सोनाहातू । थाना क्षेत्र के कांची नदी किनारे वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान लकड़ी के बोटों से लदा एक ट्रैक्टर जब्त किया गया है।
प्रभारी वनपाल राजू कुमार महतो ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कांची नदी किनारे झाड़ियों में अवैध लकड़ी की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम गठित कर मौके पर छापेमारी की गई। इस दौरान झाड़ियों में छिपाकर रखा गया एक ट्रैक्टर मिला, जिसमें कीमती लकड़ी के बोटे लदे हुए थे।
छापेमारी के समय ट्रैक्टर का चालक या कोई अन्य व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था। लावारिस हालत में मिलने के कारण ट्रैक्टर को लकड़ी सहित जब्त कर लिया गया।
वन विभाग के अनुसार जब्त ट्रैक्टर बुलूबाड़ीह निवासी पवन कोइरी का है। वहीं लकड़ी के बोटे रतन महतो पुरस्ती कोटाडीह झारवा के बताए जा रहे हैं। विभाग ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
वही वन विभाग ने कहा कि क्षेत्र में अवैध कटाई व लकड़ी तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।
सोनाहातू: सरकार की महत्वाकांक्षी मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण दूर करना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। लेकिन सोनाहातू प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कुदाडीह से सामने आई तस्वीरें इस योजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गर्म और ताजा भोजन देने के बजाय मात्र 5 रुपये का मिक्चर (नमकीन) का पैकेट वितरित किया जा रहा है। जिस योजना के तहत बच्चों को दाल, चावल, हरी सब्जियां, दाल, अंडा एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ मिलने चाहिए, वहां बच्चों के हाथों में सिर्फ एक छोटा सा पैकेट थमा दिया जा रहा है।
विद्यालय के कई बच्चों ने बताया कि दोपहर में मिलने वाला यह मिक्चर उनके पेट की भूख नहीं मिटा पाता। बच्चों का कहना है कि उन्हें घर लौटकर फिर से खाना खाना पड़ता है। मासूम बच्चों की यह पीड़ा इस योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा करती है।
दूसरी ओर, अभिभावकों और ग्रामीणों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार बच्चों के पोषण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन विद्यालय स्तर पर लापरवाही और कथित अनियमितताओं के कारण बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि वास्तव में मध्याह्न भोजन के लिए राशि जारी हो रही है, तो उसका उपयोग आखिर कहां हो रहा है?
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के अधिकारों के साथ खिलवाड़ न हो।
गौरतलब है कि मध्याह्न भोजन योजना के नियमों के अनुसार बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। किसी भी परिस्थिति में नियमित भोजन के स्थान पर नमकीन या मिक्चर का पैकेट वितरित करना योजना की भावना और निर्धारित मानकों के विपरीत माना जाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बच्चों के पोषण के नाम पर चल रही सरकारी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी? क्या मासूमों के हिस्से का भोजन इसी तरह गायब होता रहेगा? और आखिर बच्चों के निवाले पर डाका डालने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और विद्यालय में नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन सुनिश्चित करने की मांग की है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज ऐतिहासिक दिवस है। एक ऐसा दिवस, जब शोषण के विरूद्ध जबरदस्त आवाज उठाई गई थी। देश में शोषण से निकलने के लिए किसी के पास कोई रास्ता नहीं दिख रहा था, उस समय आदिवासी समाज के वीरों ने शोषण के विरुद्ध मोर्चा खोला। परिणाम क्या होगा इसकी चिंता किए बगैर हूल क्रांति के अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, वीरांगना फूलो-झानो ने देश के लोगों पर हो रहे शोषण के विरूद्ध बिगुल फूंका। उन्होंने कहा कि आज भी यह देखा जा रहा है कि कहीं-ना-कहीं क्रांति, संघर्ष जगह-जगह पर कमजोर वर्गों के शोषण के विरुद्ध प्रतिरोध से ही शुरू होता है। आज इन वीर सपूतों पर हम सभी को गर्व है। हमारे अमर वीर सपूत देश और समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों की बदौलत ही झारखंड को वीरों की धरती कही जाता है। राज्य में कई ऐसे अवसर हैं, जिस दिन हम सभी लोग महापुरुषों को याद करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने की प्रतिज्ञा लेते हैं। उन्होंने कहा कि क्रांति की आग बुझती नहीं है। बुझाई भी नहीं जा सकती। क्रांति की चिंगारी सदैव जलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह आज भी ऐसी क्रांति के स्मारक पर निरंतर दीप जलता रहता है। उन्होंने दिल्ली के राजघाट एवं इंडिया गेट में भी दीप जलते रहने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वीरों की इस पावन भूमि का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
गोड्डा ( मालदा) । हिंदी भाषा एवं साहित्य के संवर्धन तथा महान साहित्यकारों की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा के मार्गदर्शन में, दिनांक 30 जून, 2026 को पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में गोड्डा रेलवे स्टेशन पर प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं जनकवि बाबा नागार्जुन की जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टेशन प्रबंधक श्री ज्योति सोरेन ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेलकर्मियों एवं साहित्यप्रेमियों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ अनुवादक विद्यासागर राम ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके उपरांत बाबा नागार्जुन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।* अध्यक्ष श्री ज्योति सोरेन ने आमंत्रित साहित्यकारों एवं वक्ताओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर ओम प्रकाश मंडल, प्रख्यात साहित्यकार श्री विनय सौरभ, अर्पणा कुमारी, विनिता प्रियदर्शिनी, मधुबाला शांडिल्य, शैलेन्द्र व्यास, इंद्राणी (बड़हरवा) तथा विनय कुमार झा 'विमल' (पटना) ने बाबा नागार्जुन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उन्हें हिंदी साहित्य का अद्वितीय साहित्यकार, विद्रोही जनकवि तथा जनसरोकारों के सशक्त स्वर के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई दिशा प्रदान की तथा सामाजिक चेतना को सुदृढ़ आधार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में बाबा नागार्जुन की रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक एवं प्रेरणास्पद हैं। कार्यक्रम के दौरान कवियों द्वारा बाबा नागार्जुन की चुनिंदा रचनाओं का प्रभावपूर्ण काव्य-पाठ भी प्रस्तुत किया गया।
आगे आयोजक ने कहा, हिंदी साहित्य के प्रति जागरूकता, राजभाषा हिंदी के संवर्धन तथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति मालदा मंडल की सतत प्रतिबद्धता का सशक्त परिचायक रहा।
कोलकाता। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दो विशेष ट्रेनों के परिचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पटना–हावड़ा–पटना स्पेशल ट्रेन तथा गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन निर्धारित अवधि तक संचालित होती रहेंगी। रेलवे के अनुसार 02024/02023 पटना–हावड़ा–पटना स्पेशल ट्रेन अपने वर्तमान समय एवं सभी निर्धारित ठहरावों के साथ चलाई जाएगी। 02024 पटना–हावड़ा स्पेशल प्रत्येक रविवार 5 जुलाई 2026 से 27 सितंबर 2026 तक कुल 13 फेरे लगाएगी। वहीं 02023 हावड़ा–पटना स्पेशल भी इसी अवधि में प्रत्येक रविवार 13 फेरे संचालित होगी। इससे बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके अलावा रेलवे ने 09451/09452 गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन का परिचालन भी जारी रखने का निर्णय लिया है। हालांकि उत्तरी रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर ब्लॉक के कारण यह ट्रेन परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।
अब यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल–फतेहपुर–प्रयागराज–ज्ञानपुर रोड–वाराणसी–औंड़िहार–गाजीपुर सिटी–छपरा–हाजीपुर होकर चलेगी। इस परिवर्तित मार्ग पर ट्रेन दोनों दिशाओं में फतेहपुर, प्रयागराज, ज्ञानपुर रोड, वाराणसी, औंड़िहार, गाजीपुर सिटी, छपरा और हाजीपुर स्टेशनों पर रुकेगी।
वहीं इस दौरान ट्रेन लखनऊ, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, बगहा, हरिनगर, नरकटियागंज, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, चकिया और मुजफ्फरपुर जैसे पुराने मार्ग के स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
रेलवे के अनुसार 09451 गांधीधाम–भागलपुर स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार 3 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक कुल 5 फेरे लगाएगी। वहीं 09452 भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल प्रत्येक सोमवार 6 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक कुल 5 फेरे संचालित होगी।
जमशेदपुर । झारखंड में शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग–अकादमिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से JRGA Foundation – A Readymade Garment & Apparel Foundation of Jharkhand एवं Arka Jain University, गम्हरिया (जमशेदपुर) के बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण सहयोगात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति , कुल सचिव तथा विभिन्न विभागों के Heads of Departments (HODs) ने भाग लिया। वहीं JRGA Foundation की ओर से संस्था के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव, महासचिव उत्तम रॉय, Lead – CSR सुजीत कुमार तथा Creative Head – Fashion & Apparel अलीशा गौतम उरांव उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कौशल विकास कार्यक्रमों, विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप के अवसर, उद्योग–अकादमिक सहभागिता, फैशन एवं रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों के सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने भविष्य में संयुक्त रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं अन्य नवाचार आधारित पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
JRGA Foundation के महासचिव उत्तम रॉय ने कहा कि यह सहयोग झारखंड के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच यह साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक ज्ञान एवं रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाएगी तथा भविष्य में अनेक प्रभावशाली संयुक्त परियोजनाओं का आधार बनेगी।
बैठक के अंत में JRGA Foundation ने Arka Jain University की पूरी टीम के प्रति उनके सहयोग, सकारात्मक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सहभागिता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा आशा जताई कि यह साझेदारी राज्य के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रांची । झारखंड सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित भव्य समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि झारखंड की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों का भविष्य शिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगा। इसलिए सभी शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर काम करें तथा बच्चों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अमानवीय घटना या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय मॉडल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि जहां इन विद्यालयों में लगभग 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। यह सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। इस नियुक्ति प्रक्रिया में 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की बहाली हुई है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा अन्य क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
झारखंड की बौद्धिक संपदा हैं नव नियुक्त शिक्षक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच चयनित ये शिक्षक राज्य की बौद्धिक संपदा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले कार्यकाल में 55 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गईं और वर्तमान कार्यकाल में भी विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा और युवाओं की क्षमता के लिए भी पहचाना जाएगा।
नव नियुक्त शिक्षकों ने जताया आभार
समारोह में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई सहायक आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। रांची की सीता कुमारी ने कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें नियुक्ति मिली है और यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।
मनोज कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित करने का लाभ उन्हें भी मिला है और वे पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
वहीं प्रदीप कुमार यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी मां ने नियुक्ति परिणाम के बाद अखबार में मुख्यमंत्री की तस्वीर देखकर तीन बार प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि बिना किसी लेन-देन के पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने आम लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत किया है।
इनकी रही उपस्थिति
समारोह में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साहेबगंज: अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति एवं अवैध तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज श्री अखिल कुमार के मार्गदर्शन में पूरे जिले में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, सामुदायिक स्थलों, मंडल कारा तथा बाल सुधार गृहों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के सदस्यों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री विश्वनाथ भगत ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर नशे से दूर रहने की अपील की गई।
अभियान के तहत नशा मुक्ति एवं पुनर्वास विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों का मंचन भी किया गया। इसके अलावा नालसा द्वारा जारी विशेष जिंगल "तुम मत गिरना" और DAWN कैंपेन वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया। #SayNoToDrugsYesToLife, #DrugsFreeIndia, #YuddhNasheKeVirudh और #NashaMuktBharat जैसे हैशटैग के माध्यम से लोगों से नशामुक्त भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील की गई।
सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी जिलेभर में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध साहेबगंज का निर्माण हो सके।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मानव संसाधन विकास विभाग (HRD) द्वारा चार नव-प्रवर्तित श्रम संहिताओं एवं उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ आज दिनांक 26 जून, 2026 को (एमटीसी), एचआरडी, सीसीएल में किया गया। यह कार्यक्रम 26 एवं 27 जून, 2026 को आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में सीसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, खान प्रबंधक, क्षेत्रीय मानव संसाधन अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि (जेसीएससी, वेलफेयर बोर्ड, सेफ्टी बोर्ड), एससी-एसटी-बीसी काउंसिल, INMOSSA, CMOAI एवं ठेकेदारों के प्रतिनिधि सहित कुल 105 प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व मुख्य श्रम आयुक्त डॉ. ओंकार शर्मा बतौर अतिथि संकाय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्रम संहिताओं को लागू किया गया है और कार्यस्थलों पर इनके प्रभावी अनुपालन के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी एवं सकारात्मक सहयोग आवश्यक है।
वहीं, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने बदलते औद्योगिक परिवेश में निरंतर ज्ञानवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने एवं श्रम संहिताओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारकों का अपडेट रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ओंकार शर्मा द्वारा श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों, अनुपालन आवश्यकताओं एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उनके द्वारा संचालित सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, संवादात्मक एवं व्यावहारिक रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने प्रश्नों एवं विचारों को साझा किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम दिवस उपयोगी चर्चाओं एवं प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पहल सीसीएल में श्रम कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने, अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने एवं कार्यस्थल पर सुचारू औद्योगिक संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भागलपुर/सुल्तानगंज। : आगामी श्रावणी मेला-2026 को लेकर रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारियों के साथ सुल्तानगंज एवं भागलपुर रेलवे स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करना था।
डीआरएम ने निरीक्षण के दौरान यात्री सुविधाओं, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालय, शौचालय, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, टिकटिंग सुविधाओं, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था समेत सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मेले के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रावणी मेले में सुल्तानगंज से देवघर तक जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा को प्राथमिकता दे रहा है। डीआरएम ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संभावित भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया।
सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने निर्माणाधीन 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे के अनुसार यह नया एफओबी यात्रियों की आवाजाही को अधिक आसान बनाएगा तथा स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने भागलपुर-सुल्तानगंज रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। भागलपुर स्टेशन पर उन्होंने यात्री सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों, स्वच्छता व्यवस्था और परिचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला अवधि में रेल सेवाओं का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहे और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले।
डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने तथा आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे का लक्ष्य श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और निर्बाध रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।