(रांची ऋषभ राजा ) नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है .चुनाव के दौरान शांति, सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने रांची नगर निगम क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है . यह आदेश चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा . आदेश के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या प्रत्याशी को बिना सक्षम पदाधिकारी की पूर्व अनुमति के सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी . जुलूस में किसी भी तरह के हथियार, धारदार या घातक वस्तु लेकर चलने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा .
विशेष छूट : इन पर लागू नहीं होगा आदेश
सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने कई लोगों को इस दौरान विशेष छूट प्रदान की है, जिससे उन पर कार्रवाई नहीं होगी. पूर्व अनुमति प्राप्त शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा . कैंटोनमेंट क्षेत्र तथा परीक्षा केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को भी इससे बाहर रखा गया है . प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा . उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी .
लाउडस्पीकर : नगर निगम क्षेत्र में रात 10 से सुबह 6 बजे तक नहीं बजाना होगा
पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में रात 10 से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रोक रहेगी . निर्धारित शर्तों के तहत लिखित अनुमति मिलने पर ही इसका उपयोग किया जा सकेगा . बिना अनुमति वाहन पर लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा . ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा .
पोस्टर-बैनर : सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति पर नहीं
किसी भी सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर-पंपलेट चिपकाना, झंडा, बैनर, होर्डिंग या तोरण द्वार लगाना प्रतिबंधित है . निजी संपत्ति पर भी मालिक की लिखित अनुमति के बिना प्रचार सामग्री लगाने पर रोक रहेगी .
पांच से अधिक पर पाबंदी
शांति भंग करने की मंशा से पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा . जाति, धर्म या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले पोस्टर, पर्चे, लेख, फोटो या किसी भी प्रकार की सामग्री के उपयोग पर रोक .
आपत्तिजनक प्रचार वर्जित
व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम या किसी भी सोशल मीडिया मंच पर किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ संदेश प्रसारित नहीं किए जाएंगे। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी .
धार्मिक स्थलों से प्रचार नहीं
धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा और किसी भी तरह की सांप्रदायिक भावना भड़काने पर सख्त कार्रवाई होगी . मतदाताओं को डराने-धमकाने या प्रलोभन देने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा .
हथियार प्रदर्शन पर रोक
लाइसेंसी हथियार लेकर चलने या आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला जैसे घातक हथियारों के प्रदर्शन पर रोक . परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय, ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक, पुलिस कर्मी आदि को छूट.