सोनाहातू।तामाड़ विधानसभा और सिल्ली विधानसभा को जोड़ने वाला लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महत्वपूर्ण पुल अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। यह पुल सोनाहातू, गोमियाडीह, डिम्बुजार्दा, तामाड़ सहित कई गांवों के लिए जीवन रेखा जैसा था, क्योंकि यही मार्ग ग्रामीणों को मुख्य बाजार, सरकारी सेवाओं, अस्पताल और स्कूलों तक जोड़ता था।
पुल के अचानक टूट जाने के बाद इन गांवों के हजारों लोगों की दिनचर्या मानो रुक-सी गई। लोगों को काम पर जाने, बच्चों को स्कूल पहुंचाने और मरीजों को इलाज के लिए ले जाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई बार लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए 14-16 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ा, जिससे समय, पैसा और ऊर्जा – तीनों की भारी बर्बादी हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल ध्वस्त होने के बाद प्रशासन और सरकार ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। कई बार शिकायतें और निवेदन किए गए, परंतु पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। सरकारी विभागों की इस लगातार नाकामी और उदासीनता ने ग्रामीणों की परेशानियों को और बढ़ा दिया।
इसी कठिन परिस्थिति के बीच गांववालों ने एकजुट होकर वह कर दिखाया जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। आपसी सहयोग और श्रमदान की मिसाल पेश करते हुए ग्रामीणों ने मात्र 2 लाख रुपये की लागत में एक मिट्टी का पुल तैयार कर दिया। इस पुल के निर्माण में बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक—सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
10 दिनों की अथक मेहनत के बाद तैयार हुआ यह अस्थायी मिट्टी का पुल अब एक बार फिर से लोगों की राह आसान कर रहा है। आवागमन शुरू हो गया है, जिससे स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना पहले की तुलना में बेहद सरल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्होंने खुद पहल न की होती, तो शायद कई और महीनों तक मुश्किलें झेलनी पड़तीं। उन्होंने यह भी मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण कराए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न आए।
रांची। युवा राज्य में युवा शक्ति के साथ सरकार हर कदम पर खड़ी है। आज आपके भविष्य के साथ एक नया अध्याय जुड़ रहा है । आप सरकार के अभिन्न अंग के रूप में अब अपनी सेवा देंगे। मुझे पूरा विश्वास कि आप राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना अहम योगदान देंगे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन सरकार के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर मोरहाबादी मैदान, रांची में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 8792 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज जिन्हें नियुक्ति पत्र मिला है, उससे कम से कम 50 हज़ार लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।
मन उत्साहित भी है और उदास भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य सरकार अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ बना रही है। यह दिन हम सभी के लिए काफी उत्साह वाला है , लेकिन मन थोड़ा उदास भी है। क्योंकि, दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी इस ऐतिहासिक समारोह में हमारे बीच नहीं है। वे अगर आज होते तो इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलता देख काफी खुश नजर आते। इस क्रम में मुख्यमंत्री ने महान सुधारक ज्योतिबा फुले को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए नमन किया ।
ऐतिहासिक है आज का दिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आज पहले वर्ष पूरा हो रहा है । यह दिन कई काफी ऐतिहासिक है। क्योंकि, एक साथ इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का अवसर हमें मिला है। हमारी सरकार युवाओं का भविष्य संवारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सिर्फ इसी वर्ष 16 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 8 हज़ार लोगों को गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वहीं, पिछले कुछ वर्षों के दौरान सरकारी और निजी क्षेत्र में हजारों लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का सार्थक पहल सरकार के स्तर पर हुआ है। नियुक्तियों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का लें संकल्प
मुख्यमंत्री ने इस समारोह में नियुक्ति पर प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों से कहा कि आपकी पोस्टिंग राज्य के विभिन्न जिलों में होती रहेगी। ऐसे में आपसे आग्रह है कि आप जहां भी जाएं, वहां काम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें। अगर हम इसमें कामयाब हुए तो निश्चित तौर पर झारखंड की तस्वीर बदल जाएगी।
नियुक्तियों में बरती जा रही है पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बीच राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। हमारी सरकार पूरी शिद्दत, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ इस राज्य के नौजवानों को सशक्त बना रही है। हालांकि, कुछ ऐसे भी तत्व हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन, सरकार इसकी चिंता किए बगैर अपना कार्य कर रही है। हमारा मकसद इस राज्य में नया आयाम स्थापित करना है।
समाज के हर वर्ग और तबके के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कर रहे हैं काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर वर्ग और तबके के लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। आदिवासी, दलित, पिछड़ा, महिला नौजवान, दिव्यांग... हर किसी को सरकार सौगात दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे पढ़ा -लिखा व्यक्ति हो या कम पढ़ा- लिखा अथवा अनपढ़, सबको आगे ले जाने का काम सरकार कर रही है। सभी को उनकी योग्यता और क्षमता के रोजगार देने का प्रयास हो रहा है।
राज्य को आगे ले जाने की जिम्मेदारी हम सभी के कंधों पर है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने लड़कर इस राज्य को लिया है। ऐसे में इस राज्य के पदाधिकारी, किसान, नौजवान, महिला शिक्षक... हर किसी की कंधों पर अहम जिम्मेदारी है कि वे इस राज्य को सजाने- संवारने में अपनी भूमिका निभाएं। सभी के सामूहिक एवं सार्थक प्रयासों से झारखंड सशक्त औऱ मजबूत राज्य बन सकता है।
सरकार के कार्यों का दिख रहा चौतरफा असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का चौतरफा असर देखने को मिल रहा है । इस कड़ी में आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना का प्रभाव पूरी तरह झलक रहा है। आज महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वावलंबी बन रही हैं। उन्होंने नियुक्ति पत्र लेने के लिए आई एक महिला का जिक्र करते हुए कहा कि उसने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना के तहत मिली सम्मान राशि से अपनी पढ़ाई पूरी की और आज पदाधिकारी बनकर हमारे बीच हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सहायक आचार्य में 40 प्रतिशत और जेपीएससी सिविल सेवा में 30 प्रतिशत महिलाएं चुनकर आईं हैं, जो महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है।
इन पदों के लिए नव नियुक्त अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
इस समारोह में कुल 8792 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसमें झारखंड लोक सेवा आयोग की 11वीं से 13 वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा से अनुसंशित 197 उप समाहर्ता, 35 पुलिस उपाधीक्षक, 55 राज्य कर पदाधिकारी, 2 काराधीक्षक, 08 झारखंड शिक्षा सेवा श्रेणी -2, 01 जिला समादेष्टा, 8 सहायक निबंधक, 14 श्रम अधीक्षक, 6 प्रोबेशन पदाधिकारी और 3 उत्पाद निरीक्षक हैं। इसके साथ दंत चिकित्सक के 22, कीटपालक के 150 और सहायक आचार्य के 8291 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला। वहीं, कर्तव्य के दौरान 84 शहीद पुलिस कर्मियों के पारिवारिक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री दीपक बिरुवा, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री श्री हफीजुल हसन, मंत्री श्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय, मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मंत्री सुदिव्य कुमार, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, राज्य सभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, विधायक ममता देवी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह एवं विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव तथा अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।
रांची। सरकार के प्रथम वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को लेकर दिनांक 27 नवंबर 2025 को मुख्य कार्यकम आयोजन स्थल मोरहाबादी में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी, राँची मंजुनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची राकेश रंजन, ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं बलों की संयुक्त ब्रीफिंग की गई।
मोरहाबादी मैदान, राँची में दिनांक - 28 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मुख्य आतिथ्य एवं अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के चयनित/अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हजारों नवचयनित अभ्यर्थी, उनके परिजन, गणमान्य नागरिक एवं आमजन भाग लेंगे। कार्यक्रम की गरिमा, सुरक्षा तथा सुचारु विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से दण्डाधिकारियों एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
कार्यक्रम के वृहद स्वरूप को ध्यान में रखते हुए दण्डाधिकारियों को विभिन्न सेक्टरों/जोन में विधि-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन मार्ग तथा वीवीआईपी मूवमेंट हेतु प्रतिनियुक्त किया गया है।
ब्रीफिंग के दौरान उप विकास आयुक्त राँची, सौरभ भुवनिया, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, उत्कर्ष कुमार, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, राजेश्वर नाथ आलोक, अपर समाहर्ता राँची, श्री राम नारायण सिंह, पुलिस अधीक्षक शहर, श्री पारस राणा, ग्रामीण, श्री प्रवीण पुष्कर, ट्रैफ़िक, राकेश सिंह, एल.आर.डी.सी. राँची, मुकेश कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, उर्वशी पांडेय, एवं जिला के सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
दिए गए निर्देश
(1) सुरक्षा घेरा कार्यक्रम स्थल पर आंतरिक, मध्य एवं बाहरी तीन स्तरों पर सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
(2) ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT)की तैनाती सुनिश्चित की गई।
(2) पार्किंग एवं यातायात प्रबंधन को लेकर निर्देश दिए गए।
(3) विशिष्ट वीआईपी/वीवीआईपी पार्किंग एवं सामान्य दर्शकों की व्यवस्था को लेकर निर्देश।
(4) ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार, सभी चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने के निर्देश दिए गए।
(5) आपातकालीन व्यवस्था
फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, मेडिकल टीम स्टैंडबाई व्यवस्था करने निर्देश।
(6) मंच एवं दर्शक दीर्घा सुरक्षा
को लेकर मेटल डिटेक्टर, डीएफएमडी, हैंड हेल्ड डिटेक्टर के माध्यम से प्रवेश।
उपायुक्त द्वारा प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग एवं आइडेंटिटी कार्ड चेकिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी इस कार्यक्रम से सम्बंधित पदाधिकारियों को अपने दिए गए उत्तरदायित्व का निर्वाहन सुनिश्चित रूप से करने के लिए कड़े निर्देश दिए। साथ सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि सभी अतिथि एवं दर्शकगण सुगमतापूर्वक अपना स्थान ग्रहण कर बैठें एवं अपनी गैलरी में शांति व्यवस्था बनाये रखें। महिला पदाधिकारी महिला आरक्षी की सहायता से सभी महिला दर्शकों / अतिथियों के साथ शांति व्यवस्था कायम रखना सुनिश्चित करेंगी।
कार्यक्रम को लेकर पार्किंग व्यवस्था
(1) मुख्य समारोह स्थल मोरहाबादी मैदान के अंदर एवं बाहर की प्रशासनिक व्यवस्था-
वी.वी.आई.पी. एवं मुख्य अतिथि प्रवेश द्वार इस गेट से महानुभावों का प्रवेश होगा। ये राजकीय अतिथिशाला के सामने बायें फ्लैंक से होकर मोरहाबादी मैदान जायेंगे।
(2) वी.आई.पी./ मीडिया प्रवेश द्वार इस गेट से वी.आई.पी./ मीडिया का प्रवेश होगा। ये एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के सामने प्रवेश द्वार एवं ऑक्सिीजन पार्क के सामने वाले प्रवेश द्वार से जायेंगे।
(3) आम जनता लाभुक का प्रवेश गेट नं0-1, 2 एवं 3 से होगा।
(4) पत्रकारों का प्रवेश प्रिंट मिडिया एवं इलेक्ट्रोनिक मिडिया के पत्रकारों के लिए अलग से प्रवेश द्वार बनाया गया है, जो स्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के सामने से प्रवेश द्वार से जायेंगे। सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी / पुलिस पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि सभी जिलों के आगन्तुक एवं दर्शकगण अपने निर्धारित गेट से ही प्रवेश करें।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज शहीद सोबरन सोरेन जी के 68वें शहादत दिवस पर लुकैयाटांड़ (नेमरा, गोला) पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद स्थल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज के दिन प्रत्येक वर्ष हम सभी लोग यहां एकत्रित होकर मेरे (दादा जी) शहीद सोबरन सोरेन जी के शहादत दिवस पर उन्हें याद कर नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग यह जानते हैं कि झारखंड के अलग-अलग जगहों पर हमारे कई वीर सपूतों ने जन्म लिया जिन्होंने यहां के आदिवासी-मूलवासी सहित सभी वर्ग-समुदाय को लोगों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी तथा यहां की जल, जंगल, जमीन एवं राज्यवासियों की अस्मिता की रक्षा का नेतृत्व किया। हमारे वीर सपूतों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर यहां के आदिवासी एवं मूलवासियों का हक-अधिकार का हनन तथा शोषण करने वालों के विरुद्ध मजबूती से आवाज उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा की हमारे कई वीर सपूतों की सामंती विचारधारा के लोगों द्वारा हत्या कराई गई, कई वीर सपूतों को जेल की सलाखों में भेजने का कार्य किया गया।
झारखंड वीरों की धरती
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड प्रदेश खून से सींचा हुआ प्रदेश है। इस प्रदेश के हर कोने में हमारे वीर शहीदों की स्मृतियां, प्रतिमाएं और समाधि स्थल हैं। इन वीर सपूतों के पुण्यतिथि तथा शहादत दिवस के मौके पर हम इन्हें याद कर नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शहीद सोबरन सोरेन (हमारे दादा ) का शहादत दिवस है। आज हमारे बीच आदरणीय दिशोम गुरु स्मृति शेष-स्व० शिबू सोरेन जी का नहीं होना एक युग का अंत है। पूर्वजों के आदर्श पर चलते हुए हमारे वीर सपूत अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना को पूरा कर हम सभी को एक ताकत देते हुए, अपने अधिकार को पहचानने की शक्ति देते हुए विधि के अनुरूप अपने-अपने जगह पर चले गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिम्मेदारी और बड़ी हो गई है आगे हम सभी को एकजुट होकर अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़नी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को एक साथ आगे बढ़ते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान देना सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड 25 वर्ष का युवा राज्य हो चुका है। हमारी सरकार प्रत्येक क्षेत्र में तेज गति से कार्य कर रही है। यहां के नौजवानों के कंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
महिलाएं सरकार की योजनाओं से जुड़कर बन रही स्वावलंबी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। गांव, गरीब, किसान खुशहाल रहे इस निमित्त योजनाओं को निरंतर धरातल पर उतारा जा रहा है। लोग अपने श्रम शक्ति से, खेती-किसानी के माध्यम से अपने परिवार का जीवन यापन कर सकें इस दिशा में भी सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की जिम्मेवारी का पूरा ख्याल राज्य सरकार रख रही है। हमारी सरकार ने यहां की आधी आबादी को अपने पैरों पर खड़ा करने का काम किया है। राज्य सरकार निरंतर युवा पीढ़ी को मजबूत करने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी महिलाएं सरकार की योजनाओं से जुड़कर स्वावलंबी बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में अलग-अलग तरीके से कार्य योजना तैयार कर झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में लाकर खड़ा करना हमारी प्राथमिकता है।
नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार पर भी फोकस
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि 28 नवंबर 2025 को वर्तमान राज्य सरकार का 1 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा है, इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यहां के 10 हजार से अधिक युवक-युवतियों को सरकारी नियुक्तियां मिल रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरियां ही नहीं बल्कि स्वरोजगार के विभिन्न साधनों का भी सृजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार रांची हेड क्वार्टर से नहीं बल्कि गांव से चलती है। "सेवा का अधिकार" कार्यक्रम के तहत हमारी सरकार योजनाओं को आपके घर आंगन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। आपकी समस्याओं का निदान भी आपके गांव घर पर ही किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में जो भी हक अधिकार आपको मिलना चाहिए हमारी सरकार आप तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
घर-आंगन तक पहुंच रही योजनाओं की गठरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यह दायित्व है कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए आपको कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार के अधिकारी अब आप तक पहुंच रहे हैं। आपको अधिकारी को खोजने की आवश्यकता नही है। अब सरकारी कार्यालयों में बिचौलियों का कोई जगह नहीं है। दलालों को ढूंढ कर भगाया जा रहा है। सरकारी व्यवस्थाओं पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस मौके पर विधायक रामगढ़ ममता देवी, जिला प्रशासन के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नई दिल्ली: मुख्य सचिव अविनाश कुमार मंगलवार को झारखंड पैवेलियन पहुंचे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर झारखंड दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश की समृद्ध परंपराओं, आदिवासी सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा की इस प्रस्तुति को विशेष रूप से सराहा। इसके बाद उन्होंने पैवेलियन में लगे सभी 32 स्टॉलों का अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने राज्य के कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रस्तुत उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य भी इस अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अपने विकास के विभिन्न आयामों को प्रदर्शित कर रहा है। वर्तमान झारखंड सरकार राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संस्कृति, परंपरा और विकास मॉडल—तीनों को समान प्राथमिकता देते हुए हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, तकनीक और हवाई कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आधुनिक और उपयोगी इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से विकसित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य झारखंड को एक सक्षम, समृद्ध और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित करना है"।
झारखंड की सांस्कृतिक विविधता प्रभावशाली
नाट्यशाला थिएटर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में झारखंड के लोक कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकसंगीत और विरासत से सजी इन प्रस्तुतियों ने झारखंड की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप में उजागर किया।
दर्शकों ने झारखंड की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का लिया आनंद
राज्य के रजत पर्व पर आयोजित झारखंड दिवस के अवसर पर प्रगति मैदान का एम्फीथियेटर झारखंड की लोक-संस्कृति के मनोहारी रंगों से गुलजार रहा। दर्शकों ने झारखंड की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया, जिनमें झारखण्ड के तपन नायक और टीम का छऊ नृत्य, किशोर नायक और टीम का नागपुरी नृत्य, सुखराम पाहन और टीम का मुंडारी नृत्य , कृष्ण भगत और टीम का उरांव नृत्य और अशोक कच्छप के पाइका नृत्य ने लोगो को मंत्रमुग्ध किया।
झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड जैसे संस्थागत स्टॉल विशेष आकर्षण
झारखंड पवेलियन में इस वर्ष विविधता और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ राज्य के दर्जनों स्टॉल संचालक अपनी विशिष्ट कला और उत्पादों के साथ मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। पैतकर और सोहराय पेंटिंग जैसे पारंपरिक कला स्टॉलों के साथ-साथ मत्स्य निदेशालय, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, झारक्राफ्ट, पलाश मार्ट और झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड जैसे संस्थागत स्टॉल विशेष आकर्षण बने हुए हैं।
*हस्तनिर्मित कला और उत्पाद आगंतुकों को विशेष रूप से कर रहे हैं आकर्षित*
इसके अलावा छोटानागपुर क्राफ्ट, माटी कला बोर्ड, अर्मान कार्पेट, करियातपुर ब्रास, एमवीएम भागिमा (जोहार रागी), पीपल ट्री सहित कई स्थानीय उद्यमी और कारीगर जैसे मकबूल जादोपटिया, गीता वर्मा, संध्या सिंह कुंतिया, अनीता मंडल, अनूपा कुजूर, रजत कुमार हैंडलूम, आरती देवी हैंडलूम, अमोलीना सारस, ओम क्रिएशन, आइशा हैंडलूम, डामू बोदरा, बेबी कुमारी, बोगेंद्र पासवान और शांति विजय एंड कंपनी अपनी हस्तनिर्मित कलाओं और उत्पादों से आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
झारखंड दिवस समारोह ने IITF 2025 में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, कारीगरों की रचनात्मकता, और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का एक जीवंत, प्रेरक और गतिशील रूप प्रस्तुत किया। झारखंड पैवेलियन इस वर्ष भी नवाचार, परंपरा और प्रगति का अनूठा संगम बनकर उभरा है।
इस अवसर उद्योग सचिव अरवा राजकमल, उद्योग निदेशक विशाल सागर तथा अन्य पदाधिकारी भी माजूद रहे।
नई दिल्ली। भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) 2025 में झारखंड पवेलियन इस वर्ष विशेष रूप से सुर्खियों में है। इसकी सबसे बड़ी वजह है।तसर सिल्क के क्षेत्र में झारखंड की अद्वितीय पहचान, जहां देश के कुल तसर उत्पादन का 70 प्रतिशत योगदान अकेले झारखंड देता है। यह उपलब्धि न केवल राज्य की प्राकृतिक संपदा और कौशल का प्रमाण है, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में उभरती एक मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कहानी भी है।
देश की तसर राजधानी के रूप में झारखंड ने ख़ुद को किया स्थापित
झारखंड का तसर उद्योग आज एक स्पष्ट विज़न के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है—स्थानीय आजीविका को सुदृढ़ करना, कच्चे रेशम के उत्पादन को बढ़ाना, तसर से जुड़े संपूर्ण इकोसिस्टम का निर्माण करना और राज्य को भारत के हस्तशिल्प मानचित्र पर विशिष्ट स्थान दिलाना। इसी मिशन के तहत, झारखंड में आज 100 कोकून संरक्षण केंद्र और 40 पूर्ण-सुविधायुक्त परियोजना केंद्र संचालित हो रहे हैं। 2001 में 90 मीट्रिक टन कच्चे रेशम का उत्पादन बढ़कर 2024–25 में 1,363 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है, जिसने झारखंड को देश की तसर राजधानी के रूप में स्थापित कर दिया है।इस अभूतपूर्व सफलता के केंद्र में हैं झारखंड की महिलाएँ। तसर उत्पादन के 50–60 प्रतिशत कार्यों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी है । कोकून प्रसंस्करण से लेकर तसर धागा उत्पादन और तैयार उत्पादों के निर्माण तक। उल्लेखनीय है कि यार्न उत्पादन पूरी तरह से महिला कर्मियों द्वारा किया जाता है, जिसने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य की तसर अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ भी बनाया है।
महिलाओं की इस बढ़ती भूमिका को और मजबूती देने के लिए उद्योग विभाग और रेशम निदेशालय द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। झारक्राफ्ट, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और अन्य संस्थाओं के सहयोग से महिलाओं को प्रशिक्षण, रोज़गार और बाज़ार तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में स्थापित कॉमन फ़ैसिलिटी सेंटर (CFC) में 30–60 महिलाएँ एक साथ उत्पादन, कौशल विकास और प्रशिक्षण गतिविधियों से जुड़कर स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। युवा रियरर्स और किसानों के लिए सेरीकल्चर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
*पैविलियन का मुख्य आकर्षण कोकून से रेशम धागा निकालने की पारंपरिक प्रक्रिया का लाइव डेमो*
पैविलियन का मुख्य आकर्षण वह लाइव डेमो है, जहां तसर कोकून से रेशम धागा निकालने की पारंपरिक प्रक्रिया प्रत्यक्ष रूप से दिखाई जाती है। प्रशिक्षित महिला कारीगर कोकून उबालने से लेकर धागा तैयार करने तक हर चरण को विस्तार से समझाती हैं। वहीं, “तम्सुम” उसी धागे से करघे पर कपड़ा बुनने की कला प्रस्तुत करती हैं। यह अनोखा प्रदर्शन न केवल तसर उद्योग की समृद्ध विरासत को सामने लाता है, बल्कि महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करता है, जो ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थायी आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी हैं।
इसके साथ ही, झारखंड पवेलियन में झारक्राफ्ट राज्य की ग्रामीण कला, कारीगरी और तसर आधारित हस्तशिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में अपनी अहम भूमिका को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत कर रहा है। IITF 2025 में प्रदर्शित इसके उत्कृष्ट उत्पाद झारखंड की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को सामने लाने के साथ-साथ कारीगरों के आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत कहानी भी बयां करते हैं।
IITF 2025 में झारखंड पवेलियन तसर उत्पादन से जुड़े इस गौरवशाली सफर को एक ही छत के नीचे जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है, जहाँ तसर की चमक, महिलाओं की मेहनत और ग्रामीण झारखंड की तरक्की की प्रेरक गाथा साथ-साथ आगे बढ़ती दिखाई देती है।
रांची। झारखंड मुखिया संघ अध्यक्ष सोमा उरांव ने जानकारी देते हुए बताया है कि सभी सम्पूर्ण प्रदेश मुखिया साथियों को सादर अनुरोध है कि आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का विरोध हम मुखियागणों को नहीं करना है चुकी सरकार की महत्वपूर्ण कार्यक्रम जन हित के लिए किया जाता है और इसमें आम जनों का समस्या सुनी जाती है समाधान भी होता है हमलोग जनता के चुने जनप्रतिनिधि हैं हमलोगों को जनता के बीच रहना है परंतु इस कार्यक्रम में हमलोगों को हाथ में काला पटी बांध कर कार्यक्रम में शामिल रहेंगे इससे यह संदेश जनता के बीच जाएगा कि पंचायत को फंड नहीं मिला है
सरकार के माननीय मंत्री महोदया के द्वारा संघ की मांगों को गंभीरता से लिया है ।इसलिए हम सभी को कुछ दिन इंतजार करते हुए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में शामिल रहना है । मांगों को पूरा करने के लिए मिले तय समय अवधि तक इंतजार करेंगे इस बीच हमलोगों को संघ का मांग पत्र अपने क्षेत्र के सासंद महोदय को देना है इसकी तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी
रांची। झारखण्ड राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर “नो योर टूरिस्ट पैलेस” के तहत साइकिल रैली का फ्लैग ऑफ किया गया। श्री सुदिव्य कुमार, मंत्री पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग एवं शहरी विकास और आवास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, झारखंड सरकार द्वारा बापू वाटिका, मोरहाबादी मैदान, रांची से रैली का फ्लैग ऑफ किया गया।
आज दिनांक 13.11.2025 को यह साइकिल रैली बापू वाटिका, मोरहाबादी मैदान, रांची से प्रारंभ होकर लतरातु डैम (रिसोर्ट) तक जाएगी। 14 नवम्बर को प्रतिभागी लतरातु से रांची के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हुए खूंटी जिले में रात्रि विश्राम करेंगे। 15 नवम्बर को रैली खूँटी से भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू पहुंचेगी, जहां श्रद्धांजलि अर्पित कर रैली का समापन किया जाएगा।
इस साइकिल रैली का उद्देश्य झारखण्ड के छिपे हुए पर्यटन स्थलों को लोगों तक पहुँचाना और राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देना है।
इस दौरान सचिव, खेल एवं युवा मामले मनोज कुमार, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची मंजूनाथ भजंत्री, खेल निदेशक श्री शेखर जमुआर, उप विकास आयुक्त रांची सौरभ कुमार भुवनिया, अपर जिला दंडाधिकारी राजेश्वरनाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर उत्कर्ष कुमार, पुलिस अधीक्षक, नगर पारस राणा एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 12 नवंबर 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय -
गारंटी मोचन निधि (Guarantee Redemption Fund) के संचालन हेतु भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त अधिसूचना के प्रारूप पर सहमति दी गई।
राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) से Urban Infrastructure Development Fund (UIDF) अन्तर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु ऋण आहरण के क्रम में RBI द्वारा उपलब्ध कराये गये राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाला संशोधित अपरिवर्तनीय प्राधिकार पत्र प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत वनरक्षी संवर्ग के स्वीकृत कुल 3883 पदों में से 1315 पदों का प्रत्यर्पण कर प्रधान वनरक्षी के 1315 पदों के सृजन की स्वीकृति हेतु निर्गत अधिसूचना में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
राज्य के सभी 24 जिलों के एक-एक मुख्यमंत्री उत्कृष्ठ विद्यालयों (CM SoE) में STEM Lab के अधिष्ठापन की स्वीकृति दी गई।
नेतरहाट विद्यालय समिति के माध्यम से नियुक्त नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने की स्वीकृति दी गई।
₹ 113.97 करोड़ की अनुमानित परियोजना लागत के साथ पी०पी०पी० मोड पर 4 सितारा श्रेणी के होटल के रूप में होटल वैद्यनाथ विहार, देवघर के निर्माण, संचालन, रख-रखाव और प्रबंधन के लिये अवधारणाओं / सिद्धांतों की स्वीकृति दी गई।
षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का चतुर्थ (शीतकालीन) सत्र 05.12.2025 से 11.12.2025 तक आहूत किये जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।
भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा केन्द्रीय सेक्टर स्कीम CRIF अन्तर्गत उप योजना के तहत स्वीकृत सेतु बंधन परियोजना हेतु कुल राशि 37.27 करोड़ (सैंतीस करोड़ सताईस लाख) मात्र का प्रावधान झारखण्ड आकस्मिकता निधि से कराने की स्वीकृति दी गई।
डॉ० मैथिलीशरण, ट्यूटर, माईक्रोबायोलॉजी विभाग, पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज, धनबाद सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं0-1289/2014 Dr. Maithali Sharan Vs State Of Jharkhand में दिनांक 06.04.2023 को पारित आदेश के आलोक में सेवा से बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अन्तर्गत विश्व बैंक सम्पोषित पोलिटेकनिक शिक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना के अन्तर्गत संविदा के आधार पर नियुक्त शिक्षकेत्तर कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्- राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (ICAR, National Bureau of Fish Genetic Resource) लखनऊ, के अनुरोध के अनुपालन में अन्य राज्यों की भाँति देशी मांगुर (Clarias magur) को झारखण्ड राज्य हेतु राज्य की "राजकीय मछली (State Fish) "घोषित करने के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई।
तीन नये आपराधिक कानून के कार्यान्वयन हेतु Model Rules- e-Sakshya एवं e-Summons अधिसूचित किये जाने की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य पुलिस रेडियो में अवर निरीक्षक, वितंतु (Wireless Sub Inspector) संवर्ग नियुक्ति नियमावली, 2016 (यथासंशोधित) में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
इंडिया रिजर्व बटालियन में आरक्षी के पद पर नियुक्ति हेतु अधिसूचित नियम में संशोधन की स्वीकृति दी गई
पथ प्रमंडल, गिरिडीह अन्तर्गत "Widening & Strengthening/Reconstruction of Existing Pavement to Two Lane with Paved Shoulder including replacement of Culverts and Bridges of Giridih-Jamua Road (SH-13) (Chainage 6.810 Km. to 35.250 Km.) (कुल लम्बाई-28.44 कि०मी०) (भू-अर्जन सहित)" हेतु रू० 133,01,85,200 /- (एक सौ तैंतीस करोड़ एक लाख पचासी हजार दो सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
पथ प्रमंडल, सिमडेगा अन्तर्गत "सिमडेगा रेंगारी- केरसई- बोलवा-उड़ीसा बोर्डर पार्ट-1 (लम्बाई - ०.०० कि०मी० से 33.91 कि०मी०) एवं पार्ट-2 (लम्बाई- 0.00 कि0मी0 से 14.30 कि०मी०) (कुल लम्बाई 48.21 कि0मी0) का राईडिंग क्वालिटी में सुधार (Improvement of Riding Quality) कार्य" हेतु रू० 29,76,22,300/- (उनतीस करोड़ छिहत्तर लाख बाईस हजार तीन सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड स्थापना दिवस, 2025 के अवसर पर आयोजित होने वाले राजकीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अल्प अवधि शेष रहने व कार्यक्रम की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए सीमित निविदा प्रक्रिया द्वारा चयनित ऐजेन्सी द्वारा उद्धरित न्यूनतम दर के सामान्य अनुमानित व प्राक्कलित दर से लगभग पचास प्रतिशत अधिक पर कार्यादेश निर्गत करने की स्वीकृति दी गई।
लातेहार जिलान्तर्गत चन्दवा अंचल के अन्तर्गत मौजा-चकला, थाना सं०-238, खाता सं०-281 एवं 280 के विभिन्न प्लॉटों में अंतर्निहित कुल रकबा 147.05 एकड़ गैरमजरूआ आम/खास भूमि चकला कोल परियोजना के निमित्त मे० हिण्डाल्को इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के साथ 30 (तीस) वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गई।
रांची। पुलिस मुख्यालय स्थित कार्यालय में शुक्रवार को तदाशा मिश्रा, भा०पु०से० ने पुलिस मुख्यालय में महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड का पदभार ग्रहण किया । पदभार ग्रहण के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने संबंधी पुलिस को संवेदनशील रहने की आवश्यकता के साथ पुलिस का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ करना, अपराधों पर नियंत्रण रखना तथा समाज में शांति और विश्वास बनाये रखने/महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने संबंधी बाते कहीं। साईबर / संगठित अपराधों / नक्सलवाद की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु बेसिक /कोर पुलिसिंग पर विशेष रूप से अपने विचार व्यक्त कीं।
विदित हो कि तदाशा मिश्रा, भा०पु०से० पूर्व में पुलिस अधीक्षक, मधेपूरा (बिहार) एवं झारखण्ड राज्य में पुलिस अधीक्षक, नगर / ग्रामीण, राँची / अप०अनु०वि० /बोकारो / गिरिडीह, समादेष्टा, झा०स०पु०-02/झा०स०पु०-01, पुलिस उप-महानिरीक्षक, कार्मिक, पुलिस महानिरीक्षक, मानवाधिकार, पुलिस महानिरीक्षक, बोकारो, पुलिस महानिरीक्षक, वि०शा०, अपर पुलिस महानिदेशक, झा०स०पु०/रेल, विशेष सचिव, गृह विभाग, झारखण्ड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं।
पदभार ग्रहण के दौरान मनोज कौशिक, पुलिस महानिरीक्षक, राँची, प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, असीम विक्रांत मिंज, पुलिस महानिरीक्षक, अप०नु०वि०, डॉ० माईकलराज एस०, पुलिस महानिरीक्षक, अभियान, क्रांति कुमार गड़िदेशी, पुलिस महानिरीक्षक, मानवाधिकार, सुदर्शन प्रसाद मंडल, पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय, पटेल मयुर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजन इन्द्रजीत महथा, पुलिस उप-महानिरीक्षक, झारखण्ड जगुआर, सुरेन्द्र कुमार झा. पुलिस उप-महानिरीक्षक, कार्मिक, सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर शुभकामनाएं दी।