ब्यूरो। गाजियाबाद में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के मामले में रविवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, वसुंधरा इलाके में घेराबंदी के दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह ढेर हो गया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
28 मई बकरीद के दिन हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मृतक सूर्या के नाबालिग दोस्त के मुताबिक, असद ने फोन कर सूर्या को बुलाया था। इसके बाद अपने साथियों के साथ उसे घेरकर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, वारदात से पहले असद ने कथित तौर पर कहा था, "क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं।" घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
गंभीर रूप से घायल सूर्या चौहान की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दो समुदायों से जुड़ा मामला होने के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। शनिवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया और परिजनों ने करीब 10 घंटे तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन के समझाने पर अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
एनकाउंटर के बाद सूर्या की मां सरोज चौहान ने कहा कि उन्हें तभी संतोष होगा जब पुलिस असद की तस्वीर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।
मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि हत्यारा कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार भी सक्रिय हो गई थी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।
फिलहाल पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है।