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झारखंड में 1,042 सहायक आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन बोले— शिक्षकों के कंधों पर राज्य का भविष्य
June 29, 2026 | 147 Views
झारखंड में 1,042 सहायक आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन बोले— शिक्षकों के कंधों पर राज्य का भविष्य

रांची । झारखंड सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित भव्य समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें केवल सरकारी नौकरी नहीं मिली है, बल्कि झारखंड की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गढ़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों का भविष्य शिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार और कार्यशैली पर निर्भर करेगा। इसलिए सभी शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में नव नियुक्त सहायक आचार्यों को विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर काम करें तथा बच्चों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालयों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अमानवीय घटना या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय मॉडल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने बताया कि जहां इन विद्यालयों में लगभग 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। यह सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। इस नियुक्ति प्रक्रिया में 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की बहाली हुई है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा अन्य क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

झारखंड की बौद्धिक संपदा हैं नव नियुक्त शिक्षक

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच चयनित ये शिक्षक राज्य की बौद्धिक संपदा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले कार्यकाल में 55 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गईं और वर्तमान कार्यकाल में भी विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड को अब केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रतिभा और युवाओं की क्षमता के लिए भी पहचाना जाएगा।

नव नियुक्त शिक्षकों ने जताया आभार

समारोह में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कई सहायक आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। रांची की सीता कुमारी ने कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें नियुक्ति मिली है और यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।

मनोज कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित करने का लाभ उन्हें भी मिला है और वे पूरी ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

वहीं प्रदीप कुमार यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी मां ने नियुक्ति परिणाम के बाद अखबार में मुख्यमंत्री की तस्वीर देखकर तीन बार प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि बिना किसी लेन-देन के पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने आम लोगों का सरकार पर विश्वास मजबूत किया है।

इनकी रही उपस्थिति

समारोह में राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


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