श्रृंचि। झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, रांची, माँ शारदे साहित्यिक मंच एवं अखंड भारत साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आज *युवा के आदर्श: स्वामी विवेकानंद* विषय पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रवादी, आध्यात्मिक एवं चारित्रिक मूल्यों से जोड़ना रहा।इस अवसर पर अखंड भारत साहित्य परिषद के संस्थापक डॉ. वासुदेव प्रसाद ने संगठनात्मक विस्तार की घोषणा करते हुए डॉ. नीतू सिन्हा को अखंड भारत साहित्य परिषद, झारखंड प्रदेश का उपाध्यक्ष तथा डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, रजिस्ट्रार, झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, रांची को अखंड भारत साहित्य परिषद का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया। इस घोषणा का उपस्थितजनों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। संगोष्ठी का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद पर आधारित सामूहिक गीत *स्वरों में तान भारत की और मुख में आन भारत की* के साथ हुआ, जिसने वातावरण को राष्ट्रभाव और ऊर्जा से भर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन-दर्शन आज के युवाओं के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और लक्ष्यबोध का सशक्त स्रोत है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर युवा राष्ट्रनिर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. वासुदेव प्रसाद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय चेतना के शिखर पुरुष हैं। उन्होंने शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से राष्ट्रोत्थान का जो मार्ग दिखाया, वही आज भी भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता है।विशिष्ट अतिथि डॉ. नीतू सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाना समय की मांग है। उन्होंने घोषणा की कि पूरे वर्ष 2026 में स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर डॉ. नीतू सिन्हा द्वारा रजिस्ट्रार डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह को शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं डॉ. वासुदेव प्रसाद ने संगोष्ठी में उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों एवं विशिष्टजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में— प्रेम कुमार प्रसाद, सेक्शन ऑफिसर, रवि शंकर वर्मा, अकाउंटेंट,आदित्य नाथ मिश्र, रजिस्ट्रार (सेक्रेटेरियल), रिम्पा मुखर्जी, अकाउंटेंट,शमीम अब्दुल रोफ, एडमिशन विभाग, शाहिद रज़ा खलीफा, फ्रंट डेस्क स्टाफ/काउंसलर, उमेश रंजन गुप्ते, एडमिशन विभाग, सीरम इमलिया आइंद, स्कॉलरशिप विभाग, पूनम देवी, प्रिंस कुमार, श्रीकांत कुमार तथा प्रदीप कुमार शामिल रहे।कार्यक्रम का कुशल संचालन गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रांची के शिक्षक डॉ. ओम प्रकाश ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी के अकाउंटेंट श्री रवि शंकर वर्मा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संगोष्ठी में शिक्षाविदों, साहित्यकारों, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन वैचारिक रूप से अत्यंत सफल, प्रेरक एवं स्मरणीय सिद्ध हुआ।