FOLLOW US ON
Breaking News साहिबगंज जिले के कोटालपोखर थाना अंतर्गत चेकनाका पर न्यूज़ कवरेज करने का मामला चार पत्रकारों को पुलिस ने भेजा जेल | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हूल दिवस पर सिदो कान्हु को किया नमन | टीएमसी से पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के पति साकिब अली को NIA ने किया रामनवमी हिंसा के मामले में किया गिरफ्तार | ईरान और अमेरिका के बीच संधि वार्ता के बाद फिर जंग की शुरुआत | प्रयागराज स्थित खान कोचिंग सेंटर UP प्रशासन ने लिया सील | राम मंदिर से चंदा चोरी का मामला देश भर में राजनीति गर्म | भरत तिवारी का इनकाउंटर मामला में विपक्ष के कई सवाल सरकार पर पुलिस घिरे | भोजपुर जिले में बिलौटा में हुए भरत तिवारी के एनकाउंटर पर बिहार में राजनीति गर्म | केंद्रीय मंत्रिमंडल से 6 मंत्रियों की होगी छुट्टी नौ नए मंत्री की होगी नियुक्ति |
मोबाइल और माइक लेकर कोई भी बन रहा रिपोर्टर? दिल्ली हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, सरकार को बनाए नियम
July 18, 2026 | 135 Views
मोबाइल और माइक लेकर कोई भी बन रहा रिपोर्टर? दिल्ली हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, सरकार को बनाए नियम

नई दिल्ली। डिजिटल पत्रकारिता और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि आज के समय में मोबाइल फोन और माइक्रोफोन लेकर लगभग हर व्यक्ति खुद को रिपोर्टर बताने लगा है। अदालत ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आधारशिला है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था भी जरूरी है।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में बिना किसी पेशेवर मानकों के कई लोग खुद को पत्रकार बताकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जिससे गलत सूचना और भ्रामक खबरों का खतरा बढ़ सकता है।

सरकार को दिया सुझाव

अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाए जो एक ओर प्रेस की स्वतंत्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखे और दूसरी ओर पेशेवर जवाबदेही, नैतिक मानकों तथा नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित करे।

प्रेस की स्वतंत्रता पर जोर

दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की मजबूत नींव है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

डिजिटल पत्रकारिता पर बहस तेज

हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद डिजिटल पत्रकारिता, यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया आधारित रिपोर्टिंग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

 


July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views
July 18, 2026 | 136 Views