एसएसपी की अध्यक्षता में हुई बैठक, पूजा पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और 24 घंटे निगरानी अनिवार्य करने का निर्देश
राँची। दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, अपराध पर अंकुश और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारियों, सभी पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और विसर्जन जुलूस के सुचारु संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सुरक्षा तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
पूजा पंडालों में सीसीटीवी और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य
पुलिस प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को अपने पंडालों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त स्टोरेज क्षमता रखने और कैमरों का डिस्प्ले परिसर में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीसीटीवी की निगरानी के लिए कम से कम एक व्यक्ति की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अग्नि सुरक्षा को लेकर पंडालों में पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर, बालू, पानी और जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर की व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्युत सुरक्षा, भवन निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रमाण-पत्र, पर्याप्त रोशनी, अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, जनरेटर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। पुरुष एवं महिला स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती के साथ निर्धारित सुरक्षा मानकों और न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस उपाधीक्षक पंडालों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
भीड़ नियंत्रण के लिए क्यूआरटी और शक्ति कमांडो की तैनाती
भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर जरूरत के अनुसार निगरानी टावर लगाए जाएंगे। प्रमुख पूजा पंडालों और मुख्य सड़कों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके साथ ही स्थिर एवं चलायमान क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) की व्यवस्था की जाएगी। विभिन्न थाना क्षेत्रों में बाइक दस्तों के माध्यम से लगातार गश्त और निगरानी की जाएगी।
बड़े पूजा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा और उनसे संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए शक्ति कमांडो तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
मोबाइल और चेन छिनतई करने वालों पर रहेगी नजर
दुर्गा पूजा के दौरान मोबाइल, बैग और चेन छिनतई, बाइक चोरी सहित अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए सघन एंटी-क्राइम चेकिंग और गश्त चलाने का निर्देश दिया गया है। पूर्व में सांप्रदायिक घटनाओं में संलिप्त रहे व्यक्तियों और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चेन छिनतई, मोबाइल चोरी और बाइक चोरी में संलिप्त पुराने अपराधियों तथा गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
विसर्जन मार्गों का होगा भौतिक निरीक्षण
विसर्जन जुलूस को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए सभी निर्धारित मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सड़कों की स्थिति, संकरे रास्तों, दुर्घटना संभावित स्थलों और अन्य बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
प्रमुख सड़कों एवं चौक-चौराहों पर भीड़ की स्थिति के अनुरूप यातायात प्रबंधन और डायवर्जन की व्यवस्था होगी। विसर्जन जुलूस के संचालन के लिए थाना पुलिस और यातायात पुलिस आपसी समन्वय से काम करेगी। यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम लोगों को दी जाएगी।
अग्निशमन वाहन और आपातकालीन बचाव की तैयारी
प्रमुख पूजा पंडालों और आवश्यकतानुसार अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास अग्निशमन वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके अलावा, सभी थानों को स्थानीय गोताखोरों की सूची और संपर्क विवरण तैयार रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल उनकी मदद लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शांति भंग करने वालों पर होगी निरोधात्मक कार्रवाई
विधि-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील व्यक्तियों और स्थलों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व सूचना देना अनिवार्य
पूजा समितियों को डांडिया, गरबा और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की पूर्व सूचना संबंधित थाना एवं यातायात पुलिस को देनी होगी। इससे कार्यक्रमों में संभावित भीड़ के अनुरूप सुरक्षा, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। विसर्जन जुलूस और रावण दहन कार्यक्रमों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। संबंधित पुलिस अधिकारी आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
राँची पुलिस की आम लोगों से अपील
बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों को पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व आकलन करने और तैयारियों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। संबंधित पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करेंगे।
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने, यातायात नियमों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने तथा पूजा समितियों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।