उधवा(साहिबगंज ) झारखंड के एकमात्र रामसर साइट उधवा झील पक्षी आश्रयाणी में विश्व आद्रभूमि दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वन क्षेत्र पदाधिकारी श्री पंचम दुबे के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आद्रभूमियों के संरक्षण, उनके पारिस्थितिक महत्व तथा जैव विविधता के संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता फैलाना रहा। इस अवसर पर आश्रयाणी क्षेत्र एवं झील के आसपास स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें प्लास्टिक कचरे एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों एवं पर्यटकों को आद्रभूमियों के महत्व, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने को लेकर जानकारी दी गई।
वन क्षेत्र पदाधिकारी श्री पंचम दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि उधवा पक्षी आश्रयाणी अंतरराष्ट्रीय महत्व की आद्रभूमि है, जिसे रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। यह क्षेत्र प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों का प्रमुख आश्रय स्थल होने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण एवं जल संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आश्रयाणी क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखें तथा वन विभाग के संरक्षण प्रयासों में सक्रिय सहयोग करें।कार्यक्रम के दौरान आद्रभूमियों को वन्यजीवों एवं पक्षियों के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए इनके संरक्षण में जनभागीदारी पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आद्रभूमियों के संरक्षण से न केवल वन्यजीव सुरक्षित रहते हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका और पर्यावरणीय संतुलन भी सुदृढ़ होता है।इस अवसर पर वनरक्षी अखलेश मरांडी, श्री पप्पू यादव एवं सनी रजक सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही भारतीय वन्यजीव संस्थान के गंगा प्रहरी, डॉल्फिन वॉचर एवं अन्य वनकर्मी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे ll