रांची। आदिवासी सरना बचाओ महारैली के आयोजक समिति की ओर से बैठक कर 23 नवंबर 2025 को विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा जो झारखंड महाभिषेक चर्च के द्वारा 2 साल से गैर कानूनी तरीके से मजमा लगाकर बीमारी ठीक करने के नाम पर धर्मांतरण कराए जा रहे के खिलाफ संवैधानिक तरीके से और शांतिपूर्ण तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।
इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
दूसरी तरफ ऑल इंडिया क्रिश्चियन माइनॉरिटी फ्रंट के लोगों के द्वारा रांची के उपायुक्त और सीनियर एसपी को ज्ञापन सौंप कर 23 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम को रोक लगाने माग किया है जो गलत है । किसी को अपने धर्म और समाज का रक्षा सुरक्षा और विरोध करने का कोई अधिकार नहीं है क्या। इससे यही प्रतीत होता है कि फ्रंट के लोग काफी घबराए हुए हैं डरे हुए हैं और उस दिन का कार्यक्रम को बिफल करना चाहते हैं । आयोजक समिति के लोगों ने कहा कि बार-बार सरना और ईसाई को लड़ाने की बात करता उनको मैं याद दिला दूं कि ईसाइयों का धर्म ग्रंथ नेमहा बाइबल मे आदिवासियों का सरना पूजा स्थल को मिटाने नष्ट करने टुकड़े-टुकड़े करने और आदिवासियों का सरना पूजा स्थल को अतिक्रमण कर जबरन चर्च और ग्रोटो बनाया है और हाल ही में डीबडीह के नया टोली में करम अखड़ा का बाउंड्री को तोड़फोड़ किया सरना आदिवासियों के साथ मारपीट किया ये लड़ाने का काम कौन कर रहा है समझने की बात है।
आज का इस बैठक मेघा उरांव, संदीप उरांव, सोमा उरांव, हिदुवा उरांव, विश्कर्मा पहान मौजूद थे।