डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ से नवाजा गया, हिंदी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में शुक्रवार को राजभाषा माह-2026 के समापन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वहीं, हिंदी साहित्य, व्यंग्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड के वरिष्ठ साहित्यकार, व्यंग्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ प्रदान किया गया।
दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल मुख्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. अशोक प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् और कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में गणेश वंदना और एकल अभिनय प्रतियोगिता ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुत संगीतमय नाट्य प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही।
हिंदी के प्रति उत्साह और समर्पण की सराहना
समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों की रचनात्मकता और हिंदी के प्रति उनके उत्साह की सराहना की गई।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि सीसीएल के सभागार में प्रस्तुत कार्यक्रमों को देखकर वह निशब्द हैं। उन्होंने आयोजन में शामिल होने पर गर्व की अनुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह एवं समर्पण को दर्शाती हैं।
‘हिंदी में काम करने पर गर्व’
सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि राजभाषा से जुड़ा यह कार्यक्रम उनके मन के बेहद करीब है। उन्होंने हिंदी में कार्य करने पर गर्व व्यक्त करते हुए राजभाषा के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि भाषा हमारी पहचान और विरासत है। इसे सहेजकर रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाषा के संरक्षण और संवर्धन के महत्व को रेखांकित किया।
वहीं, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि राजभाषा हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों में शामिल है और इसे बढ़ावा देना सभी का कर्तव्य है।
हिंदी में कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
समारोह के दौरान कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने, राजभाषा के प्रचार-प्रसार और कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक कार्यों में इसके सहज एवं प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दीविक दिवेश ने प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।