राँची। पलामू के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओड़िशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आदेश जारी कर दिया है। वही उड़ीसा के राज्यपाल बनाए जाने पर भाजपा की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं।
बधाई संदेश में कहा गया कि महाप्रभु जगन्नाथ की पावन भूमि ओड़िशा के राज्यपाल के रूप में श्री ब्रज मोहन राम को उनके लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभव का लाभ मिलेगा। उनके अनुभव और सार्वजनिक जीवन से प्राप्त समझ से राज्य को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
साथ ही, उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए आशा व्यक्त की गई कि वे अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करेंगे।
एसएसपी की अध्यक्षता में हुई बैठक, पूजा पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और 24 घंटे निगरानी अनिवार्य करने का निर्देश
राँची। दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, अपराध पर अंकुश और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों, सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और विसर्जन जुलूस के सुचारु संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सुरक्षा तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
पूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य
पुलिस प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को अपने पंडालों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त स्टोरेज क्षमता रखने और कैमरों का डिस्प्ले परिसर में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीसीटीवी की निगरानी के लिए कम से कम एक व्यक्ति की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अग्नि सुरक्षा को लेकर पंडालों में पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर, बालू, पानी और जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर की व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्युत सुरक्षा, भवन निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र, पर्याप्त रोशनी, अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, जनरेटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। पुरुष एवं महिला स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती के साथ निर्धारित सुरक्षा मानकों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक पंडालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
भीड़ नियंत्रण के लिए क्यूआरटी और शक्ति कमांडो की तैनाती
भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर जरूरत के अनुसार निगरानी टावर लगाए जाएंगे। प्रमुख पूजा पंडालों और मुख्य सड़कों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही स्थिर एवं चलायमान क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की व्यवस्था की जाएगी। विभिन्न थाना क्षेत्रों में बाइक दस्तों के माध्यम से लगातार गश्त और निगरानी की जाएगी।
बड़े पूजा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा और उनसे संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए शक्ति कमांडो तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
मोबाइल और चेन छिनतई करने वालों पर रहेगी नजर
दुर्गा पूजा के दौरान मोबाइल, बैग और चेन छिनतई, बाइक चोरी सहित अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए सघन एंटी-क्राइम चेकिंग और गश्त चलाने का निर्देश दिया गया है। पूर्व में सांप्रदायिक घटनाओं में संलिप्त रहे व्यक्तियों और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चेन छिनतई, मोबाइल चोरी और बाइक चोरी में संलिप्त पुराने अपराधियों तथा गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
विसर्जन मार्गों का होगा भौतिक निरीक्षण
विसर्जन जुलूस को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी निर्धारित मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सड़कों की स्थिति, संकरे रास्तों, दुर्घटना संभावित स्थलों और अन्य बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर भीड़ की स्थिति के अनुरूप यातायात प्रबंधन और डायवर्जन की व्यवस्था होगी। विसर्जन जुलूस के संचालन के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से काम करेगी। यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम लोगों को दी जाएगी।
अग्निशमन वाहन और आपातकालीन बचाव की तैयारी
प्रमुख पूजा पंडालों और आवश्यकतानुसार अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके अलावा, सभी थानों को स्थानीय गोताखोरों की सूची और संपर्क विवरण तैयार रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल उनकी मदद लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शांति भंग करने वालों पर होगी निरोधात्मक कार्रवाई
विधि-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व सूचना देना अनिवार्य
पूजा समितियों को डांडिया, गरबा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पूर्व सूचना संबंधित थाना एवं यातायात पुलिस को देनी होगी। इससे कार्यक्रमों में संभावित भीड़ के अनुरूप सुरक्षा, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। विसर्जन जुलूस और रावण दहन कार्यक्रमों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। संबंधित पुलिस अधिकारी आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
राँची पुलिस की आम लोगों से अपील
बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व आकलन करने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। संबंधित पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने, यातायात नियमों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा पूजा समितियों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
नेमरा स्थित पैतृक आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री से की मुलाकात, दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि
नेमरा (रामगढ़), 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए सोमवार को कई जनप्रतिनिधि नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत रूपी सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शोक व्यक्त करने वालों में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, विधायक सी.पी. सिंह, विधायक चंद्र देव महतो, बिहार के बोधगया विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुमार सर्वजीत, पूर्व विधायक डॉ. जीतू चरण राम और पूर्व विधायक सौरभ नारायण सिंह शामिल थे।
सभी जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत रूपी सोरेन के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही, शोकाकुल सोरेन परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों ने इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ अपनी एकजुटता प्रकट की।
राँची : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में सतर्कता जागरूकता अभियान–2026 के अंतर्गत आज गांधीनगर क्रिकेट ग्राउंड में टीम कावेरी और टीम स्वर्णरेखा के बीच एक मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य खेल भावना, आपसी सौहार्द, टीम भावना एवं सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना था।
मैच में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम कावेरी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित मुकाबले में 152 रन बनाए। इसके जवाब में निदेशक (मानव संसाधन ) हर्ष नाथ मिश्र के नेतृत्व में टीम स्वर्णरेखा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19वें ओवर में 2 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की।
मैच में उत्कृष्ट गेंदबाजी का प्रदर्शन करने वाले अमरेश प्रधान को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्होंने अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से 4 विकेट हासिल किए।
इस अवसर पर CCL के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) पंकज कुमार ने सभी खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना की सराहना की तथा विजेता टीम स्वर्णरेखा को बधाई दी। अवसर विशेष पर निदेशक तकनीकी (संचालन) चंद्र शेखर तिवारी एवं निदेशक (परियोजना एवं योजना) अनुप हंजुरा भी उपस्थित थे उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया Iइसके अतिरिक्त खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री आदिल हुसैन को भी सम्मानित किया।
इस मैत्रीपूर्ण मुकाबले ने कार्यस्थल पर आपसी सहयोग, सौहार्द, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सतर्कता जागरूकता अभियान के मूल संदेश—ईमानदारी, पारदर्शिता एवं नैतिक आचरण—को भी रेखांकित किया।
सिल्ली मुरी। जवाहर नगर सीसीएल कॉलोनी में अर्पिता महिला मंडल सीसीएल एवं महाबली एंटरटेनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के फैशन शो मिस्टर एंड मिस ईस्ट जोन स्टनिंग फैशन सीजन-2 की विजेता रिया पाठक को सम्मानित किया गया।महाबली एंटरटेनमेंट की ओर से आयोजित इस फैशन शो का ग्रैंड फिनाले सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। इसी क्रम में विजेताओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में मिस कैटेगरी की विजेता रिया पाठक को सीसीएल के सीएमडी की पत्नी प्रीति सिंह एवं महाबली एंटरटेनमेंट के निदेशक ऋषभ सिन्हा ने सम्मानित किया।इस अवसर पर अर्पिता महिला मंडल सीसीएल की उपाध्यक्ष रीता मिश्रा, इंदु मिश्रा, रीता तिवारी, नीरू हंजूरा और रूपा कुमार सहित सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक एवं अर्पिता महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित थीं। सभी अतिथियों ने रिया पाठक को उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रांची विधानसभा क्लब हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर रांची विधानसभा क्लब हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह चतरा विधायक जनार्दन पासवान एवं पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और सामाजिक सरोकारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान स्व. रामविलास पासवान एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रामविलास पासवान का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता, गरीबों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया।
सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा जीवन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की आवाज को राजनीतिक एवं सामाजिक मंचों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नेताओं ने कहा कि पासवान के विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा सामाजिक न्याय की उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समान अवसर, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
इस अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) झारखंड प्रदेश के प्रधान महासचिव विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों के नेता एवं पदाधिकारी तथा विशेष आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
विचार और आदर्श सदैव रहेंगे प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर आज RKDF University, Ranchi परिसर में शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में RKDF University, Ranchi का पूरा परिवार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।
सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।
नेमरा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने दी मुखाग्नि; गमगीन माहौल में संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
रामगढ़/नेमरा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से अपनी मां को अंतिम विदाई दी और उन्हें मुखाग्नि दी। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मुखाग्नि दी, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरा नेमरा गांव शोक और भावुकता में डूब गया।
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से आए ग्रामीणों, समर्थकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पैतृक गांव से श्मशान घाट तक उनके साथ चलते रहे।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपनी प्रिय ‘मां’ को अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचा। अंतिम यात्रा के दौरान वातावरण बेहद गमगीन रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि रूपी सोरेन का अपने पैतृक क्षेत्र और समाज के लोगों से गहरा जुड़ाव था।
नेमरा गांव के लोगों के लिए यह भावुक क्षण था। अंतिम विदाई की बेला में गांव का माहौल पूरी तरह शोकाकुल रहा। लोग रूपी सोरेन के सादगीपूर्ण जीवन, संघर्ष और परिवार के प्रति उनके समर्पण को याद करते नजर आए।
मुखाग्नि देते समय भावुक हुए मुख्यमंत्री
मां के अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल शोक में डूबा रहा और लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सादगी, त्याग और संघर्ष के लिए याद की जाएंगी रूपी सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन को उनके परिजन और शुभचिंतक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति के रूप में याद कर रहे हैं। झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आगे तक उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने परिवार को मजबूती दी। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
रूपी सोरेन के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
नेमरा ने नम आंखों से कहा—अंतिम विदाई
रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच हर चेहरा गमगीन था। अंतिम विदाई के इस भावुक अवसर पर नेमरा ने अपनी बेटी और क्षेत्र की जानी-पहचानी शख्सियत को नम आंखों से विदा किया। अंतिम संस्कार के बाद भी श्मशान घाट और आसपास का वातावरण लंबे समय तक शोकाकुल बना रहा।
रांची । झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री आवास में शोक का माहौल है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोग पहुंच रहे हैं।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर रखा गया था।
रूपी सोरेन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें 18 सितंबर को रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने रद्द किए कार्यक्रम
मां की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के कई निर्धारित कार्यक्रम रद्द किए गए तथा राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक भी स्थगित कर दी गई।
शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी और सोरेन परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेता और झामुमो के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा वह सोरेन परिवार के अन्य सदस्यों की भी मां थीं। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी रूपी सोरेन का नाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के रूप में दर्ज है।
शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए रूपी सोरेन एक महत्वपूर्ण पारिवारिक स्तंभ के रूप में बनी रहीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। विभिन्न दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए सोरेन परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
हेमंत सोरेन ने जताया गहरा भावनात्मक दुख
मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिता के निधन के बाद मां उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई।
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार एवं अन्य कार्यक्रमों को लेकर परिवार की ओर से आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।