FOLLOW US ON
Breaking News देशभर में लागू होगा UCC कानून हलचल तेज़ | UPI में 2000 रु से अधिक लेनदेन पर लगेंगे चार्ज, राजनीतिक बयानबाजी तेज | MMDR कानून को लेकर JMM पार्टी का प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन | विश्व के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा पूजा को लेकर उद्योग क्षेत्रों की जगह की गई पूजा | साहिबगंज जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर, साहेबगंज सदर प्रखंड सबसे ज्यादा प्रभावित | यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीति शुरू बीजेपी और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज | देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76 वाँ जन्मदिन भाजपा मना रही है जन्मोत्सव | JPSC एवं JSSC CGL में CID की जांच जारी 4 अभियुक्त गिरफ्तार |
एनआईपीएम में AI और Human Intelligence के संगम पर मंथन, विशेषज्ञ बोले— AI नहीं, इंसान के साथ AI ही भविष्य
July 23, 2026 | 178 Views
एनआईपीएम में AI और Human Intelligence के संगम पर मंथन, विशेषज्ञ बोले— AI नहीं, इंसान के साथ AI ही भविष्य

रांची।  कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या AI इंसानों की जगह ले लेगा? इसी महत्वपूर्ण विषय पर गुरुवार को रांची में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम) रांची चैप्टर द्वारा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय के नवीन भवन स्थित प्रकाश हॉल में "इंटीग्रेटिंग ए.आई. विद एच.आई." विषय पर एक विशेष ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भविष्य AI बनाम Human Intelligence का नहीं, बल्कि AI और Human Intelligence के समन्वय का होगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र रहे। वहीं एनआईपीएम पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता और अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

AI नहीं, ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस है भविष्य'

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. जी.पी. राव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय बुद्धिमत्ता के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI को इंसानों का प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में देखा जाना चाहिए। जब AI और Human Intelligence का संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग किया जाता है, तब वह "ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस" (Augmented Intelligence) का स्वरूप लेता है, जो निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने कार्यस्थलों पर AI के नैतिक, उत्तरदायित्वपूर्ण और प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए मानव संसाधन प्रबंधन (HR Management) में इसके बढ़ते महत्व और संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

डिजिटल युग में AI और मानवीय संवेदनशीलता का संतुलन जरूरी

मुख्य अतिथि हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मानवीय संवेदनशीलता, अनुभव और विवेक का समावेश किया जाए, तो किसी भी संगठन की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।उन्होंने एनआईपीएम रांची चैप्टर की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया।बड़ी संख्या में पहुंचे विशेषज्ञ और अधिकारी
इस कार्यक्रम में एनआईपीएम के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एवं निजी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों, मानव संसाधन विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने सत्र को अत्यंत समसामयिक, उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए वक्ता की प्रस्तुति और आयोजन की सराहना की।

ज्ञान साझा करने का बना प्रभावी मंच

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस आयोजन को ज्ञान साझा करने का एक सफल मंच बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी एनआईपीएम रांची चैप्टर ऐसे समसामयिक विषयों पर नियमित रूप से संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
AI के तेजी से बदलते दौर में यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि भविष्य मशीनों का नहीं, बल्कि मशीनों और इंसानों की साझी बुद्धिमत्ता का होगा।


July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views
July 23, 2026 | 179 Views