रांची । झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को मोरहाबादी स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
रूपी सोरेन के निधन से मुख्यमंत्री आवास में शोक का माहौल है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोग पहुंच रहे हैं।
रांची विधानसभा क्लब हाउस में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्व. रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर रांची विधानसभा क्लब हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह चतरा विधायक जनार्दन पासवान एवं पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और सामाजिक सरोकारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान स्व. रामविलास पासवान एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि रामविलास पासवान का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, समानता, गरीबों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के कमजोर और वंचित तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया।
सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा जीवन
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की आवाज को राजनीतिक एवं सामाजिक मंचों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नेताओं ने कहा कि पासवान के विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधूरे सपनों को पूरा करने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्व. रामविलास पासवान के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा सामाजिक न्याय की उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समान अवसर, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
इस अवसर पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) झारखंड प्रदेश के प्रधान महासचिव विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रदेश प्रकोष्ठों के नेता एवं पदाधिकारी तथा विशेष आमंत्रित सदस्य उपस्थित रहे।
विचार और आदर्श सदैव रहेंगे प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. रामविलास पासवान का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को भी जनसेवा और सामाजिक न्याय की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने स्व. रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर आज RKDF University, Ranchi परिसर में शोक एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी एवं उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त की। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में RKDF University, Ranchi का पूरा परिवार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।
सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।
नेमरा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने दी मुखाग्नि; गमगीन माहौल में संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
रामगढ़/नेमरा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन का गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से अपनी मां को अंतिम विदाई दी और उन्हें मुखाग्नि दी। जैसे ही मुख्यमंत्री ने मुखाग्नि दी, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरा नेमरा गांव शोक और भावुकता में डूब गया।
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दूर-दराज के इलाकों से आए ग्रामीणों, समर्थकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पैतृक गांव से श्मशान घाट तक उनके साथ चलते रहे।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपनी प्रिय ‘मां’ को अंतिम बार देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचा। अंतिम यात्रा के दौरान वातावरण बेहद गमगीन रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि रूपी सोरेन का अपने पैतृक क्षेत्र और समाज के लोगों से गहरा जुड़ाव था।
नेमरा गांव के लोगों के लिए यह भावुक क्षण था। अंतिम विदाई की बेला में गांव का माहौल पूरी तरह शोकाकुल रहा। लोग रूपी सोरेन के सादगीपूर्ण जीवन, संघर्ष और परिवार के प्रति उनके समर्पण को याद करते नजर आए।
मुखाग्नि देते समय भावुक हुए मुख्यमंत्री
मां के अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच अपनी मां को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल शोक में डूबा रहा और लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सादगी, त्याग और संघर्ष के लिए याद की जाएंगी रूपी सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन को उनके परिजन और शुभचिंतक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति के रूप में याद कर रहे हैं। झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आगे तक उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने परिवार को मजबूती दी। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
रूपी सोरेन के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
नेमरा ने नम आंखों से कहा—अंतिम विदाई
रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ के बीच हर चेहरा गमगीन था। अंतिम विदाई के इस भावुक अवसर पर नेमरा ने अपनी बेटी और क्षेत्र की जानी-पहचानी शख्सियत को नम आंखों से विदा किया। अंतिम संस्कार के बाद भी श्मशान घाट और आसपास का वातावरण लंबे समय तक शोकाकुल बना रहा।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर रखा गया था।
रूपी सोरेन पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें 18 सितंबर को रांची के हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने रद्द किए कार्यक्रम
मां की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के कई निर्धारित कार्यक्रम रद्द किए गए तथा राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक भी स्थगित कर दी गई।
शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी और सोरेन परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य थीं रूपी सोरेन
रूपी सोरेन झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेता और झामुमो के संस्थापक नेताओं में शामिल रहे दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा वह सोरेन परिवार के अन्य सदस्यों की भी मां थीं। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी रूपी सोरेन का नाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के रूप में दर्ज है।
शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए रूपी सोरेन एक महत्वपूर्ण पारिवारिक स्तंभ के रूप में बनी रहीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। विभिन्न दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए सोरेन परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
हेमंत सोरेन ने जताया गहरा भावनात्मक दुख
मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिता के निधन के बाद मां उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई।
रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार एवं अन्य कार्यक्रमों को लेकर परिवार की ओर से आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
धनबाद। रांची से टोरी होते हुए शिवपुर तक पैसेंजर ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू कराने की मांग को लेकर सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने धनबाद रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अखिलेश मिश्रा से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
मुलाकात के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने बताया गया कि रांची-टोरी-शिवपुर रेलखंड पर यात्री ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होने से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, व्यापारियों एवं आम यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। लंबे समय से टोरी से शिवपुर तक कोयला मालवाहक ट्रेनों का परिचालन हो रहा है, लेकिन यात्री ट्रेन की सुविधा अब तक क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पाई है।
DRM अखिलेश मिश्रा ने इस जनहित से जुड़े विषय को गंभीरता से लेते हुए पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू कराने की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करने तथा मामले को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यात्री ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होने से सिमरिया समेत आसपास के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के लिए रांची एवं अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।
जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर आगे भी निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई है।
मुरी। ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत आरपीएफ ने मुरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 से 40 किलो गांजा बरामद कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है।आरपीएफ के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7:15 बजे प्लेटफॉर्म संख्या-2 के रांची छोर पर पांच पिट्ठू बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान पांच पैकेटों में गांजा बरामद हुआ। प्रत्येक पैकेट का वजन आठ किलो था। डीडी किट से प्रारंभिक जांच में पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई।गिरफ्तार युवकों की पहचान सूरज कुमार (19), बीरेन कुमार (20) और साहेंद्र कुमार (19), सभी कैमूर, बिहार निवासी के रूप में हुई है। आरपीएफ के मुताबिक, पूछताछ में युवकों ने गांजा संबलपुर, ओडिशा से बिहार ले जाने की बात बताई है। उनके पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।आरपीएफ ने गांजा और अन्य सामान जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी मुरी को सौंपने की प्रक्रिया की गई। कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट मुरी के आईपीएफ संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के प्रांगण में विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन: प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सीएमडी, सीसीएल श्री निलेंदु कुमार सिंह ने ई-वेस्ट संग्रहण केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक कचरा निस्तारित कर अभियान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी एवं निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा उपस्थित रहे। साथ ही मुख्यालय के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। निदेशकों, महाप्रबंधकों एवं विभागाध्यक्षों ने स्वयं ई-कचरा संग्रहण केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक कचरा निस्तारित कर अभियान में सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान सीएमडी, सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह ने कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस एवं पब्लिक रिलेशंस (CC&PR) विभाग द्वारा निर्मित परिकल्पना ‘सीसीएल के ताऊ’ के AI अवतार का अनावरण किया। ‘सीसीएल के ताऊ’ कंपनी के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के वीडियोज़ में दिखाई देते हैं और सीसीएल की विभिन्न पहलों एवं गतिविधियों से संबंधित जानकारी को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से ई-कचरे के उचित संग्रहण, पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर विशेष रूप से तैयार किया गया सेल्फी स्टैंड भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक तस्वीरें खिंचवाईं।
विशेष अभियान 6.0 के तहत ई-कचरा प्रबंधन जैसी पर्यावरणीय पहल को बढ़ावा देना सीसीएल की स्वच्छ, स्वस्थ एवं सतत कार्यस्थल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल ई-कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को भी मजबूत करती है।
रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और विभिन्न शांति समितियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दुर्गा पूजा की तैयारियों में जिला प्रशासन से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और उन्हें सपरिवार पूजा पंडालों के भ्रमण एवं माता के दर्शन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए पूजा उत्सव में शामिल होने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से पर्यावरण अनुकूल तरीके से मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आस्था और परंपरा को कायम रखते हुए विसर्जन के बाद तालाबों और जलाशयों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना जरूरी है। इसके लिए सरकार और पूजा समितियों के समन्वय से वैकल्पिक एवं इको-फ्रेंडली विसर्जन व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया।
पंडालों में लगाएं नशा मुक्ति के होर्डिंग
मुख्यमंत्री ने पूजा पंडालों में नशा मुक्ति जागरूकता से संबंधित होर्डिंग और बैनर लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त झारखंड के निर्माण में सामाजिक और धार्मिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूजा समितियों ने पंडालों में बैनर लगाने के साथ अनाउंसमेंट के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा को शक्ति की उपासना और सत्य की असत्य पर विजय का पर्व बताते हुए पूजा समितियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अधिकारियों को पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था, बिजली, पानी, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी न हो।
इस दौरान रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने मुख्यमंत्री को जिले में दुर्गा पूजा को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी दी।
झामुमो ने कहा - हिन्दू-मुस्लिम को लड़ाकर भारत समृद्ध नहीं बनेगा, SIR में गैर-भाजपा मतदाताओं को लेकर उठे सवालों का जवाब दे भाजपा
रांची। झारखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी झारखंड को समझने के बजाय दो दिन के प्रवास में ही सरकार और राज्य की जनता को प्रमाणपत्र बांटने लगे हैं। भाजपा को जनता को उपदेश देने से पहले केंद्र सरकार की नीतियों और अपने शासन का आईना देखना चाहिए। झारखंड की जनता आरोपों और हकीकत के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।
महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को यदि वास्तव में समृद्ध भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो उसे बड़ा दिल लेकर राजनीति करनी होगी। हिन्दू-मुस्लिम को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करके और समाज में विभाजन पैदा करके भारत समृद्ध नहीं बन सकता। देश को जोड़ने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति ही विकास का आधार बन सकती है।
SIR पर भाजपा से पूछा- बिहार और पश्चिम बंगाल में कितने बांग्लादेशी पकड़े ?
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता SIR को लेकर लगातार बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। उन्हें देश को बताना चाहिए कि SIR के माध्यम से बिहार और पश्चिम बंगाल में आखिर कितने बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए। यदि घुसपैठ रोकना ही इसका उद्देश्य था तो कार्रवाई का वास्तविक आंकड़ा देश के सामने आना चाहिए।
विनोद पांडेय ने कहा कि SIR को लेकर आम लोगों को महीनों दस्तावेज जुटाने, कार्यालयों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर होना पड़ा। गैर-भाजपा मतदाताओं के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार और उनके मताधिकार पर आशंका पैदा होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
झारखंड के विकास का हिसाब भाजपा अपने शासन से दे
झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड की जनता भाजपा से यह जानना चाहती है कि जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें रहीं, तब आदिवासी, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के लिए क्या किया गया। केवल भाषण देने से राजनीति नहीं चलती। जनता काम का हिसाब मांगती है।
उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी और तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जनकल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाया। मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में परिवारों को मिला है। राज्य सरकार ने पात्र उपभोक्ताओं तक 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
खनिज संपदा पर भाजपा अपना रुख स्पष्ट करे
खनिज संपदा और डीएमएफटी को लेकर भाजपा के आरोपों पर विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को आरोप लगाने से पहले यह बताना चाहिए कि केंद्र सरकार की खनन संबंधी नीतियों से झारखंड के हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। राज्य के अधिकार और खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व के सवाल पर भाजपा के प्रदेश नेता केंद्र सरकार के सामने झारखंड का पक्ष क्यों नहीं रखते?
उन्होंने कहा कि झारखंड अपने खनिज संसाधनों के उचित हिस्से और राज्य के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ रहा है। भाजपा को इस मामले में राजनीति करने के बजाय झारखंड के हित में राज्य सरकार का साथ देना चाहिए।
युवाओं के भविष्य पर राजनीति बंद करे भाजपा
छात्रों और रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। विभिन्न परीक्षाओं को लेकर सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई गई है। भाजपा को युवाओं के भविष्य पर राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार के स्तर पर रोजगार के अपने वादों का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता झारखंड के युवाओं की चिंता कर रहे हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि केंद्र में हर साल करोड़ों रोजगार देने के वादे का वास्तविक परिणाम क्या रहा।
घुसपैठ पर केंद्र सरकार से जवाब मांगे भाजपा
विनोद पांडेय ने घुसपैठ के आरोपों पर कहा कि यह गंभीर विषय है और इसमें केंद्र सरकार तथा उसकी सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों की भी स्पष्ट भूमिका है। यदि भाजपा नेताओं के पास घुसपैठ से संबंधित ठोस जानकारी है तो उसे संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराएं। केवल चुनावी और राजनीतिक मंचों से आरोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि जिन सीमावर्ती इलाकों और क्षेत्रों में घुसपैठ की बात कही जा रही है, वहां केंद्र की एजेंसियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है। राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले केंद्र सरकार की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।