सिल्ली /मुरी: सिल्ली थाना क्षेत्र के रांची–पुरुलिया मुख्य मार्ग पर सिल्ली ग्राम विकास से लेकर सिल्ली थाना तक लगभग एक किलोमीटर के दायरे में हर दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को मात्र एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे स्थित कई दुकानदारों ने सड़क पर ही अपना सामान रखकर अतिक्रमण कर लिया है। इससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है और वाहनों का आवागमन बाधित रहता है। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जाम के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों तथा आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक अतिक्रमण हटाने या यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से अविलंब अतिक्रमण हटाने, सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने तथा नियमित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम जनता को जाम की समस्या से राहत मिल सके।
रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास , ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने खनिज वहन भूमि उपकर ( JMBL Cess) एवं प्रस्तावित MMDR संशोधन विधेयक 2026 को राज्यों के अधिकार को खत्म करने की साजिश करार दिया है । उन्होंने कहा है कि इस संशोधन से झारखंड जैसे राज्य खनिज युक्त भूमि पर किसी प्रकार का कर , उपकर या अन्य लेवी केंद्र सरकार के निर्धारित शर्तों के बिना नहीं लगा सकेंगी । ये राज्यों के वित्तीय क्षमता को कम करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य जिसके गर्भ में प्रचुर खनिज संपदा मौजूद है , ऐसे प्रदेश राजस्व पर केंद्र सरकार की लगाम लगाना कहीं से भी जायज नहीं है । खनिज वहन भूमि उपकर कोई नई रॉयल्टी नहीं है और ना ही यह खनिज उत्पादन पर लगाया गया अतिरिक्त रॉयल्टी शुल्क है । यह उस भूमि पर लगाया गया उपकर है जिसके भीतर खनिज मौजूद है और जिनका खनन किया जा रहा है ।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जुलाई 2024 में सर्वोच्च न्यायालय की 9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ मिनरल एरिया डेवलपमेंट ऑथोरिटी बनाम स्टील ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड मामले में निर्णय दे चुकी है । इस निर्णय के बाद झारखंड विधानसभा ने झारखंड मिनरल बेयरिंग के लैंड सेस अधिनियम 2024 पारित किया था । खनिज के मामले में राज्य की समृद्धि ही राज्यवासियों के लिए कई तरह की परेशानियों से भी जुड़ा है । विस्थापन , भूमि से बेदखल , पर्यावरण क्षति , जल एवं वायु प्रदूषण , वन क्षेत्र पर दवाब के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन का दंश भी झेल रहा है । राज्य सरकार ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही खनिज संपदाओं से प्राप्त आर्थिक लाभ का एक हिस्सा खनन प्रभावित क्षेत्रों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में लगाने का निर्णय लिया । वर्ष 2024 - 25 में 1 , 379 करोड़ , 2025 - 26 में 7 , 488 करोड़ एवं 2026 - 27 में अनुमानित 13 , 215 करोड़ की राशि इस बात का प्रमाण है कि JMBL सेस बहुत कम समय में प्रमुख राजस्व स्रोतों में शामिल है । मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा खनिज संपदाओं पर सेस से प्राप्त राशि स्वास्थ्य सेवाओं , शिक्षा , सामाजिक सुरक्षा , ग्रामीण विकास , पेयजल एवं स्वच्छता , कृषि एवं आजीविका , आधारभूत संरचना के साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की जा रही है । JMBL सेस झारखंड के लिए केवल एक राजस्व का श्रोत नहीं है बल्कि ये खनिज क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण वित्तीय आधार भी है । झारखंड के हितों के मद्देनजर केंद्र सरकार को विचार करने की जरूरत है । हम झारखंड राज्य के साथ हो रही हकमारी पर चुपचाप बैठने वाले नहीं है । कांग्रेस और गठबंधन सरकार केंद्र सरकार के इस संशोधन विधेयक पर हर स्तर पर विरोध करेगी ।
रांची : बरका-सयाल क्षेत्र के अंतर्गत उरीमारी ओपन कास्ट (ओसी) परियोजना में कार्यरत श्री महेश साव का दिनांक 24 सितंबर 2025 को कार्य के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में निधन हो गया था।
दिवंगत कर्मचारी की नामिनी एवं पत्नी श्रीमती सुनीता देवी को आज दिनांक 13 अगस्त 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड की कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज (CSP) योजना के अंतर्गत ₹1 करोड़ की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता राशि दिवंगत कर्मचारी के परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने तथा उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
चेक प्रदान करने के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के रीजनल मैनेजर श्री कुमार नीलोत्पल, चीफ मैनेजर (टीम लीडर, सैलरी पैकेज) श्री विकास कुमार पांडेय, सीसीएल मुख्यालय, रांची के विभागाध्यक्ष (HR&IR), चीफ मैनेजर (HR&IR) श्रीमती रूबी रंजन, चीफ मैनेजर (HR&IR) श्री पुष्पक लाला, बरका-सयाल क्षेत्र के स्टाफ ऑफिसर (HR&A) श्री अजय कुमार सहित सीसीएल एवं भारतीय स्टेट बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपस्थित अधिकारियों ने स्वर्गीय श्री महेश साव के असामयिक निधन को कंपनी के लिए अपूरणीय क्षति बताया तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर ₹1 करोड़ की सहायता राशि का चेक उनकी नामिनी पत्नी श्रीमती सुनीता देवी को सौंपा गया।
श्रीमती सुनीता देवी ने सीसीएल प्रबंधन एवं भारतीय स्टेट बैंक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त सहायता राशि उनके परिवार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस सहयोग को परिवार के लिए आर्थिक संबल प्रदान करने वाली एक सराहनीय एवं संवेदनशील पहल बताया।
इस अवसर पर सीसीएल प्रबंधन ने दिवंगत कर्मचारी के परिवार के प्रति अपनी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि कंपनी अपने कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के अंतर्गत प्राप्त यह सहायता ऐसे कठिन समय में कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रांची: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संसद से पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill 2026) को झारखंड के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए भाजपा पर कड़ा प्रहार किया है।
डॉ. अंसारी ने कहा, “13 अगस्त 2026 का दिन झारखंड के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। भाजपा झारखंड की, आदिवासियों की और मूलवासी जनता के अधिकारों की दुश्मन है। खनिज हमारा है, जमीन हमारी है, लेकिन अधिकार छीनने का फरमान दिल्ली से जारी किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राज्य के राजस्व अधिकारों को सीमित करने वाला कोई भी कदम झारखंड के विकास और गरीबों-कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए गंभीर चुनौती है।
डॉ. अंसारी ने कहा, “हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। सदन से सड़क तक और झारखंड से दिल्ली तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। जरूरत पड़ी तो जंतर-मंतर तक जाएंगे और केंद्र सरकार के समक्ष झारखंड की जनता की आवाज मजबूती से रखेंगे।”
स्वास्थ्य मंत्री ने जननायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आदरणीय राहुल गांधी जी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। साथ ही मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी से आग्रह किया कि झारखंड के खनिज और वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार के इस फैसले का मजबूती से विरोध किया जाए।
उन्होंने कहा, “झारखंड को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। हमारे आदिवासी-मूलवासी भाइयों-बहनों ने अपने खून-पसीने से इस राज्य को बनाया है। हम किसी भी कीमत पर झारखंड के अधिकारों को छिनने नहीं देंगे।”
डॉ. अंसारी ने कहा, “झारखंड शांतिप्रिय है, लेकिन कमजोर नहीं। झारखंड झुकेगा नहीं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आखिरी दम तक संघर्ष करेगा।
रांची। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में घटित घटना को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने झारखंड के मुख्य सचिव से मुलाकात कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। विधायक ने घटना से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों को मुख्य सचिव के समक्ष रखते हुए निर्दोष व्यक्तियों को मामले में नामजद अभियुक्त बनाए जाने पर चिंता जताई और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान विधायक उज्जवल कुमार दास ने मुख्य सचिव को घटना से जुड़े विभिन्न प्रपत्र, दस्तावेज और उपलब्ध तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और किसी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
विधायक ने मांग की कि बड़गांव की घटना की पूरी जांच तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर कराई जाए। साथ ही जिन लोगों को बिना पर्याप्त आधार के नामजद अभियुक्त बनाया गया है, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए और यदि वे निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें मामले से मुक्त किया जाए।
मुख्य सचिव ने विधायक द्वारा उठाए गए मामले को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित किए जाने का भरोसा भी दिलाया।
विधायक उज्जवल कुमार दास ने कहा कि न्याय की लड़ाई में निर्दोषों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी दोषी को संरक्षण देने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक दोषियों की पहचान और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की है।
बड़गांव की घटना को लेकर विधायक द्वारा सीधे मुख्य सचिव के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच को लेकर उम्मीद जगी है। विधायक ने कहा कि मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों का हनन न हो।
सिल्ली: सिल्ली प्रखंड अंतर्गत एसएस+2 विद्यालय सिल्ली में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार पांडे के नेतृत्व में किया गया। सर्वसम्मति से हरिपद कुम्हार को समिति का अध्यक्ष एवं किरण देवी को उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं समिति के लिए कुल 25 सदस्यों का भी चयन किया गया।पुनर्गठन के दौरान सीआरपी अपर्णा कुंडू ने विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन की प्रक्रिया, समिति के अधिकार एवं कर्तव्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान विद्यालय के विकास एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक उन्नति को लेकर भी चर्चा की गई।विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार पांडे नियमानुसार समिति के सचिव होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति विद्यालय और अभिभावकों के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करती है। समिति की सक्रियता से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालय की सुविधाओं में बढ़ोतरी तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है।मौके पर ओम प्रकाश, रामानुज प्रसाद अनुज, आदित्यनाथ झा, अनिल कुमार, मोना कुमारी, उषा कुमारी, सरिता कुमारी, धीरज कुमार रजक समेत विद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।
रांची । झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार को 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जल, जंगल, पहाड़ और नदियां झारखंड की पहचान हैं और प्रकृति एवं पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सिर्फ पौधा लगाना नहीं, उसकी देखभाल भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल, खाद-पानी और संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, जीवन और सुरक्षित पर्यावरण का उपहार है।
उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हर व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जुड़े, तो जैव-विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना आसान होगा।
विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन जरूरी
हेमंत सोरेन ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में कई बार पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ता है और इसका असर मनुष्य से लेकर पशु-पक्षियों तक पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई, खनिज संसाधनों का दोहन, भू-जल का अत्यधिक इस्तेमाल और नदियों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का इसी तरह लगातार दोहन होता रहा तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए सजगता के साथ ठोस और सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।
आने वाले समय में जल संकट बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने भविष्य में जल संकट को बड़ी चुनौती बताते हुए वर्षा जल संचयन और जल को धरती में समाहित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े शहरों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।
उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि पौधारोपण के बाद पौधों की देखभाल के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाए और खाद-पानी एवं पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विधायकों के आवासीय परिसर में भी लगाए जाएंगे फलदार पौधे
मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधायकों के आवासीय परिसरों में भी फलदार पौधे लगाए जाएं। इसके लिए सभी विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने की बात कही गई, ताकि राजधानी समेत पूरे राज्य में हरियाली को बढ़ावा दिया जा सके।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने वन महोत्सव के उद्देश्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने स्वागत संबोधन किया।
इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायकगण, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मालदा। हर घर तिरंगा अभियान–2026 के तहत पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा 11 अगस्त, 2026 को तिरंगा यात्रा आयोजित की गई। यात्रा मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर मंडल रेल प्रबंधक प्रशासनिक भवन पर संपन्न हुई। इस दौरान रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हाथों में लेकर उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ यात्रा में भाग लिया।
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व श्री मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा ने किया। श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य, अपर मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, डॉ. अनूपा घोष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मालदा, सहित अन्य वरिष्ठ शाखा अधिकारियों, रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, मालदा तथा अन्य रेलवे कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा में भाग लिया।
हर घर तिरंगा अभियान–2026’ का आयोजन दिनांक 9 से 17 अगस्त तक किया जा रहा है। अभियान के तहत तिरंगा यात्राओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने पर बल दिया जा रहा है। मालदा में आयोजित तिरंगा यात्रा में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न रेलवे हितधारकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रेलवे परिवार की एकता, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारी के मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
‘हर घर तिरंगा अभियान’ नागरिकों को अपने घरों, कार्यस्थलों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे तिरंगे के साथ नागरिकों का भावनात्मक जुड़ाव और अधिक सुदृढ़ हो सके।
हर घर तिरंगा अभियान–2026’ के तहत जमालपुर स्थित कैरेज एंड वैगन तथा TRD डिपो के साथ-साथ मालदा मंडल के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी तिरंगा यात्राएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में रेलवे कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा तिरंगा लेकर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित किया।
मालदा मंडल सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे अपने घरों पर गर्वपूर्वक तिरंगा फहराएं और ‘हर घर तिरंगा अभियान–2026’ में सक्रिय रूप से भाग लें, जिससे राष्ट्रीय एकता तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और सुदृढ़ किया जा सके।
सिल्ली-मुरी : सावन के पावन महीने में कुशवाहा जागरण मंच, सिल्ली के तत्वावधान में सोमवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ कांवर यात्रा निकाली गई। यात्रा में श्रद्धालु 110 लीटर पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।कांवर यात्रा में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने स्वर्णरेखा नदी से पवित्र जल संग्रह किया और पैदल यात्रा करते हुए शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।कार्यक्रम में कुशवाहा जागरण मंच के अध्यक्ष मुकेश कुशवाहा, उपाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा, उपसचिव अशोक कुशवाहा, कोषाध्यक्ष विजय कुशवाहा, अनुरोध कोइरी, बंसी कोइरी, संजय कुशवाहा, भोला कुशवाहा एवं मनोज कुशवाहा सहित मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।आयोजकों ने कहा कि सावन के पावन अवसर पर कांवर यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ समाज में एकता, भाईचारा एवं सनातन संस्कृति को बढ़ावा देना है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
मुरी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मुरी ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। RPF ने ट्रेन संख्या 18626 एक्सप्रेस (हटिया-मुरी) के जनरल कोच से दो लावारिस बैग बरामद किए। तलाशी लेने पर दोनों बैगों से कुल 40 बोतल अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 24 हजार रुपये बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन ‘सतर्क’ के तहत RPF मुरी और फ्लाइंग टीम रांची द्वारा ट्रेन में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान जनरल कोच में बाथरूम के समीप दो संदिग्ध लावारिस बैग दिखाई दिए। संदेह होने पर RPF जवानों ने बैगों की जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई।
इसके बाद जवानों ने आसपास मौजूद यात्रियों से बैग और शराब के संबंध में पूछताछ की, लेकिन किसी भी यात्री ने सामान पर अपना दावा नहीं किया। यात्रियों से पूछताछ के बाद RPF ने नियमानुसार शराब को जब्त कर लिया।
बरामद अवैध शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग, रांची को सौंप दिया गया है। RPF की इस कार्रवाई के बाद ट्रेन के माध्यम से अवैध शराब की तस्करी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
इस विशेष जांच अभियान में RPF मुरी के अवर निरीक्षक रविशंकर, रवि शेखर, सहायक अवर निरीक्षक एम.के. जायसवाल, फ्लाइंग टीम रांची के डी.के. जिरावल और प्रदीप समेत अन्य RPF जवान शामिल रहे।