ब्यूरो। पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना जारी है । जहां बीजेपी ने जबरदस्त बढ़त बना ली है। शुरुआती राउंड से ही बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा विपक्ष पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। 10 राउंड की गिनती तक बीजेपी करीब 38940 वोटों की विशाल बढ़त के साथ जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा टीएमसी नेता जहांगीर खान उर्फ “पुष्पा” को लेकर रही। मतदान से पहले उन्होंने चुनावी मैदान छोड़ने की घोषणा कर दी थी, लेकिन ईवीएम में नाम बने रहने के कारण उनके नाम पर वोटों की गिनती जारी रही। हैरानी की बात यह रही कि कभी अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले जहांगीर खान अब चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।
मतगणना के दौरान दूसरे स्थान पर सीपीआईएम उम्मीदवार बने हुए हैं, जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर चल रही है। वहीं टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को बेहद कम वोट मिलते दिख रहे हैं। शुरुआती राउंड से ही बीजेपी ने ऐसी बढ़त बनाई जिसे विपक्ष पकड़ नहीं सका।
फलता सीट पूरे बंगाल चुनाव में चर्चा का केंद्र बनी रही थी। री-पोलिंग से पहले जहांगीर खान ने खुद को “पुष्पा” बताते हुए कई विवादित बयान दिए थे, लेकिन मतदान से ठीक पहले चुनाव से हटने के फैसले ने सियासी माहौल बदल दिया। इसके बाद बीजेपी ने इस सीट पर आक्रामक प्रचार किया और अब नतीजों में उसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फलता का यह परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाला साबित हो सकता है, क्योंकि टीएमसी के मजबूत माने जाने वाले इलाके में बीजेपी ने एकतरफा बढ़त बना ली है।
भागलपुर/कोलकाता। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिहार के भागलपुर जिले के लिए बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसी क्रम में मालदा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन का भी लोकार्पण होगा।
करीब 17.94 करोड़ रुपये की लागत से विकसित शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन पूर्व रेलवे का सातवां अमृत भारत स्टेशन होगा, जिसे प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है।
बदली स्टेशन की तस्वीर
पुनर्विकास के बाद स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक फ़साड, आकर्षक हरित परिसर, चौड़ी आवाजाही व्यवस्था, बेहतर पार्किंग, नया फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं।
मधुबनी कला और विरासत की झलक
स्टेशन के अंदरूनी हिस्सों को मधुबनी पेंटिंग और बिहार की सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरित कलाकृतियों से सजाया गया है। वहीं स्टेशन की डिजाइन में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय संस्कृति का भी अनुभव होगा।
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशन भागलपुर जिले का एक महत्वपूर्ण रेल प्रवेश द्वार माना जाता है। स्टेशन के आधुनिकीकरण से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
पूर्व रेलवे में तेजी से हो रहा आधुनिकीकरण
पूर्व रेलवे के अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन योजना में कुल 64 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है। इनमें से छह स्टेशन पहले ही राष्ट्र को समर्पित किए जा चुके हैं और अब शिवनारायणपुर इस सूची में शामिल होने जा रहा है। रेलवे का कहना है कि यह परियोजना "विरासत भी, विकास भी" की सोच को साकार करते हुए आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित रेल अवसंरचना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
देशभर में 75 स्टेशनों का लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और भारतीय रेलवे को आधुनिक स्वरूप देना है।
प्रयागराज। देश के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के कोचिंग संस्थान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रयागराज में संचालित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के एक कोचिंग सेंटर को स्थानीय प्रशासन ने सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल मच गई है तथा सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार लखनऊ स्थित एक लाइब्रेरी में आग लगाने से कई युवक की मौत हो गई जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सभी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है इसी क्रम में प्रयागराज प्रशासन ने हाल ही में शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण अभियान चलाया। यह अभियान सुरक्षा मानकों, भवन अनुमति और अग्निशमन (फायर सेफ्टी) नियमों के अनुपालन की जांच के लिए शुरू किया गया था। जांच के दौरान कई संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन ने पाया कि बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना आवश्यक फायर एनओसी (No Objection Certificate) और अन्य सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे थे।
इसी क्रम में खान ग्लोबल स्टडीज के प्रयागराज स्थित एक सेंटर पर भी कार्रवाई की गई। आरोप है कि संस्थान आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों से संबंधित कुछ नियमों का पालन नहीं कर रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने उसे सील कर दिया।
प्रशासन का बड़ा अभियान
प्रयागराज में किए गए निरीक्षण में 93 कोचिंग संस्थानों की जांच की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से केवल 16 संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी पाई गई। सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर तीन संस्थानों को सील कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या बंद हो जाएगी खान सर की कोचिंग?
फिलहाल यह कार्रवाई प्रशासनिक और तकनीकी कमियों को लेकर की गई बताई जा रही है। यदि संस्थान आवश्यक दस्तावेज, फायर सेफ्टी व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों को पूरा कर देता है तो सील हटने की संभावना बन सकती है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
छात्रों में चिंता
कोचिंग सेंटर सील होने की खबर के बाद वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों में असमंजस की स्थिति बन गई है। कई छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बीच इस कार्रवाई से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। वहीं अभिभावक भी प्रशासन और संस्थान दोनों से जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेशभर में चल रही है कार्रवाई
प्रयागराज ही नहीं, उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी कोचिंग संस्थानों की जांच तेज कर दी गई है। कानपुर में भी सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर दर्जनों कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि हाल की घटनाओं के बाद सभी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
रांची: मेहनत, आत्मविश्वास और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण पर इतना भरोसा हो कि आसमान में सुराग हो जाए एक ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण झारखंड की राजधानी रांची की छात्रा अवनी ने पेश किया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच (री-इवैल्यूएशन) के बाद अवनी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पुनः जांच के बाद अवनी को 500 में 500 अंक प्राप्त हुए हैं और वह राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बन गई हैं।
जानकारी के अनुसार, सीबीएसई द्वारा घोषित प्रारंभिक परिणाम में अवनी को पूर्ण अंक नहीं मिले थे उन्हें 500 में से 476 अंक प्राप्त हुए थे । अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त अवनी ने बोर्ड की पुनः जांच प्रक्रिया का सहारा लिया। उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा समीक्षा के बाद उनके अंक बढ़े और अंततः उन्हें सभी विषयों में पूर्ण अंक प्रदान किए गए। इसके साथ ही उन्होंने 500 में 500 अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया।
अवनी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है। परिणाम सामने आने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रिश्तेदारों, शिक्षकों, मित्रों और आसपास के लोगों ने मिठाई खिलाकर तथा शुभकामनाएं देकर उनकी सफलता का जश्न मनाया।
अवनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने समय का सही प्रबंधन किया और हर विषय पर बराबर ध्यान दिया। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ निरंतर मेहनत करें तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
शिक्षकों के अनुसार अवनी शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी और अनुशासित छात्रा रही हैं। स्कूल में भी उनका प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है। शिक्षकों ने कहा कि अवनी की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिश्रम और लगन के बल पर बड़े सपने देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला पुनः जांच प्रक्रिया की अहमियत को भी दर्शाता है। कई बार मूल्यांकन के दौरान हुई छोटी त्रुटियां विद्यार्थियों के अंतिम परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में यदि किसी छात्र को अपने प्रदर्शन पर विश्वास हो तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनः जांच का विकल्प चुन सकता है।
अवनी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने झारखंड के शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ा दी है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं और उनकी सफलता को राज्य के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं। 500 में 500 अंक हासिल कर राष्ट्रीय टॉपर बनने वाली अवनी अब हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
ब्यूरो । राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार के लिए कई अहम सिफारिशें की गई हैं।सबसे बड़ी सिफारिश श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की बताई जा रही है। रिपोर्ट सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जानी है।जांच से जुड़े उच्चस्तरीय सूत्रों के मुताबिक, मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ अनिल मिश्रा, व्यवस्थापक गोपाल राव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल 14 लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई है। एसआईटी ने विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही तय करने और वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन।
ट्रस्ट के प्रशासनिक संचालन के लिए CEO की नियुक्ति।
चढ़ावे और दान की निगरानी के लिए आधुनिक ऑडिट व्यवस्था।
वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई प्रणाली।
जवाबदेही तय करने हेतु जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करना।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल
एसआईटी रिपोर्ट सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यदि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होती है तो यह राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के बाद का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा सकता है। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कदम और सरकार द्वारा रिपोर्ट पर लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हैं।
रांची: रांची के चुटिया थाना अंतर्गत निवारणपुर में स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के झारखंड प्रदेश कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मुख्य आरोपी सैफ अंसारी पुलिस हिरासत से भागने के बाद मांडर में पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी देते हुए कहा कि,16 जून की रात चुटिया के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंककर हमला किया गया था। घटना के बाद चुटिया थाना में यूएपीए (UAPA), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने नगर और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में SIT का गठन किया।
CCTV और तकनीकी जांच से खुलासा
SIT ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घटना में शामिल सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू और सायम सुजान को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है।
आरोपियों की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए कपड़े भी लोअर बाजार थाना क्षेत्र के एक नाले के पास से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक सेंट्रो कार और चार स्मार्टफोन भी जब्त किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल से संबंध की जांच
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में संकेत दिया है कि आरोपियों के किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल या संगठित नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जांच अब झारखंड ATS (आतंकवाद निरोधी दस्ता) को सौंप दी गई है।
पुलिस हिरासत से फरार हुआ आरोपी
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब गिरफ्तार आरोपी सैफ अंसारी गुरुवार सुबह कोतवाली थाना परिसर स्थित शौचालय गया और वहां तैनात पुलिसकर्मी को चकमा देकर वेंटिलेशन की ग्रिल और शीशा तोड़कर फरार हो गया।
फरारी की सूचना मिलते ही पूरे जिले में अलर्ट जारी किया गया। कुछ घंटों बाद मांडर थाना क्षेत्र के चामा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
हथियार छीनकर भागने की कोशिश, पुलिस ने मारी गोली
पुलिस के अनुसार दोबारा गिरफ्तारी के बाद सैफ अंसारी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फिर से भागने का प्रयास किया। इस दौरान आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए पुलिस ने सीमित फायरिंग की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
- सैफ अंसारी – लोहरदगा निवासी (घायल, इलाजरत)
- अमन अंसारी उर्फ गोलू – न्यू आजाद बस्ती, लोहरदगा
- सायम सुजान (21 वर्ष) – फुलबगान, पत्थलकुदवा, लोहरदगा
ATS करेगी आगे की जांच
रांची पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं, फंडिंग, साजिश और संभावित नेटवर्क की जांच अब ATS करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे कोई बड़ा संगठन या आतंकी मॉड्यूल तो सक्रिय नहीं था।
इस बीच RSS कार्यालय पर हमले और फिर मुख्य आरोपी के पुलिस हिरासत से फरार होने की घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ATS की जांच से आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
ब्यूरो। गाजियाबाद में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के मामले में रविवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, वसुंधरा इलाके में घेराबंदी के दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह ढेर हो गया। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
28 मई बकरीद के दिन हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। मृतक सूर्या के नाबालिग दोस्त के मुताबिक, असद ने फोन कर सूर्या को बुलाया था। इसके बाद अपने साथियों के साथ उसे घेरकर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, वारदात से पहले असद ने कथित तौर पर कहा था, "क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं।" घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
गंभीर रूप से घायल सूर्या चौहान की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। दो समुदायों से जुड़ा मामला होने के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। शनिवार को विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया और परिजनों ने करीब 10 घंटे तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन के समझाने पर अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
एनकाउंटर के बाद सूर्या की मां सरोज चौहान ने कहा कि उन्हें तभी संतोष होगा जब पुलिस असद की तस्वीर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।
मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि हत्यारा कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार भी सक्रिय हो गई थी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी।
फिलहाल पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है।
कोलकाता। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के नेतृत्व में, विभिन्न मंडलों और कारखानों में मेगा द्वितीय चरण के 'स्वच्छता जागरूकता अभियान' की शुरुआत की गई है। इस नए चरण में "30 मिनट के भीतर सफाई की गारंटी" (Cleaning Guarantee Within 30 Minutes) नामक एक क्रांतिकारी यात्री-केंद्रित पहल की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता संबंधी शिकायतों का तेजी से निवारण करना और पूरे जोन में स्वच्छता के मानकों को महत्वपूर्ण रूप से उन्नत करना है। इस अभियान की शुरुआत वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों, मुख्य कारखाना प्रबंधकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर जमीनी जागरूकता गतिविधियों के साथ एक साथ हुई। आसनसोल मंडल में, आसनसोल और दुर्गापुर स्टेशनों पर इस पहल का उद्घाटन मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री संग्रह मौर्य द्वारा किया गया, जिन्होंने यात्रियों के डिजिटल सुझावों के लिए एक अनूठी क्यूआर-कोड (QR-code) फीडबैक प्रणाली भी पेश की। इसी तरह का एक अभियान मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री यतीश कुमार के नेतृत्व में लिलुआ स्टेशन पर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस), मान्यता प्राप्त यूनियनों और खेल संघों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, कांचरापाड़ा स्टेशन पर मुख्य कारखाना प्रबंधक श्री सुभाष चंद्र और कांचरापाड़ा कारखाने के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
16 मई से 30 मई, 2026 तक चलने वाला यह अभियान "स्पॉट इट, रिपोर्ट इट, वी आर ऑन इट" (Spot It, Report It, We Are On It - गंदगी देखें, रिपोर्ट करें, हम मुस्तैद हैं) के मूल विषय (थीम) के तहत संचालित हो रहा है। यह पहल यात्रियों को स्टेशन की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बनाती है। यदि किसी यात्री को स्टेशन परिसर में कोई अस्वच्छ क्षेत्र दिखाई देता है, तो वे रेलमदद (RailMadad) ऐप पर एक तस्वीर अपलोड करके या हैशटैग #ERChallenge का उपयोग करके सोशल मीडिया पर रेलवे हैंडल को टैग करके तुरंत इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने पर, रेलवे की समर्पित सफाई टीमें समस्या का समाधान करने और परिचालन व्यवहार्यता के अधीन, 30 मिनट के भीतर उस स्थान को साफ करने के लिए तत्पर हो जाएंगी।
इस अभियान में व्यापक सामुदायिक और युवा भागीदारी देखी गई है, जिसमें भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 120 से अधिक स्वयंसेवकों ने आसनसोल, लिलुआ और कांचरापाड़ा में यात्रियों को सक्रिय रूप से जागरूक किया। आसनसोल में, स्काउट्स ने एक प्रभावशाली 'नुक्कड़ नाटक' प्रस्तुत किया और यात्रियों को कचरे के उचित निपटान, थूकने की रोकथाम और बायो-टॉयलेट के जिम्मेदार उपयोग के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए सीधे संपर्क अभियान चलाया। पूर्व रेलवे ने इस बात पर जोर दिया कि पटरियों और प्लेटफार्मों को स्वच्छ रखना एक साझा जिम्मेदारी है और सभी रेल उपयोगकर्ताओं से कूड़ा-कचरा न फैलाने और लगातार डस्टबिन का उपयोग करने की अपील की है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिबराम माझी ने कहा कि जहां पहले चरण ने कॉलोनियों और ट्रेनों में जागरूकता का एक मजबूत आधार स्थापित किया, वहीं यह दूसरा चरण पूरी तरह से त्वरित जवाबदेही की ओर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेलमदद और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर, रेलवे स्वच्छता के मुद्दों का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने अंत में कहा कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है, और जनता के सक्रिय सहयोग से पूर्व रेलवे सभी के लिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सुखद यात्रा वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लखनऊ । समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।प्रतीक यादव भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे। निधन की खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। मौत के कारणों को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, वही शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा हो सकता है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर सामने आ रही है, भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आगे बढ़ रही अब तक 208 सीटो पर बढ़त बना रखी है। वही भवानीपुर विधानसभा सीट से हुए मुकाबले में शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया है।
यह नतीजा बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में इस सीट पर मिली हार को तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और भाजपा के लिए बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत के साथ शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की सियासत में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी, इसलिए यह मुकाबला पूरे देश की नजरों में था।
नतीजे सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, जबकि टीएमसी खेमे में मायूसी छा गई है। अब सबकी नजर ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी है।