सिल्ली : प्रखंड क्षेत्र के मुरी स्थित तुलसी पोखर तालाब में सोमवार शाम मगरमच्छ देखे जाने की चर्चा से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण तालाब के किनारे पहुंच गए और देर शाम तक मगरमच्छ की एक झलक पाने के लिए जुटे रहे।स्थानीय युवकों का दावा है कि उन्होंने तालाब में एक मगरमच्छ को तैरते हुए देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। हालांकि, अब तक वन विभाग अथवा प्रशासन की ओर से मगरमच्छ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले की शीघ्र जांच कर तालाब का निरीक्षण कराने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। एहतियात के तौर पर स्थानीय लोगों से तालाब के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों को वहां से दूर रखने की अपील की जा रही है।
साहिबगंज। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन के लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी 15 अगस्त का मुख्य जिला स्तरीय समारोह सिद्धो-कान्हो स्टेडियम, साहिबगंज में आयोजित होगा। सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों एवं विद्यालयों में मुख्य समारोह से पूर्व निर्धारित समय पर ध्वजारोहण किया जाएगा तथा राष्ट्रीय ध्वज संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
समारोह से पहले विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित होगा। सिद्धो-कान्हो की प्रतिमा पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जबकि अन्य प्रतिमाओं पर संबंधित अधिकारियों द्वारा माल्यार्पण किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाली भव्य परेड का संचालन पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में किया जाएगा। परेड में जिला सशस्त्र बल, जैप-9, महिला पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल 13 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
जिले में देशभक्ति का माहौल बनाने के लिए 15 अगस्त की सुबह 7 से 8 बजे तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी। वहीं 14 अगस्त की शाम 6:30 बजे टाउन हॉल, साहिबगंज में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकार देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर क्रिकेट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मुख्य समारोह स्थल पर अग्निशमन दल, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग एवं अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों को सम्मानित करने का भी अवसर है जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे व्यक्तियों को जिला प्रशासन मुख्य समारोह में सम्मानित करेगा।
बैठक में सभी विभागों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व कार्यालयों एवं परिसरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त , परियोजना निदेशक आईटीडीए , अपर समाहर्ता , सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
साहिबगंज, 3 अगस्त 2026। जिले में आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप विकास आयुक्त ने सोमवार को सदर अस्पताल, साहिबगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवा उपलब्धता तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड), चिकित्सकों की उपस्थिति पंजी, ओपीडी, पुरुष एवं महिला वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण केंद्र तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवा उपलब्धता और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। साथ ही अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने, अल्ट्रासाउंड सहित सभी जांच सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित रखने तथा मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध, पारदर्शी और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
निरीक्षण के बाद उन्होंने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार, नियमित अनुश्रवण तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के निर्देश दिए।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के त्वरित हस्तक्षेप और झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की पहल से ओमान (मस्कट) में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। प्रीति 1 अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को अपने गृह राज्य झारखंड पहुंच जाएंगी।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आते ही सक्रिय हुए मुख्यमंत्री
प्रीति कुजूर की परेशानी का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संज्ञान में आया। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तत्काल कार्रवाई कर युवती की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद श्रमायुक्त कार्यालय के तहत संचालित राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (पीओई), रांची के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया शुरू की।
23 जून 2026 को यह मामला भारतीय दूतावास को भेजा गया और अगले ही दिन 24 जून को दूतावास ने प्रीति कुजूर से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी शुरू कर दी।
दुबई में नौकरी का झांसा देकर भेज दिया ओमान
जानकारी के अनुसार, सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी रंतु कुजूर ने 19 जून 2026 को अपनी बहन प्रीति की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद की अपील की थी।
परिजनों के अनुसार, मार्च 2026 में एक एजेंट ने प्रीति को दुबई में 45 से 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का लालच दिया, लेकिन उन्हें धोखे से ओमान भेज दिया गया। वहां उनसे मात्र 23 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम कराया गया। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग कर दी। परिवार ने 1.92 लाख रुपये देने के बावजूद उन्हें वापस नहीं भेजा गया।
भारतीय दूतावास की पहल से कम हुई राशि
कंपनी मालिक दो वर्ष का अनुबंध पूरा होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर प्रीति की आर्थिक स्थिति से अवगत कराया और राशि में राहत दिलाने का अनुरोध किया।
लगातार बातचीत के बाद कंपनी मालिक 950 रियाल से घटाकर 600 ओमानी रियाल लेने पर सहमत हो गया। राशि जमा होने के बाद प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और अन्य सभी मूल दस्तावेज वापस कर दिए गए, जिसके बाद उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
झारखंड सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी संकट की स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय रहकर जरूरतमंद श्रमिकों को सहायता उपलब्ध करा रहा है।
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों से अपील की है कि विदेश में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रांची।। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाए हैं। कंपनी ने पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्यापक सुधार लागू किए हैं। इन पहलों से 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
कोल इंडिया ने बताया कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अपने पूर्व कर्मचारियों के प्रति कंपनी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹1,000 की गई
कंपनी ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोल माइंस पेंशन योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया है। इस निर्णय से करीब 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। इससे सेवानिवृत्त खनिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
डिजिटल हुई पेंशन प्रक्रिया, दावों के निपटान में आई तेजी
कोल इंडिया ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (CMPFO) के सहयोग से सी-केयर्स (C-CARES) डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस पहल के कारण सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटान की औसत अवधि 30 दिनों से घटकर मात्र 10 दिन रह गई है।
इसके अलावा संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी, सरल और पेपरलेस बन सकेगी। अब सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने और सीएमपीएफ से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
पीआरबी सेल बने एकल सहायता केंद्र
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया ने अपने मुख्यालय और सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (PRB) सेल स्थापित किए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां उन्हें सभी आवश्यक सेवाएं और सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
कोल इंडिया की सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (CPRMS) के तहत लगभग 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त अधिकारियों को ₹25 लाख तथा गैर-अधिकारियों को ₹8 लाख तक का चिकित्सा कवरेज दिया जाता है। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इन वित्तीय सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि कर्मचारियों को बड़े इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएफ और पेंशन वितरण में रिकॉर्ड वृद्धि
कोल इंडिया के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (पीएफ) वितरण 19.5 प्रतिशत बढ़कर ₹13,608.8 करोड़ पहुंच गया, जबकि पेंशन वितरण 22.9 प्रतिशत बढ़कर ₹6,427 करोड़ हो गया। पिछले वर्ष की तुलना में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल ₹3,415.1 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है।
सामाजिक जुड़ाव पर भी विशेष ध्यान
कंपनी अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विभिन्न स्थानों पर संचालित हॉलिडे होम्स की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामाजिक जुड़ाव, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस स्थित मानव संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से आए सामान्य सहायक कर्मचारियों के लिए एक सप्ताह का कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें कार्यालयीन कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक कंप्यूटर अनुप्रयोगों एवं डिजिटल प्रणालियों से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, ऑफिस एप्लिकेशन्स, ई-ऑफिस, हिंदी एवं अंग्रेजी टाइपिंग के साथ-साथ कंपनी में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न डिजिटल एप्लिकेशन्स एवं ऑनलाइन प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक दक्षता, गति एवं प्रभावशीलता के साथ संपादित करने हेतु आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता तथा मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक श्री एम. एफ. हक की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कंपनी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अवसर विशेष पर सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर ज्ञान और तकनीकी दक्षता प्रत्येक कर्मचारी के लिए अनिवार्य हो गई है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों के कौशल को निखारने के साथ-साथ संगठन की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता को भी नई गति प्रदान करते हैं। निरंतर सीखने की संस्कृति ही किसी भी संस्थान को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।"
मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक एम. एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि, "सीसीएल अपने कर्मचारियों के सतत कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बदलते कार्य परिवेश और बढ़ती डिजिटल आवश्यकताओं को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमें विश्वास है कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग प्रतिभागी अपने दैनिक कार्यों में करेंगे और संगठन की कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
रांची। सीसीएल द्वारा 01 अगस्त, 2026 को गांधीनगर क्रीड़ांगन में संविदा कर्मियों के लिए एक फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया।
मैच का औपचारिक उद्घाटन आदिल हुसैन प्रबंधक (खेल), विलफ्रेड माणिक लकड़ा, आशीष सिरिल कच्छप तथा श्री मारियो तनुज एक्का द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह मुकाबला सीसीएल के अस्पताल संविदा कर्मियों एवं कॉलोनी संविदा कर्मियों की टीमों के बीच खेला गया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, परंतु कोई भी गोल न हो पाने के कारण मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। अंततः परिणाम के लिए पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें अस्पताल संविदा कर्मियों की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4-1 के अंतर से शानदार जीत हासिल की।
समारोह के समापन अवसर पर संजय कुमार ठाकुर महाप्रबंधक (कल्याण) ने विजेता टीम, उपविजेता टीम तथा 'मैन ऑफ द मैच' 'विकास मिर्धा' को पुरस्कृत कर सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ कर्मियों के मध्य शारीरिक सक्रियता, आपसी सहयोग और सामूहिक कार्यशैली को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रांची । मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित 'सावन सिंधारा' कार्यक्रम एवं 'परंपरा आर्ट एंड हेरिटेज एग्ज़ीबिशन' में ग्रामीण विकाश मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह पहुंची। जहां उन्होंने कहा महिला उद्यमियों की प्रतिभा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली । प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प, गगारमेंट्सतथा दैनिक उपयोग की अनेक उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि उचित मंच और अवसर मिले, तो उनकी प्रतिभा समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकती है।
आगे मंत्री ने कहा आज अनेक महिलाएँ अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने हुनर को पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि नए लोगों से जुड़ने, बाज़ार तक पहुँच बनाने और आत्मनिर्भर बनने का भी सशक्त माध्यम मिलता है। मारवाड़ी समाज द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना ही सशक्त समाज और आत्मनिर्भर झारखंड की मजबूत नींव है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में आज एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जुलाई, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 77 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएँ एवं स्मृतियाँ साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- श्री अवनीश कुमार, महाप्रबंधक(खनन), भूविज्ञान विभाग; श्री प्रतुल कुमार, महाप्रबंधक(मानव संसाधन), मानव संसाधन & आईआर विभाग; श्री चंद्र भूषण प्रसाद, मुख्य प्रबंधक (खनन), सुरक्षा विभाग; श्रीमती पूनम देवी, ओ. एस. ग्रेड-A-1, ईई विभाग; श्री जनेश्वर राम, मुख्य फार्मासिस्ट- A-1, गांधीनगर अस्पताल एवं श्री बलराम सिंह मुंडा, सहायक फोरमैन, ई एंड एम।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीवीओ श्री पंकज कुमार ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान संगठन की प्रगति में अमूल्य योगदान देता है। वर्षों की आपकी मेहनत, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी ने न केवल कंपनी की विकास यात्रा को गति दी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति की मिसाल कायम की है। सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा उज्ज्वल एवं आनंदमय जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की 37वीं कॉर्पोरेट स्तरीय त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति (Corporate-Level Tripartite Safety Committee) की बैठक आज यानी 28 जुलाई, 2026 को रांची में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में डीजीएमएस, सीसीएल प्रबंधन तथा सीसीएल सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। बैठक की अध्यक्षता सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने की।
बैठक के दौरान सीसीएल के सुरक्षा मानकों एवं उसके अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही, पिछली Tripartite Safety Committee Meeting में दिए गए सुझावों एवं अनुशंसाओं के अनुपालन की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health), वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) तथा खदान कर्मियों के कल्याण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने डी.जी.एम.एस., सीसीएल के निदेशकगण सह अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड सदस्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। तत्पश्चात सभी डीजीएमएस के अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों को शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
बैठक की शुरुआत में सेफ्टी बोर्ड के सभी सम्मानित सदस्यों ने कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधित पूर्व के अनुभव एवं चुनौतियों के संदर्भ में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसको सदन ने सराहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एस.एस. प्रसाद, DDG, SEZ ने खदान में कार्य करने वाली महिलाओं के लिए आधारभूत संरचना एवं सुरक्षा के पहलुओं पर जोर दिया। साथ ही हरेक साल होने वाली PME (Preliaminary Medical Examination) के लिए आवश्यक संरचना को अद्यतन बनाने का सुझाव दिया।
आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने अपने संबोधन में महिलाओं के लिए अलग वॉशरुम तुरंत बनाने का सुझाव दिया. साथ ही अत्याधुनिक Vocational Training Centre भी बनाने पर जोर दिया. अन्य महत्वपूर्ण सलाह में न्यू लेबर कोड के अंतर्गत OSH (Occupational Safety & Health) के तहत एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर तत्काल लागू करने का सुझाव दिया. उन्होंने अपने अन्य उपक्रमों में कार्य करने के अनुभव को साझा करते हुए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसका सदन ने स्वागत किया.
वहीं, सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने डीजीएमएस के सभी अधिकारियों, मुख्य़त DDG, CZ और DDG, SEZ को उनके श्रमिकों के हित में दिए गए बहुमूल्य सुझावों की प्रशंसा करते हुए सभी को तय कार्यक्रम के अनुरुप लागू करने का आश्वसन दिया और सीसीएल के दृष्टिकोण, श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि को रेखांकित करते हुए, सभी सम्मानित सदस्यगणों के साथ कदम से कदम मिलाकर देशहित में कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने का आह्वन किया.