सोनाहातू, । वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुरुवार को सोनाहातू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना था।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर बेझिझक थाना आएं। पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है और विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा प्राथमिकता है।
शिविर के दौरान कुल दो मामलों की सुनवाई की गई। पहला मामला दुलमी गांव का था, जो प्रेम प्रसंग से संबंधित था। परिजनों की शिकायत पर दोनों पक्षों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, जिसके बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान हो गया।
दूसरा मामला तिलाईपीड़ी गांव का जमीन विवाद से जुड़ा था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में डीएसपी एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। बातचीत और आपसी सहमति के बाद मामले का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया गया।
इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार, एएसआई दलगोविंद महतो, उपप्रमुख प्रतिनिधि निशिकांत गौंझू, सुदामा पुरान सहित कई गणमान्य लोग एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जन शिकायत समाधान शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभिन्न क्षेत्रों के श्रेणी-1 कर्मचारियों के कौशल उन्नयन के उद्देश्य से बीटीटीआई, भुरकुंडा द्वारा 20 जुलाई, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग के मार्गदर्शन में बीटीटीआई द्वारा आयोजित की जा रही कौशल विकास पहलों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का समापन समारोह आज 24 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रंजय सिन्हा, महाप्रबंधक (खनन), बरका-सयाल क्षेत्र, एम. एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी), सीसीएल तथा विकास कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (एचआरडी) सहित बीटीटीआई, भुरकुंडा के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त किया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा उन्हें अपने कौशल का निरंतर विकास करने और भविष्य की कार्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ कंप्यूटर पर व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस कौशल विकास कार्यक्रम में कुल 63 कर्मियों ने भाग लिया।
साहिबगंज: शहरवासियों के लिए रविवार, 26 जुलाई को मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर मिलने जा रहा है। मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के तत्वावधान में अ. म. ख. पंचायत भवन में दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक भव्य "फन फेट" का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताएं एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।
आयोजकों के अनुसार फन फेट में डांस प्रतियोगिता, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, हाऊजी, विभिन्न मनोरंजक गेम्स, फूड स्टॉल और कई अन्य आकर्षक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आयोजन का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शहरवासियों को पारिवारिक मनोरंजन उपलब्ध कराना है।
डांस प्रतियोगिता केवल कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। ग्रुप-ए (कक्षा 1 से 5) के प्रतिभागियों को "Independence Day" विषय पर चित्र बनाना होगा, जबकि ग्रुप-बी (कक्षा 6 से 10) के विद्यार्थियों को "Save Water, Save Earth" विषय पर अपनी कला का प्रदर्शन करना होगा।
कार्यक्रम में सभी प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के अध्यक्ष गोकुल टिबड़ेवाल एवं सचिव श्वेता चौधरी ने शहरवासियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का बेहतरीन अवसर भी साबित होगा। रविवार को होने वाले इस फन फेट को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है।
रांची। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या AI इंसानों की जगह ले लेगा? इसी महत्वपूर्ण विषय पर गुरुवार को रांची में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम) रांची चैप्टर द्वारा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय के नवीन भवन स्थित प्रकाश हॉल में "इंटीग्रेटिंग ए.आई. विद एच.आई." विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य AI बनाम Human Intelligence का नहीं, बल्कि AI और Human Intelligence के समन्वय का होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र रहे। वहीं एनआईपीएम पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता और अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
AI नहीं, ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस है भविष्य'
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जी.पी. राव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय बुद्धिमत्ता के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI को इंसानों का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। जब AI और Human Intelligence का संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग किया जाता है, तब वह "ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस" (Augmented Intelligence) का स्वरूप लेता है, जो निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कार्यस्थलों पर AI के नैतिक, उत्तरदायित्वपूर्ण और प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए मानव संसाधन प्रबंधन (HR Management) में इसके बढ़ते महत्व और संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
डिजिटल युग में AI और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलन जरूरी
मुख्य अतिथि हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मानवीय संवेदनशीलता, अनुभव और विवेक का समावेश किया जाए, तो किसी भी संगठन की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।उन्होंने एनआईपीएम रांची चैप्टर की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।बड़ी संख्या में पहुंचे विशेषज्ञ और अधिकारी
इस कार्यक्रम में एनआईपीएम के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं निजी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों, मानव संसाधन विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने सत्र को अत्यंत समसामयिक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए वक्ता की प्रस्तुति और आयोजन की सराहना की।
ज्ञान साझा करने का बना प्रभावी मंच
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस आयोजन को ज्ञान साझा करने का एक सफल मंच बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी एनआईपीएम रांची चैप्टर ऐसे समसामयिक विषयों पर नियमित रूप से संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
AI के तेजी से बदलते दौर में यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भविष्य मशीनों का नहीं, बल्कि मशीनों और इंसानों की साझी बुद्धिमत्ता का होगा।
रांची । रांची में अग्निवीर भर्ती रैली-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं सेना के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में सेना के अधिकारी एम.के. शर्मा ने बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जो लगभग 12 से 13 दिनों तक चलेगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी भर्ती रैली के दौरान अभ्यर्थियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने भर्ती स्थल पर एम्बुलेंस, चिकित्सकों की तैनाती, स्ट्रेचर, कूलिंग रूम तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मौसम को देखते हुए वाटरप्रूफ जर्मन शेल्टर, पर्याप्त रेस्ट एरिया, बैरिकेडिंग, कार्पेट, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल तैयार करने को कहा गया। चूंकि अभ्यर्थियों का प्रवेश रात 12 बजे से शुरू होगा, इसलिए पर्याप्त लाइटिंग, जेनरेटर बैकअप, एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा मोबाइल शौचालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, नियमित कचरा निष्पादन, टेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फूड एंड बेवरेज की व्यवस्था के लिए रांची नगर निगम सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने भर्ती स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग और समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से तैयारियां पूरी कर अग्निवीर भर्ती रैली के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने को कहा।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा "Role of AI in Financial Decision" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय निर्णय प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग से अधिकारियों को अवगत कराना था। प्रशिक्षण में सीसीएल के 52 वित्त अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) एवं संकाय सुरेश बेहरा, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव संजय सिंह उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि एआई के उपयोग से वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और समयबद्ध निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि बेंचमार्किंग और एआई आधारित कौशल संगठन के प्रदर्शन तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत बनाएंगे।
तकनीकी सचिव संजय सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से निरंतर प्रणालीगत सुधार के लिए एआई को अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) सुरेश बेहरा ने वित्तीय निर्णय प्रक्रिया और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन में एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम संवादात्मक रहा और डिजिटल लर्निंग तथा नवाचार के माध्यम से भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल विकसित करने की दिशा में सीसीएल की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
रांची: रांची पुलिस ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी संवेदनशील या अप्रमाणित जानकारी का प्रसारण या प्रकाशन न करें, जिससे पुलिस की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने कहा कि समाज को जागरूक करने और सच्चाई सामने लाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मीडिया हमेशा से पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है।
रांची पुलिस द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि हाल के कुछ मामलों में यह संज्ञान में आया है कि कुछ मीडिया चैनलों और समाचार पत्रों द्वारा चल रही पुलिस जांच (Ongoing Investigation) से जुड़ी बारीक और संवेदनशील जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं। इनमें पुलिस की आगामी कार्रवाई, संदिग्धों के नाम, छापेमारी के संभावित स्थान तथा जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों जैसी जानकारियां शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकार की सूचनाओं के सार्वजनिक होने से जांच की दिशा और गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। साथ ही अपराधियों और आरोपियों को सतर्क होने का अवसर मिल जाता है, जिससे वे फरार होने, साक्ष्य नष्ट करने या पुलिस कार्रवाई से बचने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे मामलों में गवाहों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
रांची पुलिस ने सभी मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने तक ऐसी संवेदनशील जानकारियां साझा करने से बचें, जो पुलिस की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से प्रमाणित और तथ्यात्मक जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
रांची पुलिस ने अपने प्रेस रिलीज में कहा कि न्याय सुनिश्चित करने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के इस साझा प्रयास में मीडिया का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। पुलिस ने उम्मीद जताई कि सभी मीडिया संस्थान जिम्मेदार पत्रकारिता का परिचय देते हुए जांच की गोपनीयता बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
रांची | झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बुधवार को रांची स्थित अपने आवासीय कार्यालय में PASWA (Public Schools and Children Welfare Association) के "One Student One Tree" अभियान के तहत पौधारोपण कर देशभर में 50 लाख वृक्षारोपण के महाअभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने ड्रग्स विरोधी जन-जागरूकता अभियान के पोस्टर का भी लोकार्पण किया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी ने पर्यावरण के महत्व को सभी के सामने स्पष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि महागामा विधानसभा क्षेत्र में अब तक डेढ़ लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि झारखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने 2 करोड़ 75 लाख से अधिक पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि "पेड़ को बढ़ते हुए देखना अपने बच्चों को बढ़ते हुए देखने जैसा सुखद अनुभव है। आने वाली पीढ़ियों को हरा-भरा झारखंड देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।"
मंत्री ने पासवा के "One Student One Tree" अभियान की सराहना करते हुए प्रत्येक छात्र से एक पौधा लगाने और प्रत्येक परिवार से उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में डीएवी नंदराज के प्राचार्य आर.पी. तिवारी, डीएवी बरियातू के प्राचार्य एस.के. मिश्रा, गुरुनानक पब्लिक स्कूल की प्राचार्या गुरमीत कौर, PASWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ सहदेव, शांतनु मिश्रा सहित संस्था के पदाधिकारी, स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मालदा। देशभर में आधुनिक, सुगम एवं यात्री-केंद्रित रेलवे स्टेशनों के विकास के प्रति भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के अंतर्गत स्थित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत व्यापक पुनर्विकास किया गया है। पुनर्विकसित स्टेशन आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी समाहित करता है तथा सुरक्षित, सुविधाजनक एवं आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मालदा मंडल के साहिबगंज–भागलपुर रेलखंड पर स्थित एनएसजी-5 श्रेणी का शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन, बिहार के भागलपुर जिले के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क केंद्र है। राष्ट्रीय राजमार्ग-80 के निकट स्थित यह स्टेशन प्रतिदिन हजारों यात्रियों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों एवं व्यवसायियों को महत्वपूर्ण रेल संपर्क उपलब्ध कराता है। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा "भारत की सिल्क सिटी" के नाम से प्रसिद्ध भागलपुर की निकटता के लिए जाना जाता है, जो अपनी सदियों पुरानी रेशम बुनाई की परंपरा के लिए विश्वविख्यात है। पुनर्विकसित स्टेशन से यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि होगी, क्षेत्रीय आवागमन को गति मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार एवं रोजगार तक लोगों की पहुँच और अधिक सुगम होगी।
विकसित भारत के भारतीय रेल के दृष्टिकोण के अनुरूप, *शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत ₹17.94 करोड़ की स्वीकृत लागत से पुनर्विकसित किया गया है।* इस परियोजना का उद्देश्य यात्री सुविधाओं का विस्तार, सुगम पहुँच सुनिश्चित करना, सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना तथा स्टेशन परिसर को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करना है, साथ ही क्षेत्र की स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। स्टेशन की वास्तुकला को भागलपुर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के अनुरूप विकसित किया गया है, जिससे यह आधुनिक यात्री सुविधाओं और स्थानीय परंपरा का उत्कृष्ट संगम प्रस्तुत करता है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पर किए गए प्रमुख विकास कार्य:
• स्टेशन भवन का आधुनिक अग्रभाग (फसाड), कॉन्कोर्स एवं बुकिंग काउंटरों का उन्नयन।
• प्रतीक्षालय, रिजर्व लाउंज एवं शौचालयों का आधुनिकीकरण।
• नए सर्कुलेटिंग एरिया एवं पार्किंग क्षेत्र का विकास।
• यात्रियों के सहज मार्गदर्शन हेतु आधुनिक एवं उन्नत संकेतक (साइनेज) की व्यवस्था।
• स्टेशन भवन एवं सर्कुलेटिंग क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था।
• यात्रियों की सुविधा हेतु 02 यात्री लिफ्टों की व्यवस्था।
• दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित (Barrier-Free) सुविधाओं का विकास।
• स्थानीय संस्कृति एवं क्षेत्रीय पहचान को प्रतिबिंबित करने वाले वास्तुशिल्पीय सुधार।
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन अब आधुनिक अवसंरचना एवं उन्नत सुविधाओं के साथ यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इन सुविधाओं से यात्रियों को बेहतर आराम, सहज आवागमन तथा उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति हो सकेगी।
यात्री सुविधाओं के अतिरिक्त, इस पुनर्विकास से क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलने की अपेक्षा है। बेहतर रेल संपर्क के माध्यम से स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही यह आधुनिक स्टेशन क्षेत्र के निवासियों एवं आगंतुकों के लिए एक आकर्षक एवं स्वागतयोग्य प्रवेश द्वार के रूप में सतत क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगा।
रेल विभाग के मालदा रेल मंडल ने बताया, अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेल की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त, टिकाऊ, भविष्य उन्मुख एवं जीवंत परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित करना है, साथ ही उनकी स्थानीय विरासत एवं वास्तुशिल्पीय पहचान को भी संरक्षित रखना है। शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास यात्रियों को विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना, सुरक्षित, स्मार्ट एवं आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में पूर्व रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
रांची । राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मंगलवार देर रात शहर के विभिन्न थानों, रात्रि गश्ती दलों, पीसीआर वैन और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसपी सिटी भी मौजूद रहे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस की आपातकालीन तैयारियों, अनुशासन, सतर्कता और आम जनता के प्रति पुलिस की उपलब्धता का आकलन करना था।
रात्रि भ्रमण के दौरान एसएसपी ने कई थानों का निरीक्षण किया और वहां ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं जवानों की कार्यशैली का जायजा लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि रात के समय पुलिस बल पूरी तरह सक्रिय रहे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हो।
महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों की भी हुई जांच
निरीक्षण के दौरान शहर के संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर तैनात सुरक्षा गार्डों की भी गहन जांच की गई। एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर मौजूद जवानों की सतर्कता तथा सुरक्षा मानकों का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट किया कि शहर की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हिंदपीढ़ी थाना में मिली बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान हिंदपीढ़ी थाना में अनुशासनहीनता सामने आई। ओडी (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) पर तैनात अधिकारी वर्दी में मौजूद नहीं थे। इतना ही नहीं, थाना प्रभारी अपने ही ओडी अधिकारी का नाम तक नहीं बता सके। इस गंभीर लापरवाही को एसएसपी ने बेहद गंभीरता से लेते हुए हिंदपीढ़ी थाना प्रभारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने का निर्देश दिया।
PCR वैन की सक्रियता भी परखी गई
एसएसपी ने शहर के विभिन्न इलाकों में तैनात पीसीआर वैन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जवानों की उपस्थिति, वाहन की स्थिति, वायरलेस संचार व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की जांच की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी सूचना पर बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुस्तैद पुलिसकर्मियों की हुई सराहना
जहां एक ओर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर पूरी ईमानदारी, अनुशासन और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों की एसएसपी ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मी पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश
निरीक्षण के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों, पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे हर समय पूरी तरह अलर्ट रहें। आम नागरिकों की हरसंभव सहायता करें और रात के समय कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, हुड़दंग करने या असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।