सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज की निविदा की जांच की मांग की
रांची/ धनबाद। ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद के अंतर्गत घारपार ब्राम्होला घारबर शिवमंदिर तक 2.200 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य की निविदा को लेकर विवाद सामने आया है। सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन के ओपी शर्मा ने विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर निविदा संख्या 16/RWD/DHANBAD/2025-26 में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कंपनी के ओपी शर्मा की ओर से दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज द्वारा निविदा प्रक्रिया में कई त्रुटियां की गई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, निविदा के साथ प्रस्तुत आईटीआर, जीएसटी और शपथ पत्र में अलग-अलग स्थानों पर जानकारी दी गई है। इसके अलावा, कार्य कार्यक्रम में भी कथित तौर पर गलत विवरण प्रस्तुत किए गए हैं।
पत्र में बैंक प्रमाणपत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने बैंक प्रमाणपत्र की सत्यता और उसमें दर्शाई गई राशि की जांच कराने का अनुरोध किया है। पत्र के अनुसार, संबंधित प्रमाणपत्र की जांच कार्यपालक अभियंता से कराने की मांग की गई है।
सिक्योर वे कंस्ट्रक्शन ने विभाग से आग्रह किया है कि निविदा में शामिल दस्तावेजों की पुनः जांच कर सही निविदाकार को कार्य आवंटित किया जाए। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह 20 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगी।
शिकायत की प्रतिलिपि कार्रवाई के लिए कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, धनबाद को भी भेजी गई है।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और नई योजनाओं के प्रस्ताव भेजने को कहा
रांची । ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन परिसर स्थित एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा-DISHA) की राज्य स्तरीय बैठक हुई। बैठक में केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और जनभागीदारी की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में राजमहल के सांसद विजय हांसदा, देवघर के विधायक सुरेश पासवान, धनबाद के विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर के विधायक जगत माझी, जमुआ की विधायक मंजु कुमारी, लोहरदगा के सांसद प्रतिनिधि सीताराम भगत सहित समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के प्रारंभ में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सदस्यों और अतिथियों का स्वागत किया।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
संबंधित विभागों ने ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं को समझें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने पर जोर
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए नई योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो सकेगा।
सोनाहातु (रांची) | एक तरफ झारखंड सरकार नशा मुक्त झारखंड का नारा दे रही है, जगह-जगह नशा मुक्ति के लिए कैंप और प्रचार प्रसार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रांची जिले के सोनाहातु, राहे, बुंडू और तमाड़ प्रखंडों में अवैध देसी शराब की भट्ठियां जोरों पर चल रही हैं।
सैकड़ों भट्ठियां, बेखौफ माफिया
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन चारों प्रखंडों में सैकड़ों की संख्या में अवैध शराब की भट्ठियां संचालित हो रही हैं। दिन-दहाड़े जंगलों, नदी किनारे और गांवों के बाहर महुआ से जहरीली शराब बनाई जा रही है।
शराब माफिया बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रैक्टर, बाइक और साइकिल से खुलेआम देसी दारू की सप्लाई हो रही है। शाम होते ही हर गांव के चौक-चौराहे पर शराबियों की भीड़ लग जाती है।
उत्पाद विभाग क्यों है चुप?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उत्पाद विभाग (Excise Department) क्यों चुप बैठा है?
क्या उत्पाद विभाग को इन भट्ठियों की जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें बंद की हुई हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार चलना संभव नहीं है। किसके संरक्षण में चल रहा है यह काला कारोबार? क्या हर महीने मोटी रकम पहुंच रही है? या फिर विभाग सिर्फ कागजों में छापेमारी दिखाकर अपना काम चला रहा है?
सरकार के दावों की पोल
जब गांव-गांव में अवैध शराब बिकेगी तो नशा मुक्त झारखंड कैसे बनेगा? सरकार की तरफ से नशा मुक्ति के लिए करोड़ों रुपये के विज्ञापन और कैंप लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युवा पीढ़ी इसी देसी दारू के नशे में बर्बाद हो रही है।
जनता का सवाल
1. सोनाहातु, राहे, बुंडू, तमाड़ में चल रही सैकड़ों अवैध भट्ठियों पर उत्पाद विभाग कब कार्रवाई करेगा?
2. इन शराब माफियाओं के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा कब होगा?
3. क्या DC रांची और उत्पाद विभाग के वरीय अधिकारी इस पर संज्ञान लेंगे?
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद और DC रांची से मांग की है कि इन चारों प्रखंडों में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब के अड्डों को ध्वस्त किया जाए।
15वें वित्त आयोग की योजना में बकाया भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत, एसीबी की टीम ने की कार्रवाई
हजारीबाग । हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को कराली पंचायत के पंचायत सचिव तालेश्वर राम को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर पंचायत में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के बकाया भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, कराली पंचायत के ग्राम केमो निवासी दिवेश्वर पांडेय ने एसीबी से शिकायत की थी कि 15वें वित्त आयोग की योजना के तहत केरेडारी प्रखंड के केमो गांव में कालिकरण पीसीसी सड़क से देवी मंडप तक पीसीसी पथ निर्माण की स्वीकृति मिली थी। योजना की कुल प्राक्कलित राशि 3 लाख 38 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस कार्य में करीब 2 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि शेष राशि का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि बकाया भुगतान कराने के लिए पंचायत सचिव तालेश्वर राम ने शिकायतकर्ता से 9 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से इसकी शिकायत की।
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि होने पर हजारीबाग एसीबी थाने में कांड संख्या 11/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया।
इसके बाद 28 अक्टूबर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव तालेश्वर राम को शिकायतकर्ता दिवेश्वर पांडेय से 9 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सिल्ली। रांची जिले के सिल्ली क्षेत्र में PDS डीलरों द्वारा राशन में कटौती का एक नया और शातिर तरीका सामने आया है। जहां इलेक्ट्रॉनिक तराजू में छेड़छाड़ कर उपभोक्ता को कम राशन दिया जा रहा है।
कैसे हो रहा है खेल?
जांच में सामने आया है कि डीलर अब दिखावे के लिए इलेक्ट्रॉनिक तराजू रखते तो हैं, लेकिन उसका वजन भी पहले *पत्थर से सही कर के दिखा दिया जाता है*। लाभुक के सामने एक बार पत्थर रखकर सही वजन दिखा दिया जाता है ताकि उसे लगे कि कांटा सही है।
उसके तुरंत बाद जब लाभुक को राशन दिया जाता है, तब उसी इलेक्ट्रॉनिक तराजू में तकनीक से छेड़छाड़ कर या हाथ की सफाई से वजन काटकर* 2 से 3 किलो कम राशन दिया जाता है।
एक पीड़ित लाभुक ने बताया - "पहले हमको दिखाने के लिए पत्थर से कांटा सही दिखाते हैं, बोलते हैं देखो 1 किलो का बटखरा 1 किलो ही बता रहा है। फिर जब हमारा अनाज तौलते हैं तो उसी में काट देते हैं। रजिस्टर में 10 किलो लिख देते हैं, देते 7 किलो हैं।"
*रजिस्टर में सब पाक-साफ*
डीलरों ने कागजी कार्रवाई इतनी मजबूत कर रखी है कि रजिस्टर देखने पर सब कुछ पानी की तरह साफ लगता है। हर लाभुक का अंगूठा, पूरा वजन, पूरा हिसाब दर्ज। ताकि कभी BSO, DSO या कोई अधिकारी जांच करने आए तो वह पकड़ा न जाए।
लेकिन हकीकत जाननी है तो किसी भी गांव के किसी भी लाभुक से पूछ लीजिए, वो खुद बता देगा कि कैसे पत्थर से सही तौल दिखाकर बाद में राशन में कटौती की जाती है।
*सवाल प्रशासन पर*
स्थानीय लोगों ने BSO सिल्ली/सोनाहातू, DSO रांची, DC रांची से सवाल किया है कि क्या इलेक्ट्रॉनिक कांटों की भी औचक कैलिब्रेशन जांच होती है? क्या कभी लाभुकों से पूछकर तौल की जांच हुई है?
लोगों ने वर्तमान विधायक अमित कुमार महतो, सांसद संजय सेठ, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि दोषी डीलरों पर FIR कर इस पत्थर वाली सेटिंग के खेल को बंद कराया जाए।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर
रांची। सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की मांग को लेकर झारखंड सरकार के भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल से सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने शिष्टाचार भेंट की गई। इस दौरान सिमरिया में औद्योगिक पार्क की स्थापना की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
भेंट के दौरान विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। औद्योगिक पार्क की स्थापना से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद जताई गई।
ज्ञापन के माध्यम से सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक पार्क स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देना, नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना और स्थानीय संसाधनों एवं मानव शक्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस पहल को सिमरिया क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औद्योगिक पार्क की स्थापना से निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की संभावना है।
नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महिला कर्मियों का सम्मान, 30 से अधिक कलाकारों ने लिया भाग
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के दरभंगा हाउस स्थित मुख्यालय में सोमवार को सतर्कता जागरूकता महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के माध्यम से सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सतर्कता शपथ, जागरूकता मार्च, सतर्कता रथ रवाना करने के साथ लाइव पेंटिंग, रंगोली, स्ट्रीट पेंटिंग और पॉट पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वहीं, शाम को आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में सीसीएल की महिला कर्मियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी और मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत, वंदे मातरम् और कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा की शपथ लेकर अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही अपनाने का संकल्प लिया।
सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया। मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने सतर्कता जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारदर्शी कार्यप्रणाली और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को संगठन की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
महोत्सव के दौरान जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए सतर्कता गुब्बारे छोड़े गए। दरभंगा हाउस परिसर में पिपरवार ओसीपी एवं माइन क्लोजर मॉडल का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही ई-प्लेज बूथ का शुभारंभ किया गया, जहां सत्यनिष्ठा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने की पहल की गई। सतर्कता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया तथा सतर्कता मार्च भी निकाला गया।
कलाकारों ने चित्रों के माध्यम से दिया ईमानदारी का संदेश
महोत्सव के तहत लाइव पेंटिंग कार्यशाला का उद्घाटन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए 30 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को अभिव्यक्त कर रहे हैं। महोत्सव के पहले दिन लाइव पेंटिंग के साथ रंगोली, स्ट्रीट पेंटिंग और पॉट पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से रचनात्मकता के जरिए सतर्कता और पारदर्शिता का संदेश दिया गया।
नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महिला कर्मियों का सम्मान
सीसीएल मुख्यालय में सोमवार शाम नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी मुख्य अतिथि अर्पिता महिला मंडल की अध्यक्षा प्रीति सिंह रहीं। महिला मंडल की अन्य सदस्याएं भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम से पहले प्रीति सिंह और अन्य सदस्याओं ने परिसर में आयोजित रंगोली, स्ट्रीट पेंटिंग, पॉट पेंटिंग और लाइव पेंटिंग का अवलोकन किया तथा कलाकारों की रचनात्मकता की सराहना की।
दीप प्रज्ज्वलन और गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान भगवान श्रीगणेश की वंदना और शिव वंदना प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला कर्मियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रीति सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति समाज और राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। महिलाओं की प्रतिभा, समर्पण और नेतृत्व क्षमता को सम्मान देना तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीसीएल की महिलाएं अपने कार्यों और योगदान से संगठन को निरंतर सशक्त बना रही हैं। ऐसे आयोजन उनकी उपलब्धियों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करते हैं।
सीसीएल प्रबंधन के अनुसार, सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में विभिन्न नई पहलों के माध्यम से कर्मचारियों और हितधारकों के समावेशी विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सतर्कता जागरूकता महोत्सव भी संगठन में नैतिकता, पारदर्शिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ से नवाजा गया, हिंदी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर
रांची । सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय स्थित गंगोत्री कन्वेंशन सेंटर के संगम सभागार में शुक्रवार को राजभाषा माह-2026 के समापन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वहीं, हिंदी साहित्य, व्यंग्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड के वरिष्ठ साहित्यकार, व्यंग्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ प्रदान किया गया।
दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल मुख्यालय में आयोजित समारोह में डॉ. अशोक प्रियदर्शी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा मुख्यालय एवं विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् और कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में गणेश वंदना और एकल अभिनय प्रतियोगिता ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुत संगीतमय नाट्य प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही।
हिंदी के प्रति उत्साह और समर्पण की सराहना
समारोह में राजभाषा माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों की रचनात्मकता और हिंदी के प्रति उनके उत्साह की सराहना की गई।
विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि सीसीएल के सभागार में प्रस्तुत कार्यक्रमों को देखकर वह निशब्द हैं। उन्होंने आयोजन में शामिल होने पर गर्व की अनुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह एवं समर्पण को दर्शाती हैं।
‘हिंदी में काम करने पर गर्व’
सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि राजभाषा से जुड़ा यह कार्यक्रम उनके मन के बेहद करीब है। उन्होंने हिंदी में कार्य करने पर गर्व व्यक्त करते हुए राजभाषा के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि भाषा हमारी पहचान और विरासत है। इसे सहेजकर रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने भाषा के संरक्षण और संवर्धन के महत्व को रेखांकित किया।
वहीं, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार ने कहा कि राजभाषा हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों में शामिल है और इसे बढ़ावा देना सभी का कर्तव्य है।
हिंदी में कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
समारोह के दौरान कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने, राजभाषा के प्रचार-प्रसार और कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक कार्यों में इसके सहज एवं प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दीविक दिवेश ने प्रस्तुत किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी पारंपरिक रस्में पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कीं। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों के रीति-रिवाजों, सामाजिक मान्यताओं एवं परंपराओं के अनुरूप दशकर्म से जुड़े धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पूजनीय माता का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया। दशकर्म संस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री के रिश्तेदार, परिजन एवं बड़ी संख्या में नेमरा के ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।
मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों का आगमन जारी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन के उपरांत उनके नेमरा स्थित पैतृक आवास पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं अन्य आगंतुकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे लोग मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही, स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना कर रहे हैं।
संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी, मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं व्यवस्थाओं की निगरानी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संस्कार भोज में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, ग्रामीणों एवं अन्य आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि संस्कार भोज में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
विधि-व्यवस्था एवं सुगम आवागमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां
संस्कार भोज के अवसर पर नेमरा एवं आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन, वाहन पार्किंग एवं आयोजन स्थल के आसपास सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।
21 अगस्त को जारी बेदखली नोटिस तीन दिन बाद लिया गया था वापस; CO हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश, DC रांची से भी जवाब तलब
बुंडू (रांची): बुंडू मेन रोड स्थित बाबा मेंस वियर (Baba Mens Wear) दुकान के बेदखली मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बुंडू के अंचल अधिकारी (CO) हंस हेम्ब्रम की भूमिका पर प्रथम दृष्टया सवाल उठाए हैं। मीना देवी की ओर से दायर W.P.(C) No. 7845 of 2026 की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने अंचल अधिकारी और किरायेदार मुकेश कुमार के बीच मिलीभगत की आशंका जताते हुए CO से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में रांची के उपायुक्त (DC) से भी जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
बेदखली आदेश के बाद नोटिस वापस लेने पर सवाल
मामले के अनुसार, मकान किराया नियंत्रक-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, बुंडू ने 11 मई 2026 को J.B.C. Case No. 02/2026 में मीना देवी के पक्ष में आदेश पारित करते हुए किरायेदार मुकेश कुमार को 15 दिनों के भीतर दुकान खाली कर शांतिपूर्ण दखल सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित अवधि में दुकान खाली नहीं होने पर अंचल अधिकारी, बुंडू पुलिस के सहयोग से बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उक्त आदेश के अनुपालन में अंचल अधिकारी ने 21 अगस्त 2026 को Memo No. 567(ii) के माध्यम से दुकान खाली कराने का नोटिस जारी किया। हालांकि, महज तीन दिन बाद 24 अगस्त 2026 को Memo No. 571(ii) जारी कर पहले के नोटिस को वापस ले लिया गया। इसी कार्रवाई को मीना देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
8 अक्टूबर को भी कोर्ट ने उठाए थे सवाल
याचिका पर 8 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि 21 अगस्त के बेदखली नोटिस को 24 अगस्त के दूसरे नोटिस से वापस लेना प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत होता है, विशेषकर तब, जब अपील में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं हुआ था।
इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने अदालत को बताया कि रांची के उपायुक्त ने 25 अगस्त 2026 को J.B.C. Appeal No. 23R 15/2026-27 में अंतरिम आदेश पारित किया था। साथ ही, सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि विधि शाखा ने 27 अगस्त 2026 को पत्रांक 3640(ii) के जरिए अंचल अधिकारी को इसकी सूचना दी थी।
वहीं, याचिकाकर्ता मीना देवी के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत के समक्ष दलील दी कि अंचल अधिकारी ने 24 अगस्त को ही बेदखली नोटिस वापस ले लिया था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश अगले दिन, यानी 25 अगस्त को पारित हुआ। याचिकाकर्ता की ओर से इसी समय-क्रम के आधार पर अंचल अधिकारी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मिलीभगत की आशंका जताई
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बेदखली नोटिस वापस लेने का आदेश 24 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि उपायुक्त का अंतरिम आदेश 25 अगस्त को आया। अदालत ने प्रथम दृष्टया अंचल अधिकारी और किरायेदार के बीच मिलीभगत की आशंका व्यक्त की।
अदालत ने इस मामले में अंचल अधिकारी हंस हेम्ब्रम को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। किरायेदार मुकेश कुमार को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, उपायुक्त, रांची को अगली सुनवाई से पहले काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
किरायेदारी को लेकर भी हुआ था विवाद
मूल बेदखली मामले में मीना देवी ने दावा किया था कि मुकेश कुमार के साथ दुकान को लेकर किरायेदारी का समझौता था और किराया बकाया होने के साथ दुकान की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर बेदखली की मांग की गई थी।
दूसरी ओर, मुकेश कुमार ने संपत्ति को पैतृक बताते हुए मकान-मालिक और किरायेदार के संबंध से इनकार किया था। उन्होंने किरायानामा समाप्त होने, दुकान खाली करने और दो लाख रुपये अग्रिम राशि वापस नहीं मिलने की बात भी कही थी।
मूल मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने मकान-मालिक और किरायेदार के बीच संबंध स्थापित मानते हुए बेदखली का आदेश पारित किया था।
5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को For Orders के तहत होगी।