हाईकोर्ट व निचली अदालत के अधिवक्ताओं ने साझा किए न्यायालयीन अनुभव, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चांसलर डॉ. साधना कपूर ने किया मार्गदर्शन
रांची, 30 सितंबर। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, रांची के स्कूल ऑफ लॉ में नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए विशेष स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, विधि शिक्षा के व्यावहारिक पक्ष और कैंपस जीवन से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट एवं निचली अदालत के अधिवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिवक्ताओं ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए न्यायालय की कार्यप्रणाली, वकालत के व्यावहारिक पक्ष और विधि के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कानून के क्षेत्र में सफल भविष्य के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, प्रभावी संवाद कौशल, अनुशासन, आत्मविश्वास और पेशेवर नैतिकता का विकास भी जरूरी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चांसलर ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम में आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ. साधना कपूर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों को विधि की शिक्षा को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ ग्रहण करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शैक्षणिक जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
डॉ. कपूर ने कहा कि विधि की पढ़ाई विद्यार्थियों को केवल एक पेशे के लिए तैयार नहीं करती, बल्कि उन्हें समाज और न्याय व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का अवसर भी देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर अध्ययन और आत्मविकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय के पदाधिकारी व शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, प्रो वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, डीन एकेडमिक, डीन एवं एचओडी, स्कूल ऑफ लॉ सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। उन्होंने भी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास से संबंधित महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर ज्ञान अर्जित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही विधि शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को समसामयिक कानूनी विषयों से अपडेट रहने और अपने संचार एवं विश्लेषणात्मक कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
अनुशासन और प्रोफेशनल डेकोरम पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियम-कायदे, अनुशासन, प्रोटोकॉल, अकादमिक कंडक्ट और कैंपस डेकोरम की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि एक विधि विद्यार्थी के व्यक्तित्व में कानून की जानकारी के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता, शिष्टाचार, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी होनी चाहिए।
विद्यार्थियों को न्यायिक एवं विधिक क्षेत्र की गरिमा के अनुरूप अपने व्यवहार और व्यक्तित्व को विकसित करने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि विधि के क्षेत्र में पेशेवर सफलता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की समझ भी महत्वपूर्ण है।
सीनियर विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ लॉ के सीनियर एवं सुपर सीनियर विद्यार्थियों ने नवागंतुक विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन की प्रक्रिया और कैंपस लाइफ से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दीं।
इस दौरान सीनियर और जूनियर विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक एवं सहयोगात्मक संवाद देखने को मिला। सीनियर विद्यार्थियों ने नए छात्रों को विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक अनुभव के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने की सलाह दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों का खूब मनोरंजन किया और नवागंतुक विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार की ओर से नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विधि शिक्षा की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत देने के साथ उन्हें अनुशासन, व्यावहारिक विधिक ज्ञान, पेशेवर आचरण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना रहा।
आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए विधि शिक्षा की नई यात्रा की शुरुआत के साथ-साथ उन्हें भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।