जमीन के दाखिल-खारिज में प्रतिकूल रिपोर्ट देने से नाराज थे आरोपी, साजिश रचकर की गई थी हत्या
राँची । राजधानी राँची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरार में अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकान्त मुण्डा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप गोसाई (38), अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई (34) और सिन्टु कुमार गोसाई (31) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर को लक्ष्मीकान्त मुण्डा (38), पिता बंगाली मुण्डा, निवासी ग्राम दलकीडीह, थाना बुण्डू, जो वर्तमान में अरगोड़ा अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे, की जोरार स्थित उनके आवास पर अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर दी थी। इस संबंध में नामकुम थाना कांड संख्या 301/26, दिनांक 25 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 एवं 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-प्रथम), पुलिस उपाधीक्षक हटिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बुण्डू सहित नामकुम, टाटीसिलवे, खरसीदाग एवं अन्य थानों के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था।
पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान और अनुसंधान में सामने आया है कि हत्या की घटना 23 अक्टूबर की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच अंजाम दी गई थी।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, अरगोड़ा अंचल के मौजा बड़ा घाघरा स्थित खाता संख्या 29 की 96 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। गोसाई परिवार की ओर से जमीन की विभिन्न डीड के आधार पर बिक्री एवं दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने के लिए अरगोड़ा अंचल में अलग-अलग समय पर आवेदन दिए गए थे।
इन आवेदनों की स्थल जांच और दस्तावेजों का सत्यापन राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकान्त मुण्डा ने किया था। जांच के दौरान मूल दस्तावेजों और वंशावली में भिन्नता पाए जाने पर उन्होंने कई नामांतरण मामलों में प्रतिकूल जांच प्रतिवेदन देते हुए अंचल अधिकारी, अरगोड़ा को दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने की अनुशंसा की थी। इसके आधार पर कई नामांतरण वाद अस्वीकृत कर दिए गए थे, जबकि कुछ मामले लंबित थे।
पुलिस के मुताबिक, इस कारण संबंधित जमीन की खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज में परेशानी हो रही थी। वहीं, जमीन के क्रेताओं की ओर से आरोपियों पर नामांतरण कराने और जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इससे आरोपी राजस्व कर्मचारी की जांच रिपोर्ट से नाराज थे। इसी नाराजगी में साजिश रचकर लक्ष्मीकान्त मुण्डा की हत्या कर दी गई।
तीन आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल शेष तीन नामजद अप्राथमिकी अभियुक्तों भोला गोसाई, अमित सिंह और शैलेश के अलावा अन्य अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
- प्रदीप गोसाई, उम्र 38 वर्ष, पिता बृज गोसाई, निवासी बड़ा घाघरा देवी मंडप, थाना डोरंडा, राँची।
- अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई, उम्र 34 वर्ष, पिता स्व. राकेश टोप्पो, निवासी डंगरा टोली, थाना लालपुर, राँची।
- सिन्टु कुमार गोसाई, उम्र 31 वर्ष, पिता बृज गोसाई, निवासी बड़ा घाघरा देवी मंडप के पास, थाना डोरंडा, राँची।
बरामदगी: तीन मोबाइल फोन।
छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
छापेमारी दल में वरीय पुलिस उपाधीक्षक अमर कुमार पाण्डेय, पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओमप्रकाश, डोरंडा थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह, नामकुम थाना प्रभारी रामनारायण सिंह, बुण्डू थाना प्रभारी जयदीप टोप्पा, टाटीसिलवे थाना प्रभारी हंसे उराँव, खरसीदाग ओपी प्रभारी मनीष कुमार, दशमफॉल थाना प्रभारी कुन्दन कुमार एवं दलादली ओपी प्रभारित सत्यप्रकाश उपाध्याय सहित नामकुम थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी, तकनीकी शाखा के कर्मी एवं सशस्त्र बल शामिल थे।