रांची। गत गुरुवार को धनबाद जिले के राजकीय आदर्श विद्यालय गोविंदपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा वहां के छात्रों को हाथ जोड़कर प्रार्थना करने पर आपत्ति जताते हुए हंगामा खड़ा करने की घटना को लेकर बजरंग दल झारखंड प्रदेश के संयोजक रंगनाथ महतो ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि झारखंड को हम तालिबान किसी कीमत पर नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है, यह दुखद है। संविधान दिवस पर ही एक सरकारी कर्मचारी द्वारा संविधान को अपने मजहब से नीचे बतलाने का कार्य किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि जब से झारखंड में यूपीए गठबंधन की सरकार बनी है तब से ही झारखंड को दारुल इस्लाम बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है, और सरकार अपनी वोट बैंक की राजनीति के कारण यह सब देखकर भी मौन साधे हुए है। तभी तो यहां सारे कायदे कानून केवल मुसलमानों व ईसाइयों के लिए कार्य कर रही है। याद कीजिए जामताड़ा पाकुड़ व पलामू के सरकारी विद्यालय में रविवार को नहीं बल्कि शुक्रवार को सरकारी छुट्टी की घोषणा की गई थी। यही नहीं सिमडेगा व गुमला में तो केवल एक मजहब के धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी बैठकों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सरकारी चिट्ठी तक निर्गत की जा रही है, और सारे तंत्र इनके लिए कार्य करने को बाध्य हैं। समय रहते यदि झारखंड की वर्तमान राज्य सरकार अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करती है तो झारखंड की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए बाध्य होंगे। सरकार इस गफलत में कदापि न रहे कि झारखंड की जनता जातिवाद, प्रांतवाद, भाषावाद, बाहरी-भीतरी आदि के आपसी मतभेद में उलझ कर राज्यहित व राष्ट्रहित की बलि चढ़ा देंगे तो ऐसा सोचना सरकार की मूर्खता ही होगी।