रेसी नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए । वही कांग्रेस प्रदेश कार्यालय से जुलूस की शक्ल में रैली निकाली गई और अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। मौके पर अनुसूचित जाति कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान ने कहा जिस तरीके से देश में संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है,आए दिन दलितों पर अत्याचार हो रहा है और सबसे बड़ी घटना जहां भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जिस तरीके से सनातन के नाम पर जूता से हमला किया गया यह एक न्यायाधीश पर हमला नहीं बल्कि संविधान और देश पर हमला आगे श्री पासवान ने कहा कि देश में आए दिन दलितों पर हमले हो रहे हैं रायबरेली में जिस तरीके से हरिओम नामक दलित को पीट कर मार डाला गया है या दर्शा रहा है यूपी में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं आज हम लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर रहे हैं और हम मांग करते हैं की CJI पर हमले के वकील पर कार्रवाई की जाए और जिस तरीके से दलित हरिओम की हत्या हुई है उस पर कड़ी से कार्य कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ।कार्यक्रम में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाए और जमकर भारतीय जनता पार्टी को कोसा।
पुतला दहन कार्यक्रम में कौन-कौन थे उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य रूप से रविन्द्र सिंह, जयशंकर पाठक, राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी अभिलाष साहु, राजन वर्मा निरंजन पासवान, सुरेन राम, अमरेन्द्र सिंह, राजू राम, सूजर कुमार पासवान, अर्चना मिर्धा, संतोष महतो, महावीर मिर्धा, संजय कुमार, अमित कुमार चौरसिया, सोनी नायक, नीतू पासवान, रेश्मी पिंगुआ, मनीष राम, सूर्यकांत शुक्ला, जगदीश साहु, टिंकू वर्मा, राजेश चन्द्र राजू, प्रभात कुमार आदि शामिल थे।
रांची। कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अवसर की समानता का प्रतीक है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीर है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा सोमवार को रांची के मोरहाबादी स्थित कल्याण कॉम्प्लेक्स में कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी एवं अन्य अधिकारियों के साथ प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत छात्रवृत्ति वितरण की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे।
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कुल 11,34,183 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 7,45,557 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 1202.89 करोड़ की राशि का ऑनलाइन हस्तांतरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
मंत्री श्री चमरा लिंडा को जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार से लगभग 900 करोड़ की बकाया राशि अब तक प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके कारण शेष पात्र विद्यार्थियों को लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। श्री लिंडा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को औपचारिक रूप से अवगत कराते हुए बकाया राशि शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि छात्रवृत्ति वितरण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।
रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 45– घाटशिला (अ.ज.जा) विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव हेतु आदर्श आचार संहिता लागू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा उप चुनाव हेतु 11 नवंबर को मतदान एवं 14 नवंबर को मतगणना की तिथि की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि उप चुनाव के घोषणा के उपरांत केवल घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र में ही आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी। श्री के. रवि कुमार घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में चुनाव संबंधित घोषणा हेतु निर्वाचन सदन से मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,55,823 है। जिसमें 1,24,899 पुरुष एवं 1,30,921 महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि उप चुनाव के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी के माध्यम से वेबकास्टिंग की जाएगी साथ ही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एवं सीमाओं पर चेकपोस्ट तैयार किए जाएंगे जिसपर सीसीटीवी द्वारा वेबकास्टिंग के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी।
श्री के. रवि कुमार ने बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया गया है। जिसके उपरांत विधानसभा क्षेत्र में 218 मतदान केंद्र लोकेशन पर मतदान केंद्रों की कुल संख्या 300 हो गई है।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
साहेबगंज । सोमवार 6 अक्टूबर 2025 को डॉo रामदेव पासवान सिविल सर्जन साहिबगंज के आदेशानुसार अनुमण्डलीय अस्पताल राजमहल के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर जामनगर (दाहू टोला) में डॉo उदय टुडू उपाधीक्षक अनुमण्डलीय अस्पताल राजमहल के नेतृत्व में एकीकृत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया! जिसमे उक्त गाँवों में लोगों को सभी प्रकार के स्वास्थ्य जांच एवं स्थल पर ही दवा वितरण किया गया! इस स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों क़ो NCD स्क्रीनिंग, बीपी, शुगर, सिकल सेल एनीमिया, मलेरिया, कालाजार, फाईलेरिया, यक्ष्मा, टीकाकरण, एचआईवी, सिफलिस एवं अन्य सभी प्रकार के स्वास्थ्य जांच किया गया! साथ ही साथ स्थल पर ही आभा कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया! इस मौके पर डॉo सत्ती बाबू डबडा जिला VBD सलाहकार, डॉo अंकित कुमार, डॉo विद्या भूषण कुमार, स्वीट कुमारी ART सेंटर, मनीष टुडू KTS, संजय यादव STS, अनु कुमारी CHO, सोनम कुमारी CHO, LT, ANM, फार्मासिस्ट, MPW, सहिया साथी, सहिया आदि सभी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
बरहरवा । सोमवार को साहिबगंज जिला अंतर्गत बीएसके महाविद्यालय में एनएसयूआई साहेबगंज जिला अध्यक्ष थॉमस रॉबर्ट की उपस्थिति में एवं एनएसयूआई कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर के नेतृत्व में प्राचार्य द्वारा सिद्धू कानू मुर्मू विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय को ज्ञापन सोपा गया। जिसका विषय वस्तु NEP के सत्रों में देरी के कारण कई सारी समस्याएं आ रही है इसके समाधान हेतु पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा।
1. यूजी सेमेस्टर-1 सत्र- 2024-28 NEP की परीक्षा संपन्न हुए 4 महीने बीत चुके हैं, परंतु अभी तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है।
2. यूजी सेमेस्टर-1 सत्र- 2024-28 परीक्षा में यूजी सेमेस्टर-1 सत्र- 2022-26 एवं यूजी सेमेस्टर-1 सत्र- 2023-27 के अनुत्तीर्ण/ प्रमोटेड विद्यार्थी भी शामिल हुए थे। परंतु यूजी सेमेस्टर-1 सत्र- 2024-28 NEP परिणाम में देरी के कारण सेमेस्टर-3 सत्र- 2023-27 के साथ परीक्षा प्रपत्र नहीं भर पा रहे हैं।
3. यूजी सेमेस्टर-4 सत्र- 2022-26 प्रायोगिक परीक्षा जल्द से कराई जाए एवं परीक्षा परिणाम भी प्रक्रिया भी जल्द से शुरू कराई जाए।
4. NEP के सभी सत्र देरी से चल रहे हैं। जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति लेने से वंचित हो जा रहे हैं। एवं समय पर सत्र पूरा न होने के कारण भविष्य में कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यूजी सेमेस्टर-5 सत्र- 2022-26 के विद्यार्थियों को ई कल्याण छात्रवृत्ति शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में छात्रवृत्ति भरना था, परंतु विश्वविद्यालय के लापरवाही के कारण सभी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह गये।
5. वर्तमान में ओल्ड कोर्स यूजी सेमेस्टर -4,5 एवं 6 की परीक्षा प्रपत्र भरी जा रही है। परंतु कई ऐसे विद्यार्थी है जो तीनों सेमेस्टर में प्रमोटेड है। लेकिन उन्हें किसी एक अर्थात दो सेमेस्टर का ही परीक्षा प्रपत्र भरने की अनुमति मिल रही है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय क्या समाधान रखी है?? इसे सार्वजनिक किया जाए। समाचार पत्रों में प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय कह रही है कि यहां ओल्ड कोर्स का आखिरी मौका है, परंतु आधे से अधिक विद्यार्थी पूर्ण रूप से परीक्षा प्रपत्र नहीं भर पा रहे हैं।
एवं कुलपति महोदय से अनुरोध किया कि उपरोक्त सभी मांगों पर अभिलंब ध्यान दिया जाए एवं त्वरित इसका समाधान किया जाए।
एनएसयूआई कॉलेज अध्यक्ष सोयेब अख्तर ने बताया कि सभी सत्र देरी से चल रहे हैं। जिसके कारण छात्रों को आने वाले भविष्य में कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ती है एवं केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा दिए गए छात्रवृत्ति का भी लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। जिससे छात्रों एवं अभिभावकों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। संथाल परगना का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जिसमें अधिकतर ग्रामीण विद्यार्थियों अपने शैक्षणिक योग्यता को पूरा करके जीवन सफल बनाने की कोशिश में है। परंतु विश्वविद्यालय के लापरवाही के कारण छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। समय पर शैक्षणिक सत्र पूरा न होने के कारण सबसे बड़ी समस्या उच्च शिक्षा एवं नौकरी का समय सीमा खत्म हो जाती है।
मौके पर बरहरवा नगर अध्यक्ष सत्यम कुमार यादव, एनएसयूआई सदस्य मो॰ जुनैद, मनोज कुमार रविदास, अमन कर्मकार, कोऐश शेख एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
लोहरदगा । सोमवार 06 अक्टूबर 2025 को लोहरदगा जिला मुख्यालय में आदिवासी छात्र संघ, केंद्रीय सरना समिति, स्वशासन पड़हा व्यवस्था, और जिला राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के संयुक्त नेतृत्व में एक विशाल आदिवासी जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य कुरमी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) कोटा में शामिल किए जाने की मांग के विरोध में जनमत तैयार करना और सरकार तक आदिवासी समाज की भावनाओं को पहुंचाना था।
रैली का आरंभ BS कॉलेज परिसर, लोहरदगा से हुआ और यह बरवाटोली चौक, अलका सिनेमा, पावरगंज चौक होते हुए कचहरी मोड़ से होते हुए समाहरणालय मैदान तक पहुँची। रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी युवक-युवतियाँ, महिलाएं और पुरुष पारंपरिक पोशाकों में, हाथों में सरना झंडा और पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र लिए शामिल हुए। पूरे मार्ग में गूंजते नारों ने जनआंदोलन को जीवंत बना दिया। प्रमुख नारे थे –
• “एक तीर एक कमान, सभी आदिवासी एक समान”
• “कुरमी आदिवासी बनना बंद करो”
• “आदिवासी एकता जिंदाबाद”
रैली के समापन पर समाहरणालय मैदान में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा के माध्यम से माननीय राज्यपाल, झारखंड के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त लोहरदगा को सौंपा गया, जिसमें यह आग्रह किया गया कि किसी भी स्थिति में कुरमी समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल न किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि यह प्रयास आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक अस्तित्व के खिलाफ है।
सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील उरांव ने स्पष्ट कहा कि, “कुरमी समुदाय न तो कभी आदिवासी था, न है और न रहेगा। यह समुदाय सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से आदिवासी समाज से भिन्न है। ST कोटा में शामिल होने का उनका प्रयास आदिवासी समाज के अधिकारों पर कुठाराघात है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक राजनीतिक साजिश है, जिसके तहत झारखंड की मूलवासी-आदिवासी पहचान को मिटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
आदिवासी छात्र संघ के महासचिव फूलचंद उरांव ने चेतावनी भरे स्वर में कहा – “यह आग का दरिया है, हमें तैरकर पार करना है – डूबना नहीं, डुबाना है।” वहीं जिला अध्यक्ष श्री अवधेश उरांव ने कहा, “झारखंड के आदिवासी अपने हक और अधिकार के लिए किसी भी बलिदान को तैयार हैं। हमें एक सूत्र में बंधकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाना होगा।”
सभा में अन्य वक्ताओं – रघु उरांव (केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष), सोमदेव उरांव (सरना प्रार्थना सभा अध्यक्ष), जातरू उरांव (स्वशासन पड़हा सचिव), प्रोफेसर वरुण उरांव, पंकज भगत, महादेव उरांव, अमित उरांव, लकेश तिर्की, संतोष उरांव, मनीष मुंडा, देवेंद्र भगत, संजय गंझू, वेसराम उरांव आदि ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यह आंदोलन झारखंड के आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए जरूरी है।
DSPMU के अध्यक्ष विवेक तिर्की भी इस जनआंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे और युवा नेतृत्व को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभा के अंत में जिला महासचिव फूलचंद उरांव ने रैली में शामिल सभी संगठनों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, छात्र-छात्राओं, समाज के अग्रणी नेताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को भी इस शांतिपूर्ण और सफल रैली के आयोजन में सहयोग देने के लिए आभार प्रकट किया।
रांची। जगदंबा बैंक्विट हॉल बूटी, में टोटेमिक कुड़मी/कुरमी (महतो) समाज का अति महत्वपूर्ण एक दिवसीय बैठक समाज के अगुआ शीतल ओहदार के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में झारखंड के कुड़मी/कुरमी नामधारी सभी संगठनों के अध्यक्ष अथवा प्रतिनिधि भाग लिए। बैठक में विगत 20 सितंबर को रेल टेका आंदोलन की समीक्षा की गई एवं इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी आंदोलनकारीयों, माता-बहनों और युवाओं को बधाई दी गई ।कुछ आंदोलनकारियों पर मुकदमा किया है उसे मिलकर लड़ने का संकल्प लिया गया। बैठक में कुड़मी/कुरमी आंदोलन को प्रभावित करने वाले साजिशकर्ताओं से सचेत रहने की सलाह दी गई क्योंकि बहुत चालाकी से कुछ स्वार्थी लोग सिधे-सादे कुड़मीयों को सदियों से सुख दुख में साथ रहने वाले लोगों के साथ लड़वाकर हम जनजातियों की जल जंगल जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। हमारी लड़ाई नया नहीं है 1950 के बाद से ही अपने संवैधानिक अधिकार एवं अपनी पहचान के लिए आनावर्त जारी है फिर अब विरोध क्यों? हमारी मांग सरकार और सिस्टम से है संविधान हमें यह हक दिया है। अब तक कुड़मी एस० टी० मामला का विरोध करते वैसे लोगों को देखा जा रहा है जो रूढ़ी परंपरा से दूर हो चुके हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं तेज किया जाएगा, जिसके अंतर्गत नवंबर और दिसंबर में आठ जिलों में सम्मेलन किया जाएगा तथा जनवरी 2026 में रांची में महारैली की जाएगी एवं मार्च में आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। इन सभी कार्यक्रम एवं आंदोलन के तिथि की घोषणा जल्द किया जाएगा और प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।इस बैठक में मुख्य रूप से हरमोहन महतो , लालटु महतो, दिपक पुंडरीयार,रंधीर चौधरी, कुमेश्वर महतो सहित सैकड़ों सचेतक शामिल हुए।
रांची। बीआईटी मेसरा नया टोली निवासी विस्थापित योगु महतो बीआईटी इंजिनियरिंग कॉलेज में सिक्युरिटी गार्ड में कार्यरत था, दिनाँक 4 अक्टूबर 2025 को ड्यूटी के दौरान आकस्मिक मृत्यु हो गया, परिजन और ग्रामीण सुबह 10 बजे से बीआईटी इंजिनियरिंग कॉलेज गेट को जाम करके रख दिया है । मौके पर जेएलकेएम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र ने बताया कि बीआईटी मेसरा राँची विस्थापित सिक्युरिटी गार्ड में कार्यरत योगु महतो जी का ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया, मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल रहा है मैनेजमेंट हॉस्पिटल छोड़कर बॉडी घर पहुँचा दिया, पीड़ित परिवार और ग्रामीण 9 घंटे से पार्थिव शरीर के साथ BIT गेट पर हैं लेकिन वीसी, रजिस्ट्रार अभी तक वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं ये मूल झारखंडीयों का वास्तविक स्थिति को दर्शाता है , खबर लिखने तक गेट जाम आंदोलन जारी है, गेट जाम से दुर्गा पूजा छुट्टी से कॉलेज वापस आने वाले छात्रों का परेशानी बढ़ गया है, छात्र घर वापस जा रहे हैं। आन्दोलन को समर्थन देने देवेन्द्र नाथ महतो के साथ कमलेश राम, संजय के अलावा सेंकड़ों ग्रामीण उपस्थित हैं
रांची । चांद गांव, (तुपुदाना ) के लिए विरोध मार्च की तैयारी को लेकर रविवार दिनांक 5,.10.,2025 को बैठक का आयोजन किया गया। जहां मुख्य रूप से चांद गांव में एक वर्ष से अधिक समय से चंगाई के नाम पर धर्मांतरण कराए जा रहे मामले को लेकर जनजाति सुरक्षा मंच के टीम जनसंपर्क अभियान चला रहा है उसी कड़ी में खूंटी जिला हुटार कनाडीह , एवं रांची जिला के नामकुम प्रखंड के हरदाग पंचायत ग्राम चितवादाग गांवों में जनसंपर्क /बैठक किया गया
जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा पन्द्रह दिनों का समय दिया गया था उसके बावजूद चंगाई सभा चल रहा है जिसके खिलाफ बहुत जल्द तुपुदाना क्षेत्र चांद गांव के लिए विरोध मार्च निकालने की तैयारी चल रही है।
मेघा उरांव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि धर्मांतरण देश के लिए खतरा इस पर किसी तरह के राजनीति नहीं होना चाहिए। आज आदिवासी गैर आदिवासी चर्च मिशनरी के चपेट में आ गया है ये चिंता का विषय है,चर्च मिशनरी द्वारा चंगाई के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहे हैं जिसको शासन प्रशासन को अवगत कराया गया है किंतु शासन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है चुप्पी साधे हुए हैं ये आने वाले समय के लिए ठीक नहीं है ।
इस जनसंपर्क अभियान/ बैठक में अंजलि लकड़ा, मेघा उरांव,संदीप उरांव, सनी उरांव, गोंयद बाखला, प्रवीण टाना भगत , लीटू पाहन, सोमरा खोया, गणेश तिग्गा, भागु तिग्गा, संगीता लकड़ा, एंजेल केरकेट्टा, सुकर मणि बाल मुचु, विनीता लिंडा एवं अन्य शामिल है।