FOLLOW US ON
Breaking News एमएलसी चुनाव में बैलट पेपर से वोट फिर भी कांग्रेस पार्टी की बुरी तरीके से हार | UPI में 2000 रु से अधिक लेनदेन के चार्ज पर रोक, राजनीतिक बयानबाजी तेज | एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार की जीत के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह पर बढ़ी मुश्किल | दिल्ली दुलारचंद हत्या केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश मोकामा विधायक अनंत सिंह को 1 नवंबर तक सरेंडर करने का निर्देश | बैलट पेपर से एमएलसी का चुनाव लेकिन कांग्रेस की हार पर भाजपा नेताओं का तंज़ | यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से राजनीति शुरू बीजेपी और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज | 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस का वोट चोरी को लेकर होगा बड़ा प्रदर्शन देश भर से जुटेंगे कांग्रेस के कार्यकर्ता | JPSC एवं JSSC CGL में CID की जांच में पूरा भ्रष्ट तंत्र का बड़ा खुलासा |
मोबाइल और माइक लेकर कोई भी बन रहा रिपोर्टर? दिल्ली हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, सरकार को बनाए नियम
July 18, 2026 | 275 Views
मोबाइल और माइक लेकर कोई भी बन रहा रिपोर्टर? दिल्ली हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, सरकार को बनाए नियम

नई दिल्ली। डिजिटल पत्रकारिता और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि आज के समय में मोबाइल फोन और माइक्रोफोन लेकर लगभग हर व्यक्ति खुद को रिपोर्टर बताने लगा है। अदालत ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आधारशिला है, लेकिन इसका दुरुपयोग रोकने के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था भी जरूरी है।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में बिना किसी पेशेवर मानकों के कई लोग खुद को पत्रकार बताकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं, जिससे गलत सूचना और भ्रामक खबरों का खतरा बढ़ सकता है।

सरकार को दिया सुझाव

अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाए जो एक ओर प्रेस की स्वतंत्रता को पूरी तरह सुरक्षित रखे और दूसरी ओर पेशेवर जवाबदेही, नैतिक मानकों तथा नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित करे।

प्रेस की स्वतंत्रता पर जोर

दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की मजबूत नींव है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

डिजिटल पत्रकारिता पर बहस तेज

हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद डिजिटल पत्रकारिता, यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया आधारित रिपोर्टिंग को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

 


July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views
July 18, 2026 | 276 Views