रांची। रविवार को प्रखंड नामकुम डूंगरी पंचायत थाना खरसी दाग स्थान दस माइल चौक जतरा मैदान थाना खरसी दाग जिला रांची झारखंड मे विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों और परंपरागत रुढ़ि प्रथा का पालन करने वाले ग्राम प्रधानों के मौजूदगी में झारखंड महाभिषेक चर्च के द्वारा अंधविश्वास को बढ़ावा देने चंगाई और बीमारी ठीक करने के नाम पर भोले भाले आदिवासी/ जनजातियों को कराए जा रहे हैं मतांतरण /धर्मानांतरण के खिलाफ जना क्रोस सभा किया गया इस सभा मे झारखंड के अलावा सीमा वर्ती राज्यों के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए।सभी अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए आदिवासी सरना बचाओ महा रैली के संयोजक मेघा उरांव ने कहा की अब बहुत हो गया है धर्मांतरण के खिलाफ और समाज की पहचान रूढ़ि प्रथा हक और अधिकार लिए खुलकर समाज को आना होगा नहीं तो ये विदेशी सात समुंदर पार क्रिसतान ईसाई मिशनरी हम आदिवासी/ जनजाति समाज को दीमक की तरह चाट कर समाप्त कर देगा । आज जिस तरह इस कार्यक्रम में देखने को मिला कि ईसाई मिशनरी किस तरह सरकार और हम लोगों पर हावी है उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है और हम लोगों के लिए नियम कानून है वो बिना परमिशन एक दो साल साल से कार्यक्रम चल रहा है उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है हम लोगों को एक दिन के लिए कार्यक्रम करने के लिए अनुमति और कानून को डांटा दिखाया जाता है।
कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रताप पारित किया गया।
1) अपने मूल धर्म की पूजा पद्धति रूढ़ि कस्टम के प्रति समाज को जागरूक करना।
2) रूढ़ि प्रथा को पालन करने वाले जनजातियों का संवैधानिक अधिकारों के बारे में जानकारी देना।
3) और छत्तीसगढ़ के तर्ज पर झारखंड में भी फिफ्थ शिड्यूल एरिया मे बाहरी ईसाई मिशनरी को बोर्ड लगाकर पास्टर पादरी को प्रवेश वर्जित किया जाना ।
4) पंचायती राज अधिनियम 2001 और पेसा कानून के तहत अवैध रूप परंपरागत ग्राम प्रधान के पद पर बैठे ईसाई या व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें पद से हटाया जाना।
5) पेसा कानून जल्द से जल्द लागू हो।
6) धर्मांतरण कानून 2017
7) डीलिस्टिंग कानून जल्द से जल्द बने इसके लिए केंद्र सरकार को दबाव बनाना
8) चांद गांव से चंगाई सभा को अभिलंब बंद किया जाए
साहित्य हांथ उठाकर और नगड़ा बजाकर ग्राम प्रधानों के मौजूदगी में प्रस्ताव पारित किया गया। इस कार्यक्रम को जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशा राम भगत, पूर्व जज मध्य प्रदेश प्रकाश सिंह उइके, कृपाशंकर भगत छत्तीसगढ़, जनजाति सुरक्षा मंच झारखंड के संदीप उरांव, एवं अन्य ने संबोधित किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संदीप उरांव , रितेश उरांव ,अंजलि लकड़ा, मेघा उरांव, आरती कुजूर , सोमा उरांव, सनी उरांव, छोटे राय मुंडा, भीम मुंडा, पूरन चंद्र मुंडू, गणेश तिग्गा, राजू उरांव, रोपनी मिंज ,विकास उरांव, प्रदीप मुंडा, विजय मुंडा, करमु मुंडा, अजय कुमार भोगता, बुधराम बेदिया, बलबत तिर्की, चरवा खलखो , रूपेश बखला, डहरू पहान, शिबू, मुकेश भगत, मनोज भगत, खेत्रो मोहन टुडू, बुटन महली, जय मंत्री उरांव,तुलसी प्रसाद गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद थे।