रांची । झारखंड सरकार ने नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर राज्य में दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से 6 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, दिवंगत मंत्री के सम्मान में 6 और 7 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राजकीय शोक मनाया जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 7 सितंबर 2026 (सोमवार) को झारखंड सरकार के अधीन सभी कार्यालय कार्यपालक आदेश के तहत बंद रहेंगे।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह निर्णय मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग द्वारा जारी सूचना के आलोक में लिया गया है। झारखंड के राज्यपाल के आदेश से सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है।
सरकार की ओर से संबंधित सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों सहित विभिन्न संवैधानिक एवं प्रशासनिक संस्थानों को आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए आदेश की प्रति भेजी गई है।
एक दिन बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय
➡️ 6 सितंबर: राजकीय शोक
➡️ 7 सितंबर: राजकीय शोक और सभी सरकारी कार्यालय बंद
➡️ 8 सितंबर से: कार्यालयों के सामान्य रूप से खुलने की संभावना
डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ से नवाजा गया, हिंदी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में शुक्रवार को राजभाषा माह-2026 के समापन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वहीं, हिंदी साहित्य, व्यंग्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड के वरिष्ठ साहित्यकार, व्यंग्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ प्रदान किया गया।
दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल मुख्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. अशोक प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् और कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में गणेश वंदना और एकल अभिनय प्रतियोगिता ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुत संगीतमय नाट्य प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही।
हिंदी के प्रति उत्साह और समर्पण की सराहना
समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों की रचनात्मकता और हिंदी के प्रति उनके उत्साह की सराहना की गई।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि सीसीएल के सभागार में प्रस्तुत कार्यक्रमों को देखकर वह निशब्द हैं। उन्होंने आयोजन में शामिल होने पर गर्व की अनुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह एवं समर्पण को दर्शाती हैं।
‘हिंदी में काम करने पर गर्व’
सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि राजभाषा से जुड़ा यह कार्यक्रम उनके मन के बेहद करीब है। उन्होंने हिंदी में कार्य करने पर गर्व व्यक्त करते हुए राजभाषा के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि भाषा हमारी पहचान और विरासत है। इसे सहेजकर रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाषा के संरक्षण और संवर्धन के महत्व को रेखांकित किया।
वहीं, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि राजभाषा हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों में शामिल है और इसे बढ़ावा देना सभी का कर्तव्य है।
हिंदी में कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
समारोह के दौरान कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने, राजभाषा के प्रचार-प्रसार और कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक कार्यों में इसके सहज एवं प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दीविक दिवेश ने प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी पारंपरिक रस्में पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कीं। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों के रीति-रिवाजों, सामाजिक मान्यताओं एवं परंपराओं के अनुरूप दशकर्म से जुड़े धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पूजनीय माता का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया। दशकर्म संस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री के रिश्तेदार, परिजन एवं बड़ी संख्या में नेमरा के ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों का आगमन जारी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन के उपरांत उनके नेमरा स्थित पैतृक आवास पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं अन्य आगंतुकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे लोग मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही, स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना कर रहे हैं।
संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी, मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं व्यवस्थाओं की निगरानी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संस्कार भोज में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, ग्रामीणों एवं अन्य आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि संस्कार भोज में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
विधि-व्यवस्था एवं सुगम आवागमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां
संस्कार भोज के अवसर पर नेमरा एवं आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन, वाहन पार्किंग एवं आयोजन स्थल के आसपास सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।
21 अगस्त को जारी बेदखली नोटिस तीन दिन बाद लिया गया था वापस; CO हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश, DC रांची से भी जवाब तलब
बुंडू (रांची): बुंडू मेन रोड स्थित बाबा मेंस वियर (Baba Mens Wear) दुकान के बेदखली मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बुंडू के अंचल अधिकारी (CO) हंस हेम्ब्रम की भूमिका पर प्रथम दृष्टया सवाल उठाए हैं। मीना देवी की ओर से दायर W.P.(C) No. 7845 of 2026 की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने अंचल अधिकारी और किरायेदार मुकेश कुमार के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए CO से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में रांची के उपायुक्त (DC) से भी जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
बेदखली आदेश के बाद नोटिस वापस लेने पर सवाल
मामले के अनुसार, मकान किराया नियंत्रक-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, बुंडू ने 11 मई 2026 को J.B.C. Case No. 02/2026 में मीना देवी के पक्ष में आदेश पारित करते हुए किरायेदार मुकेश कुमार को 15 दिनों के भीतर दुकान खाली कर शांतिपूर्ण दखल सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित अवधि में दुकान खाली नहीं होने पर अंचल अधिकारी, बुंडू पुलिस के सहयोग से बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उक्त आदेश के अनुपालन में अंचल अधिकारी ने 21 अगस्त 2026 को Memo No. 567(ii) के माध्यम से दुकान खाली कराने का नोटिस जारी किया। हालांकि, महज तीन दिन बाद 24 अगस्त 2026 को Memo No. 571(ii) जारी कर पहले के नोटिस को वापस ले लिया गया। इसी कार्रवाई को मीना देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
8 अक्टूबर को भी कोर्ट ने उठाए थे सवाल
याचिका पर 8 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि 21 अगस्त के बेदखली नोटिस को 24 अगस्त के दूसरे नोटिस से वापस लेना प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत होता है, विशेषकर तब, जब अपील में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं हुआ था।
इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने अदालत को बताया कि रांची के उपायुक्त ने 25 अगस्त 2026 को J.B.C. Appeal No. 23R 15/2026-27 में अंतरिम आदेश पारित किया था। साथ ही, सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि विधि शाखा ने 27 अगस्त 2026 को पत्रांक 3640(ii) के जरिए अंचल अधिकारी को इसकी सूचना दी थी।
वहीं, याचिकाकर्ता मीना देवी के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत के समक्ष दलील दी कि अंचल अधिकारी ने 24 अगस्त को ही बेदखली नोटिस वापस ले लिया था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश अगले दिन, यानी 25 अगस्त को पारित हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से इसी समय-क्रम के आधार पर अंचल अधिकारी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मिलीभगत की आशंका जताई
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बेदखली नोटिस वापस लेने का आदेश 24 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश 25 अगस्त को आया। अदालत ने प्रथम दृष्टया अंचल अधिकारी और किरायेदार के बीच मिलीभगत की आशंका व्यक्त की।
अदालत ने इस मामले में अंचल अधिकारी हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। किरायेदार मुकेश कुमार को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, उपायुक्त, रांची को अगली सुनवाई से पहले काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
किरायेदारी को लेकर भी हुआ था विवाद
मूल बेदखली मामले में मीना देवी ने दावा किया था कि मुकेश कुमार के साथ दुकान को लेकर किरायेदारी का समझौता था और किराया बकाया होने के साथ दुकान की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर बेदखली की मांग की गई थी।
दूसरी ओर, मुकेश कुमार ने संपत्ति को पैतृक बताते हुए मकान-मालिक और किरायेदार के संबंध से इनकार किया था। उन्होंने किरायानामा समाप्त होने, दुकान खाली करने और दो लाख रुपये अग्रिम राशि वापस नहीं मिलने की बात भी कही थी।
मूल मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने मकान-मालिक और किरायेदार के बीच संबंध स्थापित मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था।
5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को For Orders के तहत होगी।
राँची। पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओड़िशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आदेश जारी कर दिया है। वही उड़ीसा के राज्यपाल बनाए जाने पर भाजपा की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं।
बधाई संदेश में कहा गया कि महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि ओड़िशा के राज्यपाल के रूप में श्री ब्रज मोहन राम को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभव का लाभ मिलेगा। उनके अनुभव और सार्वजनिक जीवन से प्राप्त समझ से राज्य को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
साथ ही, उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए आशा व्यक्त की गई कि वे अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करेंगे।
एसएसपी की अध्यक्षता में हुई बैठक, पूजा पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और 24 घंटे निगरानी अनिवार्य करने का निर्देश
राँची। दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, अपराध पर अंकुश और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों, सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और विसर्जन जुलूस के सुचारु संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सुरक्षा तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
पूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य
पुलिस प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को अपने पंडालों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त स्टोरेज क्षमता रखने और कैमरों का डिस्प्ले परिसर में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीसीटीवी की निगरानी के लिए कम से कम एक व्यक्ति की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अग्नि सुरक्षा को लेकर पंडालों में पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर, बालू, पानी और जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर की व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्युत सुरक्षा, भवन निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र, पर्याप्त रोशनी, अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, जनरेटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। पुरुष एवं महिला स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती के साथ निर्धारित सुरक्षा मानकों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक पंडालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
भीड़ नियंत्रण के लिए क्यूआरटी और शक्ति कमांडो की तैनाती
भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर जरूरत के अनुसार निगरानी टावर लगाए जाएंगे। प्रमुख पूजा पंडालों और मुख्य सड़कों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही स्थिर एवं चलायमान क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की व्यवस्था की जाएगी। विभिन्न थाना क्षेत्रों में बाइक दस्तों के माध्यम से लगातार गश्त और निगरानी की जाएगी।
बड़े पूजा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा और उनसे संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए शक्ति कमांडो तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
मोबाइल और चेन छिनतई करने वालों पर रहेगी नजर
दुर्गा पूजा के दौरान मोबाइल, बैग और चेन छिनतई, बाइक चोरी सहित अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए सघन एंटी-क्राइम चेकिंग और गश्त चलाने का निर्देश दिया गया है। पूर्व में सांप्रदायिक घटनाओं में संलिप्त रहे व्यक्तियों और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चेन छिनतई, मोबाइल चोरी और बाइक चोरी में संलिप्त पुराने अपराधियों तथा गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
विसर्जन मार्गों का होगा भौतिक निरीक्षण
विसर्जन जुलूस को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी निर्धारित मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सड़कों की स्थिति, संकरे रास्तों, दुर्घटना संभावित स्थलों और अन्य बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर भीड़ की स्थिति के अनुरूप यातायात प्रबंधन और डायवर्जन की व्यवस्था होगी। विसर्जन जुलूस के संचालन के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से काम करेगी। यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम लोगों को दी जाएगी।
अग्निशमन वाहन और आपातकालीन बचाव की तैयारी
प्रमुख पूजा पंडालों और आवश्यकतानुसार अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके अलावा, सभी थानों को स्थानीय गोताखोरों की सूची और संपर्क विवरण तैयार रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल उनकी मदद लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शांति भंग करने वालों पर होगी निरोधात्मक कार्रवाई
विधि-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व सूचना देना अनिवार्य
पूजा समितियों को डांडिया, गरबा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पूर्व सूचना संबंधित थाना एवं यातायात पुलिस को देनी होगी। इससे कार्यक्रमों में संभावित भीड़ के अनुरूप सुरक्षा, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। विसर्जन जुलूस और रावण दहन कार्यक्रमों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। संबंधित पुलिस अधिकारी आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
राँची पुलिस की आम लोगों से अपील
बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व आकलन करने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। संबंधित पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने, यातायात नियमों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा पूजा समितियों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
नेमरा स्थित पैतृक आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री से की मुलाकात, दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि
नेमरा (रामगढ़), 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए सोमवार को कई जनप्रतिनिधि नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत रूपी सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शोक व्यक्त करने वालों में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, विधायक सी.पी. सिंह, विधायक चंद्र देव महतो, बिहार के बोधगया विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुमार सर्वजीत, पूर्व विधायक डॉ. जीतू चरण राम और पूर्व विधायक सौरभ नारायण सिंह शामिल थे।
सभी जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही, शोकाकुल सोरेन परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों ने इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की।
राँची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में सतर्कता जागरूकता अभियान–2026 के अंतर्गत आज गांधीनगर क्रिकेट ग्राउंड में टीम कावेरी और टीम स्वर्णरेखा के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य खेल भावना, आपसी सौहार्द, टीम भावना एवं सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना था।
मैच में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम कावेरी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित मुकाबले में 152 रन बनाए। इसके जवाब में निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र के नेतृत्व में टीम स्वर्णरेखा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19वें ओवर में 2 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की।
मैच में उत्कृष्ट गेंदबाजी का प्रदर्शन करने वाले अमरेश प्रधान को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्होंने अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से 4 विकेट हासिल किए।
इस अवसर पर CCL के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) पंकज कुमार ने सभी खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना की सराहना की तथा विजेता टीम स्वर्णरेखा को बधाई दी। अवसर विशेष पर निदेशक तकनीकी (संचालन) चंद्र शेखर तिवारी एवं निदेशक (परियोजना एवं योजना) अनुप हंजुरा भी उपस्थित थे उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया Iइसके अतिरिक्त खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री आदिल हुसैन को भी सम्मानित किया।
इस मैत्रीपूर्ण मुकाबले ने कार्यस्थल पर आपसी सहयोग, सौहार्द, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सतर्कता जागरूकता अभियान के मूल संदेश—ईमानदारी, पारदर्शिता एवं नैतिक आचरण—को भी रेखांकित किया।
सिल्ली मुरी। जवाहर नगर सीसीएल कॉलोनी में अर्पिता महिला मंडल सीसीएल एवं महाबली एंटरटेनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के फैशन शो मिस्टर एंड मिस ईस्ट जोन स्टनिंग फैशन सीजन-2 की विजेता रिया पाठक को सम्मानित किया गया।महाबली एंटरटेनमेंट की ओर से आयोजित इस फैशन शो का ग्रैंड फिनाले सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। इसी क्रम में विजेताओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में मिस कैटेगरी की विजेता रिया पाठक को सीसीएल के सीएमडी की पत्नी प्रीति सिंह एवं महाबली एंटरटेनमेंट के निदेशक ऋषभ सिन्हा ने सम्मानित किया।इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल सीसीएल की उपाध्यक्ष रीता मिश्रा, इंदु मिश्रा, रीता तिवारी, नीरू हंजूरा और रूपा कुमार सहित सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक एवं अर्पिता महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित थीं। सभी अतिथियों ने रिया पाठक को उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रांची विधानसभा क्लब हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर रांची विधानसभा क्लब हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह चतरा विधायक जनार्दन पासवान एवं पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और सामाजिक सरोकारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान स्व. रामविलास पासवान एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रामविलास पासवान का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता, गरीबों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया।
सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा जीवन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की आवाज को राजनीतिक एवं सामाजिक मंचों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नेताओं ने कहा कि पासवान के विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा सामाजिक न्याय की उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समान अवसर, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
इस अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) झारखंड प्रदेश के प्रधान महासचिव विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों के नेता एवं पदाधिकारी तथा विशेष आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
विचार और आदर्श सदैव रहेंगे प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर आज RKDF University, Ranchi परिसर में शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में RKDF University, Ranchi का पूरा परिवार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।
सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।