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वन महोत्सव में CM हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश: पौधा लगाने के साथ संरक्षण भी जरूरी, जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संचयन पर जोर
August 11, 2026 | 118 Views
वन महोत्सव में CM हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश: पौधा लगाने के साथ संरक्षण भी जरूरी, जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संचयन पर जोर

रांची । झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार को 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जल, जंगल, पहाड़ और नदियां झारखंड की पहचान हैं और प्रकृति एवं पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सिर्फ पौधा लगाना नहीं, उसकी देखभाल भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल, खाद-पानी और संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, जीवन और सुरक्षित पर्यावरण का उपहार है।

उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हर व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जुड़े, तो जैव-विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना आसान होगा।

विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन जरूरी

हेमंत सोरेन ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में कई बार पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, जिससे प्रकृति का संतुलन बिगड़ता है और इसका असर मनुष्य से लेकर पशु-पक्षियों तक पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई, खनिज संसाधनों का दोहन, भू-जल का अत्यधिक इस्तेमाल और नदियों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का इसी तरह लगातार दोहन होता रहा तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए सजगता के साथ ठोस और सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।

आने वाले समय में जल संकट बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने भविष्य में जल संकट को बड़ी चुनौती बताते हुए वर्षा जल संचयन और जल को धरती में समाहित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े शहरों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।

उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि पौधारोपण के बाद पौधों की देखभाल के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाए और खाद-पानी एवं पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

विधायकों के आवासीय परिसर में भी लगाए जाएंगे फलदार पौधे

मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधायकों के आवासीय परिसरों में भी फलदार पौधे लगाए जाएं। इसके लिए सभी विधायकों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने की बात कही गई, ताकि राजधानी समेत पूरे राज्य में हरियाली को बढ़ावा दिया जा सके।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने वन महोत्सव के उद्देश्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने स्वागत संबोधन किया।

इस अवसर पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री हफीजुल हसन, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायकगण, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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