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मुख्यमंत्री ने रॉयल स्कूल ऑफ माइंस इम्पीरियल कॉलेज लंदन का दौरा, क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत शोध और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेषज्ञों से संवाद
January 24, 2026 | 180 Views
मुख्यमंत्री ने रॉयल स्कूल ऑफ माइंस इम्पीरियल कॉलेज लंदन का दौरा, क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत शोध और स्वच्छ ऊर्जा पर विशेषज्ञों से संवाद

लंदन/रांची / मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लंदन प्रवास के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत खनिज प्रसंस्करण और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संवाद के तहत रॉयल स्कूल ऑफ माइंस, इम्पीरियल कॉलेज लंदन का दौरा किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान की प्रमुख प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया और क्रिटिकल मिनरल्स, एडवांस्ड मैटीरियल्स तथा परमाणु से जुड़े अनुसंधान में कार्यरत फैकल्टी और शोधकर्ताओं से बातचीत की। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग, मार्क वेनमैन, मार्क सेप्टन तथा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रो. मुकेश कुमार और डॉ. सूर्या कुमार सिंह ने खनिज प्रसंस्करण, सामग्री विज्ञान, परमाणु अभियांत्रिकी और उन्नत सेंसिंग तकनीकों से जुड़े शोध कार्यों की जानकारी दी। फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि इम्पीरियल कॉलेज लंदन में भू-विज्ञान, सामग्री अभियांत्रिकी, कंप्यूटेशनल मॉडलिंग और नीति अध्ययन को एक साथ जोड़कर खनन, स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक डी-कार्बोनाइजेशन जैसी जटिल चुनौतियों पर काम किया जा रहा है।

प्रयोगशालाओं में खनिजों की पहचान, प्रसंस्करण को बेहतर बनाने, मॉडलिंग और इमेजिंग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इन दौरान यह बताया गया की कैसे प्रारंभिक स्तर के शोध को औद्योगिक स्तर के उपयोग में बदला जा सकता है। चर्चा का मुख्य विषय यह रहा कि इस तरह की तकनीकें झारखंड जैसे संसाधन-समृद्ध राज्यों को केवल खनन तक सीमित न रखते हुए मूल्य वैल्यू एडिशन की दिशा में आगे बढ़ने में कैसे मदद कर सकती हैं।


इस दौरे के माध्यम से झारखंड ने अग्रणी वैश्विक संस्थानों के साथ दीर्घकालिक शैक्षणिक और शोध साझेदारी की अपनी मंशा को दोहराया। इसमें तकनीकी विकास, कौशल निर्माण और संस्थागत क्षमता बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों द्वारा इम्पीरियल कॉलेज के साथ भी बातचीत की गई, ताकि झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़ के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की दिशा में पहल की जा सके। 

यह यात्रा झारखंड को क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत विनिर्माण और सतत औद्योगिक विकास के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
 


January 24, 2026 | 181 Views
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