रांची। 12 अप्रैल 2026 दिन रविवार को रांची पुलिस ने प्रेस वार्ता कर झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़े परीक्षा घोटाले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय सॉल्वर/पेपर लीक गैंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गैंग के 5 मुख्य सदस्य और 159 अभ्यर्थी शामिल हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
रांची पुलिस को 11 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अधनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में संदिग्ध अभ्यर्थी जमा हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर देर रात छापेमारी की।
छापेमारी में क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई चौंकाने वाले सबूत बरामद किए:
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी (150 से अधिक)
प्रिंटेड प्रश्न-उत्तर सेट
फटे हुए एडमिट कार्ड
संदिग्ध मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
पुलिस के पहुंचते ही कुछ लोग भागने की कोशिश करने लगे और कई ने अपने पास मौजूद सामान छिपाने या नष्ट करने का प्रयास किया।
लाखों में हो रहा था सौदा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंग के एजेंट अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये प्रति व्यक्ति लेकर परीक्षा पास कराने का दावा कर रहे थे। इसके लिए अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे और उन्हें याद कराया जा रहा था।
सबूत मिटाने की कोशिश
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल सबूतों को नष्ट कर दिया था।
पुलिस की कार्रवाई
तमाड़ थाना में मामला दर्ज (कांड संख्या- 21/26)
विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू
JSSC के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई
घटनास्थल से 8 वाहनों को जब्त
अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी
गैंग का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह पहले भी कई बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल रह चुका है, जैसे:
राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा (2017)
NEET पेपर लीक (2024)
बिहार कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर भर्ती (2024)
उत्तर प्रदेश समीक्षा अधिकारी परीक्षा (2024)
उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा (2024)
उठ रहे बड़े सवाल
इस घटना ने झारखंड की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की संलिप्तता ने सिस्टम की खामियों को उजागर किया है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह के तार और किन राज्यों से जुड़े हैं। संभावना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।