रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस एवं यूनाइटेड किंगडम (लंदन) दौरे के उपरांत रांची पहुंचे। मौके पर बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची परिसर में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल सहित आमजनों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में पहली बार झारखंड से 11 सदस्य प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में शामिल हुआ, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस सम्मेलन में विश्व के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति एवं गण्यमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रही है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुभव से राज्य के विकास को गति मिलेगी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची परिसर में मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक सम्मेलन के माध्यम से झारखंड ने भी एक बड़े पटल पर अपनी बातें रखने का बेहतर प्रयास किया है। समय-समय पर आप सभी लोगों को खबरें भी मिलती रही हैं। राज्य सरकार की तरफ से हम लोगों ने दावोस और लंदन में झारखंड की आवाज पहुंचाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन होने के बाद पहली बार एक बड़े वैश्विक मंच पर झारखंड ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच में सम्मिलित होकर एक बेहतर अनुभव के साथ आज हमारी पुनः झारखंड वापसी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से जो अनुभव राज्य सरकार को मिला है, उस अनुभव को झारखंड के समस्त जनमानस, यहां की जल, जंगल, जमीन एवं यहां के अपार संभावनाओं को एक नया आयाम देने की पहल हमारी सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी को किस प्रकार हम बेहतर दिशा दे सकें इस निमित्त सकारात्मक पहल की जाएगी। इस वैश्विक सम्मेलन के माध्यम से हमने शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ने का प्रयास किया है, जो कहीं न कहीं हमारे राज्य के युवा पीढ़ी को मजबूती प्रदान करेगी। राज्य में बहुत संभावनाएं हैं इन सभी संभावनाओं को मूर्त रूप देकर राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।
दिनांक 01.02.2026 को समय 08:30 बजे स्थानीय चौकीदार के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुसड़ी टोला पुरानी बथान में दो पक्षों के बीच आपसी विवाद के कारण तीन लोगों की हत्या कर दी गई है। सूचना प्राप्त होते ही उक्त सूचना का सन्हा दर्ज कर सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु वरीय पुलिस पदाधिकारी को अवगत कराया गया। सूचना के आलोक में पु०नि० जीतराम महली, पु०अ०नि० आशुतोष रजक, पु०अ०नि० गोपाल कुमार राय, स०अ०नि० रविन्द्र कुमार एवं सशस्त्र बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचने पर यह तथ्य सामने आया कि महेशी भुईयां (उम्र लगभग 62 वर्ष) की मृत्यु दिनांक 01.02.2026 की सुबह बीमारी के कारण हुई थी। मृतक महेशी भुईयां की मृत्यु को डायन-विषाही एवं ओझागुणी जैसे अंधविश्वास से जोड़ते हुए उनके पुत्र रविन्द्र भुईयां एवं प्रमोद भुईयां आक्रोशित हो गए और इसी अंधविश्वास के कारण उन्होंने विजय भुईयां (उम्र लगभग 50 वर्ष), उनकी पत्नी हेवन्ती देवी उर्फ फुलवन्ती देवी (उम्र लगभग 45 वर्ष) एवं उनके पुत्र छोटू कुमार (उम्र 19 वर्ष) पर टांगी एवं चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। वहीं विजय भुईयां की पुत्री को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस अधीक्षक, पलामू के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, लेस्लीगंज के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए इस कांड के प्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त
1. रविन्द्र भुईयां, उम्र 30 वर्ष, पिता स्व० महेशी भुईयां, ग्राम कुसड़ी टोला पुरानी बथान, थाना पांकी, जिला पलामू
2. प्रमोद भुईयां, उम्र 26 वर्ष, पिता स्व० महेशी भुईयां, ग्राम कुसड़ी टोला पुरानी बथान, थाना पांकी, जिला पलामू
बरामदगी
1. घटना में प्रयुक्त टांगी (प्राथमिकी अभियुक्त प्रमोद भुईयां के निशानदेही पर)
इस संबंध में पांकी थाना कांड संख्या-10/2026, दिनांक-01.02.2026,
धारा 118(1)/118(2)/109(1)/351(3)/103(1)/3(5) भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं 3/4 डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापामारी दल
1. मनोज कुमार झा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, लेस्लीगंज (पांकी), पलामू
2. पु०नि० जीतराम महली, अंचल पुलिस निरीक्षक, पांकी अंचल
3. पु०अ०नि० रविन्द्र राहुल साय, पांकी थाना
4. पु०अ०नि० आशुतोष रजक, पांकी थाना
5. पु०अ०नि० गोपाल कुमार राय, पांकी थाना
6. स०अ०नि० रविन्द्र कुमार, पांकी थाना
7. पांकी थाना रिजर्व गार्ड
पलामू पुलिस की अपील
पलामू पुलिस आमजनों से अपील करती है कि डायन-विषाही प्रथा समाज पर एक गंभीर कलंक है। इस अंधविश्वास को समाप्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। अंधविश्वास नहीं, जागरूकता अपनाएं और डायन-विषाही प्रथा को जड़ से समाप्त करने में सहयोग करें।
(रांची ऋषभ राजा ) झारखंड के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन और सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यपाल सचिवालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं .निर्देशों के तहत विश्वविद्यालयों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक में जमा या निवेशित सरकारी राशि को तत्काल वापस लेने और भविष्य में इन बैंकों में किसी भी प्रकार की नई राशि जमा न करने का आदेश दिया गया है .
राज्यपाल सचिवालय ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रभारी कुलपतियों को निर्देशित किया है कि वे वित्त विभाग द्वारा 29 जनवरी को जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही, यह स्पष्ट किया गया है कि यदि राशि स्थानांतरण के लिए नया बैंक खाता खोलना आवश्यक हो, तो इसके लिए वित्त विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी . बिना अनुमति के किसी भी परिस्थिति में नया खाता खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा .
सरकारी धन की सुरक्षा पर सवाल
वित्त विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक में झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज मास्टर ट्रस्ट और जेटीडीसी लिमिटेड की ओर से जमा सावधि राशि के मामलों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, जालसाजी और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित संस्थाओं की ओर से जमा की गई राशि को वापस करने में दोनों बैंकों की ओर से टालमटोल की जा रही है, जिससे सरकारी धन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं .
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य सरकार के सभी विभागों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, बोर्डों, स्वायत्त संस्थानों और स्थानीय प्राधिकरणों की ओर से सेंट्रल बैंक व केनरा बैंक में रखी गई सावधि जमा और अन्य सरकारी राशि को चरणबद्ध तरीके से वापस लिया जाए और उसे राज्य सरकार से अनुमोदित बैंकों में स्थानांतरित किया जाए .
गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं
राज्यपाल सचिवालय से जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी . राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में रांची विश्वविद्यालय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय कोयलांचल, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय मेदिनीनगर, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, सिद्धो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं. इनमें कई के खाते इन बैंकों में हैं, अब इस निर्देश के आलोक में उन्हें अपनी निवेशित सरकारी राशि तत्काल इन बैंकों से निकालनी होगी .
(रांची ऋषभ राजा ) स्पोर्ट्स कराटे एसोसिएशन ऑफ झारखंड के तत्वावधान में 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित झारखंड ओपन कराटे चैंपियनशिप में खूंटी जिले के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया . प्रतियोगिता में लोयोला हाई स्कूल परिसर स्थित कराटे सेंटर के खिलाड़ियों ने चार स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया . चैंपियनशिप में अमर उरांव ने अंडर-21 एवं सीनियर वर्ग के 60 किलोग्राम भार वर्ग में दमदार प्रदर्शन करते हुए दोहरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया. वहीं 12 वर्ष आयु वर्ग में जयस राज ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक हासिल किया .
इसके अलावा 13 वर्ष आयु वर्ग में सुशील नाग और शिवम सिंह ने भी उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर खूंटी जिले का गौरव बढ़ाया . ऐमन असदक ने 13 वर्ष आयु वर्ग के 60 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक प्राप्त कर जिले को एक और सफलता दिलाई . खूंटी के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों, अभिभावकों और प्रशिक्षकों में खुशी की लहर है . इस अवसर पर जिला कराटे संघ के अध्यक्ष सह कोच हेजाज असदक ने कहा कि खिलाड़ी लगातार कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ अभ्यास कर रहे हैं . इन पदकों से यह सिद्ध होता है कि खूंटी के कराटे खिलाड़ी राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं .
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में नगर निगम चुनाव–2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचते ही महापौर पद के लिए तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। इस बार रांची नगर निगम में कांग्रेस समर्थित रमा खलको और भाजपा समर्थित रोशनी खलको के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है। सोमवार देर शाम भारतीय जनता पार्टी ने महापौर पद के लिए रोशनी खलको को समर्थन देने की औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही भाजपा की चुनावी रणनीति भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। इससे पहले कांग्रेस ने झारखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलको को अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित कर दिया था।
गौरतलब है कि महापौर पद का आरक्षण भले ही अनुसूचित अन्य (ST) श्रेणी के लिए है, लेकिन इस बार दोनों राष्ट्रीय दलों ने महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस द्वारा रमा खलको को समर्थन दिए जाने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा भी महिला प्रत्याशी को ही आगे करेगी, जिस पर सोमवार को अंतिम मुहर लग गई। रांची राज्य का सबसे बड़ा नगर निगम है, जहां लाखों मतदाता निवास करते हैं। ऐसे में यहां की चुनावी रणनीति न केवल अहम है, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति की दिशा भी तय कर सकती है। दोनों ही दलों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस उम्मीदवार पर भरोसा जताती है। मतदान 23 फरवरी को होगा, जबकि मतगणना और परिणाम 27 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि रांची की जनता ने किसे अपना नया महापौर चुनती है।
साहेबगंज। झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक 'राजकीय माघी पूर्णिमा मेला' इस वर्ष भी पूरी भव्यता के साथ शुरू हो गया है। राजमहल की पावन उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर आयोजित इस मेले में न केवल झारखंड बल्कि असम, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और आदिवासी समुदाय के लोग पहुंच रहे हैं।
सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र है राजमहल: उपायुक्त हेमंत सती
मेले को संबोधित करते हुए साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती ने कहा कि राजमहल और साहिबगंज के निवासियों के लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे इस पावन मिट्टी पर निवास करते हैं, जहाँ उत्तरवाहिनी गंगा बहती है। उन्होंने इस स्थान की तुलना प्रयागराज (इलाहाबाद) के संगम से करते हुए कहा कि राजमहल की उत्तरवाहिनी गंगा का महत्व और पवित्रता किसी भी मायने में कम नहीं है।
उपायुक्त हेमंत सती ने विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि दूर-दराज के प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालु यहाँ गंगा पूजन करते हैं और यहाँ का पवित्र जल अपने धार्मिक स्थलों (जैसे जाहिर स्थान) पर अर्पण करते हैं, जो हमारी समृद्ध संस्कृति का द्योतक है। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी:
स्वच्छता और प्रकाश: पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था और पर्याप्त रोशनी के लिए लाइट्स लगवाई गई हैं。
सांस्कृतिक कार्यक्रम: शाम के समय विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी。
प्रशासनिक मुस्तैदी: बेहतर विधि-व्यवस्था के लिए मैजिस्ट्रेट्स और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है。
*सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 20 पुलिस पोस्ट तैनात: श्री अमित कुमार ( पुलिस अधीक्षक, साहिबगंज)*
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर साहिबगंज के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है。 उन्होंने बताया कि:
सघन गश्त: रात के समय सुनसान और संवेदनशील इलाकों में बाइक पेट्रोलिंग के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है。
पुलिस चौकियाँ: पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा की निगरानी के लिए 20 विशेष पुलिस पोस्ट स्थापित किए गए हैं。
यातायात प्रबंधन: वाहनों के आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी गई है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो。
पुलिस अधीक्षक, अमित कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूरे उत्साह और शांति के साथ मेले का आनंद लें और प्रशासन का सहयोग करें।
आदिवासी महाकुंभ का आकर्षण
राजकीय माघी पूर्णिमा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आदिवासी महाकुंभ के रूप में भी जाना जाता है। यहाँ विभिन्न राज्यों से आने वाले आदिवासी भाई-बहन अपनी पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन भी करते हैं। प्रशासन ने मीडिया बंधुओं का भी आभार व्यक्त किया, जिनके माध्यम से इस ऐतिहासिक मेले की गूँज दूर-दूर तक पहुँच रही है।
रांची। कोल इंडिया के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) फंड के सहयोग से संचालित आईआईटी बॉम्बे की अनूठी पायलट परियोजना ‘जीवोदया’ ने तीन वर्षों के निरंतर अनुसंधान एवं विकास के पश्चात नैतिक रेशम उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
इस परियोजना के अंतर्गत आईआईटी बॉम्बे के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रौद्योगिकी विकल्प केंद्र (सी-तारा) ने रेशम उत्पादन की एक ऐसी नवीन तकनीक सफलतापूर्वक विकसित की है, जिसमें रेशम के कीड़ों की हत्या की आवश्यकता नहीं होती। पारंपरिक विधियों से अलग, इस तकनीक में रेशम के कीड़े रेशमी धागा उत्पन्न करने के बाद पतंगे (moth) में परिवर्तित होकर अपना प्राकृतिक जीवन चक्र पूर्ण कर पाते हैं। इसीलिए, मानवीय और नैतिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते इस रेशम को ‘जीवोदया सिल्क’ नाम दिया गया है।
परंपरागत रूप से, शहतूत की पत्तियों पर पलने वाले रेशम के कीड़े अपने चारों ओर कोकून (cocoon) बनाते हैं। रेशम निकालने के लिए इन कोकूनों को उबाल दिया जाता है, जिससे लाखों रेशम कीड़ों की मृत्यु हो जाती है। ‘जीवोदया’ परियोजना ने इस लंबे समय से चली आ रही प्रथा को चुनौती देते हुए करुणा आधारित वैज्ञानिक नवाचार के माध्यम से रेशम उत्पादन की प्रक्रिया को पुनर्परिभाषित किया है।
अथक प्रयोगों के बाद, ‘सी-तारा’ ने एक दुर्लभ वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है, जिसके तहत रेशम के कीड़ों को कोकून बनाए बिना समतल सतह पर रेशमी धागा बुनने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके परिणामस्वरूप, अब रेशम के कीड़ों को कोकून बनाने की आवश्यकता नहीं रहती और वे अंततः पतंगे के रूप में मुक्त होकर उड़ान भर पाते हैं। यह उपलब्धि प्राचीन भारतीय दर्शन की उस भावना को साकार करती है -
“मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्” — कोई भी दुःखी न हो
कोल इंडिया ने इस असाधारण प्रयोग को अवधारणा से सफलता तक पहुँचाने में निरंतर सीएसआर सहयोग के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नैतिक और पर्यावरणीय महत्व के साथ-साथ, यह तकनीक रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए आय का एक नया और सतत स्रोत भी प्रदान करती है, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी।
‘जीवोदया’ पायलट परियोजना की सफलता के साथ, यह पहल व्यापक स्तर पर अपनाए जाने तथा सतत और नैतिक रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएँ रखती है।
रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजट की राशि में हो रही हर वर्ष वृद्धि, राजस्व बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजट से आम लोगों को भी जोड़ना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का
बना सकते हैं।
विदेश दौरे में मिले अनुभव से राज्य को देंगे नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने - समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नई पीढ़ी नए तरीके से बढ़ रही है आगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनों और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल - जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हर क्षेत्र में लक्ष्य के साथ बढ़ रहे हैं आगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं - सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
एक पिछड़ा राज्य होने के बाद भी देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड दे रहा अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादों का वैल्यू एडिशन हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
आदिवासी बहुल राज्य है, पारंपरिक व्यवस्थाओं को भी आगे ले जाना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
विशेषज्ञों और आम लोगों ने जो विचार और सुझाव दिए हैं , बजट में रखा जाएगा ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है । मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
इस संगोष्ठी में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, सचिव (संसाधन) वित्त अमित कुमार, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह और सदस्य डॉ हरिश्वर दयाल तथा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों में डॉ एन.कार्तिकेयन, डॉ मनीषा प्रियम, डॉ डी. राय और डॉ सुधा राय उपस्थित रहे।
(रांची ऋषभ राजा ) झारखंड हाईकोर्ट ने साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग और निजता के गंभीर उल्लंघन से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी विजय श्रीवास्तव को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है . जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि यह मामला केवल आपसी संबंधों का नहीं है, बल्कि इसमें पीड़िता की गरिमा, निजता और सम्मान को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता . इस मामले में आरोपी और पीड़िता के बीच पिछले कुछ वर्षों से संबंध थे. लेकिन, बाद में आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उसके आपत्तिजनक फोटो और संदेश प्रसारित किए .
जांच में यह भी सामने आया कि यह सामग्री पीड़िता के कार्यस्थल एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति व अन्य अधिकारियों को भेजी गई, जिससे उसकी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया. पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से 25 लाख रुपये की मांग की और पति से तलाक लेने का दबाव भी बनाया . पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें सहमति के बिना साझा की साइबर पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए .पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें उसकी सहमति के बिना साझा की गईं .एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी ने बदनाम करने की कोशिश जारी रखी . एक स्वतंत्र गवाह ने धमकी, ब्लैकमेलिंग और तस्वीरें भेजे जाने की पुष्टि की है. केस डायरी के अनुसार, आरोपी द्वारा बनाए गए इंस्टाग्राम अकाउंट का यूजरनेम कई बार बदला गया, जिससे साइबर अपराध की साजिश और स्पष्ट हुई .आरोपी ने कहा- दबाव बनाने के उद्देश्य केस आरोपी की ओर से दलील दी गई कि दोनों के बीच संबंध सहमति से थे और लगाए गए आरोप झूठे हैं . यह भी कहा गया कि एफआईआर दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है .बचाव पक्ष ने व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेनदेन और यात्रा से जुड़े दस्तावेज भी अदालत के समक्ष रखे . अदालत ने माना अग्रिम जमानत से जांच हो सकती है प्रभावित सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही दोनों के बीच संबंध रहे हों, लेकिन इससे दूसरे की निजता, गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं मिल जाता . अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाहित और समझदार महिला होने का तर्क आरोपी को आरोपों से मुक्त नहीं कर सकता . कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत एक असाधारण राहत है और ऐसे मामलों में इसे सामान्य रूप से नहीं दिया जा सकता . सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने माना कि आरोपी को अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है . सभी तथ्यों, साक्ष्यों और केस डायरी देखने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी .
(रांची ऋषभ राजा ) नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है .चुनाव के दौरान शांति, सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने रांची नगर निगम क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है . यह आदेश चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा . आदेश के अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या प्रत्याशी को बिना सक्षम पदाधिकारी की पूर्व अनुमति के सभा, जुलूस, धरना या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी . जुलूस में किसी भी तरह के हथियार, धारदार या घातक वस्तु लेकर चलने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा .
विशेष छूट : इन पर लागू नहीं होगा आदेश
सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने कई लोगों को इस दौरान विशेष छूट प्रदान की है, जिससे उन पर कार्रवाई नहीं होगी. पूर्व अनुमति प्राप्त शादी-बारात, शवयात्रा, हाट-बाजार, अस्पताल जा रहे मरीजों, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा . कैंटोनमेंट क्षेत्र तथा परीक्षा केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को भी इससे बाहर रखा गया है . प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा . उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी .
लाउडस्पीकर : नगर निगम क्षेत्र में रात 10 से सुबह 6 बजे तक नहीं बजाना होगा
पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में रात 10 से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर रोक रहेगी . निर्धारित शर्तों के तहत लिखित अनुमति मिलने पर ही इसका उपयोग किया जा सकेगा . बिना अनुमति वाहन पर लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा . ध्वनि प्रदूषण नियम-2000 और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा .
पोस्टर-बैनर : सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति पर नहीं
किसी भी सार्वजनिक या सरकारी संपत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर-पंपलेट चिपकाना, झंडा, बैनर, होर्डिंग या तोरण द्वार लगाना प्रतिबंधित है . निजी संपत्ति पर भी मालिक की लिखित अनुमति के बिना प्रचार सामग्री लगाने पर रोक रहेगी .
पांच से अधिक पर पाबंदी
शांति भंग करने की मंशा से पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा . जाति, धर्म या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले पोस्टर, पर्चे, लेख, फोटो या किसी भी प्रकार की सामग्री के उपयोग पर रोक .
आपत्तिजनक प्रचार वर्जित
व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम या किसी भी सोशल मीडिया मंच पर किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ संदेश प्रसारित नहीं किए जाएंगे। उल्लंघन पर कार्रवाई होगी .
धार्मिक स्थलों से प्रचार नहीं
धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा और किसी भी तरह की सांप्रदायिक भावना भड़काने पर सख्त कार्रवाई होगी . मतदाताओं को डराने-धमकाने या प्रलोभन देने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा .
हथियार प्रदर्शन पर रोक
लाइसेंसी हथियार लेकर चलने या आग्नेयास्त्र, तीर-धनुष, लाठी, भाला जैसे घातक हथियारों के प्रदर्शन पर रोक . परंपरागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय, ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक, पुलिस कर्मी आदि को छूट.