शेखपुरा: शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी के तबादले के बाद जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने दावा किया है कि उन्होंने 8 जून को एडीजी एवं जिला नोडल पदाधिकारी अमित लोढ़ा को एक बंद लिफाफे में जिले के कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें और दस्तावेज सौंपे थे। इसके दस दिन बाद एसपी बलिराम कुमार चौधरी का तबादला कर उन्हें विशेष शाखा, पटना भेज दिया गया।
अरशद नसर का कहना है कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों का उल्लेख था। उन्होंने दावा किया कि एडीजी अमित लोढ़ा ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
हालांकि, पुलिस मुख्यालय या राज्य सरकार की ओर से एसपी के तबादले को इन शिकायतों से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य तबादला प्रक्रिया का हिस्सा भी माना जा रहा है।
गौरतलब है कि एडीजी अमित लोढ़ा पूर्व में शेखपुरा के एसपी रह चुके हैं और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही है। उनके जिला नोडल प्रभारी बनने के बाद यह पहला बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
इस बीच, सहरसा में तैनात तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हिमांशु को शेखपुरा का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनके जल्द ही पदभार ग्रहण करने की संभावना है।
एसपी के तबादले के बाद जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं, लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शिकायतों में उठाए गए अन्य मुद्दों पर कोई आगे की कार्रवाई होती है या नहीं।