FOLLOW US ON
Breaking News झारखंड में नगर निकाय चुनाव के तारीखों का ऐलान 23 को वोट 27 को गिनती | UGC नए कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक | अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड के कब्जे की नीति पर छह देश की फौज पहुंची डेनमार्क | T 20 World Cup पाकिस्तान ने भारत से खेलने से किया इंकार | झारखंड नगर निकाय चुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया शुरू | झारखंड राज्य में एक साथ होंगे नगर निकाय चुनाव, 23 को वोट 27 को गिनती | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस और लंदन की यात्रा कर लौटे | देश में यूजीसी के नए कानून को लेकर समर्थन और विरोध शुरू | महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में मौत, जांच जारी |
नए बिल में क्या है 12 साल की लिमिट वाला प्रावधान, जिससे वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगेगी लगाम
April 5, 2025 | 517 Views
नए बिल में क्या है 12 साल की लिमिट वाला प्रावधान, जिससे वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगेगी लगाम

 रांची (ऋषभ राजा ) वक्फ (संशोधन) लोकसभा और राज्यसभामें मैराथन चर्चा के बाद देर रात हुए मतदान में पारित हो गया है. संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब ये बिल कानून का रूप लेने से महज एक कदम दूर है और ऐसे में बात अब इसके प्रावधानों में हुए बदलाव और उससे वक्फ बोर्ड पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर होने लगी है. इस संशोधन विधेयक में ऐसा ही एक बदलाव है लिमिटेशन एक्ट को लेकर. सरकार ने इस बिल के जरिये अब वक्फ बोर्ड को भी लिमिटेशन एक्ट के दायरे में ला दिया है.

लिमिटेशन एक्ट से वक्फ को थी छूट

वक्फ अधिनियम 1995 में वक्फ को लिमिटेशन एक्ट से छूट मिली हुई थी. वक्फ अधिनियम की धारा 107 में इस बात का प्रावधान था कि वक्फ संपत्तियों पर लिमिटेशन एक्ट 1963 के प्रावधान लागू नहीं होंगे. लिमिटेशन एक्ट के तहत ये प्रावधान है कि किस मामले में कितने दिनों के अंदर शिकायत दर्ज कराना, केस कराना जरूरी है. तय अवधि के बाद किया गया दावा कोर्ट में खारिज हो जाता है. निजी संपत्ति के मामले में यह सीमा 12 साल है. इस बात को इस से समझा जा सकता है कि अगर कोई व्यक्ति आपकी जमीन पर कब्जा कर लेता है तो उस जमीन को वापस पाने के लिए आपको 12 साल के भीतर कोर्ट में केस करना होता है. वक्फ को लिमिटेशन एक्ट से मिली छूट को इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि कोई कोई व्यक्ति किसी जमीन पर 50 साल से खेती कर रहा है. वक्फ बोर्ड उस जमीन पर भी दावा कर सकता था कि ये हमारी जमीन है. संबंधित व्यक्ति के पास अपने बचाव के लिए लिमिटेशन एक्ट को आधार बनाकर कोर्ट में ये दलील देने का अधिकार नहीं था कि आपने क्लेम करने में बहुत देर कर दी. 50 साल से ये संपत्ति मेरे कब्जे में है और इसलिए अब इस पर आपका दावा नहीं बनता. ये मेरी जमीन हो गई.

अब लिमिटेशन एक्ट के दायरे में वक्फ

वक्फ संशोधन विधेयक में सरकार ने पुराने कानून की धारा 107 को समाप्त कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि वक्फ बोर्ड भी अब लिमिटेशन एक्ट 1963 के दायरे में आएगा. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के दोनों सदनों में वक्फ संशोधन बिल पेश करते हुए स्पष्ट कहा कि अब वक्फ पर लिमिटेशन एक्ट भी लागू होगा.

लिमिटेशन एक्ट लागू होने का प्रभाव क्या

वक्फ संपत्तियों पर भी लिमिटेशन एक्ट लागू होने के बाद वक्फ बोर्ड अब किसी संपत्ति पर चाहे जितने समय बाद भी दावा नहीं कर सकेगा. वक्फ बोर्ड ऐसी किसी भी संपत्ति पर अपने मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकेगा जिस पर 12 साल या इससे अधिक समय से किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था का कब्जा हो. वक्फ बोर्ड के लिए भी किसी संपत्ति पर दावा करने की एक तय समय सीमा होगी. वक्फ के भी लिमिटेशन एक्ट के दायरे में आने का सीधा मतलब यह होगा कि एडवर्स पजेशन एक्ट भी लागू हो जाएगा. अब अगर किसी ने 12 साल तक वक्फ की संपत्ति पर कब्जा बनाए रखा तो वह खुद को स्थायी मालिक घोषित कर सकता है. 

 

 

 


April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views
April 5, 2025 | 518 Views