बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के लिए जमीन देने से किसानों का इनकार, 26 नवंबर को राजभवन मार्च का आह्वान
राहे (रांची): बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को शिवटंगरा मैदान में किसानों की बैठक हुई। माझीडीह, बेरगा, कुबाडीह, पुरनानगर, महेशपुर, खाटंगा और डोमनडीह के किसानों ने बैठक के बाद विरोध प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण के लिए अपनी कृषि भूमि नहीं देने का संकल्प लिया।
बैठक में 7 नवंबर को शिवटंगरा मैदान में कृषि भूमि रक्षा कन्वेंशन आयोजित करने तथा 26 नवंबर को राजभवन जाने का आह्वान किया गया।
झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा कि बुंडू-बंता पथ चौड़ीकरण के नाम पर सात गांवों के किसानों की कृषि भूमि पर नए सड़क निर्माण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके विरोध में किसान पिछले एक वर्ष से आंदोलनरत हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, रांची के उपायुक्त, सिल्ली विधायक और अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसान अपनी कृषि भूमि नहीं देने की मांग कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि संबंधित मौजों की ग्राम सभाओं में भी कृषि भूमि सड़क निर्माण के लिए नहीं देने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा जा चुका है। किसानों की आजीविका का मुख्य आधार कृषि भूमि है। भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 का उल्लंघन कर जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश से किसानों में आक्रोश है।
सुफल महतो ने कहा कि झारखंड में कृषि भूमि का प्रतिशत मात्र 25 है। ऐसे में सरकार को अन्नदाता किसानों की कृषि भूमि की रक्षा करनी चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता अक्षय महतो ने की। मौके पर ग्राम प्रधान अक्षय महतो, गोबिंद महतो, विशेश्वर महतो, धनेश अहिर, अजय महतो, दिलीप अहिर, कुशल महतो, सर्वेश्वर महतो, राजकुमार महतो, प्रेमनाथ महतो, भागीरथ महतो, लक्ष्मण महतो, नारायण महतो, पशुपति महतो, हरिप्रसाद महतो, कलेश्वर महतो, जवाहर महतो, तुलसी प्रसाद, हिरालाल महतो, राजेंद्र गोझू, पशुपति गोझू, परमेश्वर महतो, त्रिलोचन महतो, जनार्दन महतो, दिनबंधु महतो, चमन महतो और नंदकिशोर महतो सहित अन्य किसान उपस्थित थे।