साहेबगंज। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे द्वारा नगर क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न पर्यटन, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण योजनाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में वेस्ट टू वंडर पार्क, गंगा विहार पार्क, मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय, टाउन हॉल, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर एवं महिला छात्रावास, बिरसा मुंडा घाट, मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट का जायजा लिया गया तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले के सार्वजनिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन स्थलों का समुचित विकास न केवल नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि साहिबगंज को एक आकर्षक एवं व्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहित के अनुरूप पूर्ण करने का निर्देश दिया।
वेस्ट टू वंडर पार्क को बनाया जाएगा प्रमुख आकर्षण केंद्र
निरीक्षण के क्रम में सर्वप्रथम वेस्ट टू वंडर पार्क का अवलोकन किया गया। उपायुक्त ने पार्क में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इस स्थल को जिले के प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने पार्क में आकर्षक लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, वॉकवे, बच्चों के खेल क्षेत्र, सांस्कृतिक मंच, कैफेटेरिया एवं सेल्फी प्वाइंट को व्यवस्थित रूप से विकसित करने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से झारखंड की जनजातीय संस्कृति, स्थानीय विरासत एवं पारंपरिक कलाओं को कलात्मक रूप से प्रदर्शित करने पर बल दिया, ताकि यह पार्क स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन सके। उपायुक्त ने 15 अगस्त तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
गंगा विहार पार्क के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर जोर
इसके उपरांत उपायुक्त ने गंगा विहार पार्क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पार्क की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसके समग्र पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा समुचित रखरखाव के अभाव में पार्क परिसर में झाड़ियां एवं बड़े-बड़े घास उग जाने से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं परिवारों, की आवाजाही प्रभावित हुई है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पार्क परिसर की नियमित साफ-सफाई, घास कटाई एवं झाड़ियों की सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान पार्क में लगे कई झूलों एवं खेल उपकरणों में जंग लगने, कई स्थानों पर प्लास्टिक सामग्री टूटने तथा लोहे के ढांचों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति की समीक्षा की गई। इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज को निर्देश दिया कि सभी झूलों एवं बच्चों के खेल उपकरणों की मरम्मत, पेंटिंग एवं आवश्यक रखरखाव कार्य शीघ्र कराया जाए, ताकि कम लागत में पार्क को पुनः सुचारू एवं उपयोगी बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पार्क की आधारभूत संरचना अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में है तथा व्यवस्थित अनुरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के माध्यम से इसे पुनः जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में विकसित किया जा सकता है। उपायुक्त ने पार्क परिसर में सजावटी पौधारोपण, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, बैठने की सुविधाओं को बेहतर बनाने एवं नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पार्क के नियमित अनुरक्षण हेतु आउटसोर्सिंग के माध्यम से अतिरिक्त कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं पार्क को राजस्व-सक्षम मॉडल के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।
पुस्तकालय एवं टाउन हॉल में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश
मास्टर सोबरन मांझी अनुमंडलीय पुस्तकालय एवं टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पुस्तकालय भवन के ऊपरी तल पर जल रिसाव की समस्या को देखते हुए मरम्मत कार्य कराने, नए शौचालय निर्माण तथा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त केबिन आधारित अध्ययन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को शांत एवं एकाग्र अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने हेतु केबिन लाइब्रेरी की व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें व्यक्तिगत अध्ययन केबिन, लैपटॉप एवं मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लैंप तथा वातानुकूलित सुविधा उपलब्ध हो।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पुस्तकालय में उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु जरूरी पुस्तकों की जानकारी ली तथा आवश्यक पुस्तकें एवं सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा एवं जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष से भी पुस्तकालय की आवश्यकताओं एवं विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
टाउन हॉल निरीक्षण के दौरान भवन की मरम्मत, सीपेज समस्या के समाधान, शौचालयों के नवीनीकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के उन्नयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही टाउन हॉल परिसर के पीछे चार कक्षों वाले अतिरिक्त भवन निर्माण की संभावनाओं पर विचार करते हुए संबंधित अभियंताओं को आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया। नगर परिषद को टाउन हॉल के बेहतर रख-रखाव एवं सौंदर्यीकरण हेतु कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का किया निरीक्षण
इसके पश्चात उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, आधुनिक प्रयोगशाला की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं हेतु बेहतर बैठने की सुविधा तथा खेल मैदान के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर से संबंधित भूमि, प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु अंचल पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालय परिसर में अवैध अतिक्रमण की संभावना को रोकने तथा उपलब्ध भूमि का उपयोग शैक्षणिक एवं छात्र हित से जुड़े कार्यों के लिए सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में उपलब्ध पुराने बेंच-डेस्क एवं अन्य फर्नीचर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि उपयोग योग्य पुराने संसाधनों की मरम्मत कर उन्हें पुनः उपयोग में लाया जाए, ताकि कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
## *घाटों के विकास, स्वच्छता एवं सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर*
इसके बाद उपायुक्त ने भगवन बिरसा मुंडा घाट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन घाट, चेंजिंग रूम एवं अन्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए फिसलन-रोधी टाइल्स लगाने, प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने, पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा शौचालय एवं स्नानागार निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि भविष्य में घाट को गंगा आरती एवं धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जा सकता है, जिससे पर्यटन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुक्तेश्वर घाट एवं नमामि गंगे घाट निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने घाटों की स्वच्छता, सीवेज प्रबंधन, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था एवं समुचित रखरखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने नमामि गंगे घाट पर आयोजित होने वाली गंगा आरती को और अधिक व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने तथा घाटों के सौंदर्यीकरण एवं आगंतुकों के लिए सुविधाओं के विस्तार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही लंबित विकास योजनाओं से संबंधित डीपीआर एवं प्रस्तावों को शीघ्र अग्रसारित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज अभिषेक सिंह, जिला परियोजना पदाधिकारी नमामि गंगे अमित कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता दिवाकर मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष एवं स्पेशल डिवीजन के कनीय अभियंता रामाशंकर सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित थे।