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कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने को लेकर हाई कोर्ट में होगा याचिका दायर
July 12, 2025 | 620 Views
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने को लेकर हाई कोर्ट में होगा याचिका दायर

रांची।  धर्मांतरित ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने संबंधित विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं संगठनो एवं  बुद्धिजीवियों,  का बैठक धुर्वा सेक्टर 3 ए एन टाइप में समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव के अध्यक्षता में हुई। 
 
इस बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि सबसे पहले श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की कृषि मंत्री झारखंड का जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कराने के लिए बहुत जल्द झारखंड उच्च न्यायालय के शरण में जाएंगे साथ ही जो भी धर्मांतरित हो चुके लोगों का   जाति प्रमाण पत्र निरस्त  हो 
 क्योंकि ईसाई धर्म में कोई जाति व्यवस्था नहीं है सभी ईसाईयों को समान माना जाता है और एक ईसाई और दूसरे प्रकार के ईसाई के बीच कोई अंतर नहीं है ईसाई में जाति वर्गीकरण जाति विभाजन और भेदभाव किए जाने के खिलाफ है और इनका एक ही उपासना पद्धति एक ही ईश्वर  को मानने वाले लोग है  अर्थात जिनका जाती व्यवस्था नहीं है ना रूढ़ि प्रथा फिर इनका किस  आधार जाति प्रमाण पत्र  निर्गत किए गए हैं और किये जा रहे हैं। जाति व्यवस्था, रुढ़ि प्रथा केवल आदिवासी/ जनजातियों में अर्थात हिंदुओं में है।


 ये समाज के साथ साथ संविधान  को भी  धोखा है ऐसे लोगों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त होना चाहिए।

भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कई जजमेंट आए हैं जिसमें केरल राज्य बनाम चंद्रमोहनन  2004, दूसरा केपी मनु बनाम अध्यक्ष जांच समिति समुदायिक प्रमाण पत्र की सत्यापन, 2015 ,तीसरा सी सेल्वा रानी बनाम विशेष सचिव सह जिला कलेक्टर एवं अन्य 2024 जिसमें धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को जनजाति का सदस्य नहीं माना है । 

जनजाति सुरक्षा मंच ने सभी अंचल कार्यालय को आगह किया है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का वाद संख्या 13086/ 2024 , और राष्ट्रपति आदेश संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश 1950 एवं सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं धारा 4 का पालन करते हुए किसी धर्मांतरित ईसाइयों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत न करें। इस विषय को लेकर बहुत जल्द महामहिम राज्यपाल झारखंड से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। 

आज की इस बैठक में मुख्य रूप से जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्य नारायण सूरी, क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, मेघा उरांव, सोमा उरांव,  के एम टुडू , जगन्नाथ भगत, नकुल तिर्की, हिंदवा उरांव,  पिंकी खोया , अंजलि लकड़ा, जय मंत्री उरांव, लुथरु उरांव, कर्मपाल उरांव, रोपनी मिंज, लक्ष्मी बाखला, फागु मुंडा, रवि महली, रोपनी मिंज, सोमानी उरांव, रूपेश बाखला, रवि प्रकाश उरांव, डहरु पाहन , राजू उरांव, बबलू उरांव, जादो उरांव, राम प्रकाश टोप्पो एवं अन्य सैकड़ो लोग उपस्थित थे।


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