रांची: झारखंड सरकार के वित्त विभाग (कोषागार एवं सांख्यिक वित्त निदेशालय) ने राज्य के विभिन्न जिलों के कार्यालयों में वेतन मद से कोषागार के माध्यम से हो रही अवैध निकासी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त निर्देश जारी किया है।
मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई कार्यालयों में कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकासी तथा राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
इन गड़बड़ियों को रोकने और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने वित्तीय कार्यों से जुड़े वरिष्ठ लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक जैसे कर्मियों के लिए एक ही कार्यालय में 3 वर्ष से अधिक पदस्थापन होने पर अनिवार्य स्थानांतरण का निर्देश दिया है।
साथ ही, संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने को कहा गया है।
विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि इस आदेश के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट 30 मई 2026 तक वित्त विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
रांची: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अप्रैल 2026 को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कर्मचारियों की पेंशन, रांची के ट्रैफिक समाधान, शिक्षा, तकनीक और छात्रों की विदेश पढ़ाई से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए।
रांची को मिली ट्रैफिक जाम से राहत
कैबिनेट ने राजधानी रांची में दो बड़े फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी दी है।
पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से हरमू होते हुए डिबडीह ब्रिज तक बनेगा, जिसकी लागत करीब 469.62 करोड़ रुपये होगी।
दूसरा फ्लाईओवर करमटोली से साइंस सिटी तक बनेगा, जिस पर 351.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को बड़ी राहत
हाईकोर्ट और लोक अदालत के आदेशों के आलोक में जिन कर्मियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, उनकी दैनिक वेतनभोगी अवधि को भी जोड़कर पेंशन और अन्य लाभ देने की स्वीकृति दी गई।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को मंजूरी
राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
Google LLC के साथ होगा AI MoU
राज्य में Artificial Intelligence Innovation और Adoption को बढ़ावा देने के लिए के साथ MoU करने की मंजूरी दी गई।
विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के कुल 50 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को हर वर्ष विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय मास्टर्स के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी।
स्कूल शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा
- State School Standard Authority के गठन को मंजूरी
- GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना
- 4 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होंगे
अन्य बड़े फैसले
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम सेतु योजना को मंजूरी
- श्री बंशीधर नगर अनुमंडल का नाम बदलकर श्री बंशीधर नगर उंटारी किया जाएगा
- कई लंबित सेवा नियमितीकरण मामलों को स्वीकृति
रांची। झारखंड की ग्रामीण महिलाएं आने वाले समय में हर एक क्षेत्र में लीडर की भूमिका में होंगी . ग्रामीण महिलाओं के अंदर लीडरशिप क्वालिटी डेवलप करने के लिहाज से राज्य सरकार साइलेंट वर्क कर रही है . सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ लाइवलीहुड तक सीमित रखना नहीं है बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दूसरों के समक्ष खड़ा करना है . उपरोक्त बाते राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राजधानी रांची में JSLPS के द्वारा आयोजित ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में कही . राउंड टेबल मीटिंग में राज्य भर से सफल , संघर्षशील और अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने में कामयाब महिलाओं ने बतौर प्रतिनिधि हिस्सा लिया . इस मौके पर प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ पाम राजपूत , कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत , कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की , विधायक लुईस मरांडी , विधायक श्वेता सिंह , पद्मश्री चामी मुर्मू , पद्मश्री छूटनी महतो , रमा खलखो , दयामनी बारला ने विशेष रूप से संबोधित किया .
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग में महिला प्रतिनिधियों ने झारखंड में प्रभावशाली महिला नीति के निर्धारण का मुद्दा जोर शोर से उठाया . इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आज राज्य में SHG के तहत 32 लाख महिलाएं जुड़ कर अपने परिवार के साथ समाज का भविष्य गढ़ने में लगी है . JSLPS का ये पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिल का पत्थर साबित हो रहा है . आज जरूरत समाज में शिक्षित महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाने की है . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य , सुरक्षा , शिक्षा और सामाजिक बदलाव की दिशा में महिलाओं के लिए बहुत कुछ करना अभी बाकी है . राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है . क्रेडिट लिंकेज की मदद से समूह से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहीं है . आज बाजार में महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद की मांग ही नहीं बढ़ी है बल्कि उनके उत्पाद अब ब्रांड बन चुके है . बिरसा हरित ग्राम योजना ने झारखंड में नया कीर्तिमान स्थापित किया है . पर्यावरण संतुलन और सुरक्षा को लेकर लोग एक वृक्ष लगाने की बात करते है पर गांव की महिलाओं ने इस योजना के तहत पौने तीन करोड़ वृक्ष लगाने में सफलता अर्जित की है . झारखंड की महिलाएं कहीं से भी किसी से कम नहीं है . ये उन्होंने साबित कर दिया है . इस लिए राज्य में एक ऐसी महिला नीति बनाने की जरूरत है जिसका आउटकम दिखे . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली में महिलाओं के अधिकार को सुनिश्चित किया गया है . ग्राम सभा में सहायक सचिव के पद पर महिलाओं की प्राथमिकता देने पर मुहर लगी है और इसका लाभ महिलाओं को मिलना शुरू भी हो गया है .
गांव की महिलाओं में नेचुरल लीडरशिप क्वालिटी - सुप्रिया श्रीनेत
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश की आधी आबादी अपने अधिकार और आरक्षण के लिए लड़ रहीं है . ऐसे समय में ये आयोजन समय के अनुकूल है . महिला सशक्तिकरण की जब बात होती है तो शहर और गांव की महिलाओं को देखने - परखने का नजरिया बदलना होगा . इन दोनों में कई तरह की भिन्नताएं है . पढ़ी लिखी महिलाएं और गांव में गृहस्थ जीवन जी रही महिलाओं में अंतर है . सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के अंदर नेचुरल लीडरशिप क्वालिटी है . बस उन्हें परखने और उन्हें आगे बढ़ने में सरकार के साथ समाज को सहयोग करना होगा . ये एक बेहतर व्यवस्था है जिसमें समाज और संस्कृति दोनों संरक्षित रहेंगी.
इस दौर में भी अकेली महिला को देख लोग करते है सवाल - डॉ पाम राजपूत
प्रख्यात शिक्षाविद् एवं लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ पाम राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि आज के इस दौर में अकेली महिला को लेकर सवाल पूछने पर आश्चर्य होता है . क्या अकेली महिला खुद के लिए काफी नहीं है . उन्होंने कहा कि जब हम ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा कर रहे है तब झारखंड में महिला नीति का नहीं होना , हमें इस ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है . झारखंड में महिलाओं को लेकर कैसी नीति बने इस पर सरकार और समाज को पहल करना चाहिए . इसके साथ ही महिला नीति को लेकर पंचायत तक चर्चा करना जरूरी है .ग्रामीण महिलाओं को केंद्र बिंदु में रख कर ही झारखंड जैसे प्रदेश के लिए प्रभाशाली नीति तैयार हो सकती है .
छूटनी महतो और चामी मुर्मू ने साझा किया अनुभव
पद्मश्री छूटनी महतो और पद्मश्री चामी मुर्मू ने राउंड टेबल मीटिंग में अपने अनुभव को साझा किया . पद्मश्री छूटनी महतो ने कहा कि डायन बिसाही के खिलाफ अब तक 15 सौ से ज्यादा महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ उन्हें इस लड़ाई में जोड़ चुकी है . जब कोई बहू अपनी सास को डायन कहती है तो उन्हें दुख होता है . कोई डायन नहीं होता ये सिर्फ और सिर्फ दिमागी बीमारी और किसी बड़े षडयंत्र का हिस्सा होता है . क्या कोई सुंदर महिला डायन हो सकती है . पद्मश्री चामी मुर्मू ने पर्यावरण को बचाने और खुद का जीवन बढ़ाने का संदेश दिया . उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इसकी शुरुआत की थी तब ये नहीं सोचा था कि इसे बड़ी सफलता में बदल पाएंगी . वृष काटने के खिलाफ उनकी एक कोशिश ने समय के साथ आंदोलन का रूप ले लिया .
राउंड टेबल मीटिंग में मंत्री और विधायक भी हुई शामिल
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग को राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की , विधायक लुईस मरांडी एवं विधायक श्वेता सिंह ने संबोधित किया . सभी ने झारखंड के ग्रामीण महिलाओं के अंदर क्षमता को उनकी सफलता का मंत्र माना . जनप्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार राज्य की महिलाओं के स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए कई तरह की योजनाएं का संचालन कर रही है . महिलाओं के खाते में राशि का जाना उनके लिए वरदान साबित हो रहा है . राज्य में संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बेहद जरूरी है .
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर राउंड टेबल मीटिंग में शिक्षा , स्वास्थ्य , पत्रकारिता , पंचायत , सामाजिक संगठन , उद्यमी , SHG सहित दूसरे क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं ने अपना सुझाव दिया . कार्यक्रम में पंचायती राज निदेशक बी राजेश्वरी , लेनी जाधव , अदिति कपूर , प्रियंका त्रिपाठी , तन्वी झा , शीला मतंग, श्रीकांत राउत, डॉ दिव्या सिंह , डॉ मनीषा किरण , विष्णु परिदा , अजय श्रीवास्तव , पूर्णिमा मुखर्जी , मीनाक्षी प्रकाश , ज्योत्सना सहित अन्य ने अपना सुझाव साझा किया ।
रांची: झारखंड एडमिक काउंसिल ने वर्ष 2026 की 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस बार का रिजल्ट कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। एक ओर जहां कुल 95.278% छात्र सफल हुए, वहीं दूसरी ओर मेरिट लिस्ट में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली और टॉप-3 में कुल 12 छात्रों ने जगह बनाई।
जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 4,24,001 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 4,22,109 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 4,02,178 छात्र सफल घोषित किए गए।
डिवीजन के अनुसार प्रदर्शन
- प्रथम श्रेणी: 2,26,957 छात्र
- द्वितीय श्रेणी: 1,60,673 छात्र
- तृतीय श्रेणी: 14,548 छात्र
सबसे अधिक छात्र प्रथम श्रेणी में पास हुए, जो राज्य के बेहतर शैक्षणिक स्तर को दर्शाता है।
मेरिट लिस्ट में 12 छात्रा का दबदबा
इस वर्ष मेरिट लिस्ट ने नया इतिहास रचा है। टॉप-3 में एक या दो नहीं, बल्कि 12 छात्रों ने जगह बनाई, जो कड़ी प्रतिस्पर्धा का संकेत है।
चार बने संयुक्त स्टेट टॉपर
पहले स्थान पर चार छात्रों ने संयुक्त रूप से कब्जा जमाया। सभी ने 500 में से 498 अंक (99.60%) हासिल किए:
- प्रियांशु कुमारी (इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग)
- शिवांगी कुमारी (एस.एस. हाई स्कूल, बानो सिमडेगा)
- प्रेम कुमार साहू (प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, )
- सनी कुमार वर्मा (सेंट अलॉयसियस हाई स्कूल, रांची)
रैंक-2 और रैंक-3 पर भी टक्कर
दूसरे स्थान पर चार छात्रों ने 496 अंक (99.20%) प्राप्त किए:
- दिव्यांशु उरांव और खिलेश साहू (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, )
- वैष्णवी श्री और जूलिटा मिंज (इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, )
तीसरे स्थान पर चार छात्रों ने 494 अंक (98.80%) हासिल किए:
- महताब अंसारी (नवातर)
- प्रीत राज (ओरमांझी)
- अमीषा कुमारी और दीप्ति रानी (हजारीबाग)
हजारीबाग और गुमला का शानदार प्रदर्शन
जिलावार प्रदर्शन में हजारीबाग और गुमला का दबदबा देखने को मिला। खासकर इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-12 में 5 छात्राओं को जगह दिलाई।
रांची | गुरुवार 23 अप्रैल को राजधानी रांची में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं नगर निगम अपर आयुक्त के निर्देश पर शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया गया और इसके बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
निरीक्षण के दौरान रेडियम चौक से किशोरी यादव चौक होते हुए न्यू मार्केट चौक तक की सड़कों का जायजा लिया गया। इस दौरान नगर निगम, बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य फैसले:
बिजली पोल हटाने का निर्देश: रेडियम चौक से न्यू मार्केट के बीच सड़क किनारे लगे बिजली पोल को शिफ्ट किया जाएगा, ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से पूरा हो सके।
फ्री लेफ्ट टर्न की व्यवस्था: न्यू मार्केट चौक के पास दोनों ओर फ्री लेफ्ट टर्न बनाने की योजना है। इसके लिए कुछ दुकानों को हटाने या तोड़ने की जरूरत पड़ सकती है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
नया गोलचक्कर बनेगा: जाकिर हुसैन पार्क के पास एक नया गोलचक्कर बनाया जाएगा, जिससे वाहनों का आवागमन व्यवस्थित हो सके।
डबल लेन सड़क की योजना: नागा बाबा खटाल के पास सड़क को डबल लेन किया जाएगा, जिससे रातू रोड की ओर जाने वाले वाहनों को राहत मिलेगी।
पार्किंग स्टैंड का निर्माण: अवैध पार्किंग पर रोक लगाने के लिए चिन्हित स्थानों पर नए पार्किंग स्टैंड बनाए जाएंगे, ताकि मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो।
अवैध वसूली पर कार्रवाई: ऑटो/टोटो स्टैंड के नाम पर हो रही अवैध वसूली को लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि शहर की भौगोलिक स्थिति और लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव जरूरी है। इसी दिशा में ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और अन्य विभाग मिलकर काम करेंगे, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुगम यातायात सुविधा मिल सके।
रांची। महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड तदाशा मिश्रा ने राज्य में आयोजित होने वाली प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक पुलिस मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें NEET, JEE, CUET सहित (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में विशेष रूप से 3 मई 2026 को होने वाली परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन पर जोर दिया गया। डीजीपी ने सभी जिलों में परीक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए Coordination Committee गठित करने और कड़े सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि:
- प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए
- स्ट्रॉन्ग रूम से परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्रों का सुरक्षित परिवहन पुलिस निगरानी में हो
- परीक्षा पूर्व सभी केंद्रों का निरीक्षण कर नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएं
- होटल, लॉज, धर्मशाला एवं हॉस्टलों की सघन जांच की जाए
- सोशल मीडिया और साइबर कैफे पर विशेष निगरानी रखी जाए
- बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए
इसके साथ ही परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक सुगमता से पहुंचाने के लिए यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में , अपर पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, उप-महानिरीक्षक और जिला स्तर के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
रांची। झारखंड में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रम के तहत रांची स्थित लोकभवन में लोकायुक्त के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड के नए लोकायुक्त के रूप में सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त लोकायुक्त को बधाई और शुभकामनाएं दीं। यह नियुक्ति राज्य में सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
समारोह में मंत्री और सहित कई गणमान्य अतिथि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित लोग भी उपस्थित रहे।
रांची: झारखंड सरकार के कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार, भाषा विभाग ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कई जिलों के उपायुक्त (डीसी) का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार कई जिलों में नए उपायुक्तों की नियुक्ति की गई है। प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं—
- रवि आनंद – उपायुक्त, चतरा
- दीपक कुमार दुबे – उपायुक्त, साहिबगंज
- दिलीप प्रताप सिंह शेखावत – उपायुक्त, पलामू
- सौरभ कुमार भुवनिया – उपायुक्त, खूंटी
- संदीप कुमार मीणा – उपायुक्त, लोहरदगा
- आलोक कुमार – उपायुक्त, जामताड़ा
- संदीप कुमार - लातेहार
इसके अलावा अन्य जिलों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं—
- राजीव रंजन – उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)
- अनन्य मित्तल – उपायुक्त, गढ़वा
- दिलेश्वर महतो – उपायुक्त, गुमला
- मेघा भारद्वाज – उपायुक्त, पाकुड़
- लोकेश मिश्रा – उपायुक्त, गोड्डा
- शशि प्रकाश सिंह – उपायुक्त, देवघर
- उत्कर्ष गुप्ता – उपायुक्त, कोडरमा
- हेमंत सती – उपायुक्त, हजारीबाग
- मनीष कुमार – उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा)
- ऋतुराज – उपायुक्त, रामगढ़
सरकार की ओर से कहा गया है कि यह तबादला प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने, सुशासन को मजबूत करने और जिलों में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए उपायुक्तों की तैनाती से जिलों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
रांची, 16 अप्रैल 2026 — झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। अपर पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के गोपनीय कार्यालय में इस संवेदनशील मामले की गहन समीक्षा की।
यह समीक्षा तमाड़ थाना कांड संख्या 21/26 (दिनांक 12.04.2026) से संबंधित थी, जिसमें पेपर लीक जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक के दौरान निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
- अब तक की जांच की प्रगति
- साक्ष्यों का संकलन
- अन्य संभावित अभियुक्तों की संलिप्तता
- अभियुक्तों की गिरफ्तारी की स्थिति
अपर पुलिस महानिदेशक ने जांच टीम को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा न जाए और जल्द से जल्द ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पुलिस अधीक्षक (यातायात) सहित विशेष जांच दल (SIT) के सभी सदस्य मौजूद रहे।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति, रांची के सदस्यों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के चल रहे नवनिर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी और उन्हें इसका जायजा लेने के लिए मंदिर आने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के चल रहे निर्माण कार्य से संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा की यह मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है। यह रांची की ऐतिहासिक धरोहर है। इस मंदिर के रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन का कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है और इसमें सरकार द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस मंदिर को भव्य और आकर्षक बनाने के साथ यहां श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं होगी। उन्होंने कहा कि यह मंदिर ऐसा हो कि देश- दुनिया के श्रद्धालु दर्शन करने के यहां आएं।
वर्ष 2029 तक मंदिर का निर्माण कार्य हो जाएगा पूर्ण
राम जानकी तपोवन मंदिर नवनिर्माण समिति की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस मंदिर का नवनिर्माण कार्य वर्ष 2029 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। फिलहाल फाउंडेशन तक का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि
अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर का निर्माण कार्य हो रहा है।
मुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में श्री राम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओमप्रकाश, राम जानकी तपोवन मंदिर नव निर्माण निर्माण समिति के सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा, सदस्य अयोध्या दास एवं इस मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा शामिल थे।