पटवर टोला में 56 वर्षीय जीछु राम की डूबने से मौत, कृष्ण प्रसाद दियारा में कंचन कुमारी की तलाश जारी; आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी पर ग्रामीणों में आक्रोश
साहिबगंज। जिले में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार विकराल होती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ अब शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे में बाढ़ के पानी में डूबने की दो घटनाओं ने इलाके में दहशत पैदा कर दी है। एक घटना में 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में छह वर्षीय बच्ची लापता है।
पटवर टोला में 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत
सदर प्रखंड के बड़ी कोदरजन्ना स्थित पटवर टोला में सोमवार सुबह 56 वर्षीय जीछु राम, पिता धन्नी राम, की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण घर के चारों ओर पानी भर गया था। परिवार के सदस्य घर का सामान सुरक्षित स्थान पर निकालने में जुटे थे। इसके बाद जीछु राम देर शाम घर में सोने चले गए।
सुबह तक जब वह बाहर नहीं निकले तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उनका शव पानी में मिला। घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना प्रभारी अनीश कुमार पाण्डेय, एएसआई उमाकांत ओझा और एएसआई केशव मालाकार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।
नहाने के दौरान छह वर्षीय बच्ची बाढ़ के पानी में डूबी
वहीं, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कृष्ण प्रसाद दियारा में रविवार को नहाने के दौरान छह वर्षीय कंचन कुमारी बाढ़ के पानी में डूब गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
सोमवार पूर्वाह्न करीब 10 बजे तक गोताखोरों और मुफस्सिल थाना पुलिस की टीम बाढ़ के पानी में बच्ची की तलाश में जुटी रही। बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बाढ़ के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से जूझ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक केंद्र में सीएचओ नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हैं और एएनएम की भी पर्याप्त मौजूदगी नहीं है। ग्रामीणों का दावा है कि यहां पदस्थापित सीएचओ को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं, सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि बड़ी कोदरजन्ना में पदस्थापित छह एएनएम को जिला मुख्यालय में कार्य लिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस समय पूरा गांव बाढ़ की चपेट में है और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे अधिक जरूरत है, उस समय स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकती है।
ग्रामीणों, वार्ड सदस्य और मुखिया की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर उपायुक्त और सिविल सर्जन को लिखित आवेदन दिए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने तत्काल मेडिकल टीम भेजने की मांग की
ग्रामीणों ने बड़ी कोदरजन्ना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तत्काल सीएचओ और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष मेडिकल टीम भेजने, पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण जब लोगों के सामने जीवन बचाने की चुनौती है और बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है, तब स्वास्थ्य केंद्र में कर्मियों की कमी दूर करना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
बड़ी कोदरजन्ना में बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौत और बच्ची के लापता होने की घटना ने राहत एवं बचाव व्यवस्था के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई पर है।