ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और नई योजनाओं के प्रस्ताव भेजने को कहा
रांची । ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन परिसर स्थित एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा-DISHA) की राज्य स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जनभागीदारी की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में राजमहल के सांसद विजय हांसदा, देवघर के विधायक सुरेश पासवान, धनबाद के विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर के विधायक जगत माझी, जमुआ की विधायक मंजु कुमारी, लोहरदगा के सांसद प्रतिनिधि सीताराम भगत सहित समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सदस्यों और अतिथियों का स्वागत किया।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों ने ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने पर जोर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सकेगा।