धमकी मामले की जांच के दौरान संग्रामपुर ओवरब्रिज के पास पुलिस की कार्रवाई
रांची। कांके थाना पुलिस ने हथियार के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ मौजूद दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल, एक जिंदा गोली और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में कांके थाना कांड संख्या 206/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर को मनातु निवासी बबलू नायक ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हेमंत मुंडा और दो अन्य युवकों द्वारा उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी दी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सनहा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही थी।
इसी क्रम में 7 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि संग्रामपुर ओवरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध लोग खड़े हैं। सूचना के आधार पर कांके थाना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की। पुलिस ने वहां से हेमंत मुंडा उर्फ हेमानंद मुंडा (21), पिता सरहुल मुंडा, निवासी होचर तथा दो किशोरों को पकड़ा।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान हेमंत मुंडा के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल और इसी बोर की एक जिंदा गोली बरामद हुई। गोली पर ‘KF 7.65’ अंकित होने की बात पुलिस ने कही है। इसके अलावा एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया। वहीं, एक अन्य किशोर के पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस ने बरामद हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन को विधिवत जब्त कर लिया है।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में कांके थाना कांड संख्या 206/26, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)a/26/35 के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक हेमंत मुंडा उर्फ हेमानंद मुंडा को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है, जबकि दोनों किशोरों को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
छापेमारी दल में कांके थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी कुणाल कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक तंजील खान, अरविंद कुमार और सतीश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक भीम सिंह सहित कांके थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार आरोपियों के पास कैसे पहुंचा तथा धमकी की घटना से इसका क्या संबंध है।