रांची। धर्मांतरित ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने संबंधित विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं संगठनो एवं बुद्धिजीवियों, का बैठक धुर्वा सेक्टर 3 ए एन टाइप में समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव के अध्यक्षता में हुई।
इस बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि सबसे पहले श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की कृषि मंत्री झारखंड का जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कराने के लिए बहुत जल्द झारखंड उच्च न्यायालय के शरण में जाएंगे साथ ही जो भी धर्मांतरित हो चुके लोगों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त हो
क्योंकि ईसाई धर्म में कोई जाति व्यवस्था नहीं है सभी ईसाईयों को समान माना जाता है और एक ईसाई और दूसरे प्रकार के ईसाई के बीच कोई अंतर नहीं है ईसाई में जाति वर्गीकरण जाति विभाजन और भेदभाव किए जाने के खिलाफ है और इनका एक ही उपासना पद्धति एक ही ईश्वर को मानने वाले लोग है अर्थात जिनका जाती व्यवस्था नहीं है ना रूढ़ि प्रथा फिर इनका किस आधार जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं और किये जा रहे हैं। जाति व्यवस्था, रुढ़ि प्रथा केवल आदिवासी/ जनजातियों में अर्थात हिंदुओं में है।
ये समाज के साथ साथ संविधान को भी धोखा है ऐसे लोगों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त होना चाहिए।
भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कई जजमेंट आए हैं जिसमें केरल राज्य बनाम चंद्रमोहनन 2004, दूसरा केपी मनु बनाम अध्यक्ष जांच समिति समुदायिक प्रमाण पत्र की सत्यापन, 2015 ,तीसरा सी सेल्वा रानी बनाम विशेष सचिव सह जिला कलेक्टर एवं अन्य 2024 जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को जनजाति का सदस्य नहीं माना है ।
जनजाति सुरक्षा मंच ने सभी अंचल कार्यालय को आगह किया है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का वाद संख्या 13086/ 2024 , और राष्ट्रपति आदेश संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश 1950 एवं सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं धारा 4 का पालन करते हुए किसी धर्मांतरित ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत न करें। इस विषय को लेकर बहुत जल्द महामहिम राज्यपाल झारखंड से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आज की इस बैठक में मुख्य रूप से जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्य नारायण सूरी, क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, मेघा उरांव, सोमा उरांव, के एम टुडू , जगन्नाथ भगत, नकुल तिर्की, हिंदवा उरांव, पिंकी खोया , अंजलि लकड़ा, जय मंत्री उरांव, लुथरु उरांव, कर्मपाल उरांव, रोपनी मिंज, लक्ष्मी बाखला, फागु मुंडा, रवि महली, रोपनी मिंज, सोमानी उरांव, रूपेश बाखला, रवि प्रकाश उरांव, डहरु पाहन , राजू उरांव, बबलू उरांव, जादो उरांव, राम प्रकाश टोप्पो एवं अन्य सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
रांची। आप लोग बहुत लम्बे समय से के इस दिन का इंतजार कर रहे थे। आप सभी ने लगभग 30 हफ्तों तक बहुत ही कड़ा और लंबा प्रशिक्षण लिया है। मुझे जानकारी दी गई है कि यहाँ बड़े पैमाने पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए राज्य के जवान और जेपीएससी (JPSC) के माध्यम से डीएसपी के पद पर नियुक्त हुए अधिकारी शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक खुशी देने वाली बात यह है कि इस बैच में लगभग 25% महिलाओं की भागीदारी है। इस महिला पुलिस बल को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम चाहते हैं कि राज्य के हर क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी समान और बराबर हो, जो यहाँ दिख भी रहा है। राज्य के पुलिस विभाग और हमारे पुलिस जवानों की भूमिका तथा जिम्मेदारियों को लेकर मुझे बहुत अधिक व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप सभी इसके महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज जैप 1 ग्राउंड, डोरंडा में आयोजित "बुनियादी प्रशिक्षुओं का पारण परेड समारोह-2026" को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जैप 1 ग्राउंड परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण एवं पारण परेड-2026 का निरीक्षण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने सी०टी०सी०, स्वासपुर, मुसाबनी में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं विभिन्न जिला/इकाई से नव नियुक्त आरक्षियों का बुनियादी प्रक्षिणोपरांत आयोजित अंतिम परीक्षा का प्रकाशित परीक्षाफल के विभिन्न विषयों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच पुरस्कार वितरण किया।
*आप सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले आप सभी ने झमाझम बारिश के बीच शपथ ली है। निश्चित रूप से हमारी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में शपथ ग्रहण करना सिर्फ एक प्रक्रिया या माध्यम नहीं है, इसी प्रतिज्ञा और शपथ के बदौलत हम लोगों ने इस देश को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का रूप दिया है। उन्होंने कहा कि यह शपथ सिर्फ वर्दी के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा के लिए भी है। चूंकि आप सभी वर्दीधारी राज्य के प्रहरी हैं, इसलिए यह शपथ आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के बाद से आप एक व्यवस्था से बंध चुके हैं। अब सिर्फ एक व्यक्ति मात्र या खुद के लिए नहीं रह गए हैं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। इस दौरान हो सकता है कि आपके सामने बहुत बड़ी चुनौतियां आकर खड़ी हो जाएं, यहाँ तक कि आपकी जान पर भी बन आए, पूर्व में इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए आपके परिजनों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी है। आपके परिजनों के उसी अधूरे रास्ते और सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने अब आपके कंधों पर सौंपने का निर्णय लिया है। हम सिर्फ नौकरी या तनख्वाह के लिए पुलिस बल में शामिल नहीं होते हैं, बल्कि कुछ सर्वोच्च कर्तव्यों के संकल्प के साथ इस व्यवस्था से बंध जाते हैं।
*प्रशिक्षण का परिणाम कानून एवं विधि-व्यवस्था के संधारण में दिखनी चाहिए*
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आपको प्रशिक्षण के दौरान जिन अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी गई है, उसका परिणाम अब राज्य की कानून-व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और राज्य के भीतर घटने वाली या संभावित घटनाओं को नियंत्रित करने में दिखना चाहिए। अगर आप सभी पूरी निष्ठा से प्रयास करेंगे, तो हमारे बीच आने वाली हर चुनौती को समाप्त करते हुए उसका समाधान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आज मौसम अनुकूल न होने की वजह से इस पारण परेड कार्यक्रम को हमें पुलिस परिसर (Premises) के भीतर ही संपन्न करना पड़ा। लेकिन आपका उत्साह कम न हो और आपके परिजन हतोत्साहित न हों, इसके लिए हमारी सरकार लगातार आपके साथ खड़ी रहने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुलिस विभाग के लिए अलग से आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, पुलिस विभाग के अंतर्गत अलग से विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि निश्चित रूप से, एक-एक करके हम अपनी सारी मंजिलों तक पहुंचेंगे। इसमें आपका भी प्रयास होना चाहिए और हमारी सरकार का भी पूरा सहयोग रहेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों एवं नव नियुक्त आरक्षियों को आज के इस बेहतरीन परेड प्रदर्शन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। साथ ही पुलिस विभाग को इस पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। उन्होंने *जय हिंद, जय झारखंड, जोहार।"* के साथ अपनी बातों का समापन किया।
प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके जवानों ने शानदार मार्चपास्ट और आकर्षक कदमताल के माध्यम से अपने कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं नव नियुक्त जवानों को अनुशासन, देश व राज्य सेवा, संविधान, पुलिस बल की गरिमा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति शपथ दिलाई गयी।
इस अवसर पर महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक प्रिया दुबे सहित पुलिस विभाग के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड को नशामुक्त करने का प्रण लिया है । और जो निर्णय लिया है उसे पूरे करने में सभी विभाग आपसी समन्वय बना झारखंड को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का काम हमलोग करेंगे । इसी उद्देश्य से पिछले 15 दिनों से नशामुक्ति हेतु जागरूकता अभियान पूरे राज्यभर में सरकार द्वारा चलाया जा रहा था जिसका आज समापन हो गया । उन्होंने कहा कि यह अभियान पिछले तीन वर्षों से चलाया जा रहा है । आने वाले समय में प्रयास रहेगा कि पूरे साल यह अभियान चलाया जाए। श्री इरफ़ान अंसारी गुरूवार को शौर्य सभागार में गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित निषिध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता अभियान के समापन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे ।
*अभियान की अच्छी शुरुआत हुई , मजबूती के साथ चलाया गया अभियान*
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का मक़सद नशामुक्त झारखंड, युवा झारखंड बनाने का है और इस दिशा में पिछले तीन साल से लगातार यह अभियान चलाया जा रहा है ।युवा हमारे राज्य हमारे देश का भविष्य हैं और नशे में अपना जीवन बर्बाद कर देते हैं । नशे से सिर्फ़ वे अपना जीवन बर्बाद नहीं करते हैं बल्कि परिवार ,पूरे समाज देश राज्य को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निदेश पर ही झारखंड के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए यह अभियान चलाया जा रह है । उन्होंने कहा कि नशा केवल झारखंड या भारत की समस्या नहीं बल्कि यह पूरे विश्व की समस्या है । युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए नए-नए इनिशिएटिव लेना होगा । उन्हें कई प्रकार के एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा । साथ ही सभी प्रकार के संसाधनों का उपयोग करके युवाओं में नशे की लत की समस्या को दूर करने का प्रयास करना होगा ।
*जागरूकता अभियान में जन भागीदारी और सहयोग जरूरी*
डॉ. अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में नशामुक्त एवं स्वस्थ झारखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अभियान तभी सफल होगा जब आम जनता भी सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा नशे की लत के कारण रिनपास और सीआईपी जैसे संस्थानों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा देर रात रास्ते पर , फ्लाईओवर के नीचे विशेष रूप से सिरप और सॉल्यूशन का नशा करते युवा दिखाई देते है इसके प्रति पुलिस-प्रशासन को ध्यान रखने की जरूरत है ।
मेयर रांची श्रीमती रोशनी खलखो ने कहा कि नशामुक्ति अभियान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत और जब हर एक व्यक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तब सचमुच हम लोग झारखंड को सिर्फ़ स्वस्थ और सुरक्षित नहीं बल्कि नशामुक्त झारखंड भी बना पाएंगे । साथ ही सभी के सहयोग सुरक्षित रांची ,सुरक्षित झारखंड बना सकते है।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अजय कुमार ने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू हुआ यह अभियान लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल झारखंड या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक चुनौती है। उन्होंने विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने, जोखिमग्रस्त बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से ड्रग्स कारोबार की जानकारी मिलने पर टोल-फ्री और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील भी की।
अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल ने कहा कि सभी विभागों के सहयोग से यह जागरूकता अभियान सफल रहा । सूचना जनसंपर्क विभाग की भूमिका प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण रही। जागरूकता अभियान का मकसद सभी कटिबद्ध ,मुखर, होकर खुलकर नशे के दुष्प्रभाव पर बात करें। सरकार और प्रशासन आपके साथ खड़ी है । उन्होंने कहा कि पूरे साल यह अभियान विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए इसे लेकर शिक्षा विभाग द्वारा कार्यकम बनाये गए हैं ।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल पुरवार ने कहा कि नशे की समस्या पर समय रहते नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में नशे से संबंधित गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। साथ ही नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाने, नशा मुक्ति से संबंधित मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता हेतु तैयार पुस्तिका का विमोचन किया गया साथ ही उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों जिसमें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक श्री आनंद , श्रीमती उर्वशी पांडे डीपीआरओ रांची , सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक श्री अभय कुमार ,श्रीमती अंजना भारती डीपीआरओ गिरिडीह , डॉ असीम कुमार डीपीआरओ पलामू , डॉ लाल मांझी एनएचएम से , उच्च शिक्षा से श्री नोइनिता , आलोक रंजन, निर्मला सिन्ह, सहायक शिक्षिका,डॉ सजल आशीष नाग , रिनपास , पर्यटन से आशीष कुमार बनर्जी,मुकेश कुमार ,स्वास्थ्य से सुशांत कुमार , सहित विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया । साथ ही झारखंड में पहली बार राज्य में फाइनेंसियल सीजर की करवाई करने पर सनोज कुमार चौधरी को सम्मानित किया गया । इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया गया ।
रांची। झारखंड को मादक पदार्थों के सेवन और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से मुक्त कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को राजधानी रांची में भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों युवाओं, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से अल्बर्ट एक्का चौक तक आयोजित मैराथन दौड़ को पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैराथन में शामिल प्रत्येक युवा का कदम केवल दौड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि झारखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चला रही है और इस अभियान में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राज्य के भविष्य को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार का उद्देश्य केवल कानून के माध्यम से कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा कर नशे से दूर रहने की संस्कृति विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं आगे बढ़कर इस अभियान का हिस्सा बनेंगे, तभी झारखंड को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
उन्होंने उपस्थित युवाओं को नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। मंत्री ने कहा कि आज के युवाओं ने यह संदेश दिया है कि वे केवल अपने भविष्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के बेहतर भविष्य के लिए भी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त झारखंड की पहचान बनेंगे और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
मैराथन दौड़ में रांची के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राओं के अलावा खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश दिए और लोगों से मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
अल्बर्ट एक्का चौक पर मैराथन के समापन के बाद विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नशामुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं संस्थाओं को भी सम्मान देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने वाले ऐसे लोगों को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
साइकिल प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में शरद अहीर ने प्रथम, सुभास उरांव ने द्वितीय तथा गुलशन डूंगडूंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं महिला वर्ग में पूजा सिंह प्रथम, निशा कुमारी द्वितीय और मंजू कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम स्थल पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नशामुक्ति विषय पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, उनके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा नशे से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड का भविष्य उसके युवा हैं और यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ेंगे तो राज्य निश्चित रूप से स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नशामुक्त झारखंड के निर्माण के इस अभियान में सहभागी बनें और समाज में जागरूकता फैलाने का काम करें।
पटना। जिलाधिकारी, पटना कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में पटना समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में समन्वय समिति की साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था संधारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी करने, किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप प्रबंधन सुनिश्चित करने, सहयोग शिविरों का विधिवत संचालन करने एवं प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने, अंतर्विभागीय मामलों का त्वरित समाधान कर विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ पूर्ण पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता के साथ जनहित के कार्यों को निष्पादित करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति का अनुपालन किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभागों में समन्वय स्थापित कर कार्यों को सुगमतापूर्वक करने का निदेश दिया, साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि विधि-व्यवस्था या आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी दिए गए दायित्वों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने निदेश दिया कि जिले में आयोजित होने वाले राजकीय समारोहों के लिए कैलेण्डर पहले से तैयार कर लें तथा उसके अनुकूल तैयारी रखें।
सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति जरूरी है ताकि कर्मी व पदाधिकारी कार्यालय कार्यों में तेजी लाएँ तथा कार्यालय में अनुशासन बना रहे।
जिला पदाधिकारी के द्वारा कई विभागों यथा सात निश्चय, जल-जीवन-हरियाली, आरटीपीएस, राजस्व में जिला की राज्यवार रैंकिंग पर संबंधित पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया तथा रैंकिंग में अपेक्षित सुधार अगले 10 दिनों के अंदर करने का निदेश दिया।
जिला पदाधिकारी ने सहयोग पोर्टल पर कुल 2,424 लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त किया तथा इसे तुरंत ही निष्पादित करने का निदेश दिया। जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तर पर लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निदेश दिया गया कि वे अगली बैठक तक शत-प्रतिशत निष्पादन करें।
जिला पदाधिकारी ने एमजेसी, सीडब्ल्यूजेसी, एलपीए, राज्य एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सीपीग्राम तथा माननीय मुख्यमंत्री सचिवालय, लोक शिकायत निवारण के लंबित मामलों पर भी काफी रोष व्यक्त किया तथा अगले 10 दिनों में लंबित मामलों में कम-से-कम 25 प्रतिशत मामले निष्पादित करने का लक्ष्य दिया है।
उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी अपर समाहर्ता सहित सभी जिला-स्तरीय विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा अनुमंडल व प्रखंड स्तर से सभी पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा समीक्षा में भाग लिया।
मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 को पूरे उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया। "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मंडल के विभिन्न रेलवे प्रतिष्ठानों पर 3,000 से अधिक रेलकर्मियों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मालदा मंडल के अंतर्गत रेलवे संस्थानों, स्टेशनों, क्रू बुकिंग लॉबियों, रनिंग रूमों, लोको शेड, डिपो, कार्यशालाओं, विद्यालयों, रेलवे कॉलोनियों एवं अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों सहित कुल 127 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह आयोजन मंडल स्तर पर योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
मुख्य कार्यक्रम रेलवे इंस्टीट्यूट, मालदा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कोलकाता में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के लाइव प्रसारण से हुई। इसके बाद प्रतिभागियों ने कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को नियमित योग के लाभों से अवगत कराते हुए शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता एवं पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूओ) मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष, महिला कल्याण संगठन की सदस्याएं, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी और उनके परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक बनाने का माध्यम है। उन्होंने सभी रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया ताकि शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक दृढ़ता और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सके।
मालदा के अलावा भागलपुर, जमालपुर, साहिबगंज, अभयपुर, धनौरी, तीनपहाड़ और जंगीपुर रोड सहित मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में भी विशेष योग सत्र आयोजित किए गए। डेमू शेड साहिबगंज, डीजल शेड जमालपुर, क्रू बुकिंग लॉबी, रनिंग रूम, टीआरडी डिपो, पीडब्ल्यूआई कार्यालय, कैरेज एवं वैगन डिपो, विद्युत कार्यालय, आरपीएफ बैरक एवं पोस्ट, सिग्नल एवं दूरसंचार कार्यालय, स्वास्थ्य इकाइयों तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स मुख्यालय में भी योग कार्यक्रमों का सफल आयोजन हुआ।
जमालपुर लोको शेड में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल) के नेतृत्व में विशेष योग शिविर आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह शैक्षणिक संस्थानों में भी देखने को मिला। पूर्व रेलवे उच्च विद्यालय साहिबगंज, केंद्रीय विद्यालय मालदा और शिशु विहार प्राथमिक विद्यालय मालदा में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर योग गतिविधियों में हिस्सा लिया। बच्चों ने विभिन्न योगासन कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
योग दिवस के अवसर पर मंडल के विभिन्न स्टेशनों और कार्यालयों में योग संबंधी संदेशों का प्रसारण किया गया। रेलवे के डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो वॉल पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का लोगो प्रदर्शित किया गया तथा विभिन्न स्थानों पर योग के व्यावहारिक प्रदर्शन कर लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक किया गया।
मालदा : यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 03407/03408 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के परिचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है।
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष ट्रेन का परिचालन 23 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस अवधि में ट्रेन कुल 18 फेरे (ट्रिप्स) लगाएगी।
रेलवे ने बताया कि ट्रेन का परिचालन पूर्व निर्धारित समय-सारिणी, ठहराव (स्टॉपेज) और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। इस निर्णय से भागलपुर, कटिहार तथा बीच के स्टेशनों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पूर्व ट्रेन के समय और अन्य जानकारी की पुष्टि कर लें।
रामगढ़ : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को रामगढ़ सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मियों को "पीपुल फ्रेंडली" बनने की आवश्यकता है ताकि आम जनता का सरकार पर विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय सरकार का आईना होते हैं, जहां से ग्रामीणों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और विकास की सोच दिखाई देती है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण जनता को कम से कम प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़े, इसके लिए डिजिटल पंचायत की अवधारणा को तेजी से लागू किया जा रहा है। जाति, आवासीय एवं अन्य प्रमाण पत्रों की सुविधाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग की लंबित राशि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार प्रयास किए गए। वर्तमान में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए लगभग 35 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्य वित्त आयोग की राशि मिलने के बाद यह राशि 50 लाख रुपये प्रति पंचायत से अधिक हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि डीएमएफटी (DMFT) मद से रामगढ़ समेत कई जिलों में पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं अब अपने उत्पादों और कार्यों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं।
इस मौके पर विधायक ममता देवी ने कहा कि नए भवन के निर्माण से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यों के लिए बेहतर व्यवस्था मिलेगी तथा कर्मचारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया तथा प्रखंड कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
उद्घाटन में उपायुक्त ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, बीडीओ, सीओ, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं JSLPS से जुड़ी महिलाओं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट रहे और गठबंधन की रणनीति के अनुरूप मतदान किया। साथ ही पार्टी ने इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार की समीक्षा करने की बात कही है।
झामुमो के महासचिव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पार्टी के सभी 34 विधायकों ने शत-प्रतिशत मतदान किया और गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाला। उन्होंने बताया कि वह स्वयं पार्टी एजेंट के रूप में मतदान केंद्र पर मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थे।
विनोद पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने गठबंधन दलों की कई बैठकें की थीं। मतदान को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई थी तथा विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि इन सभी तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इंडिया गठबंधन के एक प्रत्याशी की हार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। ऐसे में महागठबंधन के स्तर पर चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हो सका।
झामुमो महासचिव ने कहा कि समीक्षा के बाद भविष्य की रणनीति तय की जाएगी ताकि कमियों को दूर कर भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई में इंडिया गठबंधन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
रांची : झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त देकर जीत हासिल की है। इस परिणाम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चुनाव परिणाम के अनुसार परिमल नाथवाणी को कुल 28 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को मात्र 20 वोट मिले। मतदान के आंकड़े सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन के भीतर क्रॉस वोटिंग हुई है, जिसके कारण कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। राजनीतिक जानकार इसे महागठबंधन के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
वहीं पहली सीट पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज कर अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा बचाने में सफलता हासिल की। उन्हें 30 वोट प्राप्त हुए। हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने गठबंधन की रणनीति और समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा सवाल यही है को महागठबंधन के पास कुल 56 वोट थे तो फिर अन्य 28 वोट कहां गए यह सबसे बड़ा सवाल है। वही NDA के पास 24 वोट थे लेकिन कुल 30 वोट मिले उनमें 2 बीजेपी के वोट रिजेक्ट हो गए। इसका मतलब महागठबंध के 6 विधायक विधायकों ने अपने ही दल के साथ खेला कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव परिणाम ने यह संकेत दिया है कि झारखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बन सकते हैं। परिमल नाथवाणी की जीत केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी मानी जा रही है। वहीं महागठबंधन के लिए यह परिणाम आगामी चुनावों से पहले आत्ममंथन का विषय बन गया है।
रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रांची स्थित प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। घटना के करीब 36 घंटे बीत जाने के बावजूद हमलावरों की पहचान और उनके नेटवर्क को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
VHP नेता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रांची पुलिस से हमले में शामिल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन अब तक उनके नाम और हमले के पीछे की साजिश का खुलासा नहीं किया गया है।
विनोद बंसल ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि हमले के षड्यंत्रकारियों के तार कहां-कहां से जुड़े हैं, उन्हें किसकी प्रेरणा या निर्देश प्राप्त थे और इस घटना के पीछे की पूरी साजिश क्या है, इसका शीघ्र खुलासा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ कार्यालय पर आधी रात के बाद पेट्रोल बम से हमला अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और निंदनीय घटना है तथा दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
उधर, रांची पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने भी संघ कार्यालय पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं। लेकिन घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और हमले के पीछे की मंशा पर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।