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ग्रामीण विकास विभाग के JSLPS के द्वारा राजधानी रांची में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण पर राउंड टेबल मीटिंग
April 23, 2026 | 175 Views
ग्रामीण विकास विभाग के JSLPS के द्वारा राजधानी रांची में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण पर राउंड टेबल मीटिंग

रांची। झारखंड की ग्रामीण महिलाएं आने वाले समय में हर एक क्षेत्र में लीडर की भूमिका में होंगी . ग्रामीण महिलाओं के अंदर लीडरशिप क्वालिटी डेवलप करने के लिहाज से राज्य सरकार साइलेंट वर्क कर रही है . सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ लाइवलीहुड तक सीमित रखना नहीं है बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दूसरों के समक्ष खड़ा करना है . उपरोक्त बाते राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राजधानी रांची में JSLPS के द्वारा आयोजित ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में कही . राउंड टेबल मीटिंग में राज्य भर से सफल , संघर्षशील और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने में कामयाब महिलाओं ने बतौर प्रतिनिधि हिस्सा लिया . इस मौके पर प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ पाम राजपूत , कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत , कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ,  विधायक लुईस मरांडी , विधायक श्वेता सिंह , पद्मश्री चामी मुर्मू , पद्मश्री छूटनी महतो , रमा खलखो , दयामनी बारला ने विशेष रूप से संबोधित किया .  

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में महिला प्रतिनिधियों ने झारखंड में प्रभावशाली महिला नीति के निर्धारण का मुद्दा जोर शोर से उठाया . इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आज राज्य में SHG के तहत 32 लाख महिलाएं जुड़ कर अपने परिवार के साथ समाज का भविष्य गढ़ने में लगी है . JSLPS का ये पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिल का पत्थर साबित हो रहा है . आज जरूरत समाज में शिक्षित महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाने की है . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य , सुरक्षा , शिक्षा और सामाजिक बदलाव की दिशा में महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना अभी बाकी है . राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है . क्रेडिट लिंकेज की मदद से समूह से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहीं है . आज बाजार में महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद की मांग ही नहीं बढ़ी है बल्कि उनके उत्पाद अब ब्रांड बन चुके है . बिरसा हरित ग्राम योजना ने झारखंड में नया कीर्तिमान स्थापित किया है . पर्यावरण संतुलन और सुरक्षा को लेकर लोग एक वृक्ष लगाने की बात करते है पर गांव की महिलाओं ने इस योजना के तहत पौने तीन करोड़ वृक्ष लगाने में सफलता अर्जित की है . झारखंड की महिलाएं कहीं से भी किसी से कम नहीं है . ये उन्होंने साबित कर दिया है .  इस लिए राज्य में एक ऐसी महिला नीति बनाने की जरूरत है जिसका आउटकम दिखे . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली में महिलाओं के अधिकार को सुनिश्चित किया गया है . ग्राम सभा में सहायक सचिव के पद पर महिलाओं की प्राथमिकता देने पर मुहर लगी है और इसका लाभ महिलाओं को मिलना शुरू भी हो गया है . 

गांव की महिलाओं में नेचुरल लीडरशिप क्वालिटी - सुप्रिया श्रीनेत 


कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश की आधी आबादी अपने अधिकार और आरक्षण के लिए लड़ रहीं है . ऐसे समय में ये आयोजन समय के अनुकूल है . महिला सशक्तिकरण की जब बात होती है तो शहर और गांव की महिलाओं को देखने - परखने का नजरिया बदलना होगा . इन दोनों में कई तरह की भिन्नताएं है . पढ़ी लिखी महिलाएं और गांव में गृहस्थ जीवन जी रही महिलाओं में अंतर है .   सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के अंदर नेचुरल लीडरशिप क्वालिटी है . बस उन्हें परखने और उन्हें आगे बढ़ने में सरकार के साथ समाज को सहयोग करना होगा . ये एक बेहतर व्यवस्था है जिसमें समाज और संस्कृति दोनों संरक्षित रहेंगी. 


इस दौर में भी अकेली महिला को देख लोग करते है सवाल - डॉ पाम राजपूत 


प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ पाम राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि आज के इस दौर में अकेली महिला को लेकर सवाल पूछने पर आश्चर्य होता है . क्या अकेली महिला खुद के लिए काफी नहीं है . उन्होंने कहा कि जब हम ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा कर रहे है तब झारखंड में महिला नीति का नहीं होना , हमें इस ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है . झारखंड में महिलाओं को लेकर कैसी नीति बने इस पर सरकार और समाज को पहल करना चाहिए . इसके साथ ही महिला नीति को लेकर पंचायत तक चर्चा करना जरूरी है .ग्रामीण महिलाओं को केंद्र बिंदु में रख कर ही झारखंड जैसे प्रदेश के लिए प्रभाशाली नीति तैयार हो सकती है . 


छूटनी महतो और चामी मुर्मू ने साझा किया अनुभव 


पद्मश्री छूटनी महतो और पद्मश्री चामी मुर्मू ने राउंड टेबल मीटिंग में अपने अनुभव को साझा किया . पद्मश्री छूटनी महतो ने कहा कि डायन बिसाही के खिलाफ अब तक 15 सौ से ज्यादा महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ उन्हें इस लड़ाई में जोड़ चुकी है . जब कोई बहू अपनी सास को डायन कहती है तो उन्हें दुख होता है . कोई डायन नहीं होता ये सिर्फ और सिर्फ दिमागी बीमारी और किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा होता है . क्या कोई सुंदर महिला डायन हो सकती है . पद्मश्री चामी मुर्मू ने पर्यावरण को बचाने और खुद का जीवन बढ़ाने का संदेश दिया . उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसकी शुरुआत की थी तब ये नहीं सोचा था कि इसे बड़ी सफलता में बदल पाएंगी . वृष काटने के खिलाफ उनकी एक कोशिश ने समय के साथ आंदोलन का रूप ले लिया . 

राउंड टेबल मीटिंग में मंत्री और विधायक भी हुई शामिल

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग को राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की , विधायक लुईस मरांडी एवं विधायक श्वेता सिंह ने संबोधित किया . सभी ने झारखंड के ग्रामीण महिलाओं के अंदर क्षमता को उनकी सफलता का मंत्र माना . जनप्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार राज्य की महिलाओं के स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए कई तरह की योजनाएं का संचालन कर रही है . महिलाओं के खाते में राशि का जाना उनके लिए वरदान साबित हो रहा है . राज्य में संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बेहद जरूरी है .

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर राउंड टेबल मीटिंग में शिक्षा , स्वास्थ्य , पत्रकारिता , पंचायत , सामाजिक संगठन , उद्यमी , SHG सहित दूसरे क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने अपना सुझाव दिया . कार्यक्रम में पंचायती राज निदेशक बी राजेश्वरी , लेनी जाधव , अदिति कपूर , प्रियंका त्रिपाठी , तन्वी झा , शीला मतंग, श्रीकांत राउत, डॉ दिव्या सिंह , डॉ मनीषा किरण , विष्णु परिदा , अजय श्रीवास्तव , पूर्णिमा मुखर्जी , मीनाक्षी प्रकाश , ज्योत्सना सहित अन्य ने अपना सुझाव साझा किया । 


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