राजमहल (साहिबगंज): आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से राजमहल थाना परिसर में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विमलेश कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों तथा विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इस दौरान मुहर्रम पर्व के आयोजन से संबंधित सभी आवश्यक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीपीओ विमलेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मुहर्रम केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि त्याग, बलिदान और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजमहल क्षेत्र हमेशा से सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है तथा इस परंपरा को आगे भी बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने, शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
एसडीपीओ ने विशेष रूप से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्व के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
बैठक में राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान निर्धारित मार्गों का पालन करना अनिवार्य होगा तथा सभी आयोजन समितियों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
थाना प्रभारी ने बताया कि जुलूस मार्गों पर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की विशेष तैनाती की जाएगी। साथ ही भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जाएगा। उन्होंने आयोजन समितियों से भी सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि प्रशासन और आम जनता के सामूहिक प्रयास से ही पर्व को सफल एवं शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।
बैठक के दौरान जुलूस मार्गों की स्थिति, सड़क सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाओं तथा यातायात संचालन जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ निरंतर गश्त की भी व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में विधायक प्रतिनिधि एमडी मारूफ गुड्डू, नगर परिषद अध्यक्ष एमडी केताबुद्दीन, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सह वार्ड सदस्य मकसूद आलम ने कहा कि राजमहल की गंगा-जमुनी तहजीब पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के पर्व-त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मुहर्रम पर्व भी इसी एकता और सामाजिक समरसता के वातावरण में मनाया जाएगा तथा सभी लोग मिलकर प्रशासन का सहयोग करेंगे।
बैठक के अंत में प्रशासन की ओर से सभी उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे शांति, अनुशासन और सौहार्द बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही मुहर्रम पर्व को सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।