रांची। राजधानी रांची के चुटिया थाना अंतर्गत निवारणपुर स्थित (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार की रात हुए इस हमले के दोनों आरोपियों को लोहरदगा से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने की बात सामने आ रही है। वही रांची पुलिस अभी तक आरोपियों का नाम का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। ग्रामीण एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मंगलवार देर रात RSS कार्यालय को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंका था। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच में केंद्रीय एजेंसियां भी रुचि ले रही हैं और जांच के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे किसी संगठन या बड़े षड्यंत्र का हाथ तो नहीं है।
रांची : झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त देकर जीत हासिल की है। इस परिणाम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव परिणाम के अनुसार परिमल नाथवाणी को कुल 28 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले। मतदान के आंकड़े सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग हुई है, जिसके कारण कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। राजनीतिक जानकार इसे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
वहीं पहली सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज कर अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने में सफलता हासिल की। उन्हें 30 वोट प्राप्त हुए। हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन की रणनीति और समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा सवाल यही है को महागठबंधन के पास कुल 56 वोट थे तो फिर अन्य 28 वोट कहां गए यह सबसे बड़ा सवाल है। वही NDA के पास 24 वोट थे लेकिन कुल 30 वोट मिले उनमें 2 बीजेपी के वोट रिजेक्ट हो गए। इसका मतलब महागठबंध के 6 विधायक विधायकों ने अपने ही दल के साथ खेला कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने यह संकेत दिया है कि झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बन सकते हैं। परिमल नाथवाणी की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी मानी जा रही है। वहीं महागठबंधन के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले आत्ममंथन का विषय बन गया है।
रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रांची स्थित प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। घटना के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद हमलावरों की पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
VHP नेता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रांची पुलिस से हमले में शामिल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन अब तक उनके नाम और हमले के पीछे की साजिश का खुलासा नहीं किया गया है।
विनोद बंसल ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि हमले के षड्यंत्रकारियों के तार कहां-कहां से जुड़े हैं, उन्हें किसकी प्रेरणा या निर्देश प्राप्त थे और इस घटना के पीछे की पूरी साजिश क्या है, इसका शीघ्र खुलासा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ कार्यालय पर आधी रात के बाद पेट्रोल बम से हमला अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और निंदनीय घटना है तथा दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
उधर, रांची पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने भी संघ कार्यालय पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। लेकिन घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और हमले के पीछे की मंशा पर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
रांची: मुख्यमंत्री के विज़न और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत ने झारखंड के आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। ‘पलाश’ ब्रांड के तहत संचालित झारखंड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ हजारों महिलाओं और किसानों के जीवन में आर्थिक बदलाव ला रहा है।
कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना का असर अब जमीन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। राज्य के लगभग 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बागान विकसित किए गए हैं, जिससे करीब 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार और आजीविका का साधन मिला है। वर्तमान में 52 हजार एकड़ क्षेत्र के बागान तुड़ाई के लिए तैयार हैं और इस सीजन में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
इस पूरी पहल की सबसे बड़ी ताकत सखी मंडल की महिलाएं हैं, जो आम की तुड़ाई, संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के माध्यम से किसानों को संगठित बाजार और बेहतर मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
झारखंड के आम अब केवल देश के बाजारों तक सीमित नहीं हैं। इस वर्ष सिमडेगा जिले से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम लंदन भेजे गए हैं, जबकि रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई निर्यात किए गए हैं। इससे राज्य के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने लगी है।
आम की गुणवत्ता के आधार पर इसे ग्रेड-ए, ग्रेड-बी और ग्रेड-सी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रीमियम ग्रेड-ए आमों का निर्यात यूएई, सऊदी अरब और ब्रिटेन जैसे देशों में किया जा रहा है, जबकि घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के माध्यम से बेचा जा रहा है।
झारखंड में अब तक 2,24,200 किलोग्राम आम की बिक्री हो चुकी है, जिससे ₹60.51 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है। राज्य के 115 से अधिक किसान उत्पादक संगठन इस अभियान से जुड़े हुए हैं और जिला स्तर पर संग्रहण एवं विपणन का कार्य कर रहे हैं।
सरकार अब बाजार विस्तार के लिए निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ भी साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रही है। बताया गया है कि ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट समूहों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे झारखंड के किसानों और ग्रामीण महिलाओं को और बड़े बाजार उपलब्ध हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की इस पहल को ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल माना जा रहा है, जिसने झारखंड के आम को स्थानीय बागानों से निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा दिया है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-
पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*
श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।
Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।
राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।
Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।*
गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।*
केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।
बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।
बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।
गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।
श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।
माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।
पटना। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद ने जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। रोशन आनंद ने दावा किया कि खान सर (फैजल खान) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक ने मिलकर उनके भाई की हत्या करवाई है।
मीडिया से बातचीत में रोशन आनंद ने कहा कि जब तक वह बाहर थे तब तक उनके भाई के साथ कुछ नहीं हुआ, लेकिन उनके जेल जाने के बाद प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल में मौत हो गई। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
रोशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि फैजल खान ने उन्हें झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवाया और उनके परिवार को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, खान सर ने प्रिंस यादव की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रिंस यादव की मौत और पटना के चर्चित कोचिंग विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। रोशन आनंद के गंभीर आरोपों के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है और मामले की जांच जारी है।
देवघर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दुमका की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए देवघर जिले के करौं प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ACB की टीम ने यह कार्रवाई शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कर की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंडाकोली (लकरछरा) गांव निवासी भीम कुमार राणा ने ACB दुमका से शिकायत की थी कि मनरेगा योजना के तहत उनकी जमीन पर ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। योजना की कुल लागत 45,379 रुपये थी, जिसमें 41,444 रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका था। अंतिम बिल निकासी के लिए एमबी (मेजरमेंट बुक) जमा करने के एवज में कनीय अभियंता द्वारा 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी अभियंता को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए करौं प्रखंड परिसर स्थित सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ACB टीम अपने साथ ले गई है और उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। झारखंड में ACB लगातार रिश्वतखोरी के मामलों पर कार्रवाई कर रही है और हाल के महीनों में कई सरकारी अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
रांची: अहमदाबाद में आयोजित में स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले खिलाड़ी का मंगलवार को रांची एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, पदाधिकारियों और योगासना संघ के सदस्यों ने जोरदार उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया।
प्रतियोगिता में दुनिया के 78 देशों के करीब 400 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। कड़े मुकाबले के बीच रोशन थापा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और देश के साथ-साथ झारखंड का गौरव बढ़ाया।
इस अवसर पर के अध्यक्ष , सचिव , कोषाध्यक्ष तथा मुख्य सलाहकार ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।
वहीं की ओर से जिला अध्यक्ष , सचिव , कार्यकारी अध्यक्ष , कोषाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारियों एवं खेल प्रेमियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
स्वागत समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि रोशन थापा की यह उपलब्धि झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और इससे राज्य में योगासना खेल को नई पहचान मिलेगी।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने तथा समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी ग्रामीण घरों तक दिसंबर 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और समय पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।
जल सहियाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जल सहियाओं को समूहवार आईटीआई में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्हें खराब चापाकलों की मरम्मत, सोलर वाटर सप्लाई सिस्टम के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाए। बेहतर कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने की भी बात कही गई।
रियल टाइम मॉनिटरिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने बड़ी पेयजल योजनाओं के ठेकेदारों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट अपडेट करने और उसकी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए मजबूत फ्रेमवर्क और बैकअप प्लान तैयार किया जाए।
जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग को रिचार्ज पिट के रूप में उपयोग करने तथा सोक पिट निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले समुदायों को सरकार की ओर से प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर जल, जल गुणवत्ता निगरानी, बहु ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं, नलकूप योजनाएं, , ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त तथा विभागीय सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ब्यूरो। पटना में ज्ञान बिंदु और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच हुए चर्चित गोलीकांड और विवाद मामले में प्रसिद्ध शिक्षक (खान सर) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई फायरिंग और हिंसक झड़प से जुड़ा है। इस घटना के बाद पुलिस ने खान सर, उनके सुरक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि विवाद के दौरान गोली चलाने की घटना हुई, जिसके बाद पुलिस जांच तेज कर दी गई थी।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस पूरे विवाद में ज्ञान बिंदु और खान ग्लोबल स्टडीज के बीच प्रतिस्पर्धा और टकराव की भी चर्चा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पक्षों के साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।