कांके, हजारीबाग, उरीमारी और टंडवा में फायरिंग की घटनाओं में शामिल होने का आरोप; मुठभेड़ में एक अपराधी घायल
रांची । रांची पुलिस ने कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, पांच मैगजीन, छह मोबाइल फोन, एक कार और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कांके, हजारीबाग के ए.के. इंटरनेशनल होटल, उरीमारी और टंडवा में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 अक्टूबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह के कुछ अपराधी कार से रिंग रोड क्षेत्र में घूम रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने कांके रिंग रोड क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोककर उसमें सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार, गोली, मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों के गिरोह से जुड़े होने और विभिन्न फायरिंग की घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी मिली।
पुलिस पर फायरिंग, एक आरोपी घायल
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य की गिरफ्तारी के लिए सीठियो क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान एक आरोपी ने पुलिस को निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सौरभ कुमार नामक आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए रिम्स, रांची भेजा गया है। उसके पास से एक पिस्टल, गोली और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
हथियार सप्लायर भी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में जियाउल हबीब को भी गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- आदित्य कुमार राम उर्फ कुंदन, निवासी धुर्वा, रांची।
- मोहित पासवान, निवासी चुटिया, रांची।
- ऋषभ कुमार, निवासी विधानसभा क्षेत्र, रांची।
- गुड्डू मिश्रा, निवासी मरार, रामगढ़।
- सौरभ कुमार, निवासी धुर्वा, रांची (इलाजरत)।
- जियाउल हबीब, निवासी डोरंडा, रांची।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कई के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मामले में धुर्वा थाना कांड संख्या 285/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।
रांची पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जमीन के दाखिल-खारिज में प्रतिकूल रिपोर्ट देने से नाराज थे आरोपी, साजिश रचकर की गई थी हत्या
राँची । राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरार में अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकान्त मुण्डा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप गोसाई (38), अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई (34) और सिन्टु कुमार गोसाई (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर को लक्ष्मीकान्त मुण्डा (38), पिता बंगाली मुण्डा, निवासी ग्राम दलकीडीह, थाना बुण्डू, जो वर्तमान में अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे, की जोरार स्थित उनके आवास पर अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर दी थी। इस संबंध में नामकुम थाना कांड संख्या 301/26, दिनांक 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 एवं 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम), पुलिस उपाधीक्षक हटिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बुण्डू सहित नामकुम, टाटीसिलवे, खरसीदाग एवं अन्य थानों के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था।
पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान और अनुसंधान में सामने आया है कि हत्या की घटना 23 अक्टूबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच अंजाम दी गई थी।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, अरगोड़ा अंचल के मौजा बड़ा घाघरा स्थित खाता संख्या 29 की 96 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। गोसाई परिवार की ओर से जमीन की विभिन्न डीड के आधार पर बिक्री एवं दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने के लिए अरगोड़ा अंचल में अलग-अलग समय पर आवेदन दिए गए थे।
इन आवेदनों की स्थल जांच और दस्तावेजों का सत्यापन राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकान्त मुण्डा ने किया था। जांच के दौरान मूल दस्तावेजों और वंशावली में भिन्नता पाए जाने पर उन्होंने कई नामांतरण मामलों में प्रतिकूल जांच प्रतिवेदन देते हुए अंचल अधिकारी, अरगोड़ा को दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने की अनुशंसा की थी। इसके आधार पर कई नामांतरण वाद अस्वीकृत कर दिए गए थे, जबकि कुछ मामले लंबित थे।
पुलिस के मुताबिक, इस कारण संबंधित जमीन की खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज में परेशानी हो रही थी। वहीं, जमीन के क्रेताओं की ओर से आरोपियों पर नामांतरण कराने और जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इससे आरोपी राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट से नाराज थे। इसी नाराजगी में साजिश रचकर लक्ष्मीकान्त मुण्डा की हत्या कर दी गई।
तीन आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल शेष तीन नामजद अप्राथमिकी अभियुक्तों भोला गोसाई, अमित सिंह और शैलेश के अलावा अन्य अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
- प्रदीप गोसाई, उम्र 38 वर्ष, पिता बृज गोसाई, निवासी बड़ा घाघरा देवी मंडप, थाना डोरंडा, राँची।
- अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई, उम्र 34 वर्ष, पिता स्व. राकेश टोप्पो, निवासी डंगरा टोली, थाना लालपुर, राँची।
- सिन्टु कुमार गोसाई, उम्र 31 वर्ष, पिता बृज गोसाई, निवासी बड़ा घाघरा देवी मंडप के पास, थाना डोरंडा, राँची।
बरामदगी: तीन मोबाइल फोन।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
छापेमारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पाण्डेय, पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओमप्रकाश, डोरंडा थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह, नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह, बुण्डू थाना प्रभारी जयदीप टोप्पा, टाटीसिलवे थाना प्रभारी हंसे उराँव, खरसीदाग ओपी प्रभारी मनीष कुमार, दशमफॉल थाना प्रभारी कुन्दन कुमार एवं दलादली ओपी प्रभारित सत्यप्रकाश उपाध्याय सहित नामकुम थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी, तकनीकी शाखा के कर्मी एवं सशस्त्र बल शामिल थे।
अगस्त से मकान की रेकी कर रहे थे अपराधी, वारदात में इस्तेमाल इनोवा और स्कॉर्पियो भी जब्त
रांची । रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित गागी के आदर्श नगर कॉलोनी में हुई डकैती की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूट के 4.24 लाख रुपये नकद, आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 14 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए जेवरात की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब सात बजे रिंग रोड के पास गागी स्थित आदर्श नगर कॉलोनी में रामशंकर प्रसाद सिंह के मकान में हथियारबंद अपराधियों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। अपराधी घर से कीमती जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम) अमर कुमार पांडेय के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तकनीकी आसूचना, भौतिक साक्ष्यों और अनुसंधान के आधार पर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भोजपुर, बिहार के बखोरापुर निवासी बीर बहादुर सिंह और सुधीर कुमार, भोजपुर की कम्मो देवी, चतरा निवासी चंद्रशेखर पांडेय, बक्सर निवासी सुमीत कुमार सिंह तथा औरंगाबाद निवासी रजनीश सिंह शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी रांची और रामगढ़ के विभिन्न इलाकों में रह रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की गिरफ्तारी बरियातू थाना क्षेत्र, दलादली ओपी और सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से की गई।
अगस्त से कर रहे थे मकान की रेकी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और उनके सहयोगियों ने अगस्त 2026 से ही घटनास्थल स्थित मकान की लगातार रेकी शुरू कर दी थी। इसके बाद संगठित गिरोह बनाकर वाहन और हथियारों की व्यवस्था की गई तथा सुनियोजित तरीके से डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद अपराधी ग्रे रंग की इनोवा कार (JH14C-4405) से फरार हुए थे। बाद में पिठौरिया थाना क्षेत्र में वाहन छोड़कर अलग-अलग दिशाओं में निकल गए। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान इनोवा कार को कोकदोरो चौक के पास लावारिस हालत में बरामद किया। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई एक काले रंग की स्कॉर्पियो (JH01EX-1156) भी जब्त की गई है।
आरोपियों के पास से नकदी और मोबाइल बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार बीर बहादुर सिंह के पास से 1.20 लाख रुपये और एक मोबाइल फोन, सुधीर कुमार के पास से 1.04 लाख रुपये और दो मोबाइल फोन तथा कम्मो देवी के पास से दो लाख रुपये और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। अन्य आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन मिले। इस प्रकार कुल 4.24 लाख रुपये नकद और आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, लूटे गए कीमती जेवरात की बरामदगी अभी बाकी है।
दो आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बीर बहादुर सिंह का नाम भोजपुर जिले के बड़हरा थाना कांड संख्या 332/2021 में दर्ज है। वहीं, रजनीश सिंह का नाम रामगढ़ जिले के पतरातू थाना कांड संख्या 198/2020 में सामने आया है। पुलिस शेष आरोपियों और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
विशेष छापेमारी दल ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम) अमर कुमार पांडेय, कांके थाना प्रभारी कुणाल कुमार, नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह सहित कांके, पिठौरिया, खरसीदाग और अन्य इकाइयों के पुलिस पदाधिकारी एवं तकनीकी शाखा के कर्मी शामिल थे।
36 मोबाइल, लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 25 नोटबुक और अन्य दस्तावेज जब्त; एक नाबालिग भी पकड़ा गया
राँची । राँची पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग बालक को भी पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लाख 98 हजार 100 रुपये नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 32 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक, एक चेकबुक और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं दस्तावेज बरामद किए हैं।
वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के कार्यालय से बुधवार, 14 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 13 अक्टूबर को एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र और पंडरा ओपी क्षेत्र के पिस्का मोड़ के आसपास स्थित पराशर अपार्टमेंट तथा जतरा मैदान के निकट मालती अपार्टमेंट के किराये के फ्लैटों में रहकर कुछ लोग संगठित रूप से साइबर ठगी कर रहे हैं।
सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक (नगर), राँची के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक, कोतवाली, राँची के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों स्थानों पर छापेमारी की और गिरोह से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई दो टीमों में की गई थी।
36 मोबाइल और 32 एटीएम कार्ड समेत कई सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 7,98,100 रुपये नकद के अलावा विभिन्न कंपनियों के 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक, पांच आधार कार्ड, 12 सिम कार्ड और एक माइक्रो एसडी कार्ड बरामद किया है।
इसके अतिरिक्त नाम, मोबाइल नंबर और कथित हिसाब-किताब दर्ज 25 नोटबुक, एयरटेल पेमेंट बैंक के दो स्मार्ट स्पीकर/रिसीवर उपकरण, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एक एनपीएस प्रान कार्ड, आठ पैन कार्ड तथा एक पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पलामू और गढ़वा जिले के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता उर्फ अजित कुमार कुशवाहा, सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, सूरजदेव कुमार, अमित रजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा शामिल हैं। पुलिस विज्ञप्ति में दिए गए पतों के अनुसार, अधिकांश आरोपी पलामू जिले के तरहसी और लेस्लीगंज थाना क्षेत्रों के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी गढ़वा जिले का रहने वाला बताया गया है।
साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज
इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 252/26, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)/(ii), 317(2), 319(2), 336(3), 338, 340(2) एवं 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(बी), 66(सी) और 66(डी) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापेमारी दल में ये पुलिस अधिकारी थे शामिल
छापेमारी दल का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक, कोतवाली, राँची निखिल राय ने किया। टीम में सुखदेवनगर थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी सनोज कुमार चौधरी, पंडरा ओपी प्रभारी विवेक कुमार सहित सुखदेवनगर, कोतवाली और पंडरा ओपी के अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। कार्रवाई में महिला एवं पुरुष सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने भी हिस्सा लिया।
पुलिस की आम नागरिकों से अपील
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों के फोन पर लोन या नौकरी का प्रलोभन मिलने पर ओटीपी, एटीएम विवरण, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
मुगलपाड़ा-महाराजपुर में पुलिस की छापेमारी, 608 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ, 5.93 लाख रुपये नकद, रासायनिक पदार्थ और मशीनें बरामद; पूछताछ में इस्माईल शेख का नाम आया सामने
बरहरवा:- साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर तैयार करने और उसकी खरीद-बिक्री से जुड़े कथित अवैध कारोबार का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 12 अक्टूबर को मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित एक मकान में की गई छापेमारी के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 608 ग्राम ब्राउन शुगर/प्रतिबंधित पदार्थ, 5 लाख 93 हजार 909 रुपये नकद, विभिन्न रासायनिक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मशीनें, दो मोटरसाइकिल और एक हुंडई कार समेत कई सामान जब्त किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। मामले में पूछताछ के दौरान इस्माईल शेख का नाम कथित मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। पुलिस अब उसकी भूमिका की जांच करने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
बरहरवा थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नितिन खंडेलवाल ने छापेमारी और गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि मुगलपाड़ा-महाराजपुर स्थित एक मकान में मालदा जिले के कालियाचक के कुछ लोग अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल कर ब्राउन शुगर से संबंधित अवैध कारोबार कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल और राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी के संयुक्त नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी दल ने 12 अक्टूबर को चिह्नित मकान की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, मकान के अंदर पांच व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस को देखते ही सभी ने पिछले दरवाजे से भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद सभी से पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हनीफुल शेख, अख्तर आलम, शहजान शेख, साहनवाज आलम और अमिरुल शेख के रूप में हुई है।
पूछताछ में इस्माईल शेख का नाम आया सामने
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस्माईल शेख का नाम कथित तौर पर मुख्य सरगना के रूप में सामने आया है। वह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर उसे इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक बताया है। हालांकि, इस्माईल शेख की भूमिका और मामले में उसकी संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस अब इस कथित नेटवर्क के संचालन, इसमें शामिल अन्य लोगों और प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
मकान से बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ और उपकरण बरामद
पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान ब्राउन शुगर/प्रतिबंधित पदार्थ के अलावा कथित तौर पर इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ और विभिन्न उपकरण बरामद किए। पुलिस की ओर से जारी जब्ती सूची के अनुसार, मौके से 608 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ, 5 लाख 93 हजार 909 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन मिले। इसके अलावा 15.877 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, 500 मिलीलीटर की 13 बोतल एसीटल क्लोराइड, तीन इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, एक जनरेटर, एक सीलिंग मशीन और एक एक्सट्रैक्शन मशीन जब्त की गई।
छापेमारी के दौरान 1.4 किलोग्राम पैकेजिंग सामग्री, दो मोटरसाइकिल और हुंडई कंपनी की एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने सभी सामानों की सूची तैयार कर विधिवत जब्ती की कार्रवाई की। बरामद नकदी, रासायनिक पदार्थों, मशीनों और अन्य सामानों के संबंध में आरोपियों से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान बरामद सामग्री के बारे में आरोपियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जब्त सामान की प्रकृति और उसके इस्तेमाल से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में बरहरवा थाना कांड संख्या 259/26, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(b) और 111(3) तथा एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(c), 25, 27A, 27B और 29 का उल्लेख किया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित पदार्थ कहां से लाया जाता था, कथित तौर पर उसे तैयार करने में किन लोगों की भूमिका थी और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाती थी।
दस सदस्यीय पुलिस दल ने की छापेमारी
इस विशेष अभियान में बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल, राजमहल एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी, राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिर्ज, बरहरवा थाना के सुदामा सिंह, राधानगर थाना के संग्राम सिंह सॉय, बरहरवा एसडीपीओ कार्यालय के हवलदार दिनेश हेम्ब्रम, राजमहल के आरक्षी राजीव कुमार और दीपक कुमार, राधानगर थाना के हवलदार शशि भूषण सिंह तथा बरहरवा थाना के आरक्षी अरविंद रविदास शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामग्री की जांच के आधार पर अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। कथित मुख्य सरगना इस्माईल शेख की भूमिका की जांच भी मामले का अहम हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बरहरवा (साहिबगंज): साहिबगंज पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक स्मैक (चरस) विक्रेता को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से कुल 18 पुड़िया नशीला पदार्थ (स्मैक) बरामद किया गया है, जिसका कुल वजन 9.6 ग्राम है।
ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार (11 अक्टूबर) को बरहरवा थाना क्षेत्र के झिकटिया चौक पर स्थानीय ग्रामीणों ने एक युवक को चरस/स्मैक बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही संध्या गश्ती दल में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (पु०अ०नि०) अनिल कुमार यादव ने दल-बल के साथ मौके पर पहुँचकर आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा तलाशी लिए जाने पर उसके पास से 18 पुड़िया स्मैक बरामद हुई।
पूर्व में भी दर्ज है आपराधिक मामला
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवा कुमार (22 वर्ष), पिता- स्व० अशोक महतो, निवासी- झिकटिया (काली मंदिर के पास), थाना बरहरवा, जिला साहिबगंज के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ बरहरवा थाना में पूर्व से मामला (कांड संख्या 115/23, धारा 380/411/457 भा०द०वि०) दर्ज है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले में बरहरवा थाना कांड संख्या 258/26, दिनांक 11.10.2026 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ NDPS Act 1985 की धारा 17(b)/21(b) के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।
छापेमारी/गिरफ्तारी टीम में शामिल सदस्य:
पु०नि० संतोष कुमार (बरहरवा प्रभाग)पु०अ०नि० अनिल कुमार यादव (बरहरवा थाना),पु०अ०नि० सुदामा सिंह (बरहरवा थाना) सशस्त्र बल (बरहरवा थाना)
338.96 ग्राम ब्राउन शुगर, चार मोबाइल, दो बाइक, एक स्कूटी और 9,100 रुपये नकद बरामद
रांची । रांची पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए धुर्वा थाना क्षेत्र के स्मार्ट सिटी के पास सीएनजी पेट्रोल पंप के समीप से चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4,000 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की है, जिसका कुल वजन 338.96 ग्राम बताया गया है। मौके से चार मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और 9,100 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 12 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 11 अक्टूबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धुर्वा थाना क्षेत्र के स्मार्ट सिटी के पास सोनू तिवारी और संदीप उर्फ मामा द्वारा ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना से वरीय पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया। इसके बाद उनके निर्देश पर हटिया के वरीय पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी दल जब सीएनजी पेट्रोल पंप के पास स्मार्ट सिटी क्षेत्र में पहुंचा, तो वहां संदिग्ध अवस्था में पांच से छह युवक खड़े दिखाई दिए। पुलिस को देखकर सभी भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने पीछा कर चार युवकों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से ब्राउन शुगर समेत अन्य सामान बरामद किए गए।
चार आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक तिवारी, शुभम कुमार उर्फ राजा और अंकित तिवारी शामिल हैं। ये तीनों रांची के एकतानगर क्षेत्र में रह रहे थे और मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के अरुवां गांव के निवासी बताए गए हैं। चौथे आरोपी की पहचान रितिक राज के रूप में हुई है, जो रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित सिठियो रोड की पटेल कॉलोनी का निवासी बताया गया है।
एक आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी अंकित तिवारी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ तिलैया थाना में वर्ष 2021 में मामला दर्ज है। इसके अलावा डोरंडा थाना में वर्ष 2021 तथा पुंदाग ओपी में वर्ष 2023 में भी मामले दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। इनमें धोखाधड़ी, चोरी और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी पुलिस
इस मामले में धुर्वा थाना कांड संख्या 271/2026, दिनांक 11 अक्टूबर 2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी), 21(सी), 22(बी), 22(सी) और 29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस बरामद मादक पदार्थ की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।
छापेमारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार, धुर्वा थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवारी, पुलिस अवर निरीक्षक लव कुमार, चंद्रशेखर कुमार सिंह तथा तुपुदाना ओपी प्रभारी सिद्धांत कुमार शामिल थे।
नामकुम पुलिस की कार्रवाई में चार गोवंशीय पशु समेत एसयूवी, बुलेट, पल्सर और स्कूटी बरामद
रांची । नामकुम थाना पुलिस ने मवेशी चोरी के एक कथित संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल की गई एक एसयूवी, एक बुलेट मोटरसाइकिल, एक पल्सर और एक स्कूटी के अलावा चार गोवंशीय पशु—एक गाय और तीन बाछी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य मवेशियों की चोरी कर उन्हें अवैध तरीके से वध के लिए ले जाने का काम करते थे।
मामले में नामकुम थाना कांड संख्या 282/26, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा झारखंड गोवंशीय पशु वध निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।
गाय और बछड़े की चोरी की शिकायत के बाद कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कांटाटोली के कुरैशी मोहल्ला निवासी इरशाद कुरैशी ने 7 अक्टूबर को नामकुम थाना में आवेदन देकर बताया कि सामलौंग पुरानी लोवाडीह इलाके से उनकी गाय और बछड़े को एक एक्सयूवी वाहन में लोड कर चोरी कर लिया गया है। शिकायत में पशुओं को अवैध तरीके से वध के लिए ले जाने की आशंका जताई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मो. शहनवाज उर्फ सन्नी (27), अमन कुरैशी (26), सैफ (29), अलताफ कुरैशी (26), शोयेब अहमद (21) और फिरोज कुरैशी उर्फ कुकु (50) को गिरफ्तार किया। सभी रांची जिले के विभिन्न इलाकों के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक गिरोह बनाकर गाय और बछड़ों की चोरी करने तथा उन्हें अवैध रूप से वध के लिए ले जाने की बात बताई।
चार गोवंशीय पशु बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और कार्रवाई के दौरान चार गोवंशीय पशु—एक गाय और तीन बाछी बरामद किए। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को भी जब्त किया गया है।
जब्त सामान में एक एक्सयूवी वाहन (JH01BN-7798), एक बुलेट मोटरसाइकिल (JH01CW-1008), एक पल्सर मोटरसाइकिल (JH01FS-6583) और एक स्कूटी (JH01DC-0524) शामिल हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में सैफ और फिरोज कुरैशी उर्फ कुकु के पूर्व आपराधिक इतिहास का भी पुलिस ने उल्लेख किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह के तार किन-किन लोगों और स्थानों से जुड़े हैं।
पुलिस टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
छापेमारी दल का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-प्रथम अमर कुमार पांडेय ने किया। टीम में नामकुम थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक रामनारायण सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक शशि रंजन, जयदेव कुमार सराक और सोनु कुमार दास, सहायक अवर निरीक्षक उज्जवल कुमार सिंह और तारकेश्वर प्रसाद केशरी तथा नामकुम थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
धमकी मामले की जांच के दौरान संग्रामपुर ओवरब्रिज के पास पुलिस की कार्रवाई
रांची। कांके थाना पुलिस ने हथियार के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ मौजूद दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल, एक जिंदा गोली और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में कांके थाना कांड संख्या 206/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर को मनातु निवासी बबलू नायक ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हेमंत मुंडा और दो अन्य युवकों द्वारा उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी दी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सनहा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही थी।
इसी क्रम में 7 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि संग्रामपुर ओवरब्रिज के पास कुछ संदिग्ध लोग खड़े हैं। सूचना के आधार पर कांके थाना पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की। पुलिस ने वहां से हेमंत मुंडा उर्फ हेमानंद मुंडा (21), पिता सरहुल मुंडा, निवासी होचर तथा दो किशोरों को पकड़ा।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान हेमंत मुंडा के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल और इसी बोर की एक जिंदा गोली बरामद हुई। गोली पर ‘KF 7.65’ अंकित होने की बात पुलिस ने कही है। इसके अलावा एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया। वहीं, एक अन्य किशोर के पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस ने बरामद हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन को विधिवत जब्त कर लिया है।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में कांके थाना कांड संख्या 206/26, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)a/26/35 के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक हेमंत मुंडा उर्फ हेमानंद मुंडा को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है, जबकि दोनों किशोरों को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
छापेमारी दल में कांके थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी कुणाल कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक तंजील खान, अरविंद कुमार और सतीश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक भीम सिंह सहित कांके थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद हथियार आरोपियों के पास कैसे पहुंचा तथा धमकी की घटना से इसका क्या संबंध है।
साहिबगंज। साहिबगंज पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 8 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 45,600 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पुलिस अधीक्षक, साहिबगंज को गुप्त सूचना मिल रही थी कि राज्य के बाहर से अवैध गांजा की खेप साहिबगंज लाई जा रही है। इसके बाद अवैध गांजा के कारोबार में संलिप्त लोगों को पकड़ने के लिए विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था।
7 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नॉर्थ कॉलोनी, कलिंगा के सामने वाली गली से मोटरसाइकिल सवार मो. फिरोज अख्तर (लगभग 38 वर्ष) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से सेलोटेप की सहायता से बंडल के रूप में रखा गया 8 बंडल गांजा, जिसका कुल वजन करीब 8 किलोग्राम बताया गया है, बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से 45,600 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
मो. फिरोज अख्तर, उम्र करीब 38 वर्ष, पिता—मो. मोफिल, निवासी—छोटी कोदरजन्ना, थाना—मुफस्सिल, जिला—साहिबगंज।
बरामदगी:
- 8 बंडल गांजा — करीब 8 किलोग्राम
- नकद राशि — ₹45,600
- एक मोबाइल फोन
- एक मोटरसाइकिल
छापामारी दल में साहिबगंज सदर के अंचलाधिकारी बासुकीनाथ टुडू, नगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।