बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और सामाजिक संस्था मंथन की संयुक्त कार्रवाई में चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। सभी बच्चे बिना अभिभावकों को बताए घर से निकलकर मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ जाने की तैयारी में थे।
जानकारी के अनुसार, 18 जून 2026 की रात इंस्पेक्टर आरपीएफ संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान एवं मंथन संस्था की प्रतिनिधि आराधना मंडल द्वारा मानव तस्करी, घर से भागे बच्चों (TOPB) तथा अन्य संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए बरहरवा रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।
रात्रि लगभग 8:30 बजे स्टेशन परिसर स्थित सिग्नल ऑफिस के पास चार नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपनी उम्र 13, 14, 14 और 16 वर्ष बताई तथा सभी ने पाकुड़ जिले का निवासी होना स्वीकार किया।
गहन पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे बिना अपने परिजनों को सूचना दिए घर से निकल आए थे और मुरारोई रेलवे स्टेशन से बरहरवा पहुंचे थे। उनका उद्देश्य मजदूरी करने के लिए लखनऊ जाना था।
बच्चों की स्थिति और गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ टीम उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ पोस्ट लेकर आई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों नाबालिगों को आगे की कार्रवाई, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए मंथन संस्था, साहिबगंज की प्रतिनिधि आराधना मंडल को सौंप दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर मानव तस्करी, बाल श्रम और घर से भागे बच्चों की पहचान एवं सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई से चार नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में फंसने से बचाया जा सका।
रांची। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा दिनांक 19 जून, 2026 को “Reducing Plastic Waste for A Greener Tomorrow” विषय पर एक व्याख्यान एवं वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी लाने के उपायों को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर सीआईपीईटी (CIPET), रांची के निदेशक एवं प्रमुख श्री अवनीत कुमार जोशी ने विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट के बढ़ते पर्यावरणीय प्रभावों, सतत विकास में अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका तथा प्लास्टिक उपयोग में कमी लाने हेतु अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जनभागीदारी एवं व्यवहारगत परिवर्तन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान महाप्रबंधक (अधिकारी स्थापना/कल्याण), सीसीएल, श्री संजय कुमार ठाकुर ने मुख्य वक्ता श्री जोशी का स्वागत किया तथा उनके बहुमूल्य विचारों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्वच्छता पखवाड़ा के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सीसीएल मुख्यालय, रांची से अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की, जबकि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने वेबिनार के माध्यम से ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक अपशिष्ट न्यूनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त की तथा स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण हेतु अपने योगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के आयोजन में श्रीमती पूजा प्रसाद , प्रबंधक (सा. वि) एवं श्रीमती श्वेता हंसदा, प्रबंधक (सा.वि) की सक्रिय भूमिका रही ।यह कार्यक्रम स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
बरहरवा (साहिबगंज): बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो शातिर मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53,488 बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 2:15 बजे आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार अपने दल के साथ स्टेशन परिसर में गश्त और जांच अभियान चला रहे थे। टीम में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान और सिपाही सुजीत कुमार सिंह भी शामिल थे। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या-3 पर खड़ी विश्वभारती पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में दो संदिग्ध युवक घूमते नजर आए।
आरपीएफ टीम द्वारा पूछताछ के लिए रोके जाने पर दोनों युवक ट्रेन से कूदकर भागने लगे, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांद शेख (25 वर्ष) और इस्तेफाक शेख (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों झारखंड के पाकुड़ जिले के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद मोबाइल फोनों में से दो मोबाइल बरहरवा रेलवे स्टेशन के द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय में सो रहे यात्रियों से तथा दो मोबाइल टिकट काउंटर के पास सोए हुए लोगों से चोरी किए गए थे।
आरपीएफ ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में चारों मोबाइल फोन जब्त कर लिए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बरामद सामान और संबंधित दस्तावेजों के साथ आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी बरहरवा को सौंप दिया गया है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी और गश्ती अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
शेखपुरा: शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी के तबादले के बाद जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने दावा किया है कि उन्होंने 8 जून को एडीजी एवं जिला नोडल पदाधिकारी अमित लोढ़ा को एक बंद लिफाफे में जिले के कुछ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें और दस्तावेज सौंपे थे। इसके दस दिन बाद एसपी बलिराम कुमार चौधरी का तबादला कर उन्हें विशेष शाखा, पटना भेज दिया गया।
अरशद नसर का कहना है कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों का उल्लेख था। उन्होंने दावा किया कि एडीजी अमित लोढ़ा ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
हालांकि, पुलिस मुख्यालय या राज्य सरकार की ओर से एसपी के तबादले को इन शिकायतों से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य तबादला प्रक्रिया का हिस्सा भी माना जा रहा है।
गौरतलब है कि एडीजी अमित लोढ़ा पूर्व में शेखपुरा के एसपी रह चुके हैं और अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही है। उनके जिला नोडल प्रभारी बनने के बाद यह पहला बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
इस बीच, सहरसा में तैनात तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी हिमांशु को शेखपुरा का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। उनके जल्द ही पदभार ग्रहण करने की संभावना है।
एसपी के तबादले के बाद जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं, लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि शिकायतों में उठाए गए अन्य मुद्दों पर कोई आगे की कार्रवाई होती है या नहीं।
रांची : राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब तेज हो गई है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर प्रारंभिक जानकारी जुटाई है। हालांकि मामले को NIA द्वारा आधिकारिक रूप से अपने हाथ में लिए जाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मालूम को की बुधवार देर रात करीब 12:38 बजे दो अज्ञात युवक RSS कार्यालय के पास पहुंचे और पेट्रोल बम फेंककर फरार हो गए। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में एक युवक बोतल में आग लगाता दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा घटना की रिकॉर्डिंग करता नजर आ रहा है।
हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद भाजपा और RSS से जुड़े कई वरिष्ठ नेता मौके पर पहुंचे और इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
पुलिस ने आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
रांची: राजधानी रांची में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था संधारण और यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची ने पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी तथा यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, जनसुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि आम जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था का संधारण और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
SSP ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाना स्तर पर आम जनता के साथ नियमित संवाद स्थापित कर पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
बैठक में अपराधियों, असामाजिक तत्वों तथा जेल से बाहर आए अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) प्रस्तावों में तेजी लाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन, मोबाइल एवं बैग गुम होने से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। थाना स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थों (NDPS), चोरी, गृह भेदन तथा अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्ती और पुलिस गतिविधियों की सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अपराध नियंत्रण के लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ निरोधात्मक और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रात्रिकालीन गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस अधिकारियों को रात में क्षेत्र भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया।
बैठक में पॉक्सो (POCSO) मामलों की समीक्षा करते हुए अनुसंधान में तेजी लाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
SSP ने लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं के शीघ्र निष्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ करें ताकि आम जनता का विश्वास पुलिस पर और मजबूत हो सके।
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सोमवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के नवनियुक्त महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने शिष्टाचार मुलाकात की।
यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस दौरान महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के महाधिवक्ता के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
महाधिवक्ता राज्य सरकार के प्रमुख विधि अधिकारी होते हैं और न्यायालयों में राज्य सरकार का पक्ष रखने के साथ-साथ विभिन्न कानूनी मामलों में सरकार को आवश्यक सलाह प्रदान करते हैं। ऐसे में राज्य के नए महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री और महाधिवक्ता के बीच हुई यह मुलाकात औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्य के विधिक एवं प्रशासनिक दायित्वों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई।
महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय अपने अनुभव और विधिक विशेषज्ञता के माध्यम से सरकार को प्रभावी कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे तथा राज्य के महत्वपूर्ण मामलों में न्यायालयों के समक्ष सशक्त पक्ष रखेंगे।
रांची: तकनीकी शिक्षा, डिजिटल नवाचार और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को नई दिशा देते हुए (जेयूटी), रांची परिसर में अत्याधुनिक कौशल एवं करियर विकास केंद्र (Skill & Career Development Center) का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित यह केंद्र छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर जेयूटी के कुलपति तथा अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से केंद्र का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति रही।
कुलपति डॉ. डी. के. सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में केवल पारंपरिक तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उद्योग जगत तेजी से बदल रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा तथा डेटा आधारित तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि यह नया केंद्र छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अनुदीप फाउंडेशन के उपाध्यक्ष तन्मय मुखर्जी ने कहा कि यह केंद्र छात्रों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें करियर निर्माण, संचार कौशल, इंटरव्यू तैयारी और पेशेवर विकास से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
इस अत्याधुनिक केंद्र में छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), साइबर सुरक्षा (Cyber Security), पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा विश्लेषण, डिजिटल तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोग तथा करियर प्रबंधन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य की तकनीकी मांगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से झारखंड के तकनीकी छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे अकादमिक शिक्षा और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही छात्रों को इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और स्टार्टअप के अवसरों तक बेहतर पहुंच भी प्राप्त होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह केंद्र आने वाले समय में क्षेत्रीय स्तर पर डिजिटल कौशल विकास का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र न केवल देश के उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगे, बल्कि झारखंड को तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रतिभा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी योगदान देंगे।
यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने तथा युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
रांची। ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि मई माह में दिनांक-27.05.2026 को केतारी बगान नामकुम स्थित दीपक कुमार उर्फ पिंटु के बंद घर का ताला तोड़कर घर के अंदर से लगभग 15,00,000/- (पंद्रह लाख) अनुमानित मूल्य के सोने चांदी के जेवर तथा किमती घड़ी एवं 30,000/- रूपये नगद की चोरी की घटना प्रतिवेदित हुई थी। इसके पूर्व भी नामकुम थाना क्षेत्र में कई बंद घरो में चोरी की घटना प्रतिवेदित हुई थी। लगातार हो रही चोरी घटना की संवेदनशीलता एवं गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के द्वारा पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु०) प्रथम के नेतृत्व में नामकुम थाना प्रभारी एवं थाना अन्य पदाधिकारी को शामिल करते हुए कांडों के उद्भेदन एवं सामान की बरामदगी तथा संलिप्त अपराधकर्मियों की गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया था। गठित टीम द्वारा आसूचना संकलन एवं अनुसंधान के क्रम में कांड में संलिप्त व्यक्ति शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल उम्र 24 वर्ष, पिता-शेख मसगुल उर्फ शेख मजबुल, सा०-जामबाद लघुरका थाना हुर्रा, जिला-पुरूलिया को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से चोरी की घटना के दौरान प्रयुक्त किये जाने वाले अवैध हथियार सहित चोरी किये गये जेवर से प्राप्त रकम नगद 1,00,000/- रूपये बरामद किये गये। गिरफ्तार उक्त अभियुक्त के द्वारा अपने अपराध स्वीकारोक्ति बयान में स्वीकार किया गया है कि अपने 6-7 अपराधिक सहयोगियों का गिरोह बनाकर बंद घरो से सोने चांदी के गहनो, रूपया एवं किमती सामान की चोरी करते है। चोरी किये गये जेवर को इनलोगों के द्वारा प्रायः लोवाडीह स्थित महारानी ज्वेलर्स में कम मूल्य पर बेचा जाता है। प्रासंगिक कांड में चोरी किये गये जेवर को छः लाख रूपया में बेचा गया था। इसके पूर्व भी नामकुम थाना क्षेत्र के अलावे सदर थाना क्षेत्र, लोअर बाजार थाना क्षेत्र में चोरी किये गये जेवरात को महरानी ज्वलेर्स के मालिक कृष्णा कुमार को बेचा करता था तथा उससे प्राप्त रकम को आपस में बांट लिया करता था। बेचे गये जेवरात को ज्वेलरी दुकान मालिक द्वारा गलाकर पुनः नये जेवर बना लिये जाते थे। इसके निशानदेही पर महरानी ज्वेलर्स से लगभग 212 ग्राम सोना एवं 18 किलो चांदी बरामद कर विधिवत जप्त किया गया है तथा ज्वेलरी शॉप के मालिक कृष्णा कुमार को विधिवत गिरफ्तार किया गया। चोरी के इस संगठित गिरोह का मुख्य सरगना शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल है जो चोरी 15 से अधिक अपराधिक कांडों में संलिप्त रहा है तथा कई बार न्यायिक भेजा गया है। यह एक अभ्यासिक अपराध कर्मी है। संगठित गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापामारी की जा रही है। साथ ही ज्वेलरी दुकान के मालिक कृष्णा कुमार के अपराधिक इतिहास के संबंध में छानबीन की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता-
1. शेख अफरोज उर्फ पुटीलाल उर्फ अहमद राजा उर्फ साहिल उम्र 24 वर्ष पिता शेख मसगुल उर्फ शेख मजबुल पता- स्थायी पता जामबाद लघुरका थाना हुर्रा जिला पुरुलिया राज्य पं० बंगाल,
वर्तमान पता ईलाहीबक्स कॉलोनी में सकिला बीबी के घर के नजदीक थाना सदर जिला रॉची तथा वर्तमान छोटा तालाब के नजदीक हिन्दपीढ़ी थाना हिन्दपीढी,
2. कृष्णा कुमार, उम्र-20 वर्ष, पिता-गणेश सोनी, सा०-फ्लैट नं0-403, ए० ब्लॉक, स्वर्ण रेखा गॉर्डेन, लोवाडीह, थाना-नामकुम, जिला-रांची।
बरामद सामाग्री :-
1. विभिन्न प्रकार के सोना के जेवर वजन लगभग 212 ग्राम,
2. विभिन्न प्रकार के चांदी के जेवर वजन लगभग 18 किलोग्राम
3. नगद रकम - 1,00,000/- रूपये,
4. देशी पिस्ट- 01,
5. जिन्दा गोली 03 अद्द,
6. घड़ी 01 अद्द
7. मोबाईल फोन-01 अद्द
अपराधिक इतिहास
शेख अफरोज उर्फ पुटी लाल का अपराधिक इतिहास
1. सदर थाना रॉची कांड सं0 458/20 धारा-461/379 भा०द०वि०
2. सदर थाना रॉची कांड सं0 269/21 धारा-414/34 भा०द०वि०
3. सदर थाना रॉची कांड सं0 229/21 धारा-452/341/323/427/506/34 भा०द०वि०
4. सदर थाना रॉची कांड सं0 131/21 धारा-392 भा०द०वि०
5. सदर थाना रॉची कांड सं0 204/21 धारा-454/380 भा०द०वि०
6. सदर थाना रॉची कांड सं0 93/23 धारा-356/382 भा०द०वि०
7. लोअर बाजार थाना रॉची कांड सं0 70/25 धारा-317 (5)/338 बी०एन०एस० एवं 25 (1-बी0) ए०/26/35 आर्म्स एक्ट
8. रेल थाना रॉची कांड सं0 13/22 धारा-379/511 भा०द०वि०
9. नामकुम थाना कांड सं0 143/21 धारा-457/380
10. नामकुम थाना कांड सं0 96/21 धारा-392 भा०द०वि०
11. नामकुम थाना कांड सं0 183/23 धारा 457/380 भा०द०वि०
12. नामकुम थाना कांड सं0 285/25 धारा-454/380/414/34 भा०द०वि०
13. नामकुम थाना कांड सं0 288/25 धारा-331 (4) / 305 (ए) भा०न्या०सं०
14. नामकुम थाना कांड सं0 20/26 धारा-331 (3) / 305 (ए) भा० न्या०सं०
15. नामकुम थाना कांड सं0 31/26 धारा-331 (3) / 305 (ए) भा० न्या०सं०
छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी
1. श्री अमर कुमार पाण्डेय, वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु०) प्रथम, रांची,
2. श्री रामनारायण सिंह, पु०नि०-सह-थाना प्रभारी, नामकुम थाना, रांची,
3. पु०अ०नि०, शशि रंजन, नामकुम थाना,
4. पु०अ०नि०, जयेदव कुमार सराक, नामकुम थाना,
5. पु०अ०नि०, सोनू कुमार दास, नामकुम थाना,
6. स०अ०नि०, उज्जवल कुमार सिंह, नामकुम थाना,
7. स०अ०नि०, सत्येन्द्र सिंह, नामकुम थाना,
8. स०अ०नि०, तारकेश्वर प्रसाद केसरी, नामकुम थाना,
9. थाना के सशस्त्र बल।
पटना: राजधानी पटना को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन का विशेष अभियान लगातार दसवें दिन भी जारी रहा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर नगर निगम, पुलिस, यातायात, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, अग्निशमन, विद्युत तथा अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थलों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अब केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को निर्देश दिया है कि अभियान में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शहर के कई इलाकों में चला विशेष अभियान
आज पटना नगर निगम के विभिन्न अंचलों और नगर परिषद क्षेत्रों में सुबह से दोपहर तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।
नूतन राजधानी अंचल में विकास भवन से शेखपुरा मोड़ तक सड़क के दोनों किनारों से अतिक्रमण हटाया गया, जहां ₹17,000 का जुर्माना वसूला गया।
पाटलिपुत्र अंचल में अशोक राजपथ, राजापुर पुल, बोरिंग कैनाल रोड और बोरिंग रोड चौराहा क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां सबसे अधिक ₹23,000 का जुर्माना लगाया गया।
अजीमाबाद अंचल में जीरो माइल से एनएच-30 और ज्युडिशियल एकेडमी के आसपास अतिक्रमण हटाया गया तथा ₹5,500 का जुर्माना वसूला गया।
पटना सिटी अंचल में चौक थाना मोड़ से दीदारगंज चेकपोस्ट तक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान 15 प्लास्टिक कैरेट और एक लोहे का स्टैंड जब्त किया गया तथा ₹3,500 का जुर्माना लगाया गया।
कंकड़बाग अंचल में ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के दौरान एक काउंटर और एक ठेला जब्त किया गया। यहां ₹3,300 का जुर्माना वसूला गया।
बांकीपुर अंचल में भीखना पहाड़ी और मुसल्लाहपुर हाट क्षेत्र में कार्रवाई की गई। ठेले, झोपड़ियां और अन्य अवैध संरचनाएं हटाई गईं तथा ₹3,000 का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा दानापुर, फुलवारीशरीफ और खगौल क्षेत्रों में भी व्यापक अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण हटाए गए।
एक दिन में ₹56,300 का जुर्माना
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज के अभियान में विभिन्न अंचलों में कुल 56,300 का जुर्माना वसूला गया। साथ ही कई अवैध ढांचे, ठेले, काउंटर, झोपड़ियां और सड़क किनारे जमा मलबा हटाया गया।
दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां लगातार निगरानी रखी जाए। इसके लिए विशेष फॉलो-अप टीमों को सक्रिय किया गया है।
उन्होंने कहा कि आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण, यातायात बाधा और यातायात नियमों के उल्लंघन के प्रति प्रशासन "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रहा है।
उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से भी अनुरोध किया है कि सभी थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण न हो तथा अभियान की जानकारी स्टेशन डायरी में भी दर्ज की जाए।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष मॉनिटरिंग सेल
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है। यह सेल विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तार्किक परिणाम तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और आम नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण उन्मूलन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।