रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में मुख्यमंत्री ने सुदिव्य कुमार सोनू को केवल वरिष्ठ राजनीतिक साथी और सहकर्मी नहीं, बल्कि “बड़े भाई” के समान बताया।
हेमंत सोरेन ने लिखा कि देर रात उन्हें अपने बड़े भाई और प्रिय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की दुखद खबर मिली। उन्होंने कहा कि इस खबर को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया के जाने से उनके जीवन में ऐसी रिक्तता पैदा हुई है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
राजनीतिक साथी से बढ़कर था भाई जैसा रिश्ता
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि सोनू भैया उनके लिए केवल एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वे स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले बड़े भाई की तरह थे।
उन्होंने कहा कि सोनू कुमार के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेगी।
झारखंड आंदोलन से जुड़ा रहा संघर्ष
हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही सोनू स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरु के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि झारखंडियत के प्रति सोनू की प्रतिबद्धता और जुड़ाव की भावना हमेशा याद की जाएगी।
“जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है”—हेमंत सोरेन
सुदिव्य कुमार सोनू को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने जीवन की क्षणभंगुरता पर भी भावुक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, वह आज सिर्फ स्मृतियों में रह गई है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू भैया का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी उन्हें हमेशा महसूस होगी।
“आपका स्नेह और संघर्ष जीवनभर साथ लेकर चलूंगा”
मुख्यमंत्री ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को वे जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
अपने संदेश के अंत में हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक शब्दों में लिखा—“आप हमेशा याद आएंगे भैया…”