पूर्वी सिंहभूम (घाटशिला):झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपोड़ा गांव में मिले तीसरे जिंदा बम को भी भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया है। इस ऑपरेशन के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, जो पिछले कई दिनों से दहशत के माहौल में जी रहे थे।बताया जा रहा है कि स्वर्णरेखा नदी के किनारे एक के बाद एक तीन अमेरिकी निर्मित बम बरामद हुए थे। इन बमों पर AN-M64 अंकित है, जिसका उपयोग अमेरिका की वायुसेना और नौसेना द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध और कोरिया युद्ध के दौरान किया जाता था।
कैसे मिला बम?
पहला बम 17 मार्च 2026 को अवैध बालू खनन के दौरान मिला
दूसरा बम 24 मार्च को एक ग्रामीण के घर से बरामद हुआ
तीसरा बम 17 अप्रैल को नदी में मछली पकड़ने के दौरान दिखागर्मी के कारण नदी का जलस्तर कम होने से ये बम बाहर दिखाई देने लगे।
सेना और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई:
बम को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की विशेष टीम कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभाली।करीब एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया था। ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया और मौके पर फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस की तैनाती की गई।
नियंत्रित विस्फोट से किया डिफ्यूज
सेना ने सुरक्षित तकनीक अपनाते हुए नदी किनारे गड्ढा खोदकर बम को जमीन में दबाया और नियंत्रित तरीके से विस्फोट कर उसे निष्क्रिय किया। विस्फोट के बाद जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं का गुबार उठता देखा गया, लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लगातार तीन बम मिलने से इलाके में भय का माहौल था, जो अब खत्म हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।