रांची । मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित 'सावन सिंधारा' कार्यक्रम एवं 'परंपरा आर्ट एंड हेरिटेज एग्ज़ीबिशन' में ग्रामीण विकाश मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह पहुंची। जहां उन्होंने कहा महिला उद्यमियों की प्रतिभा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली । प्रदर्शनी में महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प, गगारमेंट्सतथा दैनिक उपयोग की अनेक उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि उचित मंच और अवसर मिले, तो उनकी प्रतिभा समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को नई दिशा दे सकती है।
आगे मंत्री ने कहा आज अनेक महिलाएँ अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने हुनर को पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि नए लोगों से जुड़ने, बाज़ार तक पहुँच बनाने और आत्मनिर्भर बनने का भी सशक्त माध्यम मिलता है। मारवाड़ी समाज द्वारा महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। हमारी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देना ही सशक्त समाज और आत्मनिर्भर झारखंड की मजबूत नींव है।
रांची । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के त्वरित हस्तक्षेप और झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की पहल से ओमान (मस्कट) में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। प्रीति 1 अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को अपने गृह राज्य झारखंड पहुंच जाएंगी।
सोशल मीडिया पर मामला सामने आते ही सक्रिय हुए मुख्यमंत्री
प्रीति कुजूर की परेशानी का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संज्ञान में आया। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तत्काल कार्रवाई कर युवती की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद श्रमायुक्त कार्यालय के तहत संचालित राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (पीओई), रांची के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया शुरू की।
23 जून 2026 को यह मामला भारतीय दूतावास को भेजा गया और अगले ही दिन 24 जून को दूतावास ने प्रीति कुजूर से संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी शुरू कर दी।
दुबई में नौकरी का झांसा देकर भेज दिया ओमान
जानकारी के अनुसार, सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के मरारोमा गंझूटोली निवासी रंतु कुजूर ने 19 जून 2026 को अपनी बहन प्रीति की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से मदद की अपील की थी।
परिजनों के अनुसार, मार्च 2026 में एक एजेंट ने प्रीति को दुबई में 45 से 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का लालच दिया, लेकिन उन्हें धोखे से ओमान भेज दिया गया। वहां उनसे मात्र 23 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम कराया गया। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग कर दी। परिवार ने 1.92 लाख रुपये देने के बावजूद उन्हें वापस नहीं भेजा गया।
भारतीय दूतावास की पहल से कम हुई राशि
कंपनी मालिक दो वर्ष का अनुबंध पूरा होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर प्रीति की आर्थिक स्थिति से अवगत कराया और राशि में राहत दिलाने का अनुरोध किया।
लगातार बातचीत के बाद कंपनी मालिक 950 रियाल से घटाकर 600 ओमानी रियाल लेने पर सहमत हो गया। राशि जमा होने के बाद प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और अन्य सभी मूल दस्तावेज वापस कर दिए गए, जिसके बाद उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया।
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
झारखंड सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देश और विदेश में कार्यरत झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी संकट की स्थिति में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय रहकर जरूरतमंद श्रमिकों को सहायता उपलब्ध करा रहा है।
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों और उनके परिजनों से अपील की है कि विदेश में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रांची।। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाए हैं। कंपनी ने पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सुविधाओं, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्यापक सुधार लागू किए हैं। इन पहलों से 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
कोल इंडिया ने बताया कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अपने पूर्व कर्मचारियों के प्रति कंपनी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी सोच के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹1,000 की गई
कंपनी ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोल माइंस पेंशन योजना के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया है। इस निर्णय से करीब 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। इससे सेवानिवृत्त खनिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।
डिजिटल हुई पेंशन प्रक्रिया, दावों के निपटान में आई तेजी
कोल इंडिया ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (CMPFO) के सहयोग से सी-केयर्स (C-CARES) डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस पहल के कारण सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटान की औसत अवधि 30 दिनों से घटकर मात्र 10 दिन रह गई है।
इसके अलावा संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था पारदर्शी, सरल और पेपरलेस बन सकेगी। अब सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने और सीएमपीएफ से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
पीआरबी सेल बने एकल सहायता केंद्र
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया ने अपने मुख्यालय और सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (PRB) सेल स्थापित किए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां उन्हें सभी आवश्यक सेवाएं और सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
कोल इंडिया की सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (CPRMS) के तहत लगभग 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
इस योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त अधिकारियों को ₹25 लाख तथा गैर-अधिकारियों को ₹8 लाख तक का चिकित्सा कवरेज दिया जाता है। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इन वित्तीय सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि कर्मचारियों को बड़े इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएफ और पेंशन वितरण में रिकॉर्ड वृद्धि
कोल इंडिया के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (पीएफ) वितरण 19.5 प्रतिशत बढ़कर ₹13,608.8 करोड़ पहुंच गया, जबकि पेंशन वितरण 22.9 प्रतिशत बढ़कर ₹6,427 करोड़ हो गया। पिछले वर्ष की तुलना में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल ₹3,415.1 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है।
सामाजिक जुड़ाव पर भी विशेष ध्यान
कंपनी अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विभिन्न स्थानों पर संचालित हॉलिडे होम्स की सुविधा भी उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामाजिक जुड़ाव, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देना है।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, दरभंगा हाउस स्थित मानव संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से आए सामान्य सहायक कर्मचारियों के लिए एक सप्ताह का कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें कार्यालयीन कार्यों में उपयोग होने वाले आधुनिक कंप्यूटर अनुप्रयोगों एवं डिजिटल प्रणालियों से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, ऑफिस एप्लिकेशन्स, ई-ऑफिस, हिंदी एवं अंग्रेजी टाइपिंग के साथ-साथ कंपनी में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न डिजिटल एप्लिकेशन्स एवं ऑनलाइन प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक दक्षता, गति एवं प्रभावशीलता के साथ संपादित करने हेतु आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता तथा मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक श्री एम. एफ. हक की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कंपनी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अवसर विशेष पर सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर ज्ञान और तकनीकी दक्षता प्रत्येक कर्मचारी के लिए अनिवार्य हो गई है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों के कौशल को निखारने के साथ-साथ संगठन की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता को भी नई गति प्रदान करते हैं। निरंतर सीखने की संस्कृति ही किसी भी संस्थान को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।"
मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक एम. एफ. हक ने अपने संबोधन में कहा कि, "सीसीएल अपने कर्मचारियों के सतत कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बदलते कार्य परिवेश और बढ़ती डिजिटल आवश्यकताओं को देखते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमें विश्वास है कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग प्रतिभागी अपने दैनिक कार्यों में करेंगे और संगठन की कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
रांची। सीसीएल द्वारा 01 अगस्त, 2026 को गांधीनगर क्रीड़ांगन में संविदा कर्मियों के लिए एक फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया।
मैच का औपचारिक उद्घाटन आदिल हुसैन प्रबंधक (खेल), विलफ्रेड माणिक लकड़ा, आशीष सिरिल कच्छप तथा श्री मारियो तनुज एक्का द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यह मुकाबला सीसीएल के अस्पताल संविदा कर्मियों एवं कॉलोनी संविदा कर्मियों की टीमों के बीच खेला गया। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला रहा, परंतु कोई भी गोल न हो पाने के कारण मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। अंततः परिणाम के लिए पेनाल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें अस्पताल संविदा कर्मियों की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4-1 के अंतर से शानदार जीत हासिल की।
समारोह के समापन अवसर पर संजय कुमार ठाकुर महाप्रबंधक (कल्याण) ने विजेता टीम, उपविजेता टीम तथा 'मैन ऑफ द मैच' 'विकास मिर्धा' को पुरस्कृत कर सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ कर्मियों के मध्य शारीरिक सक्रियता, आपसी सहयोग और सामूहिक कार्यशैली को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय, रांची में आज एक भव्य एवं गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जुलाई, 2026 में मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले 06 कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके साथ ही, सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मियों को भी उनके-अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से ससम्मान विदा किया गया। इस प्रकार, आज सीसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए कुल 77 कर्मियों को गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
समारोह के दौरान सीसीएल मुख्यालय में एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, भावनाएँ एवं स्मृतियाँ साझा कीं।
मुख्यालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के नाम इस प्रकार हैं- श्री अवनीश कुमार, महाप्रबंधक(खनन), भूविज्ञान विभाग; श्री प्रतुल कुमार, महाप्रबंधक(मानव संसाधन), मानव संसाधन & आईआर विभाग; श्री चंद्र भूषण प्रसाद, मुख्य प्रबंधक (खनन), सुरक्षा विभाग; श्रीमती पूनम देवी, ओ. एस. ग्रेड-A-1, ईई विभाग; श्री जनेश्वर राम, मुख्य फार्मासिस्ट- A-1, गांधीनगर अस्पताल एवं श्री बलराम सिंह मुंडा, सहायक फोरमैन, ई एंड एम।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीवीओ श्री पंकज कुमार ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान संगठन की प्रगति में अमूल्य योगदान देता है। वर्षों की आपकी मेहनत, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी ने न केवल कंपनी की विकास यात्रा को गति दी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति की मिसाल कायम की है। सेवानिवृत्ति जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसरों के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख-समृद्धि तथा उज्ज्वल एवं आनंदमय जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की 37वीं कॉर्पोरेट स्तरीय त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति (Corporate-Level Tripartite Safety Committee) की बैठक आज यानी 28 जुलाई, 2026 को रांची में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में डीजीएमएस, सीसीएल प्रबंधन तथा सीसीएल सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। बैठक की अध्यक्षता सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने की।
बैठक के दौरान सीसीएल के सुरक्षा मानकों एवं उसके अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही, पिछली Tripartite Safety Committee Meeting में दिए गए सुझावों एवं अनुशंसाओं के अनुपालन की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health), वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) तथा खदान कर्मियों के कल्याण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने डी.जी.एम.एस., सीसीएल के निदेशकगण सह अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड सदस्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। तत्पश्चात सभी डीजीएमएस के अधिकारियों एवं सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों को शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
बैठक की शुरुआत में सेफ्टी बोर्ड के सभी सम्मानित सदस्यों ने कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधित पूर्व के अनुभव एवं चुनौतियों के संदर्भ में अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसको सदन ने सराहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एस.एस. प्रसाद, DDG, SEZ ने खदान में कार्य करने वाली महिलाओं के लिए आधारभूत संरचना एवं सुरक्षा के पहलुओं पर जोर दिया। साथ ही हरेक साल होने वाली PME (Preliaminary Medical Examination) के लिए आवश्यक संरचना को अद्यतन बनाने का सुझाव दिया।
आर. टी. मंडेकर, DDG, CZ ने अपने संबोधन में महिलाओं के लिए अलग वॉशरुम तुरंत बनाने का सुझाव दिया. साथ ही अत्याधुनिक Vocational Training Centre भी बनाने पर जोर दिया. अन्य महत्वपूर्ण सलाह में न्यू लेबर कोड के अंतर्गत OSH (Occupational Safety & Health) के तहत एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर तत्काल लागू करने का सुझाव दिया. उन्होंने अपने अन्य उपक्रमों में कार्य करने के अनुभव को साझा करते हुए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसका सदन ने स्वागत किया.
वहीं, सीसीएल, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने डीजीएमएस के सभी अधिकारियों, मुख्य़त DDG, CZ और DDG, SEZ को उनके श्रमिकों के हित में दिए गए बहुमूल्य सुझावों की प्रशंसा करते हुए सभी को तय कार्यक्रम के अनुरुप लागू करने का आश्वसन दिया और सीसीएल के दृष्टिकोण, श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि को रेखांकित करते हुए, सभी सम्मानित सदस्यगणों के साथ कदम से कदम मिलाकर देशहित में कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने का आह्वन किया.
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभिन्न क्षेत्रों के श्रेणी-1 कर्मचारियों के कौशल उन्नयन के उद्देश्य से बीटीटीआई, भुरकुंडा द्वारा 20 जुलाई, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग के मार्गदर्शन में बीटीटीआई द्वारा आयोजित की जा रही कौशल विकास पहलों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का समापन समारोह आज 24 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें रंजय सिन्हा, महाप्रबंधक (खनन), बरका-सयाल क्षेत्र, एम. एफ. हक, महाप्रबंधक (एचआरडी), सीसीएल तथा विकास कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक (एचआरडी) सहित बीटीटीआई, भुरकुंडा के अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त किया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा उन्हें अपने कौशल का निरंतर विकास करने और भविष्य की कार्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ कंप्यूटर पर व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इस कौशल विकास कार्यक्रम में कुल 63 कर्मियों ने भाग लिया।
साहिबगंज: शहरवासियों के लिए रविवार, 26 जुलाई को मनोरंजन और प्रतिभा प्रदर्शन का शानदार अवसर मिलने जा रहा है। मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के तत्वावधान में अ. म. ख. पंचायत भवन में दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक भव्य "फन फेट" का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए कई आकर्षक प्रतियोगिताएं एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित होंगी।
आयोजकों के अनुसार फन फेट में डांस प्रतियोगिता, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, हाऊजी, विभिन्न मनोरंजक गेम्स, फूड स्टॉल और कई अन्य आकर्षक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। आयोजन का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ शहरवासियों को पारिवारिक मनोरंजन उपलब्ध कराना है।
डांस प्रतियोगिता केवल कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएगी। वहीं, ड्राइंग एंड पेंटिंग प्रतियोगिता दो वर्गों में होगी। ग्रुप-ए (कक्षा 1 से 5) के प्रतिभागियों को "Independence Day" विषय पर चित्र बनाना होगा, जबकि ग्रुप-बी (कक्षा 6 से 10) के विद्यार्थियों को "Save Water, Save Earth" विषय पर अपनी कला का प्रदर्शन करना होगा।
कार्यक्रम में सभी प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मारवाड़ी युवा मंच, साहिबगंज के अध्यक्ष गोकुल टिबड़ेवाल एवं सचिव श्वेता चौधरी ने शहरवासियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का बेहतरीन अवसर भी साबित होगा। रविवार को होने वाले इस फन फेट को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है।
सोनाहातू, । वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुरुवार को सोनाहातू थाना परिसर में जन शिकायत समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना था।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर बेझिझक थाना आएं। पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है और विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा प्राथमिकता है।
शिविर के दौरान कुल दो मामलों की सुनवाई की गई। पहला मामला दुलमी गांव का था, जो प्रेम प्रसंग से संबंधित था। परिजनों की शिकायत पर दोनों पक्षों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, जिसके बाद आपसी सहमति से विवाद का समाधान हो गया।
दूसरा मामला तिलाईपीड़ी गांव का जमीन विवाद से जुड़ा था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में डीएसपी एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। बातचीत और आपसी सहमति के बाद मामले का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया गया।
इस अवसर पर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप कुमार, एएसआई दलगोविंद महतो, उपप्रमुख प्रतिनिधि निशिकांत गौंझू, सुदामा पुरान सहित कई गणमान्य लोग एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जन शिकायत समाधान शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सके।