मालदा । दिवाली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रांची और पूर्णिया कोर्ट के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
पूर्व रेलवे, मालदा मंडल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 08625 रांची–पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 6, 13 और 20 नवंबर 2026 (प्रत्येक शुक्रवार) को रांची से शाम 6 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी।
वहीं, ट्रेन संख्या 08626 पूर्णिया कोर्ट–रांची स्पेशल 7, 14 और 21 नवंबर 2026 (प्रत्येक शनिवार) को पूर्णिया कोर्ट से दोपहर 3 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 9:45 बजे रांची पहुंचेगी।
दोनों दिशाओं में यह ट्रेन पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र में बांका, बाराहाट, भागलपुर, सुल्तानगंज, बरियारपुर और मुंगेर स्टेशनों पर रुकेगी।
इस विशेष ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। ट्रेन की बुकिंग रेलवे के यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) और इंटरनेट के माध्यम से की जा सकती है।
चांडिल। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंगलवार को परिजनों के साथ चांडिल डैम के भ्रमण के दौरान उन्होंने डैम की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और इसके विकास को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले के धातकीडीह जाने के क्रम में प्रसिद्ध चांडिल डैम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डैम के विहंगम प्राकृतिक सौंदर्य और शांत परिवेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड की इस अनुपम प्राकृतिक धरोहर को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया जाना चाहिए।
डैम परिसर में मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन, चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने तथा बिजली उत्पादन और संवर्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पर्यावरण अनुकूल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक एवं पर्यावरण अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्य इस तरह किए जाएं कि प्राकृतिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना क्षेत्र का कायाकल्प हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 01 नवंबर, 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड एवं अपना 52वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर सीसीएल मुख्यालय, दरभंगा हाउस, रांची में आयोजित समारोह में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं हितधारकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक, सीवीओ एवं अन्य उपस्थित कोलकर्मियों के द्वारा शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर में सीसीएल ध्वज एवं क्षेत्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रगीत एवं सीआईएल कॉर्पोरेट गीत का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर उत्साह एवं उमंग के प्रतीक स्वरूप गुब्बारे भी छोड़े गए।
इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संबोधन में सीआईएल एवं सीसीएल के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी की सफलता के पीछे इसके प्रत्येक कर्मी का समर्पण, कठिन परिश्रम और टीम भावना है। उन्होंने कहा कि सीसीएल केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सामाजिक एवं सतत आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने सभी कर्मियों से सुरक्षा, गुणवत्ता, नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार ने अपने संबोधन में सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक ताकत उसकी कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने कहा कि कोल कर्मियों की मेहनत, समर्पण और सामूहिक योगदान से ही कोयला उत्पादन के साथ-साथ देश के विकास और ऊर्जा आवश्यकताओं को गति मिलती है। सभी कर्मियों की निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं सकारात्मक सोच ही संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सीआईएल तथा सीसीएल की यह 52 वर्षों की यात्रा निरंतर मेहनत, समर्पण, नवाचार और राष्ट्र सेवा की भावना का प्रतीक है। कंपनी ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास एवं सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में भी निरंतर महत्वपूर्ण पहल कर रही है। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाने के लिए मिलेगा पदक, मां भी बेटे की उपलब्धि पर गौरवान्वित
साहिबगंज -केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से इस वर्ष दक्षता पदक के लिए चयनित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों में साहिबगंज जिले के अमित कुमार पासवान का नाम शामिल होने से जिले में खुशी की लहर है। मूल रूप से साहिबगंज जिला मुख्यालय के जयप्रकाश चौक स्थित गैस गोदाम क्षेत्र के रहने वाले अमित कुमार पासवान वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र में पुलिस सेवा दे रहे हैं वह जराइकेला थाना के थाना प्रभारी के पद पर पदस्थापित हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी चयन सूची के अनुसार अमित कुमार पासवान का चयन सारंडा क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए किया गया है। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें अहम योगदान देने वाले पुलिसकर्मियों को दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
अमित कुमार पासवान की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद साहिबगंज के लोगों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि जिले की धरती से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर सम्मान हासिल किया है, जो पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। वहीं, अमित की माता भी अपने पुत्र की इस उपलब्धि से काफी गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। बेटे की मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा को मिले इस सम्मान से परिवार में खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि दक्षता पदक के लिए मनोहरपुर के पुलिस निरीक्षक अमित रोशन कुल्लू, पूर्व डीएसपी जयदीप लकड़ा समेत कई अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का भी चयन हुआ है। मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय ने चयनित अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है एवं पुलिस परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया/
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज की निविदा की जांच की मांग की
रांची/ धनबाद। ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद के अंतर्गत घारपार ब्राम्होला घारबर शिवमंदिर तक 2.200 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य की निविदा को लेकर विवाद सामने आया है। सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन के ओपी शर्मा ने विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर निविदा संख्या 16/RWD/DHANBAD/2025-26 में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कंपनी के ओपी शर्मा की ओर से दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज द्वारा निविदा प्रक्रिया में कई त्रुटियां की गई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, निविदा के साथ प्रस्तुत आईटीआर, जीएसटी और शपथ पत्र में अलग-अलग स्थानों पर जानकारी दी गई है। इसके अलावा, कार्य कार्यक्रम में भी कथित तौर पर गलत विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
पत्र में बैंक प्रमाणपत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बैंक प्रमाणपत्र की सत्यता और उसमें दर्शाई गई राशि की जांच कराने का अनुरोध किया है। पत्र के अनुसार, संबंधित प्रमाणपत्र की जांच कार्यपालक अभियंता से कराने की मांग की गई है।
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने विभाग से आग्रह किया है कि निविदा में शामिल दस्तावेजों की पुनः जांच कर सही निविदाकार को कार्य आवंटित किया जाए। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 20 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगी।
शिकायत की प्रतिलिपि कार्रवाई के लिए कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद को भी भेजी गई है।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और नई योजनाओं के प्रस्ताव भेजने को कहा
रांची । ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन परिसर स्थित एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा-DISHA) की राज्य स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जनभागीदारी की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में राजमहल के सांसद विजय हांसदा, देवघर के विधायक सुरेश पासवान, धनबाद के विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर के विधायक जगत माझी, जमुआ की विधायक मंजु कुमारी, लोहरदगा के सांसद प्रतिनिधि सीताराम भगत सहित समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सदस्यों और अतिथियों का स्वागत किया।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों ने ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने पर जोर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सकेगा।
सोनाहातु (रांची) | एक तरफ झारखंड सरकार नशा मुक्त झारखंड का नारा दे रही है, जगह-जगह नशा मुक्ति के लिए कैंप और प्रचार प्रसार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रांची जिले के सोनाहातु, राहे, बुंडू और तमाड़ प्रखंडों में अवैध देसी शराब की भट्ठियां जोरों पर चल रही हैं।
सैकड़ों भट्ठियां, बेखौफ माफिया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन चारों प्रखंडों में सैकड़ों की संख्या में अवैध शराब की भट्ठियां संचालित हो रही हैं। दिन-दहाड़े जंगलों, नदी किनारे और गांवों के बाहर महुआ से जहरीली शराब बनाई जा रही है।
शराब माफिया बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रैक्टर, बाइक और साइकिल से खुलेआम देसी दारू की सप्लाई हो रही है। शाम होते ही हर गांव के चौक-चौराहे पर शराबियों की भीड़ लग जाती है।
उत्पाद विभाग क्यों है चुप?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उत्पाद विभाग (Excise Department) क्यों चुप बैठा है?
क्या उत्पाद विभाग को इन भट्ठियों की जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें बंद की हुई हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चलना संभव नहीं है। किसके संरक्षण में चल रहा है यह काला कारोबार? क्या हर महीने मोटी रकम पहुंच रही है? या फिर विभाग सिर्फ कागजों में छापेमारी दिखाकर अपना काम चला रहा है?
सरकार के दावों की पोल
जब गांव-गांव में अवैध शराब बिकेगी तो नशा मुक्त झारखंड कैसे बनेगा? सरकार की तरफ से नशा मुक्ति के लिए करोड़ों रुपये के विज्ञापन और कैंप लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युवा पीढ़ी इसी देसी दारू के नशे में बर्बाद हो रही है।
जनता का सवाल
1. सोनाहातु, राहे, बुंडू, तमाड़ में चल रही सैकड़ों अवैध भट्ठियों पर उत्पाद विभाग कब कार्रवाई करेगा?
2. इन शराब माफियाओं के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा कब होगा?
3. क्या DC रांची और उत्पाद विभाग के वरीय अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे?
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद और DC रांची से मांग की है कि इन चारों प्रखंडों में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब के अड्डों को ध्वस्त किया जाए।
15वें वित्त आयोग की योजना में बकाया भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत, एसीबी की टीम ने की कार्रवाई
हजारीबाग । हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को कराली पंचायत के पंचायत सचिव तालेश्वर राम को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर पंचायत में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के बकाया भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, कराली पंचायत के ग्राम केमो निवासी दिवेश्वर पांडेय ने एसीबी से शिकायत की थी कि 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत केरेडारी प्रखंड के केमो गांव में कालिकरण पीसीसी सड़क से देवी मंडप तक पीसीसी पथ निर्माण की स्वीकृति मिली थी। योजना की कुल प्राक्कलित राशि 3 लाख 38 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस कार्य में करीब 2 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि शेष राशि का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि बकाया भुगतान कराने के लिए पंचायत सचिव तालेश्वर राम ने शिकायतकर्ता से 9 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से इसकी शिकायत की।
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने पर हजारीबाग एसीबी थाने में कांड संख्या 11/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया।
इसके बाद 28 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव तालेश्वर राम को शिकायतकर्ता दिवेश्वर पांडेय से 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सिल्ली। रांची जिले के सिल्ली क्षेत्र में PDS डीलरों द्वारा राशन में कटौती का एक नया और शातिर तरीका सामने आया है। जहां इलेक्ट्रॉनिक तराजू में छेड़छाड़ कर उपभोक्ता को कम राशन दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है खेल?
जांच में सामने आया है कि डीलर अब दिखावे के लिए इलेक्ट्रॉनिक तराजू रखते तो हैं, लेकिन उसका वजन भी पहले *पत्थर से सही कर के दिखा दिया जाता है*। लाभुक के सामने एक बार पत्थर रखकर सही वजन दिखा दिया जाता है ताकि उसे लगे कि कांटा सही है।
उसके तुरंत बाद जब लाभुक को राशन दिया जाता है, तब उसी इलेक्ट्रॉनिक तराजू में तकनीक से छेड़छाड़ कर या हाथ की सफाई से वजन काटकर* 2 से 3 किलो कम राशन दिया जाता है।
एक पीड़ित लाभुक ने बताया - "पहले हमको दिखाने के लिए पत्थर से कांटा सही दिखाते हैं, बोलते हैं देखो 1 किलो का बटखरा 1 किलो ही बता रहा है। फिर जब हमारा अनाज तौलते हैं तो उसी में काट देते हैं। रजिस्टर में 10 किलो लिख देते हैं, देते 7 किलो हैं।"
*रजिस्टर में सब पाक-साफ*
डीलरों ने कागजी कार्रवाई इतनी मजबूत कर रखी है कि रजिस्टर देखने पर सब कुछ पानी की तरह साफ लगता है। हर लाभुक का अंगूठा, पूरा वजन, पूरा हिसाब दर्ज। ताकि कभी BSO, DSO या कोई अधिकारी जांच करने आए तो वह पकड़ा न जाए।
लेकिन हकीकत जाननी है तो किसी भी गांव के किसी भी लाभुक से पूछ लीजिए, वो खुद बता देगा कि कैसे पत्थर से सही तौल दिखाकर बाद में राशन में कटौती की जाती है।
*सवाल प्रशासन पर*
स्थानीय लोगों ने BSO सिल्ली/सोनाहातू, DSO रांची, DC रांची से सवाल किया है कि क्या इलेक्ट्रॉनिक कांटों की भी औचक कैलिब्रेशन जांच होती है? क्या कभी लाभुकों से पूछकर तौल की जांच हुई है?
लोगों ने वर्तमान विधायक अमित कुमार महतो, सांसद संजय सेठ, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि दोषी डीलरों पर FIR कर इस पत्थर वाली सेटिंग के खेल को बंद कराया जाए।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर
रांची। सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग को लेकर झारखंड सरकार के भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल से सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने शिष्टाचार भेंट की गई। इस दौरान सिमरिया में औद्योगिक पार्क की स्थापना की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
भेंट के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। औद्योगिक पार्क की स्थापना से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई।
ज्ञापन के माध्यम से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देना, नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना और स्थानीय संसाधनों एवं मानव शक्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस पहल को सिमरिया क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औद्योगिक पार्क की स्थापना से निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की संभावना है।