साहिबगंज। बाढ़ का पानी उतरने के बाद साहिबगंज के प्रभावित इलाकों में अब संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जगह-जगह जमा गंदगी, जलजमाव और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप के कारण ग्रामीणों में मलेरिया, डेंगू, डायरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच कोर्दाजनना गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 10 हजार की आबादी वाले कोर्दाजनना गांव में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लंबे समय से सीएचओ और एएनएम की नियमित उपलब्धता नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां पदस्थापित सीएचओ राजेश कुमार यादव आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बजाय सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। वहीं, केंद्र में पदस्थापित एएनएम से भी मुख्यालय अस्पताल में कार्य लिए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। इसके कारण गांव के स्वास्थ्य केंद्र में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है।
बाढ़ के बाद बढ़ी बीमारी की आशंका
बाढ़ का पानी घटने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर गंदगी और जलजमाव बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के साथ ही मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मलेरिया और डेंगू के अलावा दूषित पानी से डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ के पानी के संपर्क में रहने के कारण त्वचा संबंधी संक्रमण की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित मौजूदगी बेहद जरूरी है, ताकि बीमारियों के लक्षण सामने आने पर तत्काल जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उपायुक्त और सिविल सर्जन से की जा चुकी है मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व उपायुक्त एवं सिविल सर्जन को लिखित आवेदन देकर कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित सीएचओ को वापस केंद्र पर भेजने की मांग की थी। साथ ही एएनएम को भी नियमित रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सेवा देने की मांग की गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि बाढ़ के बाद किसी संक्रामक बीमारी का प्रकोप बढ़ता है तो स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य शिविर, दवा छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कोर्दाजनना आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सीएचओ और एएनएम की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने, मलेरिया-डेंगू समेत अन्य संभावित बीमारियों की जांच कराने और जरूरतमंदों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने गांव में साफ-सफाई, मच्छररोधी दवा का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग को अभी से प्रभावित क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ानी चाहिए, ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।