(रांची ऋषभ राजा ) झारखंड के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन और सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यपाल सचिवालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं .निर्देशों के तहत विश्वविद्यालयों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक में जमा या निवेशित सरकारी राशि को तत्काल वापस लेने और भविष्य में इन बैंकों में किसी भी प्रकार की नई राशि जमा न करने का आदेश दिया गया है .
राज्यपाल सचिवालय ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रभारी कुलपतियों को निर्देशित किया है कि वे वित्त विभाग द्वारा 29 जनवरी को जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही, यह स्पष्ट किया गया है कि यदि राशि स्थानांतरण के लिए नया बैंक खाता खोलना आवश्यक हो, तो इसके लिए वित्त विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी . बिना अनुमति के किसी भी परिस्थिति में नया खाता खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा .
सरकारी धन की सुरक्षा पर सवाल
वित्त विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक में झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज मास्टर ट्रस्ट और जेटीडीसी लिमिटेड की ओर से जमा सावधि राशि के मामलों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, जालसाजी और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित संस्थाओं की ओर से जमा की गई राशि को वापस करने में दोनों बैंकों की ओर से टालमटोल की जा रही है, जिससे सरकारी धन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं .
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य सरकार के सभी विभागों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, बोर्डों, स्वायत्त संस्थानों और स्थानीय प्राधिकरणों की ओर से सेंट्रल बैंक व केनरा बैंक में रखी गई सावधि जमा और अन्य सरकारी राशि को चरणबद्ध तरीके से वापस लिया जाए और उसे राज्य सरकार से अनुमोदित बैंकों में स्थानांतरित किया जाए .
गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं
राज्यपाल सचिवालय से जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी . राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में रांची विश्वविद्यालय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय कोयलांचल, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय मेदिनीनगर, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, सिद्धो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं. इनमें कई के खाते इन बैंकों में हैं, अब इस निर्देश के आलोक में उन्हें अपनी निवेशित सरकारी राशि तत्काल इन बैंकों से निकालनी होगी .